धोनी उपलब्ध रहे तो जरुर रिटेन करेगी सीएसके: हरभजन

मुंबई 2025 आईपीएल सत्र को लेकर सभी टीम अभी से अपनी योजनाएं बनाने लगी हैं। इसमें शामिल सभी फ्रैंचाइजियों के एक तय समय के अंदर उन खिलाड़ियों की सूची सौंपनी है जिन्हें वह रिटेन करेंगी। इसके अलावा किन खिलाड़ियों को मेगा नीलामी के लिए रिलीज किया जाएगा ये भी तय करना होगा। वहीं एक ओर जहां दिग्गज खिलाड़ी महेन्द्र सिंह धोनी के खेलने को लेकर संशय जाहिर किया जा रहा है। वहीं पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) टीम इस बार भी धोनी को अपने पास बनाये रखेगी। हरभजन ने धोनी के आईपीएल भविष्य पर अनिश्चितता व्यक्त की पर कहा कि अगर वह उपलब्ध रहते हैं तो वह सीएसके की पहली पसंद होंगे। हरभजन ने मेगा नीलामी 2025 से पहले धोनी के अलावा सीएसके टीम के कप्तान रुतुराज गायकवाड़, ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा, रचिन रवींद्र और तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना को भी रिटेन किये जाने की उम्मीद जतायी है। गौरतलब है कि नये नियमों के तहत आईपीएल फ्रेंचाइजी अपनी टीम के कुल 6 खिलाड़ियों को बरकरार रख सकती हैं। छह रिटेंशन/आरटीएम में अधिकतम पांच कैप्ड खिलाड़ी (भारतीय और विदेशी) और अधिकतम 2 अनकैप्ड खिलाड़ी हो सकते हैं। वहीं हरभजन ने कहा कि मुझे धोनी के खेलने का भरोसा नहीं है पर अगर वह उपलब्ध हैं, तो वह निश्चित रूप से टीम की पहली पसंद होंगे, भले ही उन्हें इस सत्र में अनकैप्ड खिलाड़ी माना जाए पर इसके बाद, अगली पसंद रवींद्र जड़ेजा और फिर रचिन रवींद्र होंगे। जहां तक कप्तान रुतुराज गायकवाड़ भी बरकरार रखे जाएंगे। रुतुराज ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2024 सीजन में 1 शतक और चार अर्द्धशतक सहित 583 रन बनाए थे। वहीं जडेजा और पथिराना ने फ्रेंचाइजी के लिए काफी विकेट लिए थे। हरभजन ने कहा कि मेरा मानना है कि इन चार खिलाड़ियों को बरकरार रखा जाएगा। उनके अलावा, हम पथिराना को भी टीम में रख सकते हैं, जो एक उत्कृष्ट गेंदबाज हैं। मेरे विचार में धोनी, जड़ेजा, रचिन, रुतुराज और पथिराना को रिटेन किया जाएगा। आईपीएल 2025 के लिए फ्रेंचाइजी के लिए नीलामी राशि 120 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। फ्रेंचाइजी के लिए अपनी रिटेंशन सूची को अंतिम रूप देने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर है।   recent visitors 76

दिल्ली कैपिटल्स अब ऋषभ को कप्तान के तौर पर रिटेन नहीं करना चाहती, मेगा नीलामी में उतर सकते हैं

नई दिल्ली आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के आईपीएल 2025 के लिए मेगा नीलामी में उतरने की संभावनाएं हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली कैपिटल्स अब ऋषभ को कप्तान के तौर पर रिटेन नहीं करना चाहती है। सभी 10 टीमों को आने वाले दिनों में अपनी रिटेंशन लिस्ट जमा करनी हैं। ऐसे में सभी  फ्रेंचाइजी अपनी सूची को अंतिम रुप देना चाहती हैं। प्राप्त जानाकरी के अनुसार ऋषभ को प्रबंधन एक बार फिर कप्तान बनाने को लेकर स्पष्ट नहीं है। प्रबंधन इस मामले पर संशय में है। ऋषभ साल 2016 से दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़े हुए हैं, लेकिन अब उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। रिटेंशन लिस्ट जमा करने की समय सीमा के करीब आने के साथ, यह अटकलें तेज हो गई हैं कि उन्हें रिटेन नहीं किया जाएगा। वह हालांकि आईपीएल में सबसे चर्चित नामों में से एक हैं और उनकी टीम में भूमिका हमेशा अहम रही है। दिल्ली कैपिटल्स के प्रबंधन के लिए उनकाभविष्य तय करना एक बड़ा निर्णय होगा। इसका कारण है कि ये विकेटकीपर बल्लेबाज एक मैच विजेता खिलाड़ी हैं। पंत के आईपीएल में प्रदर्शन को देखते हुए, कई फ्रेंचाइजी उनकी नीलामी में रुचि दिखा सकती हैं, खासकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी), जो एक नए कप्तान की तलाश में हैं। इसके अलावा, पंत के पूर्व कोच रिकी पोंटिंग के साथ उनके अच्छे संबंध भी चर्चा का विषय हैं हालांकि, पोंटिंग अब दिल्ली कैपिटल्स की जगह पर पंजाब किंग्स के कोच बन गए हैं, जिससे यह संभावना बढ़ गई है कि पंजाब भी इस क्रिकेटर को खरीदने के लिए बड़ी बोली लगा सकती है। ऐसे में ऋषभ को लेकर आने वाले दिनों में स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। दिल्ली कैपिटल्स के प्रशंसक बेसब्री से इस निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, जो टीम के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।   recent visitors 76

राहुल गांधी ने सलून वाले की मदद की: कहा- गरीब की मुस्कान लौटाऊंगा

Rahul Gandhi helped the saloon owner: said- I will return the smile of the poor राहुल गांधी ने सलून वाले को मदद पहुंचाई: पोस्ट में लिखा- गरीब की मुस्कान वापस लाऊंगा, कुछ दिन पहले उसकी शॉप पर गए थे राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली में सलून चलाने वाले अजीत को उनकी दुकान के लिए जरूरी सामान मुहैया कराया। राहुल ने अपने वॉट्सऐप चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अजीत सामान खरीदने जा रहे हैं। राहुल ने पोस्ट में लिखा, ‘मेरा भारत के हर गरीब और मिडिल क्लास के व्यक्ति से वादा है कि उनके चेहरों पर मुस्कान वापस लाऊंगा।’ वहीं, राहुल को धन्यवाद देते हुए अजीत ने कहा, ‘मैंने नहीं सोचा था कि राहुल गांधी मुझसे मिलेंगे और मेरी मदद करेंगे। मुझे सभी जरूरी सामान मिला, कोई कमी नहीं रही।’ राहुल 25 अक्टूबर को दिल्ली के उत्तम नगर में अजीत के सलून पर गए थे। वहां उन्होंने दाढ़ी बनवाने के दौरान अजीत से बातचीत की थी। राहुल ने उसका वीडियो भी X पर शेयर किया था। अजीत ने राहुल से कहा- कांग्रेस के राज में सुकून था अजीत राहुल से कह रहे हैं- पहले सोचा था आगे भविष्य हमारा अच्छा होगा, लेकिन यहीं के यहीं रह गए। हम क्या करें, हम दिव्यांग हैं। जिंदगी ऐसे ही कट रही है। बच्चों का भविष्य अधर में है। आपके राज में हम बहुत खुश थे। कांग्रेस के राज में सुकून था। हम जैसे गरीबों को सहारा देने वाला कोई तो है। मुझे राहुल जी से मिलकर बहुत सुकून मिला। राहुल ने लिखा- बढ़ती महंगाई ने मेहनतकश के अरमान छीन लिए राहुल ने लिखा- नाई से लेकर मोची, कुम्हार से लेकर बढ़ई, घटती आमदनी और बढ़ती महंगाई ने हाथ से काम करने वालों से अपनी दुकान, अपना मकान और स्वाभिमान तक के अरमान छीन लिए हैं। आज की जरूरत है ऐसे आधुनिक उपाय और नई योजनाएं, जो आमदनी में बढ़त और घरों में बचत वापस लाएं। और एक ऐसा समाज जहां हुनर को हक मिले और मेहनत का हर कदम आपको तरक्की की सीढ़ियां चढ़ाए। recent visitors 165

पोप की जगह स्टोक्स को इंग्लैंड के लिए टेस्ट मैचों में नंबर तीन पर आना चाहिए : वॉन

नई दिल्ली इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का कहना है कि आने वाले टेस्ट मैचों में इंग्लैंड को कप्तान बेन स्टोक्स को नंबर तीन पर बल्लेबाजी करनी चाहिए। वॉन का मानना है कि इस नंबर पर ओली पोप बेहतर विकल्प नहीं हैं। पाकिस्तान के खिलाफ 2-1 से सीरीज हार में पोप ने तीन मैचों में कुल 55 रन ही बनाए और उनका औसत 11 रहा। इंग्लैंड का अगला टेस्ट दौरा न्यूजीलैंड का है, जो 27 नवंबर से शुरू होगा। वॉन ने द टेलीग्राफ को लिखे अपने कॉलम में कहा, “पोप एक अच्छे खिलाड़ी हैं और टीम के लिए बहुत कुछ लाते हैं, खासकर टीम भावना के मामले में। इंग्लैंड की टीम इतने बड़े बदलाव नहीं करना चाहेगी। लेकिन पोप के प्रदर्शन से लगता है कि उनके पास अभी उस स्तर की मानसिकता या तकनीक नहीं है, जो दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ टिकने के लिए चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि टॉप लेवल पर स्पिन खेलना मुश्किल होता है। वॉन के अनुसार, “पोप का मानसिक पक्ष थोड़ा कमजोर है। वह ऐसे अकेले नहीं हैं, बाकियों के साथ भी ऐसा होता है। लेकिन जब ऐसा होता है, तो आपको अपनी तकनीक पर निर्भर रहना पड़ता है, जो खराब दिनों में सहारा देती है।” वॉन का मानना है कि भले ही पाकिस्तान के खिलाफ स्टोक्स का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, लेकिन उन्हें नंबर तीन पर खेलने का मौका दिया जा सकता है, क्योंकि उनकी डिफेंस तकनीक मजबूत है और फिलहाल वह ज्यादा गेंदबाजी भी नहीं कर रहे हैं। उनका मानना है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले साल इंग्लैंड को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत होगी जो दबाव झेल सके। स्टोक्स ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में चार पारियों में केवल 37 ही रन बनाए थे। वॉन ने आगे कहा कि इंग्लैंड को सोचना चाहिए कि क्या पोप लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। अगर पोप की तकनीक में बदलाव नहीं आता है और वे संयम से खेल नहीं पाते, तो इंग्लैंड को बदलाव पर विचार करना होगा।   recent visitors 73

आरपीएफ का समस्त पोस्ट प्रभारियों को निर्देश, ट्रेनों में कोई न ले जा सके पटाखा, रखें सतर्कता, दोषियों पर होगी सख्ती

जबलपुर दीपावली से पहले ट्रेनों में चोरी-छिपे पटाखों के परिवहन को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सतर्क हो गया है। आरपीफ की ओर से पश्चिम मध्य रेल के समस्त पोस्ट प्रभारियों को सुरक्षा गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रहने कहा है। संदिग्धों पर दृष्टि रखने और रेलवे स्टेशन के साथ ही ट्रेनों में निरंतर जांच करने का आदेश दिया है। पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय से जारी आदेश के बाद आरपीएफ सीसीटीवी कैमरे से चौकसी की सीमा का विस्तार किया है। स्टेशन और प्लेटफार्म पर प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधि को रिकॉर्ड किया जा रहा है। ज्वलनशील सामग्री की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड का उपयोग किया जा रहा है। ट्रेनों में ज्वलनशील सामग्री या पटाखे लेकर यात्रा करना रेलवे एक्ट की धारा 164 के तहत एक गंभीर अपराध है। ऐसे करते पाए जाने पर तीन वर्ष का कारावास या एक हजार रुपये अर्थदंड का प्रावधान है। इसे बताते हुए यात्रियों को अपने साथ ज्वलनशील पदार्थ या पटाखे लेकर नहीं चलने की चेतावनी दी जा रही है।   यात्रियों को किया जा रहा जागरूक सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों को अपने सामान की सुरक्षा, अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई खाने-पानी की सामग्री का सेवन नहीं करने जागरूक किया जा रहा है। किसी भी संदिग्ध की गतिविधि पर आरपीएफ, जीआरपी या रेलवे सहायता दूरभाष क्रमांक 139 पर सूचित करने की अपील भी यात्रियों से की जा रही है। रेलवे स्टेशन पर बढ़ी निगरानी दीपावली का त्योहार की गतिविधियां शुरू हो गई हैं और ऐसे में रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आरपीएफ और जीआरपी की निगरानी भी बढ़ गई है। रेलवे स्टेशन परिसर में जो लोग बैठे हुए नजर आते हैं, उनसे आरपीएफ के जवान पूछताछ भी कर रहे हैं। उनके बैग आदि की चेकिंग की जा रही है। आरपीएफ के जवानों को साफ निर्देश है कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आने की दृष्टि में आला अधिकारियों को सूचना दी जाए। recent visitors 52

मिठाई विक्रेताओं के कारखानों पर बड़े पैमाने पर मिलावटी मिठाई बनाने का कार्य युद्ध स्तर, अधिकारी अलर्ट

कैथल दीवाली का त्यौहार नजदीक आ चुका है। उससे पहले ही मिठाई विक्रेताओं के कारखानों पर बड़े पैमाने पर मिलावटी मिठाई बनाने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। कुछ दुकानदार मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। हालांकि इसे रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा व स्वास्थ्य विभाग बड़े-बड़े दावे कर करते हों, लेकिन जिस तरह पूरे जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है, इसे रोक पाना विभाग व जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। जिस अधिकारी पर मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी है, उसके पास कैथल के साथ-साथ पंचकूला व हिसार जिले का भी चार्ज है। इस कारण एक हफ्ते में जिलेभर से केवल 27 सैम्पल ही लिए गए हैं, जिनका रिजल्ट आने में भी लगभग 2 सप्ताह का समय लगेगा, तब तक सभी त्यौहार जा चुके होंगे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्या इस तरह मिलावटखोरों पर रोक लग पाएगी? बता दें कि शहर में प्रतिवर्ष मिलावटी मिठाइयों के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन अधिकतर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उस समय जांच अभियान चलाते हैं जब दुकानदार बड़े पैमाने पर मिठाइयों को बेच चुके होते हैं। ऐसे में मिलावटी मिठाइयों से लाखों-करोड़ों कमाने वाले मिलावटखोर विभाग को 10-20 हजार रुपए जुर्माना देकर साफ बच निकलते हैं और फिर से उसी धंधे में जुट जाते हैं। डॉक्टरों की राय मानें तो ज्यादातर खाद्य एवं रंगों से बनी मिठाइयां गंभीर किस्म के रोग का कारण बन सकती है। मिठाई बनाने के लिए शुद्ध दूध की कमी है। कई जगह कैमिकल्स से मिठाई बनाने के मामले भी सामने आ चुके हैं। यही कारण है कि पर्व के बाद अस्पतालों में पहुंचने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सामने आई कई मामले बता दें कि पिछले सालों में कैथल में मिलावटी खाद्य पदार्थों के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। कैथल में जहां मिलावटी पनीर तथा निम्न स्तर के रसगुल्ले पाए गए हैं, वहीं सी.एम. फ्लाइंग ने मिलावटी अचार की फैक्टरी भी पकड़ी थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक लिए गए 186 सैम्पलों में से 32 सब-स्टैंडर्ड तथा 5 अनसेफ पाए गए हैं, जिनमें से अब तक किसी को सजा नहीं हुई है।   ट्रे पर लिखनी होती है तिथि यदि मिठाई विक्रेताओं से संबंधित नियमों की बात करें तो दुकानदार मिठाई अधिक दिनों की नहीं बेच पाएं, इसके लिए सभी मिठाई के ट्रे पर तिथि अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन मजे की बात है कि शहर में अधिकतर दुकानदारों की ट्रे पर कोई तिथि दर्ज नहीं है। मजे की बात यह भी है कि रसगुल्लों को ट्रे नहीं, बल्कि टब में रखा जा रहा है। दीवाली को लेकर मिठाइयों की खपत कई गुना बढ़ जाती है, इसलिए मिठाइयों में चीनी का अधिक इस्तेमाल तो होता ही है, इसमें इस्तेमाल रंग भी सेहत के लिए नुक्सानदायक है। मिठाइयों में ऐसे मिलावट करते हैं दुकानदार दीवाली पर बनने वाली मिठाइयों में घटिया किस्म के मावे में उबला हुआ आलू, मैदा की भारी मात्रा में मिलावट कर मिठाइयां तैयार की जा रही हैं। कुछ मिठाइयों में अवधि पार ग्लूकोज पाऊडर, बेसन, सूजी, मैदा एवं रंग-बिरंगे कलर डालकर रंग-बिरंगी बर्फी आदि कई तरह की मिठाई बनाकर मार्कीट में खपाने की तैयारी चल रही है। अधिकांश मिठाइयां सेहत को नुक्सान पहुंचाने वाली है। हद तो यह है कि मिठाइयों को रंग-बिरंगी बनाने में घातक रसायन का उपयोग भी खुलेआम हो रहा है। recent visitors 53

बाजारों में बिक रहे चाइनीज सामान और फैंसी आइटमों की वजह से मिट्टी के दीये की बिक्री पर भी असर

चरखी दादरी दिवाली का त्यौहार नजदीक आते ही कुम्हारों द्वारा अपने चाक की रफ्तार तेज करते हुए दीये बनाने का काम तेजी से कर दिया है। उम्मीद के साथ मिट्टी का बर्तन बनाने वाले कुम्हार दिन-रात काम करने लगे हैं। वहीं बाजारों में बिक रहे चाइनीज सामान और फैंसी आइटमों की वजह से मिट्टी के दीये और अन्य सामान की बिक्री पर भी असर हो रहा है। हालांकि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में लोगों की डिमांड रंग-बिरंगे मिट्टी के दीये ही हैं। बाजारों में पारंपरिक वस्तुएं सजनी शुरू हो गई हैं। इस बार दीयों के अलावा फ्लावर पाट व पानी वाले दीये भी आकर्षण का केंद्र बने हैं। मिट्‌टी के दीये बनाने वाले कारीगर बिट्‌ट प्रजापति का दर्द भी सामने आया। उन्होंने कहा कि बाजारों में चाइनीज सामान और फैंसी आइटमों की वजह से मिट्टी के दीये की बिक्री पर असर पड़ रहा है। जिस तरह सरकार व प्रशासन द्वारा पटाखों पर रोक लगाई है, उसी अनुसार चाइनीज आइटमों पर रोक लगानी चाहिए। recent visitors 48