अवैध खनिज परिवहन पर नियंत्रण के लिये 41 ई-चेकगेट की होगी स्थापना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अवैध परिवहन रोकने के लिये एआई आधारित 41 ई-चेकगेट की स्थापना की जा रही है। इन ई-चेकगेटों पर वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी लीडर, ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में संलग्न वाहनों की जाँच की जायेगी। परियोजना में पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में खनिज परिवहन के लिये महत्वपूर्ण मार्ग के 4 स्थानों पर ई-चेकगेट स्थापित कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अवैध परिवहन की निगरानी के लिये राज्य स्तर पर भोपाल में कमॉण्ड एवं कंट्रोल सेंटर और जिला भोपाल एवं रायसेन में जिला कमॉण्ड सेंटर स्थापित किये गये हैं। माह दिसम्बर 2024 तक सभी 41 ई-चेकगेट की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में अवैध खनन की रोकथाम के लिये उपग्रह और ड्रोन आधारित परियोजना भी प्रारंभ की गयी है। इसके द्वारा प्रदेश की सभी 7 हजार खदानों की जियो टैग कर खदान क्षेत्र का सीमांकन किया गया है। यह परियोजना पूर्ण रूप से लागू होने पर अवैध खनन को चिन्हित कर प्रभावी रोकथाम की जा सकेगी। परियोजना के लागू होने पर स्वीकृत खदान के अंदर थ्री-डी इमेजिंग एवं वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस कर उत्खनित खनिज की मात्रा का सटीक आंकलन किया जा सकेगा।   recent visitors 57

दिल्ली-NCR में छाया घना कोहरा, जिससे दृश्यता बुरी तरह प्रभावित, लोगों को वायु गुणवत्ता से जूझना पड़ा

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में बुधवार की सुबह धुंध की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता बुरी तरह प्रभावित हुई और लोगों को खतरनाक वायु गुणवत्ता से जूझना पड़ा। सड़कों पर निकलने वाले लोगों में से कई ने आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की। राष्ट्रीय राजधानी के अलावा, उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद तथा हरियाणा के गुरुग्राम जैसे एनसीआर शहरों में हवा में जहरीली धुंध छाई रही, जिससे निवासियों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया। जानलेवा स्तर पर पहुंचा प्रदूषण- दिल्लीवासी दिल्ली निवासी अभिमन्यु झा ने आईएएनएस से बात करते हुए कई लोगों की चिंताओं को व्यक्त किया और चेतावनी दी कि प्रदूषण जानलेवा स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, "प्रदूषण अब जानलेवा हो गया है।" उन्होंने कहा कि इससे शहर के लोगों में गंभीर श्वसन संबंधी समस्याएं और यहां तक ​​कि कैंसर भी हो रहा है। झा ने इस बात पर जोर दिया कि इस पर्यावरणीय संकट का खामियाजा गरीबों को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि उनके पास जहरीली हवा से बचने के लिए सीमित विकल्प हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, "हम इसे बर्दाश्त करते हैं क्योंकि हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है।" बयानबाजी से हटकर ठोस कार्रवाई करे सरकार उन्होंने सुझाव दिया कि अमीर नागरिक स्वच्छ वाहन तकनीक अपनाकर प्रदूषण को कम करने में मदद कर सकते हैं। झा ने समस्या से निपटने के लिए सरकार के प्रयासों की आलोचना की, विशेष रूप से प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से किए गए छिड़काव उपायों की अप्रभावीता की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, "छिड़काव की पहल एक दिखावा लगती है। प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और राजमार्ग की स्थिति बिगड़ रही है।" उनकी टिप्पणियों को अन्य लोगों ने भी दोहराया और सरकार से बयानबाजी से हटकर ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया। आंखें जल रही हैं, सांस लेना मुश्किल हो रहा- बुद्ध सिंह काम के लिए सड़कों पर निकले बुद्ध सिंह ने बिगड़ती परिस्थितियों पर गौर किया। उन्होंने कहा, "यह कोहरे में चलने जैसा है। मेरी आंखें जल रही हैं और सांस लेना मुश्किल हो रहा है।" उन्होंने कहा, "हर साल स्थिति बदतर होती जा रही है, और फिर भी सरकार खोखले वादे करती रहती है। कुछ भी नहीं बदलता।" कोहरा में साइकिल चलाना भी खतरनाक हो गया है- प्रभुनाथ दुबे एक फैक्ट्री कर्मचारी प्रभुनाथ दुबे ने भी ऐसी ही चिंताएं साझा कीं। उन्होंने कहा, "आज कोहरा इतना घना है कि साइकिल चलाना भी खतरनाक हो गया है।" उन्होंने कहा, "प्रदूषण असहनीय है और यह सभी को प्रभावित कर रहा है। सरकार को सिर्फ़ बातें करने से ज़्यादा कुछ करने की ज़रूरत है।" भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि दिल्ली में बुधवार को मौसम का पहला घना कोहरा दर्ज किया गया और सुबह 8 बजे दृश्यता 0 मीटर तक गिर गई। recent visitors 73

वर्ल्ड डायबिटिक डे: सावधान.. कही ये डायबिटीज आपकी आँखों की रोशनी ना छीन ले

बदलती दिनचर्या व जीवन शैली, बढ़ते तनाव, आनुवंशिक और खानपान में बदलाव आदि कारणों से विश्व में डायबिटीज के मरीजो की संख्या बढ़ती जा रही है। विभिन्न रिसर्च के अनुसार भारत वर्ष में डायबिटीज के मरीजो की संख्या लगभग 77 लाख अनुमानित है जो की 20 वर्षों में बढ़कर लगभग 1 करोड़ 35 लाख से अधिक होने की संभावना है। भारत को विश्व की डायबिटीज कैपिटल के रूप में जाना जाता है । डायबिटीज का दुष्प्रभाव शरीर के विभिन्न अंगों पर पड़ता है , आँखें भी इसका अपवाद नहीं है। आँखों के पर्दे या रेटिना पर इसके दुष्प्रभाव से रोशनी प्रभावित होने का ख़तरा होता है इस बीमारी को डायबिटिक रेटिनोपैथी का नाम दिया गया है । प्रारंभिक अवस्था में इसके कोई लक्षण नहीं होते और एडवांस स्टेज में ही मरीज़ को इसके बारे में पता चलता है । डायबिटीज से होने वाली ब्लाइंडनेस को कम करने हेतु 14 नवंबर वर्ल्ड डायबिटिक डे से मध्य प्रदेश स्टेट ऑफ़ल्थैमिक सोसाइटी द्वारा विशेष जन जागरूकता अभियान की शुरुआत की जा रही है ।संस्था के नव निर्वाचित अध्यक्ष एवम् रेटिना रोग विशेषज्ञ डा गजेंद्र चावला के अनुसार  15 दिवसीय इस आयोजन में प्रदेश भर में विभिन्न गतिविधिया का आयोजन किया जायेगा। डायबिटीज के मरीजो के रेटिना की जाँच, सेमिनार व कार्यशाला का आयोजन, पैम्पलेट्स का वितरण, सोशल मीडिया , प्रिंट मीडिया , इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग कर जन सामान्य तक डायबिटिक रेटिनोपैथी के बारे में जानकारी पहुँचाना आदि शामिल है । जिससे इस बीमारी को प्रारभिक अवस्था में पहचान कर उचित उपचार के द्वारा डायबिटीज से होने वाली ब्लाइंडनेस को रोका जा सके । डा चावला से डायबिटीज के सभी मरीजो को सलाह दी है कि वे साल में कम से कम एक बार अपनी आँखों की जाँच , जिसमे रेटिना अथवा पर्दे की जाँच शामिल हो , अवश्य कराये चाहे उनको नज़र से संबंधित कोई लक्षण हो या ना हो और अपनी रोशनी को बचाये। recent visitors 81

जनजातीय संस्कृति का गौरव गान ही सनातन संस्कृति का गौरव गान है : मुख्यमंत्री साय

रायपुर केन्द्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने माटी के वीर पदयात्रा का किया भव्य शुभारंभ केन्द्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज छत्तीसगढ़ के जशपुर नगर में जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में माटी के वीर पदयात्रा का भव्य आयोजन हुआ। पदयात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया ने देश की आजादी और कोरोना काल में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से हमें प्रेरणा लेना चाहिए, जिन्होंने 25 वर्ष की आयु में मातृ भूमि को आजाद कराने के लिए लड़ाई लड़ी और अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में 6 लाख युवाओं ने अपना बलिदान दिया। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के सपने को पूरा करने का संकल्प लेने तथा सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने के लिए आगे आने का आव्हान किया। डॉ. मंडाविया ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आग्रह पर जशपुर नगर में सर्वसुविधायुक्त स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माटी के वीर पदयात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ और जशपुर के लिए सौभाग्य की बात है कि भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। उन्होंने इस मौके पर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर को देश में जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जनजातियों को गौरव करने का एक और बड़ा अवसर प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब-जब संस्कृति पर हमला हुआ है, जनजातीय समाज ने इसका तीव्र प्रतिकार किया है। जनजातीय संस्कृति प्रकृति से प्रेम करने की संस्कृति है। यह संस्कृति सौहार्द्र, शांति और सद्भाव की संस्कृति है। कलाओं से प्रेम करने वाली यह संस्कृति हमारी जनजातीय सनातन संस्कृति का उद्गम है। जनजातीय संस्कृति को बचाने की चिंता सनातन संस्कृति को बचाने की चिंता ही है। जनजातीय संस्कृति का गौरवगान सनातन संस्कृति का गौरवगान ही है। केन्द्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने माटी के वीर पदयात्रा का किया भव्य शुभारंभमुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन अभियान जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए संचालित की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने जनजातीय समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए एकलव्य विद्यालयों तथा आय में बढ़ोतरी के लिए वन-धन योजना प्रारंभ किया। आयुष्मान भारत योजना में जनजातीय समुदायों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार है। हमने जनजातीय क्षेत्रों के विकास की रणनीति तय की है। हमारी सरकार जनजातीय समाज के प्राचीन गौरव और वैभव को वापस पाने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। लोकतंत्र की जड़ें दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं। अंदरूनी गांवों में भी नियद नेल्ला नार योजना के तहत सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार जैसी मूलभूत अधोसंरचनाएं पहुंच रही हैं। हमने विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़़ निर्माण का संकल्प लिया है। सभी की सहभागिता से इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। जनजातीय समुदायों की अधिक से अधिक सहभागिता इस कार्य में सुनिश्चित की जाएगी। माटी के वीर पदयात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में धरती के आबा भगवान बिरसा मुंडा के जीवन वृत्त पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में खेलकूद सहित अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले जनजातीय युवाओं तथा माई भारत से जुड़े वॉलेंटियर को सम्मानित किया गया। मुंडा समाज के अध्यक्ष श्री शंकर राम बारला ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। माटी के वीर पदयात्रा कार्यक्रम के शुभारंभ स्थल पुरना नगर मैदान में जनजातीय नायकों के जीवन गाथा, जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री एवं जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री राधेश्याम राठिया एवं श्री चिंतामणी महराज, विधायक श्रीमती गोमती साय, श्रीमती रायमुनि भगत, श्री राम कुमार टोप्पो, श्री सुशांत शुक्ला, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती  प्रियम्बदा सिंह जूदेव सहित श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, श्री रणविजय सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में युवा और नागरिकगण उपस्थित थे। recent visitors 69

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोटा में विद्यार्थियों के साथ साझा किए अपने अनुभव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों को अपना जुनून हमेशा कायम रखना चाहिए। इच्छाशक्ति जितनी दृढ़ होगी, लक्ष्य उतना ही आसान होगा। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी पद पर पहुंचे, मित्रता का प्रेमभाव हमेशा बनाए रखना। इसका सबसे अच्छा उदाहरण श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती का है। उनकी दोस्ती 11 वर्ष की उम्र में हुई थी और जब वे द्वारका के राजा बने तब भी उनकी दोस्ती ने दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्थान के कोटा जिले में एलन शिक्षण संस्थान के समउन्नत भवन में विद्यार्थियों से चर्चा कर रहे थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विद्यार्थियों ने गजहार पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति का इससे अच्छा उदाहरण दूसरा नहीं हो सकता कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात में पहली बार विधायक बनने के साथ ही मुख्यमंत्री बने और लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री के बाद वे पहली बार सांसद बनें और पहली बार में ही देश के प्रधानमंत्री बनें। इसके बाद लगातार सांसद बने और प्रधानमंत्री भी। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में हैट्रिक भी बनाई। आर्थिक दृष्टि से गुजरात देश के अन्य राज्यों की तुलना में अग्रणी है। समाज सेवा के लिए छोड़ी डॉक्टरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैंने अपने शैक्षणिक काल से ही अपना लक्ष्य समाज सेवा के रूप में निर्धारित किया था। वर्ष 1982 में मेरा चयन मेडिकल कॉलेज के लिए हो गया था, परंतु समाज सेवा के अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मैंने मेडिकल में प्रवेश न लेते हुए, बीएससी की उपाधि प्राप्त की। मैं यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट रहते हुए राजनीति में सक्रिय रह सका। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के तीन मूल मंत्र हैं, जिन्हें विद्यार्थियों को आत्मसात करना चाहिए। पर्याप्त नींद लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और प्राणायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बताया‍कि अपने लक्ष्य पर शुरू से ही ध्यान केन्द्रित रखना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण 11 वर्ष की आयु में मथुरा से राजस्थान होते हुए मध्यप्रदेश के उज्जैन पधारे थे। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी यात्रा के दौरान प्रदेश में जहां-जहां विश्राम किया या ठहरे उन स्थानों को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक महत्व के तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शिक्षा काल में जिन ग्रंथों का अध्ययन किया, उन ग्रंथों का सार गीता में समाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी निराशा को अपने आप पर हावी न होने दें। जब निराश हो जाए तो राजनेताओं की तरफ देखें, वे बार-बार चुनाव लड़ते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। कई बार विद्यार्थी लक्ष्य प्राप्ति की दौड़ में पीछे रह जाते हैं तो उन्हें निराश नहीं होना चाहिए, जबकि दोगनी ऊर्जा के साथ फिर प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलन शिक्षण संस्थान मध्यप्रदेश के उज्जैन में अपने संस्थान प्रारंभ करें, जिससे मध्यप्रदेश के छात्रों को भी स्थानीय स्तर पर लाभ प्राप्त हो सकेगा।   recent visitors 88

जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की Z+ सिक्योरिटी सरकार को पत्र लिखकर वापस करने की अपील की

अमृतसर तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सिक्योरिटी को लेकर अहम खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने  Z+ सिक्योरिटी छोड़ दी है। उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर Z+ सिक्योरिटी वापस करने की अपील कर रहे थे, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है। पहले उनकी सिक्योरिटी के लिए अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया जाता था, लेकिन अब उनकी सिक्योरिटी सिर्फ पंजाब पुलिस के जवान ही करेंगे। बता दें कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह लंबे समय से केंद्र सरकार से यह मांग कर रहे हैं। कुछ दिन पहले विरसा सिंह वल्टोहा से विवाद के बाद उन्होंने जत्थेदार पद से भी इस्तीफा दे दिया था, हालांकि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह के आदेश के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उनका इस्तीफा खारिज कर दिया था। उस वक्त भी ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने केंद्र सरकार से सुरक्षा वापस लेने की अपील की थी। recent visitors 89

मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना: स्कूल भवनों की जांच में 78 स्कूल भवनों में निर्माण कार्यों में पाईं गंभीर खामियां, ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई

बिलासपुर मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत शासकीय स्कूल भवनों का निर्माण, अतिरिक्त कक्ष निर्माण व रिपेयरिंग कार्य केवल कागजों में ही पूरा हुआ है। भौतिक सत्यापन के दौरान गठित टीम को 78 स्कूलों में कार्य अपूर्ण या गुणवत्ताहीन मिला, जबकि ठेकेदार ने अपनी पेश रिपोर्ट में कार्य को पूरा बताया था। कलेक्टर ने अनियमितता पाए जाने पर ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कागजों में कार्य पूर्ण बताकर राशि निकालने वाले ठेकेदारों से रकम वसूल की जाएगी और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत यह सुनिश्चित किया गया कि स्कूल भवनों का निर्माण, बच्चों के बैठने के लिए अतिरिक्त कक्षों का निर्माण और मरम्मत कार्य अच्छे से हों ताकि बच्चों को पढ़ाई के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। कई स्कूलों भवनों का निर्माण हुआ तो कुछ के लिए अतिरिक्त कक्ष बनाए गए। वही छत का प्लास्टर गिरने और पानी रिसाव की शिकायतों के बाद रिपेयरिंग कराई गई थी। सत्यापन में पता चला कि ठेकेदारों ने केवल खानापूर्ति की है। अधिकारियों से मिलीभगत कर अपूर्ण कार्य को पूर्ण दिखाते हुए राशि का आहरण कर लिया गया। ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी का पता चलने के बाद कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम, आरईएस के कार्यपालन अभियंता और संबंधित सीएमओ को कार्रवाई का आदेश दिया है। दोषी निर्माण एजेंसी और ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही निर्माण कार्य के नाम पर निकाली गई राशि की वसूली भी की जाएगी। सबसे ज्यादा गड़बड़ी मस्तूरी ब्लाक में जांच टीम की अगुवाई में स्कूल भवनों की रिपेयरिंग जांच के दौरान पता चला कि मस्तूरी ब्लाक के 48 स्कूल ऐसे हैं जहां कार्य को पूर्ण बताकर भुगतान प्राप्त कर लिया गया। वहीं तखतपुर ब्लाक में 14 स्कूल, कोटा ब्लाक में 11 और बिल्हा ब्लाक में नौ स्कूल ऐसे मिले जहां समस्या जस की तस थी, लेकिन कागजों में कार्य को पूर्ण बता दिया गया था। इन स्कूलों में पाई गईं खामियां     केस 1- शासकीय जनपद प्राथमिक शाला बम्हनीखुर्द बिल्हा ब्लाक में स्कूल की छत व बरामदे में रिपेयरिंग और निर्माण कार्य तीन लाख 84 हजार रुपये में किया गया था। जांच टीम ने सत्यापन किया तो पता चला कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का अभाव है और बरामदे की छत का प्लास्टर गिरा हुआ था।     केस 2- तखतपुर के तुर्काडीह प्राथमिक शाला (ईडीयू) में 11 लाख 30 हजार की लागत से भवन का निर्माण हुआ था। मौके पर जांच करने पर टीम को छत में सीपेज की समस्या मिली।     केस 3- कोटा शासकीय माध्यमिक शाला भवन में परिवर्तन एवं परिवर्धन कार्य रानीबछाली में चार लाख 62 हजार की लागत से किया गया। जांच में गुणवत्ता का अभाव पाया गया।     केस 4- मस्तूरी ब्लाक के प्राथमिक शाला, सबरियाडेरा (सोन) में अतिरिक्त कक्ष निर्माण का ठेका 8आठ लाख 32 हजार में हुआ, परंतु फर्श का कार्य अधूरा था।   recent visitors 77