Wednesday, July 8, 2026 4:43 pm

MP में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन आज से, नरोत्तम या केपी? किस पर दांव लगाएगी बीजेपी

 भोपाल मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक खाली सीट के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने वाली है. वैसे तो आपको बता दें देश के अलग-अलग राज्यों से 10 राज्यसभा सांसद चुने जाने वाले हैं. यह नामांकन प्रक्रिया 21 अगस्त तक चलने वाली है. इसके बाद 22 अगस्त को नाम निर्देशन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी. इसके साथ ही 26 अगस्त तक नामांकन वापस ले सकते हैं. इसी दिन तस्वीर साफ हो जाएगी की मध्य प्रदेश से राज्यसभा कौन जाएगा. आपको दें ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट बीजेपी की तरफ से कई दावेदार कतार में है. पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से लेकर गुना से पूर्व सांसद केपी यादव, जय भान सिंह पवैया भी दावेदारों की सूची में हैं. आपको बता दें कि इस सीट पर अब एक साल से अधिक का कार्यकाल बचा हुआ है. इसके लिए कार्यकाल के लिए नाम तय कर नामांकन दाखिल कराया जाएगा. ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस इस सीट पर अपना कोई प्रत्याशी ही मैदान में नही उतारेगी. ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस के पास संख्या बल है ही नहीं है. कब होगा मतदान? आपको बता दें एक साल के लिए राज्यसभा जाने के लिए बीजेपी किसे भेजती है या फिर कौन मजबूरी में एक साल के लिए राज्यसभा जाता है. ये देखने वाला विषय होगा. क्योंकि इस सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया 2020 में चुने गए थे. हाल ही के लोकसभा चुनाव में वे गुना लोकसभा सीट से चुने गए. जिसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था. इस सीट के लएि मतदान 3 सितंबर को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक होगा. मतगणना एवं परिणाम की घोषणा भी इसी दिन की जाएगी. बीजेपी कर सकती है कुछ सरप्राइज अक्सर बीजेपी आलाकमान ने अपने निर्णयों से दिखाया है कि जो भी नाम राजनीतिक हलकों में चर्चाओं में आ जाते हैं, फिर उनका चयन बीजेपी आलाकमान द्वारा नहीं किया जाता है. अमूमन बीजेपी आलाकमान ऐसे नाम सामने रखता है, जिनके बारे में राजनीतिक पंडितों द्वारा अनुमान तक नहीं लगाया गया होता है. हो सकता है कि बीजेपी आलाकमान कांतदेव सिंह, केपी यादव, माधवी लता और मुकेश चतुर्वेदी के स्थान पर किसी अन्य को ही राज्यसभा भेजने के लिए आगे कर दे. ऐसे में राज्यसभा की रिक्त सीटों के चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार किया जाना चाहिए, क्योंकि चुनाव के ऐलान के आसपास ही बीजेपी आलाकमान उस नाम को सार्वजनिक करेगा, जिसे राज्यसभा में भेजने का फैसला बीजेपी ले चुकी है. recent visitors 88

जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमयम पर GST घटाने पर हो सकती है चर्चा

नई दिल्ली  हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम से GST हटाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष की तनातनी के बीच 9 सितंबर को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स काउंसिल की मीटिंग होने जा रही है। यह काउंसिल की 54वीं मीटिंग होगी। काउंसिल ने X पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी। इस बैठक में जीएसटी दरों में बदलाव और टैक्स स्लैब कम करने पर विचार किया जा सकता है। काउंसिल को पिछली बैठक 23 जून को हुई थी उसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि दरों को तर्कसंगत बनाने पर बनाया गया मंत्रियों का समूह अगली बैठक में यह बताएगा कि उसने किन पहलुओं पर गौर किया और इस दिशा में कितना काम हुआ है। उन्होंने कहा था कि रिपोर्ट तैयार न हुई हो तो मंत्रिसमूह उसका ड्राफ्ट पेश करेगा और काउंसिल रेट रेशनलाइजेशन पर चर्चा शुरू करेगी। 9 सितंबर की बैठक में जीएसटी के तहत ड्यूटी इनवर्जन हटाने पर भी विचार किया जा सकता है। जीएसटी काउंसिल में केंद्रीय वित्त मंत्री के अलावा राज्यों के वित्त मंत्री होते हैं। इसमें एक तिहाई वोटिंग राइट केंद्र का होता हैं और राज्यों के पास दो तिहाई वोटिंग राइट होता है। हेल्थ और मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम पर 18% जीएसटी हटाने की विपक्ष की मांग पर वित्त मंत्री ने संसद में कहा था कि यह मसला संसद में नहीं, काउंसिल में उठाया जाना चाहिए और विपक्ष को इसके लिए अपने शासन वाले राज्यों के वित्त मंत्रियों से बात करनी चाहिए। recent visitors 85

बोरियों के अंदर तीन टुकड़ों में मिला महिला का शव, हाथ पर बने टैटू से हुई पहचान

गुना गुना में जिस महिला का शव बोरे में तीन टुकड़ों में मिला, उसकी पहचान झूना बाई तंवर (40) के रूप में हुई है। महिला के बेटे का कहना है कि मां रविवार को राखी का सामान लेने बीनागंज गई थी। फिर नहीं लौटी। मामले में पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया है। वह उत्तर प्रदेश के झांसी का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद की है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से इसका खुलासा नहीं किया है।महिला पति शेरू सिंह और बेटे गोविंद सिंह के साथ सांडिल्य खेड़ी गांव में रहती थी। पति चाचौड़ा में चौकीदारी करता है। मर्डर कहीं और किया, लाश दुकान के पास फेंकी चाचौड़ा बीनागंज के खातोली गांव में सोमवार दोपहर को बंद पड़ी सरकारी राशन दुकान के कैम्पस में महिला की लाश 3 टुकड़ों में मिली थी। सिर, धड़ और कमर के नीचे का हिस्सा अलग-अलग बोरियों में बंद था। दो बोरियां प्लास्टिक और एक जूट की थी। इन पर मक्खियां भिनभिना रही थीं। बदबू भी आ रही थी। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बोरियां खोलीं तो अंदर से शरीर के टुकड़े मिले। पुलिस को आशंका है कि हत्या कहीं और की गई है, जबकि शव यहां ठिकाने लगाया गया है। एसडीओपी दिव्या राजावत ने बताया, शव के टुकड़े कटर से किए गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। ग्वालियर से आई फोरेंसिक टीम टीम ने भी घटनास्थल की जांच की है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया है। recent visitors 72

सत्तर और अस्सी के दशक में चर्चा में थी भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी

-प्रलय श्रीवास्तव  मध्य प्रदेश के 1956 में हुए गठन के बाद भोपाल राजधानी बना था। तब भोपाल में अनेक बस्तियां या यूं कहा जाए तो कॉलोनियों का तेजी से विकास हुआ था । इस दौरान रोशनपुरा नाका  भोपाल का अंतिम छोर हुआ करता था।  पुराना भोपाल ही असली भोपाल था । नए भोपाल का तेजी से विकास हो रहा था। रोशनपुरा के अलावा श्यामला और  अरेरा पहाड़ी थी। मौजूदा  राज भवन बन चुका था।  वर्तमान  मुख्यमंत्री निवास भी श्यामला हिल  पर आकार ले रहा  था । इन  सबके बीच छोटी झील यानी कि छोटा तालाब अपना सौंदर्य बिखेर रहा  था। आजादी के बाद सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए  रविंद्र भवन का निर्माण भी हुआ, जिसका  शुभारंभ  1962 में प्रोफेसर  हुमायूं कबीर ने किया था ।  रवींद्र भवन के सामने  प्राध्यापकों के लिए प्रोफेसर कॉलोनी बसाहट हुई थी । नाम था प्रोफेसर कॉलोनी, लेकिन यहां अधिकतर आवासों का आवंटन  राजनेताओं और पत्रकारों को हुआ  था।  पत्रकारों की संख्या फिर भी ज्यादा थी लेकिन प्राध्यापक भी उनके बराबर के निवासी थे । बाद में अनेक राजनेता भी प्रोफेसर कॉलोनी में  निवासरत हुए। हालांकि आज इसका स्वरूप बदल चुका है और प्राध्यापकों की जगह अधिकांश   आवास विधायकों को आवंटित कर दिए गए हैं । प्रोफेसर कॉलोनी मिंटो हॉल (पुरानी विधानसभा), वल्लभ भवन और नई विधानसभा के समीप है, इसलिए  विधानसभा सचिवालय ने विधायकों के पूल में इस कालोनी के  मकानों का आरक्षण कर लिया है ।     भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा और प्रख्यात अभिनेत्री जया  भादुड़ी सहित अनेक हस्तियां इस कॉलोनी की निवासी रही हैं। मुझे याद है जब 1970 में हम लोग रविंद्र भवन के सामने प्रोफेसर कॉलोनी के ई- 134/1  में रहने आए थे, तब यहां के मकान काफी आकर्षक और चहल-पहल से गूंजा करते थे। प्रोफेसर कॉलोनी  सांस्कृतिक, साहित्यिक, राजनैतिक गतिविधियों का केंद्र भी था क्योंकि प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र रविंद्र भवन प्रोफेसर कॉलोनी के ठीक सामने था। 1981 से भारत भवन  की गतिविधियां प्रारंभ हुई।  कला के इस नए घर का शुभारंभ 13 फरवरी 1981 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने  किया था । तब तक इन सभी केंद्रों के बीच प्रोफेसर कॉलोनी अपने आकर्षण और चर्चा का केंद्र बिंदु बन  चुका था। प्रोफेसर कॉलोनी में अनेक वरिष्ठ पत्रकार रहे। इनमे  तरुण कुमार भादुड़ी, वीटी  जोशी, लेले,स्वरूप ,राधे श्याम शर्मा ,सत्यनारायण श्रीवास्तव, विद्यालंकार, सूर्य नारायण शर्मा, राजबहादुर पाठक, राजू संतानम, प्रभा रत्ना जी, महेंद्र कुमार मानव, अरुण पटेल,कैलाश गौर, एन .राजन ,आनंद शर्मा, राज भारद्वाज, अरविंद भंडारी आदि शामिल थी।  अनेक साहित्यिक विभूतियां भी यहां रहती थी।प्रसिद्ध रंगकर्मी बीवी  कारंत  भी इसी कालोनी में रहे। तत्कालीन विधानसभा स्पीकर  गुलशेर अहमद , नरसिंहराव दीक्षित , सीता राम  साधौ ,प्रसिद्ध चिकित्सक डा. एनपी  मिश्रा  सर्व घनश्याम सक्सेना,राम सरन, देवीसरण, सहित अन्य नामी गिरामी हस्तियों के  कारण इस कालोनी ने भोपाल में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की थी। 1975 में रिलीज हुई फिल्म शोले  के प्रमुख किरदार सूरमा भोपाली को भला  कौन  भूल सकता है। असलियत में जो सूरमा भोपाली यानि नाहर सिंह थे , वे प्रोफेसर कॉलोनी में ही रहते थे। पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने फिल्म में उनके नाम का इस्तेमाल किया था, जिसके बदले में उन्हें 33000 रुपए मिले थे।  वरिष्ठ पत्रकार  बालमुकुंद भारती की धर्मपत्नी  प्रख्यात समाज सेविका, राजनेता  और  उस दौर के हम बच्चों में आंटी के नाम से लोकप्रिय  रही श्रीमती सविता वाजपेई आज भी उसी मकान में रह रही हैं को 1967 में उन्हें आवंटित हुआ था।  1970 से 1980 का वह दौर मुझे याद है , जब आंटी सविता वाजपेई  जी राजनीति और समाज सेवा के साथ-साथ प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाले हम बच्चों के लिए खेलकूद की खेलकूद और नैतिक शिक्षा  देने के लिए रविंद्र भवन के परिसर में राष्ट्रीय सेवा दल के बैनर तले  प्रतिदिन गतिविधियों का  आयोजन करती थी। उनके मार्गदर्शन में खेले कूदे,  पले बढ़े वही  बच्चे आज  न सिर्फ बड़े हो चुके हैं बल्कि  हर क्षेत्र में  सफल हुए हैं ।  उन बच्चों को प्रगति में आंटी सविता वाजपेई जी का अहम योगदान रहा है ,क्योंकि उनके द्वारा आयोजित सेवा दल में जहां  उन्हें संस्कारों और आदर्शों की शिक्षा प्राप्त हुई वहीं खेलकूद से शरीर स्वस्थ  भी हुआ। उसी के बल पर हम शिक्षित और अपने-अपने क्षेत्र में पारंगत हो सके।  सविता वाजपेई जी का देश के अनेक महान राजनेताओं विशेषकर समाजवादी नेताओं से निकटता रही है । इनमें प्रोफेसर मधु दंडावते,हरि विष्णु कामथ,मधु लिमये, चंद्रशेखर ,यशवंत सिन्हा ,प्रमिला दंडवते,चंपा  लिमये आदि प्रमुख हस्तियां शामिल रही है ।  मुझे याद है इनमें से अनेक राजनेता भोपाल आगमन पर प्रोफेसर कॉलोनी में उनके निवास पर जरूर आते थे। साल 1979 से मैंने  लेखन कार्य शुरू किया था ।  इब्राहिमपुरा से निकलने वाले साप्ताहिक हिंदी हैराल्ड के मालिक गुप्ता जी ने  1981 में मुझे किसी एक बड़ी हस्ती का इंटरव्यू लाने को कहा था। तब मैंने आंटी  सविता वाजपेई से पूछा तो पता चला कि  पूर्व केंद्रीय मंत्री  मधु दंडवते जी उनके निवास पर आने वाले हैं।  तब मैंने तय किया कि दंडवते जी का मैं इंटरव्यू लूंगा ।  मैंने कुछ प्रश्न तैयार किये , जिसे आंटी जी ने फाइनल किया। कुछ दिन बाद  मैं मधु  दंडवते जी के सामने  था और साथ में मेरे प्रश्न थे। जीवन का पहला साक्षात्कार, वह भी एक बड़ी हस्ती से ,तो मेरा पसीना – पसीना होना  स्वाभाविक था।  जैसे – तैसे इंटरव्यू समाप्त हुआ और हिंदी हैराल्ड में वह छपा था, जिसका पारिश्रमिक मुझे ₹10 प्राप्त हुआ था। यह मेरे लिए उल्लेखनीय उपलब्धि थी ।लेकिन यह सब कुछ हो पाया था सविता वाजपेई जी के कारण । इससे   मेरे अंदर का जो डर था, वह हमेशा के लिए दूर हुआ। धीरे-धीरे शासकीय सेवा और फिर आगे बढ़ता गया और 43.5 साल बाद  सर्विस पूरी की। इस दौरान अनेक सम्मान भी प्राप्त हुए ,पदोन्नति भी प्राप्त की , समाज सेवा के साथ साहित्य  सेवा भी की । इस दौरान मैंने दो पुस्तक लिखी ,पहली मध्य प्रदेश में चुनाव और नवाचार तो दूसरी पुस्तक अभिव्यक्ति के चार दशक  है।  जिसमें मेरे द्वारा 44 साल के दौरान प्रकाशित हुए  लेखों का संग्रह है। हाल में  जब 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुआ तो सीधे पहुंच गया आंटी सविता वाजपेई  जी का आशीर्वाद लेने । … Read more

Gaza पर IDF का सबसे बड़ा हमला, 100 लड़ाके हुए मौत का शिकार

 गाजा मिडिल-ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. ईरान और इजरायल के बीच कभी भी जंग हो सकती है. इसके बावजूद इजरायल गाजा में लगातार हमले कर रहा है. ताजा घटनाक्रम में इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने गाजा के रफाह में हमास के 100 से अधिक लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है. आईडीएफ ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दो हथियारबंद आतंकी पर हवाई हमला करते हुए देखा जा सकता है. आईडीएफ के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि गिवती ब्रिगेड के सैनिकों ने 162वें डिवीजन की कमान के तहत रफाह के शबूरा क्षेत्र में खोजी अभियान चलाया. इस दौरान एक सशस्त्र आतंकवादी सेल का पता चला. इस पर हमला करके इजरायली सेना ने कई आतंकियों को मार गिराया. कई हथियार और आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया गया. सैनिकों ने छिपने के ठिकानों का भी पता लगाया और नष्ट कर दिया. इजरायली हमलों को देखते हुए गाजा से फिर से लोगो का पलायन जारी है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में दक्षिण पश्चिम गाजा में 75 हजार से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. पिछले हफ्ते ही इजरायली सेना ने इन इलाकों को खाली करने का आदेश दिया था. पिछले साल 7 अक्टूबर के बाद से गाजा में इजरायली हमले लगातार जारी हैं. यहां अब तक करीब 40 हज़ार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. इस बीच अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान या उसके प्रतिनिधि इस हफ्ते इजरायल पर सीधा हमला बोल सकते हैं. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि ईरानी हमले को रोकने के लिए अमेरिका तैयारी कर रहा है. इसके लिए मिडिल-ईस्ट में एक गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी भेजी गई है. अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को भी भेज रहा हैं. यूएसएस अब्राहम लिंकन लड़ाकू विमान एफ-35 से लैस है. दरअसल हमास और हिजबुल्लाह के कुछ बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. ईरान ने अपने यहां मारे गए हमास नेता इस्माइल हनिया का बदला लेने का एलान किया है. कहा जा रहा है कि ईरान और लेबनान के हिज़बुल्लाह इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं. ऐसे इजरायल का जवाबी कार्रवाई तय है. ऐस में इस जंग की चपेट में पूरा मिडिल ईस्ट आ जाएगा.     recent visitors 61

सेंट्रल बैंक को मिला एक्सीलेंस अवार्ड

भोपाल  94.3 माय  एफएम चैनल द्वारा आयोजित एक्सीलेंस अवार्ड कार्यक्रम में सेन्ट्रल बैंक को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य करने पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल जी द्वारा एक्सीलेंस अवार्ड  से  सम्मानित किया उक्त अवॉर्ड को सेंट्रल बैंक क्षेत्रीय कार्यालय के उप क्षेत्र प्रमुख दर्शन कुमार डिगरा एवम वरिष्ठ प्रबंधक शैलेंद्र कुमार राय ने ग्रहण किया recent visitors 55

कन्रौज मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि… सपा नेता नवाब सिंह की जमानत पर आज सुनवाई

कन्नौज कन्नौज मामले की नाबालिग पीड़िता के मेडिकल टेस्ट में रेप की पुष्टि हुई है, जिसके बाद पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव के खिलाफ बलात्कार की धाराएं बढ़ा दी हैं. इससे पहले पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान में भी रेप की बात कही थी. पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस बुआ पर भी शिकंजा कस सकती है. कन्नौज के एसपी अमित कुमार आनद ने बताया कि पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में रेप की घटना कंफर्म की है. उन्होंने कहा, "बलात्कार की पुष्टि होने के साथ ही आरोपी के खिलाफ अपराध की संबंधित धारा के तहत आरोप जोड़ दिए गए हैं." न्यूज एजेंसी के मुताबिक, एसपी ने बताया कि पीड़िता को नवाब सिंह के पास ले जाने वाली बुआ को भी मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वो पुलिस के सामने नहीं आई. उन्होंने कहा कि मामले में नाबालिग पीड़िता की बुआ के खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा और पुलिस फिलहाल उसकी तलाश कर रही है.   नवाब की याचिका पर आज होगी सुनवाई पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक निजी कॉलेज का प्रबंधक है और उसने किशोरी को नौकरी दिलाने में मदद करने के बहाने लड़की और उसकी बुआ को रविवार रात कॉलेज में बुलाया था. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की जमानत अर्जी पर POCSO न्यायाधीश अलका यादव की अदालत में बुधवार यानी आज  सुनवाई होनी है. पीड़िता ने बुआ से लगाई थी गुहार: पुलिस वहीं पुलिस का कहना है कि पीड़िता ने बुआ को मदद के लिए आवाज लगाई थी. इसके अलावा बुआ न गेट खोले जाने के बाद भी कोई विरोध नहीं किया था, बल्कि पीड़िता को ही समझाने लगी और नवाब सिंह संग बातचीत में लग गई थी.   सपा के ही नेता नवाब सिंह को फंसा रहे: पीड़िता की बुआ इस बीच पीड़िता की बुआ ने दावा किया है कि नवाब सिंह को फंसाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मैं घटना की रात अपनी भतीजी के साथ लखनऊ से लौट रही थी और हाल ही में हुई नवाब सिंह की मां के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के लिए उनसे मिलने कॉलेज गई थी. किशोरी ने बहकावे में आकर आरोप लगाया है. साथ ही संकेत दिया कि साजिश में तीन से चार सपा के ही ब्राह्मण नेता शामिल हैं, लेकिन उन्होंने उनका नाम लेने से परहेज किया और बाद में उन नामों का खुलासा करने का वादा किया.   अमित मालवीय ने सपा को घेरा   इससे पहले बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने सपा को घेरते हुए कहा था कि अयोध्या के बाद अब कन्नौज में भी नाबालिग से रेप के प्रयास में सपा नेता गिरफ्तार. सपा सरकार के समय आरोपी नवाब सिंह यादव मिनी CM कहलाया जाता था. कन्नौज में डिंपल यादव के राइट हैंड और सांसद प्रतिनिधि के रूप में नवाब सिंह यादव की पहचान है. क्या अब भी अखिलेश यादव DNA टेस्ट की मांग करेंगे?   सपा ने की नार्को टेस्ट की मांग समाजवादी पार्टी ने आरोपी ने नवाब सिंह से किनारा कर लिया है. कन्नौज सपा के जिलाध्यक्ष कलीम खां ने कहा कि नवाब सिंह इस समय पार्टी में नहीं है. यह उनका व्यक्तिगत मामला है और सपा से इस घटना का कोई लेना देना नहीं है. वहीं दूसरी ओर पार्टी की नेता जूही सिंह ने कहा कि जब लड़की की उम्र 15 साल की थी तो वो किस तरह की नौकरी की तलाश में थी. इसके साथ ही उन्होंने पीड़िता और आरोपी का नार्को टेस्ट कराने की मांग भी की है.   recent visitors 95