स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने नरसिंहपुर जिले में किया विभिन्न कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण

भोपाल स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये कृत-संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हुए विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। प्रदेश के अब हर गांव तक पक्की सड़क पहुंचाये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह शनिवार को नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत चांदनखेड़ा में आयोजित लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने डंगहा गांव में पंचायत भवन बनाने के लिये 30 लाख रूपये की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन बन जाने से ग्रामीणों के कार्य अब और सुविधाजनक तरीके से होने लगेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने 65 लाख रूपये की राशि से निर्मित होने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन का लोकार्पण, एक करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले घोघरा मार्ग निर्माण का भूमि-पूजन और ग्राम रायपुर में करीब 50 लाख रूपये राशि के उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन बन जाने से ग्रामीण आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। उन्होंने डंगहा गांव में पंचायत भवन बनाने के लिये 30 लाख रूपये की राशि देने, अनुसूचित जाति टोला में शेड निर्माण के लिये 2 लाख 50 हजार रूपये हाई स्कूल के लिये 2 अतिरिक्त कक्ष, स्कूल के ऑडिटोरियम के लिये 20 लाख रूपये और सामुदायिक भवन निर्माण के लिये 25 लाख रूपये दिये जाने की घोषणा भी की। इस मौके पर पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद थे।   recent visitors 112

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शतरंज खिलाड़ी एरिगैसी को दी बधाई

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिभाशाली युवा भारतीय शतरंज खिलाड़ी अर्जुन एरिगैसी को लाइव शतरंज रेटिंग में 2800 का आंकड़ा पार करने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री अर्जुन एरिगैसी ने असाधारण प्रतिभा और अभूतपूर्व सफलता से समस्त राष्ट्रवासियों को गौरवान्वित किया है। श्री एरिगैसी की सफलता हम सभी के लिए ऐतिहसिक क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री एरिगैसी के उज्ज्वल और सफल भविष्य के लिए मंगलकामना की है। उल्लेखनीय है कि तेलंगाना निवासी 21 वर्षीय अर्जुन एरिगैसी ने विश्वनाथन आनंद के बाद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय शतरंज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। वे विश्वनाथन आनंद के बाद 2800 ELO रेटिंग हासिल करने वाले दूसरे भारतीय शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं। यह उपलब्धि शतरंज में एक बेहद प्रतिष्ठित उपलब्धि है, जिसे दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ी ही हासिल कर पाते हैं।   recent visitors 40

देश को आजाद करते समय अंग्रेजों ने इसे खण्ड-खण्ड करने का प्रयास किया, सरदार पटेल ने अखण्ड भारत का निर्माण किया: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अंगेजों द्वारा विभक्त भारत को अखण्ड बनाया। देश को आजाद करते समय अंग्रेजों ने इसे खण्ड-खण्ड करने का प्रयास किया। इस प्रयास को विफल करके सरदार पटेल ने अखण्ड भारत का निर्माण किया। रियासतों का एकीकरण सरदार पटेल की प्रतिभा, साहस और कौशल का बहुत बड़ा उदाहरण है। सरदार पटेल ने ही सोमनाथ मंदिर और द्वारिकाधीश मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया। उन्होंने अपने कार्यों से देश की सनातनी परंपरा को भी गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना में सरदार वल्लभ भाई पटेल ट्रस्ट द्वारा आयोजित भव्य समारोह में देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने गरीबों और किसानों के लिए जीवन भर कार्य किया। सरदार पटेल के किसानों के कल्याण के सपने के रूप में गुजरात में दुग्ध उत्पादक संघ अमूल का गठन और विकास हुआ। इसने पूरे देश में श्वेत क्रांति ला दी। अमूल, किसानों के सहयोग और सहकार से बना संगठन है। अमूल, दुग्ध उत्पादक किसानों को अच्छी गुणवत्ता का पशु आहार, दुधारी पशुओं को बीमा सुरक्षा का लाभ तथा दीवाली पर किसानों को लाखों का बोनस देता है। मध्यप्रदेश में भी दुग्ध उत्पादक किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध संग्रहण के लिए बोनस दिया जायेगा। यह मध्यप्रदेश के किसानों के लिए सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार जनता के साथ मिलकर दीवाली तथा गोवर्धन पूजा मनायेंगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से अयोध्या में भव्य मंदिर में भगवान श्रीराम मुस्कुरा रहे हैं। हम सब हर्षोल्लास से दीवाली मनाकर अपना जीवन खुशियों से भरेंगे। उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण तथा बनारस में बाबा विश्वनाथ लोक का निर्माण हुआ है। उसी तरह चित्रकूट में श्रीराम लोक का निर्माण किया जायेगा। इसके लिए चित्रकूट विकास प्राधिकरण गठित कर प्रयास शुरू कर दिये गये हैं। मैहर में मां शारदा लोक का निर्माण किया जायेगा। अयोध्या की तरह मथुरा भी जगमग होगा। मुख्यमंत्री ने सतना में नगर निगम के सहयोग से लाईब्रेरी के संचालन, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग सेंटर तथा छात्रावास बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हमने साइबर तहसील व्यवस्था लागू कर दी है। अब किसानों को जमीन के नक्शे, खसरे और नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। आधुनिक संचार सुविधा के माध्यम से उन्हें घर बैठे इसकी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभ भाई पटेल ट्रस्ट की स्मारिका "एकता" का विमोचन भी किया। पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री लखन पटेल ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर सतना और मैहर जिले के नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन ने ग्रामीण स्तर से लेकर जिला स्तर तक अपने संगठन का बहुत अच्छा विस्तार किया है। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि सरदार पटेल जैसी महान विभूति ने देश के निर्माण और एकात्म मानववाद की भूमिका में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सरदार पटेल के आदर्शो को जन-जन तक पहुंचाने के लिए केवडिया गुजरात में विश्व का सबसे बडी प्रतिमा स्टेचू ऑफ यूनिटी देश में स्थापित की। सांसद श्री गणेश सिंह ने कहा कि सरदार पटेल ने देश की एकता और अखण्डता के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उनके प्रयासों से ही स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों का एकीकरण होकर आधुनिक भारत का निर्माण हुआ। समारोह में पूर्व मंत्री श्री रामखेलावन पटेल ने संगठन के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को सामूहिक रूप से शपथ दिलाई। समारोह में विधायक मैहर श्रीकांत चतुर्वेदी, विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, महापौर योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष सुस्मिता सिंह, पूर्व सांसद तथा पिछडा आयोग वर्ग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व विधायक श्रीमती ऊषा चौधरी, पूर्व विधायक शंकरलाल तिवारी सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।   recent visitors 56

आज दिल्ली में राधा स्वामी सत्संग, दक्षिणी दिल्ली के ट्रैफिक रूट्स में बदलाव

नई दिल्ली दिल्ली के भाटी माइंस स्थित राधा स्वामी सत्संग परिसर में आज धार्मिक समागम का आयोजन हो रहा है, जिसमें 3-4 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस दौरान दक्षिणी दिल्ली के ट्रैफिक रूट्स में बदलाव किए गए हैं, खासकर छतरपुर रोड (एसएसएन मार्ग) और गुड़गांव रोड टी-पॉइंट से सत्संग कॉम्प्लेक्स तक। सुबह 4 बजे से शाम 6 बजे तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से भीड़भाड़ की संभावना है। प्रमुख निर्देश और सुझाव समय पर पहुंचें: सभी श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे सुबह 6 बजे से पहले पहुंचें ताकि जाम की समस्या से बचा जा सके। प्रवेश और पार्किंग व्यवस्था: श्रद्धालु भाटी माइंस रोड से परिसर में प्रवेश करें, और सभी प्रकार के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की गई है। एसएसएन मार्ग पर वाहन पार्किंग नहीं होगी। प्रभावित मार्ग: भारी वाहनों के लिए शुक्रवार से रविवार तक सुबह 4 बजे से शाम 6:30 बजे तक छतरपुर रोड और सत्संग कॉम्प्लेक्स के बीच के मार्ग पर प्रतिबंध रहेगा। आम लोगों को भीड़भाड़ से बचने के लिए इन मार्गों से परहेज करने की सलाह दी गई है। आपातकालीन वाहनों के लिए मार्ग: दिल्ली पुलिस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहनों को इन रास्तों पर बिना रोक-टोक आने-जाने की अनुमति होगी। फरीदाबाद की ओर से आने वाले इमरजेंसी वाहनों को महरौली-गुरुग्राम रोड से आने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक सलाह: दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इन दिनों सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक प्रयोग करें ताकि सड़कों पर अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके और आपातकालीन वाहनों का मार्ग अवरुद्ध न हो। recent visitors 176

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ एकजुट स्वास्थ्य संगठन

भोपाल स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बहुत चुनौतीपूर्ण है और कई प्रयासों के बावजूद सरकार भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों को लागू नहीं कर पाई है। अभी भी विशेषज्ञों के 2374 पद रिक्त है, जो स्वीकृत पदों का 63.73% है। चिकित्सा अधिकारियों के 1054 (स्वीकृत पदों का 55.97%) पद और दंत चिकित्सकों के 314 पद रिक्त है और इसलिए कई सीएचसी और जिला अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ और आवश्यक सहायक कर्मचारी नहीं है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोफ़ाइल के अनुसार मध्य प्रदेश में केवल 43 विशेषज्ञ ,सामान्य ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर  670, रेडियोग्राफर 191, फार्मासिस्ट 474, प्रयोगशाला तकनीशियन 483  और 2087 नर्सिंग स्टाफ सीएचसी में काम कर रहे हैं। सन् 2015 में म.प्र सरकार ने  27 जिलों के जिला अस्पतालों और सीएचसी को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की थी, जिसका मध्यप्रदेश के विभिन्न समूहों ने विरोध किया था। इसके बावजूद 3 नवंबर 2015 को राज्य स्वास्थ्य समिति ने अलीराजपुर जिला अस्पताल तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जोबट के शिशु एवं मातृत्व मृत्यु दर में सुधार और कुछ अन्य चुनिंदा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए वडोदरा की संस्था दीपक फाउंडेशन के साथ एम.ओ.यू. किया गया।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने उन्हें फंड भी दिया। यह पूरा कार्य बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के हुआ। जन स्वास्थ्य अभियान द्वारा जबलपुर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई और बाद में एक साल बाद यह अनुबंध रद्द कर दिया गया। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उस दौरान अलीराजपुर में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ था। मध्य प्रदेश स्वास्थ्य सेवा गारंटी योजना 2014 में शुरू की गई थी।इस योजना के अनुसार मुफ्त दवाइयाँ और जांचें मुफ्त प्रदान करने की गारंटी दिया गया था। हाल ही में हब और स्पोक मॉडल जो प्रयोगशाला सेवाओं के निजीकरण का एक और रूप है। निजी संस्थाओं ने लाभ कमाने के लिए सरकारी कर्मचारियों और प्रयोगशालाओं का उपयोग किया है। 11 जुलाई 2024 के पत्र क्रमांक एनआईटी संख्या 471/2/वाईवी/डीएमई/2024 के अनुसार निजी संस्थाएँ पीपीपी मोड के तहत 10 जिला अस्पतालों ( खरगौन, धार, बैतूल ,टीकमगढ़, बालाघाट, कटनी, सीधी, भिंड , मुरैना, पन्ना) में निजी मेडिकल कॉलेज विकसित करेंगी। यह नीति आयोग के 1 जनवरी 2020 के प्रस्ताव पर आधारित है, जिसका 2020 में विभिन्न राज्यों और मध्य प्रदेश ने विरोध किया था। मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए मॉडल रियायत समझौते में स्पष्ट रूप से कहा गया है (पृष्ठ 58 से 62) कि पूरे जिला अस्पतालों को निजी संस्थानों को सौंप दिया जाएगा। अब 22 अक्टूबर 2024 की मेडिकल न्यूज के अनुसार सरकार 348 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 51 सिविल अस्पतालों को आउटसोर्स करने की योजना बना रही है। इस कदम से साफ पता चलता है कि मौजूदा सरकार अपने लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए संघर्ष कर रही है। अगर यह फैसला स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों या मंत्री स्तर पर लिया गया है, तो सरकार को इस कदम के पीछे की मंशा का पारदर्शी ब्यौरा देना चाहिए। जनता को निर्णय लेने की प्रक्रिया को जानने और समझने का अधिकार है। सरकार को इस कदम के कारणों की जांच रिपोर्ट साझा करना चाहिए और राज्य के सभी रेफरल अस्पतालों के निजीकरण के अपने फैसले को वापस लेने पर विचार करना चाहिए। इस देश में और विश्व स्तर पर इस बात का कोई सबूत नहीं है कि स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण और निगमीकरण लोगों की उन तक पहुँच के लिए फायदेमंद रहा है। इस बात के भी बहुत से सबूत हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण उन लोगों के लिए बाधाएँ पैदा करेगा जिन्हें उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। पूर्व स्वास्थ्य सचिव( स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय) के सुजाता राव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का व्यावसायीकरण आपदा का कारण बन सकता है। इसका मतलब यह है कि मध्य प्रदेश राज्य अपने नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम नहीं है और सार्वजनिक क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों को निजी खिलाड़ियों को सौंपकर लोगों के स्वास्थ्य से समझौता कर रहा है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद-21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी देता है। इसमें कहा गया है कि कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही किसी को इन अधिकारों से वंचित किया जा सकता है। जीवन के अधिकार में सम्मान के साथ जीने का अधिकार, आजीविका का अधिकार और स्वस्थ वातावरण का अधिकार शामिल है।  संविधान का अनुच्छेद- 47 एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो राज्य को सार्वजनिक स्वास्थ्य के सुधार को प्राथमिकता देने का आदेश देता है, जो अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति सरकार की जिम्मेदारी को उजागर करता है। हम किसी भी प्रकार के पीपीपी माॅडल या आउटसोर्सिंग का विरोध करते हैं जो स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण की ओर ले जा सकता है। इसके बजाय हम सरकार से सभी हितधारकों को बुलाने और अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा करने की वकालत करते हैं। यह सुनिश्चित करते हुए कि वे सरकारी नियंत्रण में रहें। यह स्वास्थ्य प्रशासन को बढ़ाने और स्वास्थ्य संकेतकों को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सरकार की जवाबदेही की पुष्टि करता है। recent visitors 55

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुना प्रधानमंत्री के मन की बात का 115वां संस्करण

देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आई.एस.बी.टी देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात का 115वां संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मन की बात के हर एपिसोड प्रेरणादायी होता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा है। आज भारत सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत बन रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत को अलग पहचान मिली है।    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात में डिजिटल सुरक्षा का जिक्र किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें। अज्ञात फोन कॉल आने पर जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं, किसी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी न दें।  उन्होंने कहा कि फेक फोन कॉल आने पर साइबर हेल्पलाइन और पुलिस को सूचित करें, सबूत सुरक्षित रखें। अन्य लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करें। इस अवसर पर विधायक श्री विनोद चमोली, श्री प्रमोद नैनवाल ,मण्डल अध्यक्ष श्री संजीव सिंघल, गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पाण्डेय एवं अन्य लोग उपस्थित थे। recent visitors 48

केंद्र सरकार ने 80 साल से अधिक उम्र के पेंशनर्स को अनुकंपा भत्ता देने का निर्णय लिया

नई दिल्ली सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन (Pension) में एक नई सुविधा जोड़ी गई है। केंद्र सरकार ने 80 साल से अधिक उम्र के पेंशनर्स को अनुकंपा भत्ता देने का निर्णय लिया है। यह जानकारी लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में दी गई है। अतिरिक्त पेंशन का लाभ मंत्रालय के सर्कुलर के अनुसार, 80 साल से अधिक उम्र के पेंशनर्स को अब अतिरिक्त पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके लिए सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिससे पेंशन का वितरण आसान और तेजी से किया जा सकेगा। सीसीएस (पेंशन) नियम 2021 के नियम 44 के तहत पेंशनर्स को मूल पेंशन के साथ अतिरिक्त पेंशन या अनुकंपा भत्ता मिलेगा। जैसे- 80 से 85 वर्ष: मूल पेंशन का 20% 85 से 90 वर्ष: मूल पेंशन का 30% 90 से 95 वर्ष: मूल पेंशन का 40% 95 से 100 वर्ष: मूल पेंशन का 50% 100 वर्ष से अधिक: मूल पेंशन का 100% उदाहरण के लिए यदि किसी पेंशनर की आयु 81 वर्ष है और उसे 5,000 रुपये की पेंशन मिल रही है, तो उसे अतिरिक्त पेंशन के रूप में 1,000 रुपये मिलेंगे। इसी तरह 85 से 90 वर्ष के पेंशनर को 1,500 रुपये अनुकंपा भत्ता मिलेगा।   कब से मिलेगी अतिरिक्त पेंशन मंत्रालय के अनुसार, जब पेंशनर की आयु सीमा 80 वर्ष तक पहुंचेगी, तो उस महीने के पहले दिन से अतिरिक्त पेंशन या अनुकंपा भत्ता लागू हो जाएगा। यह निर्णय पेंशनर्स के जीवन-यापन को आसान बनाने के लिए लिया गया है, ताकि उन्हें कोई आर्थिक समस्या न हो। सभी पेंशनर्स को समय पर अतिरिक्त पेंशन का लाभ मिले। इसके लिए मंत्रालय ने संबंधित विभागों और बैंकों को सूचना भेजने का निर्देश दिया है। recent visitors 94