‘नारुतो’ से मेरा पहला परिचय 12 साल की उम्र में हुआ : रश्मिका मंदाना

मुंबई,  अभिनेत्री रश्मिका मंदाना जल्द ही एक नए किरदार में दिखेंगी। उन्होंने इसकी एक झलक भर दिखाई है। उनके मेकअप को देखकर कहा जा सकता है कि ये एनिमेटेड कैरेक्टर पर आधारित होगा। उन्होंने ये भी बताया कि एनिमेशन पसंद है और इस जॉनर से साक्षात्कार ‘नारुतो’ के जरिए हुआ था! रश्मिका ने अपने यूट्यूब चैनल पर एनिमेशन से अपने लगाव की कहानी सुनाई। अपनी वैनिटी वैन में बैठी एक्ट्रेस फैंस को नए कैरेक्टर से रूबरू कराती दिखीं। उन्होंने बताया कि पहली बार किसी एनीमेशन कैरेक्टर से तब मिलीं जब वो 12 साल की थीं। एनिमेशन के बारे में बात करते हुए रश्मिका ने कहा, “यह मेरी स्कूली शिक्षा का वह एक साल था जब मैं एक डे बोर्डिंग में थी। जब मैं घर वापस आती थी तो मेरे पड़ोस में खेलने के लिए मेरा कोई दोस्त नहीं था.. इसलिए, मुझे याद है कि मैं अपने कमरे में वापस जाती थी और बैठकर टीवी देखती थी।” “एनिमल” अभिनेत्री ने कहा कि वह उस समय “ड्रैगन बॉल जेड” और “पोकेमॉन” देखना बहुत पसंद करती थी।” उन्होंने आगे बताया, ” जब मैं चैनल बदल रही थी तो मुझे एनिमैक्स मिला और यह वह समय था जब वे ‘नारुतो’ चलाते थे। तो यह नारुतो एनिमेशन से मेरा पहला परिचय था। मैंने इसका सीजन 1 देखा और टीवी पर फिर इसका प्रसारण बंद कर दिया गया।” टेलीविजन पर इसका प्रसारण बंद होने के बाद, अभिनेत्री ने रिसर्च किया और मासाशी किशिमोतो के लिखे और डिजाइन किए जापानी मंगा श्रृंखला “नारुतो” के 600 से अधिक एपिसोड देखे। यह नारुतो उज़ुमाकी नामक एक युवा निंजा की कहानी है जो अपने गांव का नेता होकेज बनने का सपना देखता है। उन्होंने कहा, “मैंने इसके बारे में गूगल करना शुरू किया और मैंने इसके बारे में पढ़ा और मुझे एक वेबसाइट मिली जिसमें सभी एपिसोड थे और वे लगभग 600-800 एपिसोड थे।” जब उनसे पूछा गया कि एनिमेशन से उनका परिचय कब हुआ तो इसके जवाब में अभिनेत्री ने कहा, ”उस समय मैं लगभग 12 या 13 साल की थी जब मैं पहली बार एनीमेशन के करीब आई थी।” अभिनेत्री ने खुलासा किया कि उन्होंने “40 से अधिक” एनीमेशन सीरीज देखी हैं और उन्होंने केवल एक बार में “25-30 एपिसोड” देखे हैं। recent visitors 168

श्रीगंगानगर में आज सुबह हुए भीषण सड़क हादसा में 3 लोगों की मौत, 12 साल का बच्चा और ड्राइवर घायल

श्रीगंगानगर राजस्थान में एक बा​र फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। अनूपगढ़ में शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसा में 3 लोगों की मौत हो गई। मरने वाले सभी एक ही परिवार के बताए जा रहे है। वहीं, हादसे में कार सवार एक बच्चा और पिकअप चालक घायल हो गया। जिनका अनूपगढ़ के सरकारी अस्पताल में उपचार जारी है।  पुलिस के मुताबिक हादसा शनिवार सुबह 7 बजे नेशनल हाइवे 911 पर गांव 15 ए बस स्टैंड के पास हुआ। कार और पिकअप में आमने-सामने भिड़ंत में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दो लोग घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए अनूपगढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने तीनों शवों को अनूपगढ़ सीएचसी की मोर्चरी में रखवा दिया है। परि​जनों के आने के बाद पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। कार में सवार तीन लोगों की मौत हादसे के वक्त कार में चार लोग सवार थे। जिनमें से कार चालक प्रभु, उसके पिता ओमप्रकाश पुत्र हनुमान निवासी श्रीगंगानगर, ममेरा भाई बलबीर पुत्र हनुमान निवासी संगरिया की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, 12 वर्षीय प्रशांत घायल हो गया। हादसे में पिकअप चालक करणी सिंह भी बुरी तरह घायल हो गया। दोनों घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। हादसे में दो वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त आमने-सामने की भिड़ंत में दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। जबर्दस्त भिड़ंत के चलते हुए तेज धमाके से आसपास के लोग भी सहम गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे शवों को बाहर निकाला। ओवरटेक के चक्कर में हुआ हादसा शुरूआती जांच में सामने आया है कि हादसा ओवरटेक के चक्कर में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अनूपगढ़ से घड़साना की तरफ आ रही कार ने आगे चल रही ट्रॉली को ओवरटेक किया। तभी कार सामने से आ रही पिकअप से टकरा गई। इसके बाद बेकाबू पिकअप ट्रॉली में जा घुसी, जिससे ट्रॉली भी पलट गई। recent visitors 63

इंदौर में विद्वानों ने दीपावली को लेकर दिए अपने अपने तर्क, शहर में दो दिन होगा जश्न

इंदौर इंदौर में दीपावली कब मनेगी इस बात पर अंतिम निर्णय हो गया है। इस साल दीपावली के लिए दो दिन बताए गए थे। 31 अक्टूबर और 1 नवंबर। दोनों ही दिनों के लिए विद्वानों के अपने अपने तर्क हैं। इस विषय में कई बैठकें हुई और कई दिनों तक चर्चाओं का दौर भी चलता रहा। अब इस पर अंतिम निर्णय लिया जा चुका है। इंदौर में कई प्रमुख मंदिरों में 31 अक्टूबर और कई प्रमुख मंदिरों में 1 नवंबर को दीपावली मनेगी। लक्ष्मीनारायण मंदिर में 31 अक्टूबर को मनेगी दीपावली इंदौर के सबसे प्रमुख महालक्ष्मी मंदिर में 31 अक्टूबर को दीपावली मनेगी। होलकर राज परिवार के इस मंदिर में पंडित भानु प्रकाश दुबे ने 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि दीपोत्सव रात का त्योहार है और 31 अक्टूबर से ही मुख्य मुहूर्त शुरू होगा जो रातभर रहेगा। अगले दिन यह मुहूर्त सिर्फ दोपहर तक ही रहेगा तो रात में दीपावली मनाना तर्क सम्मत नहीं होगा। खजराना और रणजीत हनुमान में 1 नवंबर को मनेगी दीपावली शहर के विश्वप्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर, रणजीत हनुमान मंदिर और बड़ा गणपति में 1 नवंबर को ही दीपावली मनेगी। श्री श्री विद्या धाम मंदिर, वीर बगीची हनुमान मंदिर और वेंकटेश मंदिर छत्रीबाग सहित इंदौर के कई अन्य प्रमुख मंदिरों में भी 1 नवंबर को ही दीपावली मनेगी। बैठक में हुआ निर्णय दीपावली की तारीख को लेकर चल रहे संशय पर शहर के शासकीय संस्कृत महाविद्यालय में सभी प्रमुख पंडितों और विद्वानों की बैठक रखी गई। मध्य प्रदेश ज्योतिष एवं वास्तु परिषद के अध्यक्ष पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक और शासकीय संस्कृत महाविद्यालय इंदौर के विभागाध्यक्ष डॉ विनायक पाण्डेय ने बताया कि बैठक में यह निश्चित हुआ कि दीप पर्व यानी लक्ष्मी पूजन 01 नवंबर को ही मनाए जाने के योग्य है। धर्मशास्त्रों के अनुसार देव पूजन के लिए प्रतिपदा से युक्त अमावस्या ही श्रेष्ठ कही गई है। साथ ही दीपावली के लिए प्रदोषकाल भी प्रशस्त कहा गया है। मप्र और देश के पश्चिम क्षेत्रों में ये दोनों तथ्य 1 नवंबर को ही मिल रहे हैं। इसके साथ ही इस दिन प्रदोषकाल में आयुष्मान योग है। स्वाति नक्षत्र भी इसी दिन है इसलिए धर्म शास्त्र अनुसार दीपावली 1 नवंबर को मनाना ही उचित है। विभिन्न राज्यों के परिषद का निर्णय वाचन किया बैठक में विभिन्न राज्यों के विद्वत परिषद और प्रमुख शहरों के विभिन्न परिषद द्वारा भेजे गए संदेश का वचन भी किया गया। इसमें दिल्ली उत्तराखंड हिमाचल गुजरात राजस्थान अयोध्या सूरत जयपुर जोधपुर हरिद्वार लखनऊ गोरखपुर आदि शहरों में भी 1 नवंबर के पक्ष में अभी मत बताए गए हैं साथ ही यह भी बताया गया कि देश के 90% से अधिक पंचांगों में 1 नवंबर को दीपावली मान्य की गई है। ब्राह्मण समाज 1 नवंबर को मनाएगा दीपावली बैठक में सर्व ब्राह्मण समाज इंदौर के सचिव विकास अवस्थी ने बताया कि सर्व ब्राह्मण समाज भी हमारे आचार्चों के निर्णय के साथ है और 1 नवंबर को ही संपूर्ण समाज से दीपावली मनाने की अपील करता है। किस दिन क्या मनेगा बैठक में सभी की सहमति से निर्णय लिया गया कि 29 अक्टूबर 2024 को धनतेरस 30 को धनवंतरी पूजा और यम दीपदान रहेगा। 31 को नरक चतुर्दशी और 1 नवंबर को दीपावली रहेगी। 2 नवंबर को प्रतिपदा पर गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का आयोजन रहेगा। 03 को यम द्वितीया और भाई दूज रहेगी। recent visitors 96

शाहरुख ने खुद को हिंदू बताकर की दोस्ती, फिर जबरन शादी और रेप, अब उम्रकैद

 अलवर राजस्थान के अलवर में धर्म छुपाकर नाबालिग लड़की संग दोस्ती कर उसके बाद धोखे से शादी और दुष्कर्म करना शाहरुख नाम के युवक को महंगा पड़ गया। अदालत में दोषी साबित होने के बाद अब उसे जीवनभर जेल में ही रहना होगा। अलवर में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) एक्ट की स्पेशल कोर्ट (संख्या चार) ने धर्म छुपाकर नाबालिग लड़की से धोखाधड़ी से शादी करने और दुष्कर्म करने के मामले में दोषी युवक को शुक्रवार काे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। स्पेशल कोर्ट की जज हिमांकनी गौड ने आरोपी शाहरुख को नाबालिग से धर्म छुपाकर धोखाधड़ी से शादी करने और दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उसे 67 हजार रुपये का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरवरी 2021 में शाहरुख ने खुद को सुमित बताकर नाबालिग से दोस्ती की थी। वह कलावा पहनकर और टीका लगाकर नाबालिग को मंदिर ले जाता था। बाद में वह उसे राजगढ़, जयपुर और दिल्ली ले गया। जहां आर्य समाज के वैदिक ट्रस्ट में खाली कागज पर हस्ताक्षर करा लिए, लेकिन पीड़िता ने शादी से इनकार कर दिया। वहां से शाहरुख उसे गुरुग्राम ले गया, जहां पीड़िता को उसका वास्तविक नाम पता चला। इस पर शाहरुख ने उससे मारपीट की और दुष्कर्म किया। गुरुग्राम से ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल कारावास वहीं, राजस्थान के ही झुंझुनु में भी पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के दोषी को शुक्रवार को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। स्पेशल जज ने अभियाेगी सुरेश कुमार को नाबालिग से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस मामले के अनुसार, उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र में 13 अप्रैल 2019 को पीड़िता से दुष्कर्म किया, जब वह घर पर अकेली थी। सुरेश ने किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी। recent visitors 82

सतना में किसानों को नई खाद पर नहीं है भरोसा, डीएपी के लिए लगा रहे केंद्रों के चक्कर

सतना मध्यप्रदेश के सतना जिले में किसानों के सामने खाद को लेकर समस्या खड़ी हो गई है। यहां डीएपी खाद न मिलने से किसान खाद केंद्र के बाहर चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। किसान खाद केंद्र में आते हैं और खाद न मिलने पर मायूस होकर वापस घर को लौट जाते हैं। दरअसल, मामला सतना जिले के सिविल लाइन कोठी रोड स्थित खाद केंद्र का है। जहां किसानों को डीएपी खाद न मिलने से किसान परेशान हो रहे हैं। डीएपी खाद के लिए किसान सुबह से ही खाद केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं और डीएपी खाद मिलने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि हमें जिस डीएपी खाद की जरूरत है, वह खाद सरकार भेज नहीं रही है। खाद न मिलने से किसान भारी परेशान हैं। अगर समय से डीएपी नहीं मिलेगी तो किसान खेती कैसे करेगा। समय पर नहीं मिली खाद तो कैसे होगी उपज वहीं, किसानों का आरोप है कि बुवाई के समय पर हर साल खाद की किल्लत हो जाती है। किसानों ने कहा कि सरकार समय रहते खाद का स्टाक नहीं करती, जिसके चलते किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है। किसानों ने बताया कि किसान जिस डीएपी खाद की डिमांड कर रहे हैं, वो खाद यहां उपलब्ध नहीं है। हमें जरूरत के अनुसार, डीएपी उपलब्ध करवाया जाए। ताकि समय पर फसल की बुवाई कर सके। खरवाही गांव से आए किसान अंकुश कुमार साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि हम 15 दिन से डीएपी खाद के लिए लगातार परेशान हैं। डीएपी खाद न मिलने के बाद बुवाई के लिए खेत विलंब हो रहा है। चना मसूर और राई का सीजन चल रहा है। अगर समय से डीएपी नहीं मिलेगी तो किसान कैसे बुआई करेगा। ये जो डुप्लीकेट खाद आयी है। 20-20-013 और 16-16-16 नम्बर की ये किसानों को बेवकूफ बनाकर खाद हम किसानों के लिए भिजवाया जा रहा है। किसानों की डिमांड 18-46-0 की है, ये खाद नहीं आ रही है। नई खाद पर हमें भरोसा नहीं पतौरा वीरपुर निवासी सुखेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि  डीएपी के लिए हम आ रहे हैं। चार दिनों से लेकिन डीएपी मिल नहीं रही है। एक नई खाद आयी है, उसमें हमें भरोसा नहीं है। इसलिए हम 1846 डीएपी की मांग कर रहे हैं, लेकिन हमारी कोई नहीं सुन रहा है।   recent visitors 63

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की अपील दीपावली पर स्थानीय सामग्री के उपयोग को करें प्रोत्साहित

दीपावली पर स्थानीय सामग्री के उपयोग को करें प्रोत्साहित – मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी में “वोकल फॉर लोकल’’ का भाव रहना चाहिए  – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की अपील दीपावली पर स्थानीय सामग्री के उपयोग को करें प्रोत्साहित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई देते हुए मंगलकामना की है कि सभी के जीवन में महालक्ष्मी जी की कृपा बनी रहे। उन्होंने कहा कि दीपावली पर सभी के मन में “वोकल फॉर लोकल’’ का भाव रहना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सभी को वोकल फॉर लोकल के लिये प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि दीया-बाती बनाने वालों, साफ-सफाई व श्रृंगार की सामग्री बनाने वालों और ऐसी ही गतिविधियों में स्थानीय स्तर पर लगे व्यक्तियों और उनके परिवारों से मिलकर, दीपावली पर्व के उत्साह और उल्लास का प्रकटीकरण होता है। भगवान श्रीराम ने भी सभी लोगों के साथ मिलकर सभी के कल्याण की कामना के साथ अपना राज्य चलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्थानीय सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी दीपावली मनाने के लिए स्वयं बाजार जाकर स्थानीय स्तर पर बनाए गए उत्पाद खरीदेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सबका यह सामूहिक प्रयास हो कि गरीब और मजदूर परिवार का कोई भी सदस्य भूखा न रहे, सबके जीवन में दीपावली का आनंद हो, हम सामूहिक दायित्व के रूप में दीपावली का पर्व मनाएं।   recent visitors 53

2025 – 26 तक भारत के तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान: सीतारमण

वाशिंगटन केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले 80 वर्षों में एक बहुपक्षीय संस्था के रूप में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के विकास की सराहना करते हुये शनिवार को यहां कहा कि मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में आईएमएफ सहित प्रमुख वैश्विक संस्थाओं में सुधारों की आवश्यकता है। श्रीमती सीतारमण ने यहां विश्व बैंक और आईएमएफ की वार्षिक बैठक के दौरान आईएफएफ में 'एमडी के वैश्विक नीति एजेंडा' पर आईएमएफसी प्लेनरी सत्र में भाग लिया और गुटो में बटे विश्व के लिए एक सेतु का काम करने के लिए आईएमएफ की सराहना की और कहा कि आईएमएफ की मुख्य योग्यता के साथ-साथ संगठन के भीतर संसाधनों की उपलब्धता का उचित संज्ञान लेने के बाद सदस्यों की जरूरतों के अनुसार अपनी निगरानी, ऋण और क्षमता विकास को तैयार करके भविष्य के लिए तैयार रहना चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा कि 2024 में वैश्विक अर्थव्यवस्था ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है; जबकि कुछ प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में उत्पादन अपनी क्षमता के करीब पहुंच रहा है, मुख्य मुद्रास्फीति आम तौर पर कम हुई है और केंद्रीय बैंकों के लक्ष्यों के करीब पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि हालांकि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मध्यम अवधि की वैश्विक विकास संभावनाओं सहित कई नकारात्मक जोखिम हैं, जो उनकी निरंतर कमजोरी के कारण चिंता का विषय हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि एमडी के वैश्विक नीति एजेंडे ने सही ढंग से नरम लैंडिंग हासिल करने और कम विकास-उच्च ऋण पथ से बाहर निकलने को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ की निगरानी और नीति मार्गदर्शन ऋण संकट से जूझ रहे देशों के लिए महत्वपूर्ण है, हालांकि, आईएमएफ को अपनी नीति में निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि ईएमडीई की आर्थिक बुनियादी बातों को पर्याप्त रूप से ध्यान में रखने के लिए सॉवरेन रेटिंग की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके लिए पूंजी की लागत और निजी पूंजी को आकर्षित करने की उनकी क्षमता को ध्यान में रखा जाए। वित्त मंत्री ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के साथ जुड़ाव को भी रेखांकित किया और कार्यप्रणाली में सुधार का आह्वान किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे चुकाने की क्षमता और इच्छा को दर्शाने वाले बुनियादी बातों को भी शामिल करें।   विश्व बैंक को प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण के साथ किफायती बनाया जाये: सीतारमण केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने विश्व बैंक को व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देने, मध्यम आय वाले देशों को अधिक उधार लेने के लिए प्रोत्साहित करने और विकास प्रभाव को गहरा करने के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण मॉडल के साथ अधिक किफायती बनाने की मांग की है। श्रीमती सीतारमण ने आज यहां विश्व बैंक और अंतररराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की वार्षिक बैठक 2024 के दौरान विश्व बैंक में 'भविष्य के लिए तैयार विश्व बैंक समूह' पर विकास समिति के पूर्ण सत्र में भाग लिया और 1944 के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में बहुपक्षीय विकास बैंकों की नींव रखने में वैश्विक साउथ के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख किया और सही मायने में समावेशी, वैश्विक विकास ढांचे को सुनिश्चित करने के लिए निर्णय लेने में सभी को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने हस्तक्षेप करते हुये कहा कि डिजिटल समावेशन और सस्टेनेबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में वैश्विक साउथ के परिवर्तनकारी अनुभवों से प्रेरणा लेते हुए नवाचारों के दो-तरफ़ा आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए विश्व बैंक को आगे आना चाहिए। उन्होंने ने वित्तीय क्षमता बढ़ाने के लिए बैलेंस शीट उपायों को अनुकूलित करने के वास्ते पिछले वर्ष में विश्व बैंक की पहल की सराहना की और कहा कि बढ़ती वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की अपनी विकासात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए नए और रियायती संसाधनों की आवश्यकता को देखते हुए नए और रियायती दोनों तरह के संसाधन आवश्यक होंगे। वित्त मंत्री ने भारत के रुख को दोहराया कि विश्व बैंक को वैश्विक सूचकांक और देशों के तुलनात्मक रिपोर्ट जैसे विश्वव्यापी शासन संकेतक और नए बी-रेडी इंडेक्स तैयार करते समय सख्ती से साक्ष्य-आधारित और डेटा-संचालित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने इस उम्मीद के साथ अपने हस्तक्षेप का समापन किया कि विश्व बैंक प्राथमिकताओं को संबोधित करके, क्षेत्रों को सशक्त बनाकर और साझेदारी को बढ़ावा देकर एक नई प्रतिबद्धता के साथ भविष्य का मार्ग तैयार करेगा, ताकि 2030 एसडीजी और उससे आगे की दिशा में प्रगति को तेज करने में सक्षम भविष्य के लिए तैयार संस्थान बनाया जा सके। recent visitors 94