Tuesday, July 7, 2026 6:56 am

बुंदेलखंड की शान: डॉ. हरीसिंह गौर की जयंती पर बुंदेली परंपरा और युवा उत्सव का संगम, सोहर’ गाएंगी महिलाएं

Pride of Bundelkhand: On the birth anniversary of Dr. Harisingh Gaur, women will sing ‘Sohar’, a confluence of Bundeli tradition and youth festival. सागर ! बुंदेलखंड की शान डॉ. हरीसिंह गौर का जन्मदिन इस बार बुंदेली परंपरा से मनाया जाएगा. अपने जीवन भर की जमापूंजी दान कर बुंदेलखंड में आजादी के पहले यूनिवर्सटी की सौगात देने वाले महान कानूनविद और शिक्षाविद डॉ. हरीसिंह गौर की जयंती इस बार ‘गौर गौरव उत्सव’ के रूप में मनाई जाएगी. खास बात ये है कि 26 नवम्बर को उनके जन्मदिन के साथ ही सेंट्रल जोन की यूनिवर्सिटीज का यूथ फेस्टिवल सागर यूनिवर्सटी में शुरू होगा, जो गौर गौरव उत्सव का हिस्सा होगा. इस तरह करीब 100 यूनिवर्सटी के 1500 छात्र-छात्राएं अपनी कला का प्रदर्शन कर डॉ. सर हरीसिंह गौर की जयंती मनाएंगे. बुंदेली परंपरा के साथ जन्मदिन डॉ. हरीसिंह गौर जयंती को बुंदेली परम्परा के अनुसार मनाया जाएगा. दरअसल, बुंदेलखंड में किसी शिशु के जन्म लेने पर ननिहाल पक्ष जो उपहार लेकर पहुंचता है, उसे ‘पच’ कहते हैं. तो यहां के लोग 500 किताबें पच में लेकर पहुंचेंगे. वहीं बुंदेलखंड की ग्रामीण महिलाएं ‘सोहर’ गाएंगी और ग्रामीण इलाकों में शिशु के जन्म पर आयोजित होने वाले गनता (जन्मोत्सव) में बुंदेली राई नृत्य भी देखने मिलेगा. डॉ. हरी सिंह गौर की 155वीं जयंती सागर शहर ही नहीं बल्कि पूरे बुंदेलखंड के लिए डॉ. सर हरीसिंह गौर की जयंती किसी उत्सव से कम नहीं होती है. सागर जहां उन्होंने अपने जीवन की जमापूंजी दान करके यूनिवर्सटी की स्थापना की वहां पर सार्वजनिक अवकाश के साथ सुबह से ही गौर जयंती पर एक से बढ़कर एक कार्यक्रम आयोजित होते हैं. इसी कड़ी में इस बार सुखद संयोग बना है कि गौर जयंती के साथ ही सेंट्रल जोन के यूथ फेस्टिवल का आयोजन करने का मौका सागर यूनिवर्सटी को मिला है. ये यूथ फेस्टिवल भी 26 नवम्बर को गौर जयंती के साथ शुरू होगा. कार्निवाल के अंदाज में निकलेगी विशाल रैली डॉ. हरीसिंह गौर के जन्मदिन पर परम्परा है कि यूनिवर्सटी में उनकी जयंती मनाए जाने के पहले गौर मूर्ति पर माल्यार्पण कर प्रभात फेरी निकलती है. इसमें शहर के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विश्वविद्यालय परिवार और बड़ा संख्या में स्थानीय लोग शामिल होते हैं. सभी यूनिवर्सिटी में डाॅ. गौर की समाधि तक पैदल जाते हैं, जहां श्रृद्धाजंलि अर्पित करने के बाद मुख्य कार्यक्रम आयोजित होता है. इस बार दोपहर में विशाल रैली निकलेगी, जिसमें यूथ फेस्टिवल में पहुंचने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राएं अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए नाचते गाते जाएंगे. वहीं स्थानीय सामाजिक, सांस्कृतिक संस्थाएं भी शामिल होंगी और कार्निवाल की माहौल होगा. क्या है तैयारी? सागर यूनिवर्सटी के सांस्कृतिक संयोजक बताते हैं, ” हम लोगों के पितामह की 155वीं जयंती पर हम लोग गौर गौरव उत्सव करने जा रहे हैं. इसमें सेंट्रल जोन के 12 से 15 सौ छात्र कलाकार यूथ फेस्टिवल में शिरकत करेंगे. इस अवसर पर 26 नवम्बर को दोपहर दो बजे गौर मूर्ति से रैली निकलने वाली है, जिसमें सभी सहभागी छात्र पारम्परिक वेशभूषा में अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे. जहां तक बुंदेली परम्परा की बात करें, तो यहां के लोकनृत्य, लोकगीत देखने सुनने मिलेंगे. हमारी ग्रामीण अंचल की महिलाएं डॉ. गौर के जन्मदिन पर सोहर गाएंगी. उनके जन्मदिन पर ये नया प्रयोग है.” recent visitors 325

1000 साल की अवधि में भारत विज्ञान में पीछे रह गया, उस दिशा में सोच ही विकसित नहीं हो सकी: नारायणमूर्ति

बेंगलुरु आईटी कंपनी इन्फोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति का कहना है कि भारत यदि विज्ञान पिछड़ गया तो इसकी वजह यह रही 1000 साल तक हमलावरों का राज रहा। उन्होंने कहा कि 1000 साल की अवधि में भारत को विज्ञान में पीछे रह गया और यहां माहौल ऐसा रहा कि युवाओं की उस दिशा में सोच ही विकसित नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि 1000 ईसवी से 1947 तक का काल ऐसा था, जिसमें साइंस को लेकर सोच विकसित नहीं हो सकी। इस दौरान साइंस को लेकर विचार नहीं पनपा और विश्लेषणात्मक सोच का अभाव रहा। यही कारण रहा कि इस अवधि में भारत में नवाचार, आविष्कार या शोध नहीं दिखते। नारायणमूर्ति ने 2024 इन्फोसिस साइंस प्राइजेज सेरेमनी के दौरान दिए वर्चुअल भाषण में ये बातें कहीं। इजरायल के पूर्व नेता शिमोन पेरेज के भाषण का भी उन्होंने जिक्र किया। पेरेज ने कहा था, 'इज़राइल में हमने अपनी सबसे बड़ी धरोहर को पहचाना है और वह हमारा दिमाग। हमने रचनात्मकता, नवाचार और नए आविष्कारों के माध्यम से बंजर रेगिस्तानों को फलते-फूलते खेतों में बदल दिया और विज्ञान और प्रौद्योगिकी को नई ऊंचाइयां दीं और दुनिया का नेतृत्व किया।' मूर्ति ने कहा किसी भी देश के विकास के लिए ऐसे विचार क्रांतिकारी हैं। इसके आगे वह कहते हैं कि इतिहास बताता है कि एक दौर में भारत गणित, विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, इंजीनियरिंग, मेडिसिन और सर्जरी में अग्रणी था। वैदिक काल से तब तक ऐसी स्थिति थी, जब तक हमलावरों ने भारत पर आकर कब्जा नहीं किया। 700 से 1520 ई. तक उज्बेकिस्तान से अफगानिस्तान तक के हमलवारों ने अटैक किए और यहां सत्ता भी कायम की। इसके बाद अंग्रेज आ गए, जिन्होंने भारत को अपना उपनिवेश ही बना लिया था। उन्होंने कहा कि जो हमलावर आए थे, उनका साइंस, मैथ से कोई लेना-देना नहीं था। हालांकि उनकी तुलना में अंग्रेजों ने भारतीयों को महत्वाकांक्षी कामों के लिए कुछ हद तक प्रोत्साहित भी किया। वह कहते हैं कि हमारी प्रोग्रेस धीमी रही है। इसका कारण था कि हमारी युवा पीढ़ी पर बीते दौर की छाप थी। जिज्ञासु दिमागों की कमी हो गई। विश्लेषणात्मक सोच एवं नवाचार का विचार पहले जैसा नहीं रहा। समस्या को समझना और उसका हल निकालना, यह विचार कम दिखा। वह कहते हैं कि स्वतंत्रता के बाद भारत में विज्ञान की दोबारा शुरुआत हुई और इतने कम अरसे में ही हमने दिखाया है कि साइंस के माध्यम से क्या-क्या बदला जा सकता है। इसे अभी और विस्तार देने की जरूरत है। recent visitors 55

भोपाल डिप्टी कलेक्टर पर दुष्कर्म का आरोप, महिला का कहना शादी का झांसा देकर किया रेप, देर रात हुई एफआईआर

भोपाल राजधानी भोपाल में पदस्थ डेप्युटी कलेक्टर पर रेप का केस दर्ज हुआ है। उन्होंने राजगढ़ जिले में पदस्थ एक महिला कर्मचारी के साथ शादी के नाम पर रेप किया है। डेप्युटी कलेक्टर पर आरोप है कि शादी का झांसा देकर दो साल तक महिला के साथ संबंध बनाते रहे। इस दौरान महिला को डेप्युटी कलेक्टर ने भोपाल भी बुलवाया है। भोपाल स्थित गेस्ट हाउस में महिला को रुकवाया। बाद में डेप्युटी कलेक्टर शादी से मुकर गए। रात 11 बजे के करीब दर्ज हुआ केस महिला की शिकायत पर डेप्युटी कलेक्टर से करीब 13 घंटे तक पूछताछ हुई है। इसके बाद रात 11 बजे डेप्युटी कलेक्टर राजेश सोरते पर एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के बाद डेप्युटी कलेक्टर की गिरफ्तारी भी हो सकती है। आरोप है कि डेप्युटी कलेक्टर राजेश सोरते जब राजगढ़ जिले में तहसीलदार के पद पर पदस्थ थे तो महिला कर्मचारी से शादी का वादा कर संबंध बनाए थे। शादी से मुकर गए दो सालों तक रिश्ते में रहने के बाद डेप्युटी कलेक्टर राजेश सोरते शादी से मुकर गए। इसके बाद महिला कर्मचारी आरपार के मूड में आ गई। महिला कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दी थी। शिकायत करने के बाद 15 दिन डेप्युटी कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में लग गए। यह केस पचोर थाने में दर्ज हुआ, यह राजगढ़ जिले में है। बताया जा रहा है कि पचोर थाने में महिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इसके बाद देर रात डेप्युटी कलेक्टर पर केस दर्ज हुआ है। महिला कर्मी ने कहा कि डेप्युटी कलेक्टर दो साल तक अलग-अलग जगहों पर संबंध बनाते रहे हैं। भोपाल स्थित बंगले पर भी बुलाया। इसके साथ ही सर्किट हाउस भी बुक करवाया था। शादी की बात आने पर उन्होंने दूरी बना ली। तहसीलदार अपने चैंबर में बार-बार बुलाते थे पीड़ित महिला ने बताया कि 24 साल पहले शादी हुई थी। एक बेटा भी है। साल 2014 में पति की मौत के छह साल बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली। 2022 में राजेश सोरते ने बतौर तहसीलदार जाॅइन किया। कुछ दिन तो ठीक-ठाक चला। बाद में तहसीलदार अपने चैंबर में मुझे बार-बार बुलाते थे। वह बुलाने का बहाना ढूंढते थे। एक रात में मुझे कॉल किया। मैं घबरा गई। सोचा कि ऐसी क्या गलती हो गई, जो इतने समय साहब का कॉल आया है। फिर उन्होंने हालचाल पूछा। सामान्य बातचीत के बाद कॉल कट कर दिया। कुछ दिन बाद तहसीलदार काम करने सरकारी बंगले पर बुला लेते। यहां साफ-सफाई, खाना पकाने का काम करती थी। प्रेम जाल में फंसाया, फिर डेढ़ साल तक रेप एक दिन वह रसोई में आ गए। मुझे हाथ लगाने लगे। मैं घबराकर रोने लगी। कहा कि यह गलत है। उन्होंने कहा- मेरा भी दुनिया में कोई नहीं है। मैं तुम्हारा बुरा नहीं चाहूंगा। तलाकशुदा हूं। बीवी-बच्चे नहीं हैं। परेशान हूं। मुझे तुम्हारी मदद चाहिए। मैं भी तुम्हारी मदद करूंगा। बिना जवाब दिए मैं चली गई। दो–चार दिन तक टालती रही। फिर बोलने लगे कि तुम्हारी अनुकंपा नियुक्ति है। काम ज्यादा दे देंगे। छुटि्टयां नहीं मिलेंगी। नौकरी से निकलवा दूंगा। जैसा मैं कहता हूं, वैसा करो। मेरे सामने दूसरी महिलाकर्मियों को बुरी तरह डांटा। यह देखकर मैं डर गई। सोचा, काम से निकाल दिया, तो क्या करूंगी। दबाव में फिर काम करने लगी। बोलचाल बढ़ने लगी। घर से परेशान थी। अकेली भी थी, तो बातों में आ गई।’   recent visitors 63

आज देव दिवाली पर शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त 2 घंटे 37 मिनट का

 कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध कर देवताओं को स्वर्ग पुनः प्रदान किया और इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु ने मत्स्य अवतार धारण कर प्रलय काल में धरती पर जीवन की रक्षा की। इस दिन को देव दिवाली नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवता धरती पर विराजते हैं। दीपक को प्रज्वलित करके उचित स्थान पर रखना दीपदान कहलाता है। देव दिवाली के दिन देव स्थान परदीपक लगानेको दीपदान कहा जाता है। देव दिवाली पूजन शुभ मुहुर्त– पूर्णिमा तिथि 15 नवंबर को सुबह 06 बजकर 19 मिनट पर प्रारंभ हो गई है और 16 नवंबर को सुबह 02 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगी। प्रदोष काल देव दिवाली का मुहूर्त शाम 05 बजकर 10 मिनट से शाम 07 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 02 घंटे 37 मिनट की है। कृतिका नक्षत्र में पर्व-ज्योतिषविद् ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 15 नवंबर को प्रात 06 20 बजे से रात 02 59 बजे तक रहेगी। भरणी नक्षत्र 14 नवंबर को मध्यरात्रि के बाद 12:33 बजे से लग जाएगा जो 15 नवंबर की रात 09:55 बजे तक रहेगा। फिर कृतिका नक्षत्र आरंभ होगा। देव दिवाली से जुड़े हैं तीन पौराणिक प्रसंग– देव दीपावली के उत्सव से तीन पौराणिक प्रसंग जुड़े हैं। यह प्रसंग शिव, पार्वती और विष्णु पर केंद्रित हैं। पौराणिक मान्यता यह है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही देवाधिदेव महादेव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। इसी दिन दुर्गारूपिणी पार्वती ने भी महिषासुर का वध करने के लिए शक्ति अर्जित की थी। इसी दिन सायंकाल गोधूली बेला में भगवान विष्णु ने मत्स्यावतार लिया था। इन तीनों ही अवसरों पर देवताओं ने काशी में दीपावली मनाई थी। भृगु संहिता विशेषज्ञ पं. वेदमूर्ति शास्त्री के अनुसार इस दिन देवाधिदेव महादेव और भगवान विष्णु के साथ ही शिवपुत्र कार्तिकेय की पूजा का विशेष महात्म्य है। recent visitors 151

सराय काले खां बस अड्डे के बाहर चौक का नाम बिरसा मुंडा चौक किया गया

नई दिल्ली झारखंड में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को संपन्न हो चुका है और दूसरे चरण के तहत 20 नवंबर को मतदान होगा। झारखंड में तो चुनावी पारा चढ़ा ही है। अब दिल्ली से भी झारखंड को साधने की कोशिश हो रही है। दिल्ली में सराय काले खां बस अड्डे के बाहर बड़े चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर रख दिया गया है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज यानी शुक्रवार 15 नवंबर को इसकी घोषणा की। यहां बिरसा मुंडा की प्रतिमा भी लगाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया ऐलान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, "मैं आज घोषणा कर रहा हूं कि यहां आईएसबीटी बस स्टैंड के बाहर बड़े चौक को भगवान बिरसा मुंडा के नाम से जाना जाएगा। इस प्रतिमा और उस चौक का नाम देखकर न केवल दिल्ली के नागरिक बल्कि बस स्टैंड पर आने वाले लोग भी निश्चित रूप से उनके जीवन से प्रेरित होंगे।" बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में बिरसा मुंडा की जयंती के मौके पर उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, "अभी हमारे एलजी साहब ने मुझे बताया कि ये 30 हज़ार हेक्टेयर ज़मीन जिस पर ये बांसेरा बनाया गया है, कभी कूड़े का ढेर हुआ करता था और आज यहां लाखों पक्षी आते हैं। जब कोई सरकार लोगों और समाज के कल्याण को ध्यान में रखकर आती है, तो ये उसका उत्तम उदाहरण है…" उन्होंने कहा, इस चौक का नाम भगवान बिरसा मुंडा के नाम से रखा जाता है, ताकि दिल्ली के नागरिक, न सिर्फ दिल्ली के नागरिक, बल्कि अन्य प्रांतों से भी यहां पर आने-जाने वाले लोग जब यहां से गुजरेंगे तो इस प्रतिमा का दर्शन और उस चौक का नाम उनके नाम होने से, उनके जीवन से हमेशा-हमेशा के लिए हमें प्रेरणा मिलती रहेगी। recent visitors 124

राजस्थान के मौसम में तगड़ा बदलाव, 17 नवंबर के बाद पड़ेगी जबरदस्त ठंड!

जयपुर  राजस्थान में तापमान में गिरावट के साथ ही कोहरे का असर भी दिखने लगा है. बीते 14 नवंबर को बीकानेर, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में अति घना कोहरा दर्ज किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक आगामी दिनों में मौसम शुष्क  रहेगा. साथ ही बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में आगामी 3 दिन घना कोहरा छाने की संभावना है. ठंड की बात करें तो फिलहाल पश्चिम विक्षोभ नहीं आया है, जिससे तापमान में भारी गिरावट नहीं हुई है. राजस्थान (Rajasthan) ही नहीं, बल्कि पूरे देश में तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दिख रहा है. आगामी 17 नवंबर से ठंड बढ़ने की संभावना. न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक गिरावट की संभावना है. अजमेर में 32.8 तो गंगानगर में 25.2 डिग्री तापमान कई जिलों में अधिकमत तापमान 35 डिग्री से कम है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी गिरावट हुई है. अजमेर में अधिकतम तापमान 32.8, भीलवाड़ा में 32.3, अलवर में 30.5 डिग्री, जयपुर में 32.4, सीकर में 30.5, कोटा में 32.7, चित्तौड़गढ़ में 33.8, धौलपुर में 33.8, सिरोही में 33.6, करौली में 31.6, जैसलमेर में 33.1, जोधपुर में 34.2, बीकानेर में 32, चूरू में 32.5, फलोदी में 31.8, गंगानगर में 25.2 और जालौर में 34 डिग्री अधिकतम तापमान है. अगले कुछ राजधानी जयपुर में कुछ ऐसा रहेगा मौसम अगले कुछ दिन राजधानी में भी पारा लुढ़कने की संभावना है. जयपुर में आगामी 19 नवंबर तक न्यूनतम पारा 3 डिग्री तक गिरकर 15 डिग्री तक पहुंच सकता सकता है. जबकि 15 और 16 नवंबर को पारा 16 डिग्री तक रहने की संभावना है. recent visitors 73

शादी सीजन में राहत सोना-चांदी हुआ सस्ता ₹5000 तक गिर गया गोल्ड का भाव, चेक करें सिटी वाइज लेटेस्ट रेट

मुंबई शेयर बाजार (Share Market) में बीते कुछ दिनों से बड़ी गिरावट देखने को मिली है. गुरुवार को भी Sensex-Nifty ने तेज शुरुआत की और कुछ देर बाद फिर से गिरावट में कारोबार करता दिखाई दिया. लेकिन सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, सोना (Gold) भी लगातार टूट रहा है. Gold Rates में बीते 1 नवंबर से अब तक यानी दो हफ्ते में ही 5000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. आइए जानते हैं क्या है आज 24 कैरेट गोल्ड का ताजा रेट… लगातार सस्ता हो रहा सोना सोने की कीमतों में इस साल बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला है. एक ओर जहां मोदी 3.0 का पहला बजट (Union Budget 2024) पेश होने के दौरान सरकार की ओर से सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी हटाने का ऐलान किए जाने के बाद ये भरभराकर टूटा था, तो इसके अगले ही महीने से Gold Price ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए शिखर पर पहुंच गया. लेकिन बीते दो हफ्तों से Gold Rate में गिरावट दर्ज की गई है. गुरुवार को ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड के रेट में 700 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई. दो हफ्ते में इतना घटा Gold Rate एमसीएक्स (MCX) पर सोने की कीमतों में बीते दो हफ्ते में हुए बदलाव पर नजर डालें, तो महीने की शुरुआत में यानी 1 नवंबर को पांच दिसंबर की एक्सपायरी वाला Gold Rate 78,867 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, लेकिन गुरुवार 14 नवंबर 2024 मतलब आज ये गिरकर 73,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इस हिसाब से देखें तो सोने की कीमत में 1 से 14 नवंबर के दौरान 5,117 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की बड़ी गिरावट (Gold Price Fall) आई है. घरेलू मार्केट में क्या चल रहा सोने का भाव मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के साथ ही घरेलू मार्केट में भी सोने की कीमत (Gold Price) में गिरावट देखने को मिली है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोशियएसन (IBJA) की वेबसाइट के मुताबिक, बीते 1 नवंबर फाइन गोल्ड (999) की कीमत 81 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई थी, लेकिन अब इसका भाव कम होकर 75,260 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. मतलब 24 कैरेट गोल्ड के रेट में दो हफ्ते में 6000 रुपये स् ज्यादा की कमी आई है. अन्य क्वालिटी के गोल्ड की घरेलू मार्केट में कीमत पर नजर डालें तो… क्वालिटी        दाम (IBJA के मुताबिक) 24 कैरेट        75,260 रुपये/10 ग्राम 22 कैरेट        73,450 रुपये/10 ग्राम 20 कैरेट        66,980 रुपये/10 ग्राम 18 कैरेट        60,960 रुपये/10 ग्राम गौरतलब है कि घरेलू मार्केट में सोने का ये दाम 3 फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज के बिना हैं. मेकिंग चार्ज अलग-अलग होते हैं और इसके चलते देश के तमाम शहरों में सोने की कीमत में बदलाव देखने को मिलता है. Budget के बाद भरभराकर टूटा था सोना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बीते 23 जुलाई को संसद में मोदी 3.0 का बजट पेश करने के बाद अचानक सोने की कीमत में बड़ी गिरावट क्यों देखने को मिली थी? तो बता दें कि बजट में कई बदलावों का ऐलान हुआ था और इनमें से एक Gold-Silver से जुड़ा हुआ था. दरअसल, सरकार ने गोल्ड पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया और इसका असर बजट वाले दिन ही सोने के भाव में करीब 4000 रुपये की गिरावट के रूप में देखने को मिला था और ये गिरावट कई दिनों तक जारी रही थी. ऐसे चेक करें Gold की शुद्धता बता दें कि देश भर में सोने के आभूषणों की कीमत उत्पाद शुल्क, राज्यों के कर और मेकिंग चार्ज के कारण बदलती रहती है. यहां बता दें कि आभूषण बनाने के लिए ज्यादातर 22 कैरेट का ही इस्तेमाल होता है, वहीं कुछ लोग 18 कैरेट सोने का भी इस्तेमाल करते हैं. आभूषण पर कैरेट के हिसाब से हॉल मार्क दर्ज होता है. 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999 लिखा होता है, जबकि 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है.   recent visitors 232