Saturday, July 4, 2026 11:26 pm

यासीन मलिक की पत्नी का राहुल गांधी को पत्र – ‘उसे जेल से निकालिए, वो जम्‍मू में शांति..

नई दिल्ली  जेल में बंद जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मुलिक ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक चिट्टी लिखी है। उन्होंने पत्र लिखकर कांग्रेस नेता से संसद में उनके पति के लिए बहस शुरू कराने की अपील की। मुशैल हुसैन के मुताबिक केवल उनके पति ही जम्मू एवं कश्मीर में शांति ला सकते हैं। मुशैल हुसैन का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में चल रही शांति प्रक्रिया में यासीन मलिक की भूमिका महत्वपूर्ण है और उसकी दुर्दशा का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। मानवाधिकार और महिला सशक्तिकरण पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पूर्व सहायक मुशैल ने लिखा, “राहुल जी, यासीन मलिक जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए एक ताकत बन सकते हैं, बशर्ते उन्हें उचित मौका दिया जाए।” मुशैल ने पत्र में कहा, “मेरे पति के साथ चल रहा व्यवहार किसी यातना से कम नहीं है और मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि उन्हें न्याय दिलाने में हमारी मदद करें।” राहुल गांधी को लिखे पत्र में मुशैल ने अपने पति के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई का जिक्र किया, विशेष रूप से दशकों पुराने राजद्रोह के मामले का, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अब मृत्युदंड की मांग की है। कश्मीर के अलगाववादी नेता यासिन मलिक ने टेटर फंडिंग के एक केस में मृत्युदंड की एनआईए की अपील को चुनौती दी है। एनआईए के आरोप 2017 में टेरर फाइनेंसिंग इन्वेस्टिगेशन से जुड़े हैं, जिसमें मलिक के साथ कई अन्य लोग शामिल थे। 2022 में मलिक को दोषी पाए जाने के बाद ट्रायल कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, मुशैल के अनुसार, मलिक की नजरबंदी और उसकी मौत की सजा की मांग ‘एक व्यापक राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।’ मुशैल ने दावा किया कि 2019 से भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार मलिक के साथ ‘अमानवीय’ व्यवहार कर रही है और उनके खिलाफ मुकदमे ‘राजनीति से प्रेरित’ हैं। मुशैल ने पत्र में आरोप लगाया कि ‘मलिक पर 35 साल पुराने मामले में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मुकदमा चल रहा है और अब, उन्हें फांसी की सजा देने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे हैं।’ मुशैल ने आगे कहा कि उनके पति, जो कभी सशस्त्र संघर्ष की वकालत करते थे, ने सालों पहले हिंसा का त्याग कर दिया था फिर अहिंसा और शांति का मार्ग अपनाया। उन्होंने कहा, ‘यासीन मलिक जम्मू-कश्मीर में वास्तविक शांति का साधन बन सकते हैं, न कि दिखावटी शांति जिसका वादा किया गया है।’ मुशैल ने यह भी बताया कि 2 नवंबर से मलिक जेल में अपने साथ हुए कठोर व्यवहार के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मुशैल ने मलिक के स्वास्थ्य के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की और चेतावनी दी कि लंबे समय तक भूख हड़ताल करने से उनकी जान को खतरा हो सकता है। कांग्रेस क्यों निशाने पर आ सकती है? ताज्जुब होता है न कि मिशाल मलिक ने अपने पति के लिए रहन की भीख भी किससे मांग रही है, कांग्रेस से। कांग्रेस पहले ही उसके पति की मनमोहन सिंह से 2006 वाली मुलाकात के बाद से बैकफुट पर रहती है, ऊपर से यह पत्र उसके लिए और मुसीबात बढ़ाने का काम करेगा। हालांकि न तो कांग्रेस और न ही राहुल गांधी ने इसका जवाब दिया है,लेकिन यह लेटर पार्टी का बीपी हाई करने वाला है। यासीन मलिक को किस मामले में सजा हुई है? यासीन मलिक इस समय दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। कश्मीरी अलगाववादी नेता और पूर्व उग्रवादी यासीन मलिक कश्मीर को भारत से काटने की बात करता था। 1990 के कश्मीर नरसंहार में उसका भी बड़ा हाथ है। यासीन मलिक को 25 मई 2022 को एनआईए कोर्ट ने टेरर फंडिंग के केस में उम्रकैद की सजा सनाई थी। एनआईए ने 2017 के आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में कई व्यक्तियों के खिलाफ आरोप दायर किए थे, जिनमें मलिक भी शामिल था। जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष रहे यासीन मलिक पर 25 जनवरी 1990 को श्रीनगर के रावलपोरा में भारतीय वायु सेना के 40 कर्मियों पर हमले का बी आरोप है। उस हमले में 4 वायुसेना कर्मियों की जान चली गई थी। यासीन मलिक पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की बहन रुबैया सईद के अपहरण और उसके बाद पांच आतंकवादियों को छोड़ने की घटना में भी आरोपी है। इसके अलावा तीन दशक पुराने राजद्रोह मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसके लिए मौत की सजा की मांग की है।   2006 की वो फोटो जो नहीं छोड़ती पीछा अब बात उस तस्वीर की जो 18 साल बाद भी कांग्रेस का पीछा नहीं छोड़ रही है। यह मुलाकात पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आतंकी यासीन मलिक के बीच हुई थी। यासीन की पत्नी मिशाल ने अपने पत्र में इस मुलाकात का भी जिक्र किया है। मिशाल मलिक ने लिखा कि यासीन मलिक विविधता में एकता के सच्चे शिष्य हैं, कश्मीरियत की आत्मा हैं। यह उनकी निर्मल अहिंसक विचारधारा थी, जिसने तत्कालीन भारत के प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी को 17 फरवरी, 2006 को भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच संवाद शुरू करने के लिए आमंत्रित किया था। यासीन ने शांति प्रक्रिया में अपना पूर्ण समर्थन देने का वादा किया था। 17 फरवरी 2006 को तब के पीएम मनमोहन सिंह ने यासीन मलिक को आमंत्रित किया था। दोनों की मुलाकात नई दिल्‍ली स्थित प्रधानमंत्री आवास में हुई थी। यह मुलाकात जम्‍मू-कश्‍मीर के नेताओं, अलगाववादियों और अन्‍य संगठनों के साथ जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत हुई थी। इस मुलाकात के दौरान कहीं से भी यासीन मलिक के चेहरे पर अपराधबोध नहीं था। उसने बड़ी गर्मजोशी से मनमोहन सिंह से मुसाकात की थी। हाथ मिलाया और फोटो भी खिंचवाई थी। जिस ठाठ बाट के साथ उसने यह मुलाकात की, उसी तरह वह मुलाकात के बाद भी था, बिल्कुल नवाबों की तरह अपनी कार में बैठा और चला गया। तब का दिन था और आज का दिन है, बीजेपी सहित कई पार्टियां इस फोटो को लेकर हमेशा कांग्रेस पर सवाल खड़ी करती आई हैं।     recent visitors 64

संरक्षण गृहों का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अच्छे नागरिक के रूप में विकसित हो सकें- CM योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला कल्याण विभाग ने बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में 10 नए बाल संरक्षण गृहों का निर्माण और संचालन किया जाएगा। इन संरक्षण गृहों का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अच्छे नागरिक के रूप में विकसित हो सकें। महिला कल्याण विभाग द्वारा प्रस्तावित इस योजना के अनुसार, प्रदेश के मथुरा, प्रयागराज, कानपुर नगर, आजमगढ़, झांसी, अमेठी, फैजाबाद, देवरिया, सुल्तानपुर तथा ललितपुर में इन संरक्षण गृहों की स्थापना की जाएगी। हर संरक्षण गृह में 100-100 बच्चों को रखने की क्षमता होगी, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को लाभान्वित किया जा सके। इनमें 1 राजकीय बाल गृह (बालिका), 1 राजकीय बाल गृह (बालक), 7 राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर), किशोर न्याय बोर्ड सहित 1 प्लेस ऑफ सेफ्टी गृह शामिल है। इन संरक्षण गृहों में बच्चों को न केवल रहने की सुविधाएं दी जाएगी, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास का भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग इन संरक्षण गृहों की स्थापना से असहाय और संवेदनशील बच्चों को एक नया जीवन देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इन गृहों में बच्चों को एक संरक्षित वातावरण में शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और जीवन कौशल जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने बाल संरक्षण गृहों के निर्माण के लिए आवश्यक फंड भी निर्धारित किए हैं। सभी गृहों का निर्माण योगी सरकार अपने बजट से करेगी। वहीं इन गृहों के संचालन में केंद्र सरकार द्वारा मिशन वात्सल्य योजना के प्रावधानों के केंद्रांश-60 प्रतिशत और राज्यांश-40 प्रतिशत के अनुसार राज्य सरकार पर 7.96 करोड़ रुपये का व्ययभार आएगा। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना’ के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इन गृहों का निर्माण और प्रबंधन गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कंसल्टेंट्स का चयन भी किया है, ताकि इन बाल संरक्षण गृहों में दी जाने वाली सेवाओं का उच्चतम स्तर सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य है कि राज्य का कोई भी बच्चा असुरक्षित या उपेक्षित महसूस न करे। सीएम योगी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि वे समाज के भविष्य हैं। इस योजना के तहत बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो उनकी सुरक्षा और कल्याण के प्रति संजीदा होंगे। इन बाल संरक्षण गृहों में बच्चों को उनकी उम्र और जरूरतों के हिसाब से सेवाएं दी जाएंगी, ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें।   recent visitors 54

‘शीरू भैया’ का निधन सादगी के युग का अवसान, छत्तीसगढ़-रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव ने पूर्व सांसद गोपाल व्यास को दी श्रद्धांजलि

रायपुर। पूर्व सांसद गोपाल व्यास के निधन पर भाजपा समेत कांग्रेस के नेता अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी गोपाल व्यास के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ‘शीरू भैया’ का निधन वास्तव में त्याग, तपस्या, कर्मठता और सादगी के एक युग का अवसान जैसा ही है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि हम सबके अभिभावक और पथ प्रदर्शक, मध्य क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र प्रचारक, पूर्व सांसद गोपाल व्यास के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर शोकाकुल हूं. वृहद भाजपा परिवार के भी प्रेरणापुंज ‘शीरू भैया’ का निधन वास्तव में त्याग, तपस्या, कर्मठता और सादगी के एक युग का अवसान जैसा ही है. व्यास जी का संपूर्ण जीवन न केवल समाजसेवा को समर्पित रहा, अपितु देहावसान के उपरांत उनका शरीर भी समाज के काम आएगा. अंतिम संस्कार के रूप में ‘देहदान’ का निर्णय वैसा ही है जैसे ऋषि दधीचि ने अपना अस्थि तक दान कर दिया था. ""हम सबके अभिभावक और पथ प्रदर्शक, मध्य क्षेत्र के पूर्व क्षेत्र प्रचारक, पूर्व सांसद श्री गोपाल व्यास जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर शोकाकुल हूं। वृहद भाजपा परिवार के भी प्रेरणापूंज ‘शीरू भैया’ का निधन वास्तव में त्याग, तपस्या, कर्मठता और सादगी के एक युग का अवसान जैसा…     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) November 7, 2024"" recent visitors 145

उद्योगपतियों ने कहा- बस्तर में तेज होगा आर्थिक विकास, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में मिली 118 एकड़ जमीन

जगदलपुर. राज्य सरकार ने बस्तर के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जगदलपुर के नियानार गांव में 118 एकड़ भूमि के आवंटन की मंजूरी दे दी है. इस कदम से बस्तर क्षेत्र में सहायक उद्योगों की स्थापना को बल मिलेगा, खासकर नगरनार इस्पात संयंत्र के आसपास. इससे स्थानीय रोजगार में वृद्धि और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCCI) ने लंबे समय से इस भूमि आवंटन की मांग की थी, जिसे अब मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वीकार किया गया और केबिनेट की स्वीकृति भी मिल गई है. इस भूमि आवंटन से छोटे और मध्यम उद्योगों की स्थापना को सरल बनाने में मदद मिलेगी. बीसीसीआई के अध्यक्ष श्याम सोमानी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम बस्तर में औद्योगिक और व्यवसायिक वातावरण को और सशक्त बनाएगा. उनका मानना है कि इससे न केवल स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. इसके साथ ही, बस्तर का औद्योगिक क्षेत्र और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था तेजी से विकास की दिशा में बढ़ेगी. recent visitors 123

नर्स ने परिजनों से कराई पूरे वार्ड की धुलाई, छत्तीसगढ़-बलरामपुर के अस्पताल में प्रसूता को हुई ओवर ब्लीडिंग

बलरामपुर। सरकार एक तरफ संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए तमाम प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में तैनात स्टॉफ सरकार के प्रयास को पलीता लगाती नजर आ रही है. ऐसा ही मामला वाड्रफ नगर सिविल अस्पताल में आया है, जहां प्रसूता के प्रसव के बाद उसके परिजनों से वार्ड की धुलाई कराई गई. जानकारी के अनुसार, गैना गांव की गर्भवती महिला अपने परिजनों के साथ सिविल अस्पताल में प्रसव के लिए आई थी. प्रसव के दौरान ओवर ब्लीडिंग होने से ड्यूटी नर्स भड़क गई, और परिजनों से पूरे प्रसव वार्ड की धुलवाई करवाई. अब सवाल यह है कि जब अस्पताल में सफाई के लिए पूरा अमला मौजूद है, तो फिर प्रसूता के परिजनों से सफाई क्यों कराई गई. मामले में बीएमओ शशांक गुप्ता ने परिजनों की शिकायत और मीडिया के जरिए मिली खबरों पर जांच करावा कर दोषी पाए जाने पर स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है. recent visitors 82

हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को माना सही, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में मूक-बधिर से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को को 25 वर्ष कैद यथावत

बिलासपुर. गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में मूक-बधिर से सामूहिक दुष्कर्म के 5 आरोपियों की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि अपीलकर्ताओं के अपराध के संबंध में निष्कर्ष पर पहुंचने में ट्रायल कोर्ट ने कोई कानूनी या तथ्यात्मक त्रुटि नहीं की है. बता दें, 25 अगस्त 2019 की शाम करीब 6-7 बजे मरवाही पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बाजार में आरोपियों ने मूक-बधिर पीड़िता को जबरन मोटरसाइकिल से तालाब के पास ले जाकर उससे सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था. इस मामले में संजीव कुजूर, सूरज दास समेत पांचों आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 366/34, 342/34 और 376 (डी) के तहत जुर्म दर्ज किया गया. जानकारी के मुताबिक, पीड़िता की चाची ने मरवाही पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराया, कि उसका बड़ा भाई उसके घर के पास रहता है, और उसकी 22 वर्षीय बेटी (पीड़िता), जो जन्म से मूक बधिर है, और इशारों के माध्यम से बातचीत करती है जिसे वह उसकी मां समझती है. पीड़िता हमेशा की तरह 25 अगस्त की शाम खाना (भीख) मांगने बाजार गई थी. देर रात 11 बजे के करीब वह रोती हुई घर लौटी. उसने उसे और अपनी मां को इशारे से बताया कि जब वह शाम बाजार से लौट रही थी, पांच लड़कों ने उसे जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बिठाया, उसे तालाब की सीढ़ियों पर ले गए, उसके हाथ-पैर बांध दिए और एक-एक करके उसके साथ बलात्कार किया. पीड़िता ने चेहरे, पीठ और कमर पर खरोंच के निशान दिखाए, साथ ही प्राइवेट पार्ट में दर्द होने की बात बताई. इसके बाद पीड़िता की चाची ने पीड़िता और परिजनों के साथ पुलिस स्टेशन में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. मामले में 25 वर्ष की सजा सुनाई गई पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दंडनीय अपराधों के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मरवाही की अदालत में आरोप पत्र दायर किया. जहां से इसे 10.12.2019 को परीक्षण के लिए अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायालय को सौंप दिया गया. ट्रायल कोर्ट के जज ने आरोपियों  के खिलाफ 2 जनवरी 2020 को आईपीसी की धारा 366/34, 342/34 और 376डी के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आरोप तय किए. मामले में आरोपियों का डीएनए टेस्ट फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, रायपुर को विश्लेषण हेतु भेजकर इसकी रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई. ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों को 25 वर्ष कैद की सजा सुनाई. वहीं आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसे चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डीबी ने खारिज कर दिया. सुनवाई के बाद जजों ने कहा, कि ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ताओं के अपराध के संबंध में निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई कानूनी या तथ्यात्मक त्रुटि नहीं की है. इसके साथ ही अपील खारिज कर दी गई. हाई कोर्ट ने एफएसएल व डीएनए टेस्ट पीड़िता के बयान को सजा के लिए साक्ष्य माना है. recent visitors 57

नीरज चोपड़ा के कोच क्लॉस बार्टोनिट्ज़ ने एथलेटिक्स से लिया संन्यास

नई दिल्ली टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने पुष्टि की कि उनके कोच क्लॉस बार्टोनिट्ज़ एथलेटिक्स से संन्यास ले रहे हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में नीरज ने लिखा, कोच, आप मेरे लिए सिर्फ एक गुरु से कहीं बढ़कर हैं। आपने जो कुछ भी सिखाया है, उसने मुझे एक एथलीट और व्यक्ति के रूप में विकसित होने में मदद की है। आपने यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया है कि मैं हर प्रतियोगिता के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहूँ। चोट लगने के दौरान भी आप मेरे साथ खड़े रहे। आप उतार-चढ़ाव के दौरान भी मेरे साथ थे। आप स्टैंड में सबसे शांत लोगों में से एक थे, लेकिन जब मैं थ्रो करता था, तो आपके शब्द मेरे कानों में सबसे ज़ोर से गूंजते थे। मुझे हमारी शरारतें और हंसी-मज़ाक की याद आएगी, लेकिन सबसे बढ़कर, मैं एक टीम के रूप में आपको याद करूँगा। मेरी यात्रा का हिस्सा बनने के लिए धन्यवाद। मुझे अपनी यात्रा का हिस्सा बनने की अनुमति देने के लिए धन्यवाद। हैप्पी रिटायरमेंट, कोच। 2019 में कोहनी की सर्जरी के बाद युवा खिलाड़ी के पुनर्वास और रिकवरी प्रक्रिया के दौरान बार्टोनिट्ज़ ने हमवतन और पूर्व विश्व रिकॉर्ड धारक भाला फेंक खिलाड़ी उवे होन से नीरज के कोच के रूप में कार्यभार संभाला था। नीरज ने बार्टोनिट्ज़ के साथ कई पदक जीते जिनमें दो ओलंपिक पदक (स्वर्ण और रजत), दो विश्व चैम्पियनशिप पदक (स्वर्ण और रजत), एक एशियाई खेलों का स्वर्ण और एक डायमंड लीग खिताब शामिल हैं। 26 वर्षीय भाला फेंक खिलाड़ी ने आखिरी बार 75 वर्षीय जर्मन कोच के साथ ब्रुसेल्स में डायमंड लीग फाइनल में प्रतिस्पर्धा की थी, जहां वह एंडरसन पीटर्स के बाद दूसरे स्थान पर रहे थे।   recent visitors 63