Wednesday, July 8, 2026 6:53 am

यूट्यूबर सौरभ जोशी से गैंग ने मांगी फिरौती, परिवार के एक सदस्य को मारने की दी धमकी

हल्द्वानी उत्तराखंड के फेमस यूट्यूबर सौरभ जोशी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने पत्र भेजकर नकद दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी है। वहीं, पांच दिन में पैसा नहीं देने पर परिवार के एक सदस्य को जान से मार देने की भी धमकी दी गई है। इस मामले में हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा जोशी को धमकी मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुट गई हैं। सौरभ जोशी की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने जानकारी दी है कि ओलिविया रामपुर रोड हल्द्वानी निवासी यूट्यूबर सौरभ जोशी ने पुलिस को तहरीर सौंपी है। इसमें कहा गया है कि उन्हें एक धमकी भरा पत्र मिला जिसमें 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई है। साथ ही रकम नहीं देने पर परिवार के एक सदस्य को जान से मारने की धमकी दी गई है। सौरभ ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि वह बहुत भयभीत हैं। उधर पुलिस ने सौरभ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सौरभ जोशी के इंस्टाग्राम पेज पर भी धमकी दी गई है। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पत्र में ये लिखा है – “नमस्ते  सौरव जोशी, मैं करन बिश्नोई ,लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हूं , यह पत्र आपको एक महत्वपूर्ण सूचना देने के लिए भेजा जा रहा है। हमारे बॉस लॉरेंस बिश्नोई ने आपको हमारी गैंग को दो करोड़ रुपये नकद देने का आदेश दिया है। यदि आप नकद राशि नहीं देते है तो आपको या आपके परिवार के किसी भी सदस्य को मारने का आदेश दिया गया है। वहीं, आगे पत्र में लिखा है कि "हम पांच दिन तक आपके जवाब का इंतजार करेगें। यदि आपने कोई भी जवाब नही दिया या फिर पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की या इस बात को अपने परिवार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से साझा किया तो आपके परिवार से एक सदस्य कम हो जाऐगा।" पत्र में लिखा कि, "हम आपके जवाब का इंतजार करेंगे और दुआ करेंगे कि आप सही फैसला ले क्योंकि एक भी गलत कदम आपके परिवार की जान ले सकता है। यदि आपको हमसे बात करनी हो तो हम आपको हमारा इंस्टाग्राम आईडी दे रहे है। जिसे हमारी गैंग ऑपरेट करती है karanbishnoi5672, जय महाकाल” मामले की जांच में जुटी पुलिस वहीं, इस मामले में एसपी सिटी हल्द्वानी का कहना है कि यूट्यूबर सौरभ जोशी की तहरीर के आधार पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसी के साथ ही एसपी ने कहा कि पुलिस जांच में जुट गई है। इसके अतिरिक्त शीघ्र ही पुलिस द्वारा मामले का पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया है। recent visitors 185

सफल होने के साथ जीवन में रहना चाहिए तनाव मुक्त

आम आदमी अपने दिन का पूरा समय इन दो जगहों पर बिताता है वो है घर या फिर दफ्तर में। जैसी व्यक्ति की संगति होती है वैसी ही उसकी मति हो जाती है। इसलिए जरूरी होता है कि व्यक्ति हमेशा अपने लिए सही वातावरण चुनना चाहिए, जिससे वह सही पथ पर चले। आचार्य प्रशांत के अनुसार, एक व्यक्ति किस आधार पर विवाह करता है या फिर कैसी संगति चुनता है। यह महत्व की बात है कि वह व्यक्ति किसके साथ रह रहा है। आप चाहे विवाह करके रह रहे हो या फिर बिना विवाह करके अपनी जीवन व्यय कर रहा हो। ऐसे में व्यक्ति को जरूर हमेशा याद रखना चाहिए कि वह अपने जीवनसाथी  का चयन किस आधार पर कर रहा है। हर एक छोटी बात जैसे कि वह व्यक्ति अब से लगातार मेरे कमरे में रहेगा? किसके शब्द लगातार पड़ने लग गए हैं तुम्हारे कानों में? इन चीजों को याद करके ही निर्णय लेना चाहिए। क्योंकि इसी बात पर तुम्हारी जिंदगी या तो बन जाएगी या बिल्कुल बर्बाद हो जाएगी। आचार्य प्रशांत आगे कहते हैं कि यहीं बात दफ्तर के लिए है कि दिन के आठ से दस घंटे आप किन लोगों की शक्लें देखते हैं या आर अपना बॉस बोलते हो, वो यूं ही है कोई सड़क का आदमी जो तुम्हारी जिंदगी पर अब अधिकार रखने लग गया है तो तुम बर्बाद हो जाओगे। यही बात दफ्तर के माहौल पर और धंधे की प्रकृति पर लागू होती है। तुम्हारी संस्था किस तरह का व्यवसाय करती है और तुम्हारे काम में किस तरह के लोग लगे हुए हैं? ये कोई छोटी बात है क्या? यही तो जिंदगी है । एक व्यक्ति दिनभर की रोजमर्रा वाली जिंदगी में क्या देख रहा है? क्या सुन रहे हो? क्या खा रहा है? क्या पी रहे हो? क्या सोच रहे हो? किस दिशा में कर्म कर रहे हो? कहां से तुम्हारी प्रेरणाएं आ रही हैं? हर एक चीज को व्यक्ति को साधारण लेना चाहिए। किसी भी चीज को ज्यादा महत्व देने से बचना चाहिए। क्योंकि अगर व्यक्ति इन दो मुद्दों शादी और नौकरी के प्रति अति गंभीर रहेगा।  अगर आपने दोनों परीक्षाएं पार कर लीं वो जीवन में उत्तीर्ण हो गया। ऐसे में व्यक्ति को हर काम में सफलता पाने के साथ तनावमुक्त जीवन जिएंगा। recent visitors 69

AAP से इस्तीफा देकर BJP में शामिल हुए कैलाश गहलोत, बोले- ED-CBI के दबाव में नहीं बदली है पार्टी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे चुके कैलाश गहलोत आज बीजेपी में शामिल हो गए हैं. उन्होंने बीजेपी हेडक्वार्टर में आधिकारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ली. कैलाश गहलोत ने बीजेपी नेता मनोहर लाल खट्टर, दुष्यंत गौतम और हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ली. बीजेपी में शामिल होने के बाद गहलोत ने कहा कि आम आदमी पार्टी छोड़ना आसान नहीं था. यह फैसला मैंने एक रात में नहीं लिया. गहलोत ने कहा कि जो लोग ये नैरेटिव बना रहे हैं कि मैंने किसी के दबाव में आकर यह फैसला लिया है तो यह गलत है. मैंने आज तक किसी के भी दबाव में कोई काम नहीं किया. 2015 से मेरे राजनीतिक जीवन में मैंने कभी किसी के दबाव में कुछ काम नहीं किया. ये गलतफहमी है. कैलाश गहलोत ने कहा कि ये जो नैरेटिव बनाया जा रहा है कि मैंने ईडी या सीबीआई के दबाव में आम आदमी पार्टी छोड़ी है तो ये गलत है. मैं पेशे से वकील हूं. मैं वकालत छोड़कर आम आदमी पार्टी से जुड़ा था क्योंकि हमें एक पार्टी में एक व्यक्ति में उम्मीद नजर आई थी. मेरा मकसद सिर्फ लोगों की सेवा करना था. उन्होंने एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था. इस बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक ने गहलोत के बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर कहा है कि यह उनकी (गहलोत) मर्जी है, वह जहां भी जाएं. गहलोत ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर कहा था कि नया बंगला जैसे कई शर्मनाक और अजीबोगरीब विवाद हैं, जो अब सभी को संदेह में डाल रहे हैं कि क्या हम अभी भी आम आदमी होने में विश्वास करते हैं…अब यह स्पष्ट है कि अगर दिल्ली सरकार अपना अधिकांश समय केंद्र से लड़ने में बिताती है तो दिल्ली के लिए वास्तविक प्रगति नहीं हो सकती. मेरे पास AAP से अलग होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है और इसलिए मैं आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं. बता दें कि कैलाश गहलोत ने AAP पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि एक और दर्दनाक बात यह है कि लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय हम केवल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए लड़ रहे हैं, इससे दिल्ली के लोगों को बुनियादी सेवाएं प्रदान करने में भी कठिनाई हो रही है… मैंने अपनी राजनीतिक यात्रा दिल्ली के लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता के साथ शुरू की थी और मैं ऐसा करना जारी रखना चाहता हूं, यही कारण है कि मेरे पास किसी भी पार्टी से अलग होने का कोई विकल्प नहीं बचा है और मैं आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं. बता दें कि नजफगढ़ से विधायक गहलोत ने रविवार को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था. वह गृह, प्रशासनिक सुधार, आईटी और महिला एवं बाल विकास विभागों के प्रभारी थे. यह घटनाक्रम दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है, जो फरवरी में होने हैं.   recent visitors 77

उच्चदाब उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक वृत्त में रिलेशनशिप मैनेजर नियुक्त

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उच्चदाब उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही बेहतर सेवाएं और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के लिए वृत्त स्तर पर महाप्रबंधक शहर एवं संचारण संधारण वृत्त को रिलेशनशिप मैनेजर नियुक्त किया है। ये रिलेशनशिप मैनेजर अपने वृत्त के अंतर्गत आने वाले उच्चदाब उपभोक्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखने के साथ ही बेहतर सेवाएं प्रदान करते हुए उनके सुझावों और शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करेंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि राज्य शासन के निर्णयानुसार कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी वृत्त में महाप्रबंधकों को रिलेशनशिप मैनेजर नियुक्त किया गया है, जिनके माध्यम से कंपनी द्वारा निर्बाध विद्युत आपूर्ति और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। साथ ही उच्चदाब उपभोक्ताओं से विद्युत बिलों का समय पर भुगतान करने की अपील की गई है।   recent visitors 65

PM मोदी को नाइजीरिया के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, ग्रैंड कमान्डर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर” से सम्मानित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नाइजीरिया के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, ग्रैंड कमान्डर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर" से सम्मानित होने पर नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मान केवल 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का ही क्षण नहीं, अपितु वैश्विक परिदृश्य में भारत के बढ़ते वर्चस्व का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी ने एक और कीर्तिमान, एक और वैश्विक सम्मान प्राप्त कर पूरे विश्व में माँ भारतीय का गौरव बढ़ाया है।   recent visitors 125

झांसी अग्निकांड में जांच पर जांच, 12 नवजातों की जान गई लेकिन जवाबदेही अब तक नहीं हुई तय

झांसी झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में अग्निकांड की घटना के 48 घंटे बाद भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। इसके अलावा घटना को लेकर अस्पताल के किसी कर्मचारी की जवाबदेही भी तय नहीं की गई। जबकि घटना की एक जांच पूरी हो चुकी है। अन्य जांचें जारी हैं। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में शुक्रवार की रात भीषण आग लग गई थी। घटना में 10 बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक नवजात ने रविवार को दम तोड़ दिया। जबकि एक और नवजात ने सोमवार को दम तोड़ दिया। 12 नवजात की मौत हो चुकी है। इस घटना की मंडलायुक्त द्वारा जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जबकि, स्वास्थ्य चिकित्सा महानिदेशक की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय टीम सोमवार को यहां आकर जांच शुरू करेगी। लेकिन, इन सब के बीच अब तक घटना का मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। अब तक जवाबदेही तय नहीं इसके अलावा घटना को लेकर मेडिकल के किसी कर्मचारी, अधिकारी व अन्य किसी की अब तक जवाबदेही तय नहीं की गई है। यह स्थिति तब है, जब यह मामला लखनऊ से लेकर दिल्ली तक में गूंज रहा है और विपक्षी दल इसे मुद्दा बनाए हुए हैं। नवजातों की मौत को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं। फायर ऑडिट में मिली थीं खामियां मेडिकल कॉलेज में आग से बचाव के समुचित इंतजाम नहीं थे, इसकी पुष्टि फरवरी में हुई फायर ऑडिट रिपोर्ट में हुई है। इन कमियों को दूर करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने शासन को एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद बताया था कि फरवरी में मेडिकल कॉलेज की फायर ऑडिट हुई और जून में मॉक ड्रिल कराया गया था। वहीं, कॉलेज के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि फरवरी में हुई ऑडिट रिपोर्ट में काफी खामियां मिली थीं जिसमें एसएनसीयू भी शामिल था। खामियों को जल्द से जल्द दूर करने के लिए भी कहा गया। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि फायर ऑडिट में मिली खामियों को दूर करने के लिए शासन को एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया था। मिले 46 लाख रुपये से बिजली की खामियों को दूर कराया। जून में 126 फायर इस्टिंग्युशर रीफिल कराए हैं। कौन है 12 नवजातों की मौत का जिम्मेदार     18 बेड के एसएनसीयू वार्ड में 49 बच्चे भर्ती थे। इसकी वजह से लगातार जीवनरक्षक उपकरण चल रहे थे। ओवरलोडिंग से स्पार्किंग हुई और आग लगी। इसका जिम्मेदार कौन है।     नवजात बच्चों की संख्या ज्यादा थी, उनके लिए रखे ऑक्सीजन सिलिंडर भी अधिक रखे थे। इससे भी आग बढ़ी।     लगातार चल रहे उपकरणों को 3 से 4 घंटे बाद बंद करना था। यह प्रक्रिया भी नहीं की गई, जिससे प्लग पॉइंट गर्म हुए। इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है।     शाम 5 बजे पहली बार शॉर्ट सर्किट हुआ था, तब ही संज्ञान क्यों नहीं लिया गया। उसी समय इसे ठीक कर दिया जाता तो हादसा नहीं होता।     पिछला गेट बंद क्यों था। अगर ये खुला होता तो बच्चों को बचाया जा सकता था।     कई अग्निशामक यंत्र भी एक्सपायर्ड हो चुके थे। मौके पर यह भी काम नहीं आ सके।     फरवरी में हुई फायर ऑडिट में तमाम खामियां मिली थीं। इसको दूर करने के लिए प्रस्ताव भी बना था। अग्नि सुरक्षा को प्राथमिकता से क्यों नहीं लिया गया। जल गए दो करोड़ के जीवनरक्षक उपकरण झांसी मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू में लगी आग से करीब दो करोड़ रुपये के जीवनरक्षक उपकरण जल गए हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार एसएनसीयू में नवजात शिशुओं की हालत ज्यादा खराब होने पर ही भर्ती किया जाता है। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि वार्ड में बच्चों के उपचार के लिए उच्च गुणवत्ता के आठ वेंटिलेटर, बबल, सी-पैप, एचएफएनसी (हाईफ्लो नैच्युरल कैंडुला) मशीन, एचएफओ, 18 क्रेडल आदि मशीनें थीं जिनकी कीमत दो करोड़ रुपये से ज्यादा है। सभी मशीनें जल गई हैं। वहीं आग लगने के बाद एसएनसीयू से बच्चों को निकाल लिया गया मगर समुचित उपचार की दिक्कत खड़ी हो गई। इस पर कॉलेज प्रशासन ने वार्ड नं. पांच में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन बेड बिछाकर निक्कू वार्ड बना दिया। इसके बाद 16 शिशुओं को तत्काल भर्ती किया गया। पीआईसीयू में ही तैयार किया गया 10 बेड का एसएनसीयू झांसी अग्निकांड में राख हो गए उपकरणों के बाद अब मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू में ही 10 बेड का नवजात शिशु गहन चिकित्सा केंद्र स्थापित कर दिया गया है। यहां पर जन्म के बाद गंभीर स्थिति वाले नवजातों को भर्ती किया जा सकेगा। साथ ही अग्निकांड के बाद यहीं पर शिशु शिफ्ट कर दिए गए हैं। आग लगने की घटना के बाद बचाए गए नवजातों को पहले इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। फिर वहां से पीआईसीयू में एसएनसीयू तैयार होने के बाद शिफ्ट किया गया।  recent visitors 66

मेरठ में रैपिड रेल के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के दाैरान हादसा, इलेक्ट्रिशियन की मौत, चार घायल

मेरठ मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के शताब्दीनगर स्थित रैपिड रेल के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में काम कर रही लारसन एंड टूर्बो लिमिटेड (एलएंडटी) कंपनी के यार्ड में रविवार को हादसा हो गया। गैंट्री (लोहे का भारी ढांचा) गिरने से बिहार के रोहताश जिले के गांव समहोता निवासी इलेक्ट्रिशियन सुबोध (35) की मौत हो गई। जबकि चार मजदूर घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। कंपनी के अधिकारी काफी देर तक हादसे को छिपाने में जुटे रहे। एलएंडटी कपंनी नमो भारत ट्रेन के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इसके लिए कंपनी ने शताब्दीनगर में अपना यार्ड बना रखा है। रविवार दोपहर करीब एक बजे कर्मचारी यार्ड में मशीनों को खोल रहे थे। इलेक्ट्रिशियन सुबोध के अलावा सहारनपुर निवासी सुऐब और जुबैर, बुलंदशहर निवासी सुनील और गाजियाबाद निवासी मोनू भी काम में लगे थे। एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के दौरान गैंट्री अनियंत्रित होकर पलट गया। सुबोध गैंट्री के नीचे दब गया, जबकि चार मजदूर चपेट में आने से घायल हो गए। सभी घायलों को सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्कसकों ने सुबोध को मृत घोषित कर दिया। सभी घायलों की हड्डी टूटी हुई बताई गई है। इनमें सुऐब की हालत गंभीर बताई जा रही है।  हादसे की जानकारी होने पर परतापुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव काे मोर्चरी भेज दिया। यार्ड से कंपनी समेट रही है सामान एएसपी अंतरिक्ष जैन ने बताया कि कंपनी का इस क्षेत्र का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है। इसके चलते इस यार्ड से सामान समेटने का काम किया जा रहा है। इसी काम में कंपनी के कर्मचारी जुटे हुए थे। तभी यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि सुबोध के परिजनों को हादसे की जानकारी दे दी गई है। परिजनों की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। कमेटी कर रही हादसे की जांच एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि मेरठ में प्रीकास्ट यार्ड में एक गैंट्री को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने करने के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हुई है। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें एक की मौत हो गई। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए गठित की गई कमेटी जांच कर रही है। एक साल में हुए प्रमुख हादसे -6 जून 2024 दिल्ली रोड पर शताब्दीनगर आरआरटीएस स्टेशन के फाउंडेशन का गर्डर गिरने से दबकर स्कूटी सवार अमरोहा निवासी सेल्समैन ऋतिक की मौत। ऋतिक शास्त्री नगर में किराये के मकान में रह रहा था। -16 जुलाई 2024 को देर रात अचानक शॉप्रिक्स के सामने निर्माणाधीन पिलर ढह गया था। मलबे में आठ मजदूर दब गए थे। रैपिडएक्स प्रशासन की ओर से जांच की बात कही गई, लेकिन क्या जांच हुई और क्या कार्रवाई हुई, इसका आज तक कुछ नहीं पता। -3 मई 2024 को जैक हटने से तेज धमाके के साथ डौरली स्टेशन पर लोहे के गर्डर के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए। -9 अप्रैल 2024 को डौरली स्टेशन पर पिलर के ऊपर रखी मशीन अचानक झुक गई, जिस कारण कई कर्मचारी बाल-बाल बचे। -28 फरवरी 2024 को बीयर कैप मशीन में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। कई लोग इसकी चपेट में आने से बचे। -29 अक्टूबर 2023 को निर्माणाधीन पिलर का हिस्सा पल्लवपुरम थाने में तैनात सिपाही अमित शर्मा की कार पर गिर गया था। हादसे में सिपाही घायल हो गया था और कार क्षतिग्रस्त हो गई थी।   recent visitors 68