Tuesday, July 7, 2026 7:32 pm

4 सेकेंड में A से Z तक टाइपिंग का रिकॉर्ड किया अपने नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज कराया

पन्ना पन्ना-जिले में प्रतिभाओं की कमीं नही है। नगर के मध्यमवर्गीय परिवार से 14 वर्षीय बालक सक्षम नामदेव ने साबित कर दिखाया है। महज 4 सेकेंड में A से Z तक टाइपिंग का रिकॉर्ड बनाकर अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज करा कर पन्ना जिले सहित समूचे प्रदेश का नाम किया रोशन। पन्ना नगर के निवासी सक्षम नामदेव की अपने पिता से अलग अपनी मां लक्ष्मी नामदेव के साथ रहते थे। मां सिलाई कर भगवान जुगलकिशोर जी के पकड़े बनाती है और पढ़ाई का खर्च उठाती हैं। फिलहाल सक्षम 11वीं में पढ़ाई कर रहा है। पढ़ाई के साथ साथ अपने मामा राहुल नामदेव की इंटरनेट कैफे में सहयोग करता है। इसी बीच सक्षम ने वह कर दिखाया जिसे सुन सब हैरान रह गए। सक्षम ने महज 4 सेकेंड में अल्फाबेट A से Z तक टाइप कर रिकार्ड बनाया है। जिसके लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। दरअसल सक्षम शुरुआत से ही तेज टाइपिंग करते रहे हैं। सक्षम की कुशलता को देखते हुए मामा ने इंडिया बुक में रिकॉर्ड दर्ज करने की तैयारियों की सलाह दी। मात्र 1 माह में ही सक्षम नामदेव ने आपके लक्ष्य को हासिल कर 4 सेकेंड में ही a से z तक विथ स्पेश टाइपिंग कर यह मुकाम हासिल किया है। यह रिकॉर्ड उनको ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 6 अगस्त को मिला है। भारत के 14 वर्ष की आयु में रिकॉर्ड बनाने वाले पहले बच्चे बन गए हैं। इस सफलता पर रिश्तेदारों ने भी बधाइयां देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। मामा ने टाइपिंग सिखाई सक्षम नामदेव ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस सफलता का श्रेय मेरे मामा राहुल नामदेव को जाता है। उन्होंने ने ही मुझे अच्छी स्पीड से टाइपिंग करना सिखाया और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में पार्टिसिपेट करने में सहयोग किया। इंट्रेस्ट से मिली सफलता मामा राहुल नामदेव ने बताया कि बच्चे के इंट्रेस्ट को देखते हुए तैयारियां कराई और कम समय में सक्षम ने सफलता अर्जित की है। पहले मई के महीने में इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराने के लिए अप्लाई किया था। मई माह में ही मिल गया था। लेकिन बुक का प्रिंट उल्टा होने के कारण वापस रिवर्ट कर दिया था। दोबारा अगस्त माह की 6 तारीख को दर्ज हुआ था और सितंबर में पोस्ट के माध्यम से पुरस्कार घर आया है।   recent visitors 107

महू में नवरात्रि गरबा आयोजन में, वर्ग विशेष के युवक के आने से विवाद हो गया, जमकर हुई पत्थरबाजी

 महू  मध्य प्रदेश के महू में गरबा को लेकर माहौल गरम हो गया है। महू तहसील स्थित आंबेडकर विश्वविद्यालय में रविवार को विद्यार्थियों के गरबा आयोजन में वर्ग विशेष के युवक के आने से विवाद हो गया। इसके बाद उनकी युवक से जमकर मारपीट भी हुई। उसके बाद पथराव भी हुआ,जिसमें दो युवक घायल हुए हैं। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद है। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को विश्विद्यालय के विद्यार्थियों ने गरबा कार्यक्रम आयोजित किया था। यह कार्यक्रम विश्विद्यालय मुख्य गेट के पास बने मैदान में हो रहा था। इस दौरान बजरंग दल को सूचना मिली कि गरबा में वर्ग विशेष के युवक भी शामिल हुए हैं। recent visitors 89

विदेश मंत्री जयशंकर नेUN के पुराने ढर्रे की जमकर आलोचना की, बोले इसी रवैये से देशों ने खुद ही कदम उठाने शुरू कर दिए

नई दिल्ली  जमाने की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरे तो इंसान हो या संस्थान, हिकारत ही झेलता है। और यही हाल है संयुक्त राष्ट्र का। दुनिया की सबसे बड़ी पंचायत आज इस हालत में पहुंच गई है कि इसकी उपयोगिता पर उठे सवालों की जड़ें लगातार गहरी हो रही हैं। विश्व जब आज बहुध्रुवीय अवस्था में कहीं युद्ध तो कहीं युद्ध जैसे हालात का सामाना कर रहा है तो संयुक्त राष्ट्र का मूकदर्शक बनकर ठिठके रहना इस संस्था के निष्प्रभावी होने का पर्याप्त संकेत है। यही वजह है कि भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र को एक पुरानी कंपनी करार दे दिया जो बाजार से कदमताल तो नहीं मिला पा रही है, लेकिन जगह घेर रखी है। संयुक्त राष्ट्र की तुलना पुरानी कंपनी से जयशंकर ने यूएन की आलोचना करते हुए कहा कि यह एक पुरानी कंपनी की तरह है जो बाजार के साथ पूरी तरह से नहीं चल पा रही है, लेकिन जगह घेरे हुए है। कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन में एक बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में दो बहुत ही गंभीर संघर्ष चल रहे हैं। और इन पर संयुक्त राष्ट्र की भूमिका क्या है? विदेश मंत्री ने कहा, 'निश्चित रूप से एक दर्शक की।' उन्होंने अमेरिकी चुनावों के संभावित नतीजों पर एक सवाल के जवाब में कहा कि अमेरिका ने भू-राजनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण में वास्तविक बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि नवंबर में चाहे जो भी नतीजे हों, इनमें से कई रुझान आने वाले दिनों में तेज होंगे। कौटिल्य इकनॉमिक कॉन्क्लेव में बोले जयशंकर जयशंकर ने 'भारत और दुनिया' विषय पर आयोजित इंटेरेक्टव सेशन में भाग लिया और बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत की भूमिका और चुनौतियों के बारे में बात की। जयशंकर ने श्रीलंका जैसे अपने पड़ोसी देशों के साथ-साथ अन्य देशों की मदद के लिए उठाए गए कुछ कदमों की चर्चा की। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अपनी आगामी पाकिस्तान यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने फिर से अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ किसी भी द्विपक्षीय बातचीत से इनकार किया। पाकिस्तान दौरे को लेकर क्लियर कट जयशंकर ने कहा, 'मैं वहां एक खास काम, एक खास जिम्मेदारी के लिए जा रहा हूं। चूंकि मैं अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेता हूं इसलिए मैं एससीओ मीटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए वहां जा रहा हूं, और बस यही करने जा रहा हूं।' विदेश मंत्री ने शनिवार को भी कहा था कि वह बहुपक्षीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने इस्लामाबाद जा रहे हैं, न कि भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने। संयुक्त राष्ट्र की कड़ी आलोचना बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने विश्व निकाय के बारे में काफी आलोचनात्मक नजरिया पेश किया।उन्होंने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र एक तरह से एक पुरानी कंपनी की तरह है, जो बाजार के साथ पूरी तरह से नहीं चल पा रही है, लेकिन जगह घेरे हुए है। और, जब यह समय से पीछे होता है, तो इस दुनिया में आपके पास स्टार्ट-अप और इनोवेशन होते हैं, इसलिए अलग-अलग लोग अपनी चीजें खुद करने लगते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'तो आज आपके पास संयुक्त राष्ट्र है, हालांकि कामकाज में कितना भी दोयम दर्जे का क्यों न हो, यह अभी भी एकमात्र वैश्विक पंचायत है।' विदेश मंत्री ने कहा, 'लेकिन, जब यह प्रमुख मुद्दों पर आगे नहीं बढ़ पाता है तो देश इसे करने के अपने-अपने तरीके खोज लेते हैं। उदाहरण के लिए, पिछले पांच-दस वर्षों को ही ले लीजिए, शायद हमारे जीवन में सबसे बड़ी चीज जो हुई वह थी कोविड। संयुक्त राष्ट्र ने कोविड पर क्या किया? मुझे लगता है कि जवाब है- बहुत ज्यादा नहीं।' जयशंकर ने कहा, 'आज दुनिया में दो संघर्ष चल रहे हैं, दो बहुत ही गंभीर संघर्ष, उन पर संयुक्त राष्ट्र कहां है, बस एक दर्शक की मुद्रा में।' यूएन की निष्क्रियता से खुद फैसले लेने लगे देश इससे हो यह रहा है कि सभी ने अपने-अपने हिसाब से कदम उठाए, जैसे कि कोवैक्स जैसी पहल जो कई देशों के एक समूह ने की थी। उन्होंने कहा, 'जब अब बड़े मुद्दों पर कुछ करने को लेकर सहमत होने वाले देशों के समूह बढ़ रहे हैं।' उन्होंने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी), ग्लोबल कॉमन्स की देखभाल के लिए इंडो-पैसिफिक में क्वाड, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) और आपदा प्रतिक्रियाशील अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) जैसी संपर्क पहलों का हवाला देते हुए कहा कि ये सभी निकाय संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के बाहर आए हैं। जयशंकर ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र तो रहेगा, लेकिन संयुक्त राष्ट्र से इतर का स्थान भी तेजी से तैयार हुआ है जो सक्रिय है और मुझे लगता है कि यह संयुक्त राष्ट्र पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।' संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत लेकिन हो नहीं रहे जयशंकर ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि यूएनएससी के पांच स्थायी सदस्यों का अदूरदर्शी दृष्टिकोण वैश्विक निकाय के लंबे समय से लंबित सुधार में आगे बढ़ने से रोक रहा है। पांच स्थायी सदस्य रूस, यूके, चीन, फ्रांस और अमेरिका हैं और ये देश किसी भी वास्तविक प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं। जयशंकर से अमेरिकी चुनावों के संभावित नतीजे और नई सरकार के साथ भारत कैसे जुड़ेगा, इस बारे में भी सवाल किया गया। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'पिछले पांच वर्षों पर गौर करें तो पता चलेगा कि ट्रंप प्रशासन की कई नीतियां वास्तव में न केवल बाइडेन प्रशासन ने आगे बढ़ाई गईं बल्कि उन्होंने उन नीतियों का विस्तार किया।' उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह बात समझ आ गई है कि जिस व्यवस्था को उसने कई साल पहले खुद तैयार किया था, वह अब उस हद तक उसके फायदे के लिए काम नहीं करती है।' संयुक्त राष्ट्र की वेबसाइट के अनुसार, अपनी स्थापना के 75 से अधिक वर्षों के बाद संयुक्त राष्ट्र अभी भी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने, जरूरतमंदों को मानवीय सहायता देने, मानवाधिकारों की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कायम रखने के लिए काम कर रहा है। भारत बदलते समय के साथ तालमेल बिठाते हुए संयुक्त राष्ट्र और इसकी सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधारों की मांग करता रहा है। recent visitors 77

चंदा देवी मल्टीस्पेशयलिटी हाॅस्पिटल के नवीन भवन का विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया लोकार्पण

बलौदाबाजार जिले में स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी चंदा देवी मल्टीस्पेशयलिटी हाॅस्पिटल के नवीन भवन का आज पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने लोकार्पण किया एवं तिवारी परिवार को बधाई शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अमर अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं डाॅक्टर उपस्थित थे. इस अवसर पर अम्बिकापुर से बायरोड रायपुर और वहां से बलौदाबाजार पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री का डाॅ. रमन सिंह ने नाड़ी देखकर स्वास्थ्य जांच भी किया और कहा सब कुछ ठीक है. बलौदाबाजार पहुंचने पर डाॅ. रमन सिंह का चंदा देवी हाॅस्पिटल के डायरेक्टर डाॅ. प्रमोद तिवारी, डाॅ. नितिन तिवारी, डाॅ. गीतिका शंकर तिवारी, पूर्व आयुक्त गणेश शंकर मिश्रा सहित तिवारी परिवार ने स्वागत किया. इसके बाद डाॅ. रमन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर लोकार्पण किया. डाॅ. रमनसिंह ने कहा कि चंदा देवी हाॅस्पिटल पूर्व विधायक बंशराज तिवारी द्वारा स्थापित है, जो सन 2001 से निरंतर लोगों को स्वास्थ्य सेवा दे रहा है. अब यह 180 बिस्तर के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ क्षेत्र सहित प्रदेश वासियों को सेवा देने जा रहा है. मैं पूरे तिवारी परिवार को बधाई शुभकामनाएं देता हूं. डाॅ. नितिन तिवारी डायरेक्टर चंदा देवी मल्टीस्पेशयलिटी हाॅस्पिटल ने कहा कि हम और हमारा परिवार स्वास्थ्य सेवा में श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम सेवा देने अग्रसर है. यह हमारे पूज्य बाबूजी स्व. पंडित बंशराज तिवारी, पिताजी डाॅ. प्रमोद तिवारी का सपना था कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दें, जो आज पूरा हुआ है. आज इसका शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह सहित अतिथियों ने किया है. डाॅ. गीतिका शंकर तिवारी डायरेक्टर चंदा देवी हास्पिटल ने क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि लगभग 35 वर्षों से हमारा परिवार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देते आ रहा है. आज हम इसमें और विस्तार किए हैं. मैं सभी को धन्यवाद देती हूं और विश्वास दिलाते हैं कि आगे और बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएंगे. recent visitors 99

अमित शाह से 6 राज्यों के सीएम करेंगे सीक्रेट मीटिंग, छत्तीसगढ़-सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली दौरे पर

रायपुर/दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय रविवार को दिल्ली दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में हिस्सा लेंगे। अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा की है। ऐसे में शाह नक्सलवाद के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। अमित शाह 6 राज्यों के सीएम के साथ चर्चा करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- "जब से हम लोग सरकार में आए हैं नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ रहे हैं। कल एक बैठक गृह मंत्री अमित शाह के साथ है। जितने भी नक्सल से प्रभावित राज्य हैं वहां के मुख्यमंत्री और DGP के साथ बैठक होने वाली है।" अमित शाह ने सीएम से की थी चर्चा बता दें कि शुक्रवार को अमित शाह ने सीएम विष्णुदेव साय से बात की थी। अमित शाह ने दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले के बॉर्डर पर हुए मुठभेड़ की जानकारी ली थी और आगे की कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए थे। बता दें कि आमित शाह अगस्त महीने में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने नक्सल प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने कहा था कि अब नक्सलियों के खिलाफ रणनीति बनाकर अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है। शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा। दंतेवाड़ा में हुआ था बड़ा एनकाउंटर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में सीमा पर जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ में अभी तक का यह सबसे बड़ा नक्सली ऑपरेशन था। मारे गए नक्सलियों में 18 पुरुष और 13 नक्सली थे। मारे गए नक्सलियों में से 16 की पहचान हो गई थी। जिसने ऊपर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों के शव के पास से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बरामद हुए थे। recent visitors 76

बांस में बांधकर शव ले गए ग्रामीण, छत्तीसगढ़-सरगुजा के गांव में अब तक नहीं पहुंची सड़क

सरगुजा. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के पटकुरा पंचायत के आश्रित गांव घटोन में एक बार फिर से बुनियादी सुविधाओं की कमी का गंभीर मामला सामने आया है. सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को एक शव को बांस के सहारे ढोकर घर तक ले जाना पड़ा. इस पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने खुद बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर सरकार की विकास योजनाओं और दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं. भले ही सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि आज भी देश के कई गांव बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और पानी से वंचित हैं. घटोन गांव इसका एक जीता-जागता उदाहरण है. पहाड़ी गांव में लोगों ने खुद बनाई सड़क पहाड़ी क्षेत्र में बसे इस गांव तक पहुंचने के लिए करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर कोई सड़क नहीं है. ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाई है, लेकिन बरसात के मौसम में यह भी खराब हो जाती है, जिससे वाहनों का पहुंचना असंभव हो जाता है. इसी कारण गांव में एंबुलेंस सेवा भी नहीं पहुंच पाती. शव को बांस में बांधकर ले जाना पड़ा घटना के दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी, और सड़क न होने की वजह से ग्रामीणों ने शव को बांस में बांधकर गांव तक पहुंचाया. यह पहली बार नहीं है जब इस गांव के लोगों को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा हो. पहले भी कई बार यहां के लोग शवों को इसी तरीके से ले जाने के लिए मजबूर हुए हैं. अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर शैलेंद्र गुप्ता ने बताया, "मौत के बाद हमने परिजनों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कर दी थी, लेकिन एंबुलेंस आखिरकार घर तक क्यों नहीं पहुंची, यह जांच का विषय है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी." ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके गांव तक पक्की सड़क नहीं बनाई जाती, तब तक उन्हें इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता रहेगा. recent visitors 67

विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में था तैनात, छत्तीसगढ़-बीजापुर में टावर टावर से गिरा बुजुर्ग

बीजापुर. उसूर ब्लॉक के मुख्यालय आवापल्ली में टावर गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। वह विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ था। सीएमएचओ डॉक्टर बीआर पुजारी ने बताया कि देर शाम होने की वजह से शव का पोस्टमार्टम सुबह किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, आवापल्ली में शाम को अचानक मौसम बदला और गरज के साथ हवा चलने लगी। इसी दौरान आईसीडीएस व कृषि कार्यालय   के पास लगा पुराना टावर  गिर गया। इसकी चपेट में आने से गटपल्ली सत्यम (50) निवासी माड़वीपारा आवापल्ली के सिर में गहरी चोट लग गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मृतक बुजुर्ग गटपल्ली सत्यम विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ था। मृतक का शव अभी अस्पताल के मोर्चुरी में रखा गया है। सीएमएचओ डॉक्टर बीआर पुजारी ने बताया कि देर शाम होने की वजह से शव का पोस्टमार्टम सुबह किया जाएगा। recent visitors 76