Wednesday, July 8, 2026 6:00 am

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वरिष्ठ पत्रकार गोपाल वोरा के निधन पर शोक व्यक्त किया

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार श्री गोपाल वोरा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने श्री वोरा के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पत्रकार श्री गोपाल वोरा का आज सवेरे रायपुर में निधन हो गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गोपाल वोरा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने दैनिक नवभारत, देशबंधु और लोकमत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों में कुशलतापूर्वक अपने पत्रकारीय दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने अपनी सक्रिय पत्रकारिता से लंबे समय तक रायपुर और प्रदेशवासियों को देश-दुनिया की खबरों से रू-ब-रू कराया। उनके निधन से रायपुर ने पत्रकारिता जगत का एक प्रमुख चेहरा खो दिया है।  वे राजू और मनीष वोरा के पिता थे। recent visitors 58

रेलवे प्लेटफॉर्म पर गूंजी किलकारी : रेल्वे स्टेशन में प्रसव, GRP और RPF की भूमिका सराहनीय

गौरेला  पेंड्रारोड रेल्वे स्टेशन में कराया गया महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया।रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 03 में हुआ महिला का प्रसव हुआ।जी आर पी और आर पी एफ पेंड्रारोड के स्टाफ की मदद से और स्टेशन में उपस्थित अन्य महिलाओं के सहयोग से  सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसूता और प्रसूत  दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं। प्रसव के उपरांत गौरेला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया ।महिला कल्पना लकड़ा लैलूंगा जिला जशपुर के रहनी वाली हैजो अपने एक रिश्तेदार के साथ उत्कल एक्सप्रेस बिलासपुर से दिल्ली की यात्रा कर रही थी। यात्रा के दौरान महिला को पेंड्रारोड स्टेशन पहुँचने के पहले ही अत्यधिक प्रसव पीड़ा होने लगी और स्टेशन पर ही दर्द के कारण उतर गई।इसकी सूचना मिलने पर GRP और RPF के स्टाफ के साथ अन्य महिलाओं के साथ रेलवे प्लेटफॉर्म पर ही गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। ठंड में और खुले आसमान के नीचे सुरक्षित प्रसव होने के बाद ,नन्हें मासूम की किलकारी से स्टेशन मौजूद लोगों में चेहरे में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी। प्रसव के पश्चात उपस्थित जनों के सहयोग से दोनों को गौरेला के शासकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। recent visitors 51

पश्चिम मध्य रेल्वे से गुजरने वाली रेलगाड़ियाँ निरस्त, सूची की जारी

भोपाल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अंतर्गत करकेली स्टेशन में प्री एनआई व एनआई कमीशनिंग के तहत तीसरी लाइन कनेक्टिविटी का कार्य किया जायेगा। इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इस कार्य के पूर्ण होते ही गाड़ियों के परिचालन में गतिशीलता आयेगी। इस कार्य के दौरान पश्चिम मध्य रेल्वे से प्रारम्भ/ टर्मिनेट होने वाली एवं गुजरने वाली रद्द रेलगाड़ियाँ का विवरण इस प्रकार है। पश्चिम मध्य रेल्वे से प्रारम्भ/टर्मिनेट होने वाली प्रारंभिक तिथियों से निरस्त रेलगाड़ियाँ 1) दिनांक 16 से 19 नवम्बर 2024 तक जबलपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 11265 जबलपुर-अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 2) दिनांक 17 से 20 नवम्बर 2024 तक अम्बिकापुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 11266 अम्बिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 3) दिनांक 15 से 19 नवम्बर 2024 तक बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 4) दिनांक 16 से 20 नवम्बर 2024 तक रीवा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 5) दिनांक 18 नवम्बर 2024 को रीवा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 11751 रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 6) दिनांक 19 नवम्बर 2024 को चिरमिरी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 11752 चिरमिरी-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 7) दिनांक 16 से 19 नवम्बर 2024 तक कटनी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 06617 कटनी-चिरमिरी पैसेंजर रद्द रहेगी। 8) दिनांक 17 से 20 नवम्बर 2024 तक चिरमिरी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 06618 चिरमिरी-कटनी पैसेंजर रद्द रहेगी। पश्चिम मध्य रेल्वे से गुजरने वाली निरस्त रेलगाड़ियाँ 9) दिनांक 17 नवम्बर 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18203 दुर्ग-कानपूर सेन्ट्रल एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 10) दिनांक 18 नवम्बर 2024 को कानपूर सेन्ट्रल से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18204 कानपूर सेन्ट्रल-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 11) दिनांक 14 नवम्बर 2024 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18205 दुर्ग-नवतनवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 12) दिनांक 16 नवम्बर 2024 को नवतनवा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18206 नवतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी। रेल्वे की यात्रियों से अपील यात्रीगण कृपया असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा एनटीईएस /139 रेल मदद से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। recent visitors 66

अनुभवी तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन आईपीएल सत्र में सीएसके की ओर से खेल सकते हैं: माइकल वॉन

लंदन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा है कि अनुभवी तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन साल 2025 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सत्र में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की ओर से खेल सकते हैं। इस साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले एंडरसन ने अपने करियर में पहली बार आईपीएल मेगा नीलामी के लिए पंजीकरण कराया है। जिसके बारे में कहा है कि वह अपना खेल का ज्ञान बढ़ाने के लिए आईपीएल खेलना चाहते हैं। वॉन ने कहा कि सीएसके अधिकतकर अनुभवी खिलाड़ियों को खरीदती है। ऐसे में वह एंडरसन की स्विंग क्षमता को देखते हुए उन्हें खरीद सकती है। ये तेज गेंदबाज शुरुआती ओवरों में नई गेंद से प्रभावशाली साबित हो सकता है।  वॉन ने कहा, आपने जेम्स एंडरसन की बात की, मुझे हैरानी नहीं होगा अगर एंडरसन सीएसके में शामिल हो जाएं। इसका कारण ये है कि सीएसके ऐसी टीम हैं जो ऐसे खिलाड़ी को पसंद करती हैं जो पहले कुछ ओवरों में स्विंग करा सकें। उनके पास पहले भी शार्दुल ठाकुर जैसे स्विंग गेंदबाज रहे हैं, इसलिए अगर एंडरसन सीएसके में आते हैं तो ये उनके लिए बेहतर होगा। आईपीएल नीलामी के लिए पंजीकरण करने के समय ही एंडरसन ने कहा कि वह संन्यास के बाद भी क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहते हैं। एंडरसन ने ये भी कहा था कि उन्हें अभी भी लगता है कि उनके पास खेल को देने के लिए बहुत कुछ है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मैं फिर से क्रिकेट खेलना चाहता हूं। मुझे चुना जाता है या नहीं, यह अलग बात है, लेकिन मेरे अंदर निश्चित रूप से यह भावना है कि मेरे पास किसी न किसी रूप में और भी बहुत कुछ देने को है। गौरतलब है कि एंडरसन के टी20 क्रिकेट में अनुभव सीमित लेकिन उल्लेखनीय है। उन्होंने 44 टी20 मैचों में 32.14 की औसत और 8.47 की इकॉनमी से 41 विकेट लिए हैं। उन्होंने 19 टी20आई भी खेले हैं जिसमें 7.84 की औसत से 18 विकेट लिए हैं।   recent visitors 61

ऐसे बनाएं ब्रांड इमेज…

मैं कौन हूं। यह आत्ममंथन का मूल सवाल है। मूल रूप से यह पहचान से जुड़ा हुआ सवाल है। दूसरे शब्दों में इस सवाल के जरिए यह मंथन किया जाता है कि मैं क्या करता हूं और मेरे होने का मतलब क्या है। मैं खुद को एक चिकित्सक या एक बेहतरीन चिकित्सक के रूप में देख सकता हूं। मैं खुद को एक सरकारी अधिकारी के रूप में या एक भ्रष्ट या निकम्मे बाबू के रूप में या एक कर्मचारी या एक भरोसेमंद कर्मचारी के रूप में खुद को देख सकता हूं। इन सबके बीच स्पष्ट अंतर है। इसलिए मैं कौन हूं यह सवाल हमें परिभाषित करना है। यह सवाल एक व्यक्ति, संगठन, संस्थान और कंपनी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए एक कंपनी या कारोबार के लिए यह जानना जरूरी है कि वह कौन है, उसके होने का अर्थ क्या है, उसे किस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है और इसलिए उसे दूसरों से अलग कैसे किया जा सकता है। यही है यूनीक सेलिंग प्रोपोजिशन (यूएसपी) या ब्रांडिंग। यदि कंपनी अपनी यूएसपी को स्पष्ट तरीके से परिभाषित नहीं करे, तो उसकी दूसरों से अलग कोई पहचान नहीं बनेगी। एक बार ब्रांड का निर्माण करने के बाद कंपनी को लगातार ग्राहकों को संतुष्ट करते हुए उसकी रक्षा करनी होती है। ब्रांड का निर्माण करने में लंबा समय लगता है, लेकिन उसे नष्ट करने में मिनट भी नहीं लगता। ब्रांड निर्माण में प्रभावी संवाद बहुत महत्वपूर्ण है। इस तथ्य को नजरंदाज नहीं करना चाहिए कि धारणा कितनी मजबूत होती है। लेकिन यह धारणा झूठ पर आधारित नहीं हो सकती है। अगर यह झूठ पर आधारित है, तो इसे जल्द से जल्द सही किया जाना चाहिए, वरना इसका प्रभाव गहरी जड़े जमा लेता है। इसका परिणाम यह होता है कि ब्रांड नष्ट हो जाता है। संवाद का काम आपके उत्पाद की सही बातों को बताना होता है। लेकिन यदि आपके द्वारा रची जा रही बातें झूठी लगेंगी, तो यह ग्राहकों को धोखा देने के समान होगा। प्रभावी संवाद स्थापित करने के नौ सिद्धांत हैं। 1. सिर्फ सच्चाई ही बिकती है: ग्राहकों से कभी झूठे वादे मत कीजिए। यदि उत्पाद खराब है, तो कितनी भी अच्छी तरह पैकेजिंग करने से यह बेहतर नहीं हो जाएगा। संवाद से भरोसे का निर्माण होना चाहिए। 2. खराब साबित हो चुके सामान को अच्छा मत बताते रहिए: यदि ग्राहक किसी उत्पाद को खराब बताकर अस्वीकार कर देता है, तो उसे दुकान से हटा दीजिए। यदि आप इससे जबरदस्ती बेचते रहेंगे, तो आपकी साख घट जाएगी। 3. अपने उत्पाद पर भरोसा रखिए: आपको अपने उत्पाद पर भरोसा होगा, तभी आप उसे लक्षित ग्राहकों को बेच पाएंगे। यदि आप किसी कार कंपनी के लिए काम करते हैं, तो आपको दूसरी कंपनियों की कारें नहीं इस्तेमाल करनी चाहिए, वरना ग्राहकों को आपकी कार पर भरोसा नहीं होगा। 4. ग्राहकों को समझिए: एक ही सामान सभी ग्राहकों को नहीं बेचा जा सकता। आपको अपने ग्राहकों को समझना होगा, ताकि आप अलग-अलग ग्राहकों के लिए अलग-अलग बिक्री योजना बना सकें। 5. पुराने ग्राहकों को सहेजिए: बाजार में ग्राहक तभी बढ़ते हैं, जब आप पुराने ग्राहकों को सहेजते हुए नए ग्राहकों का निर्माण करते हैं। नए दोस्त बनाने का मतलब यह नहीं है कि आप पुराने दोस्त भूल जाएं। 6. बाजार पर नजर टिकाए रखिए: बाजार में प्रभाव बनाए रखने के लिए आपको इसे समझना होगा। जमाना जब लैपटॉप, आईपैड और मोबाइल का है, तब आप टाइपराइटर का निर्माण करेंगे, तब लोग आपको पिछड़ा हुआ समझेंगे। और यदि आप फिर भी टाइपराइटर बेच रहे हैं, तो आपको प्रभावकारी तरीके से बताना होगा कि आप टाइपराइटर क्यों बेच रहे हैं। 7. अपने संवाद को स्पष्ट तरीके से रखिए: ग्राहकों को यह स्पष्ट तरीके से समझ में आना चाहिए कि एक उत्पाद क्या कर सकता है और क्या नहीं कर सकता है। उत्पाद एक रहस्य पर आधारित उपन्यास की तरह नहीं होता। उत्पाद में वे बातें मिलनी चाहिए, जिसके लिए ग्राहकों ने कीमत का भुगतान किया है। 8. अपने प्रतियोगी को कम नहीं समझें: उत्पादों के बीच प्रतियोगिता होती है और स्वस्थ्य प्रतियोगिता से बाजार चलता है। लेकिन जब प्रतियोगिता आक्रामक और ओछेपन पर उतर आती है, तो बाजार से ग्राहक हटने लगते हैं। 9. सदा जागरूक रहिए: बेहतर बिक्री योजना और बेहतर उत्पाद के बारे में हमेशा प्रयास करते रहना चाहिए। वे खुद-ब-खुद बेहतर बने हुए नहीं रहते। बाजार का विश्लेषण और उपभोक्ताओं के व्यवहार के प्रति हमेशा जागरूक रहना चाहिए और जरूरत होने पर उपयुक्त कदम उठाने चाहिए। संवाद का प्रभावी रूप से किया जाना बहुत जरूरी है। इससे ब्रांड बनता है और उसकी रक्षा करनी होती है। लेकिन ऐसा करने के लिए यह जानना जरूरी है कि हम बेच क्या रहे हैं। दूसरे शब्दों में यह जानना जरूरी है कि हम कौन हैं और किन बातों के पक्ष में खड़े हैं।   recent visitors 81

वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर आंद्रे रसेल इंग्लैंड के खिलाफ बचे हुए टी20 मैचों से बाहर

सेंट जॉन्स (एंटीगुआ) वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर आंद्रे रसेल को इंग्लैंड के खिलाफ बाकी बचे तीन T20 मैचों से बाहर कर दिया गया है। उन्हें पहले मैच के दौरान बाएं टखने में चोट लग गई थी। पहले मैच में यह चोट लगने के कारण रसेल दूसरा मैच नहीं खेल सके, जिसमें वेस्टइंडीज को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिससे वह सीरीज में 0-2 से पीछे हो गई। रसेल की जगह शमार स्प्रिंगर को टीम में शामिल किया गया है, जो श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में दो टी20 मैच खेल चुके हैं। इसके साथ ही अल्जारी जोसेफ अपने दो मैचों के बैन के बाद टीम में वापस आ रहे हैं। वह अंतिम महत्वपूर्ण चरण के लिए सेंट लूसिया में टीम से जुड़ेंगे और शमार जोसेफ की जगह लेंगे। अल्जारी को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में बिना अनुमति के मैदान छोड़ने पर वेस्टइंडीज क्रिकेट ने दो मैचों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था, जिससे वेस्टइंडीज की टीम में एक खिलाड़ी कम हो गया था। सीरीज के बाकी मैच सेंट लूसिया में होंगे, जिसमें तीसरा मुकाबला गुरुवार को खेला जाएगा। वेस्टइंडीज को सीरीज में बने रहने के लिए गुरुवार को होने वाले तीसरे टी20 मैच में जीत हासिल करनी होगी। उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड की टीम इस समय कैरेबियाई दौरे पर है जहां उन्होंने तीन मैचों की वनडे सीरीज खेल ली है। इस सीरीज के मेजबान वेस्टइंडीज ने 2-1 से जीता था। अब दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जा रही है। सीरीज के तीसरे मैच की तरह चौथा और पांचवां मैच भी सेंट लुसिया में होगा। चौथा और पांचवां टी20 मुकाबला क्रमशः 16 और 17 नवंबर को होगा। वेस्टइंडीज टी20 टीम: रोवमैन पॉवेल (कप्तान), रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, टेरेंस हाइंड्स, शाई होप, अकील होसेन, अल्जारी जोसेफ, ब्रैंडन किंग, एविन लुइस, गुडाकेश मोटी, निकोलस पूरन, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, शमार स्प्रिंगर।   recent visitors 82

प्राणघातक हो सकती है कैल्शियम की कमी

कैल्शियम को सदा से ही मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए आवश्यक माना जाता रहा है किन्तु नए शोधों के अनुसार इसके अतिरिक्त भी कैल्शियम हमारे शरीर के लिए कई बीमारियों को दूर रखने में सहायता करता है। हड्डियां हमारे शरीर के लिए कैल्शियम के स्टोर का कार्य करती हैं जहां से आवश्यकतानुसार शरीर कैल्शियम लेता रहता है। हमारे भोजन से हड्डियों को कैल्शियम मिलने और हड्डियों से शरीर को कैल्शियम मिलने की प्रक्रिया हेतु विटामिन डी की उपस्थिति अनिवार्य है। विशेषज्ञों के अनुसार हर वयस्क को न्यूनतम 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की दैनिक आपूर्ति होनी आवश्यक है। यदि भोजन से इतना कैल्शियम नहीं मिल पाता तो हमारे शरीर को पैराथायराइड हार्मोन विटामिन डी के सहयोग से हड्डियों से रक्त का कैल्शियम स्थानांतरित कर देता है। यदि व्यक्ति के भोजन में लगातार कैल्शियम या विटामिन डी की कमी चलती रहे तो उसकी हड्डियां कमजोर हो जाएंगी। नवीन शोधों के अनुसार कैल्शियम की कमी का निम्र रोगों पर भी प्रभाव पड़ता है। उच्च रक्तचाप मनुष्य के रक्तचाप पर कई चीजों का प्रभाव पड़ता है। शरीर का वजन, शारीरिक गतिविधि, नमक व पारिवारिक पृष्ठभूमि का रक्तचाप पर प्रायः प्रभाव पड़ता है किन्तु अब शोधों से पता चला है कि शरीर में कैल्शियम की कमी से आयु के साथ रक्तचाप में भी प्रभाव पड़ता है। 1997 में अमरीका में पाया गया है कि कम वसा वाले दूध, फल और सब्जियों के नियमित प्रयोग से (जिसमें लगभग 1200 मिलीग्राम कैल्शियम हो) रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है। यह नहीं कि कैल्शियम के साथ नमक अधिक लिया जाए किन्तु अधिक नमक और कम कैल्शियम खाने वाले व्यक्ति में उच्च रक्तचाप की संभावना बढ़ जाती है। डा. डेविड मैकरोन के अनुसार कम नमक वाले भोजन के स्थान पर दूध से बने पदार्थ उच्च रक्तचाप को काबू करने में अधिक प्रभावशाली हैं। उनके अनुसार अधिकतर बच्चे कैल्शियम की सही मात्रा नहीं लेते क्योंकि वे दूध, फल और सब्जी का सही मात्रा में सेवन नहीं करते। कैंसर: हमारे शरीर में बहुत से सैल बनते रहते हैं और समाप्त होते रहते हैं। पेट के अंदर ऐसे सैल प्रायः 3 से 10 दिन में बदल जाते हैं पर कभी-कभी ये सैल तीव्र गति से बढने लगते हैं, जिससे पेट के कैंसर की संभावना हो सकती है। अमरीकन मैडीकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित एक लेख के अनुसार जिन लोगों में पेट के कैंसर की संभावना थी, उन्हें 1500 मिलीग्राम कैल्शियम प्रतिदिन दिए जाने पर सैलों में बढ़ौतरी ठीक हो गई। मासिक धर्म: प्रायः महिलाओं को मासिक धर्म प्रारंभ होने से पूर्व कई तकलीफें होती हैं। सूसन थाई जैकब के अनुसार इसके लिए भी कैल्शियम की कमी ही उत्तरदायी है। उन्होंने 466 महिलाओं को 1200 मिलीग्राम कैल्शियम प्रतिदिन दिया और पाया कि अधिकतर महिलाओं की तकलीफें 48 प्रतिशत कम हो गईं। उनको होने वाली दर्द में भी कमी हुई। यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने आहार को इस प्रकार संयोजित करें कि हमें लगभग 1200 मिलीग्राम कैल्शियम प्रतिदिन मिलता रहे। 240 मिलीलीटर गाय के दूध में 288 मिलीग्राम कैल्शियम होता है जबकि 200 ग्राम दही में 268 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। 100 ग्राम सूखे नारियल में 400 मिलीग्राम कैल्शियम होता है जबकि 100 ग्राम खजूर में 120 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। इसके अतिरिक्त गूड़, पनीर, सोयाबीन, फूलगोभी और मछलियों में भी कैल्शियम पाया जाता है।   recent visitors 76