Saturday, July 4, 2026 7:44 am

वक्फ कानून के तहत किसानों को उन जमीनों पर खेती कर रहे उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए: मुख्यमंत्री सिद्धाररमैया

नई दिल्ली वक्फ मामले में कर्नाटक सरकार ने किसानों को नोटिस भेजने वाले अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड में बदलाव करने और वक्फ कानून के तहत किसानों को जमीन खाली करने का नोटिस भेजने वाले अधिकारियों को चेताया गया है। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार कटारिया ने जिलों के सभी क्षेत्रीय आयुक्तों और उपायुक्तों पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री सिद्धाररमैया ने कुछ भू-संपत्तियां कर्नाटक वक्फ बोर्ड के पक्ष में किए जाने की शिकायतों के बाद हाल में बैठक की थी। पत्र के मुताबिक, बैठक में तय किया गया कि भूमि का स्वामित्व बदलने के लिए किसी भी सरकारी कार्यालय या प्राधिकारी की ओर से पूर्व में दिए गए सभी निर्देश वापस लिए जाते हैं। पूर्व में दिए गए सभी नोटिस भी वापस लिए गए हैं। उन जमीनों पर खेती कर रहे किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। पत्र में कहा गया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार किसानों और जमीन मालिकों को 7 नवंबर को भेजे पत्र व नोटिस वापस लिए जाते हैं। वक्फ बोर्ड ने इन जमीनों पर जताया अपना दावा राजेंद्र कुमार कटारिया ने अपने पत्र में कहा, ‘मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद नोटिस भेजने वाले अधिकारियों को उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’ कर्नाटक में 13 नवंबर को तीन अहम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। उसके बीच यह निर्देश जारी किया गया है। उत्तर कर्नाटक में विजयपुरा के कुछ किसानों ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि उन्हें जमीन खाली करने के नोटिस दिए गए हैं, क्योंकि वक्फ बोर्ड ने इन जमीनों पर अपना दावा जताया है। इसके बाद राज्य के कुछ अन्य हिस्सों से भी शिकायतें मिलने लगी थी। भाजपा के नेता तेजस्वी सूर्या ने 25 अक्टूबर को गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के वक्फ मंत्री बी जेड जमीर अहमद खान ने उपायुक्तों और राजस्व अधिकारियों को 15 दिन के भीतर वक्फ बोर्ड के पक्ष में जमीनें पंजीकृत करने का निर्देश दिया था, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। सूर्या के अनुरोध पर वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने 7 नवंबर को कर्नाटक का दौरा किया। उन्होंने हुब्बली, विजयपुरा और बेलगावी जिलों के किसानों से मुलाकात की जिन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीनों को वक्फ संपत्ति के तौर पर चिह्नित किया गया है। recent visitors 56

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं की आपूर्ति और मरीजों के जांच सैंपल लेकर आएगा ड्रोन

कोंडागांव  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा एक ऐसा मुद्दा है, जिसके लिए आदिवासी हमेशा संघर्ष करते रहे हैं. लेकिन अब ड्रोन के जरिए दूरस्थ अंचल में दवाओं की आपूर्ति कर एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है. इससे ब्लड और दवा जिला अस्पताल से सभी अस्पतालों में तुरंत पहुंचेगी, और लोगों को तुरंत स्वास्थ्य सेवा भी मिलने लगेगी. इस सुविधा की शुरुआत रविवार को जिला अस्पताल के बाहर रिमोट का बटन दबाकर ड्रोन उड़ाने के जरिए हुई. ड्रोन मर्दापाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक दवाएं लेकर जाएगा, साथ ही मरीजों के जांच सैंपल लेकर वापस लौटेगा. फिलहाल, यह पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है. आने वाले दिनों में इसे आस-पास के अस्पतालों के लिए भी शुरू किया जाएगा. दवाओं के अलावा सैंपल भी लाएगा ड्रोन सीएमएचओ डॉ आरके सिंह ने बताया कि इस ड्रोन सेवा को दूरस्थ इलाकों में मेडिकल फैसिलिटी को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है. ड्रोन ना सिर्फ दवाओं को लेकर जिला अस्पताल पहुंचेगा, बल्कि वहां से डॉक्टरों की टीम कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) में पहुंचे हुए मरीजों के ब्लड और यूरिन जैसे सैंपल ड्रोन के सहारे वापस भेजेगी. बता दें कि ड्रोन सेवा की शुरुआत केंद्र सरकार की तरफ से की गई है. ये केंद्र सरकार के टीकाकरण सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए एक पहल है. recent visitors 44

जबरवान के जंगल में चल रही मुठभेड़, सोपोर इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर में बारामूला जिले के सोपोर इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कश्मीर संभाग की पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी पोस्ट में कहा, ‘बारामूला के रामपोरा सोपोर इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया गया। तलाशी अभियान के दौरान गोलीबारी हुई।’ पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ की विस्तृत जानकारी का इंतजार है। हालांकि, एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने पहचान गुप्त रखते हुए बताया कि मुठभेड़ के दौरान एक आतंकवादी मारा गया है। उन्होंने बताया कि मारे गए दहशतगर्द और उसके संगठन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर, श्रीनगर के बाहरी इलाके में जबरवान वन क्षेत्र में रविवार को आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ दाचीगाम और निशात क्षेत्र के ऊपरी इलाकों को जोड़ने वाले वन क्षेत्र में सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद इलाके की घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था। मुठभेड़ में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। कठुआ में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा गौरतलब है कि सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे कठुआ में सेना प्रमुख का दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद निरोधक अभियान तेज हो गए हैं। यहां गुरुवार को किश्तवाड़ जिले में हुए हमले में आतंकवादियों ने 2 ग्राम रक्षा गार्ड का अपहरण करने के बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। एडीजीपीआई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कठुआ, जम्मू कश्मीर में तैनात राइजिंग स्टार कोर की अग्रिम इकाइयों का दौरा किया। उन्हें मौजूदा सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। सेना प्रमुख ने सैनिकों से भी बातचीत की और उनके पेशेवर रवैये व कर्तव्य के प्रति समर्पण के उच्च मानकों की सराहना की।’ recent visitors 52

डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया फैसले लेने में कैसा होता है प्रेशर- जजों पर केवल राजनीतिक दबाव नहीं

नई दिल्ली जजों के ऊपर केवल राजनीतिक दबाव ही नहीं होता है। उनके ऊपर निजी हित समूहों का भी दबाव होता है। यह बात रिटायर्ड सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कही। उन्होंने कहाकि यह सोशल मीडिया का सहारा लेकर माहौल बनाते हैं। वह ऐसा प्रचारित करते हैं जिससे जज के ऊपर किसी खास तरह का फैसला करने का दबाव बन जाए। डीवाई चंद्रचूड़ ने कहाकि यहां तक इस तरह से दबाव बनाने के लिए ट्रोलिंग की जाती है। सोशल मीडिया के जरिए हमले किए जाते हैं। डीवाई चंद्रचूड़ ने यह भी कहाकि न्याय व्यवस्था की आजादी को मापने का सिर्फ यह पैमाना नहीं होना चाहिए कि कितने फैसले सरकार के खिलाफ दिए गए। वह एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने वाले पूर्व सीजेआई ने इस दौरान अपने फैसलों पर भी बात की। उन्होंने कहाकि मुझे लगता है कि मैंने एक बैलेंस बनाने की कोशिश की है। डीवाई चंद्रचूड़ ने कहाकि मैंने हमेशा फैसले किसी खास विचार से प्रभावित होकर नहीं, बल्कि अपनी न्यायिक समझ के आधार पर ही दिया है। इस मौके पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने यह भी कहाकि हालांकि सीजेआई और सभी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को प्रशासनिक पक्ष में सरकार के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने ज्यूडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी फंड्स को लेकर किए गए अपने सुधारों को याद किया। इसके अलावा सरकारों से राय लेने में कोर्ट और एग्जीक्यूटिव्स के बीच मतभेदों को सुलझाने में अहम होता है। पूर्व सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम और सरकार के बीच उपजे मतभेद का हवाला दिया जो कई बार सुर्खियों में रहा। हालांकि उन्होंने यह भी कहाकि सभी मतभेद सुलझाए भी नहीं जा सकते। उन्होंने कहाकि इसका सबसे अच्छा उदाहरण है कि सरकार अभी भी वकील सौरभ किरपाल को हाई कोर्ट का जज बनाने को राजी नहीं है। डीवाई चंद्रचूड़ ने कहाकि किसी जज की सेक्सुअलिटी या उसके पार्टनर का विदेशी नागरिक होना उसके फैसलों पर असर नहीं डाल सकता। इसके साथ ही उन्होंने फैसलों में स्पष्टता की भी बात की। पूर्व सीजेआई ने कहाकि खराब ढंग से लिखे गए फैसले न्याय की आस रखने वालों को निराश करते हैं। recent visitors 65

भारतीय महिला ने खरीदा FRIENDS फेम मैथ्‍यू पेरी का आलीशान घर

लॉस एंजिलिस अमेरिकी एक्‍टर मैथ्‍यू पेरी अब हमारे बीच नहीं हैं। बीते साल अक्‍टूबर में लॉस एंजिलिस के घर में हॉट टब में वह बेसुध पाए गए थे, जिसके बाद डॉक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोष‍ित कर दिया। 54 साल के मैथ्‍यू ने टीवी शो FRIENDS में चैंडलर बिंग का किरदार निभाया था। एक ऐसा रोल, जो आज भी होठों पर मुस्‍कान ला देता है। भारत में भी मैथ्‍यू की खूब पॉपुलैरिटी रही है। अब ताजा खबर ये है कि लॉस एंजिलिस के जिस घर में मैथ्‍यू पेरी की मौत हुई थी, उसे एक भारतीय ने ही खरीद लिया है। इस आलीशान घर की नई तस्‍वीरें और वीडियो वायरल हो रही हैं, जिसमें खरीदने के बाद पूजा और हवन करवाया गया है। रियल एस्टेट डवलपर और फिल्म मेकर अनीता वर्मा-ललियन ने इस साल अक्टूबर में मैथ्यू पेरी का पैसिफिक पैलिसेड्स स्‍थ‍ित यह आलीशान घर खरीदा है। अनीता ने इंस्टाग्राम पर इस घर की शानदार तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं। बताया जाता है कि अनीता ने इस घर के लिए 8.55 मिलियन डॉलर यानी करीब 72 करोड़ रुपये में इसे खरीदा है। 'जिस पल घर देखा, मुझे इससे प्‍यार हो गया' अनीता ने लिखा है, 'हमें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमने इस महीने की शुरुआत में लॉस एंजिल्स में एक घर खरीदा है! हमारे एजेंट ने कहा कि उनके पास एक अद्भुत ‘ऑफ-मार्केट’ प्रॉपर्टी है। जिस पल मैं घर में दाखिल हुई, मुझे इसकी खूबियों से प्यार हो गया। खासकर घर से प्रशांत महासागर का नजारा यह एहसास दिलाता है कि असल में यह 'एक' ऐसी चीज है, जिसे खरीदना चाहिए।' मैथ्‍यू पेरी नहीं, इस कारण खरीदा घर अनीता ने अपने इस नए घर में हिंदुस्‍तानी सभ्‍यता के मुताबिक, पूजा और हवन करवाया है। वह इस बात पर खास जोर देती हैं कि इस घर को खरीदने का उनका फैसला, इसकी खूबसूरती है। उन्‍हें इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि इसका पिछला मालिक कौन था। अनीता ने कहा- पूजा और हवन हमारी प्रथा है अनीता ने पोस्‍ट में आगे लिखा है, 'एक रियल एस्टेट डवलपर के तौर पर मेरा मानना है कि हर प्रॉपर्टी का एक इतिहास होता है, लेकिन हर घर में एक एनर्जी भी होती है, जो उसका मालिक उसमें लाता है। मैं हिंदू हूं और जब भी आप कोई नया घर खरीदते हैं तो आशीर्वाद और प्रार्थना करना एक प्रथा है। हम बहुत भाग्यशाली थे कि एरिजोना से हमारे पंडितजी आशीर्वाद देने के लिए घर आए। हमने इस घर के पिछले मालिक के जीवन के सकारात्मक पहलुओं, उनकी प्रतिभा और लोगों को उनके द्वारा दी गई खुशी का सम्मान किया।' recent visitors 62

ट्रंप इस राज्य और उसके 11 चुनावी वोटों को रिपब्लिकन की झोली में डालने में कामयाब रहे

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने वाले डोनाल्ड ट्रंप कमाल करते दिख रहे हैं। उन्होंने एरिजोना में भी जीत हासिल कर ली। इस तरह 5 नवंबर को हुए चुनावों में सभी 7 स्विंग राज्यों में रिपब्लिकन ने विजय परचम लहरा दिया है। ट्रंप इस राज्य और उसके 11 चुनावी वोटों को रिपब्लिकन की झोली में डालने में कामयाब रहे। साल 2020 में डेमोक्रेटिक लीडर जो बाइडन की जीत के बाद भी उन्होंने अबकी बार यह कर दिखाया। 70 बरसों के बाद एरिजोना जीतने वाले बाइडन दूसरे डेमोक्रेट बने थे। ताजा आंकड़ों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप को अब तक 312 इलेक्टोरल वोट मिल चुके हैं। ये व्हाइट हाउस की दौड़ जीतने के लिए जरूरी 270 से कहीं अधिक हैं। साल 2016 में जब ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव जीता तो उन्हें 304 चुनावी वोट मिले थे। अमेरिकी मीडिया 50 राज्यों में आधे से अधिक में ट्रंप को विजेता घोषित कर चुकी है। इनमें जॉर्जिया, पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और विस्कॉन्सिन के स्विंग राज्य शामिल हैं, जिनमें से सभी ने पिछले चुनाव में डेमोक्रेटिक वोट दिया था। उन्होंने उत्तरी कैरोलिना और नेवादा के में भी जीत हासिल की है। नेवादा में भी ट्रंप ने लहराया विजय का परचम डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को नेवादा राज्य में विजय का परचम लहराया। पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के बाद से पहली बार यह राज्य और इसके 6 इलेक्टोरल वोट रिपब्लिकन पार्टी के पास लौटे हैं। इससे पहले 2004 में बुश ने इस राज्य से जीत हासिल की थी। ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी रहीं कमला हैरिस ने इस साल राज्य में कई बार प्रचार किया। नेवादा की ज्यादातर काउंटी ग्रामीण हैं और इसने 2020 में ट्रंप के लिए भारी मतदान किया था। मगर, डेमोक्रेट जो बाइडन ने उस समय दो सबसे घनी आबादी वाली काउंटी वैशू और क्लार्क से जीत हासिल की थी। एसोसिएटेड प्रेस ने ट्रंप के विजयी होने की जानकारी दी। recent visitors 58

मध्य प्रदेश में बंदियों को अब जेलों में मिलेगा दूध, दही और सलाद भी, नए साल से लागू हो सकती है व्यवस्था

भोपाल मध्य प्रदेश की जेलों में बंदियों को अब दूध, दही, छाछ और सलाद भी मिल सकेगा। एक जनवरी 2025 से प्रभावी होने जा रहे 'मध्य प्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह अधिनियम' में इसका प्रविधान किया जा रहा है। बंदियों को मिलेगा बेहतर भोजन वित्त विभाग इस प्रस्ताव का परीक्षण कर रहा है। शासन से अनुमति मिलने के बाद अधिनियम प्रभावी होने के साथ ही खान-पान की व्यवस्थाएं और बेहतर हो जाएंगी। जेल में बंदी टीबी के मरीजों को पहले की तरह अंडा भी दिया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय त्योहार और सप्ताहांत में मिष्ठान्न देने की व्यवस्था भी जारी रहेगी। पुराने कानून में व्यापक बदलाव अंग्रेजों के जमाने में बंदियों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता था, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्हीं के जमाने का (वर्ष 1894) कानून भी अभी तक चलन में है। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जेलों में सुधारात्मक सेवाएं बढ़ाने के प्रयास में हैं। इसी कड़ी में पुराने कानून को बदला जा रहा है। प्रदेश में नए अधिनियम में लगभग एक हजार तरह के नियम शामिल किए गए हैं। प्रदेश में 45 हजार बंदी उल्लेखनीय है कि प्रदेश की जेलों में लगभग 45 हजार बंदी हैं। खतरनाक बंदियों को अलग अंडा सेल में रखा जा रहा है, लेकिन अब इसे नियम में भी उल्लेखित किया जाएगा। इसके साथ ही पुराने कई प्रविधान हटा दिए गए हैं, जो अब अप्रासंगिक हो गए हैं। जेल में खाना बनाने के लिए बंदियों को उनकी रुचि के अनुसार लगाया जाएगा। इस पर कोई बंदी आपत्ति नहीं कर सकेगा। अधिकारियों का कहना है के मप्र संभवत: पहला राज्य बन सकता है, जहां जेलों में बंदियों को दूध, दही और छाछ दिया जाएगा। बंदियों के खानपान की व्यवस्था बेहतर करने के लिए नियमों में कई प्रविधान किए जा रहे हैं। वित्त विभाग इसका अध्ययन कर रहा है कि खर्च कितना आएगा। सहमति मिलने पर व्यवस्था लागू होगी। – जीपी सिंह, जेल महानिदेशक, मप्र   recent visitors 58