भीषण सड़क हादसे में सिंगरौली के एक ही परिवार 3 लोगों की मौत

 सिंगरौली /अम्बिकापुर  कटनी-गुमला नेशनल हाईवे-43 में बमलाया के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में कार ट्रक के सामने हिस्से में जा घुसी। जिसके बाद ट्रक चालक, कार को लगभग एक किलोमीटर दूर तक घसीटता ले गया। इसके बाद ट्रक चालक सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर फरार हो गया। इस हादसे में कार सवार एक महिला समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। तीनों मृतक सिंगरौली के निवासी थे। हरिनारायण पांडेय (58 वर्ष) एनटीपीसी सिंगरौली में कार्यरत थे। उनकी पत्नी पत्नी चंदा पांडेय (55 वर्ष) व पुत्र पीयूष पांडेय (25 वर्ष)। कार में सवार होकर सिंगरौली से सुंदरगढ़ जा रहे थे। इसी दौरान सीतापुर थाना इलाके में हादसे का शिकार हो गये। हादसे के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को ट्रक के अंदर से बाहर निकाला। घटनास्थल से तीनो का शव लाने के बाद पुलिस ने उसे हॉस्पिटल के मर्चुरी में रखवा दिया गया। घटना स्थल से कार समेत ट्रक को जब्त कर पुलिस थाने ले आई है। नेशनल हाईवे में बमलाया के पास हुई इस सड़क दुर्घटना में ट्रक चालक की लापरवाही सामने आई है। इस घटना के बारे में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज रफ्तार ट्रक अम्बिकापुर की ओर से आ रही कार को सामने से ठोकर मार दिया। ठोकर की वजह से कार का सामने का हिस्सा ट्रक के अंदर जा घुसा। जिसके बाद चालक ट्रक समेत कार को घसीटते एक किमी दूर तक ले गया। ट्रक द्वारा कार को सड़क पर घसीटे जाने के निशान एक किमी दूर तक बन गए है। इस दौरान चालक ट्रक खड़ी कर देता तो शायद कार सवार तीन लोगों की जान बच सकती थी। जानकारी मिली है कि कार में सवार सभी एक ही परिवार के थे। मृतकों में माता-पिता और पुत्र शामिल है। घटना के समय कार में सवार तीनों लोग मां पिता और उनका बेटा मौके पर ही दम तोड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के सुरक्षा गुब्बारे खुलने के बावजूद कार चला रहे बेटे का सिर स्टेयरिंग से इतनी जोर से टकराया कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सामने बैठे पिता का आधा शरीर पीछे वाली सीट तक धकेल दिया गया। जिससे उसकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पीछे बैठी मां की भी सिर और अन्य हिस्सों में गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही जान चली गई। हादसे के बाद कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और पुलिस को शवों को निकालने के लिए कार को काटना पड़ा।   recent visitors 78

एमवायएच, एमटीएच, कैंसर, चाचा नेहरू, सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी सहित अन्य कर्मचारियों के बैकग्राउंड की जांच के आदेश

 इंदौर  पश्चिम बंगाल में जूनियर डाॅक्टर से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद अब एमजीएम मेडिकल काॅलेज से जुड़े अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। डीन ने मंगलवार को एमवायएच, एमटीएच, कैंसर, चाचा नेहरू, सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी सहित अन्य कर्मचारियों के बैकग्राउंड की जांच के आदेश दे दिए हैं। कोई आपराधिक प्रवृत्ति का तो नहीं इससे यह पता चल जाएगा कि अस्पतालों में काम करने वालों में से कोई किसी आपराधिक प्रवृत्ति का तो नहीं है? इसके अलावा सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल की सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों की जानकारी उपलब्ध करवाएं। इससे अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो सकेगी। क्योंकि इन अस्पतालों में बड़ी संख्या में महिला डाॅक्टर दिन-रात ड्यूटी करती हैं। सुरक्षा की व्यवस्था उचित नहीं बता दें कि वर्तमान में अस्पतालों में सुरक्षा की व्यवस्था उचित नहीं है। एमवाय अस्पताल में रेजिडेंट डाॅक्टर एक साथ ड्यूटी रूम साझा करने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि यहां पुरुष और महिला डाॅक्टरों के लिए अलग-अलग कमरे नहीं हैं।     एमजीएम मेडिकल काॅलेज से जुड़े सभी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सभी कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच करने के लिए कहा है। साथ ही सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे की जांच के लिए निर्देश दिए हैं। – डाॅ. संजय दीक्षित, डीन कई बार शिकायत कर चुके डाॅक्टर, पर सुनवाई नहीं     हैरानी की बात यह है कि डाॅक्टरों ने खराब स्थिति के खिलाफ जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई फायदा नहीं हुआ।     अस्पताल में डाॅक्टरों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कोई भी घूमते हुए किसी भी वार्ड में घुस सकता है।     रेजिडेंट डाॅक्टरों ने कहा कि बड़ी संख्या में स्वजन और कई असामाजिक तत्व बिना किसी जांच के गलियारों में बैठे रहते हैं।     मरीजों के स्वजन द्वारा दुर्व्यवहार के समय भी मौके पर गार्ड नहीं होता है, हमें उसे ढूंढना पड़ता है। कमरों के दरवाजे टूटे, कैमरा भी नहीं वर्तमान में यहां बने ड्यूटी रूम में कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। कमरों के दरवाजे भी टूटे हुए हैं। कई बार कोई गार्ड भी ड्यूटी पर नहीं होता है। अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार मेडिसिन विभाग में 63 ड्यूटी डाॅक्टर हैं और एक समय में 15 से अधिक ड्यूटी पर रहते हैं, लेकिन यहां सिर्फ दो सामान्य ड्यूटी रूम हैं, जो काफी छोटे हैं। शौचालय की स्थिति खराब है, टूटे हुए बिस्तर हैं और वेंटिलेशन के लिए कोई जगह नहीं है। कई बिस्तरों पर तो सिर्फ सामान ही रखा जा रहा है। इतनी बार कर चुके शिकायत     मरीज के स्वजन द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायत 30 मार्च 2024 को दर्ज कराई गई थी।     सुरक्षा चूक की ऐसी ही स्थिति को लेकर 10 मई 2024 को शिकायत दर्ज की गई थी।     29 अक्टूबर 2023 को तीन स्वजन ने डाॅक्टरों पर हमला किया, लेकिन गार्ड मूकदर्शक बने रहे।     एक मरीज के स्वजन के खिलाफ हिंसा की शिकायत दर्ज की गई थी।     29 नवंबर 2023 को पुलिस को भी सूचित किया गया था।   recent visitors 99

मण्डल के स्टेशनों पर लगाई गई विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की चित्र/डिजिटल प्रदर्शनी

भोपाल    आज 14 अगस्त को सम्पूर्ण देश में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तौर पर याद किया जा रहा है।  इस अवसर पर रानी कमलापति स्टेशन पर आज प्रातः 11.00  बजे से आयोजित कार्यक्रम में आमन्त्रित स्वतंत्रता सेनानी  मोहम्मद ज़मीर खान  के कर कमलों द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की प्रदर्शनी का अनावरण किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मण्डल रेल प्रबंधक भोपाल देवाशीष त्रिपाठी द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद ज़मीर खान को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चन्न्ह भेंटकर उनका स्वागत किया गया।       इस अवसर पर मोहम्मद ज़मीर खान नें कहा कि हम लोगों नें बहुत परिश्रम किया है। देश की आजादी के लिए हमने जेल की हवा खाई , पुलिस की लाठियां भी खाई थी, पर हार नहीं मानी। तब जाकर देश आजाद हुआ।   इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस की परिकल्पना देश की पीड़ा को प्रकाश में लाने के लिए की गई है। देश विभाजन के समय लाखों लोग, जो विभाजन के शिकार हुए थे, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस इसी दर्द को याद करने का दिन है.   डीआरएम नें कहा कि वर्तमान पीढ़ी को विभाजन के समय लोगों के पलायन और लोगों द्वारा झेली गयीं कठिनाइयों को स्मरण कराने हेतु  प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसके माध्यम से भारत का विभाजन किसी भी विभीषिका से कम नहीं है, से जुड़े यथासंभव प्रकरणों का प्रदर्शन किया गया है।   वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक सौरभ कटारिया नें कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, सामाजिक विभाजन, वैमनस्यता के जहर को दूर करने और एकता, सामाजिक सद्भाव और मानव सशक्तिकरण की भावना को और मजबूत करने की जरूरत की याद दिलाता है। यह दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए प्रेरित करता है।      कार्यक्रम में अपर मण्डल रेल प्रबंधक द्वय श्रीमती रश्मि दिवाकर एवं योगेश सक्सेना, वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी  सहित सभी शाखा अधिकारी तथा अन्य गणमान्य नागरिक, मीडिया कर्मी एवं बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित थे।   इसके अतिरिक्त भोपाल मण्डल के भोपाल स्टेशन पर फिजिकल एवं डिजिटल प्रदर्शनी तथा बीना, इटारसी स्टेशन पर, रेलवे सीनियर सेकेंडरी स्कूल न्यू यार्ड इटारसी में  विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस से सम्बंधित डिजिटल प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में चित्रों के माध्यम से विभाजन के समय लोगों के पलायन एवं विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गयीं कठिनाइयों को दर्शाया गया है। recent visitors 77

ड्यूटी जाते वक्त वनरक्षक पर चढ़ा दिया पिकअप, दर्दनाक मौत

सिंगरौली मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक वन रक्षक के साथ कथित बर्बरता का मामला सामने आया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि एक फल विक्रेता ने पुरानी रंजिश के चलते अपनी पिकअप से 35 वर्षीय वन रक्षक को कथित तौर पर कुचल दिया। यही नहीं आरोपी ने वन रक्षा को उसकी मोटरसाइकिल समेत दूर तक घसीटा। इससे जब वन रक्षक की मौत हो गई तब आरोपी मौके से वाहन लेकर फरार हो गया। आरोपी परिवार समेत फरार है। पुलिस उसकी शिद्दत से तलाश कर रही है। पुलिस ग्रामीणों के इस दावे की जांच कर रही है कि आरोपी कमलेश साकेत ने बाइक को कुछ दूर तक घसीटा और फिर अपनी पिकअप के साथ मौके से भाग गया। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंगलवार सुबह सिंगरौली जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर दरबारी नाला गांव में हुई। पुलिस के उपमंडल अधिकारी (एसडीओपी) आशीष जैन के अनुसार, मृतक की पहचान शीतल सिंह गौड़ के रूप में हुई है। आरोपी ने वारदात को तब अंजाम दिया जब शीतल सिंह गौड़ मोटरसाइकिल से अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे। आरोपी कमलेश साकेत ने जानबूझकर अपनी पिकअप से गौड़ की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। स्थानीय फल और सब्जी विक्रेता आरोपी कमलेश साकेत का गौड़ के साथ पहले कीमत को लेकर विवाद हुआ था। ऐसा लगता है कि बदले की कार्रवाई में साकेत ने कथित तौर पर गौड़ पर अपना वाहन चढ़ा दिया। टक्कर के बाद गौड़ की बाइक पिकअप में ही फंस गई। लेकिन आरोपी ने वाहन नहीं रोका… बताया जाता है कि आरोपी ने पिकअप से वन रक्षक को बाइक समेत दूर तक घसीटा। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वन रक्षक की मौत के बाद साकेत अपने वाहन और परिवार के साथ फरार हो गया। उसे पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। घटना के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि साकेत ने अपने वाहन से गौड़ के शव को काफी दूर तक घसीटा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सब्जी को लेकर हुआ था विवाद पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दोपहर के वक्त वन विभाग सिंगरौली में पदस्थ वनरक्षक शीतल सिंह जब ड्यूटी के लिए घर से निकला तभी झखरावल थाना जियावन निवासी कमलेश साकेत ने पुरानी रंजिश को लेकर वन विभाग के वनरक्षक के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया. जिसमें मौके पर ही वनरक्षक की दर्दनाक मौत हो गई. यह पूरी घटना चितरंगी के बनिया नाल दरबारी के पास घटित हुई. बताया जा रहा है आरोपी कमलेश साकेत और वनरक्षक के बीच सब्जी के भाव को लेकर विवाद हो गया था. विवाद के बाद आरोपी घात लगाकर बैठा था और जैसे ही मौका मिला वैसे ही वनरक्षक की जान ले ली. आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले पर चितरंगी SDOP आशीष जैन का कहना है कि, ''छोटे से विवाद की वजह से युवक ने वनरक्षक पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया जिससे उसकी मौत हो गई. आरोपी फरार है, पुलिस हर एंगल से घटना की जांच में जुट गई है और संपर्क लगाकर आरोपी की तलाश भी कर रही है. इस बड़ी घटना को अंजाम देने वाले को किसी भी हाल में जल्द से जल्द पुलिस पकड़ लेगी, और कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएगी.'' recent visitors 71

वन विभाग की रोक भी बेअसर, छत्तीसगढ़-कोरबा में हाथी के साथ जोखिमभरी मस्ती

कोरबा. कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज के चोटिया पेट्रोल पंप के पास हाथियों का झुंड पिछले तीन दिनों से डेरा डाले रखा है। जहां ग्रामीणों में दहशत देखने को मिल रही है, वहीं कुछ लोग हाथियों के साथ बैखोफ होकर मस्ती करते करते दिख रहे हैं, उन्हें अपनी जान की परवाह नहीं है। ग्रामीण एक दंतैल हाथी के करीब पहुच गए और महज 20 से 30 फिट की दूरी में जा कर ग्रामीण हाथी के साथ मोबाइल से सेल्फी लेते नजर आए। वीडियो में दो युवक हाथी को छेड़ते नजर आ रहे हैं। सेल्फी लेते समय हाथी ने ग्रामीणों को दौड़ाया भी, जिसके बाद युवक जान बचा कर भाग निकले। नहीं तो बड़ी घटना भी घट सकती थी। बताया जा रहा है कि हथियों का झुंड पेट्रोल पंप के पास एक पहाड़ डेरा डाले रखे हैं। उसमें से एक दंतैल हाथी पहाड़ से उतर कर नीचे आता है और फसल बर्बाद करने के बाद फिर से वापस चला जाता है। लेकिन अब ग्रामीण उस हाथी के साथ मस्ती करते नजर आ रहे हैं। उसे परेशान कर रहे हैं जिससे वो कभी भी आक्रमक और गुस्से में आ सकता है। लेकिन ग्रामीण है कि मानने को तैयार नही है। बता दें कि हाथियों का अलग-अलग झुंड इलाके में काफी लंबे समय से विचरण कर रहा है। आसपास जंगल से लगे गांवों में फसल और मकान को भी बर्बाद कर रहा है। इससे ग्रामीण भी परेशान हैं। कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज के रेंजर अभिषेक दुबे ने बताया कि हाथी के आने की सूचना उन्हें मिली है, जिस पर निगरानी रखी जा रही है। recent visitors 94

कोलार में 30Km लंबी तिरंगा यात्रा शुरू,CM डॉ. मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, बैरागढ़ तक जाएगी यात्रा

भोपल सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल के कोलार रोड से बैरागढ़ तक तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई। इसी क साथ वे इस यात्रा में शामिल भी हुए। राजधानी में लगभग 30 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा के कारण शहर की यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। सीएम ने की अपील इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा हम सबकी शान, मान और अभिमान है। उन्होंने इस मौक़े पर अपील की कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर सभी प्रदेशवासी 9 से 15 अगस्त तक अपने घर की छत पर तिरंगा फहराकर हर घर तिरंगा अभियान का हिस्सा बनें। यह अभियान उन असंख्य अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है, जिन्होंने मां भारती के सम्मान व स्वाभिमान के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।’ इसी के साथ उन्होंने कहा कि तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी http://harghartiranga.com  पर जरूर अपलोड करें। हर घर तिरंगा अभियान सीएम मोहन यादव मे कहा कि हम संकल्प लें और इसे साकार भी करें कि मध्यप्रदेश के हर घर पर ​तिरंगा लहराएगा और उन विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन करेंगे, जिन्होंने हमारे प्रदेश को अपने तप और त्याग से समृद्ध बनाया। बता दें कि भारत की स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर, भारत सरकार ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की थी, जिसका नाम “हर घर तिरंगा” है। इसके तहत प्रत्येक नागरिक से अपने घर पर तिरंगा फहराने की अपील की गई। अभियान का उद्देश्य देश के हर नागरिक को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति गर्व और सम्मान की भावना से जोड़ना है और अब ये अभियान हर साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। ट्रैफिक रूट डायवर्ट किया तिरंगा यात्रा के चलते ट्रैफिक रूट डायवर्ट किया गया है। यह यात्रा मदर टेरेसा स्कूल से शुरू होकर सेमरी जोड़, गेहूंखेड़ा, बीमाकुंज, मंदाकिनी चौराहा, सर्व-धर्म ब्रिज, चूना भट्‌टी चौराहा, कोलार रेस्ट हाउस, मैनिट चौराहा, माता मंदिर, अटल पथ, रोशनपुरा चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, वीआईपी रोड, खानूगांव चौराहा, लालघाटी चौराहा, हलालपुर बस स्टैंड, चंचल चौराहा, कालिका चौराहा होते हुए बैरागढ़ से आगे भैंसाखेड़ी कृषि उपज मंडी पहुंचेंगी। पूरे मार्ग को तिरंगे, पोस्टर-बैनरों से सजाया कोलार से संत नगर तक लगभग 30 किलोमीटर मार्ग पर 500 से अधिक स्वागत मंचों के माध्यम से नागरिक तिरंगा यात्रा का स्वागत करेंगे। कोलार से संत नगर तक होर्डिंग बैनर पोस्टरों, तिरंगों से पूरा तिरंगा यात्रा मार्ग को सजाया गया है। बैरागढ़ में वीआईपी मार्ग बनाया है भोपाल के बैरागढ़ में वीआईपी मार्ग बनाया है, क्योंकि यही से तिरंगा यात्रा निकालने वाली है. ऐसे में सीहोर की तरफ से लालघाटी, बैरागढ़ की तरफ जाने वाला रास्ता बंद रहेगा. इसके लिए खुजरी बायपास और मुबारकपुर से होते हुए आप लालघाटी की तरफ जा सकते हैं. क्योंकि तिरंगा यात्रा की वजह से 15 अगस्त के दिन यह मार्ग परिवर्तित किया गया है. हालांकि शाम तक ट्रैफिक व्यवस्था में फिर बदलाव हो सकता है. बता दें कि भोपाल में 15 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद कर दी गई है. शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है, शहर के सभी मुख्य स्थानों पर तिरंगा यात्रा भी निकाली जानी है, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था अगले दो दिन शहर में कड़ी रहेगी.  recent visitors 95

बाइडेन प्रशासन ने इजरायल को 2 हजार करोड़ रुपए के हथियारों के सप्लाई की मंजूरी दी

तेलअवीव गाजा में पिछले 10 महीने से जारी जंग में अब तक लगभग 40 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले साल हमास के हमले के बाद इजरायल लगातार गाजा पर हमलावर है। वहीं इसे अपने साथी अमेरिका का भी पूरा समर्थन मिला है। बाइडेन प्रशासन ने हाल ही में इजरायल को 2 हजार करोड़ रुपए के हथियारों के सप्लाई की मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि गाजा में आम लोगों की मौतों को देखते हुए कई मानवाधिकार संगठनों ने हथियारों की आपूर्ति रोकने की गुहार लगाई थी। हालांकि अमेरिका ने इन मांगों को दरकिनार कर दिया है। हथियारों के इस खेप की आपूर्ति आने वाले सालों में की जाएगी। स्टेट डिपार्टमेंट ने एक अधिसूचना में अमेरिकी कांग्रेस को $18.82 बिलियन में इजरायल को 50 F-15 लड़ाकू जेट की बिक्री को मंजूरी देने की घोषणा की। जेट के साथ इजरायल लगभग 33,000 टैंक कारतूस, 50,000 विस्फोटक मोर्टार कारतूस और नए सैन्य कार्गो वाहन खरीदेगा। एडवांस रडार और सिक्योर गियर से लैस F-15 जेट 2029 तक इजरायल के मौजूदा बेड़े को शामिल होंगे। मानवाधिकार समूहों ने की है निंदा बोइंग द्वारा तैयार F-15 पर अपने नोटिस में स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा, "अमेरिका इजरायल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इजरायल को मजबूत बनाने और खुद की रक्षा के लिए क्षमता विकसित करना और इसमें मदद करना अमेरिकी राष्ट्रीय हितों के लिए महत्वपूर्ण है।" टैंक कारतूसों के बारे में अमेरिका ने इस बात पर जोर दिया कि बिक्री मौजूदा और भविष्य के दुश्मन खतरों का सामना करने, अपनी धरती की रक्षा करने और क्षेत्रीय खतरों को दूर करने में इज़राइल की क्षमता में सुधार करेगी। गौरतलब है कि अमेरिकी कांग्रेस के पास हथियारों की बिक्री को रोकने का अधिकार है लेकिन ऐसा करना चुनौतीपूर्ण है। मानवाधिकार समूहों और बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सदस्यों ने प्रशासन से इज़राइल को हथियारों की बिक्री रोकने का आग्रह किया था। उन्होंने गाजा जंग में बड़ी संख्या में नागरिक के मारे जाने की निंदा की है। मई में बाइडेन ने शिपमेंट पर लगाई थी रोक हाल ही में गाजा में विस्थापित फिलिस्तीनियों के शरण वाले एक स्कूल पर इज़राइली हवाई हमले में 93 लोग मारे गए थे। इज़राइल ने दावा किया कि वह स्कूल में आतंकवादियों को निशाना बना रहा था। बाइडेन प्रशासन के अधिकारियों ने नागरिकों की मौतों पर चिंता व्यक्त की लेकिन उन्होंने इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की कि हमले में अमेरिका द्वारा आपूर्ति किए गए हथियारों का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। मई की शुरुआत में बाइडेन ने इजरायल को भेजे जाने वाले एक शिपमेंट को रोक दिया था जिसमें 2,000 पाउंड के बम शामिल थे और दक्षिणी गाजा में राफा पर बड़े पैमाने पर हमले के खिलाफ चेतावनी दी थी जहां कई विस्थापित फिलिस्तीनी रहते हैं। recent visitors 100