ऑल्ट एनवायर्नमेंटल फिल्म फेस्टिवल के ब्रांड एंबेसडर बनें जैकी श्रॉफ

मुंबई, बॉलीवुड के माचो हीरो जैकी श्रॉफ को ऑल लिविंग थिंग्स एनवायर्नमेंटल फिल्म फेस्टिवल (एएलटी ईएफएफ) का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। जैकी श्रॉफ हमेशा से ही पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए लोगों को जागरूक करते आये है और अब उन्हें 22 नवंबर से 08 दिसंबर, 2024 तक आयोजित होने वाले ऑल लिविंग थिंग्स एनवायर्नमेंटल फिल्म फेस्टिवल (एएलटी ईएफएफ) का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है।ऑल्ट इएफएफ का लक्ष्य सिनेमा की इमोटीव पावर के माध्यम से उन्हें क्लाइमेटअवेयरनेस बढ़ावा देना है, और बेहतर कल प्राप्त करने की दिशा में जैकी श्रॉफ का योगदान फिल्म महोत्सव के मुख्य उद्देश्य के साथ सही बैठता है, जो उन्हें ब्रांड एंबेसडर के लिए एकदम उपयुक्त बनाता है। जैकी श्रॉफ ने कहा,मुझे बेहद ख़ुशी है कि एएलटीईएफएफ के ब्रांड एंबेसडर के रूप में मुझे चुना गया है, खासकर ट्रांस्फॉर्मटिवे क्लाइमेट एक्शन पर काम करने के लिए बेहद उत्साहित हूँ। मेरा मानना है कि फिल्में लोगों को एक साथ लाने वाले दमदार तरीकों में से एक है , और अगली पीढ़ी के बेहतर कल के लिए प्रेरित करने के लिए हमारी अपनी फिल्मों से बेहतर क्या हो सकता है, एएलटी ईएफएफ एक फिल्म महोत्सव से कहीं अधिक है, यह हम सभी का एक बड़ा सहयोग है जिसके लिए हम काम कर रहे हैं एक हरा-भरा कल, और मैं उत्साह और एकता देखने के लिए बहुत उत्सुक हूँ! जैकी श्रॉफ को फिल्म 'सिंघम अगेन' में अपने नेगेटिव किरदार उमर हफ़ीज़ को जबरदस्त प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इस बीच, वह अपनी आगामी रिलीज 'बेबी जॉन' के लिए तैयारी कर रहे हैं, जिसमें वह बब्बर शेर की भूमिका निभाते नजर आएंगे। इस फिल्म में जैकी, वरुण धवन, कीर्ति सुरेश और वामिका गब्बी सहित अन्य लोगों के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करते हुए दिखाई देंगे। 'बेबी जॉन' 25 दिसंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। recent visitors 98

एक व्यक्ति की मौत और चार घायल, राजस्थान-सिरोही दो ऑटो की आमने-सामने से भिड़ंत

सिरोही. आबूरोड शहर के मानपुर मार्ग पर पांच बंगला के समीप बीती रात दो ऑटो की आमने सामने की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि इसमें चार अन्य लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर आबूरोड शहर पुलिस थानाधिकारी बंशीलाल एवं यातायात पुलिस के हेड कांस्टेबल किशोरीलाल अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे तथा क्षतिग्रस्त ऑटो को एक साइड में खड़े करवाकर घायलों को 108 एंबुलेंस से आकराभट्टा सरकारी अस्पताल पहुंचाया। यहां आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को मोर्चरी में रखवाकर घायलों का इलाज किया गया। मंगलवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। आबूरोड शहर के मानपुर मार्ग पर हुआ यह सड़क हादसा इतना भीषण था कि इसमें दोनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। ऑटो में सवार लोगों की चिल्लाने और ऑटो के भिड़ने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे। लोगों ने ऑटो में फंसे लोगों को बाहर निकालकर शहर पुलिस एवं 108 एंबुलेस को दुर्घटना की जानकारी दी। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ट्रॉमा सेंटर के पीछे, तलेटी, पीएस आबूरोड सदर निवासी मुकेश कुमार पुत्र देवीलाल वाल्मीकि को मृत घोषित कर दिया गया। मंगलवार को पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अधिकांश ऑटो चालक खुलेआम उड़ा रहे हैं यातायात नियमों की धज्जियां शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक ऑटो चलाने वाले चालकों की संख्या दिनोदिन बढ़ रही है। ये लोग न केवल घनी आबादी क्षेत्रों में तेजगति से ऑटो चलाते हैं, सवारियां लेने एवं उतारने के लिए बिना सुरक्षा का ध्यान रखे जहां मर्जी आए ऑटो को रोक देते हैं। ऐसा नहीं है यातायात पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन वे भी इन सबको नजरअंदाज कर रहे हैं। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। recent visitors 63

जिला मुख्यालय से 110 किलोमीटर दूर सिलवानी थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर पलटने से दो लोगों की मौत

रायसेन (मध्यप्रदेश) मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में ट्रैक्टर पलटने से एक नाबालिग लड़के और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से 110 किलोमीटर दूर सिलवानी थाना क्षेत्र के पडरिया गांव में सोमवार रात को हुई। पुलिस उपमंडल अधिकारी अनिल मौर्य ने बताया कि वाहन में ईंधन खत्म हो जाने के बाद चालक ने ट्रैक्टर को खेत में खड़ा कर दिया। बाद में, 19 वर्षीय एक मजदूर ट्रैक्टर मालिक के घर से डीजल लेकर आया और वाहन चलाने लगा, लेकिन वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया। उन्होंने बताया कि थोड़ी दूर जाने के बाद ट्रैक्टर खेत के पास एक नाले में पलट गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान नितेश (19) और अंतराम (15) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।   recent visitors 149

भोपाल में प्रदेश का पहला पुलिस अस्पताल बनकर तैयार, जानिए क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदेश का पहला राज्य स्तरीय पुलिस अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। इससे एमपी पुलिस और उनके परिजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। 50 बेड का ये अस्पताल(Police Hospital) लगभग 12 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ है। जल्द ही सीएम मोहन इसका उद्घाटन कर सकते है। भोपाल के भदभदा चौराहे पर बने पुलिस अस्पताल(Police Hospital) में पीडियाट्रिक, गायनिक, डेंटल, आई जैसे कई विभाग होंगे। फिलहाल ओपीडी के साथ इस हॉस्पिटल की शुरुआत की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, अस्पताल बनने से पहले तक यहां पर पुलिस बटालियन में पुलिस डिस्पेंसरी हुआ करती थी। ऐसी सुविधाएं मिलेंगी बता दें कि, फर्स्ट फ्लोर पर 50 बेड के इस अस्पताल में दो मेल और एक फीमेल वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही बच्चों के इलाज के लिए भी एक वार्ड बनाया गया है, जिसमे 5 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके आलावा महिला वार्ड, ओटी, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और रिकवरी रूम की भी व्यवस्था की गयी है। इस अस्पताल का हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जो 8068700128 है। मरीजों के लिए 2 मेल और एक फीमेल वार्ड 50 बेड के इस अस्पताल में 2 मेल (5-5 बेड) व 1 फीमेल वॉर्ड (5 बेड) का बनाया है। इसके अलावा बच्चा वार्ड में भी पांच बेड रखे गए हैं। वहीं, अन्य बेड महिला वार्ड, ओटी, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और रिकवरी रूम में लगाए गए हैं। अस्पताल अधिकारियों की माने तो पुलिस और उनके परिवार के अलावा आम लोग यहां इलाज करवा सकेंगे या नहीं, यह जल्द ही फाइनल होगा। अस्पताल का संचालन 25वीं बटालियन करेगी। 2022 से पहले यहां एसटीएफ का कार्यालय हुआ करता था, जिसके बाद इसे अस्पताल बताया गया। इसका निर्माण पुलिस हाउसिंग द्वारा किया गया है। कई चरणों में होगी शुरुआत जानकारी के अनुसार, पुलिस अस्पताल(Police Hospital) में पहले चरण में ओपीडी, फार्मा, पैथालॉजी और एक्स-रे जैसी सुविधाएं मुहैया कराइ जाएगी। वहीँ दूसरे चरण में सोनोग्राफी और लेवर क्लिनिक जैसी कई अन्य सुविधाओं की शुरुआत होगी। बता दें कि, स्वास्थ्य विभाग की मदद से डॉक्टर और स्टाफ को लाया गया है। डॉ. रूही चंद्रा को अस्पताल का अधीक्षक नियुक्त किया गया है। पहले चरण की शुरुआत ओपीडी के साथ स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर यहां पर डॉक्टर्स एवं अन्य स्टाफ को लाया गया है। पहले चरण की बात की जाए तो ओपीडी, फार्मा, पैथालॉजी और एक्स-रे जैसी सुविधाएं दी जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में सोनोग्राफी ओर लेबर क्लिनिक के अलावा अन्य सुविधाएं शुरू की जाएगी। अस्पताल के लिए कुल 12 पद सेंशन हुए हैं, जिसमें से दो डॉक्टर मेडिकल ऑफिसर एसके गुप्ता और डेंटल सर्जन डॉक्टर सुरैश माहौर शामिल हैं। अस्पताल की अधीक्षक डॉ. रूही चंद्रा रहेंगी। 12.51 करोड़ की लागत से तैयार हुआ अस्पताल यह अस्पताल कुल 12.51 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। इसमें भवन निर्माण और फर्नीचर की लागत 10.41 करोड़ रही, वहीं मेडिकल उपकरण 2.1 करोड़ के खरीदे गए हैं। इस तरह से अस्पताल की कुल लागत 12.51 करोड़ है। यह भी देखें     अस्पताल में भर्ती के लिए दो मेल वॉर्ड में कुल 10 बेड लगाए गए हैं।     महिला और बच्चा वार्ड में कुल 10 बेड हैं।     हाई डिपेंडेंसी यूनिट और रिकवरी रूम में 5-5 बेड लगाए गए हैं।     ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी और ओटी और लेबर वार्ड बनाया गया है।     फर्स्ट फ्लोर पर मेल फीमेल और बच्चा वार्ड बनाया गया है।     अस्पताल का हेल्पलाइन नंबर 8068700128 है। recent visitors 119

आचार्य धीरेंद्र शास्त्री पर भी निशाना साधा और कहा कि वे उनके खिलाफ बेवजह की बयानबाजी ना करें: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

देहरादून स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर दिए बयान के बाद स्वामी रामदेव ने कहा था कि वे शंकराचार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वामी रामदेव को नोटिस भेजेंगे। क्योंकि उन्होंने आरोप तो लगा दिए, लेकिन सिद्ध नहीं कर पा रहे। उन्होंने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री पर भी निशाना साधा और कहा कि वे उनके खिलाफ बेवजह की बयानबाजी ना करें। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम के कपाट भले ही सर्दियों में बंद हो जाते हैं, लेकिन दूसरे स्थानों पर शीतकालीन पूजा जारी रहती है। ऐसे में श्रद्धालु शीतकाल में भी भगवान के दर्शन कर सकते हैं। इसके लिए सरकार को शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम पिछले साल से यात्रा अपने स्तर पर शुरू कर चुके हैं। इस बार भी 16 दिसंबर से शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू होगी। देहरादून के वसंत विहार में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जल्द ही प्रदेश में धार्मिक आस्था के 108 स्थान चिह्नित कर उनकी यात्रा भी शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग चारधाम यात्रा में सीमित लोगों को आने देने की बात कहते हैं, वे गलत हैं। जितने ज्यादा से ज्यादा लोग यात्रा पर आएंगे, उतना सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार होगा। राज्य के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। केदारनाथ में उपचुनाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि केदारनाथ मन की शांति के लिए है, न कि चुनावी हार-जीत के लिए। ऐसे में चुनाव से इसे ना जोड़ा जाए। जो गाय को माता का दर्जा दिलाएगा उसे वोट करेंइससे पहले अपने प्रवचन में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जो गाय को माता का दर्जा दिलाएगा, उसे ही वोट करें। उन्होंने लोगों से चुनाव में जरूर मतदान की भी अपील की। पत्रकारों ने सवाल किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री लव जेहाद और लैंड जेहाद से देवभूमि की छवि खराब होने की बात कह रहे हैं। इस पर शंकराचार्य ने कहा कि कानून व्यवस्था और पुलिस मुख्यमंत्री के हाथ में है। वे ये ना कहें कि लव जेहाद और लैंड जेहाद हो रहा है, अगर हो रहा है तो उसे रोकें। वीआईपी कल्चर को बताया गलत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि इस देश में हर जगह वीआईपी कल्चर है। कम से कम भगवान के दर पर तो सभी सनातनी एक बराबर हों। चारधाम में वीआईपी दर्शन की परीपाटी खत्म होनी चाहिए। ये पूरी तरह से गलत है। भगवान के दर्शन सभी का समान अधिकार है। recent visitors 110

एक नाबालिग लड़की का अपहरण और उससे बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दी: इलाहाबाद हाई कोर्ट

प्रयागराज (उप्र) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण और उससे बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दे दी है। व्यक्ति दूसरे समुदाय से है और उसके खिलाफ हिंदुवादी संगठन ‘बजरंग दल’ के एक सदस्य ने नाबालिग का अपहरण कर उसका यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोपी जावेद आलम को जमानत देते हुए न्यायमूर्ति समीर जैन ने कहा कि लड़की के बयान के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज कराने के समय उसकी उम्र 17 वर्ष से अधिक थी और वह खुद आरोपी के साथ गई थी तथा और उसने अपनी इच्छा से आरोपी के साथ शादी की। सुनवाई के दौरान, लड़की की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता को जमानत पर रिहा किया जाता है तो लड़की को कोई आपत्ति नहीं है। पूछताछ के दौरान लड़की ने कहा कि आरोपी याचिकाकर्ता उसका पति है और उसने अपनी इच्छा से उससे शादी की है। ट्रेन में यात्रा के दौरान लड़की का आलम से विवाद हो गया जिसके बाद बजरंग दल के एक सदस्य ने आलम के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसने 10वीं कक्षा की छात्रा का अपहरण कर लिया है। शिकायत के अनुसार आलम ने लड़की का धर्म परिवर्तन कराया। मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 363 (अपहरण), 366 (शादी के लिए मजबूर करने के वास्ते अपहरण), 506 (आपराधिक धमकी), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 376 (बलात्कार) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।   recent visitors 91

नकारात्मक लोगों से घिरे होने के बावजूद अपनी सोच और जिंदगी को रखें सकारात्मक

शनल साइंस फाउंडेशन के मुताबिक दिन भर में हमारे मन में जितने विचार आते हैं, उसमें से 80 प्रतिशत नकारात्मक होते हैं। इतनी नकारात्मकताओं के बीच भी हम अपनी सकरात्मक सोच के बल पर जिंदगी के अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर ही लेते हैं। वैसे भी कहते हैं कि अच्छी सोच जीवन में सकारात्मकता को बढ़ाती है, इसलिए हमेशा बेहतर संभावनाओं के बारे में ही सोचना चाहिए। ये भी कहा जाता है कि हमारी सोच पर हमारी संगत का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में हमेशा अच्छे और सकारात्मक विचारों वाले लोगों के साथ ही रहना चाहिए। असल में हमारे आस-पास हर विचारधारा के लोग होते हैं। कुछ लोग जीवन के प्रति इतना नकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं कि उन्हें दुनिया में सिवाय बुराई और कमियों के कुछ नजर ही नहीं आता है। ऐसे लोग हमेशा नाराज और शिकायत करते रहते हैं। इनके साथ समय बिताने का अर्थ अपनी ऊर्जा व्यर्थ करना होता है। वहीं दूसरी ओर ऐसे लोग भी होते हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी कुछ अच्छा तलाश लेते हैं। ऐसे लोग हमेशा आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। हालांकि आपको हमेशा सिर्फ अच्छा सोचने वाले लोग ही मिलें, यह तो संभव नहीं है। पर, दूसरों की नकारात्मकता से आप खुद को जरूर बचा सकती हैं: सीमाएं तय करना है जरूरी अकसर महिलाओं के ऊपर परिवार और समाज की अपेक्षाओं का इतना भारी दबाव होता है कि वह चाह कर भी खुद को व्यक्त नहीं कर पाती हैं। कभी परिवार की खुशी तो कभी समाज में मर्यादा बनाए रखने का दबाव उन्हें वह सब बर्दाश्त करने को भी मजबूर कर देता है, जो वह नहीं करना चाहती हैं। इससे ना केवल उनकी मानसिक शांति भंग होती है बल्कि जीवन के प्रति उत्साह भी खत्म होने लगता है। इसलिए अपनी सीमाएं निर्धारित करना बहुत जरूरी है। यदि कोई दोस्त या रिश्तेदार हमेशा उलाहना देने वाली या दुख भरी बातें ही करता है, तो उनसे मिलना-जुलना सीमित ही रखें। याद रखिए, हम किसी से बेहतर और ऊर्जावान महसूस करने के लिए मिलते हैं। लेकिन सामने वाला व्यक्ति यदि हर समय ही नकारात्मक बातें करे, तो उससे किनारा कर लेने में ही भलाई है। बनें संवेदनशील अपनी मानसिक शांति बनाए रखने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि आप दूसरों की समस्याओं को लेकर असंवेदनशील बन जाएं। कभी-कभी सामने वाला वास्तव में बहुत कठिन हालातों से गुजर रहा होता है और किसी सहारे की तलाश में होता है। इसलिए संवेदनशील बनिए, ताकि संकट में पड़े किसी व्यक्ति से असभ्य व्यवहार करने के बजाय आप उसकी परेशानी को समझ सकें। आपका सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार आपकी मानसिक शांति बरकरार रखते हुए सामने वाले के लिए भी सहारे का काम करेगा। संजोएं अपनी ऊर्जा मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, इसलिए समाज से अलग-थलग होकर रहना मुमकिन नहीं है। परिवार से लेकर जानकारों तक में कोई ना कोई ऐसा जरूर होता है, जिससे आपके विचार नहीं मिलते हैं। यदि आपका भी कोई ऐसा जानकार है जो हमेशा नकारात्मक बातें करता है, लेकिन आप उससे संबंध खत्म नहीं कर सकतीं, तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों से पूरी तरह नाता तोड़ने की बजाय मिलना कम कर दें। नकारात्मक लोग आपकी ऊर्जा को अपने विचारों से हानि पहुंचा सकते हैं। ऐसे लोगों से मिलने के बाद बेहद थका हुआ और निस्तेज महसूस होता है। इससे बचने के लिए जहां तक संभव हो सिर्फ किसी पारिवारिक या सामाजिक समारोह में ही ऐसे लोगों से मिलें। सुनने की आदत डालें एक अच्छा श्रोता संवेदनशील होते हुए भी अपनी मानसिक शांति बनाए रख सकता है। जब भी किसी से बात करें तो बिना बीच में बोले पूरी तसल्ली से सामने वाले की बात सुनें। लेकिन ऐसा करते समय स्वयं भी सचेत रहें क्योंकि आपको सामने वाले व्यक्ति की बात तो सुननी है, लेकिन उसके प्रभाव में नहीं आना है। बातचीत के दौरान अचानक अपनी प्रतिक्रिया देना सामने वाले को और ज्यादा परेशान कर सकता है। जबकि सिर हिलाना, आंखों में देखकर बात करना और सकारात्मक शब्दों का इस्तेमाल सामने वाले व्यक्ति को विश्वास दिलाता है कि आप उसकी परेशानी समझ रही हैं। याद रखिए, आपके व्यवहार में ठहराव ही आपकी मानसिक शांति को बनाए रखने की चाबी है। तनाव से दूर रहने और मानसिक सुकून के लिए कुछ ऐसा करें, जिससे आपको खुशी मिले। बागवानी करना, सैर पर जाना, अपनी पसंद का संगीत सुनना, डांस करना डायरी लिखना या कोई किताब पढ़ने जैसा आप कुछ भी ऐसा कर सकती हैं, जिससे आपको खुशी का अनुभव हो। अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्राणायाम करना एक ऐसा प्रभावशाली तरीका है जो विपरीत परिस्थितियों में भी आपके मन को शांत रखेगा। recent visitors 88