Monday, July 6, 2026 1:28 am

आज देहरादून की सड़कों पर जिलाधिकारी और कप्तान एक साथ निकले बाइक पर, शहर में बढ़ी हलचल

देहरादून राजधानी देहरादून की सड़कों पर सोमवार को जिलाधिकारी और कप्तान एक साथ एक ही बाइक पर निकले। पुलिस की लंबी कतार भी दोनों के पीछे चली। यह देख शहर में हलचल भी बढ़ गई। दरअसल, दोनों  महिला सुरक्षा के दृष्टिगत पिंक बूथ, पिंक टॉयलेट की संभावना, अतिक्रमण, पार्किंग, चौराहा का निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण, यातायात व्यवस्था, सड़क,  ड्रेनेज,  आदि समुचित व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह साथ में निकले। राजधानी में पहला पिंक बूथ पलटन बाजार में स्थापित कर नारी सुरक्षा को समर्पित किया गया था। यह सामान्य पुलिस बूथ नहीं है, महिला सुरक्षा के लिए इसके बड़े मायने हैं। इसे डीएम सविन बंसल ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू कराया है।पलटन बाजार में प्रयोग सफल होने पर शहर के विभिन्न हिस्सों में पिंक बूूथ बनाए जाएंगे। इन बूथों पर महिला अपराध से जुड़ी हर शिकायत का निस्तारण किया जाएगा। थानाक्षेत्र में खुलने वाले पिंक बूथ की मानीटरिंग थाना प्रभारी करेंगे।   डीएम सविन बंसल ने बताया कि अन्य स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां महिला सुरक्षा के लिहाज से ऐसे बूथ खोलने की जरूरत है। खासकर बाजार, मॉल, स्कूल-कॉलेज के आसपास ऐसे बूथ खोले जाएंगे। इसमें जरूरत के अनुसार महिला आरक्षी की तैनाती की जाएगी। देहरादून में गुलाबी रंंग के यह पुलिस बूथ महिला सुरक्षा के लिए मुस्तैद नजर आएंगे। दरअसल, पिंक बूथ एक हेल्प डेस्क है, जो महिलाओं की सुरक्षा व अन्य मुद्दों में सहायता करेगा। बूथ पर सिर्फ महिला पुलिस की तैनाती रहेगी।I recent visitors 56

कनाडा में भारतीय कौंसुलेट का एक कैंप में अलबार्टा में लगना था, लेकिन इसमें हिंसा के डर से कैंसिल कर दिया

ओटावा कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले के बाद से ही तनावपूर्ण माहौल है। देश में रह रहे हिंदू समुदाय के बीच अपनी सुरक्षा को लेकर डर का माहौल है। भारतीय कौंसुलेट का एक कैंप में अलबार्टा में लगना था, लेकिन इसमें हिंसा के डर से कैंसिल कर दिया गया। यह कैंप वैंकुवर स्थित इंडियन कौंसुलेट की ओर से आयोजित होना था। इन घटनाओं के चलते हिंदू समुदाय के बीच डर का माहौल है। एक सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे के अनुसार देश के ज्यादातर हिंदुओं का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। ऐसा तब है, जब कनाडा की सरकार को लेकर वहां हिंदुओं का भरोसा कमजोर हुआ है। पिछले दिनों हुए मंदिर पर हमले ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। खबर मिली है कि अलबार्टा में जहां कैंप होना था, वहां खालिस्तानी प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उन्हें स्थानीय पुलिस ने थोड़ी दूरी पर ही रोक लिया था। रविवार रात को खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस की ओर से बयान में कहा गया था कि हम भारतीय डिप्लोमैट्स की ओर से होने वाले कैंप में बाधा पहुंचाएंगे। सिख्स फॉर जस्टिस ने कहा कि हम कनाडा में लाइफ सर्टिफिकेट कैम्पस का विरोध करते रहेंगे। उसने ग्रेटर टोरंटो एरिया में 16 और 17 नवंबर को आयोजित होने वाले कैंपों का भी जिक्र किया था। बता दें कि टोरंटो स्थित भारतीय कौंसुलेट ने बीते सप्ताह ही ऐलान किया था कि वह कुछ कौंसुलर कैम्पस को रद्द करेगा। उसका कहना था कि हम ऐसा फैसला इसलिए ले रहे हैं क्योंकि कनाडा की सरकार ने सुरक्षा को लेकर भरोसा नहीं दिया है। ऐसी स्थिति में हम कुछ कैंपों को रद्द ही कर रहे हैं। इस बीच विश्व हिंदू परिषद कनाडा के सर्वे में कहा गया है कि हिंदुओं के बीच नाराजगी है। वॉइस ऑफ कनैडियन हिंदू के सर्वे में कहा गया है कि 98.5 फीसदी हिंदुओं को जानकारी है कि मंदिर पर हमला हुआ है। वहीं ओंटारियो और ब्रिटिश कोलंबिया के 95 फीसदी हिंदुओं का कहना है कि इन हमलों के बाद हम सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। इसके अलावा 98 फीसदी हिंदू ऐसे हैं, जिन्होंने जस्टिन ट्रूडो सरकार के रुख को खराब या बेहद खराब करार दिया है। इसके अलावा कनाडा की कानूनी एजेंसियों को लेकर भी 96 फीसदी लोगों ने ऐसी ही राय जताई है। इस सर्वे में 1000 से ज्यादा कनाडाई हिंदुओं ने हिस्सा लिया था। recent visitors 61

शर्वरी ने वर्कआउट की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री शर्वरी ने अपने वर्कआउट की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की हैं1 शर्वरी के लिए यह साल बेहद खास रहा है। उनकी 100 करोड़ की ब्लॉकबस्टर 'मुंजा,' ग्लोबल स्ट्रीमिंग हिट 'महाराज' और एक्शन-थ्रिलर 'वेदा' में बेहतरीन परफॉर्मेंस ने उन्हें इस साल का सितारा बना दिया है।दिवाली का जश्न पीछे छोड़ते हुए शर्वरी अब एक बार फिर काम में जुट चुकी हैं और अपने आगामी वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स फिल्म 'अल्फा' की शूटिंग में व्यस्त हो गई हैं। शर्वरी ने सोशल मीडिया पर अपनी फिटनेस का जलवा दिखाते हुए मंडे मोटिवेशन पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने जिम में बारबेल रो वर्कआउट करते हुए अपनी टोंड बॉडी को फ्लॉन्ट किया। शर्वरी ने अपनी फिटनेस तस्वीरों के कैप्शन में लिखा, "दिवाली खत्म, अल्फा शुरू #मंडेमोटिवेशन शर्वरी 'अल्फा' के शूट के कारण अपने फिटनेस गेम को बढ़ा रही हैं। इस फिल्म में शर्वरी आलिया भट्ट के साथ नजर आएंगी, जो 25 दिसंबर, 2025 को रिलीज़ होने जा रही है। फिल्म का निर्देशन शिव रवैल कर रहे हैं। recent visitors 56

कंपनी ने मशहूर बार्बी डॉल के बॉक्स में पोर्न वेबसाइट का पता छाप दिया, कंपनी ने कर दिया कांड

वाशिंगटन बच्चों के लिए खिलौने बनाने वाली कंपनी मैटल ने बहुत बड़ी गलती कर दी। खबर है कि कंपनी ने मशहूर बार्बी डॉल के बॉक्स में पोर्न वेबसाइट का पता छाप दिया। हालांकि, कंपनी ने इस गलती के लिए माफी मांग ली है और ग्राहकों से पोर्न वेबसाइट को छिपाने या डॉल को फेंकने की सलाह दी है। कहा जा रहा है कि ऐसा डॉल के कुछ बॉक्स के साथ ही हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने गलती से बार्बी डॉल के कुछ बॉक्स पर QR कोड छाप दिए थे, जो पोर्न वेबसाइट से लिंक थे। कंपनी का कहना है कि परेशानी सिर्फ कुच डॉल्स के साथ ही थी और इससे निपटने के लिए सभी जरूरी कदम भी उठा लिए गए हैं। कंपनी ने ग्राहकों को भरोसा दिया है कि जल्द ही इन प्रोडक्ट्स को बाजार से हटा लिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने विकेड मूवी के प्रचार के लिए खास बार्बी डॉल तैयार की थीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर जब कुछ यूजर्स ने देखा कि कुछ बॉक्स पर छपा हुआ क्यूआर कोड पोर्न वेबसाइट से लिंक है, तो यह मामला कंपनी के सामने आया। खबर है कि प्रिंटिंग की इस गलती से खासतौर पर ग्लिंडा और एल्फाबा डॉल प्रभालित हुए हैं। क्या बोली कंपनी कंपनी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण गलती करार दिया है। मैटल ने प्रभावित ग्राहकों को उनके कस्टमर केयर सर्विस से भी संपर्क साधने के लिए कहा है। कंपनी का बयान है, 'हम इस दुर्भाग्यपूर्ण गलती के लिए माफी चाहते हैं और इसे सुधारने के लिए तत्काल कार्रवाई कर रहे हैं। पैरेंट्स को सलाह दी जाती है कि गलती से छपी गलत वेबसाइट बच्चों के लिए ठीक नहीं है।' कंपनी ने आगे कहा, 'जिन ग्राहकों के पास प्रोडक्ट्स पहुंच चुके हैं, उन्हें इसकी पैकेजिंग खत्म करने या लिंक को छिपाने या आगे की जानकारी के लिए मैटल कस्टमर सर्विस से बात करने की सलाह दी जाती है।' recent visitors 119

जान लें आधार कार्ड अपडेट करने के नियम और शर्तें

नई दिल्ली आधार कार्ड को यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी UIDAI की तरफ से जारी किया जाता है। आधार कार्ड एक जरूरी दस्तावेज है। इसका इस्तेमाल कई तरह की सर्विस के लिए किया जाता है। आधार कार्ड की मदद से नया सिम कार्ड खरीदने से लेकर, बैंक अकाउंट खोलने और सरकारी सब्सिडी के लिए आवेदन किया जा सकता है। साथ ही आधार कार्ड की मदद से पासपोर्ट हासिल किया जा सकता है। ऐसे में आधार पर दर्ज जानकारी सही होनी चाहिए। अगर आपके आधार पर दर्ज जानकारी गलत है, तो उसे तुरंत अपडेट कर लेना चाहिए। आधार कार्ड पर डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर और एड्रेस को अपडेट किया जा सकता है। आधार को UIDAI वेबसाइट की मदद से myAadhaar पोर्टल से ऑनलाइन अपडेट किया जा सकता है। मौजूदा वक्त में यूजर बिना किसी फीस की मदद से आधार को अपडेट कर सकते हैं। कितनी बार आधार में कर सकते हैं बदलाव आधार कार्ड पर कई सारे अपडेट को किया जा सकता है। हालांकि आधार अपडेट की कुछ लिमिटेशन भी हैं। जैसे आधार कार्ड पर नाम को बदला जा सकता है। आधार कार्ड पर दर्ज नाम को पूरे जीवन में दो बार बदला जा सकता है। इसके बाद नाम बदलने के लिए UIDAI के अप्रूवल की जरूरत होगी। साथ ही आपको सपोर्टिव डॉक्यूमेंट देने होंगे कि आखिर आपकी तरफ से नाम क्यों बदला जा रहा है। आधार पर नाम के अलावा ऐड्रेस को बदलने के लेकर कोई नियम नहीं है। इसे लाइफटाइम में कितनी भी बार बदला जा सकता है। समय पर न हो आधार अपडेट तो क्या करें? UIDAI की तरफ से ज्यादातर आधार कार्ड की रिक्वेस्ट को 30 दिनों के भीतर अप्रूव कर दी जाती है। अगर आपके आधार कार्ड को पूरा करने में 90 दिनों का वक्त लगता है, तो आपको 1947 पर कॉल करना चाहिए या फिर UIDAI से संपर्क करना चाहिए। फ्री में अपडेट करें आधार UIDAI की तरफ से सभी आधार यूजर्स को आधार कार्ड अपडेट को कहा गया है। केंद्र सरकार की मानें, तो 10 साल पुराने आधार कार्ड को अपडेट कर लेना चाहिए। अगर आप 14 दिसंबर 2024 से पहले ऑनलाइन आधार कार्ड अपडेट कराते हैं, तो आपसे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा, क्योंकि 14 दिसंबर 2024 तक सरकार फ्री में आधार कार्ड अपडेट की सुविधा दे रही है। recent visitors 86

हरिशंकर खटीक को चंबल संभाग का प्रभारी किया नियुक्त

भोपाल भाजपा ने टीकमगढ़ जिले के जतारा विधायक हरिशंकर खटीक को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए उन्हें चंबल संभाग का प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उनकी नियुक्ति की घोषणा की है। खटीक वर्तमान में पार्टी के प्रदेश महामंत्री पद पर भी कार्यरत हैं, जिससे संगठन के भीतर उनकी मजबूत पकड़ और सक्रियता को लेकर उनकी इस नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। हरिशंकर खटीक की चंबल संभाग में उनकी जिम्मेदारी संगठन को मजबूत बनाने के साथ आगामी चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खटीक की संगठनात्मक अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें इस अहम पद पर तैनात किया है, जिससे चंबल क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके। recent visitors 127

अगर कोई महिला किसी पुरुष के साथ कमरे में जाती है, तो मतलब यह नहीं कि महिला सेक्स के लिए तैयार है: बॉम्बे हाईकोर्ट

मुंबई बलात्कार से जुड़े एक केस में बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत का कहना है कि अगर कोई महिला किसी पुरुष के साथ होटल के कमरे में जाती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसने यौन संबंध बनाने के लिए सहमति दे दी है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें आरोपी के खिलाफ रेप केस को बंद कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने क्या कहा जस्टिस भरत पी देशपांडे की बेंच ने कहा, 'इस बात में कोई शक नहीं है कि यह दिखाने के लिए सामग्री है कि आरोपी और शिकायतकर्ता ने होटल रूम बुक किया था। हालांकि, इसे यौन संबंध बनाने के लिए पीड़िता की तरफ से सहमति देना नहीं माना जा सकता…। अगर यह मान भी लिया जाए कि पीड़िता आरोपी के साथ रूम में गई थी, लेकिन इसे किसी भी तरह से यौन संबंध के लिए उसकी सहमति नहीं माना जा सकता है।' क्या था मामला मार्च 2020 में आरोपी गुलशेर अहमद ने कथित तौर पर विदेश में नौकरी की पेशकश की थी। कथित तौर पर उसने मीटिंग के बहाने से महिला को होटल के कमरे में बुला लिया। खास बात है कि महिला और पुरुष दोनों ने मिलकर रूम बुक किया था। बाद में पीड़िता ने आरोप लगाए कि कमरे में जाते ही आरोपी ने उसे मारने की धमकी दी और फिर रेप कर दिया। बार एंड बेंच के अनुसार, पीड़िता का कहना है कि आरोपी के बाथरूम जाने पर वह रूम से भाग गई और पुलिस को खबर कर दी। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। मामला जब ट्रायल कोर्ट पहुंचा, तो अदालत ने यह कहकर आरोपी को जाने दिया कि चूंकि महिला इच्छा से कमरे में गई थी, तो उसने सेक्स के लिए सहमति दे दी थी। अब हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल जज ने गलती की है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल जज ने पीड़िता के बगैर किसी विरोध के कमरे में जाने और रूम में जो हुआ, उसकी सहमति देने के दो अलग अलग पहलुओं को मिला दिया। कोर्ट ने यह भी पाया कि होटल के कर्मचारियों ने भी पूरी बात बताई है, जो पीड़िता के बयान से मिलती है। कोर्ट ने आरोपी के उस दावे को भी खारिज कर दिया कि दोनों ने साथ लंच किया और महिला को रूम में जाने में भी कोई परेशानी नहीं थी तो इसका मतलब है कि वह सेक्स के लिए सहमत थी। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और आरोपी के खिलाफ केस जारी रखा है। recent visitors 79