Wednesday, July 8, 2026 2:33 am

Sensex पहले धड़ाम… फिर BJP की वापसी पर पकड़ी तूफानी रफ्तार

मुंबई हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के रिजल्ट आने शुरू हो गए हैं. अभी तक के रुझानों पर नजर डालें, तो जहां हरियाणा में शुरुआत में BJP को नुकसान होता नजर आ रहा था, लेकिन अचानक Congress और भाजपा एक रफ्तार बनाए नजर आने लगीं.  वहीं जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस बढ़त बनाए दिख रही है. देश के दो राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजों  का असर शेयर बाजार (Stock Market) पर भी देखने को मिल रहा है और इसकी चाल बदली-बदली नजर आ रही है. मंगलवार को इलेक्शन रिजल्ट वाले दिन Sensex पहले करीब गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुआ और कुछ ही देर में रफ्तार पकड़ते हुए 400 अंक से ज्यादा उछल गया. नतीजों के साथ ही बदली बाजार की चाल सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार (Share Market) में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स और निफ्टी की इस बदली-बदली चाल ने निवेशकों को भी हैरान कर दिया है. अगर BSE Sensex की बात करें, तो अपने पिछले बंद 81,050 की तुलना में ये इंडेक्स गिरावट के साथ 80,826.56 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ देर बाद ये गिरावट तेजी में तब्दील हो गई. 10.48 बजे पर खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स करीब 433 अंकों की बढ़त लेकर 81,483.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. NSE Nifty भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता नजर आया और सोमवार के बंद 24,795.75 की तुलना में चढ़कर 24,832.20 के स्तर पर खुला और ये बढ़त के साथ 24,942 पर कारोबार करने लगा. मार्केट खुलने पर 1380 शेयरों में गिरावट शेयर बाजार ने बीते छह दिनों में बड़ी गिरावट देखी और मंगलवार की शुरुआत भी फ्लैट रही. इस बीच जैसे ही शेयर मार्केट में कारोबार शुरू हुआ. लगभग 974 शेयर हरे निशान पर खुले, जबकि 1380 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपनिंग की. इस बीच 144 शेयर ऐसे रहे, जिनकी स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. Nifty पर HUL, M&M, Cipla, Shriram Finance, Trent के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही थी. तो वहीं Tata Steel, Hindalco, Tata Motors, Power Grid Corp और JSW Steel के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. अचानक इन शेयरों ने लगाई छलांग सबसे ज्यादा तेजी के साथ भागने वाले शेयरों की बात करें, तो सुबह 10.40 बजे तक लार्जकैप कंपनियों में शामिल Adani Port Share 2.49%, NTPC Share 2.01%, M&M Share 2%, SBI Share 1.75% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. वहीं मिडकैप कंपनियों में शामिल Paytm Share 5.49%, BHEL 3.70%, RVNL 3.53%, Mazgaon Dock SHare 3.52%, Indian Hotel Share 3.21% चढ़कर ट्रेड कर रहे थे. स्मालकैप कंपनियों में शामिल शेयरों में Dhani Share 11.32%, जबकि PGEL Share 8.16% चढ़ गया. कल उछलकर धराशायी हुआ था बाजार शेयर मार्केट (Stock Market) में बीते छह कारोबारी दिनों से जारी भारी बिकवाली का असर निवेशकों की संपत्ति पर दिखाई दिया है. इन 6 दिनों में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैप बुरी तरह टूटा है (BSE MCap Fall) और इस गिरावट के बीच निवेशकों की दौलत करीब 25 लाख करोड़ रुपये घट गई है. सोमवार को BSE Sensex 638.45 अंक की गिरावट के साथ 81,050 के स्तर पर क्लोज हुआ. बीते छह दिनों से जारी गिरावट में निवेशकों 25 लाख करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है. recent visitors 89

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर प्रधानमंत्री का आभार जताया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात मुख्यमंत्री साय ने राज्य की विकास योजनाओं और नक्सल उन्मूलन पर की चर्चा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर प्रधानमंत्री का आभार जताया नई दिल्ली/ रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास पर मुलाकात की।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले नौ महीनों के दौरान हुए विकास कार्यों की जानकारी दी, जिसमें कृषि, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में की गई प्रमुख पहलों को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में हाल ही हुए सफल नक्सल ऑपरेशन की जानकारी प्रधानमंत्री से साझा की। प्रधानमत्री ने इस ऑपरेशन की सफलता पर सुरक्षा बलों के साहस की सराहना की। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को माओवाद के खिलाफ राज्य में चल रहे ऑपरेशन और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी।  उन्होंने नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के हालिया ऑपरेशन का जिक्र करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है, जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया राज्य सरकार सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता की प्रशंसा की और कहा कि इससे न केवल राज्य में शांति बहाल हो रही है, बल्कि विकास की राह भी आसान हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर और आदिवासी अंचलों में युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए सरकार विशेष योजनाएँ चला रही है। इन योजनाओं के तहत युवाओं को विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। यह पहल राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कृषि के क्षेत्र में, मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में डिजिटल तकनीक और उन्नत कृषि विधियों का व्यापक प्रयोग हो रहा है। इससे किसानों की उत्पादकता और उनकी आय में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रयास प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के साथ मेल खाते हैं, और छत्तीसगढ़ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि आदिवासी अंचलों में बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में सुधार हो रहा है। साथ ही, तकनीकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राज्य के बच्चे आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित हो सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि राज्य की विकास यात्रा अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को राज्य की प्रगति के लिए और भी अधिक समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी संख्या में आवास की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाखों परिवारों को अपने घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का भाव उत्पन्न होगा। recent visitors 58

कोई भी कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश न करे. जो लोग ऐसा करेंगे उन्हें सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे -CM योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज का एक निश्चित वर्ग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना और मूर्तियों को तोड़ना अपना अधिकार मानता है. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा. मुख्यमंत्री योगी ने कहा, 'हिंदू धर्म किसी का अंत नहीं चाहता है. वह अहिंसा परमो धर्मः के साथ ही धर्म हिंसा तथैव च की भी बात करता है. यानी सेवा के कार्य से जुड़ें. दीन-दुखियों की सेवा के लिए जीवन समर्पित करें, लेकिन राष्ट्र-धर्म की रक्षा और निर्दोषों को बचाने के लिए हिंसा करनी पड़े तो यह धर्म सम्मत है.' उन्होंने जोर देकर कहा, 'यही आह्वान भारत सेवाश्रम संघ की स्थापना के समय प्रखर राष्‍ट्रवादी व सिद्ध संत स्वामी प्रणवानंद ने भी किया था. स्वामी प्रणवानंद ने साधना से सिद्धि प्राप्‍त की थी, लेकिन ध्‍येय राष्‍ट्रवाद का था.' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ में दुर्गा पूजा समारोह में अपने भाषण के दौरान यह टिप्पणी की. उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में, जहां देवी की पूजा की परंपरा शुरू हुई, सनातन धर्म आज 'असहाय और असुरक्षित' दिखाई देता है. योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि एक निश्चित वर्ग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना, प्रतिष्ठित हस्तियों का अपमान करना और मूर्तियों को तोड़ना अपना अधिकार मानता है. उन्होंने कहा, 'अक्सर जब कोई नफरत व्यक्त करता है तो अशांति पैदा करने के लिए इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश की जाती है.' योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी, 'कोई भी कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश न करे. जो लोग ऐसा करेंगे उन्हें सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे. कानून अव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करेगा.'     हमारा हिंदू धर्म स्पष्ट कहता है कि 'अहिंसा परमो धर्म:'    उन्होंने कहा कि हर धर्म, संप्रदाय और समुदाय की आस्था का सम्मान होना ही चाहिए, लेकिन अराजकता अस्वीकार्य है और गड़बड़ी पैदा करने वालों को परिणाम भुगतना होगा. कार्यक्रम के दौरान सीएम ने मां दुर्गा की पूजा की और महिलाओं को 100 सिलाई मशीनें वितरित कीं. उन्होंने सभी आगंतुकों, अतिथियों और जनता को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'अहिंसा परमो धर्मः' का सिद्धांत गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपना जीवन समर्पित करने पर जोर देता है. उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि अगर देश की एकता और अखंडता को चुनौती दी जाती है या इसकी सीमाओं पर अतिक्रमण किया जाता है, तो धर्म हिंसा तथैव च का सिद्धांत देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए आवश्यक कार्रवाई का समर्थन करता है.' सभी जातियों, पंथों और धर्मों के महान व्यक्तियों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर कोई किसी महान व्यक्ति या संन्यासी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है, तो ऐसे लोग दंड के भागी होंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. हालांकि , विरोध का मतलब बर्बरता या लूटपाट करना नहीं है…ऐसी कार्रवाइयां पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं.' मुख्यमंत्री योगी की यह टिप्पणी गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद की विवादित टिप्पणी के बाद समुदाय विशेष द्वारा किए गए उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है. योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा और अनुष्ठान के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा, 'बंगाल वह भूमि है जिसने हमें राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत दिए और भारत की बौद्धिक नींव रखी. स्वतंत्रता के संघर्ष में बंगाल की कई महान हस्तियों का योगदान रहा है.' उन्होंने आगे कहा, 'बंगाल ने भारत माता को जगदीश चंद्र बोस, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, स्वामी प्रणवानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे सपूत दिए हैं. लेकिन, आज बंगाल में क्या हो रहा है? वहां के लोगों को त्योहार मनाने से पहले दो बार सोचना पड़ता है. जबकि उत्तर प्रदेश में त्योहारों को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, बाधा उत्पन्न करने के किसी भी प्रयास पर तुरंत कार्रवाई की जाती है. लेकिन जिस बंगाल से जगतजननी मां भगवती के अनुष्ठान का शुभारंभ होता है, उस बंगाल में आज सनातन धर्म असहाय व असुरक्षित दिखता है.'   recent visitors 112

हरियाणा में बड़ा उलटफेर, रुझानों में BJP की सुनामी, जानें जम्मू कश्मीर का हाल

नई दिल्ली 90 सीटों वाले हरियाणा में मतदान 5 अक्टूबर को एक ही चरण में पूरा हुआ था, जिसमें अनुमानित 65 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। वहीं, 90 सीटों वाले ही जम्मू और कश्मीर में तीन चरणों में मतदान की प्रक्रिया हुई थी। यहां कुल 63.88 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। सीएम नायब सिंह सैनी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी सीटों पर आगे भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, लाडवा सीट पर 16 में से 3 राउंड की मतगणा पूरी हो चुकी है। सीट पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 3 हजार से ज्यादा मतों से आगे चल रहे हैं। यहां दूसरे स्थान पर कांग्रेस के मेवा सिंह हैं। गढ़ी सांपला किलोई से कांग्रेस दिग्गज और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा 25 हजार से ज्यादा वोट से आगे चल रहे हैं। दूसरे स्थान पर भाजपा की मंजू हुड्डा हैं। हरियाणा और जम्मू कश्मीर के नतीजे आज आ रहे हैं। इस बीच हरियाणा में बीजेपी बड़ा उलटफेर करते हुए बहुमत के आंकड़े को क्रॉस कर गई है। हालांकि अभी तक पांच राउंड की ही वोटों की गिनती हुई है। इस बीच बड़ी खबर यह आ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बीजेपी के सभी महासचिवों की बैठक बुलाई है।  हरियाणा की सबसे बड़ी सीट पर क्या है अपडेट  हरियाणा विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है। मतदाताओं के लिहाज से राज्य की सबसे बड़ी सीट मानी जाने वाली बादशाहपुर पर भारतीय जनता पार्टी का दबदबा नजर आ रहा है। इस सीट से वरिष्ठ नेता राव नरबीर सिंह 10 हजार से ज्यादा मतों से आगे चल रहे हैं। वहीं, दूसरे स्थान पर कांग्रेस प्रत्याशी वर्धन यादव हैं। खास बात है कि बादशाहपुर सीट पर टिकट के लिए भाजपा में लंबा मंथन भी चला था।  हरियाणा की सभी 90 सीटों पर आए रुझान, भाजपा को मिला बहुमत हरियाणा की सभी 90 सीटों पर रुझान सामने आ चुके हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी 46 सीटों पर आगे चल रही है। जबकि, कांग्रेस 37 सीटों पर आगे है। इंडियन नेशनल लोकदल को 1, बहुजन समाज पार्टी को 1 और निर्दलीय 5 सीटों पर आगे चल रहे हैं। खास बात है कि शुरुआती रुझानों में कांग्रेस बड़ी बढ़त हासिल की थी। बड़े उलटफेर के संकेत वहीं, रुझानों में जो बदलाव दिख रहे हैं। वह हरियाणा विधानसभा के रिलजल्ट में डेढ़ घंटे बाद बड़ा बदला देखने को मिल रहा है। अब परिस्थिति बदलते दिख रही है। वोटों की गिनती के दौरान बीजेपी को बढ़त मिलने लगी है। चुनाव आयोग के वेबासाइट के अनुसार बीजेपी को बढ़त मिल रही है। बीजेपी ने 48 से अधिक सीटों पर बढ़त बना ली है। कांग्रेस 34 सीटों पर आगे चल रही है। अगर थोड़ी देर तक रुझान ऐसे ही रहे तो हरियाणा चुनाव के रिजल्ट में बड़ा परिवर्तन हो सकता है। पूर्ण बहुमत की ओर बीजेपी इसके साथ ही अलग-अलग टीवी चैनलों पर जो रुझान आ रहे हैं, उसमें बीजेपी को बंपर बढ़त दिख रही है। बीजेपी रुझानों में बहुमत में आ गई है। बीजेपी चैनलों के मुताबिक अभी 48 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, कांग्रेस अब 37 सीटों पर आ गई है। इससे साफ है कि रुझान अगर इसी तरह से रहे तो बीजेपी सरकार बनाने की ओर आगे बढ़ रही है। इससे साफ है कि बीजेपी एक बार फिर से रेस में आ गई है। हरियाणा में सरकार बनाने के लिए 46 सीटों की जरूरत है। वहीं, हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें है। कांग्रेस में शुरु हो गया था जश्न शुरुआती रुझान में कांग्रेस को बंपर बढ़त मिली थी। इस बढ़त के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता जगह-जगह जश्न मनाने लगे थे। कांग्रेस नेता दावा करने लगे थे कि हम सरकार बनाने जा रहे हैं। हालांकि रुझानों से साफ हो गया है कि हरियाणा में बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर है। जम्मू और कश्मीर में क्या है पार्टियों के हाल भाजपा- 26 पर आगे एनसी- 39 पर आगे कांग्रेस- 7 पर आगे पीडीपी- 3 पर आगे किन-किन सीटों पर कौन आगे?     जुलाना से विनेश फोगाट पीछे     सिरसा से गोपाल कांडा पीछे     उचाना कलां से दुष्यंत चोटाला पीछे, चौथे नंबर पर     भूपेंद्र सिंह हुड्डा 11000 वोट से आगे     अंबाला कैंट से अनिल विज पीछे  हरियाणा में पलटी बाज़ी!     बीजेपी-कांग्रेस में कांटे की टक्कर     जम्मू-कश्मीर में NC-कांग्रेस को बढ़त शुरुआती रूझान आने के साथ ही कांग्रेस में जश्न की तैयारी हो गई है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय में लड्डू और जलेबी बांटे. कांग्रेस कार्यकर्ता जगदीश शर्मा ने पार्टी दफ्तर के बाहर जलेबी और लड्डू बांटे. इसके अलावा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्होंने जीत के जश्न के लिए लड्डुओं के साथ ही जलेबी का भी आर्डर दिया हुआ है. गोहाना के प्रसिद्ध मातूराम हलवाई, जिनकी जलेबी काफी मशहूर हैं, उन्हें जलेबी का आर्डर दिया गया है. दरअसल हरियाणा चुनाव के दौरान जलेबी की खूब चर्चा हुई थी. हरियाणा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के जलेबी वाले बयान को बीजेपी की ओर से काफी ट्रोल किया गया था. गोहाना में आयोजित जनसभा में उन्होंने हलवाई मातुराम की दुकान की जलेबी का स्वाद चखा था और कहा था कि यह उनके जीवन की सबसे बेहतरीन जलेबी है. राहुल ने कहा था कि अगर यह जलेबी देश-विदेश में भेजी जाए, तो शायद इस दुकान को फैक्ट्री में बदलना पड़े और हजारों लोगों को रोजगार मिल जाए. उनका यह जलेबी वाला बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था. recent visitors 65

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई

मध्यप्रदेश में लागू होगी‘’राशन आपके द्वार’’ योजना, घर-घर पहुंचेगा राशन : मंत्री राजपूत खाद्य मंत्री बोले, सिस्टम में सुधार और बदलाव दिखेगा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई "राशन आपके द्वार" योजना को आने वाले समय में पूरे मध्यप्रदेश में लागू : मंत्री राजपूत भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय विकासखंडों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई "राशन आपके द्वार" योजना को आने वाले समय में पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा। सोमवार को केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ गुना प्रवास पर पहुंचे राजपूत ने मीडिया से चर्चा के दौरान यह बात कही। मंत्री राजपूत ने बताया कि जरूरतमंद व्यक्तियों को राशन मिले, इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। वर्तमान में पीडीएस दुकानों में राशन वितरण के लिए बहुत सुधार किये जा रहे हैं। गांव में बुजुर्ग लोगों को राशन वितरण के लिए यदि उनका अंगूठा का निशान सही काम नहीं कर रहा है, तो उन्हें राशन देने की व्यवस्था नॉमिनी के माध्यम से की जा रही है। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश में कई जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विशेष रूप से ट्रायबल एरिया में राशन घर-घर पहुंचाये जाने की तैयारी  की जा रही है। ‘’राशन आपके द्वार’’ के अंतर्गत राशन लोगों के घर-घर पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। फिलहाल प्रदेश के 89 दूरस्थ ग्रामों में परिवहन के माध्यम से राशन पहुंचाया जा रहा है। अभी यह पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में है और आने वाले समय में इसे पूरे प्रदेश में लागू करेंगे। आने वाले समय में हम गांव – गांव की जगह घर – घर राशन पहुंचाने का कार्य करेंगे। पीडीएस सिस्टम में लगातार हो रहे सुधार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  राजपूत ने कहा कि पीडीएस सिस्टम में लगातार सुधार जारी है। जहां भी अनियमितता सामने आती हैं, हम तुरंत  उसमें सुधार कर कार्रवाई करते हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि आने वाले समय में पीडीएस सिस्टम में बदलाव और नवाचार लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनकल्याण की दिशा में सतत विकास की ओर बढ़ रही है। राजपूत ने कहा कि हमारा प्रयास है कि गांव-गांव की जगह अब घर – घर राशन पहुंचे ताकि कोई भी पात्र हितग्राही इस लाभ से वंचित न रहे।   recent visitors 90

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैठक में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को विज्ञान भवन नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवम सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना भी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों तथा आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल के उपमुख्यमंत्रियों/ गृहमंत्रियों ने भाग लिया। समीक्षा बैठक में वामपंथी उग्रवाद के वर्तमान परिदृश्य तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की सुरक्षा और विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री शाह ने राज्यों के साथ वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सघन अभियान, हिंसक घटनाओं की सघन जांच और अभियोजन, राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय और राज्यों की इंटेलिजेंस क्षमता निर्माण जैसे सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा की। विकास के मुद्दों जैसे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सड़क संपर्क बढ़ाने, मोबाइल टावरों के उन्नयन, वित्तीय समावेशन और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के संबंध में भी बैठक में विचार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि नक्सलवाद व वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध केंद्र और राज्य सरकारों का समन्वय निश्चित रूप से इसे जड़ से समाप्त करने के प्रयासों को बल प्रदान करेगा। नक्सल गतिविधियां नियंत्रण के लिए प्रदेश में अब तक की गई कार्रवाई मध्यप्रदेश में नक्सल गतिविधियां सर्वप्रथम वर्ष 1990 में बालाघाट जिलें में परिलक्षित हुई प्रदेश के 3 जिलें बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी नक्सल प्रभावित है, जिनमें बालाघाट अति नक्सल प्रभावित है।     मंडला तथा डिंडोरी में नक्सल गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।     नक्सलियों द्वारा बालाघाट में पहली बड़ी हिंसक वारदात वर्ष 1991 में लांजी थाना क्षेत्र में की थी, जिसमें पुलिस वाहन को माईन्स ब्लास्ट से क्षति हुई थी। घटना में 09 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     दूसरी बड़ी घटना बालाघाट के रूपझर थाना के ग्राम नांरगी क्षेत्र में की थी जिसमें माईन्स विस्फोट के द्वारा पुलिस वाहन को क्षति हुई थी। इस घटना में 16 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     नक्सलियों द्वारा वर्ष 1999 में प्रदेश के तत्कालीन परिवहन मंत्री लिखिराम कांवरे की हत्या की गई थी।     प्रदेश शासन द्वारा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए वर्ष 2000 में विशिष्ट बल "हॉक फोर्स" का गठन किया गया।     गठन के पश्चात हॉकफोर्स द्वारा नक्सल गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया। नक्सल संगठन द्वारा प्रभाव क्षेत्र में विस्तार के लिए वर्ष 2016 में एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) का गठन किया गया है।     सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सल संगठन विस्तार में अभी तक असफल रहा।     बस्तर में सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में कमी के चलते उनके प्रदेश की ओर आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस हेतु अनेकों नवीन कैम्पों का निर्माण शीघ्र किया जायेगा।     इस पर नियंत्रण हेतु सीमावर्ती राज्य छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र पुलिस के साथ सीमा क्षेत्रों में संयुक्त कैम्प स्थापित किए गए है।     विगत 5 वर्षों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा विभिन्न मुठभेड़ों में 20 हार्डकोर नक्सलियों को मारा गया है, जिन पर घोषित संयुक्त इनाम 3.31 करोड़ रूपये था।     इसी दौरान मुठभेड़ों में 6 नक्सली गिरफ्तार भी किए गए जिन पर घोषित संयुक्त ईनाम 85 लाख रूपये था।     विगत 8 माह में 3 मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए है तथा एक महिला नक्सली गिरफ्तार हुई है।     विगत 2 वर्षों में डीव्हीसीएम (डीव्हिजनल कमेटी मेम्बर) स्तर के 3 नक्सलियों को मुठभेड़ों में मारा गया। इनसे 3 ए.के.-47 रायफल तथा बीजीएल शैल (Barrel Grenade Launcher Shell) बरामद हुए।     वर्ष 2023 में उत्तर बस्तर डीवीजन का एसजेडसीएम अशोक रेडडी उर्फ बलदेव गिरफ्तार किया गया, जिस पर संयुक्त रूप से 82 लाख रूपये का ईनाम घोषित था।     हॉक-फोर्स तथा विशेष आसूचना शाखा में प्रतिनियुक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा वर्ष 2022 में नवीन भत्ते स्वीकृत किए, जिसके फलस्वरूप इसमें पदस्थ पुलिस कर्मियों के मनोबल में आशातीत वृद्धि हुई है।     नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 262 पुलिसकर्मियों को क्रम पूर्व पदोन्नतियां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 52 पुलिस कर्मचारियों को विगत 8 माह में क्रम पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई है।     मुठभेड़ों में सूझबूझ तथा साहस का प्रदर्शन करने के फलस्वरूप पुलिसकर्मियों को 37 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं।     नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने तथा आत्मसर्मपण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023 में नवीन "मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023" लागू की गई। इन प्रावधानों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को संगठन में उसके द्वारा धारित पद नाम एवं धारित हथियार के अनुसार घोषित ईनामी राशि, मकान निर्माण हेतु 1.5 लाख, जीवन यापन हेतु व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए 1.5 लाख, अचल सम्पत्ति के लिए 20 लाख, विवाह हेतु प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपये एवं आयुष्मान भारत व खाद्यान्न सहायता का लाभ दिया जायेगा।     नक्सल समस्या के निवारण के लिए राज्य सरकार द्वारा बहुआयामी रणनीति के अनुसार काम किया जा रहा है, जिसमें एक ओर रणनीतिक अभियान संचालित किए जा रहे है वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न विकास योजनाओं के द्वारा क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए अधोसंरचना विकास कार्य भी किए जा रहे है।     आमजन की आवागमन सुगमता हेतु केंद्र सरकार के सहयोग से नवीन सड़कों, पुल तथा पुलियों का निर्माण किया गया है। अनेक सडकों का निर्माण प्रगति पर है।     संचार सुगमता हेतु अनेक मोबाईल टॉवर स्थापित किए गए हैं तथा कई का निर्माण प्रगति पर है।     विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित ग्रामों में सड़क, पुलियां तथा विद्युतीकरण किया गया है।     क्षेत्र में निवासरत आमजन में सदभावना वृद्धि हेतु पुलिस चौकियों तथा सुरक्षा कैम्पों के द्वारा जनमैत्री अभियान" में स्थानीय निवासियों को आधारकार्ड, आयुष्मान भारत योजना, अंत्योदय योजना सहित अन्य योजनाओं में लाभ दिलाया जा रहा है।     क्षेत्र के निवासियों में सुरक्षा की भावना की वृद्धि तथा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के … Read more

आईफोन बैटरी स्वास्थ्य सुधारने के टिप्स

अगर आप iPhone का इस्तेमाल करते हैं तो बैटरी जल्दी खत्म होना एक आम समस्या हो सकती है। हालाँकि, कुछ छोटे-छोटे बदलावों से आपके iPhone की बैटरी लाइफ काफी हद तक बढ़ सकती है। यहां कुछ महत्वपूर्ण बैटरी लाइफ के टिप्स दिए जा रहे हैं: जब बैटरी कम हो तो लो पावर मॉड का इस्तेमाल करें, तो आईफोन का लो पावर मॉड बैटरी लाइफ को बचाने में मदद करता है। इसे एक्टिवेट करने से आपके फोन की एक्टिविटी, फ़्लोरिडा डाउनलोड और कुछ विज़ुअल इफेक्ट्स सीमित हो जाते हैं। आप इसे मोटरसाइकिल में आसानी से चालू कर सकते हैं। ब्राइट स्क्रीन कम करें आपकी स्क्रीन की ब्राइटनेस बैटरी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसे ऑटो-ब्रिटेनेस पर सेट करें या नामी कम करें। मॉनिटर में "प्रदर्शन और चमक" इस सुविधा को सक्रिय किया जा सकता है। बैटरी-ड्रेनिंग ऐप्स की पहचान आप देख सकते हैं कि कौन-से ऐप्स आपकी बैटरी पर सबसे ज्यादा खर्च कर रहे हैं। मोटो में "बैटरी" पर जाएं और वहां बैटरी का औसत चार्ट देखें। यदि किसी ऐप की बैटरी अधिक मात्रा में है, तो उसका उपयोग सीमित करें या उसे अनइंस्टॉल करें। प्रोडक्ट का ज़ानकारी आप "सेटिंग्स" में "सामान्य" में "बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश" प्लेसमेंट को बंद कर सकते हैं। प्लांट बंद ज्यादातर ऐप आपके कीटनाशक का इस्तेमाल करते हैं, जो बैटरी पर दिखाई देते हैं। "सेटिंग्स" में ग्राहक "गोपनीयता" और फिर "स्थान सेवाएं" में ग्राहक के लिए केवल आवश्यक एप्लिकेशन ही डाले जाते हैं या इसे पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है। वाई-फ़ाई और ब्लूटूथ बंद रखें अगर आपको वाई-फ़ाई या ब्लूटूथ की ज़रूरत नहीं है, तो वाई-फ़ाई और ब्लूटूथ बंद रखना बेहतर है। इससे बैटरी की कम कीमत होती है। इसे कंट्रोल सेंटर से भी आसानी से बंद किया जा सकता है। ऑटो-लॉक सेट करें आपके iPhone की लंबी स्क्रीन ऑन रहेगी, इतनी जल्दी बैटरी खत्म हो जाएगी। "सेटिंग्स" में "डिस्प्ले और ब्राइटनेस" में ग्राहक ऑटो-लॉक का समय 30 सेकंड या 1 मिनट सेट कर लें, ताकि जल्दी स्क्रीन बंद हो जाए। पुश नोटिफ़िकेशन्स सीमित होने से बैटरी पर भी प्रभाव पड़ सकता है। आपको केवल आवश्यक ऐप्स के लिए नोटिफ़िकेशन चालू रखें। इसे ग्राहक पर "सेटिंग्स" में "नोटिफिकेशन" में अनुकूलित किया जा सकता है। एयरप्लेन मॉड का उपयोग करें जब आप ऐसे क्षेत्र में हों जहां सिग्नल खराब हो, तो लगातार नेटवर्क रिन्यूअल की वजह से बैटरी ज्यादा खर्च होती है। ऐसे में एयरप्लेन मॉड ऑन करके बैटरी बचाई जा सकती है। recent visitors 67