यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने लेबनान में युद्ध विराम की बात दोहराई

संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान में सहायता पहुंचाने के प्रयासों में तेजी की लेबनान में UN लड़ाई के बीच जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने के लिए अपने प्रयास तेज कर रहे यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने लेबनान में युद्ध विराम की बात दोहराई संयुक्त राष्ट्र  संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने कहा कि लेबनान में संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार लगातार लड़ाई के बीच जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने के लिए अपने प्रयास तेज कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) द्वारा बनाए गए एक मानवीय काफिले ने नबातिह गवर्नरेट में जरूरी सहायता सामग्री पहुंचाई, जिसमें तैयार खाने, साफ-सफाई के सामान और सौर लैंप शामिल थे। ओसीएचए के अनुसार, इस महीने अब तक, संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान के दुर्गम क्षेत्रों में लोगों को आठ मानवीय काफिलों द्वारा सहायता भेजी है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया, इसके अलावा दक्षिण लेबनान में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने बमबारी से क्षतिग्रस्त जल सुविधाओं की आपातकालीन मरम्मत का समर्थन करने के लिए आवश्यक आपूर्ति प्रदान की है, जिससे 3,60,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पोलियो, खसरा, रूबेला आदि जैसी बीमारियों के खिलाफ विस्थापित बच्चों के टीकाकरण में लेबनानी स्वास्थ्य अधिकारियों को अपना सपोर्ट दिया। वहीं, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने पूरे देश में सेवाएं देना जारी रखा। हालांकि यूएनएफपीए ने बताया कि सुरक्षा स्थिति खराब होने के कारण, एजेंसी द्वारा समर्थित कुछ साइटें अब चालू नहीं हैं। इसमें 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से छह, इसी तरह नौ मोबाइल यूनिट्स में से एक यूनिट और महिलाओं और लड़कियों के लिए 17 सुरक्षित स्थानों में से पांच शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन (माइग्रेशन) संगठन के अनुसार, लेबनान के अंदर 8,33,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। बुधवार तक, विस्थापितों में से लगभग 1,92,000 लगभग 1,100 शेल्टर में रह रहे थे, जिनमें से 84 प्रतिशत पूरी क्षमता पर थे। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने पिछले अक्टूबर से लेबनान में विस्थापित हुए 53,400 से अधिक शरणार्थियों की पहचान की है, जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक को पिछले महीने ही भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिसमें अधिकांश सीरियाई शरणार्थी हैं। सीरियाई अरब रेड क्रिसेंट के अनुमानों के आधार पर, सितंबर से लगभग 4,40,000 लोग लेबनान से सीरिया में भाग गए हैं। यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने लेबनान में युद्ध विराम की बात दोहराई  के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के उच्च प्रतिनिधि जोसेप बोरेल ने कहा कि लेबनान में चल रहे संकट को हल करने के लिए सात कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है। फ्रांस में आयोजित लेबनान के लोगों और संप्रभुता के समर्थन सम्मेलन के बाद उनका यह बयान आया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इस सम्मेलन में लेबनान को मानवीय सहायता और सुरक्षा बलों के समर्थन के लिए कुल मिलाकर 1 अरब डॉलर का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि लेबनान में स्थिति बेहद गंभीर है और हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच सैन्य टकराव को समाप्त करने के लिए तत्काल और बड़े पैमाने पर प्रयासों की आवश्यकता है, जो नागरिक आबादी को भारी पीड़ा पहुंचा रहा है और लेबनानी सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर रहा है। बोरेल ने जोर देकर कहा, “पहला कदम युद्धविराम है, शत्रुता को रोके बिना, कुछ भी संभव नहीं होगा।” अन्य आवश्यक कदमों में राष्ट्रपति चुनाव का आयोजन, अपने क्षेत्र पर लेबनान की संप्रभुता को बहाल करना और लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) के जनादेश को बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा, नए राष्ट्रपति के चुनाव के बाद मजबूत आर्थिक समर्थन के साथ-साथ लेबनानी लोगों को बिना शर्त आपातकालीन मानवीय सहायता का प्रावधान महत्वपूर्ण है। बोरेल ने कहा, “हम इस समय लेबनान में संभावित राजनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत और व्यापक स्तर पर होने वाले संघर्ष के बीच समय के साथ संघर्ष कर रहे हैं, जिसके परिणाम अनगिनत होंगे।” शुक्रवार को बाद में बोरेल ने लेबनान में दिन में एक इजरायली हवाई हमले में तीन पत्रकारों की हत्या की निंदा की, और कहा कि पिछले एक साल में गाजा में लगभग 130 पत्रकारों की जान जा चुकी है। उन्होंने ‘एक्स ‘पर कहा, “प्रेस की स्वतंत्रता और पहुंच की गारंटी होनी चाहिए, और पत्रकारों को हर समय सुरक्षा मिलनी चाहिए।”     recent visitors 72

उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर की भस्म आरती के दर्शन व्यवस्था में किया बड़ा बदलाव

उज्जैन  धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर की भस्म आरती के दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. अब श्रद्धालु रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडी (RFID) बैंड पहनकर आरती में शामिल होंगे. मंदिर समिति इसे नवंबर के पहले सप्ताह में लागू करने की तैयारी कर रही है. इसके लिए टेस्टिंग भी शुरू कर दी गई है. बता दें कि RFID से भस्म आरती में अनाधिकृत प्रवेश पर रोक तो लगेगी ही साथ ही ये भी पता होगा कि कितने भक्तों को अनुमति दी गई है और कितनों ने प्रवेश किया है. इसके लिए ऐप, कम्प्यूटर स्कैनर आदि अगले हफ्ते तक इंस्टाल हो जाएंगे. नवंबर महीन से भस्म आरती में प्रवेश RFID से होगा. इस नए सिस्टम के तहत लाइनें कम होंगी. जांच प्रक्रिया तेज होगी और एक घंटे में लगभग 1000 श्रद्धालुओं की स्कैनिंग संभव होगी. मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि इंदौर की एक कंपनी को इस प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है. इसकी टेस्टिंग प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. कंपनी अगले सप्ताह तक RFID से संबंधित सॉफ्टवेयर, स्कैनर, और प्रिंटर मंदिर में स्थापित कर देगी. recent visitors 150

केंद्र सरकार ने दीवाली से पहले किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 29 संयुक्त सचिवों की नियुक्ति

नईदिल्ली  केंद्र द्वारा नौकरशाही में किए गए बड़े फेरबदल के तहत विभिन्न सरकारी विभागों में 29 संयुक्त सचिवों की नियुक्ति की गई है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा  जारी आदेश के अनुसार, भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस), भारतीय रेलवे विद्युत इंजीनियर सेवा (आईआरएसईई), भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा (आईएएंडएएस) और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों को संयुक्त सचिव (जेएस) स्तर के इन प्रमुख पदों पर नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि आईडीएएस अधिकारी प्रवीण कुमार राय और राकेश कुमार पांडे तथा आईआरएसईई अधिकारी राजेश गुप्ता को गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इसमें बताया गया कि आईएएंडएएस अधिकारी (1999 बैच) राज कुमार को पांच साल के कार्यकाल के लिए गृह मंत्रालय के तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में निदेशक (वित्त) के रूप में नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश काडर के 2000 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी दीपक अग्रवाल को भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) का प्रबंध निदेशक (जेएस स्तर) नियुक्त किया गया है। आईएएस अधिकारियों चौहान सरिता चंद और पी बाला किरण को क्रमशः प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश काडर की 1996 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी भावना सक्सेना को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) की सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) नियुक्त किया गया है। भारतीय आयुध निर्माणी सेवा (आईओएफएस) के 1998 बैच के अधिकारी अंजन कुमार मिश्रा को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) का सचिव नियुक्त किया गया है। आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) के अधिकारी नीरज कुमार को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा 1995 बैच के आईआरएस (आयकर काडर) अधिकारी केसांग यांगजोम शेरपा वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव होंगे। प्रेमजीत लाल को भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है, बालामुरुगन डी को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव और रमा शंकर सिन्हा को पशुपालन एवं डेयरी विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। वरिष्ठ नौकरशाह रजत अग्रवाल और वेद प्रकाश मिश्रा को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।   recent visitors 64

गांधीसागर अभयारण्य में अफ्रीका व केन्या के दलों ने भी दी हरी झंडी, दिसंबर के अंत तक आ सकते हैं चीते

मंदसौर  अब सबकुछ ठीक रहा तो साल के अंत में गांधीसागर अभयारण्य में चीते आ जाएंगे। इसके साथ ही देश में कूनो के बाद गांधीसागर अभयारण्य चीतों के दूसरे घर के रूप में पहचाना जाएगा। यहां बड़े घास के मैदान, पानी, कंदराएं सभी कुछ चीतों के लिए मुफीद हैं। अभयारण्य भी उनके स्वागत के लिए तैयार है। अभी चीतों के लिए हिरण, चीतल को यहां लाने का काम भी फिर से शुरू हो गया है। 1250 हिरण-चीतल लाने हैं और अभी तक 434 ही पहुंचे हैं।अभयारण्य में 6400 हेक्टेयर में चीतों के लिए बड़े बाड़े बनकर तैयार हैं। इनमें आठ क्वारंटाइन बाड़े भी हैं, जहां शुरुआत में आठ चीतों को क्वारंटाइन बाड़ों में रखा जाएगा। चीतों के भोजन को लेकर भी हुई चर्चा केंद्र सरकार की तरफ से जो संकेत मिले हैं, उसके अनुसार साल के आखिर तक चीते गांधीसागर में आ सकते हैं। ये अफ्रीका से लाए जाएंगे या केन्या से यह अभी तय नहीं है। दक्षिण अफ्रीका व फिर केन्या से आए दल ने गांधीसागर अभयारण्य में चीतों को बसाने के लिए की गई सभी तैयारी का निरीक्षण किया है। गांधीसागर अभयारण्‍य में हिंगलाजगढ़ किले के आस-पास घना जंगल वन्‍य प्राण‍ियों के लिए काफी अच्‍छा है। विशेषज्ञों ने बाड़े, क्वारंटाइन बाड़ों, हाईमास्ट कैमरा, जलस्रोत मॉनिटरिंग के लिए बनाए गए स्थल और उपचार केंद्र सहित सभी तैयारी देखी है। चीतों के भोजन को लेकर भी उनकी चर्चा हो चुकी है। बड़े जानवरों का शिकार नहीं कर सकता चीता चीता बड़े जंगली जानवरों का शिकार नहीं कर सकता हैं। इसके लिए हिरण, खरगोश, जंगली श्वान जैसे छोटे जानवर ही उपयुक्त रहते हैं। चीते के भोजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए गांधी सागर अभयारण्य क्षेत्र में 1250 चीतल और हिरणों को बीते वर्ष ही छोड़ा जाना था लेकिन अभी तक करीब 434 ही छोड़े गए हैं। शाजापुर जिले के साथ ही भोपाल के वन विहार, नरसिंहगढ़ सेंचुरी और कान्हा टाइगर सफारी आदि स्थानों से हिरण व चीतल को पकड़कर यहां छोड़ने के लिए अफ्रीकी वाइल्ड लाइफ एंड साल्यूशन कंपनी को अनुबंधित किया गया है। केन्या से आए दल ने देखी व्यवस्था     गांधीसागर अभयारण्य में चीतों को लाने की तैयारी हमारी तरफ से पूरी हो गई है। अफ्रीका, केन्या से आए दल ने भी सारी व्यवस्था देख कर संतुष्टि जताई है। अब सरकार की हरी झंडी का इंतजार है। साल के अंत में आते हैं या बाद में यह हम भी आदेश का ही इंतजार कर रहे हैं। – संजय रायखेरे, डीएफओ, मंदसौर   recent visitors 106

भारत ने पिछले एक दशक में सुधारों ने विकास, उत्पादक रोजगार को बढ़ावा दिया : सीतारमण

वाशिंगटन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  यहां कहा कि निरंतर गति के साथ भारत के 2025-26 तक सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान है।श्रीमती सीतारमण ने यहां विश्व बैंक और आईएमएफ की वार्षिक बैठक के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में 'नीति चुनौतियों पर संवाद' विषय पर ब्रेकफास्ट सत्र में भाग लिया और अपने हस्तक्षेप में भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि संरचनात्मक सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता बने हुए हैं और पिछले एक दशक में सुधारों ने विकास, उत्पादक रोजगार को बढ़ावा दिया है और वित्तपोषण और अनुपालन बाधाओं को कम करके कारोबारी माहौल में सुधार किया है। उन्होंने कहा कि निरंतर गति के साथ, भारत 2025-26 तक सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि नीति निर्माताओं को उच्च ऋण लागत और घटती राजकोषीय समायोजन के बीच विवेकपूर्ण राजकोषीय और मौद्रिक प्रबंधन के साथ विकास लक्ष्यों को संतुलित करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि विकास को बनाए रखने के लिए राजकोषीय समेकन क्रमिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुशल सामाजिक व्यय के लिए पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देना और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का लाभ उठाना भारत में सफल साबित हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर उत्पादन-मुद्रास्फीति का व्यापार खराब हो गया है,और आर्थिक गति धीमी हो सकती है – जिसके लिए स्पिलओवर की निगरानी के लिए निरंतर डेटा-संचालित नीति समायोजन की आवश्यकता है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और अन्य साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सार्वजनिक वस्तुओं में वैश्विक निवेश पर जोर दिया। दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई चर्चाओं का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ब्रेटन वुड्स संस्थानों को अधिक कम लागत वाली, दीर्घकालिक वित्तपोषण प्रदान करके, निजी पूंजी का लाभ उठाकर और नवीन साधनों के साथ परियोजनाओं को जोखिम मुक्त करके विकास प्रभाव को बढ़ाना चाहिए। यह स्वीकार करते हुए कि प्रौद्योगिकी और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे उभरते रुझान चुनौतियां पेश करते हैं लेकिन साथ ही अपार अवसर भी देते हैं, वित्त मंत्री ने कहा कि आईएमएफ पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक बदलावों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि विकास और लचीलेपन के लिए आर्थिक नींव को धीरे-धीरे मजबूत करने, साहसिक संरचनात्मक सुधारों और वैश्विक सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता होगी।   recent visitors 92

Gautam Adani ने नई डील से कर दिया बड़ा खेल, पूरी दुनिया में धूम मचाने की तैयारी!

नई दिल्ली  भारत और एशिया के दूसरे बड़े रईस गौतम अडानी विदेशों में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में हैं। अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने शनिवार को घोषणा की कि उसने यूएई में सेलेरिटास इंटरनेशनल FZCO नाम से एक नई यूनिट बनाई है। 100,000 दिरहम की अधिकृत और चुकता शेयर पूंजी के साथ सेलेरिटास जेबेल अली फ्री जोन में परिचालन करने के लिए तैयार है। हालांकि कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि इसने अभी तक व्यावसायिक गतिविधियां शुरू नहीं की हैं। सेलेरिटास में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स की 74% हिस्सेदारी है और इस अधिग्रहण में कोई रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन शामिल नहीं है। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड की एक संयुक्त उद्यम कंपनी अप्रैल मून रिटेल प्राइवेट लिमिटेड 200 करोड़ रुपये में कोकोकार्ट वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड में 74% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए तैयार है। अडानी एंटरप्राइजेज ग्रुप के एयरपोर्ट, रोड्स और डेटा सेंटर बिजनस को ऑपरेट करती है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए 80,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है। इसमें से 50,000 करोड़ रुपये एयरपोर्ट कारोबार और अडानी न्यू इंडस्ट्रीज के लिए आवंटित किए गए हैं। अडानी एयरपोर्ट्स के पास सात चालू एयरपोर्ट और नवी मुंबई में एक निर्माणाधीन एयरपोर्ट है। उसने अगले दशक में 21 अरब डॉलर के निवेश की रूपरेखा तैयार की है। एयरपोर्ट बिजनस अडानी ग्रुप 2019 से एयरपोर्ट बिजनस में काम कर रहा है और वर्तमान में भारत में एयरपोर्ट का सबसे बड़ा निजी ऑपरेटर है। अडानी एंटरप्राइजेज का समेकित शुद्ध लाभ जून 2024 को समाप्त पहली तिमाही में पिछले साल के मुकाबले 116% बढ़कर 1,454 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 674 करोड़ रुपये था। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का परिचालन से राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि के 22,644 करोड़ रुपये की तुलना में 12% बढ़कर 25,472 करोड़ रुपये हो गया। शुक्रवार को अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर 4.76% गिरावट के साथ 2693.70 रुपये पर बंद हुआ। recent visitors 112

दीपोत्सव के लिए सजे बाजार, धनतेरस के मौके पर होगी 5000 करोड़ की खरीदी

नई दिल्ली धनतेरस पर धनवर्षा के लिए शहर के बाजार सज गए हैं। सराफा से लेकर ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक बाजार में खूब रौनक है। नवरात्र से सकारात्मक रुझान के साथ शुरु हुए व्यापार में इस बार 30-40 प्रतिशत की रफ्तार है। पिछली बार धनतेरस पर लखनऊ जिले भर का कुल बाजार करीब 3000 करोड़ के आसपास था, जोकि इस बार 5000 करोड़ पार करने की उम्मीद है। सराफा बाजार में 2000 करोड़, रियल स्टेट में 1000 करोड, ऑटो सेक्टर में 500 करोड़, कपड़ा बाजार में 120 करोड़ कारोबार का अनुमान है। पहले दशहरा, करवा चौथ, फिर पुष्य नक्षत्र के शुभ संयोग के बाद कारोबारियों को अब तीन दिन बाद धनतेरस की बाजार से काफी उम्मीदें हैं। धनतेरस को लेकर सबसे ज्यादा जोर सराफा बाजार में है। पिछले साल जो सोना 62,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था व इस बार 81,000 हो गया है। 72,000 रुपये प्रति किलो वाली चांदी इस बार एक लाख पार कर गई है। पिछली बार 1200 करोड़ का कारोबार हुआ था, महंगाई के बावजूद इस बार भी बाजार चढ़ रहा है। चौक सराफा एसोसिएशन के अदीश जैन के मुताबिक इस बार दोगुना कारोबार की उम्मीद है। ऑटो सेक्टर में भी इस बार कारोबार 500 करोड़ पार कर जाने की उम्मीद है। पिछली बार 450 करोड़ के आसपास कारोबार रहा था। बर्तन बाजार में भी 15 फीसदी की तेजी है। यहियागंज के थोक बर्तन कारोबारी हरीश अग्रवाल के मुताबिक इस बार 70-80 करोड़ के कारोबार की उम्मीद है। मिठाई और पैक्ड गिफ्ट का भी चलन तेजी से है। शहर की मशहूर मिठाई व बेकरी की दुकानों को भी बड़े कॉर्पोरेट ऑर्डर मिले हैं। लगातार मिठाइयां, मेवे, चॉकलेट व अन्य गिफ्टों की पैकिंग की जा रही है। लखनऊ समेत जिले भर में करीब 400 करोड़ के कारोबार की उम्मीद है। जबकि, रियल एस्टेट में भी धनतेरस पर डिलीवरी लेने के लिए खूब बुकिंग हुई है। करीब 1000 करोड़ के कारोबार की उम्मीद है। धनतेरस पर 200 कारों की होगी डिलीवरी सनी टोयोटा के जीएम सेल्स प्रदीप शुक्ला का कहना है कि लखनऊ में हमारे तीन शोरूम हैं। इस बार कारों की सेल अच्छी निकल रही है। धनतेरस को लेकर पूरी तैयारी है। 200 बुकिंग मिली हैं, जिनकी धनतेरस पर डिलीवरी की जाएगी। उम्मीद है कि बाजार के इस रुख के चलते आंकड़ा 200 पार हो जाएगा। गहनों से ज्यादा निवेश के लिए खरीद रहे सोना लखनऊ सराफा एसोसिएशन के महामंत्री रवींद्रनाथ रस्तोगी का कहना है कि डेढ़ साल के अंदर सोने में निवेश से लोगों को 80 फीसदी तक रिटर्न मिला है। इसीलिए गहनों के साथ-साथ निवेश के लिए बुलियन में भी लोग सोना खरीद रहे हैं। लखनऊ समेत जिले भर में करीब 1800-2000 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। सर्वे में धनतेरस पर बंपर कारोबार की उम्मीद कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के प्रदेश चेयरमैन संजय गुप्ता का कहना है कि पिछली बार के मुकाबले इस बार बाजार में काफी तेजी है, ऐसे नतीजे सर्वे में सामने आए हैं। धनतेरस पर सभी सेक्टरों को मिलाकर लखनऊ व आसपास के जिलों में करीब 5000 करोड़ के कारोबार की उम्मीद है। जबकि, धनतेरस व दीपावली पर पूरे प्रदेश भर में एक लाख करोड़ से ज्यादा के कारोबार की उम्मीद है। कपड़ा बाजार में 120 करोड़ का होगा कारोबार यूपी कपड़ा उद्योग व्यापार के प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष अशोक मोतियानी का कहना है कि पिछले साल से 30 प्रतिशत ज्यादा की बढ़त है। कपड़ा बाजार में लिनेन, कलरफुल व कॉटन कपड़ों की मांग ज्यादा रही क्योंकि, लखनऊ में आसपास के जिलों का ग्राहक भी कपड़े खरीदता है। पूरे शहर भर में करीब 120 करोड़ के कारोबार की उम्मीद है।   recent visitors 84