नंदकिशोर शुक्ल बोले- छत्तीसगढिय़ों के साथ हुआ षड्यंत्र, नहीं मिलने दिया छत्तीसगढ़ीभासी राज का दर्जा

रायपुर राजधानी में रविवार को छत्तीसगढ़ीभासी राज सम्मेलन हुआ है. सम्मेलन में साहित्यकार, संस्कृति विशेषज्ञ, रंगकर्मी, पत्रकार, शिक्षक, लोक कलाकर, कर्मचारी नेता, छात्र और संगठन सेनानी शामिल हुए. सम्मेलन का विषय था- छत्तीसगढ़ी भासी राज का दर्जा.सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ी राजभासा मंच के संरक्षक नंदकिशोर शुक्ल ने संबोधित किया. शुक्ल ने दस्तावेजी प्रमाणों के साथ बताया कि राज्य निर्माण के साथ ही छत्तीसगढिय़ों के साथ एक बड़ा षड्यंत्र हुआ था. उन्होंने कहा कि 2001 से लेकर 2003 तक केंद्र और राज्य सरकार के बीच क और ख श्रेणी को लेकर कई पत्र व्यवहार हुए. इस पत्र व्यवहार में केंद्र से जब यह पूछा गया था कि छत्तीसगढ़ को किस राज्य की श्रेणी में रखा जाए तो साजिशन छत्तीसगढ़ी भासी राज्य को क श्रेणी में रखवा दिया गया. क श्रेणी हिंदी भासी राज्य के लिए है। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य को ख श्रेणी में रखा जाना था, क्योंकि यह छत्तीसगढ़ की पहचान छत्तीसगढ़ी राज्य के तौर पर देश में है. ख श्रेणी में छत्तीसगढ़ी और हिंदी भासी राज्य को रखा जाता है.  इस षडय़ंत्र का बड़ा नुकसान आज छत्तीसगढिय़ों को उठाना पड़ा है. छत्तीसगढ़ी भाषा को लेकर संघर्ष की स्थिति इस श्रेणी के चलते भी करना पड़ा है. आज भी यह संघर्ष जारी है. 2007 में छत्तीसगढ़ीभाषियों के आंदोलन के बाद राज्य में छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन इसमें भी छत्तीसगढिय़ों के साथ छल हुआ था. छत्तीसगढ़ी को हिंदी के बाद द्वितीय भाषा लिख दिया गया. इसी तरह 2008 में छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग गठित किया था, लेकिन बाद में षडय़ंत्र के तहत इसमें भी बदलाव कर इसे छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग कर दिया गया.  2020 केंद्र सरकार की ओर से जब नवा शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में भाषायी सर्वेक्षण कराया गया तो यह पाया गया कि छत्तीसगढ़ में सिर्फ 5 फीसदी लोगों की मातृभाषा हिंदी है, जबकि 65 फीसदी से अधिक लोगों की मातृभाषा छत्तीसगढ़ी है. बावजूद इसके अभी भी छत्तीसगढिय़ों के साथ छल और षडय़ंत्र चल रहा है. आज भी स्कूलों में माध्यम भाषा छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई नहीं हो रही है. यह मोदी सरकार की गारंटी के खिलाफ भी है, जिसमें नवा शिक्षा नीति में यह बात कही गई है. सम्मलेन को संस्कृति विशेषज्ञ अशोक तिवारी, साहित्यकार सुधीर शर्मा सहित कई अन्य लोगों ने भी संबोधित किया. सम्मलेन में यह निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ी भाषा के साथ हो रहे छल और षडयंत्र के मुद्दे पर जल्द ही राज्य के मंत्रियों और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे. यह मांग करेंगे कि छत्तीसगढ़ीभाषी राज का दर्जा दिलाने के लिए साय सरकार विशेष प्रयास करें. छत्तीसगढ़ी को सरकारी काम-काज और पढ़ाई का माध्यम भाषा बनाने का स्पष्ट निर्देश जारी करें. सम्मेलन में विशेष रूप से वरिष्ठ पत्रकार रामअवतार तिवारी, ब्रजेश चौबे, प्रकाश शर्मा, गुलाल वर्मा प्रफुल्ल ठाकुर, विधि विशेषज्ञ राजीव तिवारी, प्रोफेसर डॉ. तपेशचंद्र गुप्ता, डॉ. प्रीति सतपथी, डॉ. गार्गी पाण्डेय, डॉ. राहुल तिवारी, शिक्षक संघ वीरेंद्र दुबे, अमित शुक्ला, रंगकर्मी विजय मिश्रा, विकास शर्मा, कर्मचारी नेता सीएल दुबे, छत्तीसगढिय़ा क्रांति सेना अध्यक्ष दिलीप मिरी सहित छात्र संगठन के पदाधिकारी शामिल रहे. कार्यक्रम का संचालन डॉ. वैभव बेमेतरिहा ने किया. recent visitors 71

हाल में हरियाणा में भाजपा की लगातार दूसरी सफलता से स्थिरता का यह संदेश और मजबूत हुआ: मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्थिरता, निरंतरता और समाधान को दुनिया के लिए आज के युग की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए सोमवार को कहा कि केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की लगातार तीसरी जीत भारत में स्थिरता का संदेश है। श्री मोदी ने कहा कि हाल में हरियाणा विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लगातार दूसरी सफलता से स्थिरता का यह संदेश और मजबूत हुआ है। वह राजधानी में एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2024 के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश ने पिछले 10 साल में उपलब्धियाें के जो आयाम तय किए हैं,उसको देखते हुए आज दुनिया भविष्य के समाधानों के लिए भारत की ओर देख रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के हर कार्यक्रम के केंद्र में देश की जनता के विकास के साथ-साथ ‘निरंतरता’ (स्वस्थ और टिकाऊ विकास) का उद्देश्य स्पष्ट रूप से आगे रखा गया है। इस सत्र में देश विदेश के नामी उद्यमियों और निवेश को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा, ‘‘छह दशक में पहली बार देश के लोगों ने लगातार तीसरी बार किसी सरकार को अपना जनादेश दिया है, यह स्टेबिलिटी (स्थिरता) का संदेश है। अभी हरियाणा में हुए चुनाव में भी भारत की जनता ने स्टेबिलिटी के इस भाव को मजबूती दी है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को देश की जनता का पूरा समर्थन है और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य भारत की 140 करोड़ जनता का लक्ष्य बन गया है । अब जनता इस लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का यह समय मानव इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण समय है। ऐसे में आज के युग की बड़ी ज़रूरतें हैं, स्टेबिलिटी, सस्टेनेबिलिटी और सॉल्यूशंस (स्थिरता, निरंतरता और समस्याओं के समाधान)। यह मानव के भविष्य के लिए सबसे जरूरी शर्तें हैं और भारत आज यही हासिल करने का प्रयास कर रहा है। इसमें भारत की जनता का एक निश्चित समाधान है।” श्री मोदी ने कहा कि आज भारत आकांक्षाओं से परिपूर्ण देश है। उन्होंने इसे एस्पिरेशनल इंडिया (एआई) बताते हुए कहा कि जब एस्पिरेशनल इंडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की ताकत मिल जाती है, तब विकास की गति भी तेज होने स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन शानदार रहा है और वैश्विक एजेंसियों ने भारत की वृद्धि दर के अनुमानों में सुधार किए हैं। श्री मोदी ने कहा कि भारत भविष्य की सोच के साथ आगे बढ़ रहा है और 2047 तक विकसित भारत का संकल्प भी इसी सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। इस युवा देश का पोटेंशियल (संभावनाएं) हमें आसमान की ऊंचाई पर पहुंचा सकती हैं । इसके लिए हमें अभी बहुत कुछ करना है और बहुत तेजी से करना है।” प्रधानमंत्री ने अपने 10 साल के कार्यकाल की कुछ उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले 10 साल में भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। इस दौरान करीब 12 करोड़ शौचालय बने, 16 करोड लोगों को रसोई गैस कनेक्शन मिले । पिछले 10 साल में भारत में 350 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज और 15 से ज्यादा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बने । इन्हीं 10 साल में भारत में डेढ़ लाख से ज्यादा नए स्टार्टअप बने और आठ करोड़ युवाओं ने मुद्रा लोन लेकर पहली बार अपना काम शुरू किया।” प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सफलता का मापदंड सिर्फ यह नहीं है कि हमने क्या पाया? अब हम देख रहे हैं कि हमारा आगे का क्या लक्ष्य है, हमें कहां पहुंचना है।” श्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी प्रगति में पूरी मानवता की प्रगति देखता है और दुनिया भारत में विश्वास भी करती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत की उपलब्धियाें से दुनिया को खुशी होती है, दुनिया जानती है कि भारत की आर्थिक वृद्धि और विकास से हर किसी को फायदा होगा। भारत हमेशा से विश्व की आर्थिक समृद्धि में सहायक शक्ति रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण के माध्यम से भारत ने दुनिया के सामने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना यानी डीपीआई) का एक नया मॉडल दिया। जनधन आधार कार्ड और मोबाइल फोन (जैम) के संगम ने सार्वजनिक सुविधाओं के वितरण में गति सुनिश्चित की और उसमें छीजन खत्म हुई। सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना का ही फल है कि भारत में आज हर रोज यूपीआई के जरिए 50 करोड़ से अधिक लेनदेन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का फायदा खुदरा दुकानदारों और रेहड़ी- पटरी वालों तक को मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने यह दर्शाया है कि डिजिटल कायाकल्प और लोकतांत्रिक मूल्य साथ-साथ चल सकते हैं। भारत ने यह भी दर्शाया है की प्रौद्योगिकी नियंत्रण और विवेक पैदा करने का हथियार नहीं बल्कि समावेशन, पारदर्शिता और सशक्तीकरण का औजार बन सकती है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए विकसित भारत का लक्ष्य ऐसी दुनिया का भी लक्ष्य है, जिसमें पूरी मानवता के लिए विकास के अवसर उपलब्ध हों और विश्व में शांति हो।   recent visitors 78

कौन हैं कमाल फारूकी? कांग्रेस में पूरे 20 साल बाद फिर से वरिष्ठ नेता कमाल फारूकी हुए शामिल

मुंबई महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के सदस्य रहे वरिष्ठ नेता कमाल फारूकी आज (सोमवार, 21 अक्तूबर को) दो दशक यानी पूरे 20 साल बाद फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। फारूकी अपने बेटे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के पूर्व प्रवक्ता उमर कमाल फारूकी के साथ कांग्रेस में लौटे हैं। वह 2013 तक समाजवादी पार्टी में भी रह चुके हैं। महाराष्ट्र चुनावों से पहले कमाल फारूकी ने कांग्रेस पार्टी में अपनी वापसी बारे में एक बयान जारी कर जानकारी दी है। अपने बयान में फारूकी ने कहा, "भाजपा और उसके जैसे दलों की सांप्रदायिक घृणास्पद दक्षिणपंथी विचारधारा को हराने के लिए कांग्रेस में वापसी करने का फैसला किया है। मौजूदा माहौल में कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है जो वास्तव में हमारे देश की सच्ची भावना का नेतृत्व कर सकती है और उसे पुनर्स्थापित कर सकती है।" फारूकी की घर वापसी को महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ी बढ़त के रूप में देखा जा रहा है। कौन हैं कमाल फारूकी कमाल फारूकी महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता हैं। 2004 में कांग्रेस छोड़ने के बाद फारूकी ने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के टिकट पर चुनाव लड़ाा था, लेकिन बाद में शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए थे। उनके बेटे उमर कमाल फारूकी एनसीपी के राज्य प्रवक्ता होने के साथ-साथ एनसीपी की छात्र शाखा के उपाध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं। कांग्रेस का क्या प्लान? दरअसल, महाराष्ट्र चुनावों से ऐन पहले कमाल फारूकी की घर वापसी से कांग्रेस पार्टी को उम्मीद है कि इससे उन्हें महाराष्ट्र के करीब 11.5% मुस्लिम वोटों को अपने पक्ष में लामबंद करने में मदद मिलेगी। हाल के कुछ वर्षों में असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) जैसी पार्टियों ने कई क्षेत्रों में, खासकर औरंगाबाद जैसे जिलों में अपनी पैठ बना ली है, जो कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था, लेकिन हाल के वर्षों में यहां मुस्लिम मतदाताओं का कांग्रेस के प्रति समर्थन घटता जा रहा है। recent visitors 142

सोने व चांदी की कीमतों में दीपावली से ठीक पहले ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी

रायपुर दीपावली से ठीक पहले सोने व चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। बाजार में जो संभावना जतायी जा रही थी उसी हिसाब से कीमत बढ़ भी रहे हैं। सप्ताह के पहले आज जब बाजार खुले तो समाचार लिखे जाने तक चांदी प्रति किलोग्राम 1 लाख 100 रुपए पहुंच गई है। सोना तो पहले ही चमक रहा है,आज 80,600 रुपए प्रति दस ग्राम के भाव रहे, हो सकता है देर शाम बंद भाव तक यह और भी बढ़ जाये। कारोबारी और ग्राहकों में चर्चा स्वाभाविक है कि आखिर कहां तक जाकर कीमतों में स्थितरता आयेगी भी कि नहीं। सोना और चांदी के भाव में लगातार वृद्धि बने होने पर रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू का कहना है कि इसका मुख्य कारण यूरोपियन सेंट्रल बैंक द्वारा अभी ब्याज दर में 30 से 40 पैसे कमी की गई है,इसी तरह अमेरिकी फेडरल बैंक ने भी ब्याज दरों में कमी की है । साथ ही आगामी तीन-चार नवंबर को फेडरल बैंक की होने वाली बैठक में फिर से ब्याज दर कम किया जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वहीं दूसरी ओर चीन ने आर्थिक स्थिति सुधार के लिए बांड जारी किए हैं ,मध्य पूर्व देश में युद्ध की बढ़ती स्थिति जैसी तमाम परिस्थितियों के कारण ग्लोबल बाजार में अस्थिरता आ गई है .इसलिए सुरक्षित निवेश के हिसाब से अधिकांश लोग सोने और चांदी में निवेश कर रहे हैं जिस भाव में लगातार वृद्धि हो रही है। फिलहाल कीमत घटने के तो कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। recent visitors 60

शिवराज के घर बैठक में पूर्व MLA की अनुपस्थिति से चिंतित भाजपा: शिवराज बोले-नामांकन में साथ दिखेंगे

BJP concerned over the absence of former MLA in the meeting at Shivraj’s house: Shivraj said – will be seen together in the nomination भोपाल। बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास पर बैठक हुई। जिसमें बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव, भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मालवीय, सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह समेत कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।इस बैठक में बुधनी से टिकट की दौड़ में शामिल रहे वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष गुरु प्रसाद शर्मा और पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत नहीं पहुंचे। इस पर भाजपा प्रत्याशी सफाई देते दिखे। रमाकांत भार्गव ने कहा कि 25 अक्टूबर को नामांकन के दौरान सभी नेता-पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। शिवराज बोले- भारी बहुमत से बुधनी का उपचुनाव जीतेंगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा और कार्यकर्ता तैयार हैं। हमारी बैठक भी हो गई है। रविवार को रमाकांत भार्गव ने सलकनपुर मंदिर में कार्यकर्ताओं के साथ जाकर मां विजयासेन देवी का आशीर्वाद ले लिया है। शिवराज सिंह ने कहा- ” हमने आज कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर पूरी रणनीति बनाई है। भाजपा पूरी तरह से तैयार है। जनता बीजेपी के साथ है। भारी बहुमत से बुधनी का उपचुनाव हम जीतेंगे। केवल बुधनी नहीं विजयपुर में भी हमारे योग्य प्रत्याशी मंत्री रामनिवास रावत भारी बहुमत से जीतेंगे।केंद्रीय मंत्री ने कहा-डबल इंजन की सरकार के काम का जनता में असर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में विश्वास है और यहां मोहन यादव भी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं तो हम दोनों जगह जीतेंगे। शिवराज बोले- ये हमारी प्रतिष्ठा का चुनाव सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने बैठक के बाद मिडिया से बात करते हुए कहा- आज की बैठक में सभी प्रमुख और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से शिवराज ने कहा है कि ये चुनाव हमें ऐतिहासिक मतों से जीतना है। ये हमारी प्रतिष्ठा का चुनाव है। चुनाव की चुनौती को हल्के में नहीं लेना है। पूरी गंभीरता के साथ प्रत्येक बूथ पर हमें पहुंचना है। हर बूथ के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है। इस चुनाव में हम सबको मिलकर एकजुटता के साथ हमारे प्रत्याशी रमाकांत भार्गव को ऐतिहासिक मतों से जिताना है। recent visitors 121

हरियाणा में हुए मंत्रिमंडल के विभागों का आवंटन, मुख्यमंत्री नायब सिंह को कई महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने मंत्रिमंडल के विभागों के आवंटन की अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह को कई महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं, जिनमें गृह, वित्त, योजना, नगर और ग्राम विकास, सूचना और जनसंपर्क, न्याय प्रशासन, और कई अन्य शामिल हैं। इनके अलावा, अन्य मंत्रियों को भी विभिन्न विभाग आवंटित किए गए हैं, जैसे अनिल विज को ऊर्जा, परिवहन और श्रम विभाग, कृष्ण लाल पंवार को विकास और पंचायत, खनन और भूविज्ञान विभाग आदि। सीएम नायब सिंह सैनी को गृह विभाग, वित्त विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग, योजना विभाग, नगर एवं ग्राम नियोजन और शहरी संपदा विभाग सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा-संस्कृति विभाग, अभियोजन विभाग, सामान्य प्रशासन हाउसिंग फॉर ऑल, सीआईडी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, कानून एवं विधायी विभाग और वो सभी विभाग जो किसी को अलॉट नहीं हुए हैं, आवंटित किए गए हैं। कैबिनेट मंत्री अनिल विज को परिवहन विभाग, श्रम विभाग और ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार को पंचायत एवं विकास और खान एवं भूविज्ञान विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, पर्यावरण एवं वन विभाग, विदेश सहयोग विभाग और सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा को बेसिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग, संसदीय कार्य, अभिलेखागार विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, शहरी स्थानीय निकाय विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा को सहकारिता विभाग, जेल विभाग, चुनाव विभाग और विरासत एवं पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग और मछली पालन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग, आतिथ्य विभाग और वास्तुकला विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी को महिला एवं बाल विकास विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। कैबिनेट मंत्री आरती राव को स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान और आयुष विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजेश नागर को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले (स्वतंत्र प्रभार) और मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग( स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई है। राज्यमंत्री गौरव गौतम को युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता (स्वतंत्र प्रभार), खेल विभाग (स्वतंत्र प्रभार) और कानून एवं विधायी विभाग ( सलंग्न मुख्यमंत्री) की जिम्मेदारी दी गई है।   recent visitors 73

‘सोनमर्ग क्षेत्र के गगनगीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर नृशंस और कायरतापूर्ण हमले की बहुत दुखद खबर है: उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गांदरबल आतंकी हमले पर जो प्रतिक्रिया दी है, उसे लेकर इंटरनेट यूजर्स भड़के हुए हैं। अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करके कहा था, 'सोनमर्ग क्षेत्र के गगनगीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर नृशंस और कायरतापूर्ण हमले की बहुत दुखद खबर है। ये लोग क्षेत्र में एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना पर काम कर रहे थे। इस उग्रवादी हमले में 2 लोग मारे गए हैं और दो से तीन अन्य घायल हुए हैं। मैं निहत्थे निर्दोष लोगों पर इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं और उनके प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।' उमर अब्दुल्ला ने इस हमले की निंदा की, जो इस केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उनके शपथ ग्रहण के महज 4 दिन बाद हुआ। उन्होंने घटना के कुछ वक्त बाद दूसरी पोस्ट में लिखा था, ‘गगनगीर हमले में मृतकों की संख्या अंतिम नहीं है क्योंकि स्थानीय और गैर-स्थानीय दोनों तरह के कई मजदूर घायल हुए हैं। मैं घायलों के पूरी तरह ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूं क्योंकि गंभीर रूप से घायलों को श्रीनगर के एसकेआईएमएस में रेफर किया जा रहा है।’ 'आतंकवादी के बजाय उग्रवादी शब्द चुना' गांदरबल हमले की उमर अब्दुल्ला ने निंदा जरूर की, मगर इंटरनेट यूजर्स को यह बात नागवार गुजरी कि सीएम ने इस घटना के लिए उग्रवादी हमले का इस्तेमाल किया। लोग इस बात को लेकर भड़के हुए हैं कि उन्होंने इसे आतंकवादी हमला क्यों नहीं बताया। उमर अब्दुल्ला की पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों की टिप्पणियां आईं, जिसमें बताया गया कि कैसे उन्होंने 'आतंकवादी' के बजाय 'उग्रवादी' शब्द चुना। एक यूजर ने लिखा, 'ओह, उग्रवादी वापस आ गए हैं।' इंटरनेट यूजर्स ने लगाई फटकार एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘याद रखिए कि आप केंद्रशासित प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। आपकी हरकतों पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे राज्य का दर्जा रद्द किए जाने की संभावना बन सकती है।’ बता दें कि जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरंग निर्माण स्थल पर आतंकवादी हमला हुआ। इसमें एक डॉक्टर और 6 श्रमिकों की मौत हो गई। आतंकवादियों ने मजदूरों के समूह पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें स्थानीय और बाहरी लोग दोनों शामिल थे। माना जाता है कि आंतकवादियों की संख्या कम से कम 2 थी। दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि 4 अन्य घायल श्रमिकों एवं एक डॉक्टर ने बाद में दम तोड़ दिया। recent visitors 68