रामगढ़ में अधिक तो दौसा में सबसे कम, राजस्थान में दोपहर तक 39.35 प्रतिशत मतदान

झुंझनू/दौसा. राजस्थान विधानसभा उपचुनाव 2024 के तहत मतदान जारी है। सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 11 बजे तक 24.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। राजस्थान विधानसभा उपचुनाव 2024 के तहत मतदान जारी है। सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में दोपहर एक बजे तक 39.35 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। अब तक सर्वाधिक 45.4 फीसदी मतदान रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। विधानसभा क्षेत्रवार मतदान प्रतिशत – 0- रामगढ़: 45.4 0- खींवसर: 42.74 0- चौरासी:  40.95 0- सलूम्बर: 40.03 0- देवली उनियारा: 37.78 0- झुंझनू: 35.71 0- दौसा: 32.17 दौसा उपचुनाव 2024 दौसा विधानसभा उपचुनाव में राजकीय प्राथमिक विद्यालय व्यास मोहल्ला में मतदान संख्या 92, 93 पर नव विवाहिता ने विदाई से पहले मतदान किया। नवविवाहिता खुशी बंसीवाल ने कहा, मतदान जरूरी है। रामगढ़ (अलवर) के नोगवां में स्थित राजकीय वरिष्ठोपाध्याय संस्कृत विद्यालय में नवविवाहित जोड़ा भी वोट डालने पहुंचा। इस जोड़े की कल देवउठनी ग्यारस पर ही शादी हुई थी और आज यह जोड़ा वोट देने अपने बूथ पर पहुंच गया। वोट लड़की ने डाला, जबकि नवविवाहित पति इसके साथ पोलिंग स्टेशन तक गया। इन दोनों ने पोशाक भी शादी वाली ही पहन रखी थी। इनको वोट देते हुए देखने के लिए बूथ के बाहर परिवार वाले भी खड़े हुए थे। झुंझुनूं में मतदान जारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और एसपी कर रहे निरीक्षण झुंझुनूं में मतदान शुरू होने के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी रामावतार मीणा और एसपी शरद चौधरी मुस्तैद नजर आ रहे हैं। दोनों अधिकारी मतदान केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण निरीक्षण कर रहे हैं, जिसमें शहीद पीरू सिंह स्कूल स्थित मतदान केंद्र, जिला परिषद स्थित मतदान केंद्र, पीरू सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित मतदान केंद्र, महर्षि दयानंद बालिका महाविद्यालय स्थित पिंक बूथ, शहीद कर्नल जेपी जानू राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय व जेके मोदी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित संवेदनशील मतदान केंद्र का निरिक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मौके पर मौजूद सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारियों व कार्मिकों से जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। झुंझुनूं शहर के जिला परिषद स्थित मतदान केंद्र पर पहली बार मतदान करने वाले युवा को सम्मानित किया गया। महर्षि दयानंद बालिका महाविद्यालय स्थित पिंक बूथ का भी जायजा लिया गया। यह बूथ पूर्णतया महिला कार्मिकों द्वारा प्रबंधित है। जिला निर्वाचन अधिकारी रामावतार मीणा ने बताया कि 263 मतदान केन्द्रों पर दो लाख 74 हजार 698 मतदाता कर सकेंगे। मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। अभी तक मतदान शांतिपूर्ण चल रहा है। एसपी शरद चौधरी ने बताया कि साढ़े सोलह सो पुलिस जवान लगे हुए। संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा बल भी लगाए गए हैं। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान करवाया जा रहा है। नरेश मीणा ने SDM को मारा थप्पड़ टोंक के देवली उनियारा विधानसभा उपचुनाव में समरावता में मतदान बहिष्कार का मामला सामने आया। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा और उनके समर्थकों ने मतदान केंद्र में घुसने का प्रयास किया, जिससे पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के साथ झड़प हुई। एएसपी बृजेंद्र सिंह भाटी सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। यह घटना मतदान प्रक्रिया में खलल डालने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। राजस्थान विधानसभा उपचुनाव 2024 के तहत मतदान जारी है। सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 11 बजे तक 24.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। अब तक सर्वाधिक 28.97 फीसदी मतदान रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। विधानसभा क्षेत्रवार मतदान प्रतिशत     रामगढ़: 28.97     खींवसर: 26.67     चौरासी:  26.42     सलूम्बर: 25.26     झुंझनू: 23.12     देवली उनियारा: 22.69     दौसा: 20.43 मतदान के प्रति उत्साह सभी सात निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के प्रति लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में महिला और दिव्यांग मतदाता भी अपने मताधिकार का उपयोग करने पहुंच रहे हैं। मतदान के बाद लोग सेल्फी भी ले रहे हैं। राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा सुगम मतदान के लिए दिव्यांगों और बुजुर्गों सहित सभी मतदाताओं के लिए व्यवस्था की गई है। वोट मित्रों द्वारा दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं की मतदान में सहायता की जा रही है। मतदान प्रोत्साहन के लिए प्रमाण-पत्र मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए बूथों पर कई गतिविधियां की जा रही हैं। दौसा विधानसभा क्षेत्र में सुबह-सुबह मतदान करने वाले मतदाताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। रामगढ़ से बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशियों ने वोटिंग कर किए जीत के दावे रामगढ़ उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी सुखवंत सिंह और कांग्रेस प्रत्याशी आर्यन जुबेर खान ने अपने- अपने बूथों पर जाकर वोट डाले। सुखवंत सिंह अपने परिवार और कार्यकर्ताओं के साथ वोट देने पहुंचे। जबकि आर्यन अकेले ही कार्यकर्ताओं के साथ अपना वोट देने गए। इस मौके पर सुखवंत सिंह कदम कॉलोनी स्थित बूथ संख्या-241 पर अपने परिवार के साथ मतदान करने के लिए पहुंचे। उन्होंने अपने परिवार के साथ मतदान किया। उनके साथ उनकी छोटी बेटी पत्नी और बेटा मौजूद रहे। आमजन से अपील किए कि अधिक से अधिक पहले मतदान करें, फिर जलपान करें। उन्होंने कहा कि बीजेपी सबका साथ, सबका विकास के मुद्दे को लेकर चुनाव लड़ रही है और उनकी यही प्रथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत की है और उनकी मेहनत चुनाव में अवश्य रंग लाएगी। बीजेपी इस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में अवश्य जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ज्यादा से ज्यादा पोलिंग करवाना चाहती है, ताकि उनको पूरा फायदा मिल सके। उधर दूसरी ओर आर्यन जुबेर खान ने रामगढ़ में अपना वोट डाला। वे मतदान केंद्र पर पहुंचकर लाइन में लगे और बाद में बूथ के अंदर जाकर अपना वोट भी डाला। वोट डालने के बाद आर्यन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह उनके लिए अत्यंत दुख का विषय है कि उन्हें यहां से चुनाव लड़ना पड़ रहा है। इससे पहले उनके पिता यहां से चुनाव लड़ते थे और वे केवल चुनाव में काम करते थे। उन्होंने कहा कि उनका पूरा परिवार ही शुरू से कांग्रेस से जुड़ा रहा है और इसीलिए वे कांग्रेस से ही चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने उनके परिवार को बहुत कुछ दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, पहले मतदान करें, फिर जलपान करें! आगामी राजस्थान विधानसभा उपचुनाव के संदर्भ में आप सभी सम्मानित मतदाताओं से मेरी अपील है कि अपने क्षेत्र के समग्र … Read more

साइबर ठगी जालसाज ने लगाया मंत्री कृष्णा गौर के बेटे को लाखों का चूना

भोपाल मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का हाई प्रोफाइल मामला सामने आया है. जालसाज ने मोहन यादव सरकार में मंत्री कृष्णा गौर के बेटे को बेटे निशाना बनाया है. लेबर सप्लाई का ठेका दिलाने के नाम पर आकाश गौर से 3.19 लाख का चूना लगा दिया गया. पूर्व मंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर के पोते आकाश गौर की शिकायत पर साइबर क्राइम ब्रांच ने 9 नवंबर को अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि जालसाज ने महिन्द्रा कंपनी में लेबर सप्लाई, ट्रांसपोर्ट का ठेका दिलाने का झांसा देकर रकम हड़पी है. वारदात को अंजाम देने के लिए जालसाज ने डीएसपी साइबर क्राइम की मिलती जुलती ई-मेल आईडी का बैंक अकाउंट खुलवाने में उपयोग किया गया. आकाश ने बताया कि 20 मार्च 2024 को प्राइवेट कंपनी महिन्द्रा में लेबर सप्लाई के टेंडर दिलाने का फोन कॉल आया. कॉलर ने पूछा कि आप लेबर सप्लाई का काम करते हैं. मंत्री के बेटे से लाखों की धोखाधड़ी आकाश ने बताया कि ठेकेदारी करते हैं. कॉलर ने कहा कि आपको काम का टेंडर मिल जाएगा. आपको क्यूआर कोड पर एक एंट्री करनी होगी और काम अलॉट हो जाएगा. जालसाज ने आकाश के व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर निर्धारित शुल्क जमा करने को कहा. जालसाज ने जानें कैसे लगाया चूना झांसे में आए आकाश ने जालसाज के कहे अनुसार अलग अलग बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर दिये. ठगी का अहसास होने के बाद आकाश ने टोल फ्री नंबर 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई थी. साइबर क्राइम ब्रांच की टीम धोखाड़ी के हाई प्रोफाइल मामले की जांच कर रही है. बता दें कि साइबर जालसाज ठगी के नये नये तरीके निकाल रहे हैं. मध्य प्रदेश में साइबर अपराधियों के निशाने पर आम आदमी के साथ अब वीआईपी भी हैं. वर्तमान में डिजिटल अरेस्ट कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा है. recent visitors 61

महाराष्ट्र की विदर्भ पट्टी पर भाजपा कर रही ज्यादा मेहनत, इंदौर के ढाई सौ नेता चुनाव में निभा रहे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

इंदौर   महाराष्ट्र चुनाव में इंदौर के ढाई सौ भाजपा नेता अलग-अलग जिम्मेदारी निभा रहे है। दो दिन पहले सभी नेता नागपुर पहुंचे। नागपुर जिले के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने उन पदाधिकारियों की बैठक ली और उन्हें काम सौंपे गए। जिले की 12 सीटों पर इंदौर नेता तैनात किए गए है। वे जनसंपर्क के अलावा जातिगत समीकरणों के हिसाब से भी वोटरों से मिल रहे है। इंदौर से मराठीभाषी नेत्रियां भी गई है जो मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना की जानकारी महाराष्ट्र की महिला वोटरों को दे रही है। महाराष्ट्र की विदर्भ पट्टी पर भाजपा ज्यादा मेहनत कर रही है,क्योकि लोकसभा चुनाव में विदर्भ में ही भाजपा को तागड़ा नुकसान हुआ था। विदर्भ के नागपुर जिले की 12 सीटों पर इंदौर के ढाई सौ नेता चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे है।   इन 12 सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग होना है। इंदौर के नेता चुनावी शोर थमने तक 18 नवंबर तक महाराष्ट्र में डेरा डाले रहेंगे। इंदौरी नेता कटोल, सावनेर, हिंगना, उमरेड, नागपुर वेस्ट, नागपुर साउथ, नागपुर ईस्ट, नागपुर सेंट्रल, नागपुर नार्थ,कामठी, रामटेक विधानसभा में मेहनत कर रहे है। नागपुर साउथ सीट से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस भी चुनाव लड़ रहे है।  नागपुर जिले की कुछ सीटें मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से सटी हुई है। यहां के वोटरों को साधने की जिम्मेदारी इंदौर नेता निभा रहे है। भाजयुमो अध्यक्ष सौगात मिश्रा के अलावा हाल ही में अखिल भारतीय महिला मराठीभाषी महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी स्वाती काशिद, पूर्व पार्षद सूरज केरो, हरिनारायण यादव, वीरेंद्र व्यास सहित कई नेता महाराष्ट्र में डेरा डाले हुए है। मराठीभाषी नेता भी इनमें शामिल है, जो जातिगत समीकरणों का भी आंकलन कर रहे है और वोटरों की नब्ज टटोल कर चुनावी माहौल की रिपोर्ट रणनीति में जुटे नेतागणों को दे रहे है। recent visitors 65

कार्तिक पूर्णिमा पर बन रहे शुभ योग, स्नान और दीपदान का है विशेष महत्व

 कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि का अत्यधिक महत्व है। प्रत्येक महीने की पूर्णिमा का अपना विशेष स्थान होता है, किंतु कार्तिक पूर्णिमा का महत्व अद्वितीय है। इस दिन देव दीपावली उत्सव मनता है। इस दिन स्नान और दान करने से जीवन में समृद्धि और खुशहाली का संचार होता है। साथ ही, यह दिन सुख और शांति का भी प्रतीक है। कब है कार्तिक पूर्णिमा     पं. अजय जोशी के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 15 नवंबर सुबह 6.20 बजे प्रारंभ होगी और समापन मध्यरात्रि 2.59 बजे होगा।     पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्नान और दीपदान का अत्यधिक महत्व होता है। संध्या के समय दीपदान करना चाहिए।     इस दिन उचित समय पर नदी में स्नान करने से व्यक्ति पापों से मुक्त हो जाता है। जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा भी है। कार्तिक पूर्णिमा पर बनने वाले शुभ योग पं. जोशी ने बताया कि इस वर्ष पूर्णिमा पर चंद्रमा और मंगल का राशि परिवर्तन एक विशेष योग का निर्माण करेगा, जिसमें दोनों ग्रह एक-दूसरे की राशि में स्थित रहेंगे। इस दिन रात के समय गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त, बुधादित्य राजयोग भी इस दिन बनेगा। विशेष रूप से 30 वर्षों के बाद कार्तिक पूर्णिमा पर विशेष राजयोग का निर्माण हो रहा है, क्योंकि अगले 30 वर्षों तक शनि कुंभ राशि में गोचर नहीं करेंगे। इस प्रकार, कार्तिक पूर्णिमा पर किए गए उपाय और दान पुण्य के कार्यों का फल 100 गुना अधिक प्राप्त होगा।   recent visitors 93

हाईकोर्ट ने कहा केंद्र सरकार हमें लिखकर दें कि BMHRC और AIIMS विलय का प्लान नहीं

भोपाल  गैस त्रासदी पीड़ितों के लिए उचित चिकित्सा सुविधा की मांग वाली याचिका पर एमपी हाईकोर्ट ने सुनवाई की है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्र से लिखित में जवाब मांगा है कि एम्स-भोपाल और बीएमएचआरसी का विलय नहीं किया जाएगा। यह मामला 1984 के भोपाल गैस पीड़ितों के इलाज से जुड़ा है। पीड़ितों के लिए काम करने वाला संगठन ने किया विरोध दरअसल, गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाले एक NGO ने BMHRC को AIIMS में मिलाने के प्रस्ताव का विरोध किया था। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने ICMR और केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए वकील विक्रम सिंह से यह लिखित जवाब मांगा है कि दोनों अस्पतालों का विलय नहीं होगा। ICMR के पास है प्रशासनिक नियंत्रण गौरतलब है कि BMHRC, ICMR के प्रशासनिक नियंत्रण में है। सुनवाई के दौरान, विक्रम सिंह ने कहा कि विलय के प्रस्ताव को पहले ही ठुकराया जा चुका है। अदालत को बताया गया कि एक NGO ने गैस पीड़ितों की बेहतर देखभाल के लिए दोनों अस्पतालों को मिलाने के लिए पत्र लिखा था। इस प्रस्ताव पर विचार करने के बाद, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी संसदीय समिति ने 2018 में स्वास्थ्य मंत्रालय को विलय का प्रस्ताव भेजा था लेकिन इसे ठुकरा दिया गया था। विलय का हो रहा था विरोध हालांकि, भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन (BGIA), जिसने विलय का विरोध करते हुए आवेदन दिया था। संगठन ने कहा कि AIIMS-भोपाल और BMHRC के विलय के लिए एक कैबिनेट नोट फिर से चलन में है। इसके बाद, अदालत ने केंद्र सरकार से लिखित जवाब मांगा कि विलय का कोई प्रस्ताव नहीं है। डिजिटलीकरण के लिए निकाला जाएगा टेंडर अदालत को केंद्र की ओर से यह भी बताया गया कि भोपाल गैस पीड़ितों के मेडिकल रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए एक टेंडर निकाला गया था, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया, क्योंकि केवल एक ही प्रस्ताव प्राप्त हुआ था। सरकारी वकील ने कहा कि एक और टेंडर निकाला जाएगा। रिपोर्ट पेश करने को कहा उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय पर्यावरण स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (NIREH), भोपाल को अगस्त 2012 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। दरअसल, BGIA ने आरोप लगाया था कि NIREH ने 2012 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सौंपे गए काम को छोड़ दिया था। BGIA का आरोप है कि NIREH, भोपाल गैस पीड़ितों के स्वास्थ्य पर MIC गैस के प्रभाव के बजाय दूसरे विषयों पर शोध कर रहा था। गौरतलब है कि अगस्त 2012 में, सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल गैस पीड़ितों की चिकित्सा देखभाल के लिए अदालत के हस्तक्षेप की मांग करने वाली जनहित याचिका को मप्र उच्च न्यायालय को स्थानांतरित कर दिया था। न्यायमूर्ति वीके अग्रवाल की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति का गठन भी किया गया था, ताकि गैस पीड़ितों को प्रदान की जा रही चिकित्सा सुविधाओं पर नजर रखी जा सके और अपनी सिफारिशों के साथ मप्र उच्च न्यायालय को त्रैमासिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके। बाद में, याचिकाकर्ताओं ने एक अवमानना याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि निगरानी समिति की सिफारिशों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन केंद्र और राज्य सरकारों और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया। recent visitors 89

MP हाईकोर्ट ने कहा धार कार्ड में लिखी उम्र नहीं मानी जाएगी सही, आयु नहीं पहचान का दस्तावेज है कार्ड

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति जीएस आहलूवालिया की एकलपीठ ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि आधारकार्ड आयु नहीं बल्कि पहचान का दस्तावेज है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने आदेश की प्रति राज्य के मुख्य सचिव को भेजने की व्यवस्था दे दी। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मुख्य सचिव सभी जिला कलेक्टरों को इस संबंध में अवगत करा दें। यह मामला नरसिंहपुर अंतर्गत सिंहपुर पंचायत निवासी सुनीता बाई साहू की याचिका से संबंधित था। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसके पति मोहनलाल साहू की करंट लगने से मृत्यु हो गई थी। लिहाजा, शासकीय योजना अंतर्गत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया गया था। किंतु वह आवेदन इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि दिवंगत पति की आयु 64 वर्ष से अधिक थी। जबकि आधार कार्ड में दर्ज आयु के अनुसार मृत्यु के समय पति की आयु 64 वर्ष से कम थी। राज्य शासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि जनपद पंचायत ने संबंधित दस्तावेजों के आधार पर पाया था कि मृतक की आयु 64 वर्ष से अधिक थी। इसके अलावा 2023 में जारी एक परिपत्र में भी यह साफ किया गया था कि आधार कार्ड का उपयोग पहचान के लिए किया जाना चाहिए न कि जन्मतिथि सत्यापन के लिए। ऐसा इसलिए क्योंकि वह जन्मतिथि का प्रमाण-पत्र नहीं है। मप्र हाई कोर्ट सहित देश के अन्य हाई कोर्ट भी अपने पूर्व आदेशों में यह रेखांकित कर चुके हैं कि आधार कार्ड पहचान पत्र है न कि जन्मतिथि का प्रमाण पत्र। चेक-कैंट बोर्ड वार्षिक वेतनवृद्धि के लाभ पर निर्णय ले : हाई कोर्ट हाई कोर्ट ने कैंट बोर्ड, जबलपुर को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता कर्मी को वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ प्रदान करने पर निर्णय लें। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को 10 दिन के भीतर कैंट सीईओ को फ्रेश अभ्यावेदन प्रस्तुत करने कहा। कोर्ट ने सीईओ को निर्देश दिए हैं कि अभ्यावेदन पर विचार कर 30 दिन के भीतर उचित निर्णय पारित करें। जबलपुर निवासी याचिकाकर्ता सुरेश कुमार डुमार की ओर से अधिवक्ता सौरभ तिवारी व मौसम पासी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता कैंट बोर्ड में सफाई कर्मचारी के रूप में पदस्थ है। याचिकाकर्ता 2001 से वार्षिक वेतनवृद्धि पाने का हकदार है। याचिकाकर्ता को उत्कृष्ट कर्मचारी का अवार्ड भी मिला है। इस संबंध में कैंट बोर्ड में अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया। जब कोई कार्रवाई नहीं की गई तो याचिका दायर की गई।   recent visitors 100

हरदा में संपन्न हुआ औद्योगिक निवेश सम्मेलन

हरदा हरदा जिले में औद्योगिक क्षेत्र के विकास की संभावनों को देखते हुए क्षेत्र के निवेशकों के लिये औद्योगिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। नगर के होटल हवेली गार्डन में हुए इस कार्यक्रम में स्वरोजगार योजनाओं के तहत लाभ वितरण सह किसान संगोष्ठी का कार्यक्रम भी रखा गया था, जिसमें कई स्वरोजगार योजनाओं के हितग्राहियों को उनके स्वीकृति पत्र भी दिए गये। इस कार्यक्रम में इंग्लेण्ड से शिक्षित हरदा की युवा उद्यमी माधुरी जाट ने अपने स्टार्टअप ‘‘पिथोरा इंडिया’’ को लेकर प्रेजेन्टेशन देते हुए बताया कि, महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिये, उन्हें रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से उन्होंने फेशन डिजाइनिंग से जुड़ा यह स्टार्टअप शुरू किया है। वहीं सीवी रमन यूनिवर्सिटी के उमेश शर्मा ने भी हरदा जिले में पर्यटन की संभावना विषय पर अपना प्रेजेन्टेशन दिया। नगर में आयोजित हुए इस कार्यक्रम के दौरान हरदा विधायक डॉ. दोगने ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस तरह के आयोजन से स्थानीय उद्योगपतियों को प्रोत्साहन मिलता है और जिले में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। यदि कोई भी व्यक्ति उद्योग स्थापित करना चाहता है तो उसे अब डरने की जरूरत नहीं है। यदि वह इमानदारी से कड़ी मेहनत करेगा तो उसका लागये उद्योग भी निश्चित ही सफल होगा। बिना रिस्क के व्यापार करना भी संभव नहीं है, इसलिए रिस्क तो व्यापार में उठाना ही पड़ेगा। वहीं इस दौरान टिमरनी विधायक अभिजीत शाह ने कहा कि हरदा जिला औद्योगिक विकास की संभावनाओं की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध जिला है। यहां बिजली, पानी, जंगल, रेल व रोड़ की कनेक्टिविटी जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर सिंह ने बताया कि हरदा जिले में उद्योगों की स्थापना के लिये यहां की भौगोलिक स्थिति अनुकूल है, साथ ही यहां उद्योगों की स्थापना के लिये सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। हरदा जिले में फूड प्रोसेसिंग, मसाला उद्योग, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग जैसे व्यवसायों की अच्छी संभावना है। उन्होंने बताया कि बीते 7 दिसंबर को नर्मदापुरम् में रिजनल इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव का आयोजन होना है। जिसको लेकर उन्होंने सभी उद्यमियों को आमंत्रित भी किया। वहीं उन्होंने बताया कि बिच्छापुर और सुल्तानपुर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जा रहे हैं। हितग्राहियों को वितरित किये गये स्वीकृति पत्र नगर में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में शासन की कई स्वरोजगार योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी प्रदान किये गए, जिनमें अबगांव खुर्द के सिद्धी विनायक आजीविका समूह की महिलाओं को 3.05 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस के साथ ही जिला उद्योग केन्द्र की उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत सनी वर्मा को परिवहन इकाई की स्थापना के लिये 15 लाख रूपये, रेवा उइके को टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के तहत सिलाई सेंटर शुरू करने हेतु 1 लाख रूपये एवं नीरज ओनकर को संत रविदास स्वरोजगार योजना के तहत 4.98 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई। recent visitors 65