Wednesday, July 8, 2026 4:09 am

हरियाणा में 2 लाख लोगों के अपने घर के पूरे होंगे सपने, सैनी सरकार ‘फ्री’ में म‍िलेगा 100 गज का प्‍लॉट

चंडीगढ़ हरियाणा में 2 लाख लोगों का अपने घर का सपना जल्द साकार होने वाला है। हरियाणा सरकार इस योजना का खाका तैयार कर रही है। योजना के तहत जमीन से वंचित योग्य प्रार्थियों को गांवों में 100-100 वर्ग गज के प्लॉट दिए जाएंगे। इस संबंध में हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के महानिदेशक जे गणेशन ने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के धरातल पर क्रियान्वयन से गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार होगा और वे अपना घर बनाकर सुरक्षित व सम्मानित जीवन जी सकेंगे। इस पहल के तहत, बिना जमीन वाले पात्र आवेदकों को गांवों में 100 वर्ग गज के प्लाट मिलेंगे। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत राज्य में पांच लाख लोगों ने प्लॉट के लिए आवेदन किया है। सभी पात्र लाभार्थियों को अलग-अलग चरणों में 100 वर्ग गज के भूखंड मिलेंगे, जिनमें से दो लाख व्यक्तियों को जल्द ही लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार ने 100 वर्ग गज के इन प्लॉटों पर मकान बनाने में लाभार्थियों की सहायता करने का प्रावधान किया है। लाभार्थियों को अपना घर बनाने में मदद करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। जिनके पास घर नहीं उन्हें मिलेंगे प्लॉट गणेशन ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का उद्देश्य राज्य में कम आय वाले उन परिवारों को प्लॉट उपलब्ध कराना है, जिनके पास अपना घर नहीं है। इस योजना का उद्देश्य इन परिवारों को लाभ पहुंचाना है, ताकि वे अपना घर बना सकें। योजना के सफल क्रियान्वयन से गरीब परिवारों के जीवनस्तर में सुधार आएगा, जिससे वे अपने घरों में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए ताकि पात्र लोगों को इसका लाभ यथाशीघ्र मिल सके। पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए थे कि जिन क्षेत्रों में 100 वर्ग गज के प्लॉट आवंटित किए जाएंगे, वहां पक्की सड़कें, बिजली, स्वच्छ पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्क और खुले हरे भरे स्थान जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।   recent visitors 125

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर पंच-गौरव को प्रोत्साहन देने का नवीन कार्यक्रम शुरू किया जायेगा

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर भजनलाल सरकार के कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर प्रदेश के सभी जिलों में पंच-मुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए पंच-गौरव को प्रोत्साहन देने का नवीन कार्यक्रम शुरू किया जायेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल पर विशेष रूप से फोकस करते हुए पंच-गौरव कार्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है। प्रत्येक जिले के लिए इन श्रेणियों में चिह्नित इन पांच तत्वों को जिले के पंच-गौरव के रूप में जाना जाएगा। राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य होने के नाते यहां के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग प्रकार की भौगोलिक परिस्थितियाँ हैं। इस कारण यहां अलग-अलग तरह की उपज पैदा होती है एवं अलग प्रकार की वनस्पति पाई जाती हैं। इसी प्रकार राज्य के विभिन्न जिलों में अलग-अलग प्रकार के खनिज प्रकार की उपलब्धता है एवं अलग-अलग उत्पाद बनाए जाते हैं। राज्य में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक विभिन्न जिलों में स्थित पर्यटक स्थलों को देखने के लिए भी आते हैं। इसी प्रकार विभिन्न जिलों के निवासियों में कुछ खेल विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इन जिलों के सर्वांगीण विकास एवं उपलब्ध संभावनाओं के आधार पर आर्थिक गतिविधियों एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में कम से कम एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए यथा अनुरूप इनके प्रोत्साहन, संरक्षण एवं विकास की गतिविधियां चलाई जाएंगी। उदाहरण के तौर पर धौलपुर जिले में स्किम्ड मिल्क पाउडर उत्पादन और आलू की फसल, बारां जिले में सोयाबीन प्रोसेसिंग और लहसुन उत्पादन को इस योजना में शामिल किया जाएगा। राज्य स्तर पर एक जिला-एक उपज के लिए कृषि विभाग, एक जिला-एक प्रजाति के लिए वन विभाग, एक जिला-एक उत्पाद के लिए उद्योग विभाग, एक जिला-एक पर्यटन स्थल के लिए पर्यटन विभाग तथा एक जिला-एक खेल के लिए खेल विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करेंगे। प्रत्येक जिले के जिला कलक्टर इन विभागों के साथ समन्वय बनाते हुए इस कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करायेंगे।   recent visitors 174

सुरक्षाबल के जवानों ने सर्चिंग के दौरान नक्सली प्रचार सामग्री व विस्फोटक के साथ 3 नक्सली किया गिरफ्तार

बीजापुर जिले में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत थाना नैमेंड से सुरक्षाबलों के जवान नक्सल प्रभावित नैमेड इलाके में सर्चिंग के लिए निकले हुए थे इस दौरान नैमेड थाना क्षेत्र के राणापारा के जंगल से प्रतिबंधित नक्सली संगठन के प्रचार-प्रसार की सामग्री व विस्फोटक के साथ तीन नक्सली मिलिशिया सदस्य सोनू ओयाम पिता बुधरु उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम कैका, सन्नू लेकाम पिता पांडु उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम कैका एवं  मांडो उर्फ मांडू हपका पिता मासा उम्र 48 वर्ष निवासी ग्राम कांडका को गिरफ्तार किया है।  गिरफ्तार उक्त तीनों नक्सलियों के विरुद्ध नैमेड थाने में वैधानिक कार्रवाई के उपरांत आज बुधवार को रिमांड पर न्यायालय बीजापुर के समक्ष पेश किया गया । recent visitors 89

देश में लागू हुई ‘मासिक धर्म स्वच्छता नीति’, लड़कियों को पीरियड्स के दौरान मिलेगी राहत

नई दिल्ली केंद्र ने  सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अनुमोदित “स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता नीति” अब लागू हो गई है। स्कूली लड़कियों की मासिक धर्म स्वच्छता में सुधार पर केंद्रित नीति को 10 अप्रैल, 2023 के न्यायालय के आदेश के जवाब में 2 नवंबर, 2024 को मंजूरी दी गई थी। नीति का उद्देश्य और मुख्य बिंदु इस नीति का मुख्य उद्देश्य स्कूल जाने वाली लड़कियों में मासिक धर्म के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। क्योंकि मासिक धर्म अक्सर उनकी गतिविधियों और शिक्षा में भागीदारी को प्रभावित करता है। इस योजना के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लड़कियों को मासिक धर्म से संबंधित स्वच्छता सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जिससे उन्हें सुरक्षित और स्वच्छ मासिक धर्म साधनों तक पहुंच मिलेगी। इसके साथ ही यह नीति मासिक धर्म अपशिष्ट के पर्यावरण-friendly तरीके से निपटान को भी बढ़ावा देगी। कांग्रेस नेता की मुफ्त सैनिटरी पैड वितरण की मांग यह नीति उस जनहित याचिका (PIL) के संदर्भ में है। जिसे कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने दाखिल किया था। याचिका में कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए मुफ्त सैनिटरी पैड वितरण की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी। केंद्र सरकार की जानकारी: शौचालय और स्वच्छता किट वितरण केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि देश के 97.5% स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय उपलब्ध हैं, और दिल्ली, गोवा, और पुडुचेरी जैसे राज्य 100% अनुपालन में हैं। इसके अलावा, सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर मासिक धर्म स्वच्छता किट का वितरण भी शुरू किया है, ताकि छात्राओं के बीच मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जा सके। मासिक धर्म स्वच्छता नीति से क्या होगा फायदा? कार्यक्रम का उद्देश्य मासिक धर्म के बारे में कम जागरूकता को दूर करना है, जो अक्सर स्कूली लड़कियों की गतिशीलता और दैनिक गतिविधियों में भागीदारी को बाधित करता है। यह सुनिश्चित करने के उपायों की रूपरेखा तैयार करता है कि सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़ी स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच हो। केंद्र का उद्देश्य सुरक्षित मासिक धर्म प्रथाओं और मासिक धर्म अपशिष्ट के पर्यावरण के अनुकूल उपयोग को बढ़ावा देना है। कांग्रेस नेता ने उठाई थी मुफ्त सैनिटरी पैड वितरित करने की मांग सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस नेता जया ठाकुर द्वारा दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और आवासीय स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक की लड़कियों को मुफ्त सैनिटरी पैड वितरित करने की मांग की गई है। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ 12 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करेगी। इस नीति का उद्देश्य स्कूली छात्राओं के बीच ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार में बदलाव लाने के लिए सरकार की स्कूली प्रणाली के भीतर मासिक धर्म स्वच्छता को मुख्यधारा में लाना है, ताकि कम जागरूकता की बाधाओं को दूर किया जा सके जो अक्सर उनकी स्वतंत्रता, गतिशीलता और दैनिक गतिविधियों में भागीदारी को प्रतिबंधित करती हैं,” लंबित मामले में दायर हलफनामे में कहा गया है। देश के 97.5% स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय केंद्र ने पहले अदालत को बताया था कि भारत में 97.5% स्कूल छात्राओं के लिए अलग शौचालय प्रदान करते हैं, जिसमें दिल्ली, गोवा और पुडुचेरी जैसे राज्य 100 प्रतिशत अनुपालन करते हैं। संस्थान ने घोषणा की कि छात्राओं को मासिक धर्म स्वच्छता किट के वितरण पर एक राष्ट्रीय पहल चल रही है। recent visitors 106

टैटू से हैरान कर देने वाला मामला गाजियाबाद से जहां 68 महिलाओं को एड्स जैसी गंभीर बीमारी HIV हो गई, मचा हड़कंप

नई दिल्ली आजकल टैटू बनवाना एक फैशन बन चुका है, लेकिन अगर यह फैशन आपकी सेहत के लिए खतरा बन जाए, तो क्या आप फिर भी इसे अपनाएंगे? कुछ ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला गाजियाबाद से सामने आया है, जहां 68 महिलाओं को एड्स जैसी गंभीर बीमारी HIV हो गई। इनमें से 20 महिलाओं ने अपने शरीर में HIV संक्रमण का कारण टैटू बनवाना बताया है। एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल महिलाओं का कहना है कि उन्हें शक है कि टैटू बनाने वाले आर्टिस्ट ने एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल किया, जो पहले से HIV संक्रमित हो सकती थी। इस वजह से इन महिलाओं के शरीर में HIV वायरस फैलने की आशंका जताई जा रही है। ये सभी महिलाएं सड़क किनारे टैटू बनाने वाले आर्टिस्ट से टैटू बनवाने गई थीं, जहां इनसे यह बीमारी फैलने का अनुमान है। स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच बताया जा रहा है कि टैटू आर्टिस्ट ने एक ही निडल (सुई) का बार-बार इस्तेमाल किया, जिससे यह वायरस महिलाओं तक पहुंचा। यह खबर इलाके में हड़कंप मचाने वाली है, और अब स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना यह बताती है कि टैटू बनवाने से पहले हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इसका तरीका और सफाई सही हो, ताकि ऐसी गंभीर बीमारियों से बचा जा सके। recent visitors 88

चुलकाना धाम श्री श्याम जी के दर्शन कर लौट रही अध्यापिका की सड़क हादसे में मौत

पानीपत हरियाणा में आए दिन सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला पानीपत से सामने आया जहां चुलकाना धाम श्री श्याम जी के दर्शन कर लौट रही अध्यापिका रेखा की सड़क हादसे में मौत हो गई। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की शव को कब्जे में लेकर पानीपत के सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया। महिला टीचर अपने पति के साथ बाइक पर सवार होकर दर्शन कर घर लौट रही थी। तभी महिला अध्यापिका को अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। सड़क हादसे में महिला का पति भी गंभीर रूप से घायल है। यह हादसा पानीपत पुलिस लाइन के पास हुआ। महिला टीचर पानीपत के कबाड़ी रोड की रहने वाली थी। महिला के बेटे का रो-रो कर बुरा हाल है।  recent visitors 206

संतुलित औद्योगिक विकास पर केन्द्रित होगी नर्मदापुरम् में आरआईसी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के संतुलित विकास के लिये निरंतर सभी अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहे हैं। अगली आरआईसी आगामी 7 दिसम्बर को नर्मदापुरम में हो रही है। नर्मदापुरम् क्षेत्र में मुख्य रूप से कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्र-संस्करण इकाइयां और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग बहुतायत में हैं। नर्मदापुरम्, हरदा, और होशंगाबाद में पहले से स्थापित उद्योगों के साथ-साथ कृषि प्र-संस्करण, सोयाबीन तेल, मसाला उत्पादन और दुग्ध प्र-संस्करण जैसे उद्योग यहाँ की आर्थिक गतिविधियों का मुख्य आधार हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की खनिज संपदा का उपयोग कर निर्माण और अन्य उद्योगों से भी स्थानीय विकास को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। छठवीं आरआईसी का आयोजन 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम् के डिवीजनल आईटीआई में किया जाएगा। पिछली पांच रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के अनुभवों से प्रेरित होकर, इस कॉन्क्लेव का नर्मदापुरम् क्षेत्र में आयोजन उद्योगों की वृद्धि, निवेश की संभावनाओं और रोजगार सृजन के अवसरों को बढ़ाने के लिये किया जा रहा है। नर्मदापुरम आरआईसी में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, MSME और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से प्रदेश में एक उद्योग-हितैषी वातावरण बना है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में प्रगति हो रही है। नर्मदापुरम् और इसके आसपास के क्षेत्र जैसे होशंगाबाद, हरदा में एमएसएमई, कृषि आधारित उद्योग, और पर्यटन के क्षेत्र में कई संभावनाएं हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। कॉन्क्लेव का उद्देश्य सभी क्षेत्रों का संतुलित और समन्वित आर्थिक विकास करना है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम् और इसके आस-पास के क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह आरआईसी नर्मदापुरम् और आसपास के क्षेत्रों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि यहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती और सांस्कृतिक धरोहर को उद्योगों के साथ जोड़ा जाएगा। पचमढ़ी, जो न केवल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है बल्कि यहाँ की अनूठी जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधन, अब निवेशकों के लिये नया आकर्षण बनेंगा। साथ ही नर्मदा नदी तट पर औद्योगिक और पर्यटन दोनों क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएँ हैं। इस कॉन्क्लेव में कृषि, MSME, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और खनिज जैसे क्षेत्रों में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। नर्मदापुरम् और पचमढ़ी, जो पहले से ही प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हैं, अब औद्योगिक दृष्टिकोण से भी नई ऊँचाइयों को छुएंगे। इस कॉन्क्लेव से औद्योगिक, पर्यटन और सामाजिक विकास के बीच एक सामंजस्यपूर्ण संतुलन स्थापित होगा।   recent visitors 65