Tuesday, July 7, 2026 10:59 am

जयशंकर ने पाकिस्तान की धरती पर उसे ही सुनाई खरी-खरी,लगाया हिंदुस्तानी पंच

इस्लामाबाद शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग के लिए इस्लामाबाद पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को उसकी ही धरती पर खूब सुनाया है। विदेश मंत्री ने कहा कि यदि आतंकवाद जारी रहेगा तो फिर कारोबार को प्रोत्साहन नहीं दिया जा सकता। ये दोनों चीजें एक साथ नहीं चल सकतीं। उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच आपसी सहयोग तभी हो सकता है, जब दोनों एक-दूसरे का सम्मान करें। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सहयोग तभी संभव है, जब साझेदारी वास्तविक हो। एकतरफा एजेंडों के जरिए रिश्ते आगे नहीं बढ़ सकते। उन्होंने कहा कि यदि एससीओ के चार्टर के अनुसार हम बर्ताव करेंगे, तभी विकास कर सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि सीमा पार आतंकवाद और कट्टरवाद का इस्तेमाल किया जाता है तो फिर उससे कारोबार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में प्रगति नहीं हो सकती। एस. जयशंकर ने कहा कि हम ऐसे समय में बैठक कर रहे हैं जब दुनिया कठिनाई के दौर से गुजर रही है; दो बड़े संघर्ष जारी हैं, जिनका पूरे विश्व पर असर होगा। भारत की ओर से एससीओ में प्रतिनिधित्व के लिए इस्लामाबाद पहुंचे एस. जयशंकर का पाकिस्तान में भी वही तेवर बरकरार रहा, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। तीन बुराइयों का दृढ़ता से मुकाबला करने की जरूरत विदेश मंत्री एस जयशंकर ने SCO शिखर सम्मेलन में कहा कि SCO का प्राथमिक लक्ष्य आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद का मुकाबला करना है. वर्तमान समय में ये और भी महत्वपूर्ण है. इसके लिए ईमानदार बातचीत, विश्वास, अच्छे पड़ोसी और एससीओ चार्टर के प्रति प्रतिबद्धता की आवश्यकता है. एससीओ को इन 'तीन बुराइयों' का मुकाबला करने में दृढ़ और संकल्पित होने की आवश्यकता है. CPEC की ओर इशारा, संप्रभुता की सम्मान की बात उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण और पुनर्संतुलन वर्तमान समय की वास्तविकताएं हैं. एससीओ देशों को इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है. विदेश मंत्री ने कहा कि परस्पर सम्मान और संप्रभु समानता पर आधारित होना चाहिए, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को मान्यता देनी चाहिए और वास्तविक साझेदारी पर निर्माण करना चाहिए, न कि एकतरफा एजेंडे पर. एससीओ वैश्विक प्रथाओं को चुनिंदा तरीके से अपनाकर प्रगति नहीं कर सकता है, खासकर व्यापार और परिवहन के मामले में. UNSC में सुधार की पहल करे SCO विदेश मंत्री ने कहा कि SCO को कोशिश करनी चाहिए कि वैश्विक संस्थाएं रिफॉर्म्स के साथ कदम ताल करे. इसकी कोशिश होनी चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भागीदारी बढ़ाई जाए, इसे समावेशी, पारदर्शी, कुशल, प्रभावी, लोकतांत्रिक और जवाबदेह बनाया जाए.   उन्होंने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि विकास और प्रगति के लिए शांति एवं स्थिरता की जरूरी है। यदि ये चीजें नहीं होंगी तो फिर विकास की बात नहीं हो सकती।विदेश मंत्री ने कहा कि यदि सभी मिलकर कनेक्टिविटी के लिए प्रयास करें तो उससे नई क्षमताएं विकसित होंगी। दुनिया में इससे ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह दुनिया में बड़े बदलाव की नींव रखेगा। भारत की ओर से कई बार पाकिस्तान से कहा जा चुका है कि जब तक सीमा पार आतंकवाद नहीं रुकेगा, पाकिस्तान से वार्ता संभव नहीं है। भारत के इस स्टैंड को दोहराते हुए एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद से जुड़ी सीमा पार गतिविधियों से व्यापार, ऊर्जा प्रवाह और संपर्क सुविधा को बढ़ावा मिलने की संभावना नहीं है। recent visitors 50

चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट न्यू रेल लाईन-विस्तारीकरण परियोजना के सर्वे का प्रथम चरण पूर्ण

चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट न्यू रेल लाईन-विस्तारीकरण परियोजना के सर्वे का प्रथम चरण पूर्ण पूरवर्ती सरकार ने रोक रखा था परियोजना के विस्तारीकरण का कार्य चिरमिरी/एमसीबी  जिले के चिरमिरी का जीवनदायिनी कहे जाने वाले चिरमिरी नागपुर हाल्ट न्यू रेल लाइन विस्तारीकरण परियोजना, स्वास्थ्य मंत्री के प्रयास से धरातल पर उतर गया। 241 करोड़ रुपए से बनने वाले इस न्यू रेल लाइन में 50 प्रतिशत केंद्र सरकार और 50 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा भुगतान करना था लेकिन पूरवर्ती राज्य सरकार अपना 50 प्रतिशत हिस्सा जारी ही नहीं की जिससे न्यू रेल लाइन विस्तारीकरण का कार्य 05 साल तक अधर में लटका रहा जबकि केंद्र सरकार अपने हिस्से की राशि 120.50 करोड़ रुपए 2019 में ही जारी कर दी थी। सरकार बदलते ही पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल एक बार फिर विधायक बने और विष्णु सरकार में स्वास्थ्य मंत्री का दायित्व मिला। क्षेत्र को नया जीवन देने कृत संकल्पित स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयास से पुनः न्यू रेल लाईन नागपुर हाल्ट परियोजना पर काम करना शुरू हुआ और इसका परिणाम है कि 07 अक्तूबर से 10 अक्तूबर यानि 04 दिवस के भीतर ही रेल्वे और राजस्व की टीम ने ड्रोन और फील्ड सर्वे पूरा कर लिया। राजस्व निरीक्षक के अनुसार चिरमिरी नागपुर हाल्ट न्यू रेल लाइन विस्तारीकरण परियोजना के अंर्तगत एमसीबी जिले के पराडोल, खरबना, साजा पहाड़, चित्ताझोर पोड़ी, सरभोका, चिरयी पानी, बंजी और सरोला ग्राम के क्षेत्र शामिल है। जिसमे कुछ फारेस्ट लैंड होना बताया गया। ज्ञात रहे की प्रदेश की विष्णु देव सरकार ने अधर में लटके इस प्रोजेक्ट के लिए अपने पहले ही बजट 2024 में राज्यांश की राशि शामिल कर स्वीकृति प्रदान की और अब सर्वे का प्रथम चरण भी 10 अक्तूबर को पूर्ण कर लिया गया है।          दूसरे चरण के सर्वे में आउटर लाइन, स्टेशन का क्षेत्रफल, मोड़ वाली जगह का कुल क्षेत्र और पत्थर लगाने का एरिया जैसे 200 मीटर,10 मीटर, 08 मीटर शामिल होंगे। फिलहाल राजस्व अधिकारी की माने तो 05 से 06 माह में गजट का प्रकाशन हो सकता है। उल्लेखनीय रहे कि प्रोजेक्ट के पूर्ण होने के बाद चिरमिरी तक चलने वाली पांच ट्रेन चिरमिरी, चंदिया, भोपाल, अनूपपुर और रीवा का अंबिकापुर तक विस्तार होगा जिससे व्यापार और अन्य चीजों में वृद्धि होने की उम्मीद है वही अंबिकापुर से चलने वाली ट्रेन सीधे बोरीडाड़ जक्शन होकर चली जाती थी जिससे चिरमिरी के लोगों को बिजुरी, कोतमा या अनूपपुर से जाकर ट्रेन पकड़ना पड़ता था, यही नहीं अंबिकापुर से चलने वाली ट्रेन से सफर करने के लिए मनेंद्रगढ क्षेत्रवासी भी बिजुरी जाकर ही ट्रेन पकड़ पाते थे, किंतु इस परियोजना के पूर्ण होते ही अंबिकापुर से होकर चलने वाली सभी ट्रेनें चिरमिरी मनेंद्रगढ़ होकर गुजरेगी। फिलहाल उक्त परियोजना के जल्द पूर्ण होने की आस जिले वासियों समेत चिरमिरी क्षेत्रवासियों को है जिसका सबसे ज्यादा लाभ उन्हें ही मिलने वाला है। recent visitors 61

अनिल विज ने रखा नायब सिंह सैनी के नाम का प्रस्ताव, चुने गए विधायक दल के नेता, शपथ ग्रहण समारोह कल

रोहतक हरियाणा में बीजेपी ने विधायक दल का नेता चुन लिया है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हुई बैठक में नायब सिंह सैनी को सर्वसम्मित से फिर से विधायक दल का नेता चुना गया. गुरुवार (17 अक्टूबर) को हरियाणा में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा. नायब सिंह सैनी के सीएम बनने पर पार्टी नेता अनिल विज और राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी की अटकलों के बीच अमित शाह ने खुद कमान संभाली और विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक अमित शाह मौजूद रहे. यहां उन्होंने एकजुटता का संदेश दिया. अनिल विज ने ही रखा था नायब सैनी के नाम का प्रस्ताव ये गौर करने वाली बात है कि हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री अनिल विज और कृष्ण बेदी ने अगले सीएम के लिए नायब सिंह सैनी के नाम का प्रस्ताव पेश किया था. अमित शाह के हरियाणा में आने का मतलब ही यही है कि नायब सिंह सैनी के चेहरे को उभारा जाए और अनिल विज और राव इंद्रजीत सिंह को एकजुट रखा जाए. दरअसल, दोनों नेता समय-समय पर सीएम बनने की दावेदारी पेश करते आए हैं. सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू नायब सिंह सैनी के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद हरियाणा अब राजभवन में सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा और आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. गुरुवार (17 अक्टूबर) को शपथ ग्रहण समारोह होगा. नायब सिंह सैनी की आई प्रतिक्रिया विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नायब सिंह सैनी ने विधायक दल की बैठक में कहा, "हरियाणा में लोगों ने पीएम मोदी की नीतियों पर मुहर लगी है." सीएम सैनी ने बताया कि आज ही राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. हरियाणा के लोगों ने प्रण लिया है कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को आगे ले जाने का काम करेंगे. हरियाणा में बीजेपी को मिलीं 48 सीटें हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में बीजेपी 48 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी बनी और सरकार बनाने में कामयाब हुई. वहीं, कांग्रेस के खाते में 37 सीटें आईं. आईएनएलडी को दो सीटें और निर्दलीयों को तीन सीटें मिलीं. सावित्री जिंदल समेत तीनों निर्दलीयों ने बीजेपी को समर्थन दे दिया है. 'केवल BJP बना सकी तीसरी बार मुख्यमंत्री'- अमित शाह हरियाणा के पर्यवेक्षक अमित शाह ने बताया, "पीएम के नेतृत्व में जो विजय और विकास की गाथा देश भर में रची और गढ़ी गई, उसका विजय है. यह बीजेपी की नीतियों का विजय है. देश भर के राजनीतिक परिदृश्य में पिछले कई सालों से बीजेपी के अलावा किसी भी पार्टी का सीएम तीसरी बार चुनकर नहीं आया है. बीजेपी ने लोगों के विकास के लिए, गरीब कल्याण के लिए नीतियां बनाई हैं. चुने हुए सभी विधायकों ने सैनी के मजबूत कंधों पर भरोसा जताया है." recent visitors 130

दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाला झारखंड सरहद में पकड़ाया, शहर छावनी बना

दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाला झारखंड सरहद में पकड़ाया, शहर छावनी बना "बलरामपुर के साथ साइबर टीम रखी थी नजर, आरोपित को सुरक्षा घेरे में लाया सूरजपुर" "भीड़ देखकर आईजी व एसपी ने संभाली कमान" सूरजपुर सूरजपुर-जिला मुख्यालय में रविवार की रात एक आरक्षक पर खौलता तेल डालने के पश्चात दोहरे हत्याकांड की वारदात को अंजाम देने के संदिग्ध आरोपी की बलरामपुर से गिरफ्तारी के बाद सूरजपुर लाए जाने की खबर मिलते ही शहर के आक्रोशित लोगों की भीड़ कोतवाली के सामने एकत्र हो गई है। जुटी भीड़ व उनके गुस्से को देखते हुए भीड़ को नियंत्रण करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती कोतवाली के आसपास की गई है। बता दें कि रविवार की रात चौपाटी में पुलिस पर खौलता तेल डालने के बाद प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और बेटी की नृशंस हत्या के आरोपी कुलदीप साहू को बलरामपुर पुलिस अधीक्षक व साइबर की टीम ने झारखंड सरहद पर हिरासत में लिया। भीड़ देखकर आईजी व एसपी ने संभाली कमान, आरोपित कुलदीप साहू को सूरजपुर लेकर आने की खबर मिलने के बाद पूरा शहर एक बार फिर कोतवाली थाना तक उमड़ गया। ऐसे में आईजी अंकित गर्ग ने खुद से कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली है वहीं पुलिस अधीक्षक एम.आर. आहिरे भी कोतवाली में मौजूद हैं। शहर की कानून व्यवस्था ना बिगड़े इसके लिए आईजी ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आए पुलिस बल के साथ सिलफिली बटालियन, मैनपाठ पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, अंबिकापुर व जिले के पुलिस लाइन,विभिन्न थानों सहित रेंज भर से बल को बुलाया है। इन्हें कोतवाली सहित शहर के विभिन्न स्थलों पर स्थिति को नियंत्रण करने के लिए तैनात किया गया है। पुलिस एक बार भीड़ को तितर-बितर करके थाना परिसर सहित पूरे क्षेत्र को किलाबंदी में तब्दील कर दी है। सड़क मार्ग को दो ओर से डायवर्ट कर दिया गया है। पुलिस की निगाह ऐसी है कि सुरक्षा में सेंध की स्थिति न बनने पाए। ऐसे में अब लोग दूर से ही पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था का नजारा देख रहे हैं। इसके बाद वहां मौजूद सूरजपुर जिले की पुलिस ने आरोपी को अपने कस्टडी में ले लिया है। आरोपी कुलदीप साहू उस वक्त पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जब वह बस में सवार होकर अंबिकापुर की ओर आ रहा था। बहरहाल आरोपी को सूरजपुर लाने के बाद एक बार फिर पूरे शहरवासियों के उमड़ने का परिदृश्य सामने आया है। पुलिस आक्रोशित भीड़ से बार- बार शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए इन्हें इधर- उधर करने के प्रयास में सफल हुई है। recent visitors 62

नहाय-खाय से शुरुआत कर देंगे डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य, छत्तीसगढ़ में छठ महापर्व पांच नवंबर से

रायपुर. सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा पांच नवंबर से मनाया जायेगा। चार दिवसीय छठ पूजा की शुरुआत पांच नवंबर को नहाय खाय के साथ होगी। महादेव घाट रायपुर में छठ महापर्व बड़े ही धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर छठ महापर्व आयोजन समिति महादेव घाट ने रुपरेखा तैयार कर ली है। सात नवंबर की शााम को महादेवघाट में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी, जिसमें अंतराष्ट्रीय लोकगायिका कल्पना पटवारी मुंबई, अंतर्राष्ट्रीय लोक गायिका गायत्री यादव लखनऊ, लोक गायिका परिणीता राव पटनायक और छत्तीसगढ़ के प्रख्यात भजन गायक दिलीप षड़ंगी सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत की जायेगी। इस पूजा के दौरान पहली बार महादेवघाट में खारुन गंगा मैया की महाआरती की जाएगी। इससे अलावा नवा रायपुर अटल नगर स्थित तालाब में छठ महापर्व भव्य रुप में मनाया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि छठ महापर्व छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, कोरबा, बस्तर समेत अन्य शहरों में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। रायपुर में छठ पूजा 50 से अधिक स्थानों पर जैसे महादेव घाट, व्यास तालाब बिरगांव और अन्य तालाबों किनारे मनाया जाता है।  पांच से आठ नवंबर तक पूरे देश में छठ पूजा  की जायेगी। समिति जिला प्रशासन और नगर निगम की सहयोग से हारून नदी महादेव घाट के सभी घाटों की साफ सफाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि छठ पूजा प्राचीन काल से ही स्वच्छता का संदेश देती आ रही है। इस पर्व में व्रती महिलायें शुद्ध प्रसाद बनाती हैं, जिसे सूर्य भगवान को भोग लगाया जाता है। लोग सड़क और घाटों की सफाई करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, छठी मैया विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता की ब्रांड एंबेसडर हैं। इस वर्ष पांच नवंबर से नहाय खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत होगी। 6 नवंबर को खरना, 7 नवंबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य और 8 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व का समापन होगा। छठ पर्व को शक्ति पूजा और सूर्य सष्टी व्रत के नाम से भी जाना जाता है।  यह पर्व मुख्य रूप से पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड पूर्वांचल, पश्चिम बंगाल और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है। छठ पूजा सूर्य और उनकी बहन छठी मैया को समर्पित है। त्योहार और व्रत के अनुष्ठान कठोर है। चार दिनों तक मनाए जाने वाले इस व्रत में महिलायें पवित्र स्नान, उपवास और निर्जल, लंबे समय तक पानी में खड़े रहना, प्रसाद, प्रार्थना और सूर्य देवता को अर्घ्य देना शामिल है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग जिस देश और राज्यों में बसे हैं। वहां अपनी संस्कृतियों को आज भी संजोये हुए हैं। पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से छठ पूजा का आरंभ हो जाता है। यह महापर्व पूरे चार दिनों तक चलता है। छठ पूजा का मुख्य व्रत कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को रखा जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और भविष्य के लिए सूर्य देव और छठी मैया की पूजा-अर्चना करती है। इस दौरान महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं। यही वजह है कि इस व्रत को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। पहले दिन नहाय-खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत होती है। दूसरे दिन लोहंडा और खरना होता है। वहीं तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का पारण किया जाता है और इसी के साथ इस पर्व का समापन हो जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल छठ पूजा कब से शुरू हो रही है। जानें कब है छठ पूजा? पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल चतुर्थी तिथि के साथ छठ पूजा का आरंभ हो जात है। वहीं षष्ठी तिथि को शाम के समय सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 7 नवंबर को 12 बजकर 41 मिनट (ए एम) से आरंभ हो रही है, जो 8 नवंबर को 12 बजकर 34 मिनट (ए एम) पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 7 नवंबर को ही सूर्य को संध्या अर्घ्य दी जाएगी। पत्रवार्ता में ये रहे मौजूद इस मौके पर सुखबीर सिंह, राघव रविंद्र सिंह, सुनील सिंह, रामविलास सिंह, अनिल सिंह, कन्हैया सिंह, शशि सिंह, परमानंद सिंह, संतोष सिंह, सत्येंद्र सिंह गौतम, राकेश सिंह, विश्वेश्वर सिंह, राजेश सिंह, संजय सिंह, रविंद्र शर्मा, बृजेश सिंह, वेदनारायण सिंह, मनोज सिंह आदि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित रहे। इन देशों में भी होती है छठ पूजा छठ महापर्व नेपाल, सूरीनाम, दोहा, कतर, फिजी, मॉरीशस,गुयाना और अन्य देशों में भी मनाया जाता है। छठ पूजा 2024 कैलेंडर 0- छठ पूजा का पहला दिन, 5 नवंबर 2024- नहाय खाय (मंगलवार) 0- छठ पूजा का दूसरा दिन, 6 नवंबर 2024- खरना (बुधवार) 0- छठ पूजा का तीसरा दिन, 7 नवंबर 2024- संध्या अर्घ्य (गुरुवार) 0- छठ पूजा का चौथा दिन, 8 नवंबर 2024- उषा अर्घ्य (शुक्रवार) नहाय-खाय का महत्व नहाय-खाय से छठ पूजा की शुरुआत होती है। नहाय खाय जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट होता है कि इस दिन स्नान करके भोजन करने का विधान है। नहाय खाय के दिन व्रत करने वाली महिलाएं नदी या तालाब में स्नान करती हैं। यहि नदी में नहाना संभव न हो ते घर पर भी नहा सकते हैं। इसके बाद व्रती महिलाएं भात, चना दाल और लौकी का प्रसाद बनाकर ग्रहण करती हैं। खरना 2024 छठ पूजा के दूसरे दिन को लोहंडा या खरना कहा जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना का प्रसाद बनाया जाता है। इस दिन माताएं दिनभर व्रत रखती हैं और पूजा के बाद खरना का प्रसाद खाकर 36 घंटे के निर्जला व्रत का आरंभ करती है। इस दिन मिट्टी के चूल्हे में आम की लकड़ी से आग जलाकर प्रसाद बनया जाता है। तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य छठ पूजा के तीसरे दिन शाम के समय नदी या तालाब में खड़े होकर अस्त होते सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। इसके साथ ही बांस के सूप में फल, गन्ना, चावल के लड्डू, ठेकुआ सहित अन्य सामग्री रखकर पानी में खड़े होकर पूजा … Read more

काम के एवज में मांगे थे 10 हजार रुपए, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में किरोड़ीमल नगर पंचायत के सीएमओ को पकड़ा

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बिलासपुर से आई एसीबी की टीम ने मंगलवार की शाम किरोड़ीमल नगर पंचायत के सीएमओ रामायण पांडेय को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, वरूण सिंह निवासी आजाद चैक, किरोडीमल ने एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत की थी। इसमें उसने बताया कि अपनी कंपनी एमएस भवानी ट्रेडर्स के लाइसेंस के लिए कार्यालय नगर पंचायत, किरोडीमल में आवेदन किया था। जिसका लाइसेंस देने के एवज में आरोपी रामायण प्रसाद पांडेय, प्रभारी सीएमओ किरोड़ीमल ने 20 हजार रुपये की मांग की थी। प्रार्थी नगर पंचायत किरोड़ीमल के सीएमओ रामायण पांडेय को रिश्वत नहीं देना चाहता था, लेकिन आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपी ने प्रार्थी से 10 हजार रुपये ले लिये थे और आज सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर कर आरोपी रामायण प्रसाद पांडेय को प्रार्थी से शेष 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा लिया। आरोपी रामायण प्रसाद पांडेय को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। recent visitors 45

वैश्विक स्तर पर हुआ प्रसिद्ध, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में पहुंचे सीएम साय

जगदलपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध 'बस्तर दशहरा पर्व' आस्था और परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, जो सर्वाधिक लम्बी अवधि तक मनाया जाता है। इस बस्तर दशहरा पर्व को बस्तर अंचल के सभी लोग पूरी श्रद्धा-आस्था के साथ मनाते हैं और इसमें सक्रिय सहभागिता निभाते हैं। वहीं ऐतिहासिक बस्तर दशहरा अब देश-दुनिया के लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध हो गया है, जिससे अब पर्यटकों की वृद्धि के साथ ही स्थानीय लोगों की आय संवृद्धि को बल मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को ऐतिहासिक सिरहासार भवन में आयोजित विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के मुरिया दरबार को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा पर्व आस्था का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, जो मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से बस्तरवासियों की अगाध श्रद्धा और सभी लोगों के सहयोग के साथ इस वर्ष भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने इस अवसर पर माडिया सराय में विकास कार्य हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा की। वहीं मांझी-चालकी और मेम्बर-मेंबरीन के मानदेय में बढ़ोतरी हेतु प्रशासन और बस्तर दशहरा समिति से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में सम्मिलित होने पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे एक अनोखी परम्परा निरूपित करते हुए कहा कि यह सदियों से चली आ रही है और ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति का घोतक है, जिसे हम सभी एकजुट होकर श्रद्धा और सहकार की भावना के साथ हर्षोल्लास एवं उल्लासमय ढंग से मनाते हैं। मुख्यमंत्री ने करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से विकसित दशराहा पसरा को बस्तर दशहरा पर्व में आए मांझी-चालकी तथा अन्य लोगों की सुविधाएं मुहैया करवाने की दिशा में सार्थक प्रयास निरूपित करते हुए कहा कि बस्तर दशहरा पर्व के लिए पूर्व में निर्धारित बजट को 50 लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने मुरिया दरबार में मांझी चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन और बस्तर दशहरा समिति के पदाधिकारियों द्वारा अवगत करवाए गए मांग एवं समस्याओं को निराकृत किए जाने की कटिबद्धता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व में सक्रिय सहभागिता निभाने के लिए सभी लोगों को अपनी अशेष बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने मुरिया दरबार में बस्तर विकास प्राधिकरण के पुरखती कागजात का अंग्रेजी संस्करण का विमोचन भी किया, बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में बस्तर अंचल के मंत्री,सांसद एवं विधायकों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बस्तर राज परिवार के सदस्य एवं माटी पुजारी कमलचन्द्र भंजदेव, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष, बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से आये मांझी-चालकी, मेम्बर मेम्बरीन तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, ग्रामीणजन सम्मिलित हुए। इस अवसर पर माटी पुजारी कमलचन्द्र भंजदेव ने बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देते हुए इसे सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण रेखांकित किया। उन्होंने बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने के लिए आने वाले देवी-देवताओं हेतु देव सराय की व्यवस्था तथा मांझी-चालकी, पुजारी,गायता सहित ग्रामीणों के ठहरने के लिए बेहतर सुविधाओं की बेहतर सुलभता के लिए राज्य सरकार के पहल को सराहनीय निरूपित किया। मुरिया दरबार में वन मंत्री  केदार कश्यप सहित सांसद बस्तर एवं अध्यक्ष बस्तर दशहरा समिति  महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर किरणदेव ने बस्तरवासियों को बस्तर दशहरा पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष लक्ष्मण मांझी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व सभी के सहयोग तथा व्यापक सहभागिता से सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आने वाले साल में इसे और अधिक  बेहतर और भव्यता के साथ मनाएंगे। इस अवसर पर मांझी-चालकी और मेम्बर-मेम्बरीन को मोबाइल प्रदान किया गया। recent visitors 109