मुख्यमंत्री यादव ने इंदौर में नारी शक्ति पर आधारित 8 पुस्तकों का विमोचन किया

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर एयरपोर्ट पर हिंदू आध्यात्मिक सेवा संस्थान की नारी शक्ति पर आधारित आठ पुस्तकों का विमोचन किया। स्वागत में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट और अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर एयरपोर्ट पर हिंदू आध्यात्मिक सेवा संस्थान द्वारा नारी शक्ति के सम्मान पर आधारित आठ पुस्तकों का विमोचन किया। इस अवसर पर राधेश्याम शर्मा, जवाहर मंगवानी, विनोद बिड़ला आदि उपस्थित थे। इसके पूर्व मुख्यमंत्री जी के इंदौर एयरपोर्ट पहुंचने पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त दीपक सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस आयुक्त राकेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। recent visitors 84

ब्याज सहित चुकाने होंगे 20 लाख रुपए, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में क्लेम में आनाकानी पर बीमा कंपनी दोषी

रायगढ़. एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी की स्थानीय शाखा से मकान का बीमा कराने के बाद बीमित अवधि में आगजनी से मकान को क्षति पहुंचने की स्थिति में बीमा कंपनी के द्वारा बीमा राशि का भुगतान करने में आनाकानी करने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को दोषी करार देते हुए बीमा धारक को 20 लाख रुपये से अधिक का मय ब्याज भुगतान करने का आदेश पारित किया है। आवेदक डॉ सरोज कुमार निवासी दिनदयाल पुरम फेस 1 छोटे अतरमुडा के स्वामित्व की भूमि ग्राम अतरमुड़ा पटवारी हल्का नंबर-13. तहसील व जिला रायगढ़ में भूमि है, भूमि पर आवेदक द्वारा ऋण सुविधा प्राप्त कर 2004 में मकान का निर्माण कराया गया। मकान की सुरक्षा के लिए अनावेदक कार्यालय से 30 नवंबर 2014 को विधिवत प्रीमियम अदा कर बीमा कराया गया जोकि 29 नवंबर से 28 नवंबर 2024 के लिये वैध है। जिसका पॉलिसी नंबर 0000000002307235 है। 25 अप्रैल 2021 को मकान में सिलेंडर में अचानक आग लग जाने से हुए विस्फोट के कारण पुरा मकान क्षतिग्रस्त हो गया और मकान में रखा अन्य समान भी पूरी तरह जलकर राख हो गया। recent visitors 67

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर को मिला पहला मुख्यमंत्री, उमर अब्दुल्ला ने ली सीएम पद की शपथ…

श्रीनगर उमर अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है. समारोह में सुरिंदर चौधरी ने डिप्टी सीएम की शपथ ली. उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC) में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पहले उमर अब्दुल्ला को शपथ दिलाई, इसके बाद सुरिंदर चौधरी ने डिप्टी सीएम की शपथ ग्रहण की. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव कराए गए थे। जम्मू-कश्मीर में 90 विधानसभा सीटों पर तीन चरणों में मतदान हुए थे जबकि 8 अक्टूबर को नतीजे आए थे। शपथ लेने से पहले उमर अब्दुल्ला ने अपने दादा स्वर्गीय शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की मजार पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उमर अब्दुल्ला के शपथ ग्रहण में कई दिग्गज नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। नेकां-कांग्रेस की सरकार के बहाने आईएनडीआई गठबंधन के शक्ति प्रदर्शन की भी तैयारी है। शपथ ग्रहण में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, माकपा नेता प्रकाश करात और भाकपा नेता डी राजा सहित लगभग 50 नेताओं को आमंत्रित किया गया है। राहुल, प्रियंका समेत कई नेता बने समारोह का हिस्सा इंडिया गठबंधन दलों के कई नेता शपथ समारोह में शामिल हुए. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, JKNC प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती, AAP नेता संजय सिंह, CPI नेता डी राजा सहित INDIA गठबंधन के अन्य नेता यहां मौजूद हैं. सरकार में शामिल नहीं हुई कांग्रेस कांग्रेस पार्टी सरकार में शामिल नहीं हुई है. कांग्रेस ने उमर सरकार को बाहर से समर्थन देने के फैसला लिया है. उमर अब्दुल्ला के साथ नेशनल की तरफ से सुरिंदर चौधरी,सतीश शर्मा, सकीना इटू ने मंत्री पद की शपथ ली है. सुरिंदर चौधरी डिप्टी सीएम बनाए गए हैं. सुरक्षा के भी बेहद कड़े बंदोबस्त शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह हुआ. शपथ ग्रहण समारोह स्थल के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. शपथ समारोह से पहले उमर अब्दुल्ला ने नेकां के संस्थापक शेख मुहम्मद अब्दुल्ला के स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. पठानी सूट और कोट पहने 54 वर्षीय अब्दुल्ला ने पार्टी संस्थापक के स्मारक पर फूल चढ़ाए. उमर अब्‍दुल्‍ला ने CM बनने से पहले जम्‍मू-कश्‍मीर को फिर स्‍पेशल स्‍टेटस दिलाने के लिए संघर्ष करने का किया वादा जम्‍मू-कश्‍मीर के होने वाले नए सीएम आज शपथ लेने को तैयार हैं. यह पहला मौका है जब घाटी में धारा-370 हटने के बाद सरकार बनने जा रही है. 2014 में जब चुनाव हुए थे तब बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन की सरकार बनी थी. तब जम्‍मू-कश्‍मीर के पास स्‍पेशल स्‍टेटस था. अब यह राज्‍य एक केंद्र शासित प्रदेश है. एक दिन पहले उमर अब्‍दुल्‍ला ने कहा था कि वो जम्‍मू-कश्‍मीर को फिर स्‍पेशल स्‍टेटस दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे. सतीश शर्मा और सुरिंदर चौधरी जम्‍मू-कश्‍मीर में बनने जा रहे उमर अब्‍दुल्‍ला सरकार में मंत्री जम्मू से सतीश शर्मा और सुरिंदर चौधरी बनेंगे मंत्री. सुरिंदर चौधरी ने नौशहरा से रवींद्र रैना को हराया था. सतीश शर्मा ने कांग्रेस से टिकट न मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार बन लड़े थे चुनाव. बाद में ज्वाइन की NC. सतीश शर्मा कांग्रेस के पूर्व सांसद मदन लाल शर्मा के बेटे हैं. मैं मंत्रीपद में 9 सीट खाली रखूंगा… कांग्रेस के गठबंधन में शामिल नहीं होने पर बोले उमर अब्‍दुल्‍ला  उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस मंत्रिमंडल से बाहर नहीं है. यह उन्हें तय करना है, और हम उनके साथ चर्चा कर रहे हैं. मैं मंत्रिपरिषद में सभी 9 रिक्तियों को नहीं भरूंगा. कुछ रिक्तियों को खुला रखा जाएगा क्योंकि हम कांग्रेस के साथ बातचीत कर रहे हैं. एनसी और कांग्रेस के बीच सब कुछ ठीक है, अन्यथा खरगे जी, राहुल जी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता यहां नहीं आते. उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि गठबंधन मजबूत है, और हम लोगों जम्‍मू-कश्‍मीर के लिए काम करेंगे.   recent visitors 185

तेजगढ़ में बिजली गिरने से दो महिलाएं घायल, बारिश में बह गई मंडी में रखी सैकड़ों क्विंटल मक्का

 तेंदूखेड़ा दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में अचानक हुई तेज बारिश से किसानों की सैकड़ों क्विंटल मक्का की फसल पानी में बह गई। किसान अपनी फसल लेकर कृषि मंडी पहुंचे और अचानक बारिश इतनी तेज आई कि कोई बचाव के साधन नहीं जुटा पाया। पानी में मक्का बहने से एक किसान की फसल दूसरे किसान के ढेर में मिल गई। इसके अलावा तेजगढ़ थाने अंतर्गत बिजली गिरने से दो महिलाएं घायल हो गईं जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। बता दें कि तेंदूखेड़ा ब्लॉक में मक्का की उपज बहुत ज्यादा हुई है। दूर दराज से किसान मक्का बेचने तेंदूखेड़ा कृषि मंडी ला रहे हैं। बीते दिन भी हजारों क्विंटल मक्का बिक्री के लिए मंडी आई थी। कई किसानो की मक्का बिक चुकी थी और कई की बिक्री के लिए खुले मैदान में रखी थी। इसी समय अचानक हुई तेज बारिश में सैकड़ों क्विंटल मक्का बहकर यहां-वहां फैल गई। रामादेही निवासी बबलू घोसी ने बताया कि सोमवार को कई किसान मक्का लेकर आए थे और सभी ने अपने-अपने अलग-अलग ढेर लगा दिए थे। अचानक बारिश शुरू हुई जिसमें मक्का के ढेर बह गए। किसान शिवशंकर घोसी ने बताया कि ढेर अलग-अलग किसानों के लगे थे। अचानक तेज बारिश के बाद मक्का बह गई और एक दूसरे के ढेर में मिल गए जिसमें किसानों को बड़ा नुकसान हो गया है। आकाशीय बिजली गिरने से दो महिलाएं घायल तेजगढ़ थाने अंतर्गत इमलिया में बिजली गिरने से दो महिला मजदूर घायल हो गईं। जानकारी के अनुसार वर्षा पति प्रताप आदिवासी 28 और लक्ष्मी पति नबल आदिवासी हरदुआ निवासी खेत में कार्य कर रही थीं। उसी समय आकाशीय बिजली गिरी और दोनों महिलाएं चपेट में आ गईं, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। recent visitors 62

तीन दिन के अंदर बहाल होगा डीआरएम तिराहे का रास्ता, रेलवे का काम बाकी

भोपाल भोपाल के डीआरएम तिराहे का रास्ता मंगलवार को खुलने से रह गया। यहां मेट्रो ने तो अपनी बैरिकेडिंग और सामान हटा दिया, लेकिन रेलवे का ट्रैक की साइड में गड्‌ढे को भरने का काम बाकी है। ऐसे में रास्ते को खोलने का निर्णय अगले 2 से 3 दिन के लिए टाल दिया गया है तिराहे पर मेट्रो ने 200 टन वजनी कंपोजिट स्टील ब्रिज की लॉन्चिंग की है। इसी के नीचे से गाड़ियां और ऊपर से मेट्रो गुजरेगी। चूंकि, डायवर्सन 15 अक्टूबर तक ही था, इसलिए मेट्रो ने सड़क बनाने के बाद अपना सामान भी हटा दिया था। पुलिस ने भी दो दिन तक निरीक्षण किया। इसी बीच रेलवे के एक निर्माण के चलते रास्ते को खोलने का निर्णय टाल दिया गया। नाले का निर्माण हो रहा तिराहे पर ट्रैक के साइड में नाले का निर्माण हो रहा है। इसके चलते रास्ता नहीं खोला गया है। हालांकि, रेलवे निर्माण के आसपास शेड लगा रहा है। ऐसे में एक संभावना यह भी है कि बुधवार या गुरुवार को ही रास्ता खोल दिया जाए। 5 लाख आबादी को राहत मिलेगी रास्ता खुलने से करीब 5 लाख आबादी को आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी। यहां से होशंगाबाद रोड की कॉलोनी, अवधपुरी, बीडीए, एम्स, अलकापुरी, साकेतनगर, अमरावतखुर्द समेत सैकड़ों कॉलोनी जुड़ी हैं। यहां के लोग इसी सड़क का उपयोग करते थे, लेकिन मार्च में मेट्रो स्टील ब्रिज के निर्माण के चलते यह बंद कर दी गई थी। तभी से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। 8 महीने से 7Km तक का ज्यादा फेरा डीआरएम तिराहे की सड़क आईएसबीटी से वीर सावरकर ब्रिज के नीचे से होते हुए होशंगाबाद रोड को जोड़ती है। यही रास्ता मार्च यानी 8 महीने से बंद है। इससे ट्रैफिक का पूरा दबाव सावरकर सेतु से लेकर बोर्ड ऑफिस चौराहे तक बढ़ गया।     बेतरतीब ट्रैफिक प्लान के कारण साकेत नगर और शक्ति नगर की अंदरुनी सड़कों पर भी ट्रैफिक का भार है, क्योंकि आरआरएल तिराहे और आईएसबीटी की तरफ से आने-जाने वाला 30% ट्रैफिक इन्हीं अंदरुनी सड़कों से होकर आता-जाता है। इससे ISBT से होशंगाबाद रोड की ओर जाने वाले लोगों को 5 से 7 किलो मीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।     डायवर्सन की वजह से एक बच्चे की मौत भी हो चुकी है। विश्वकर्मा नगर में एक 10 साल के दीपक सिंह की सड़क हादसे में मौत हो गई थी।     हबीबगंज नाके के पास किराना, एव्हरफ्रेश समेत अन्य दुकानें भी आठ महीने से बंद है। इससे कारोबार चौपट हो गया है। ऊपर से मेट्रो, नीचे से गुजरेंगी गाड़ियां RKMP (रानी कमलापति) रेलवे स्टेशन के पास हबीबगंज नाके से डीआरएम स्टेशन के बीच 2 स्टील ब्रिज से मेट्रो गुजरेगी। इसके लिए पिछले 8 महीने से काम चल रहा है। 4 सितंबर को 3 घंटे के अंदर रेलवे ट्रैक पर पिलर के ऊपर 65 मीटर लंबा और 400 टन वजनी ब्रिज का स्ट्रक्चर रख दिया गया था। वहीं, तिराहे के 200 टन वजनी और 48 मीटर लंबे कंपोजिट ब्रिज को भी रख दिया है। इसके नीचे से गाड़ियां और ऊपर से मेट्रो ट्रेन गुजरेगी।   recent visitors 92

धार्मिक संस्थानों में ‘यौन उत्पीड़न अधिनियम’ लागू करने की OBC महासभा की मांग, सुप्रीम कोर्ट में यचिका दायर

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया गया है जिसमें धार्मिक संस्थानों में महिलाओं के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम के सख्त पालन की मांग की गई है। यह आवेदन ओबीसी महासभा और अन्य द्वारा दायर किया गया है, जिसमें ईशा फाउंडेशन पर आरोप लगाए गए हैं। ईशा फाउंडेशन एक आध्यात्मिक संगठन है जिसका नेतृत्व सद्गुरु जग्गी वासुदेव करते हैं। एस. कामराज, जो एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं, ने दावा किया कि उनकी बेटियों को इस आध्यात्मिक नेता ने प्रभावित किया। ओबीसी महासभा के कोर कमेटी सदस्य धर्मेंद्र कुशवाह ने ईशा फाउंडेशन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट पिटीशन लगाई है। ओबीसी महासभा ने कहा है कि ईशा फाउंडेशन समेत सभी धर्मों के धार्मिक संस्थानों में 2013 में कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक शोषण को रोकने के लिए बनाए गए नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाए। लड़कियों के यौन शोषण का लगा आरोप सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया गया है। इसमें धार्मिक संस्थानों में महिलाओं के कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम के सख्त पालन की मांग की गई है। यह आवेदन ओबीसी महासभा और दो अन्य लोगों ने दायर किया है। इसमें ईशा फाउंडेशन पर आरोप लगाए गए हैं कि ईशा फाउंडेशन एक आध्यात्मिक संगठन है, जिसका नेतृत्व सद्गुरु जग्गी वासुदेव करते हैं, लेकिन एक रिटायर्ड प्रोफेसर ने दावा किया है कि उनकी बेटियों को इस आध्यात्मिक लीडर (जग्गी वासुदेव) ने प्रभावित किया है। यह आवेदन अधिवक्ता वरुण ठाकुर द्वारा दायर किया गया है। इसमें कहा गया है कि ईशा फाउंडेशन 2013 के अधिनियम का पालन नहीं कर रहा है, जो कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा की गारंटी देता है। इसमें एक हालिया मामला भी उजागर किया गया है, जिसमें फाउंडेशन के एक डॉक्टर पर 12 लड़कियों के साथ छेड़छाड़ का आरोप है। याचिका में धार्मिक स्थलों में कानून के प्रवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह आवेदन अधिवक्ता वरुण ठाकुर द्वारा दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि ईशा फाउंडेशन 2013 के अधिनियम का पालन नहीं कर रहा है, जो कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा की गारंटी देता है। इसमें एक हालिया मामला भी उजागर किया गया है जिसमें फाउंडेशन के एक डॉक्टर पर 12 लड़कियों के साथ छेड़छाड़ का आरोप है। याचिका में धार्मिक स्थलों में कानून के प्रवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है ताकि ऐसे घटनाओं को रोका जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने पहले तमिलनाडु पुलिस को ईशा फाउंडेशन के खिलाफ आगे की कार्रवाई से रोक दिया था, फाउंडेशन की एक याचिका के बाद। कोर्ट ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को अपने पास स्थानांतरित कर लिया था, जिसमें कामराज की बेटियों को ईशा योग केंद्र में रखने के आरोप थे। बेटियों ने कहा कि वे स्वेच्छा से वहां थीं, लेकिन उच्च न्यायालय ने संस्थान के खिलाफ आपराधिक मामलों का विवरण मांगा था। recent visitors 59

हिजबुल्ला के पीछे हाथ धोकर पड़ा इजरायल, एक और कमांडर को किया हलाक

बेरुत मीडिल ईस्ट में लगातार जंग के बीच दिन-ब-दिन हालात बदतर होते जा रहे हैं. इस बीच आईडीएफ ने दावा किया है कि उन्होंने हमास के उत्तरी गाजा यूएवी कमांडर महमूद अल-मबौह को मार गिराया है. उसने इजरायल के सुरक्षा बलों और लोगों पर ड्रोन हमले का निर्देश दिया था. आईडीएफ के मुताबिक उन्होंने जबालिया और राफा में ड्रोन हमले किए, जिसमें 50 से अधिक हमास आतंकवादी मारे गए. शरणार्थी शिविरों पर बमबारी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि गाजा के आठ ऐतिहासिक शरणार्थी शिविरों में से सबसे बड़े जबालिया के अल-फलूजा के पास इजरायली गोलीबारी में कम से कम 17 लोग मारे गए. स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा दक्षिण गाजा में पूर्वी खान यूनिस के बानी सुहैला शिविर में 10 अन्य लोग मारे गए. जबालिया को अब इजरायल बना रहा निशाना इससे पहले मंगलवार को एक इजरायली हवाई हमले में गाजा शहर के सबरा में तीन घर तबाह हो गए. रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय नागरिक आपातकालीन सेवा ने कहा कि उन्होंने घटनास्थल से दो शव बरामद किए हैं, जबकि 12 अन्य लोगों की तलाश जारी है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे उस समय घरों में मौजूद थे. इजरायल की सेना बीते 10 दिनों से जबालिया को निशाना बना रही है ओर उत्तरी क्षेत्र में लौट रही है. मिडिल ईस्ट इजरायल इस समय कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है. इजराइल ने पूर्वी लेबनान में एयरस्ट्राइक तेज कर दिया है. मंगवार (15 अक्टूबर 2024) को बेका घाटी में कई हवाई हमले हुए, जिनमें बालबेक शहर के पास आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया. इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि ऊपरी गैलिली में सायरन बजने के बाद लेबनान से इजरायल में प्रवेश करने वाले दो ड्रोन की पहचान की गई है, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. recent visitors 87