Wednesday, July 8, 2026 8:36 am

SP MLA के खिलाफ एक्शन: तीन मंजिला आलीशान आवास होगा कुर्क, नौकरानी की आत्महत्या केस में कोर्ट का आदेश

भदोही भदोही के सपा विधायक जाहिद बेग का आलीशान तीन मंजिला आवास कुर्क होगा. नौकरानी के सुसाइड मामले में फरार चल रही जाहिद बेग की पत्नी को कोर्ट ने पेश होने का आदेश दिया था, जब वो कोर्ट में उपस्थित नहीं हुईं तो कोर्ट ने ये आदेश दिया है. इसके अलावा विधायक की पत्नी के खिलाफ बीएनएस की धारा 209 के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है. विधायक के घर में नौकरानी के सुसाइड मामले में पुलिस ने उनके बेटे को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद जाहिद बेग ने एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. इस मामले में विधायक प्रयागराज की नैनी जेल में बंद हैं. दूसरी ओर कोर्ट ने फरार चल रही उनकी पत्नी को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया था.   क्या है पूरा मामला? बीते 9 सितंबर को सपा विधायक जाहिद बेग के मालिकाना मोहल्ले स्थित आवास में नौकरानी ने फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया था. इस मामले में पुलिस ने विधायक जाहिद बेग के साथ उनकी पत्नी सीमा बेग और बेटे जईम बेग के खिलाफ बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी और सुसाइड के लिए उकसाने समेत अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज किया था.   पुलिस ने क्या बताया था? इलाके के सीओ अजय कुमार चौहान ने बताया था कि मृतक लड़की का नाम नाजिया है. वो पिछले कई साल से जाहिद बेग के घर में काम कर रही थी. उसका परिवार मामदेव इलाके में कांशीराम आवास में रहता था. वो मलिकाना मोहल्ले में विधायक के घर के ऊपरी फ्लोर पर एक कमरे में रहती थी. उसी कमरे में उसका शव पंखे से लटका मिला है. जब सुबह वो काफी देर तक नहीं जागी तो विधायक के परिवार के लोगों ने जाकर देखा तो उसका शव पंखे से लटक रहा था. बेटे की गिरफ्तारी, विधायक ने किया था आत्मसमर्पण पुलिस ने इस मामले में बेटे की गिरफ्तारी की। जिसके बाद विधायक ने एमपीएमएल कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इस समय विधायक प्रयागराज के नैनी और बेटा जईम वाराणसी जेल में बंद है। दूसरी तरफ कोर्ट ने फरार चल रही उनकी पत्नी को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया था। कोर्ट की नोटिस का समय बीतने के बाद भी न्यायालय में उपस्थित न होने पर भदोही कोतवाली के विवेचक कमलेश कुमार ने विधायक की पत्नी के खिलाफ धारा 209 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। वहीं न्यायालय के आदेश की अवहेलना के आरोप में कोर्ट ने मालिकाना मोहल्ले स्थित उनकी तीन मंजिला मकान को कुर्क करने का आदेश दिया है। एएसपी डॉ. तेजबीर सिंह ने बताया कि न्यायालय ने भदोही के सपा विधायक के आवास के कुर्की का आदेश दिया है। जल्द ही आदेश का अनुपालन किया जाएगा।     recent visitors 72

कलयुगी पिता ने नशे की हालत में अपने ही बेटे की हत्या, कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा

कोरबा  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अपने ही बेटे की हत्या करने के वाले एक कलयुगी पिता को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. मामला बालको नगर थाना क्षेत्र के गहनिया खेतार गांव का है, जहां बीते साल सितंबर महीने में आरोपी ने अपने ही बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी थी. इसके बाद उसने खुद का भी गला रेत दिया था, जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया था. आरोपी आदतन नशेड़ी है और उसे शराब और गांजे की लत लगी हुई थी. बेटे की हत्या भी उसने नशे की हालत में ही की थी. मामला बालको नगर थाना क्षेत्र का है. बता दें कि अपने बेटे की हत्या को अंजाम देने वाले इस कलयुगी पिता का नाम अमर मांझी (उम्र 30 साल) है. पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना आरोपी के सगे भाई ने दी थी. इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया था. वहीं अमर मांझी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज ठीक होने के वक्त पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था. अपर सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार चतुर्वेदी के कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के बाद अमर मांझी को अपने बेटे की हत्या का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. recent visitors 66

सिद्ध पीठों में प्रमुख है हरिद्वार का मनसा देवी मंदिर

प्रसिद्ध मनसा देवी माता का मंदिर देवभूमि हरिद्वार में हरकी पैड़ी के पास गंगा के किनारे स्थित है। नवरात्रि के दिनों में यहां माता के दर्शनों के लिए लंबी लंबी लाइनें तो लगती ही हैं साथ ही सामान्य दिनों में भी यहां श्रद्धालुओं की काफी अच्छी संख्या रहती है। जिसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने माता के दर्शनों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की है। मंदिर चूंकि पहाड़ी पर स्थित है इसलिए यहां तक पहुंचने के लिए ट्राली का उपयोग किया जाता है। यदि कोई महंगी ट्राली से सफर नहीं करना चाहे तो उसके लिए पहाड़ी पर ही सड़क मार्ग भी बनाया गया है जहां पैदल यात्रा के साथ ही स्थानीय ऑटो रिक्शा के जरिये पहुंचा जा सकता है। यहां चलने वाली ट्राली श्रद्धालुओं को खूब आकर्षित करती है और इसके चलते यह धार्मिक पर्यटन स्थल का रूप ले चुका है। यहां चलने वाली ट्राली को मनसा देवी उड़नखटोला के नाम से भी जाना जाता है। रोपवे से श्रद्धालुओं को मंदिर लाने ले जाने का काम सुबह आठ बजे से सायं पांच बजे तक चलता है। दिन में यह 12 से 2 बजे तक भोजन के लिए यह सेवा बंद कर दी जाती है। यहां स्थित माता मनसा देवी को सिद्ध पीठों में प्रमुख माना जाता है। यह हरिद्वार स्थित तीन सिद्धपीठों में से एक है। अन्य दो सिद्धपीठ हैं चंडी देवी मंदिर और माया देवी मंदिर। मान्यता है कि जो श्रद्धालु यहां सच्चे मन से मां की पूजा अर्चना कर मुराद मांगते हैं माता उनकी इच्छा जरूर पूरी करती हैं। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के मुताबिक मनसा देवी का जन्म संत कश्यप के मस्तिष्क से हुआ। वह राजा वासुकी की पत्नी हैं। कहा जाता है कि मनसा देवी ने भगवान शंकर की कठोर तपस्या किया और साथ ही वेदों का अध्ययन भी किया जिसके फलस्वरूप उन्हें कृष्ण मंत्र प्राप्त हुआ जिसे कल्पतरू कहा जाता है। देवी ने बाद में पुष्कर में कई युगों तक तप किया जिससे प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि देवी तुम्हारी तीनों लोकों में पूजा होगी। पुराणों में उल्लेख मिलता है कि आशुतोष भगवान की पुत्री मनसा को ऋषि कश्यप ने अपने संरक्षण में पाला और सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा ने उनका नामकरण किया। ब्रह्मा ने नामकरण के बाद बताया कि कोई भी विष इस देवी के सामने तुच्छ है इसलिए इस देवी का नाम विषहरि होगा। इसी कारण समस्त नागों और भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया। मनसा देवी को भगवान शिव की मानसपुत्री के रूप में भी जाना जाता है। मनसा देवी की पूजा ज्येष्ठ मास की दशहरा तिथि यानी गंगा दशहरा के दिन बंगाल में कई जगह की जाती है। मनसा देवी की पूजा के बाद ही नागों की पूजा करने का प्रचलन है। मान्यता है कि जो व्यक्ति देवी के बारह नामों का उच्चारण करता है, उसके वंशजों को भी सर्प भय नहीं रहता। देवी के यह बारह नाम इस प्रकार हैं− जरत्कारू, जगदगौरा या जगतगौरी, मनसा, सियोगिनी, वैष्णवी, नागभगिनी, शैवी, नागेश्वरी, जगतकारुप्रिया, आस्तिकमाता और विषहरी। मनसा देवी के मंदिर आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए यहां लगे वृक्षों में एक धागा बांधते हैं। जब उनकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है तो वह पुनः मंदिर आते हैं और वह धागा खोलकर मनसा देवी की पूजा करते हैं। श्रद्धालुओं की ओर से मनसा देवी की पूजा के दौरान माता को फल, नारियल, फूल और श्रृंगार सामग्री अर्पित की जाती है।   recent visitors 103

श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व के अवसर पर 2 दिन बंद रहेंगी दुकान, सख्त आर्डर हुए जारी

कपूरथला 15 नवंबर को देश भर में श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व बड़ी श्रद्धा से मनाया जा रहा है। इस संबंध में शहरों में अलग-अलग दिन नगर कीर्तन भी सजाए जा रहे हैं। इसके तहत कपूरथला जिले में दो दिन मीट और शराब की दुकानें बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला मजिस्ट्रेट अमित कुमार पंचाल द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व को समर्पित सजाए जा रहे नगर कीर्तन के मद्देनजर 13 नवंबर को फगवाड़ा में नगर कीर्तन के मार्ग पर पड़ती मीट और शराब की दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।          इसके इलावा 15 नवम्बर को प्रकाश पर्व के दिन फगवाड़ा उपमंडल में धार्मिक स्थलों के पास मांस और शराब की दुकानें बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। ये आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। recent visitors 84

महिला एवं बाल विकास ने 18 वर्षीय युवक से 16 साल की लड़की का बाल विवाह रुकवाया

इंदौर  देवउठनी एकादशी के बाद शादियों का सीजन शुरू हो जाता है। जिले में प्रशासन ने 16 साल की लड़की की 18 साल के लड़के से होने वाली शादी रुकवा दी। महिला एवं बाल विकास विभाग की उड़नदस्ता टीम ने यह कार्रवाई की। एक अधिकारी ने बताया कि यह विवाह न हो उसके लिए पूरे प्रशासन सजग रहा। दरअसल, देवउठनी एकादशी के मौके पर इंदौर में एक नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी गई। प्रशासन को सूचना मिली थी कि 16 साल की लड़की की शादी 18 साल के लड़के से होने वाली है। यह शादी निरंजनपुर इलाके में होने वाली थी, जहां से दूल्हा बारात लेकर देवास जाने वाला था। बारात रवाना होने वाली थी महिला और बाल विकास विभाग में उड़नदस्ता टीम के प्रभारी महेंद्र पाठक ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि निरंजनपुर में एक नाबालिग लड़की की शादी होने वाली है। सूचना मिलते ही टीम लड़के के घर पहुंची, जहां शादी की तैयारी चल रही थी और बारात जाने वाली थी। पाठक ने बताया कि हमें अपने कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी। जब हम लड़के के घर पहुंचे तो उसकी बारात रवाना होने की तैयारी कर रही थी। परिजनों को बताया गया कानून देवास जिला प्रशासन को भी इस बारे में सूचित किया गया और दोनों पक्षों के परिवारों को बाल विवाह कानून के बारे में बताया गया। बता दें कि भारत में 21 साल से कम उम्र के लड़के और 18 साल से कम उम्र की लड़की की शादी बाल विवाह माना जाता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत दोषी को दो साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। recent visitors 139

बंदिश बैंडिट्स के दूसरे सीजन का प्रीमियर प्राइम वीडियो पर 13 दिसंबर को होगा

मुंबई, प्राइम वीडियो, ने आज अपनी बहुप्रतीक्षित ओरिजिनल सीरीज़ बंदिश बैंडिट्स के दूसरे सीजन को 13 दिसंबर को प्रीमियर करने की घोषणा की। लोकप्रिय म्यूज़िकल ड्रामा बंदिश बैंडट्स का नया सीजन भारतीय शास्त्रीय संगीत के राग, ताल और बंदिशों को आधुनिक रॉक और पॉप के बोल्ड और जोशीले बीट्स के साथ खूबसूरती से मिश्रित किया गया है। इसके मुख्य किरदार राधे और तमन्ना अब स्वीकृति और महिमा की खोज में एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं। कहानी परिवार की विरासत में गहराई से उतरती है, जहां व्यक्तिगत पहचान, सशक्तिकरण और पुराने और नए के बीच संतुलन जैसे विषयों को उजागर किया गया है, क्योंकि प्रत्येक पात्र अपने असली रूप को खोजता और अपनाता है। अमृतपाल सिंह बिंद्रा द्वारा निर्मित और आनंद तिवारी द्वारा निर्देशित, लियो मीडिया कलेक्टिव प्राइवेट लिमिटेड प्रोडक्शन में ऋत्विक भौमिक, श्रेया चौधरी, शीबा चड्ढा, अतुल कुलकर्णी, राजेश तैलंग और कुणाल रॉय कपूर जैसे बहुमुखी कलाकारों की इस शो में वापसी होगी, साथ ही नए कलाकार दिव्या दत्ता, रोहन गुरबक्सानी, यशस्विनी दयामा, आलिया कुरैशी और सौरभ नैयर प्रमुख भूमिकाओं में होंगे। बंदिश बैंडिट्स का दूसरा सीजन विशेष रूप से प्राइम वीडियो पर भारत और 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में प्रीमियर होगा। recent visitors 92

कोयला खदान में कलिंगा कंपनी के कर्मचारी चार दिनों से हड़ताल पर

कोरबा एसईसीएल मानिकपुर खदान में निजी ठेका कंपनी कलिंगा के कर्मचारी बोनस और सरकारी अवकाश के पैसे देने की मांग को लेकर पिछले चार दिनों से हड़ताल कर रहे हैं. हड़ताल की वजह से मिट्टी ओव्हरबर्डन हटाने का काम पूरी तरह से ठप पड़ गया है, जिससे कंपनी को करोड़ों की क्षति उठानी पड़ रही है. कोरबा में एसईसीएल की मानिकपुर कोल परियोजना में नियोजित ठेका कंपनी कलिंगा के सैकड़ों कर्मचारी पिछले तीन दिनों से काम बंद कर आंदोलन कर रहे हैं. बोनस और सरकारी अवकाश के रुपयों की मांग करते हुए कर्मचारी खदान के भीतर वाहनों को खड़ा कर ठेका कंपनी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है. आंदोलन की सूचना के बाद कलिंगा कंपनी के इंचार्ज मोहती मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझने का प्रयास किया. लेकिन कर्मचारियों ने उनकी बातों को नहीं मानी और आंदोलन जारी रखा है. इस आंदोलन से कलिंगा कंपनी को करोड़ों का नुकसान हो सकता है. बताया जा रहा है कि कलिंगा कंपनी के कर्मचारी दशहरा से पहले ही अपनी मांग कंपनी के समक्ष रखे थे, लेकिन उनकी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई है. इस बार सभी कर्मचारियों ने ठोस निर्णय लेते हुए सभी गाड़ियों को खदान में खड़ी कर आंदोलन पर उतारे हैं. उनकी कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक वाहन नहीं चलाएंगे. recent visitors 65