Sunday, July 5, 2026 12:44 am

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 8 साल की बच्ची से रेप के आरोपी को आजीवन कारावास की मिली थी सजा से बरी किया, रेप होता तो खेलने नहीं जाती

नागपुर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने 64 साल के एक रेप को आरोपी को बरी कर दिया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि बच्ची अगर यौन उत्पीड़न का शिकार हुई होती तो वह डर जाती और सामान्य व्यवहार नहीं करती या खेलती नहीं। आरोपी को मार्च 2019 में आठ साल की बच्ची के साथ कथित रूप से बलात्कार करने के लिए पोक्सो अधिनियम और आईपीसी की धारा 376एबी के तहत 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। विजय जवांजल नाम का यह शख्स अमरावती जिले के अचलपुर का रहने वाला है। जस्टिस गोविंदा सनप ने जवांजल को जेल से रिहा करने का आदेश देते हुए कहा, "यदि आरोपी ने बलात्कार किया था तो यह एक जघन्य कृत्य था। इस तरह के हादसे के बाद निस्संदेह बच्ची बहुत डर गई होती। इससे उसे बहुत दर्द और आघात पहुंचा होता। सामान्य परिस्थितियों में वह इस तरह के हादसे के बाद मौके से भागकर अपने घर चली जाती और अपनी मां को घटना के बारे में बताती।" बच्ची ने अगले दिन दी थी जानकारी वकील के मुताबिक तीसरी कक्षा की छात्रा, पीड़िता अपने घर के पास एक सामुदायिक मंदिर में खेलने गई थी। लेकिन कुछ समय तक बच्ची वहां नहीं दिखी। काफी देर बाद जब बच्ची लौटी तो मां ने उसे उसे स्कूल पहुंचा दिया। स्कूल से लौटने के बाद लड़की उदास और असहज लग रही थी। उसने अगले दिन अपनी मां को बताया कि आरोपी ने उसे मिठाई दी थी उसके प्राइवेट पार्ट को जबरदस्ती छुआ था और उसे दर्द हो रहा था। इसके बाद मां ने असेगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। मां ने सिखाया था आरोपी का नाम- कोर्ट मां की गवाही का हवाला देते हुए जस्टिस सनप ने बताया कि जब वह अपनी बेटी को खोजने गई तो उसने देखा था कि आरोपी पास में बैठा था और लड़की खेल रही थी। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अदालत को सतर्क रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्ची को किसी भी तरह से कुछ सिखाया ना जाए। जज ने कहा कि पीड़िता ने खुद बताया कि उसे आरोपी का नाम बताने के लिए उसकी मां ने सिखाया था। उन्होंने कहा, "लड़की ने कहा है कि उसकी मां ने उसे अदालत को यह बताने के लिए कहा था कि आरोपी कौन है नहीं तो उसे सजा दी जायेगी। उस दिन उसे लू लग गई थी। उसने कहा है कि उसके प्राइवेट पार्ट में दर्द और खुजली थी। उसकी मां ने नकली सबूत गढ़े।" आजीवन कारावास की मिली थी सजा सेशंस कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी थी। उसने तर्क दिया था कि उनका पोटेंसी टेस्ट नहीं कराया गया था क्योंकि उस समय उनकी उम्र 60 साल थी और मेडिकल रिपोर्ट से मामले का पता नहीं चल पाया था। recent visitors 67

युवाओं के लिए खुशखबरी : दिल्ली में यूपीएससी तैयारी के लिए 135 सीटों की वृद्धि को वित्त से मंजूरी

रायपुर दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के इच्छुक छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के निर्देश पर वित्त विभाग ने युवा उत्थान योजना के तहत ट्राइबल यूथ हॉस्टल में 135 सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। युवा उत्थान योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को दिल्ली में रहकर नि:शुल्क यूपीएससी कोचिंग की सुविधा दी जाती है। युवाओं के रहने, खाने और पढ़ाई का खर्च भी सरकार उठाती है। पूर्व में ट्राइबल यूथ हॉस्टल में 50 नए और 15 रिपीटर बैच को यह सुविधा मिल रही थी। अब इस योजना में 135 सीटों की वृद्धि के बाद कुल 200 युवाओं को आवासीय सुविधा मिलेगी। ट्रायबल यूथ हॉस्टल के अलावा अभ्यर्थी अपनी इच्छानुसार कोचिंग संस्थाओं के निकट आवासीय व्यवस्था भी कर सकेंगे। कोचिंग शुल्क के तहत अंग्रेजी माध्यम के लिए 2 लाख रुपये और हिन्दी माध्यम के लिए 1.5 लाख रुपये निर्धारित है। इसके साथ ही, आवास, मेस और अन्य सुविधाओं के लिए प्रति विद्यार्थी प्रति माह 12 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। वर्तमान में ट्रायबल यूथ हॉस्टल में अधिकतम 65 अभ्यर्थियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध थी। अब इस पहल के साथ छत्तीसगढ़ के युवा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अधिक समर्थ बन सकेंगे। recent visitors 46

कवच 4.0 को सभी नई परियोजनाओं में लगाया जाएगा

नई दिल्ली/बिलासपुर/रायपुर एटीपी प्रणाली रेल परिवहन में उपयोग की जाने वाली एक सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उपयोग ट्रेनों को सुरक्षित गति से अधिक या खतरे में सिग्नल पास करने से रोकने के लिए किया जाता है। यह स्वचालित रूप से ट्रेन की गति को नियंत्रित करता है और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यदि आवश्यक हो तो ब्रेक लगा सकता है।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी नागपुर से झारसुगुडा मेन लाइन पर कवच की तैनाती के लिए कार्य शुरू किए गए है । ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (एटीपी) एटीपी प्रणाली आधुनिक रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो मानवीय त्रुटि के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करता है। पूरे विश्व में तैनाती अमेरिका में पॉजिटिव ट्रेन कंट्रोल (पीटीसी) शुरूआत 1980 में हुई और लगभग 30 साल बाद 2010 में इसके तैनाती के लिए नियम बनाए गए। यूरोप में यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) पर काम 1989 में शुरू हुआ था। और इसका पहला एमओयू 16 साल बाद 2005 में साइन हुआ। भारत में मुंबई सबरबन में 1986 में आॅक्जिलरी वार्निंग सिस्टम (एडब्ल्यूएस) लगाया गया था। दिल्ली आगरा चेन्नई और कोलकाता मेट्रो में ट्रेन प्रोटेक्शन वार्निंग सिस्टम लगाया गया। नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे में में 1,736 रूट किलोमीटर पर एंटी कोलाइजन डिवाइस का पायलट प्रोजेक्ट जुलाई 2006 में शुरू हुआ। इन सभी सिस्टम्स में कई आॅपरेशनल और टेक्निकल समस्याएं थी  फरवरी 2012 में, काकोदर कमेटी ने रिकमेंड किया कि भारतीय रेलवे को अत्याधुनिक, डिजिटल रेडियो बेस्ड सिग्नलिंग और प्रोटेक्शन सिस्टम का लक्ष्य रखना चाहिए, जो कम से कम श्वञ्जष्टस् रु-2 की कार्यक्षमता के बराबर हो और पूरे भारतीय रेलवे में तैनात हो। ऐसे में एक वैकल्पिक, रेडियो बेस्ड ट्रेन कोलाइजन अवॉयडेंस सिस्टम ' कवचझ् के विकास की परिकल्पना एक स्वदेशी, मल्टी वेंडर, फेल सेफ सिस्टम के रूप में की गई थी। कवच का डिप्लॉयमेंट 2014-15: दक्षिण मध्य रेलवे पर 250 रूट किलोमीटर के पायलट प्रोजेक्ट सिस्टम पर इंस्टॉलेशन 7 2015-16: यात्री ट्रेनों पर पहला फील्ड परीक्षण। 2017-18: कवच स्पेसिफिकेशन वर्जन 3.2 को अंतिम रूप दिया गया। 2018-19: ढ्ढस््र के आधार पर आरडीएसओ ने तीन कंपनियां अप्रूव करीं। जुलाई 2020 में "कवच" को राष्ट्रीय एटीपी घोषित किया गया। मार्च 2022 तक: कवच को एक एक्सटेंडेड सेक्शन के रूप में 1200 रूट किलोमीटर पर स्थापित किया जाएगा। मार्च 2022 में विभिन्न यूज केसेस और स्टेकहोल्डर की प्रतिक्रिया के आधार पर कवच स्पेसिफिकेशन वर्जन 4.0 का विकास करने का निर्णय लिया गया। 16.07.24 को कवच वर्जन 4.0 स्पेसिफिकेशन स्वीकृत एवं जारी किए गये। भारतीय रेलवे पर मिक्सड ट्रैफिक स्पीड डिफरेंशियल, लोको की विविधता, कोचिंग और वैगन स्टॉक की विभिन्न चुनौतियों के बावजूद दस साल से कम समय में यह किया गया। कवच कार्य की वर्तमान स्थिति दक्षिण मध्य रेलवे पर वर्जन 3.2 के साथ 1,465 रूट किलोमीटर पर डिप्लॉय किया गया है। दिल्ली झ्र मुंबई और दिल्ली झ्र हावड़ा सेक्शन (93,000 रूट किलोमीटर) पर कार्य प्रगति पर है। मथुरा-पलवल सेक्शन: 160 कि .मी./घंटे पर परीक्षण और सर्टिफिकेशन चल रहा है। बोलियां (टेंडर)आमंत्रित की जा रही हैं महत्वपूर्ण ऑटोमैटिक सेक्शन पर (9 5,000 रूट किलोमीटर) आगामी योजना भारतीय रेलवे पर चरणबद्ध तैनाती फेस। अगले 4 वर्षों में सभी लोकोमोटिव में कवच।आर एफ आई डी के माध्यम से सीमित ब्लॉक सेक्शन पर कवच सुरक्षा  फेस ।। स्टेशन एवं यार्ड कवच इक्यूपमेंट का प्रावधान। पूर्ण कमीशनिंग कवच मुख्य विशेषताएं यदि लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो स्वचालित ब्रेक लगता है। कैब में लाइन साइड सिग्नल को दोहराता है। मूवमेंट अथॉरिटी का रेडियो आधारित निरंतर अपडेट करता है। लेवल क्रासिंग गेटों पर आॅटो सीटी बजाता है। डायरेक्ट लोको से लोको संचार द्वारा टकराव से बचाव । कवच के मुख्य अवयव: कवच एक अत्यंत टेक्नोलॉजी इंटेंसिव सिस्टम है, और इसमें निम्न चीजें शामिल हैं: स्टेशन कवच लोको कवच सिग्नलिंग सिस्टम से जानकारी प्राप्त करता है और लोकोमोटिव का मार्गदर्शन करता है। ट्रेन का लोकेशन और डायरेक्शन निर्धारित करने के लिए इसे 1किलोमीटर की दूरी पर पटरियों पर और प्रत्येक सिग्नल पर स्थापित किया गया है। लोको और स्टेशन के बीच सूचना के आदान-प्रदान के लिए ट्रैक के किनारे टावर और ओ एफ सी।  ब्रेकिंग सिस्टम के साथ इंटीग्रेटेड स्टेशन कवच के साथ संचार करता है और यदि ड्राइवर ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो स्वचालित ब्रेकिंग लागू करता है। स्टेशन कवच सिग्नलिंग इनपुट और लोको इनपुट इकट्ठा करता है और मूवमेंट अथॉरिटी को लोको कवच तक पहुंचाता है। रेडियो- लोकोमोटिव के साथ संचार के लिए। recent visitors 58

लोधेशवरधाम में दीपावली मिलन समारोह, वार्षिक सम्मेलन एवं स्मारिका का होगा विमोचन

रायपुर लोधेशवरधाम में लोधी क्षत्रिय समाज चंगोराभाठा रायपुर छत्तीसगढ के तत्वावधान में 24 नवंबर को दीपावली मिलन समारोह, युवक युवती परिचय सम्मेलन, वार्षिक सम्मेलन एवं स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। यह कार्यक्रमअखिल भारतीय लोधी-लोधा-लोध राष्ट्रीय महासभा नई दिल्ली भारत के नेतृत्व में संपन्न होगा। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखंड, विदर्भ, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, तेलगांना, गोवा एवं हरियाणा आदि राज्यों से पदाधिकारीगण शामिल होंगे। इस अवसर पर विगत 24 वर्षो से नियमित प्रकाशित रायपुर छत्तीसगढ ही नही अपितु हिन्दुस्तान के प्रथम स्मारिका का विमोचन भी होगा। सभी स्वजातीय बंधूओं और देश के सामाजिक संगठनों से आग्रह है कि स्मारिका 2024-25 के प्रकाशन के लिए अपना स्वलिखित आलेख एवं विवाह योग्य युवक – युवती का बायोडाटा भेजने की अपील लोधी क्षत्रिय समाज चंगोराभाठा रायपुर के द्वारा स्वाजतीय बंधुओं से किया गया है। स्मारिका में प्रकाशन के लिए अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी की जीवनी, परम पूज्य स्वामी ब्रम्हानंद लोधी के अलावा लोधी समाज अन्य महान विभूतियो की जीवनी भी प्रकाशित होगी। समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, व्यक्ति एवं महिलाओं द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्यो को विशेष स्थान दिया जायेगा। recent visitors 117

वैभव सूर्यवंशी ने यूथ टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ा, तोड़ चुके हैं सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के जूनियर स्तर पर भी कई प्लेयर अपनी धाक जमाने में कामयाब हो रहे हैं। भारतीय टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया की अंडर 19 टीम के साथ यूथ टेस्ट खेल रही है। इसमें खेलते हुए भारत की ओर से महज 13 साल की उम्र में ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने शतक ठोक दिया है। वह यूथ टेस्ट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले पहले प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने चेन्नई के एम.ए.चिदंबरम स्टेडियम में यह उपलब्धि अपने नाम की। युवा खिलाड़ी ने 62 गेंदों में 104 रन बनाए जिससे भारतीय टीम दूसरी पारी में 62.4 ओवर में ही 296 रन बनाने में सफल रही। वैभव ने अपनी पारी के दौरान 14 चौके और 4 छक्के भी जड़े। वैभव ने इस शतक के साथ पाकिस्तान के नासिर जमशेद का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 15 साल की उम्र में दोहरा शतक बना दिया था।   इसके अलावा, वह युवा टेस्ट प्रारूप में दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले और इस प्रारूप में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक लगाने वाले भी प्लेयर बन गए हैं। इंग्लैंड के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मोईन अली ने साल 2005 में यूथ टेस्ट खेलते हुए 56 गेंदों में शतक बनाया था। युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी पहले ही प्रथम श्रेणी प्रारूप में पदार्पण कर चुके हैं जहां उन्होंने दो मैचों के लिए बिहार का प्रतिनिधित्व किया था। तोड़ चुके हैं सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड एक साल पहले ही वैभव सूर्यवंशी 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी इतिहास में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की खास लिस्ट में शामिल हुए थे और महान सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था। रणजी ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड पूर्व क्रिकेट अलीमुद्दीन के नाम दर्ज है जिन्होंने 12 साल 73 दिन की उम्र में रणजी डेब्यू किया था। वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर से आते हैं। उन्होंने 5 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। इसके बाद पटना आकर ट्रेनिंग शुरू की और देखते-देखते अलग-अलग स्तर पर कुल 49 शतक जड़ चुके हैं। recent visitors 146

इजरायली फौज ने लेबनानवासियों को अल्टीमेटम जारी किया, अब जमीनी हमला करने वाले है

लेबनान लेबनान में कहर बनकर टूट चुकी इजरायली फौज अब जमीनी हमला करने वाली है। मंगलवार को इजरायली फौज ने लेबनानवासियों को अल्टीमेटम जारी किया कि वे दक्षिणी हिस्से से तुरंत उत्तर की तरफ चले जाएं क्योंकि उनकी फौज जमीनी हमला करने वाली है। इस चेतावनी के साथ ही लेबनान का गाजा जैसा हाल होने का खतरा बढ़ गया है। लेबनान में अभी तक इजरायली हमलों में 1000 लोगों की मौत हो चुकी है, इसमें हिजबुल्लाह चीफ सैयद हसन नसरल्लाह समेत सैकड़ों हिजबुल्लाह आतंकी शामिल हैं। इससे पहले गाजा में इजरायली फौज ने कम से कम 44 हजार लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। दूसरी तरफ हिजबुल्लाह ने भी इजरायल को चुनौती देते हुए कहा है कि वे झुकेंगे नहीं और इजरायली फौज के खिलाफ आमने-सामने की लड़ाई को तैयार हैं। इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान में सेना भेजने के कुछ घंटों बाद मंगलवार को यह अल्टीमेटम जारी किया। इजराइल की सेना के अरबी प्रवक्ता द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किये गये आदेश में दक्षिणी लेबनान के 25 गांवों का जिक्र किया गया है और लोगों को सीमा से लगभग 60 किलोमीटर (36 मील) दूर, अवाली नदी के उत्तर में चले जाने को कहा गया है। इजराइल ने एक बड़े अभियान की योजना के तहत लेबनान की सीमा पर छोटे और सटीक हमले किए हैं। पिछले 10 दिन में इजराइली हमलों में हिजबुल्ला के शीर्ष सदस्य हसन नसरल्ला और छह शीर्ष कमांडर मारे गए हैं। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में आतंकी मारे गए हैं। सेना का कहना है कि लेबनान के बड़े हिस्से में हजारों आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। हिजबुल्लाह के प्रवक्ता ने कहा कि उसके लड़ाके इजरायल के सैनिकों के साथ ‘आमने-सामने की लड़ाई’ के लिए तैयार हैं।   इजरायल का अल्टीमेटम एक्स पर पोस्ट किए गए बयान में कहा गया है, "आईडीएफ आपको नुकसान नहीं पहुंचाना चाहती है और अपनी सुरक्षा के लिए आपको तुरंत अपने घर खाली करने होंगे। हिज़बुल्लाह द्वारा अपनी सैन्य जरूरतों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी घर को हम छोड़ने वाले नहीं है। इसलिए सावधान रहें, आपको दक्षिण की ओर जाने की अनुमति नहीं है। दक्षिण की तरफ जाने से आपकी जान को ख़तरा हो सकता है। हम आपको बताएंगे कि आपके लिए घर लौटना कब सुरक्षित होगा।" recent visitors 50

किसानों की छोटी-छोटी समस्याओं को सुलझाने से उनकी आय में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है: कृषि मंत्री शिवराज

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि किसानों की छोटी-छोटी समस्याओं को सुलझाने से उनकी आय में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। चौहान ने 24 सितंबर को शुरू हुई अपनी ‘सीधा संवाद’ पहल के तहत भारतीय किसान संघ (स्वतंत्र) के सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कृषि क्षेत्र को प्रभावित करने वाली विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की। किसानों की सेवा को भगवान की पूजा बताते हुए चौहान ने कहा, ‘‘ये समस्याएं छोटी लग सकती हैं, लेकिन इनका समाधान करने से किसानों की आय में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।’’ एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने कारखाने के दूषित पानी और जले हुए ट्रांसफार्मर को कम समय में बदलने पर चर्चा की। चर्चा के दौरन फसल की लागत कम करने, उचित मूल्य सुनिश्चित करने और जलभराव को रोकने पर भी बात हुई। इसके अलावा, कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग, स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव और पीएम फसल बीमा योजना जैसी सरकारी योजनाओं तक पहुंच पर चर्चा की गई। चौहान ने विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए हर मंगलवार को किसानों और कृषि संगठनों के प्रतिनिधियों से मिलने की प्रतिबद्धता जताई। संवाद पहल का उद्देश्य समस्या समाधान में तेजी लाने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए मंत्रालय और कृषक समुदायों के बीच सीधा संवाद कायम करना है। recent visitors 51