Saturday, July 4, 2026 4:31 am

सहकारी बैंक अब बीमा राशि और वाद व्यय के तौर पर एक-एक लाख किसानों चुकाने होंगे

 खरगोन  खरगोन का जिला सहकारी बैंक किसानों का समूह बीमा करने के बाद दावे के भुगतान के समय मुकर गया। उसने जिस बजाज एलियांज बीमा कंपनी से पॉलिसी ली थी, उसने भी किसानों को अपात्र बताकर राहत देने से इन्कार कर दिया। 26 किसानों ने 13 वर्ष तक कानूनी लड़ाई हासिल कर न्याय हासिल किया है। राज्य उपभोक्ता आयोग ने सहकारी बैंक और बीमा कंपनी दोनों को आदेश दिया है कि वे किसानों को बीमा राशि और वाद व्यय के तौर पर एक-एक लाख रुपये का भुगतान करें। यह है मामला। किसानों की ओर से पैरवी कर रही अधिवक्ता मोना पालीवाल ने बताया कि वर्ष 2006-07 में खरगोन के जिला सहकारी बैंक ने कृषक समूह बीमा योजना के तहत बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों का बीमा किया था। इसके लिए किसानों के खाते से 563 रुपये का प्रीमियम काटा गया। यह बीमा पॉलिसी प्रतिवर्ष ऑटो रिन्युअल थी। इसके तहत यह उल्लेख था कि खातेदार किसानों के लिए जारी बीमा पॉलिसी 18 वर्ष से 59 वर्ष तक के आयु वालों खातेदार किसानों के लिए जारी की गई थी। इस दौरान अगर किसी किसान की मृत्यु हो जाती है तो उसके नॉमिनी को 75 हजार रुपये की बीमा राशि का भुगतान किया जाना था। वर्ष 2007 में भीकनगांव के सेल्दा गांव निवासी बीमित किसान रामलाल यादव की मौत हो गई। परिवार ने बैंक के पास बीमित राशि के लिए दावा किया। लेकिन बैंक ने कोई भुगतान नहीं किया। इस बीच कई बीमित किसानों की मौत के बाद बीमा दावे का भुगतान लटकाया गया। 2011 में किसानों के वारिसों ने जिला उपभोक्ता आयोग में मामला दायर कर बीमा राशि की मांग की। 2023 में जिला उपभोक्ता आयोग ने किसानों का दावा खारिज कर दिया। उनके आदेश में कहा गया कि बैंक ने अपात्र होने की वजह से किसानों का प्रीमियम बीमा कंपनी को भेजा ही नहीं था। ऐसे में उनका बीमा नहीं हुआ। किसानों ने उन्हें अपात्र ठहराने का विरोध भी नहीं किया था। ऐसे में उनको बीमित नहीं माना जा सकता। इस फैसले के खिलाफ किसान राज्य उपभोक्ता आयोग पहुंचे थे। बैंक और बीमा कंपनी का यह बहाना था सुनवाई के दौरान जिला सहकारी बैंक का कहना था कि कृषक समूह बीमा पॉलिसी 18 से 59 वर्ष तक के किसानों के लिए थी। जिन किसानों का बीमा दावा आया है, वे 59 वर्ष की सीमा पार कर चुके थे। वहीं बीमा कंपनी का कहना था कि बैंक ने उनको दावेदारों का प्रीमियम भेजा ही नहीं था। इसलिए वे उनको भुगतान करने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। इन दस्तावेजों से मजबूत हुआ किसानों का पक्ष     – सितम्बर 2008 में बैंक ने बीमा कंपनी को एक पत्र लिखकर लंबित दावों के निपटारे का अनुरोध किया था। इस पत्र में 52 किसानों की सूची थी, जिनकी मृत्यु के बाद भुगतान रुका हुआ था। इस सूची में किसानों का नाम था।     – बैंक ने किसानों की उम्र 59 वर्ष से अधिक होने के आधार पर अपात्र बताया था, लेकिन बैंक उनकी उम्र का कोई प्रमाण नहीं दे पाया, जिसके आधार पर उसने उन्हें उम्र सीमा पार कर लेना तय किया।     – 2012 में बैंक ने एक किसान को दिये लिखित जवाब में कहा था कि बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं भेजा है। उसके मिलते ही बीमा राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। इससे साबित हुआ कि बैंक ने बीमा भेजा था।     – बीमित किसानों ने प्रीमियम कटने की रशीद, बैंक से हुए पत्राचार और मृत्यु प्रमाणपत्र आदि पेश किये। चार प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान का आदेश मामले की सुनवाई के बाद राज्य उपभोक्ता आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष एके तिवारी और सदस्य श्रीकांत पांडेय ने जिला उपभोक्ता आयोग का आदेश अमान्य कर दिया। उन्होंने किसानों के पक्ष में निर्णय सुनाया और 26 किसानों द्वारा ली गई ऋण राशि 7500 रुपयों को चार प्रतिशत ब्याज की दर से दो महीने के भीतर भुगतान का आदेश दिया। इसके साथ ही तीन हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया। recent visitors 74

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति

सिविल सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का अनुसमर्थन नवीन मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापकों की भर्ती की आयु सीमा की गई 50 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय, 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम, 1997 में मुख्यमंत्री के आदेश दिनांक 13.09.2023 एवं इसके परिपालन में विभाग द्वारा जारी अधिसूचना 3 अक्टूबर, 2023 का अनुसमर्थन किया गया। इस निर्णय से महिला आरक्षण 35 प्रतिशत होगा। 254 नए उर्वरक विक्रय केंद्रो की स्थापना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2024-25 में (खरीफ एवं रबी सीजन में) 254 नए उर्वरक विक्रय केन्द्र स्थापित करने पर मानव संसाधन पर होने वाली संभावित व्यय की वास्तविक राशि अधिकतम 1 करोड़ 72 लाख रूपये की सीमा तक की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया। 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई की स्थापना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप वि‌द्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 (410) मेगावाट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 (420 मेगावाट) में स्थापित इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 में स्थित इकाई क्रमांक 6 एवं 7 (200 + 210 मेगावॉट) एवं विद्युत गृह क्रमांक 3 में स्थित इकाई क्रमांक 8 एवं 9 (2X210 मेगावॉट) द्वारा रूपांकित आयु पूर्ण कर ली गई हैं। ये इकाइयों लगभग 39 से 44 वर्षों से संचालन में हैं। इन इकाइयों की स्थिति एवं प्रदर्शन के दृष्टिगत म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा इन इकाइयों को रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की चाही गई अनुमति मंत्रि-परिषद ने प्रदान की है। निर्णय अनुसार सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी के विद्युत गृह क्रमांक 2 एवं 3 में स्थित इकाई क्रमांक 6 से 9 (कुल क्षमता 830 मेगावॉट) को 30 सितम्बर, 2024 से रिटायर (डी-कमीशन) किये जाने की अनुमति प्रदान की गई। रिटायर (डी-कमीशन) इकाइयों का डिस्पोजल ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जायेगा। इन इकाईयों के स्थान पर 660 मेगावॉट क्षमता की नवीन अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई (इकाई क्रमांक 13) की स्थापना के लिए म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी करायी जायेगी। आयु-सीमा में वृद्धि का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन शासकीय चिकित्सा महावि‌द्यालयों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। सह चिकित्सीय पाठ्क्रमों की मान्यता म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही को लंबित रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2023-24 एवं आगामी सत्रों की मान्यता प्रक्रिया, साथ ही सह-चिकित्सीय पाठ्यक्रम उत्तीर्ण कर्मियों के पंजीयन एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं का आयोजन पूर्व में प्रचलित म.प्र. सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम, 2000 अंतर्गत् प्रचलित नियमों के अनुसार, पूर्व में विघटित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद को पुनर्जीवित करते हुए, पूर्ण किये जाने तथा राष्ट्रीय आयोग द्वारा अधिनियम अंतर्गत प्रावधानित विनियम (रेगुलेशन) जारी होने के उपरांत विनियम के अनुरुप मध्यप्रदेश अलाइड एण्ड हेल्थ केयर कौंसिल ‌द्वारा स्वशासी बोर्ड्स के गठन होने पर पुनर्जीवित मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद स्वतः समाप्त हो जायेगी एवं मंत्रि-परिषद् के पूर्व में लिये गये निर्णय अनुसार मध्यप्रदेश सह चिकित्सीय परिषद अधिनियम 2000 को निरस्त करने की कार्यवाही की जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय द्वारा लागू की गई केन्द्र प्रवर्तित परियोजना "Strengthening of Cooperatives through IT Interventions" अन्तर्गत प्रदेश के पंजीयक सहकारी संस्थाएँ कार्यालय के कम्प्यूटराईजेशन के लिए परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। इस पर 3 करोड़ 68 लाख रूपये व्यय आयेगा, जिसकी 60 प्रतिशत राशि केन्द्र एवं 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जायेगी।   recent visitors 78

गढ़शंकर के मैरिज पैलेस में लगी भयानक आग

पंजाब पंजाब में एक मैरिज पैलेस में आग लगने की बड़ी खबर सामने आई है। आग इतनी भयानक थी कि दूर-दूर तक इसकी लपटें उठती दिखाई दी। यह आग गढ़शंकर के मैरिज पैलेस में लगी है जोक काफी मशहूर है। गढ़शंकर के इस पैलेस का नाम Grand Manor जहां आग लगने से पूरा पंडाल जलकर राख हो गया। आग की उठती लपटें देख तुरन्त राहगीर पैलेस में पहुंचे और अंदर पड़े सामान को बचाने की कोशिश की गई। गनीमत रही इस दौरान कोई जानी नुकसान नहीं हुआ और न ही इस दौरान कोई शादी का समारोह चल रहा था। बताया जा रहा है कि हादसे वाली जगह पर कोई सिलेंडर नहीं था लेकिन फिर धमाके सुने गए। इस दौरान सजावट का पूरा सामन भी जल कर राख हो गया। आग लगने की कारण अभी तक पता नहीं चला है। recent visitors 107

मंत्री विजयवर्गीय ने उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए कहा,

इंदौर  दीपावली पर पटाखे फोड़ने को लेकर हुए विवाद पर मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नाराजगी जताई. तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि शांति भंग करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा. BJP के वरिष्ठ नेता विजयवर्गीय ने उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए कहा, "अगर वे मेरे हाथ लग गए तो मैं उन्हें उल्टा लटका दूंगा और पूरे शहर में घुमाऊंगा. इस शहर में कोई अशांति नहीं फैला सकता." इंदौर-1 से विधायक ने दावा किया, "इस मामले में प्रशासन बहुत सक्रियता से काम कर रहा है, लेकिन अगर ऐसा लगता है कि हमें भी इसमें शामिल होने की जरूरत है, तो हम पीछे नहीं हटेंगे. हम इस शहर के लिए कुछ भी कर सकते हैं." विजयवर्गीय पीड़ित परिवार से भी मिले. उनसे क्षेत्र की एक महिला ने कहा कि हमें डराया जाता है. इस पर मंत्री ने कहा कि अब किसी की हिम्मत नहीं होगी. पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए हिंदू संगठनों के लोग भी पहुंचे थे. इलाके में अप्रिय स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए एहतियात के लिए फोर्स भी तैनात किया गया है. बता दें कि शहर के छत्रीपुरा थाना इलाके में 1 नवंबर को पटाखे फोड़ने को लेकर दो समूहों के बीच हुई झड़प में 6 लोग मामूली रूप से घायल हो गए थे. पुलिस के अनुसार, इस घटना के सिलसिले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. recent visitors 60

संरक्षण की पहल, खुरासानी इमली को सहेजने की योजना, जानिए-इस दुलर्भ पेड़ में क्या विशेष गुण हैं

इंदौर धार जिले के मांडव में खुरासानी इमली के दुर्लभ पेड़ों की तस्करी रोकने और ट्रांसलोकेट किए जाने की चुनौती के बीच अब वन विभाग ने हर पेड़-पौधे को रिकॉर्ड पर लेकर संरक्षित करने का फैसला किया है. हाल ही में मध्यप्रदेश के सभी वन मंडल के डीएफओ को निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने अपने जिलों में पाए जाने वाले इस पेड़ की जानकारी संकलित करके विभाग को सौंपी है. मांडव में खुरासानी इमली के पेड़ों की तस्करी के प्रयास गौरतलब है मई 2023 में धार जिले के मांडव में चोरी छुपे खुरासानी इमली के कई पेड़ों को हैदराबाद स्थित ग्रीन किंगडम प्राइवेट कंपनी अपने बोटैनिकल गार्डन में शिफ्ट करने के लिए ले जा रही थी. इस मामले को ईटीवी भारत द्वारा एक्सपोज किया गया था. इसके बाद पता चला कि धार जिले के वन विभाग के अधिकारियों ने 8 पेड़ों को काटने की अनुमति गुप्त रूप से दी थी. हालांकि ये कंपनी 14 पेड़ काटकर हैदराबाद में शिफ्ट कर चुकी थी. इस मामले के चर्चा में आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के आदेश दिए. इस मामले से जुड़ा एक अन्य प्रकरण अभी कोर्ट में विचाराधीन है. पूरे प्रदेश में खुरासानी इमली के पेड़ों का रिकॉर्ड होगा मेंटेन राज्य सरकार अब खुरासानी के पौधे-पेड़ों का रिकॉर्ड संरक्षित कर जानकारी मंगा रही है. हाल ही में मध्य प्रदेश बायोडायवर्सिटी बोर्ड द्वारा प्रत्येक जिले के वन मंडलों को निर्देश दिया गया है कि पूरे प्रदेश में इस पौधे की प्रजाति कहां-कहां है और कितनी संख्या में है, इसकी जानकारी एकत्र की जाए. इंदौर डीएफओ महेंद्र सोलंकी ने बताया "वन मुख्यालय से मंगाई गई जानकारी के अनुसार इंदौर जिले में करीब 33 खुरासानी इमली के पेड़ों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है, जिसे मुख्यालय भेजा गया है. इंदौर जिले के अलावा महू एवं कुछ अन्य स्थानों पर जितने भी पौधे हैं, सभी संरक्षित हैं जिनका चिह्नांकन किया गया है, जिससे कि इस दुर्लभ प्रजाति को सहेज कर रखा जा सके." खुरासानी इमली के पेड़ों को काटने पर प्रतिबंध बता दें कि जैव विविधता वाले इस वृक्ष को काटने के लिए राज्य सरकार ने भी प्रतिबंध लगा रखा है. राजस्व विभाग ने 14 में 2024 की अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय जैव विविधता अधिनियम 2022 के तहत अधिसूचित वृक्षों को काटे जाने गिराए जाने या अन्य क्षति पहुंच जाने के लिए कोई अनुज्ञा या अनुमति नहीं दी जाएगी. अफ्रीकन बाओबाब कहे जाने वाले ये पेड़ अफ्रीका और अरब मूल के हैं, जिनका पृथ्वी पर करीब 2000 पुराना इतिहास है. देश में यही इकलौता पेड़ है, जिसमें रेडियो कार्बन डेटिंग के गुण हैं. री-डिहाइड्रेशन इस दुर्लभ पेड़ की बड़ी विशेषता इसके अलावा इस दुलर्भ पेड़ में री-डिहाइड्रेशन अचूक गुण है. बताया जाता है कि 14वीं शताब्दी में महमूद खिलजी के शासनकाल के दौरान अफ्रीका से ईरान होते हुए जो अरब से मजदूर यहां आए थे. वह इस फल को प्यास से बचने के लिए अपने साथ रखते थे. उस वक्त धार जिले का मांडव भी मुगलकालीन गतिविधियों का केंद्र रहा, जहां इस फल के बीज गिरने से ये पौधे विकसित हुए, जो आज भी मांडव में मौजूद हैं. माना जाता है कि इस एक पेड़ की उम्र 5000 वर्ष से भी अधिक हो सकती है, जो अपने जीवन काल में 120000 लीटर तक पानी का संग्रह कर सकता है.  recent visitors 97

बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के विंध्य की प्रतिभाओं के सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री शुक्ल हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने बघेली भाषा में कहा कि “लोगन का सम्मानित करब विंध्य कै गौरवशाली परम्परा आय। सम्मान समाज मा या संदेश देत है कि समाज कै नज़र पारखी है। औरन का प्रेरित करत है मेहनत करै का, संघर्ष करिके सफल होंय का। सफलता का कौनों शॉर्टकट नहीं होय। दूरदृष्टि और पक्का इरादा से कौनों लक्ष्य प्राप्त कीन जा सकत है।” उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग और राज्य सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विंध्य क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी सम्मानित अधिकारियों को प्रेरित किया कि अपने कार्यक्षेत्र में पूरे मनोयोग से कार्य कर विंध्य क्षेत्र का प्रदेश का और राष्ट्र का नाम रोशन करें। उन्होंने आह्वान किया कि स्वयं के विकास के साथ अपने क्षेत्र का अपने समाज का विकास करने में भी अग्रणी रहें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली व्यक्ति प्रदेश में देश और समूची दुनिया कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, यह क्षेत्र के लिये गौरव का विषय है। देश के सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी दोनों रीवा की पावन धरा के है। कई विभूतियों ने विंध्य का नाम रोशन किया है। क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने सदैव प्रदान किया है सहयोग उप मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में विंध्य के नागरिकों ने चाहे वह कहीं भी रहे हों सदैव सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि जहाँ चाह होती है वहाँ राह बन ही जाती है। असफलता का कारण समझकर सही दिशा में प्रयास करें तो निःसंदेह सफलता कदम चूमेगी। विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, रफ्तार बनी रहे इसके लिए एकजुट होकर करें प्रयास उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज देश में अनुकूल परिस्थितियाँ हैं, बजट की कोई कमी नहीं है। आज भारत विश्व की 5 वीं अर्थव्यवस्था है। शीघ्र ही भारत विश्वगुरु बनेगा। यह तभी संभव है जब सभी आगे बढ़ें। इसके लिये सभी को स्वयं के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के लिये कार्य करना होगा। उन्होंने कहा संस्कार विहीन शिक्षा बिना सुगन्ध के पुष्प के समान है। सभी को सुगंधित पुष्प बनना है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विंध्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है, यह रफ्तार बनी रहे, इसमें और तेजी आये इसके लिये सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी चयनित अधिकारियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है: पूर्व नेता प्रतिपक्ष सिंह पूर्व नेता प्रतिपक्ष, विधायक एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र के नागरिकों को एकजुट करने का, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे विंध्यवासियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को प्रेरित करने के लिये यह आयोजन किया गया है। ट्रस्ट की गतिविधियाँ क्षेत्र के विकास में सहयोगी हों यही प्रयास है। विन्ध्य की प्रतिभाओं ने साझा किये सफलता के मंत्र कार्यक्रम में विंध्य क्षेत्र के सम्मानित अधिकारियों ने अपनी सफलता की कहानी और सफलता के मंत्र साझा किये। आईपीएस सुकाजल सिंह ने कहा कि सपनों को पूरा करने की चाहत मेहनत को अपना बना ही लेती है। सफलता के लिये इंटर्नल मोटिवेशन अहम है। उन्होंने कहा कि हम सबका यह प्रयास होना चाहिये कि हम टैलेंट को पहचाने और उन्हें अवसर प्रदान करने में सहयोग करें। डिप्टी कमांडेट होमगार्ड के पद पर चयनित आशीष कुशवाहा ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की और कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित अंबिकेश प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार पद पर चयनित सुआंचल अग्रवाल, वेटनरी डॉक्टर पद पर चयनित डॉ रागिनी मिश्रा ने अपने विचार साझा किये। कार्यक्रम में आईपीएस सुकाजल सिंह, आईएफएस अक्षत पाण्डेय, वीरेन्द्र कुमार पटेल, सुऋषिका सिंह, आईआरटीएस रोहित सिंह, डिप्टी कलेक्टर अंबिकेश प्रताप सिंह, सुअर्चना मिश्रा, नंदन तिवारी, देवेंद्र द्विवेदी, सुप्रिया पाठक, सौरभ मिश्रा, अमित सोनी, उमेश द्विवेदी, डीएसपी हेमंत पांडे, डिप्टी कमांडेंट होमगार्ड आशीष कुशवाहा, वेटनरी डॉक्टर डॉ रागिनी मिश्रा, एटीओ प्रकाश द्विवेदी, एडी शिक्षा सुकविता त्रिपाठी, सीईओ जनपद सुज्योति पटेल, नायब तहसीलदार कमलेश मिश्रा, आशीष मिश्रा, प्रकाश उपाध्याय, सुबिंदु तिवारी, सुरूपा पाठक, सुआंचल अग्रवाल, सुप्रज्ञा दुबे, सुप्रतीक्षा सिंह, सुअंकिता पांडे, सुएकता शुक्ला, शिव कुमार गौतम, सुमित तिवारी और सौम्य कुमार द्विवेदी को सम्मानित किया गया। बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का लिया आनंद विंध्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी ईश्वर पाण्डेय को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में डीजी आरसीवीपी नारोन्हा प्रशासनिक अकादमी जे. एन. कंसोटिया, पूर्व डीजीपी स्वराज पुरी, मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं बघेलखंड सांस्कृतिक भवन ट्रस्ट के महासचिव कमलाकर सिंह सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम उपरांत सभी उपस्थितों ने पारंपरिक बघेली व्यजनों से परिपूर्ण जेउनार का आनंद लिया।   recent visitors 71

20 हजार रूपये देने पर नौगांव पुलिस थाना ने लिखी रिपोर्ट, फिर भी नहीं मिला न्याय, पुलिस अधीक्षक से माँगा न्याय

Naugaon police station wrote a report on giving 20 thousand rupees, still did not get justice, sought justice from Superintendent of Police छतरपुर। एसपी ऑफिस के बाहर जमीन पर लेटा यह युवक पुलिस अधीक्षक से न्याय की भीख मांगने आया है। गांव के दबंगो ने इतना पीटा की वह चल भी नही सकता। परिवार ने बताया कि नौगांव थाने में रिपोर्ट लिखाने जब गए तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के नाम पर 20 हजार रुपये ले लिए। इसके हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाने के लिए टीआई साहब के नाम पर 50 हजार रुपये की और मांग की गई। परिवार का कहना है कि पुलिस के द्वारा दबंग पर मामला दर्ज तो कर लिए लेकिन उन्हें गिरफ्तार नही किया। दबंग खुलेआम घूम रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। नौगांव थाने में पैसे लगने के बाद भी जब पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो वह एसपी ऑफिस चले आए और एसपी ऑफिस के सामने जमीन पर लेटे युवक ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बिलहरी में विगत 3 नवंबर 2024 को बिलहरी गांव निवासी राम प्रकाश अहिरवार पिता छोटेलाल अहिरवार को गांव के ही मनोज अंकित अखिल ने लाठी डंडों से बेरहमी से पीटा था। recent visitors 205