Wednesday, July 8, 2026 3:42 pm

‘गुलमोहर’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाना बड़ी उपलब्धि : मनोज वाजपेयी

नई दिल्ली, बॉलीवुड अभिनेता मनोज वाजपेयी का कहना है कि फिल्म ‘गुलमोहर' के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार पाना उनके लिये बड़ी उपलब्धि है। 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मनोज वाजपेयी को फिल्म गुलमोहर के लिये स्पेशल मेंशन पुरस्कार मिला है।राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने पर मनोज बाजपेयी ने खुशी जताई और खुद को भाग्यशाली कहा। उन्होंने कहा, 'अच्छा महसूस कर रहा हूं। क्योंकि नैशनल अवॉर्ड समारोह जैसी जगह पर आकर, एक ऐसी छोटी सी फिल्म जिस तरह से अपनी उपस्थिति दर्ज कराती है तो ये अपने आपमें बहुत बड़ी बात है हमारे लिए। 'शर्मिला टैगोर जी हमारे साथ थीं शूटिंग के समय। उनका आशीर्वाद हमेशा साथ रहा। मुझे हमेशा लगता था कि जिस तरह की फिल्म गुलमोहर है, उसे वो मुकाम अब तक हासिल नहीं हुआ जो होना चाहिए। ठीक उसी समय ये अच्छी खबर मिलती है कि गुलमोहर को तीन नैशनल अवॉर्ड मिले हैं। इससे बड़ी खुशी हमलोगों के लिए हो नहीं सकती थी।' मनोज वाजपेयी ने कहा,मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं सारा श्रेय खुद नहीं ले सकता। मैं अपने निर्देशक का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मुझे यह फिल्म ऑफर की और मेरे साथ काम करने वाले सभी लोगों, सभी सह-कलाकारों का जिन्होंने मेरे काम का समर्थन किया।मैं अपने दर्शकों का भी धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझे प्यार दिया। recent visitors 93

ड्राइवर और परिचालक ने कूदकर बचाई जान, राजस्थान-केकड़ी के नाके पर ट्रेलर में लगी आग

केकड़ी. केकड़ी जिले में भिनाय थाने के बांदनवाड़ा क्षेत्र में नेशनल हाइवे 48 पर स्थित टोल नाके पर ट्रेलर की केबिन में आग लग गई। अचानक लगी इस आग से चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते ट्रेलर की केबिन आग की लपटों से घिर गई। गनीमत रही कि ट्रेलर की केबिन में मौजूद ड्राइवर व क्लीनर समय रहते ही बाहर कूद गए, जिससे वे सुरक्षित बच गए। नेशनल हाइवे पर बांदनवाड़ा स्थित टोल नाके पर भीलवाड़ा की तरफ से एक ट्रेलर आकर रुका और वह टोल नाके को क्रॉस करता, इससे पहले ही उसकी केबिन में आग लग गई। आग लगते ही ट्रेलर का ड्राइवर व क्लीनर दोनों जने तुरन्त केबिन से बाहर कूद गए, जिससे वे बाल-बाल बच गए। आग की भभकती लपटों को देखकर मौके पर मौजूद टोलकर्मियों व अन्य लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने की सूचना बांदनवाड़ा में दमकलकर्मियों को दी गई, इस बीच टोलकर्मी व ग्रामीणों ने आग बुझाने के जतन शुरू कर दिए। हालांकि दमकल नहीं आई, मगर मौके पर मौजूद लोग ही स्थानीय संसाधनों व एक पानी के टैंकर से जैसे-तैसे आग बुझाने में कामयाब रहे। सूचना मिलते ही बांदनवाड़ा पुलिस चौकी इंचार्ज गिरधारी सिंह मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रेलर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। recent visitors 92

बसपा मुखिया मायावती ने कांशीराम की पुण्यतिथि पर किया नमन

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर बसपा मुखिया मायावती ने उन्हें नमन किया है। बसपा मुखिया मायावती ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि बाममसेफ, डीएस4 व बीएसपी के जन्मदाता एवं संस्थापक बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनके परिनिर्वाण दिवस पर शत-शत नमन व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित तथा यूपी व देश भर में उन्हें विभिन्न रूपों में श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले पार्टी के सभी लोगों व अनुयायियों का तहेदिल से आभार। उन्होंने आगे लिखा कि गांधीवादी कांग्रेस व आरएसएसवादी भाजपा व सपा आदि उनकी हितैषी नहीं बल्कि उनके ’आत्म-सम्मान व स्वाभिमान मूवमेन्ट’ की राह में बाधा हैं। जबकि अम्बेडकरवादी बीएसपी उनकी सही-सच्ची मंज़िल है, जो उन्हें ’मांगने वालों से देने वाला शासक वर्ग’ बनाने हेतु संघर्षरत है, यही आज के दिन का संदेश है। बसपा मुखिया ने लिखा कि देश में करोड़ों लोगों के लिए गरीबी, बेरोजगारी व जातिवादी द्वेष, अन्याय-अत्याचार का लगातार तंग व लाचार जीवन जीने को मजबूर होने से यह साबित है कि सत्ता पर अधिकतर समय काबिज रहने वाली कांग्रेस व भाजपा आदि की सरकारें न तो सही से संविधानवादी रही हैं और न ही उस नाते सच्ची देशभक्त हैं। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि बसपा आज पूरे प्रदेश में मनाएगी। बसपा सुप्रीमो मायावती दिल्ली स्थित बहुजन प्रेरणा केंद्र में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगी। प्रदेश के पदाधिकारी लखनऊ में पुराना जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित करेंगे।   recent visitors 62

राहुल गांधी के भाषणों का असर कांग्रेस को मिली जम्मू और हरियाणा में हार!

नई दिल्ली आजकल मीडिया में इस बात के बहुत चर्चे थे कि कांग्रेस नेता राहुल का मेकओवर हो गया है. राहुल गांधी की बातें देश की जनता प्रधानमंत्री से भी अधिक सुन रही है. काग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने तो बकायदा सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी हैंडल के आंकड़ों की तुलना करते हुए इसे साबित भी किया था. इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि राहुल गांधी आजकल कुछ भी बोलते हैं सभी नैशनल टीवी चैनल उनको कवर करते हैं क्योंकि जनता उन्हें सुनना चाह रही है. पर जब आप बेवजह की बातें करने लगते हैं तो जनता के लिए वे बातें ओवरडोज हो जातीं हैं. क्या ऐसा ही कुछ राहुल गांधी के साथ भी हुआ है? क्योंकि जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसा एक मजबूत साथी का समर्थन होने के बावजूद कांग्रेस का वहां से सफाया हो गया है.कांग्रेस को जम्मू में केवल एक मुस्लिम प्रत्याशी वाली सीट ही मिल सकी है. जबकि नेशनल कान्फ्रेंस ने जम्मू की कई सीटें हिंदू प्रत्याशी खडे़ कर भी जीत लिए हैं. यहां तक कि जम्मू कश्मीर बीजेपी प्रेसिडेंट रविंद्र रैना को भी हराने वाला नेशनल कॉन्फेंस का एक हिंदू प्रत्याशी ही है. यहां हिंदू प्रत्याशी और मुस्लिम प्रत्याशी का नाम इसलिए लिया जा रहा है ताकि यह बताया जा सके वोटों का ध्रुवीकरण कम से कम जम्मू में हिंदू मुस्लिम के नाम पर नहीं हुआ है. इसके बावजूद जम्मू में कांग्रेस की दाल नहीं गली है. 1- हरियाणा और जम्मू में नहीं चला राहुल गांधी की बातों का जोर राहुल गांधी ने इस बार के चुनावों में बीजेपी में चुनाव प्रचार के महारथी कहे जाने वाले प्रधानमंत्री मोदी से भी कहीं अधिक रैलियां , सभाएं और रोड शो किया. पर जाट बेल्ट तक में कांग्रेस की हालत खराब रही. कांग्रेस की लहर के बावजूद बीजेपी अगर हरियाणा में तीसरी बार पूरे बहुमत के साथ अगर सरकार बनाने जा रही है तो इसका मतलब है कि राहुल गांधी का करिष्मा काम नहीं किया है. उनके साथ उनकी बहन प्रियंका भी पूरी तरह लगी हुईं थीं. जम्मू में भी अब तक की सबसे बड़ी हार कांग्रेस को देखने को मिली है. कांग्रेस जम्मू कश्मीर में 32 सीटों पर चुनाव लड़ी, जिनमें से 10 सीटों पर मुस्लिम कैंडिडट उतारे और 22 हिंदुओं को टिकट दिया.पर जम्मू में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली. जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस को कुल 42 सीटों पर जीत मिली है जिसमें कुछ सीटें उसने जम्मू में हिंदू कैंडिडेट खडा़ कर भी जीत लिया है. पर कांग्रेस जम्मू से साफ हो गई है. कश्मीर में उसे 6 सीटें मिलीं हैं पर वो सभी मु्स्लिम कैंडिडेट वाली सीटें आईं हैं.मतलब साफ है कि कांग्रेस की स्थिति बीजेपी से तो खराब रही है नेशनल कॉन्फ्रेंस से भी खराब रहीं. इसका एक और मतलब निकलता है कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस को मिली सीटें भी नेशनल कॉन्फ्रेंस की बदौलत ही आईं हैं. जाहिर है कि हरियाणा और जम्मू में कांग्रेस को मिली हार से राहुल गांधी के भाषणों और मुद्दों को तो टार्गेट किया जाएगा. 2-जाति जनगणना का मुद्दा क्या उल्टा पड़ गया हरियाणा में हरियाणा में जिस तरह कांग्रेस को हार मिली है और जिस तरह बीजेपी के प्रत्य़ाशियों को जाट सीटों पर वोट मिले हैं उसका सीधा मतलब है कि जाति जनगणना का मुद्दा नहीं चला है. हरियाणा में ओबीसी वोटर्स ने बीजेपी का साथ पूरी ईमानदारी के साथ दिया है.विनेश फोगाट का मुकाबला बीजेपी के एक ओबीसी कैंडिडेट से था. बीजेपी को भी ऐसा लग रहा था कि योगेश बैरागी कहीं विनेश के सामने टिक नहीं रहे हैं. इसलिए ही शायद बीजेपी ने यहां कम ध्यान दिया. पर विनेश के मुकाबले योगेश को केवल 6 हजार वोट कम मिले हैं. ये बताता है कि विनेश को पिछड़ी जातियों के वोट नहीं मिले.मतलबा साफ है कि राहुल गांधी के सामाजिक न्याय की बातें हरियाणा की जनता को हजम नहीं हुईं. 3-जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी कभी नहीं भाएगी कांग्रेस के कोर वोटर्स को राहुल गांधी अपने गुरु ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा की इच्छानुसार कई बार देश की संपत्तियों के बंटवारे की बात करते रहे हैं. इसके साथ ही जाति जनगणना के पीछे उनका इरादा है कि देश में अमीरों की संपत्ति का बंटवारा किया जा सके. वैसे तो हरियाणा में उन्होंने इस मुद्दे पर जोर नहीं दिया नहीं तो जाटों का वोट भी कांग्रेस को नहीं मिलता . क्योंकि हरियाणा में जाटों के पास सबसे अधिक जमीन है.वह कभी नहीं चाहेंगे कि उनकी जमीन का बंदरबांट हो.दरअसल राहुल गांधी की ये विचारधारा उन्हें वामपंथ के नजदीक ले जाती है. जबकि वामपंथी विचारधार अब पूरी दुनिया से खत्म हो चुकी है. 4-संविधान बचाओ- आरक्षण बचाओ नारे की हवा निकली हरियाणा में जिस तरह दलितों ने बीजेपी या अन्य को वोट दिया है उससे नहीं लगता है कि अब संविधान बचाओ-आरक्षण बचाओ का मुद्दा रह गया है. हो सकता है कि दलितों का वोट बीजेपी को नहीं मिला हो. पर यह भी तय है कि कम से कम कांग्रेस को नहीं मिला है. लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में दलित वोटों जरूर विपक्ष को गए थे. हरियाणा के विश्वेषण से ऐसा लगता है कि दलित वोटों पर प्रभाव इस नारे का नहीं था. इसके लिए यूपी चुनावों की फिर से विश्लेषण करना होगा. 5-अडानी और अंबानी के खिलाफ एजेंडा राहुल गांधी के भाषणों में अब भी अडानी और अंबानी छाए रहते हैं. बार-बार वो याद दिलाते हैं कि राम मंदिर के उद्घाटन के समय अडानी-अंबानी और अमिताभ बच्चन दिखे. गरीब , दलित और पिछड़े नहीं दिखे. वो अपने भाषणों में साबित करते हैं कि पीएम मोदी जो भी करते हैं वो अपने दोस्तों अडानी और अंबानी के लिए करते हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस सरकारें अडानी- अंबानी के साथ मधुर रिश्ते रखती हैं इसका जवाब वो नहीं देते. हरियाणा में चुनाव के दौरान उन्होंने एक दिन कहा कि अंबानी के घर शादी में कौन गया था. आपने देखा वहां मोदी गए थे पर मैं नहीं गया था.जाहिर है कि अडानी-अंबानी की बातें लोगों को अब ओवरडोज हो रही हैं.     recent visitors 65

प्रशासन ने दिखाई बेरुखी, राजस्थान-जयपुर में खुद की जमीन पर खेती करने काश्तकार कर रहा संघर्ष

जयपुर. जयसिंहपुरा भांकरोटा क्षेत्र में अपनी ही जमीन पर काम करने के लिए संघर्ष कर रहे अशोक मीणा को पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार जमीन पर जाने से रोका जा रहा है। प्रार्थी और उनके समर्थकों ने दो दिन पहले अपनी जमीन पर पहुंचकर काम शुरू करने का प्रयास किया था लेकिन पुलिस प्रशासन भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गया और मजदूरों को लाठियों से डराने-धमकाने लगा। प्रशासन की इस कार्रवाई पर मीडिया के सवालों का पुलिस अधिकारियों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था। काश्तकार अशोक मीणा का आरोप है कि पुलिस प्रशासन बिना किसी कानूनी आधार के उनके खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें अपनी जमीन पर काम करने से रोक रहा है। पुलिस द्वारा मजदूरों को डराने और काम रोकने की कोशिशें की जा रही हैं, जिससे आधे मजदूर डरकर भाग गए। जमीन मालिक का कहना है कि संजय जाखड़ नामक व्यक्ति उनकी जमीन पर घोड़ों का अस्तबल चलाता है और वह प्रशासन के साथ मिलकर उन्हें उनकी जमीन से बेदखल करने की कोशिश कर रहा है। जमीन मालिक अशोक मीणा का कहना है कि जाखड़ स्वयं मौके पर नहीं आता लेकिन प्रशासन उसके पक्ष में कार्रवाई करता है। काश्तकार के मुताबिक पुलिस प्रशासन का रवैया इस मामले में संदिग्ध बना हुआ है। इस दौरान एसपी अमित कुमार बुदानी, डिप्टी अमीर हसन और मौके पर मौजूद अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले में मीडिया के सवाल पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। यह मामला अब और गंभीर हो गया है क्योंकि पुलिस प्रशासन द्वारा बार-बार अशोक मीना को उनकी ही जमीन पर काम करने से रोका जा रहा है, जिससे स्थानीय जनता में असंतोष और गहरा गया है। recent visitors 78

झीरम घाटी हमले के दरभा डिवीजन के नक्सलियों का आत्मसमर्पण, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में सुरक्षाबल सक्रिय

जगदलपुर। नारायणपुर-दंतेवाड़ा सीमा पर हुए मुठभेड़ से नक्सली सकते में हैं. इसका परिणाम है कि वर्ष 2013 में झीरम घाटी हमले को अंजाम देने वाले दरभा डिवीजन के चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, इनमें एक माओवादी पांडु पर एक लाख रुपए का इनाम था. आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी दरभा डिवीजन के कांगेर नेशनल पार्क एरिया कमेटी के सदस्य हैं. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एक महिला माओवादी भी शामिल है. बस्तर पुलिस अधीक्षक सलभ सिन्हा ने इन्हें आत्मसमर्पण योजना के तहत लाभ और प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है. दरभा डिवीजन 2005 से 2015 तक नक्सली गतिविधियों का मुख्य केंद्र था, लेकिन 2016 के बाद से इसमें गिरावट आई है. वरिष्ठ नक्सली नेताओं के मारे जाने और आत्मसमर्पण के कारण क्षेत्र के अधिकांश नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जिससे नक्सली गतिविधियों में कमी आई है. recent visitors 68

2024-25 में स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 4 लाख 50 हजार साइकिलें नि:शुल्क वितरित

प्रदेश में इस वर्ष 4.50 लाख विद्यार्थियों को वितरित की जा रही हैं साइकिल विभागीय बजट में 195 करोड़ रूपये का प्रावधान,  4.50 लाख विद्यार्थियों को साइकिल वितरित 2024-25 में स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 4 लाख 50 हजार साइकिलें नि:शुल्क वितरित भोपाल प्रदेश में इस वर्ष 2024-25 में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 4 लाख 50 हजार साइकिलें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। इसके लिये विभागीय बजट में 195 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। साइकिल वितरण का कार्य इस वर्ष नवम्बर तक पूरा किया जाने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिये गये हैं। नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना में ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थी, जो सरकारी स्कूलों में कक्षा 6वीं एवं 9वीं में अध्ययनरत हैं तथा वह जिस ग्राम के निवासी हैं, उस ग्राम में शासकीय माध्यमिक और हाई स्कूल संचालित न होने की वजह से विद्यार्थियों को सुविधाजनक तरीके से स्कूल पहुंचने के लिये साइकिल वितरित की जाती हैं। योजना में कक्षा 6वीं एवं 9वीं में प्रवेश लेने पर पात्र विद्यार्थी को साइकिल प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में कन्या छात्रावास में अध्ययनरत छात्राएं, जिनकी शाला छात्रावास से 2 किलोमीटर या अधिक दूरी पर है, उन्हें भी नि:शुल्क साइकिल प्रदाय की जा रही है। प्रदेश में वर्ष 2023-24 में इस योजना में 4 लाख 7 हजार विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल प्रदाय की गई थी। पीएमस्कूल नरसिंहपुर में 142 छात्राओं को वितरित की गई साइकिल नरसिंहपुर जिले के पीएमएमएलबी स्कूल नरसिंहपुर की 142 छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल का वितरण किया गया। इन छात्राओं में ग्राम डोंगरगांव की छात्रा सोनम गोंड और कक्षा 9वीं की छात्रा अंकिता साहू, ग्राम पांसी की छात्रा शिवानी मोरिया व ग्राम भरवारा की छात्रा मुस्कान लोधी भी शामिल हैं। ग्राम डोंगरगांव की छात्रा सोनम गोंड़ का कहना है कि घर से स्कूल दूर है। कभी-कभी बस छूट जाने के कारण समय पर विद्यालय नहीं आ पाती थी। अब शासन द्वारा नि:शुल्क साईकिल मिल जाने से अब वे समय पर स्कूल आ-जा सकेंगी। इसी तरह ग्राम डोंगरगांव की ही छात्रा अंकिता साहू बताती हैं कि वे पीएमएमएलबी स्कूल नरसिंहपुर में कक्षा 9 वीं में अध्ययन करती हैं। उन्हें स्कूल आने-जाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी बस में बहुत ज्यादा भीड़ हो जाने के कारण वे स्कूल नहीं जा पाती हैं। अब नि:शुल्क साईकिल मिल जाने से वे समय पर स्कूल आ-जा सकेंगी और अपनी पढ़ाई में रूकावट नहीं आने देंगी। ग्राम पांसी की रहने वाली छात्रा शिवानी मोरिया व ग्राम भरवारा की छात्रा मुस्कान लोधी बताती हैं कि कभी-कभी पैसे के अभाव में वे बस का किराया नहीं दे पाती थी। गांव से स्कूल आने-जाने में बहुत समय लग जाता था। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो जाती थी। लेकिन अब साईकिल मिल जाने से वे समय पर स्कूल आ जा सकेंगी और अपनी पढ़ाई बिना किसी रूकावट से कर सकेंगी।   recent visitors 151