बच्चों को ऊर्जा बचत की सीख और संस्कार बचपन से ही दें : श्री मंगुभाई पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा का उत्पादन है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को ऊर्जा बचत की सीख और संस्कार बचपन से ही दिया जाए। उन्हें ऊर्जा की भावी ज़रूरतों और महत्व के प्रति जागरूक बनाएं। राज्यपाल श्री पटेल ऊर्जा संरक्षण पर आधारित, राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह, भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तत्वाधान में भोपाल के सुभाष भवन में आयोजित किया गया था। राज्यपाल श्री पटेल ने दो श्रेणियों में आयोजित, राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। श्री पटेल ने इस अवसर पर प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के सदस्यों का भी सम्मान किया। उन्होंने NHDC को विगत 19 वर्षों से उर्जा संरक्षण की जागरूकता के लिए प्रतियोगिता के सतत् आयोजन की बधाई दी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि बच्चों की कल्पनाशीलता और सृजनशीलता प्रकृति का अनुपम उपहार है। ऊर्जा बचत और संरक्षण पर बच्चों द्वारा बनाए गए चित्र, उनके अंतर्मन की अभिव्यक्ति है। राज्यपाल श्री पटेल ने उपस्थित जनों से अपील की कि वे चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन ज़रूर करें और बाल कलाकारों के भावों की अभिव्यक्ति को सराहें। उन्होंने बच्चों से कहा कि ऊर्जा संरक्षण के लिए चित्रों का सृजन करते हुए, ऊर्जा बचत के जो सच्चे भाव आपके अंतर्मन में आए थे, उन भावों को हमेशा जीवंत रखें और उनका आजीवन अनुसरण करने का प्रयास करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ऊर्जा के संसाधन, प्रकृति द्वारा मानव को दिए गए अमूल्य उपहार हैं। इनका ज़रूरत और विवेक अनुसार उपयोग करना चाहिए। हम सभी को ऊर्जा के साधनों के साथ पानी की बचत और महत्व को भी समझना होगा। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जिन क्षेत्रों में बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है, वहां की जनता की समस्याओं का विचार करें, और सहानुभूति का भाव रखते हुए ऊर्जा, पानी और अन्य प्राकृतिक साधनों का विवेक से उपयोग करें। उन्होंने बच्चों को समझाइश दी कि बचत की अच्छी आदतों को विकसित करें। बच्चों को दिए चार मंत्र- अच्छा व्यायाम, पौष्टिक आहार, भरपूर पानी और नींद राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने बच्चों को स्वस्थ, तेजस्वी और ओजस्वी बनने के लिए चार मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि बच्चे नियमित रूप से कसरत करने की आदत बनाएँ। पौष्टिक आहार लें, फास्टफूड खाने से बचें। भरपूर पानी पीयें और अच्छी नींद लें। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने दीप प्रज्जवलन कर पुरस्कार समारोह का शुभारंभ किया। श्री पटेल का समारोह में पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। NHDC के प्रबंध निदेशक श्री राजीव जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन श्री अशोक कुमार ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में NHDC के पदाधिकारी, निर्णायक मंडल के सदस्य, चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागी बच्चे और उनके अभिभावक उपस्थित थे।   recent visitors 75

दिल्ली में रिटायर्ड इंजीनियर से डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 10 करोड़ की ठगी, पुलिस की साइबर शाखा कर रही जांच

नई दिल्ली दिल्ली में एक रिटायर्ड इंजीनियर के साथ साइबर अपराधियों ने बेहद चालाकी से ठगी की। ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर आठ घंटे तक उन्हें मानसिक रूप से कैद रखा और फिर उनके बैंक खाते से 10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। फिलहाल दिल्ली पुलिस की साइबर शाखा इस मामले की जांच कर रही है। कैसे हुआ ठगी का शिकार? यह घटना दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र की है, जहां 72 वर्षीय बुजुर्ग प्रेमचंद नरवाल रहते हैं। वे मूल रूप से मुरैना मध्य प्रदेश के निवासी हैं और रिटायरमेंट के बाद ग्वालियर में रहते थे। प्रेमचंद नरवाल 29 सितंबर को साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गए। ठगों ने पहले खुद को एक पार्सल कंपनी का अधिकारी बताया और कहा कि ताइवान से उनके नाम एक पार्सल भेजा गया है, जिसमें प्रतिबंधित दवाइयां हैं। ठगों ने बुजुर्ग को बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी इस मामले की जांच करना चाहते हैं, और इसके बाद उन्होंने बुजुर्ग से कहा कि वे स्काइप डाउनलोड करें और वीडियो कॉल पर उनसे बात करें। स्काइप कॉल पर उन्होंने मुंबई पुलिस के अधिकारी की आवाज में बात की और बुजुर्ग को डराया-धमकाया कि वह और उनका परिवार मुश्किल में फंस सकते हैं।   डिजिटल अरेस्ट का डर ठगों ने बुजुर्ग से कहा कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट का सामना करना पड़ेगा, अगर वे मामले को हल नहीं करते। उन्हें बताया गया कि उनका और उनके परिवार का नाम अपराधियों की लिस्ट में है। इसके बाद ठगों ने बुजुर्ग से उनके बैंक खातों की जानकारी ली और उन्हें अपने कमरे में बंद कर दिया। साइबर अपराधियों ने धमकी दी कि अगर वह उनकी बात नहीं मानते तो उनके बेटे-बेटी को भी फंसा लिया जाएगा। डर के मारे बुजुर्ग ने ठगों के निर्देश पर अपने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 10.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी का खुलासा बुजुर्ग को 8 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट के झांसे में रखने के बाद, उन्होंने संदेह किया और लैपटॉप बंद कर दिया। इसके बाद वह कमरे से बाहर निकले और परिवार को पूरी घटना बताई। उन्होंने 1 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वहीं पुलिस ने जांच की तो पता चला कि ठगों ने जिन बैंक खातों में पैसे जमा कराए थे, वे अलग-अलग खातों में विभाजित थे। लगभग 60 लाख रुपये इन खातों में जमा किए गए थे और बाद में इसे छोटे-छोटे हिस्सों में देश भर में निकाला गया था। ठगों का तरीका यह पहली बार नहीं है जब 'डिजिटल अरेस्ट' का सहारा लिया गया है। 'डिजिटल अरेस्ट' एक ऐसा शब्द है, जो कानूनी रूप से कोई मान्यता नहीं रखता। ठग किसी को ऑनलाइन बताकर यह कह देते हैं कि उसे किसी सरकारी एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया है और उसे जुर्माना देना होगा। इसके बाद वे व्यक्ति से पैसे निकलवाने के लिए उसे डराते-धमकाते हैं। सावधानी बरतने की सलाह: अगर आपको कोई धमकी भरा कॉल आता है, तो उसे तुरंत नकार दें। किसी संदिग्ध ईमेल या लिंक पर क्लिक न करें। कॉलर से कहे गए किसी भी ऐप को डाउनलोड न करें। किसी भी ऐसे मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दें। डिजिटल अरेस्ट का कोई कानूनी आधार नहीं है, इसलिए इस तरह के किसी भी झांसे में आने से बचें और हमेशा सतर्क रहें। अंत में बता दें कि दिल्ली पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश करेगी। इस घटना ने यह भी साबित किया कि साइबर अपराधियों के द्वारा किए गए इस प्रकार के ठगी के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, और आम नागरिकों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।   recent visitors 69

देश में थोक मुद्रास्फीति अक्टूबर में चार महीने के उच्च स्तर 2.36 प्रतिशत पर

नई दिल्ली खाद्य उत्पादों और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में तेजी के चलते थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रा स्फीति अक्टूबर 2024 में बढ़कर 2.36 प्रतिशत रही। सरकार द्वारा गुरुवार को जारी अक्टूबर माह के थोक मूल्य सूचकांक के अनुसार, अक्टूबर में, खाद्य उत्पादों की थोक कीमतों में सालाना आधार पर 11.59 प्रतिशत और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में 1.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। वाणिज्यों एवं उद्योग मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, अक्टूबर माह में ईंधन और ऊर्जा के थोक भाव पिछले साल अक्टूबर की तुलना में 5.79 प्रतिशत नीचे रहे जबकि विनिर्मित उत्पादों की थोक कीमतों में सालाना आधार पर 1.50 प्रतिशत की तेजी रही। सितंबर में थोक मुद्रा स्फीति 1.84 प्रतिशत और अगस्त में 1.25 प्रतिशत रही। सब्जियों की कीमतों में लगी आग आंकड़ों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति अक्टूबर में बढ़कर 13.54 प्रतिशत हो गई, जबकि सितंबर में यह 11.53 प्रतिशत थी। इसमें सब्जियों की मुद्रास्फीति 63.04 प्रतिशत रही, जबकि सितंबर में यह 48.73 प्रतिशत थी। अक्टूबर में आलू और प्याज की मुद्रास्फीति क्रमशः 78.73 प्रतिशत और 39.25 प्रतिशत पर उच्च स्तर पर रही। ईंधन और बिजली में दिखा ये बदलाव खबर के मुताबिक, ईंधन और बिजली श्रेणी में अक्टूबर में 5. 79 प्रतिशत की अपस्फीति देखी गई, जबकि सितंबर में 4. 05 प्रतिशत की अपस्फीति थी। विनिर्मित वस्तुओं में, मुद्रास्फीति अक्टूबर में 1. 50 प्रतिशत रही, जबकि पिछले महीने यह 1 प्रतिशत थी। अक्टूबर महीने में थोक मुद्रास्फीति में लगातार दूसरे महीने वृद्धि देखी गई। अक्टूबर के स्तर से अधिक WPI पिछली बार जून 2024 में दर्ज की गई थी, जब यह 3. 43 प्रतिशत थी। खुदरा मुद्रास्फीति 14 महीने के उच्च स्तर पर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि अक्टूबर, 2024 में मुद्रास्फीति मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों, खाद्य उत्पादों के निर्माण, अन्य विनिर्माण, मशीनरी और उपकरणों के निर्माण, मोटर वाहनों, ट्रेलरों और अर्ध-ट्रेलरों आदि के मूल्यों में बढ़ोतरी के चलते होगी। सप्ताह की शुरुआत में जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों से पता चलता है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेज वृद्धि के साथ खुदरा मुद्रास्फीति 14 महीने के उच्च स्तर 6. 21 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह स्तर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ऊपरी सहनीय सीमा से अधिक है, जिससे दिसंबर में नीति समीक्षा बैठक में बेंचमार्क ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो सकता है। recent visitors 72

अफ्रीकी देश डोमिनिका PM मोदी को देगा अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, अवार्ड देने के पीछे की वजह जान लीजिए

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अफ्रीका यात्रा से पहले अफ्रीकी देश डोमिनिका ने पीएम मोदी को देश का सबसे बड़ा सम्मान देने की घोषणा की है। कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके समर्पण के सम्मान में डोमिनिका पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान करेगा। गुरुवार को एक विज्ञप्ति जारी कर यह ऐलान किया गया है कि डोमिनिका के राष्ट्रमंडल की अध्यक्ष सिल्वेनी बर्टन आगामी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह सम्मेलन 19 से 21 नवंबर तक गुयाना के जॉर्जटाउन में होने वाला है। गौरतलब है कि पीएम मोदी 16 से 21 नवंबर तक के लिए अफ्रीकी देशों के दौरे पर जा रहे हैं। डोमिनिका के प्रधानमंत्री स्केरिट ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ भी की है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी डोमिनिका के सच्चे साथी रहे हैं। खासकर वैश्विक स्वास्थ्य संकट के बीच हमारी जरूरत के समय में। उनके समर्थन के लिए हमारी कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में और हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रतिबिंब के रूप में उन्हें डोमिनिका का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करना सम्मान की बात है। हम इस साझेदारी को आगे बढ़ाने और अपने साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।” भारत नें भिजवाईं थी वैक्सीन की 70,000 खुराकें कोरोना महामारी के दौरान फरवरी 2021 में भारत ने डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70,000 खुराकें भिजवाईं थी। डोमिनिका ने कहा है कि इससे उन्हें अपने साथ साथ पड़ोसी कैरेबियाई देशों की मदद का भी अवसर मिला। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी में डोमिनिका के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को भी मान्यता देता है। क्या है ये अवार्ड जानिए कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका ने अपने लिखे पत्र में कहा कि डोमिनिका का राष्ट्रमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर प्रदान करेगा। यह पुरस्कार कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके समर्पण को मान्यता देता है। यह पुरस्कार गुयाना में आगामी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति सिल्वानी बर्टन की ओर से प्रदान किया जाएगा। भारत ने दी थी वैक्सीन पत्र में आगे कहा बताया गया कि फरवरी 2021 में, भारत ने उदारतापूर्वक डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70,000 खुराक दी थी, जिससे डोमिनिका अपने कैरेबियाई पड़ोसियों को समर्थन देने में सक्षम हुआ था। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और जलवायु लचीलापन-निर्माण पहल(Climate Resilience Building) में डोमिनिका के लिए भारत के समर्थन को भी स्वीकार करता है। कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका के पीएम ने जताया आभार प्रधानमंत्री स्केरिट ने वैश्विक स्वास्थ्य संकट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के महत्वपूर्ण समर्थन पर प्रकाश डालते हुए उनकी एकजुटता के लिए डोमिनिका का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे पीएम पुरस्कार की पेशकश को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्षों जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने इन मुद्दों को हल करने में डोमिनिका और कैरिबियन देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की बात को दोहराया भी है। पीएम मोदी डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट के साथ भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे जो भारत और कैरिकॉम सदस्य देशों के बीच सहयोग के लिए एक मंच है। प्रधानमंत्री मोदी ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्ष जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने इन मुद्दों से निपटने में डोमिनिका और कैरेबियाई देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। राष्ट्रपति सिल्वानी बर्टन और प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट दोनों साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा करने और भारत और कैरिकॉम के सदस्य देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। recent visitors 120

खालिस्तानियों ने कनाडा पर जताया अपना हक़, कहा- यह हमारा है, यहां के गोरे इंग्लैंड जाएं

कनाडा भारत-कनाडा के रिश्तों में जहर घोलने के बाद अब खालिस्तानियों ने कनाडा के लोगों को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कनाडा की सड़कों पर ‘नगर कीर्तन’ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में खालिस्तान समर्थक सारी हदें पार करते हुए कनाडा के लोगों को आक्रमणकारी कहते और उनसे इंग्लैंड और यूरोप वापस जाने की बात करते नजर आ रहे हैं। जुलूस में कैमरे के पीछे से एक व्यक्ति को कहते सुना जा सकता है, “ये कनाडा है। ये हमारा अपना देश है। आप वापस जाओ।" वहीं भारतीय सूत्रों ने इस घटना को कनाडा में इन दिनों आम घटना बताते हुए कहा है कि खालिस्तानी धीरे-धीरे देश के सभी पहलुओं पर कब्जा कर रहे हैं। वीडियो पोस्ट करते हुए एक स्थानीय नागरिक ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उसने लिखा, “खालिस्तानी सर्रे में मार्च करते हैं और दावा करते हैं कि हम कनाडा के मालिक हैं और गोरे लोगों को यूरोप और इजराइल वापस चले जाना चाहिए।” हम इन लोगों को अपनी विदेश नीति बनाने का अधिकार दे रहे हैं? वीडियो को 4 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और कनाडा के लोग इसपर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “गुड लक कनाडा। एक कहावत है, आस्तीन का सांप…।” वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, “अब इसे रोकना नामुमकिन है। सर्रे वेस्ट खालिस्तान बन जाएगा और जल्द ही गुरपतवंत पन्नू वेस्ट खालिस्तान का पीएम बनेगा।”   ‘स्थानीय लोगों के लिए बढ़ता खतरा’ भारतीय सूत्रों के हवाले से बताया, "कड़ी निगरानी के कमी के बीच खालिस्तानी स्थानीय कनाडाई लोगों पर भी नियंत्रण करना चाह रहे हैं। हिंदुओं से सुरक्षा के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं और अब उनकी कॉलोनियों में भी स्थानीय लोगों के लिए खतरा है।" हाल ही में कनाडा के मंदिरों में हिंदुओं पर हिंसक हमलों की घटनाओं में बढ़ोतरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बयान जारी कर जानबूझकर किए गए हमले की निंदा की है। इस बीच भारतीय खुफिया और सरकारी एजेंसियों का मानना ​​है कि ट्रूडो अगले साल के चुनाव में सांसद जगमीत सिंह का समर्थन सुनिश्चित करने के लिए खालिस्तानी समूहों का समर्थन कर रहे हैं क्योंकि उनकी लोकप्रियता रैंकिंग में गिरावट आई है और वे अपनी सरकार बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।   ट्रूडो का स्वार्थ गौरतलब है कि पिछले साल कनाडा ने भारत पर खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए थे जिसके बाद भारत और कनाडा के रिश्ते निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने दावा किया कि कनाडाई पुलिस जून 2023 की हत्या में भारतीय एजेंटों और भारत सरकार की प्रत्यक्ष संलिप्तता के आरोपों की जांच कर रही है जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के शीर्ष राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है। भारत ने आरोपों को खारिज करते हुए बेतुका बताया है और जस्टिन ट्रूडो पर खालिस्तानियों को पनाह देने का आरोप लगाया है जो न केवल भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं बल्कि कनाडा की धरती पर हिंदुओं पर हमले भी कर रहे हैं। recent visitors 69

दिल्ली में धुंध के कारण उड़ानें प्रभावित, दिल्ली हवाई अड्डे पर 300 से अधिक उड़ानें विलंबित

नई दिल्ली गुरुवार को दिल्ली में घने कोहरे और धुंध के कारण हवाई यातायात पर असर पड़ा। इस कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर कई उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। फ्लाइट ट्रैकर वेबसाइट फ्लाइटराडार 24 के अनुसार, दिल्ली हवाई अड्डे पर 300 से अधिक उड़ानें विलंबित हो गई हैं। वेबसाइट के मुताबिक, सुबह 12 बजे तक दिल्ली आने वाली कुल 115 उड़ानें और राष्ट्रीय राजधानी से प्रस्थान करने वाली 226 उड़ानें देरी से चल रही हैं। फिलहाल, दिल्ली में आ रही उड़ानों में औसतन 17 मिनट की देरी हो रही है, जबकि उड़ानों के प्रस्थान में औसतन 54 मिनट की देरी हो रही है। दिल्ली हवाई अड्डे ने यात्रियों के लिए एक सलाह जारी करते हुए कहा कि कम दृश्यता के कारण हवाईअड्डे पर कुछ परिचालन समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। एयरपोर्ट ने ट्वीट किया, "दिल्ली हवाई अड्डे पर कम दृश्यता की प्रक्रिया चल रही है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी उड़ान की ताजा जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें।" इस स्थिति के कारण यात्रियों को हवाई अड्डे पर अतिरिक्त समय बिताने और उड़ानों के बारे में अपडेट्स प्राप्त करने की सलाह दी जा रही है। recent visitors 69

ट्रंप एलन मस्क की नजदीकी से हुए परेशान ! बोले- पीछा नहीं छुड़ा पा रहा..वो घर ही नहीं जाते

वाशिंगटन अमेरिका के आगामी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके करीबी साथी एलन मस्क के बीच हाल ही की घटनाओं में कई दिलचस्प मोड़ देखने को मिले हैं। MSNBC के लॉरेंस ओ’डॉनेल ने बताया कि एलन मस्क को ट्रंप ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से मजाक का पात्र बनाया, जब उन्होंने रिपब्लिकन हाउस सदस्यों के सामने मजाक में कहा, “एलन घर ही नहीं जाते। मैं उनसे पीछा नहीं छुड़ा पा रहा हूँ।” इस टिप्पणी के जरिए ट्रंप ने यह दर्शाया कि मस्क का लगातार मौजूद रहना उनके और उनकी टीम के लिए असुविधाजनक हो रहा है। ट्रंप ने हाल ही में एलन मस्क को विवेक रामास्वामी के साथ मिलकर "सरकारी दक्षता विभाग" का सह-प्रमुख बनाने की घोषणा की। इस नई जिम्मेदारी के जरिए मस्क और ट्रंप के बीच की नजदीकी को और भी मजबूती मिली। हालांकि, ट्रंप की टीम में मस्क के प्रति कुछ असंतोष भी उभरने लगा है। उनके टीम के कई सदस्यों का मानना है कि मस्क, ट्रंप के प्रशासन में अपनी भूमिका को जरूरत से ज्यादा महत्वपूर्ण दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मस्क चुनाव परिणाम आने के बाद से लगातार फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में मौजूद हैं। उनकी उपस्थिति इतनी ज्यादा रही है कि ट्रंप के कई करीबी साथी इस बात से असहज हो रहे हैं। इन सूत्रों के अनुसार, मस्क ने ट्रंप के विभिन्न महत्वपूर्ण कॉल और बैठकों में भी हिस्सा लिया है, जिनमें से एक कॉल यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के साथ भी था। इस स्थिति को लेकर एक व्यक्ति ने कहा, "वो ऐसे बर्ताव कर रहे हैं मानो वो सह-राष्ट्रपति हों, और हर किसी को यह बताना चाहते हैं कि उनका ट्रंप प्रशासन में कितना योगदान है।" हालांकि मस्क ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनके करीबी सूत्रों का मानना है कि वो ट्रंप प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी लगातार उपस्थिति और हर मुद्दे पर उनकी राय देना इस बात का संकेत है कि वो खुद को ट्रंप प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। सूत्रों का कहना है कि मस्क ट्रंप के राष्ट्रपति बनने में अपनी भूमिका का बखान करते हुए हर किसी से अपनी ‘अमेरिका पीएसी’ और ‘एक्स’ जैसी योजनाओं की चर्चा करते रहे हैं। उन्होंने खुद को ट्रंप के लिए आवश्यक और अपरिहार्य दिखाने का प्रयास किया है, हालांकि ट्रंप को "किसी का कर्जदार" नहीं बनना पसंद है। एक स्रोत ने बताया, “मस्क हर मुद्दे पर अपनी राय देने के लिए तत्पर रहते हैं और इतनी जोर से अपनी बातें रखते हैं कि उन्होंने ट्रंप के कई करीबियों को चिढ़ाना शुरू कर दिया है। वो हर फैसले में अपनी मौजूदगी को दिखाना चाहते हैं, भले ही उनका कोई सीधा योगदान न हो।” हालांकि मस्क की इस बढ़ी हुई उपस्थिति के कारण ट्रंप के करीबी हलकों में नाराजगी है, फिर भी ट्रंप की ट्रांज़िशन टीम ने आधिकारिक बयान में मस्क की सराहना की। ट्रंप-वांस ट्रांज़िशन की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा, “एलन मस्क और राष्ट्रपति ट्रंप महान दोस्त और कुशल नेता हैं, जो मिलकर अमेरिका को महान बनाने का प्रयास कर रहे हैं। एलन मस्क एक असाधारण बिजनेस लीडर हैं, और उनका सरकारी प्रक्रियाओं में योगदान निश्चित रूप से हमारे ब्यूरोक्रेसी में सुधार लाएगा।”एक अन्य प्रवक्ता एना केली ने भी मस्क को “प्रतिभाशाली और नवाचारी” बताया और कहा कि मस्क ने अपने विचारों और अनुभव से अमेरिका के भविष्य को सुधारने का संकल्प लिया है।   recent visitors 84