Wednesday, July 8, 2026 6:14 am

ऐसे संतुलित माहौल में खेलना चाहते हैं, जहां उन्हें पूरी स्वतंत्रता के साथ खेलने का मौका मिले : राहुल

नई दिल्ली अनुभवी बल्लेबाज के एल राहुल ने कहा है कि वह एक ऐसे संतुलित माहौल में खेलना चाहते हैं, जहां उन्हें पूरी स्वतंत्रता के साथ खेलने का मौका मिले। साथ ही आरसीबी में शामिल होने को लेकर भी राहुल ने अपनी राय रखी है। लखनऊ सुपर जायंट्स ने राहुल को रिलीज़ कर दिया था और अब वह मेगा नीलामी का इंतज़ार कर रहे हैं। कुछ समय पहले ही लखनऊ फ्रेंचाइज़ी के मालिक संजीव गोयनका ने उन खिलाड़ियों को टीम में रिटेन करने की इच्छा जताई थी जिनके पास “जीतने की मानसिकता” हो और जो “अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं और लक्ष्यों से पहले टीम को महत्व दें।” क्या इस बयान ने किसी तरह राहुल की नीलामी में जाने की इच्छा को प्रेरित किया? इस सवाल के जवाब में राहुल ने 12 नवंबर को स्टार स्पोर्ट्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “नहीं, मुझे लगता है निर्णय पहले ही लिया जा चुका था और मुझे नहीं पता कि उस बयान में क्या कहा गया था, लेकिन यह शायद रिटेंशन की घोषणा के बाद ही आया होगा। मुझे लगा कि मैं एक नई शुरुआत करना चाहता हूं, अपने विकल्पों को तलाशना चाहता हूं और वहां खेलना चाहता हूं, जहां मुझे थोड़ी स्वतंत्रता मिले और टीम का माहौल अधिक संतुलित हो।” “आईपीएल में पहले से ही बहुत दबाव होता है। आप गुजरात टाइटंस, चेन्नई सुपर किंग्स और अन्य टीमों को देखते हैं तो ऐसा साफ़ दिखता है कि जब वे जीतते या हारते हैं तो उनका संतुलन बना रहता है और ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत शांत होता है। एक खिलाड़ी के रूप में यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि अगर ऐसा माहौल हो, तो सभी खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का सबसे अच्छा मौक़ा मिलता है।” राहुल ने कहा,”न कप्तानी मेरे लिए उतना भी ज़रूरी नहीं है कि इसी से आगे की सारी चीज़ें तय हों। मैं बस एक ऐसी टीम का हिस्सा बनना चाहता हूं जिसमें अच्छा वातावरण हो। जहां आपको प्यार, देखभाल और सम्मान मिले और उस वातावरण में फ़्रेंचाइज़ी के हर व्यक्ति का एक ही लक्ष्य हो – जीतना। अगर ऐसा है तो वह मेरे लिए एक आदर्श स्थिति होगी।” उन्होंने कहा,”हमने एलएसजी में पहले एंडी फ्लावर (हेड कोच) और जीजी (गौतम गंभीर, मेंटॉर) के साथ और फिर पिछले साल नए हेड कोच जस्टिन लैंगर के साथ उस तरह के माहौल को बनाने की कोशिश की। मुझे लगता है कि ड्रेसिंग रूम का वातावरण शानदार था। लेकिन कभी-कभी आपको खु़द के लिए कुछ बेहतर तलाशने के लिए आगे बढ़ने की ज़रूरत होती है।” राहुल ने 2022 और 2023 में एलएसजी को प्लेऑफ़ तक पहुंचाया था। जब उनसे आईपीएल 2024 को लेकर सवाल किया गया, तो राहुल ने संकेत दिया कि बाहरी दबाव उनके प्रदर्शन में गिरावट का कारण हो सकता है। राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ हार के साथ शुरुआत करने के बाद, उन्होंने लगातार तीन मैच जीते, लेकिन फिर सीज़न के मध्य में उनकी टीम लड़खड़ा गई। इसके बाद उनका प्रदर्शन गिरता गया। हालांकि इस बीच राहुल 136.12 की स्ट्राइक रेट के साथ 520 रन बनाते हुए, अपने टीम के टॉप स्कोरर रहे। हालांकि इतने रन बनाने के बावजूद राहुल टीम के साथ बने रहेंगे या नहीं इस बात पर संशय था। इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि लीग स्टेज में सनराइजर्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ खेले गए एक मैच के बाद राहुल और गोयनका के बीच गहमा-गहमी हुई थी, जो वीडियो में साफ़ दिख रहा था। उन्होंने कहा, “खेल में हमेशा उतार-चढ़ाव आते हैं। आपको अपने धैर्य को बनाए रखना होता है और लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होता है। यात्रा, बाहरी घटनाएं, दबाव – ये सब हर साल होता है। लेकिन इस सीजन में ऐसा लगा कि यह सब कुछ ज़्यादा था और मुझे लगता है कि इसका असर टीम पर पड़ा, और हम तब प्रदर्शन नहीं कर पाए जब वास्तव में उसकी ज़रूरत थी।” राहुल ने कहा कि इस समय उनके लिए आईपीएल की कप्तानी सबसे महत्वपूर्ण चीज़ नहीं है, बल्कि एक “अच्छे वातावरण” में खेलना ज़्यादा मायने रखता है। राहुल ने आईपीएल कप्तानी के बारे में पूछे जाने पर कहा, “मैं कभी भी जाकर किसी से कप्तानी के बारे में नहीं पूछूंगा। अगर आपको लगता है कि मेरी नेतृत्व क्षमताएं पर्याप्त हैं और आपको मेरी क्रिकेट खेलने की शैली और खु़द को संभालने के तरीक़े में कुछ अच्छा नज़र आता है, तो निश्चित तौर पर मैं कप्तानी करने के लिए खु़श हूं।” “लेकिन कप्तानी मेरे लिए उतना भी ज़रूरी नहीं है कि इसी से आगे की सारी चीज़ें तय हों। मैं बस एक ऐसी टीम का हिस्सा बनना चाहता हूं जिसमें अच्छा वातावरण हो। जहां आपको प्यार, देखभाल और सम्मान मिले और उस वातावरण में फ़्रेंचाइज़ी के हर व्यक्ति का एक ही लक्ष्य हो – जीतना। अगर ऐसा है तो वह मेरे लिए एक आदर्श स्थिति होगी।” सोशल मीडिया पर उनकी घरेलू टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु के साथ संभावित पुनर्मिलन की चर्चा तेज़ हो रही है। हालांकि राहुल किसी भी टीम में शामिल होने की संभावना को दरकिनार नहीं कर रहे हैं। लेकिन यह कोई रहस्य नहीं है कि उन्हें किस टीम से एक विशेष जुड़ाव है। उन्होंने कहा, “मैंने आरसीबी में खेलते हुए सबसे ज़्यादा आनंद लिया। वह टीम मेरे लिए घर जैसी है। आप घर पर बहुत समय बिता सकते हैं, और मुझे चिन्नास्वामी स्टेडियम के बारे में अच्छी तरह से पता है। मैं वहां खेलते हुए बड़ा हुआ हूं।” आरसीबी में वापस जाने के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा, “हां, बिल्कुल, जैसा कि मैंने कहा, यह मेरे लिए घर जैसा है और वहां के लोग मुझे एक स्थानीय कन्नड़ लड़के के रूप में जानते हैं, और वहां वापस जाना और फिर से एक अवसर पाना अच्छा होगा। recent visitors 69

भगवान बिरसा मुंडा की 149वीं जयंती : एक ऐतिहासिक प्रेरणा: डॉ. कुंवर विजय शाह

भोपाल भारत के समृद्ध इतिहास में भगवान बिरसा मुंडा का नाम एक ऐसे वीर योद्धा और समाज-सुधारक के रूप में अंकित है, जिन्होंने अपने जीवन को जनजातीय समाज की उन्नति और उनके अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। देश में हर साल 15 नवम्बर को उनकी जयंती पर भारत में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है। यह दिन न केवल उनकी शहादत और योगदान को याद करने का है, बल्कि यह जनजातीय समुदाय की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, अनवरत संघर्ष और स्वाभिमान का उत्सव भी है। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन और उनका संघर्ष बिरसा मुंडा जी का जन्म 15 नवम्बर 1875 को झारखंड के उलीहातू गांव में एक साधारण मुंडा परिवार में हुआ था। उनका जीवन बेहद कठिनाइयों से भरा था और उन्हें बाल्यावस्था से ही आर्थिक संघर्षों का सामना करना पड़ा। सामाजिक असमानता, अत्याचार और विदेशी शासकों द्वारा जनजातियों पर निरंतर हो रहे शोषण ने बिरसा मुंडा के अंतर्मन को विद्रोह की भावना से भर दिया। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा लागू जमींदारी प्रथा, धर्मांतरण और जनजातियों के पारम्परिक जीवन पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष किया। उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व बिरसा मुंडा जी ने "उलगुलान" नामक जनजातीय विद्रोह का नेतृत्व किया, जो अंग्रेजी शासन और उनके द्वारा किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ था। "उलगुलान" का अर्थ है 'महान विद्रोह'। इस आंदोलन का उद्देश्य अंग्रेजों द्वारा लागू की गई भूमि नीतियों, जबरन धर्मांतरण और जनजातियों की पारम्परिक जीवनशैली में दखल देने वाले कानूनों के खिलाफ आवाज उठाना था। भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व में इस आंदोलन ने पूरे क्षेत्र में जनक्रांति की लहर पैदा कर दी और उन्हें "धरती आबा" या "धरती पिता" या धरा पितृ के रूप में सम्मानित किया जाने लगा। भगवान बिरसा मुंडा का समाज सुधारक के रूप में योगदान भगवान बिरसा मुंडा केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने तत्कालीन जनजातीय समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे अंध-विश्वास, जाति-भेद, नशाखोरी, जातीय संघर्ष और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाई। उन्होंने अपने अनुयायियों को शिक्षा का महत्व समझाया और उन्हें एकता में रहने का संदेश दिया। बिरसा मुंडा ने "बिरसाइत" नामक एक धार्मिक आंदोलन भी चलाया, जिसमें उन्होंने अपने अनुयायियों को आचार-विचार की शुचिता, सादगी और सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस की स्थापना वर्ष 2021 में केन्द्र सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित किया। इसका उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा और अन्य जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का सम्मान करना है। इस दिन देशभर में जनजातीय समाज की सांस्कृतिक धरोहर, उनकी परंपराओं और उनके गौरवशाली इतिहास को समझने और सम्मानित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह दिवस जनजातीय समाज के संघर्षों और उनके योगदान को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। बिरसा मुंडा का भारतीय स्वातंत्र्य आंदोलन में योगदान भारतीय स्वातंत्र्य आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा का योगदान अतुलनीय है। वे न केवल अपने क्षेत्र की जनजातियों के नेता थे, बल्कि उनके संघर्ष और बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को भी एक नई दिशा दी। उनके "उलगुलान" आंदोलन ने अन्य जनजातीय समुदायों को भी संगठित किया और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी करने की प्रेरणा दी। भगवान बिरसा मुंडा मात्र 24 साल 7 महीने की अल्पायु में 9 जून 1900 को वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी विरासत आज भी जनजातीय समाज के दिलों में जीवित है और उन्हें एक महान क्रांतिकारी जननायक के रूप में याद किया जाता है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का महत्व राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का महत्व केवल बिरसा मुंडा जी के योगदान को याद करने तक सीमित नहीं है। यह जनजातीय समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का जश्न मनाने का भी दिन है। जनजातीय समाज ने भारत के इतिहास में अहम भूमिका निभाई है। यह गौरव दिवस उनकी सांस्कृतिक धरोहर, संघर्षों और उपलब्धियों का सम्मान करता है। यह अवसर सभी भारतीयों को यह याद दिलाने का भी है कि जनजातीय समाज भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण व अभिन्न हिस्सा है और उनके योगदान को हमें सदैव संजोकर रखना चाहिए। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें साहस, संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संदेश देता है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस हमें उनकी शिक्षाओं, राष्ट्रप्रेम और उनके संघर्ष को याद करने और जनजातीय समाज के अधिकारों और सम्मान के प्रति संवेदनशील बने रहने के लिए प्रेरित करता है। जनजातीय समाज के स्वाभिमान और उनके अधिकारों की रक्षा में भगवान बिरसा मुंडा का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस उनके प्रति हमारी कृतज्ञता, आदर और श्रृद्धांजलि का प्रतीक है।   recent visitors 153

नई साल पर पंजाब के लोगो को मिलेगा बड़ा तोहफा, आदमपुर हवाई अड्डे से दिल्ली और मुंबई के लिए फ्लाइट होगी शुरू

पंजाब पंजाबियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जानकारी के अनुसार इंडिगो एयरलाइंस जनवरी 2025 से आदमपुर हवाई अड्डे से दिल्ली और मुंबई के लिए फ्लाइट शुरू कर सकती है।    आपको बता दें कि इंडिगो एयरलाइंस की एक टीम ने इंडियो के मुख्य अफसर सुरिंदर नरली के नेतृत्व में आदमपुर हवाई अड्डे का दौरा किया और फ्लाइट शुरू करने के लिए अड्डे का निरीक्षण किया। नरली ने कहा कि जनवरी 2025 से फ्लाइट को शुरू करने की योजना है। टीम ने एयरपोर्ट आथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ एप्रन क्षेत्र और अन्य बुनियादी ढांचे का गहन निरीक्षण किया ताकि एयरलाइंस के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान आदमपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुष्पेंद्र कुमार निराला, अमित कुमार ए.जी.एम. सिविल, सूरज यादव मैनेजर इलेक्ट्रिकल, सूर्य प्रताप जूनियर इंजीनियर ऑपरेशन और मोहन पंवार सुपरिंटेंडेंट सी.एन.एस. मौजूद थे। इंडिगो की टीम ने आदमपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुष्पेंद्र कुमार निराला, अमित कुमार ए.जी.एम. सिविल के साथ आदमपुर से नियमित उड़ानें शुरू करने पर चर्चा की ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। आदमपुर हवाई अड्डे पर नई फ्लाइट के संचालन से दोआबा सहित क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। स्थानीय निवासियों और व्यापारिक समुदाय के लिए यहां रोजगार के अवसर भी बढ़ेगा। recent visitors 124

दो प्रथक प्रथक जुंवे के फड़ में छापामारी कार्यवाही कर 8 जुवारियो को किया गिरफ्तार

  छतरपुर छतरपुर पुलिस द्वारा जुआ एवं सट्टा के विरुद्ध निरंतर कार्यवाही की जा रही है। रात्रि भ्रमण के दौरान थाना लवकुशनगर पुलिस को ग्राम भवानीपुर में कुछ लोगों के हार जीत का दांव लगाकर जुआ खेलने की सूचना प्राप्त हुई, पुलिस टीम त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर पहुंची। पृथक पृथक स्थान ग्राम भवानीपुर में चबूतरे व खेत की मेड़ में हार जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे 8 आरोपियों को पुलिस टीम द्वारा पकड़ा गया। ग्राम भवानीपुर के दो प्रथक प्रथक स्थान में संचालित जुआ के फड़ एवं आरोपियों के पास से 10410 रुपये नगद व ताश की गड्डियां मिली, जप्त किया गया। जुंवा खेल रहे 8 आरोपी 1. सुरेन्द्र यादव पिता पचू यादव निवासी ग्राम भवानीपुर 2. रमेश अहिरवार पिता श्रीरामदार अहिरवार निवासी ग्राम भवानीपुर 3. लक्ष्मी अहिरवार पिता चन्ना अहिरवार निवासी ग्राम भवानीपुर 4. नन्द अहिरवार  पिता कल्लू अहिरवार निवासी ग्राम भवानीपुर 5. बाबूलाल पिता दिव्या अहिरवार निवासी भवानीपुर 6. गणेश जी पिता बूरा अहिरवार 7. उमाशंकर पिता बेटवा अहिरवार   भवानीपुर                        8. राम श्री पिता सुंदर अहिरवार निवासी भवानीपुर को अभिरक्षा में लेकर थाना लवकुशनगर में जुआ अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्यवाही की गई। उक्त कार्यवाही में एसडीओपी लवकुशनगर श्री नवीन दुबे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी लवकुशनगर निरीक्षक परसराम डाबर, उप निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार मरकाम, सउनि जे पी बागरी, आर. रमाकांत तिवारी, आर. उमेश वर्मा आर.हैर्देश नायक, आर.देव सिंह, आर. उदय सिंह, आर. अभिषेक, आर अवधेश, आर. विकास .आर. मंगल एवं पुलिस टीम की भूमिका रही। recent visitors 61

कलेक्टर ने रोड किनारे पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाने के दिए निर्देश

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई, जिसमें विभागीय महत्वपूर्ण पत्रों, पिछले शिविर के लंबित मुद्दों, डीएमएफ कार्यों की प्रगति तथा आगामी बैठक में शामिल होने वाले प्रस्तावों पर चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बैठक के दौरान निर्देशित किया कि 15 नवंबर को कुवांरपुर में आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री जनजाति गौरव दिवस और जन समस्या निवारण शिविर में चुने हुए जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों को निमंत्रण पत्र दिए जाएं। इसके अलावा स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करने, भूमि पूजन, खिलाड़ियों और छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देने, छात्रावास निर्माण और सड़क निर्माण का लोकार्पण करने के साथ-साथ जन समस्या निवारण शिविर में सभी विभागों का स्टॉल लगाकर हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने जिले में नगर निगम, नगर पंचायत, नगर परिषद और ग्राम पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि सभी मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करे, इसके अतिरिक्त स्ट्रांग रूम की व्यवस्था,साफ सफाई, पेयजल की व्यवस्था, शौचालय की व्यवस्था, बैठने की सुविधा और जर्जर मतदान केंद्रों को बदलने या सुधारने के लिए भी कहा है । उन्होंने मतदाता पहचान की पुष्टि, सामग्री वितरण और 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के कार्य को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही धान खरीदी के संदर्भ में  कलेक्टर ने बताया कि खरीफ वर्ष 2024-25 के तहत धान बिक्री के लिए पुराने और नए पंजीकरण में सुधार किया गया है। अब किसान केवल एसडीएम से चर्चा कर के ही धान बेच सकेंगे। इसके साथ ही किसानों की फोटो सहित उनके खेतों की जानकारी मंगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा समितिवार पंजीयन रिपोर्ट, बारदाने की उपलब्धता, उड़नदस्ता दल का गठन, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, कृषक पंजीयन आदि विषयों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि जिन विभागों को भूमि आवंटित हो चुकी है, वे अपनी भूमि पर घेरा बंदी या खूंटा गाड़ने का कार्य शीघ्र पूरा करें। पुराने पेंशन मामलों, आवारा पशुओं पर रेडियम बेल्ट लगाने, वन अधिकार पट्टा में हुई गड़बड़ी को सुधारने तथा कलेक्टर कार्यालय से पीडब्ल्यूडी चौक और पीडब्ल्यूडी से बाजार तक रोड किनारे जितने भी अवैध दुकानें है उसको तत्काल हटाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने, स्कूलों में जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र बांटने के लिए कहा इसके अलावा सरगुजा प्राधिकरण के लंबित कार्यों को पूर्ण करने, अटल आवास की निर्माण, ट्राइबल मल्टी मार्केटिंग के भूमि आबंटित, प्रधानमंत्री सड़क योजना के व्दारा बन रहे सड़क को पूर्ण करने , शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के लिए आवास आबंटन तथा जल शक्ति मिशन में यूजर आईडी लॉगिन और जिओ ट्रैकिंग की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के भी निर्देश दिए। इस बैठक में अपर कलेक्टर अनिल सिदार, संयुक्त कलेक्टर सी.एस. पैकरा, एसडीएम प्रवीण कुमार भगत, लिंगराज सिदार, तहसीलदार, जनपद सीईओ, सभी नगर पंचायत सीएमओ, और जिले के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। recent visitors 78

भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस नंबर 6 से गैस लीकेज, तीन ठेका श्रमिक बेहोश

भिलाई भिलाई इस्पात संयंत्र में एक बड़ी घटना घटी है, यहां ब्लास्ट फर्नेस नंबर 6 से गैस लीक हो गई, जिससे तीन ठेका श्रमिकों की तबियत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। गैस के संपर्क में आने वाले श्रमिकों में रिजवान, हरिचरण और मोहनलाल गुप्ता शामिल है। घटना के बाद तुरंत ही इन श्रमिकों को सेक्टर 9 अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। गैस लीक होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है, और इस बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है। इस घटना के बाद संयंत्र में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। अस्पताल में भर्ती श्रमिकों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, और उनकी पूरी निगरानी की जा रही है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, गैस लीक होने की घटना संयंत्र में कार्य के दौरान हुई, और इसे लेकर स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। recent visitors 71

अमेरिका निवेशक मार्क मोबियस ने किया बड़ा दावा, ‘नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं पीएम मोदी’

वाशिंगटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहचान एक प्रमुख वैश्विक नेता के रूप में और भी मजबूत हुई है। अब, दुनिया के बड़े निवेशकों में से एक, मार्क मोबियस ने यह कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी सही मायनों में नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। मोबियस के अनुसार, पीएम मोदी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह वैश्विक मंच पर राजनीतिक दृष्टिकोण से विभिन्न देशों और विचारधाराओं के साथ संवाद करने में सक्षम हैं। कौन हैं मार्क मोबियस? बता दें कि मार्क मोबियस, जो इमर्जिंग अपॉर्च्युनिटी फंड के 88 वर्षीय चेयरमैन हैं, उभरती अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करते हैं। वे कई सालों से वैश्विक बाजारों में सक्रिय रहे हैं और उन्हें दुनिया के प्रमुख निवेशकों में एक माना जाता है। मार्क मोबियस ने एक इंटरव्यू में कहा कि आज की दुनिया में जहां पश्चिम एशिया में संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी समस्याएं चल रही हैं, वहां प्रधानमंत्री मोदी एक महत्वपूर्ण शांतिदूत बन सकते हैं। उनका कहना है, "प्रधानमंत्री मोदी एक महान नेता हैं और वे एक महान इंसान भी हैं। उनके पास वैश्विक स्तर पर संवाद स्थापित करने की अद्भुत क्षमता है। वे अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के साथ बातचीत कर सकते हैं और शांति को बढ़ावा देने के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।" नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार वहीं मार्क मोबियस ने पीएम मोदी के बारे में यह भी कहा कि जब नोबेल शांति पुरस्कार की बात आती है, तो मोदी वास्तव में 'कुछ भी करने में सक्षम' हैं। उनके अनुसार, पीएम मोदी वैश्विक शांति के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और वे इस पुरस्कार के हकदार हैं। भारत का निष्पक्ष रुख और PM Modi की भूमिका मार्क मोबियस ने भारत के वैश्विक मुद्दों पर तटस्थ रहने की नीति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनियाभर के मुद्दों पर निष्पक्ष रहने की जो क्षमता दिखाई है, वह भारत को वैश्विक मंच पर शांति के लिए एक प्रमुख मध्यस्थ बनाने के लिए पूरी तरह से सक्षम बनाता है। रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की भूमिका मार्क मोबियस ने रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में भी भारत की भूमिका को सराहा। यह युद्ध पिछले दो सालों से चल रहा है, और इस दौरान भारत ने तटस्थ रहते हुए दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है। उन्होंने कहा कि भारत का यह रुख यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। PM Modi की यूक्रेन यात्रा अंत में बता दें कि इस वर्ष अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन का दौरा किया, जो 1992 में भारत और यूक्रेन के बीच राजनयिक संबंधों की शुरुआत के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। इस यात्रा ने भारत की भूमिका को मजबूत किया और यह दिखाया कि भारत वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।   recent visitors 111