29 को दीपावली कार्यक्रम होगा पटियाला हाउस कोर्ट में

नई दिल्ली. पटियाला हाउस कोर्ट में 29 अक्तूबर को दीपावली उत्सव का आयोजन किया जाएगा। नई दिल्ली बार एसोसिएशन की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम मे दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। बार एसोसिएशन ने इसके संबंध में सर्कुलर जारी किया है। दिल्ली की सभी जिला अदालतों में स्थानीय बार एसोसिएशन इस प्रकार के आयोजन कर रहा है। 26 अक्तूबर को साकेत कोर्ट में दीपोत्सव का आयोजन किया गया था। recent visitors 68

अशोक सेठ ने कहा – लाल क्वार्टर मार्केट में दीपावली मनाई जायेगी एक नवम्बर को

नई दिल्ली. जैसा कि सभी दुकानदार इस असमंजस मे है कि दिवाली 31 तारीख को मनाई जाए या फिर एक तारीख को इसलिए लाल क्वार्टर की सभी वरिष्ठ एसोसिएशन ने संकट मोचन मंदिर के मुख्य पुजारी राजेश पंडित को बुलवाया और उनसे समझा एवं वैष्णो देवी के मुख्य पुजारी से भी बात की और यह निष्कर्ष निकाला की दिवाली पूरे हर्षोल्लास के साथ एक नवंबर को ही सभी दुकानदार भाई मनाएंगे। उक्त जानकारी अशोक सेठ प्रधान ईस्ट दिल्ली ज्वेलर्स एसोसिएशन नें एक विज्ञप्ति में दी | अशोक सेठ नें बताया दोपहर अग्निशमन विभाग के उच्च अधिकारी सुमेश दुआ अपनी टीम के साथ मार्केट एसोसिएशन अधिकारियों से मिलने के लिये आये और उन्होंने काफी जानकारियां दी की कैसे दिवाली के समय हमारे घर या प्रतिष्ठान पर आग ना लगे उन बातों से अवगत कराया और अनुरोध किया की मार्केट में अगर कोई अतिक्रमण हैं तो अगर हमारे आस पास आग लगी हुई है तो फायर ब्रिगेड को हम सब मिलकर तुरंत रास्ता दिलवाए , इन दिनों चारों तरफ ट्राफिक जाम को देखते हुए हमने दुआ साहब से अनुरोध किया कि धनतेरस से लेकर दिवाली तक एक फायर फाइटिंग वाहन छाछी बिल्डिंग पर तैनात रहे जिसे दुआ साहब ने मान लिया जिसके लिये हम उनके आभारी हैं | recent visitors 98

छठ पूजा नजदीक है और हमारी माताएं और बहनें यमुना जी में अर्घ्य देने आएंगी, वो यमुना जी में कैसे डुबकी लगा पाएंगी: वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने यमुना नदी की सफाई को लेकर आम आदमी पार्टी और प्रदेश सरकार पर हमला बोला है और कहा है कि छठ पूजा नजदीक है और हमारी माताएं और बहनें यमुना जी में भगवान सूर्य की आराधना करने या अर्घ्य देने आएंगी, वो यमुना जी में कैसे डुबकी लगा पाएंगी। श्री सचदेवा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स ’पर कहा, “दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय जी ने मेरे स्वास्थ्य की कामना की है। मैं उनका धन्यवाद देता हूँ, लेकिन मैं उनसे कहना चाहता हूँ कि मेरे लिए मेरे स्वास्थ्य से ज्यादा ज़रूरी है यमुना जी की सफाई। छठ पूजा नजदीक है, और हमारी माताएँ-बहनें जो यमुना जी में भगवान सूर्य की आराधना करने या सूर्य को अर्घ्य देने जाएँगी, वे किस तरह से माँ यमुना में डुबकी लगा पाएँगी? उन्होंने कहा , मेरी एक डुबकी ने बता दिया कि आप की भ्रष्ट सरकार ने माँ यमुना का क्या हाल कर रखा है। मैं अपनी दिल्ली की माताओं-बहनों और समस्त दिल्लीवासियों से कहना चाहता हूँ कि अब समय आ गया है जब हमें इस भ्रष्ट सरकार से मुक्ति लेनी होगी। केजरीवाल द्वारा प्रायोजित इस भ्रष्टतंत्र का अंत हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि श्री सचदेवा ने गत बुधवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मौजूदा मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना तथा आप नेताओं को चुनौती देते हुए यमुना में डुबकी लगाई थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।   recent visitors 168

धनतेरस की रात में बन रहा त्रिग्रही योग, 12 राशियों पर क्या होगा इसका प्रभाव

धनतेरस की रात इस वर्ष एक विशेष खगोलीय घटना का साक्षी बनेगी, जिसमें तीन शुभ ग्रह-बुध, शुक्र और गुरु-एक साथ विशेष योग बना रहे हैं। इस त्रिग्रह योग का सभी राशियों पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। बुध ग्रह, जो बुद्धिमत्ता, संवाद, और व्यापार का कारक माना जाता है, 29 अक्टूबर, धनतेरस की रात को वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा और 4 जनवरी 2025 तक वहीं स्थित रहेगा। वृश्चिक राशि में पहले से मौजूद शुक्र ग्रह का मिलन बुध से होगा, जिससे मानसिक विकास, आत्मविश्वास, और आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वृश्चिक राशि मंगल ग्रह के अधीन होती है, और बुध का इस राशि में प्रवेश एक विशेष स्थिति का निर्माण करेगा। बुध और शुक्र का मिलन प्रेम संबंधों में मधुरता लाएगा, और व्यक्तिगत जीवन में खुशहाली के साथ-साथ कारोबार और व्यापार में नए अवसर प्रदान करेगा। इस त्रिग्रह योग का सबसे बड़ा लाभ गुरु ग्रह की दृष्टि से मिलेगा, जो बुध और शुक्र दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। इससे लोगों के मनोबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस अद्भुत खगोलीय घटना का सभी राशियों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा, जिसमें कुछ राशियों के लिए यह योग विशेष रूप से शुभ साबित हो सकता है। मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक और व्यावसायिक सफलता का है। बुध और शुक्र के संयोग से आपको व्यापार और निवेश में अच्छे अवसर मिलेंगे, जिससे मुनाफा होगा। इस समय अपने प्रेम संबंधों में सामंजस्य बनाए रखने का अवसर मिलेगा। गुरु की दृष्टि से दीर्घकालिक योजनाओं में सफलता प्राप्त होगी। वृषभ राशि: वृषभ राशि वालों के लिए यह समय खुशियों से भरा रहेगा। वैवाहिक जीवन में प्रेम और ताजगी का अनुभव होगा। बुध और शुक्र का मिलन सभी रिश्तों को मजबूत बनाएगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, और नए आय स्रोत बनेंगे। मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय कारोबार और नौकरी में नए अवसर लेकर आएगा। बुध का गोचर आपके आत्मविश्वास और मनोबल को स्थिर करेगा। लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्याओं में सुधार होगा। परिवार में आपसी सामंजस्य बढ़ेगा। कर्क राशि: कर्क राशि वालों के लिए यह समय पारिवारिक जीवन में सुख और खुशियां लाएगा। नकारात्मक ऊर्जा का अंत होगा, और मन प्रसन्न रहेगा। कार्यस्थल पर सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा, और संतान के साथ आपके रिश्ते मजबूत होंगे। सिंह राशि: सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय परिवार में सुख-शांति भरा रहेगा। बुध और शुक्र का संयोग पारिवारिक संबंधों में मधुरता लाएगा। आर्थिक दृष्टिकोण से यह समय लाभदायक होगा, और पुराने निवेश से भी अच्छा रिटर्न मिलेगा। कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय धन और संपत्ति में उन्नति लेकर आएगा। बुध और शुक्र का संयोग आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। गुरु की दृष्टि से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, और धार्मिक यात्रा का अवसर भी मिल सकता है। तुला राशि: तुला राशि वालों को इस समय आर्थिक लाभ और संपत्ति में वृद्धि देखने को मिलेगी। आय के नए साधन बन सकते हैं। हालांकि, बुध और शुक्र के संयोग से आपको अपनी वाणी और व्यवहार में संयम बरतने की जरूरत होगी। गुरु की दृष्टि से आपका आत्मविश्वास और मनोबल मजबूत रहेगा, जिससे आप अपने कार्यों में सफलता प्राप्त करेंगे। वृश्चिक राशि: बुध और शुक्र के इस विशेष संयोग से वृश्चिक राशि वालों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। कारोबार और व्यापार में तेजी से लाभ होगा। गुरु की दृष्टि से आपका आध्यात्मिक पक्ष भी मजबूत रहेगा, जिससे आप धार्मिक गतिविधियों में रूचि लेंगे और उन्नति करेंगे। धनु राशि: धनु राशि के लिए बुध और शुक्र का मिलन लाभदायक साबित होगा। पहले किए गए निवेशों से अच्छे रिटर्न मिलेंगे, और आय के नए स्रोत खुलेंगे। हालांकि, इस समय खर्चों में भी वृद्धि हो सकती है। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी आपको लाभ मिलेगा और मानसिक शांति प्राप्त होगी। मकर राशि: मकर राशि के जातकों को इस संयोग से व्यवसाय और कारोबार में उन्नति के अवसर मिलेंगे। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक समस्याएं समाप्त होंगी, और नए आय स्रोत बनेंगे। कारोबार में नए अवसर प्राप्त होंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध और शुक्र का संयोग करियर में प्रगति और सफलता का सूचक है। बेरोजगार लोगों को नौकरी के नए अवसर मिलेंगे। गुरु की दृष्टि से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, और आपको कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। इसके अलावा, पदोन्नति के भी अवसर बन सकते हैं। मीन राशि: मीन राशि के जातकों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आएगा। कारोबार और व्यापार में लाभ होगा, और नए प्रोजेक्ट साइन करने के मौके मिलेंगे। इससे धन की कमी महसूस नहीं होगी। साथ ही, आप वाहन या प्रॉपर्टी की खरीदारी भी कर सकते हैं। इस समय आपका आत्मविश्वास और मनोबल उच्च रहेगा, लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत होगी। recent visitors 61

इस बार धनतेरस पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा: श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज

नई दिल्ली दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, पंच दशनाम जूना अखाड़ा के प्रवक्ता दूधेश्वरनाथ के श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा है कि इस बार धनतेरस पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। श्रीमहंत ने धनतेरस को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि धनतेरस का पर्व हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि धनतेरस इस बार 29 अक्टूबर को है। इस दिन बर्तन, आभूषण और वाहन खरीदना शुभ होता है, इसलिए धनतेरस पर लोग सोने और चांदी के आभूषण, बर्तन तथा वाहनों की खरीदारी करते हैं। धनतेरस के दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा-अर्चना की जाती है ताकि जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि रहे। श्रीमहंत ने कहा कि इसी दिन देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरी प्रकट हुए थे इसलिए इस दिन धन्वंतरि जयंती भी मनाई जाती है। आरोग्यता के लिए भगवान धन्वंतरि की इस दिन पूजा-अर्चना भी की जाती है। उन्होंने कहा कि धनतेरस पर इस बार कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे पर्व का महत्व और भी बढ गया है। धनतेरस के इस बार बुध के गोचर से लक्ष्मी नारायण योग बन रहा है। इस योग में भगवान नारायण यानि विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी की पूजा करना बेहद शुभ एवं लाभकारी होता है। त्रिग्रही योग, त्रिपुष्कर योग, इंद्र योग, वैधृति योग और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का महासंयोग भी बनने जा रहा है। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि धनतेरस के दिन सोना, चांदी, कांसा, पीतल या तांबा से बनी वस्तुओं को ही खरीदें। इनकी खरीदारी उन्नतिदायक साबित होती है। धातु के बर्तन जरूर खरीदने चाहिए, क्योंकि इस दिन जब समुद्र मंथन हुआ था तो भगवान धन्वंतरि कलश में अमृत लेकर निकले थे। इसी कारण इस दिन धातु के बर्तन खरीदना सबसे अधिक शुभ माना जाता है।   recent visitors 124

29 अक्टूबर को धनतेरस, जानें महत्व और शुभ समय

धनतेरस 2024 के मौके पर खरीदारी करने का क्या है समय और इसके पीछे की पौराणिक कथा क्या कहती है? आइए जानते हैं धनतेरस 2024 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें. धनतेरस जिसे धन त्रयोदशी या धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है. पांच दिवसीय दिवाली की शुरुआत धनतेरस से शुरु हो जाती है. धनतेरस के दिन से ही दिवाली की तैयारियां शुरु हो जाती है. आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि इस दिन समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. जिस वजह से हर साल धनतेरस का पर्व मनाया जाता है. धनतेरस के दिन सोना-चांदी, बर्तन, जमीन-जायदाद, झाड़ू खरीदने का रिवाज होता है. जो व्यक्ति इस दिन किसी भी तरह की खरीदारी करता है, तो उसके जीवन में तेरह गुणा बढ़ोत्तरी होती है. धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से कभी भी आर्थिक रूप से दिक्कत नहीं आती है. इस दिन से ही देवता यमराज के लिए पांच दिनों तक दीप जलाने की शुरुआत भी की जाती है. धनतेरस त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ -29 अक्टूबर 2024 दोपहर 10:32 बजे से धनतेरस त्रयोदशी तिथि समाप्त – 30 अक्टूबर 2024 दोपहर 01:16 बजे तक recent visitors 75

कब से शुरू होगा धनतेरस, छोटी दिवाली, भैया दूज नोट करलें शुभ मुहूर्त

पांच दिन का त्योहार दिवाली पंचदिवसीय दीपावली पर्व भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है. दूसरे दिन नरक चतुर्दशी, तीसरे दिन अमावस्या पर दीपों का पर्व दिवाली, चौथे दिन गोवर्धन पूजा और आखिरी दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है. इन पांच दिनों में गणपति जी, मां लक्ष्मी, भगवान धनवंतरि, यमराज, श्रीराम, श्रीकृष्ण, कुबेर देव और गाय की पूजा की जाती है. आइए जानते हैं इस साल 2024 में दिवाली के पांच दिन कब-कब मनाए जाएंगे. दिवाली 2024 कैलेंडर 29 अक्टूबर 2024 – धनतेरस कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि शुरू 29 अक्टूबर 2024, सुबह 10.31 कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि समाप्त  30 अक्टूबर 2024, दोपहर 01.15 पूजा मुहूर्त शाम 06.31 – रात 08.13 यम दीपम सायान्ह सन्ध्या शाम 05:38 – शाम 06:55 महत्व – धनतेरस पर मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. इसलिए इस दिन बर्तन, सोना, चांदी, वाहन, संपत्ति, धातु और आभूषण आदि खरीदने की परंपरा है. धनतरेस पर एक दीपक मृत्यु के देवता यमराज के लिए घर के बाहर जलाया जाता है. दीपदान से यमदेव प्रसन्न होते है और परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु से सुरक्षा करते है. 31 अक्टूबर 2024- नरक चतुर्दशी कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि शुरू 30 अक्टूबर 2024, दोपहर 01.15 कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि समाप्त  31 अक्टूबर 2024, दोपहर 03.52 अभ्यंग स्नान मुहूर्त सुबह 05.20 – सुबह 06.32 महत्व – नरक चतुर्दशी पर सूर्योदय से पहले उबटन और स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध का 16 हजार कन्याओं को उसके चुंगल से मुक्ति कराया था. 1 नवंबर 2024 – दिवाली कार्तिक अमावस्या तिथि शुरू 31 अक्टूबर 2024, दोपहर 03.52 कार्तिक अमावस्या तिथि समाप्त 1 नवंबर 2024, शाम 06.16 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 05.36 – शाम 06.16 महत्व – दिवाली पर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण 14 वर्ष का वनवास समाप्त कर अयोध्या लौटे थे. भगवान राम के स्वागत के लिए अयोध्यावासियों ने पूरी अयोध्या को दीपों से प्रज्जवलित किया था. इस दिन मां लक्ष्मी का पूजन करने से घर में धन की कमी नहीं होती. 2 नवंबर 2024 – गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि शुरू 1 नवंबर 2024, शाम 06.16 कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि समाप्त 2 नवंबर 2024, रात 08.21 गोवर्धन पूजा मुहूर्त सुबह 06.34 – सुबह 08.46 महत्व – त्रेतायुग में श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर गांववासियों को गोवर्धन की छांव में सुरक्षित किया था. इसलिए सुख, समृद्धि की कामना से इस दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा की जाती है. 3 नवंबर 2024 – भाई दूज कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि शुरू 2 नवंबर 2024, रात 08.21 कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि समाप्त 3 नवंबर 2024, रात 10.05 भाई दूज पूजा मुहूर्त दोपहर 01.10 – दोपहर 03.22 महत्व – भैय्या दूज पर जो बहनें अपने भाइयों को टीका कर भोजन कराती हैं उनके भाई को लंबी उम्र का वरदान मिलता है.जीवन खुशहाल रहता है. इसी दिन यमराज भी अपनी बहन यमुना से मिलने उनके घर गए थे. recent visitors 162