Sunday, July 5, 2026 1:09 pm

दिग्गज अभिनेता सिद्दीकी को पासपोर्ट जमा कराना होगा और जांच अधिकारी के साथ सहयोग करना होगा: उच्चतम न्यायालय

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने बलात्कार के एक मामले में आरोपी एवं मलयालम अभिनेता सिद्दीकी की अग्रिम जमानत याचिका मंगलवार को मंजूर कर ली। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि दिग्गज अभिनेता को अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा और जांच अधिकारी के साथ सहयोग करना होगा। शीर्ष अदालत ने इस तथ्य पर भी गौर किया कि 2016 में हुई कथित घटना के आठ साल बाद अगस्त में इस मामले में शिकायत दर्ज की गई। न्यायालय ने सिद्दीकी को 30 सितंबर को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। केरल पुलिस ने जांच में सिद्दीकी द्वारा सहयोग नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। केरल पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि अभिनेता जांच में बाधा डाल रहे हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट डिलीट करने के अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी नष्ट कर दिया है। केरल उच्च न्यायालय ने 24 सितंबर को सिद्दीकी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि सिद्दीकी पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अपराध की उचित जांच के लिए उनसे हिरासत में पूछताछ अपरिहार्य है।   recent visitors 64

पीएचडी के बाद आपके पास क्या है करियर ऑप्शन्स

आमतौर पर यह एक गलत धारणा है कि यूनिवर्सिटी प्रोफेसर बनने के लिए पीएचडी एक ट्रेनिंग आधारित स्टडी मोड्यूल है. हां! यह कुछ हद तक सही विचार है लेकिन, पीएचडी का क्षेत्र एकेडमिक क्षेत्र से कहीं आगे तक व्याप्त है. जो लोग पीएचडी की डिग्री प्राप्त करते हैं, उनकी तुलना में कम लोग एकेडमिक क्षेत्र ज्वाइन करते हैं. भारत सहित अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अन्य देशों में रोज़गार का परिदृश्य बड़ी तेज़ी से बदल रहा है. इस वजह से पीएचडी स्टूडेंट्स भी एकेडमिक क्षेत्र ज्वाइन करने के अपने उद्देश्य के बारे में अच्छी तरह सोचने पर मजबूर हो गये हैं. आजकल, पीएचडी ग्रेजुएट्स राइटिंग, रिसर्च, इंवेस्टमेंट बैंकिंग, लॉ और अन्य कई संबद्ध क्षेत्रों में विभिन्न विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. अपनी डिग्री पर केवल “डॉक्टर” की रबड़ लगी होने पर गर्व महसूस करने से आपको कोई बढ़िया जॉब नहीं मिलेगी. यह बहुत अच्छी बात है कि आप एक पीएचडी ग्रेजुएट हैं. हालांकि, पीएचडी सिर्फ डिग्री की तुलना में कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें ट्रेनिंग और नॉलेज पर आधारित रिसर्च एक्टिविटीज को ज्यादा महत्व दिया जाता है. पीएचडी में रिसर्च इश्यूज की बेहतरीन समझ के साथ ही गहन रिसर्च कार्य और अति विशेष एनालिटिकल और ऑब्जरवेशनल स्किल्स के साथ महत्वपूर्ण समस्याओं को सॉल्व करने की काबिलियत शामिल है. किसी पीएचडी ग्रेजुएट को कई घंटे लगातार काम करना, जटिल समस्याओं को एनालाइज और सॉल्व करना और शांति से हरेक परिस्थिति को हैंडल करना जरुर सीखना चाहिए. ये गुण न केवल किसी एकेडेमिक एक्सपर्ट के लिए बहुत जरुरी हैं बल्कि, रिसर्च, फाइनेंस और पब्लिक सर्विस जैसे अन्य कार्यक्षेत्रों के लिए भी अनिवार्य हैं. आमतौर पर, पीएचडी करने के बाद सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जॉब्स हैं-यूनिवर्सिटी प्रोफेसर, इंडस्ट्रियल आर एंड डी लैब प्रोफेशनल्स और स्टार्ट-अप्स मेंटर्स. इंडस्ट्रियल रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन्स में समर्पित पीएचडी ग्रुप्स होते हैं जो रिसर्च एक्टिविटीज और नये प्रोडक्ट्स की डिजाइनिंग का कार्य करने के साथ ही महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकों में शामिल होते हैं. डेवलपमेंट सेंटर्स की तुलना में, इंडस्ट्रियल आर एंड डी लेब्स की एवरेज सैलरीज काफी अच्छी होती हैं. इससे साफ पता चलता है कि 5 वर्ष के अनुभव सहित एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट को इंडस्ट्रियल आर एंड डी लेब्स में अभी जॉब ज्वाइन करने वाले किसी फ्रेश पीएचडी ग्रेजुएट की तुलना में कम सैलरी मिलती है. कुछ मामलों में, डेवलपमेंट सेंटर्स विभिन्न कार्यों के लिए पीएचडी ग्रेजुएट्स को हायर करते हैं लेकिन, उनकी सैलरी विशेष आर एंड डी की तुलना में समान या कुछ अधिक होती है. किसी रिसर्च लैब या डेवलपमेंट सेंटर ज्वाइन करने वाले पीएचडी ग्रेजुएट का सैलरी स्ट्रक्चर और डेजिग्नेशन हमेशा किसी अन्य ग्रेजुएट से ज्यादा हाई होते हैं फिर भले ही अन्य ग्रेजुएट्स के पास काफी अच्छा कार्य अनुभव हो. स्टार्ट-अप्स की शुरुआत ने पूरे पीएचडी परिवेश को बदल दिया है. कुछ समय पहले तक, पीएचडी का कार्यक्षेत्र सिर्फ एकेडमिक क्षेत्र तक ही सीमित था. यद्यपि आजकल, एकेडमिक क्षेत्र और स्टार्ट-अप्स के मिश्रण से पीएचडी ग्रेजुएट्स को कई नये ऑप्शन्स मिल गये हैं. अब, क्योंकि स्टार्ट-अप्स इनोवेशन और इम्प्रोवाइजेशन का स्टोरहाउस बन चुके हैं तो पीएचडी ग्रेजुएट्स किसी नये और उभरते हुए संगठन में काम करना चाहते हैं ताकि अपनी एक्सेप्शनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षमताओं के माध्यम से नये प्रोडक्ट्स को डिज़ाइन करने के लिए वे अपने नॉलेज बेस्ड स्किल्स का उपयोग कर सकें. आजकल, पीएचडी ग्रेजुएट्स स्टार-अप परिवेश में काम तलाश रहे हैं ताकि उन्हें अच्छा कार्य-अनुभव प्राप्त हो जाए और फिर, वे एकेडमिक क्षेत्र ज्वाइन कर लें, जहां पर वे अपने स्किल्स और विशेषज्ञता का प्रोडक्टिव तरीके से उपयोग कर सकें. एकेडमिक क्षेत्र पीएचडी ग्रेजुएट्स की पहली पसंद बन चूका हैं क्योंकि यहां उन्हें काम करने की पूरी आजादी के साथ बहुत बढ़िया सैलरी पैकेज मिलते हैं. अधिकांश मामलों में, एकेडमिक क्षेत्र की जॉब्स के तहत कई अन्य लाभ जैसे फ्री एकोमोडेशन भी शामिल होते हैं. पीएचडी ग्रेजुएट्स के लिए इस बात का भी चांस होता है कि वे किसी अन्य देश में काम करें. कुल मिलाकर, पीएचडी कैंडिडेट्स को हायर करते समय अधिकांश संगठन अक्सर अपने भावी कैंडिडेट्स के सुपीरियर एनालिटिकल स्किल्स और जटिल समस्याओं को तुरंत सॉल्व करने की काबिलियत देखते हैं.   recent visitors 95

‘अत्यधिक सावधानी’ के चलते अतिरिक्त सुरक्षा जांच के अस्थाई उपाय किए गए, सिर्फ भारत आने वालों की हो रही एक्स्ट्रा जांच

कनाडा कनाडा से भारत आ रहे यात्रियों को पहले से ज्यादा जांच का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में कनाडा सरकार ने इस संबंध में बयान जारी किया था। हालांकि, अब तक साफ नहीं है कि सुरक्षा उपायों को बढ़ाए जाने की वजह क्या है। इससे पहले ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने भी कनाडा सरका से एयर इंडिया की उड़ानों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा के लिए कहा है। खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने उड़ानों को लेकर धमकी दी थी। कनाडा की ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिता आनंद की तरफ से इस संबंध में बयान जारी किया गया है। उन्होंने जानकारी दी है कि 'अत्यधिक सावधानी' के चलते अतिरिक्त सुरक्षा जांच के अस्थाई उपाय किए गए हैं। एयर कनाडा की तरफ से भी भारत जा रहे यात्रियों को नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है, 'ट्रांसपोर्ट कनाडा की तरफ भारत जा रहे सभी यात्रियों के लिए बढ़ाए गए सुरक्षा उपायों के चलते सिक्युरिटी वेट टाइम ज्यादा हो सकता है।' आगे कहा गया, 'आपकी यात्रा में किसी भी व्यवधान से बचने के लिए हम आपको फ्लाइट के उड़ान भरने से 4 घंटे पहले आने की सलाह देते हैं…।' एयर कनाडा के प्रवक्ता ने भी सोमवार को इस फैसले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया, 'ट्रांसपोर्ट कनाडा ने भारत आने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त जरूरतों की बात कही है और अन्य कैरियर्स की तरह एयर कनाडा इनका पालन कर रहा है।' हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में कुछ यात्रियों ने बताया है कि अतिरिक्त जांच के आदेश लागू कर दिए गए हैं, जिसमें भारत आने वालों की दूसरी बार स्क्रीनिंग शामिल है। अलगाववादी समूह SFJ यानी सिख फॉर जस्टिस ने अक्टूबर में धमकी दी थी, जिसमें 1 नवंबर से 19 नवंबर के बीच एयर इंडिया की फ्लाइट्स को निशाना बनाने की बात कही गई थी। इससे पहले 2023 में भी पन्नू ने सिखों को 19 नवंबर के बाद एयर इंडिया के विमान में यात्रा नहीं करने की हिदायत दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने बाद में साफ किया था कि वह धमकी नहीं थी, बल्कि बहिष्कार की बात कर रहा था। recent visitors 90

चोरों के हौसले इतने बुलंद की माता के जेवरात और मुकुट सहित दान पेटी चोरी

कोरबा जिले की पुलिस को इन दिनों चोर चुनौती देते नजर आ रहे है। जिले और शहर में लगातार रोजाना चोरी की वारदाते हो रही है, जिससे पुलिस की रात्रि गस्त पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। चोरों के हौसले इतने बुलंद है कि वह अब भगवान के घर को भी नहीं बक्श रहे है। ताजा मामला नगर पंचायत पाली से सामने आया है, जहां वार्ड क्रमांक एक मादन मुख्य मार्ग स्थित राज कालिका मंदिर पर चोरों ने धावा बोला और मंदिर में विराजमान मूर्तियों से मुकुट और जेवरात लेकर फरार हो गए, इस दौरान चोर अपने साथ दान पेटी भी साथ ले गए थे। बता दें कि राज कालिका मंदिर में पंडित प्रमोद तिवारी रोज की तरह सोमवार की रात 9 बजे मंदिर के कपाट बंद कर घर चले गए थे, इसके बाद आज सुबह जब वह मंदिर पहुंचे तो मंदिर का ताला टूटा हुआ था और दरवाजा खुला हुआ था। जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो मंदिर के गर्भगृह का ताला भी टूटा हुआ था और गेट के पास में एक त्रिशूल पड़ा हुआ मिला। मंदिर के अंदर प्रवेश करने पर माता काली की प्रतिमा पर मुकुट नथनी सहित अन्य देवी देवताओं के मुकुट आदि गहने गायब मिले, इसके अलावा मंदिर की दान पेटी भी उसके स्थान पर नहीं मिली। मंदिर में चोरी का पता लगने के बाद मंदिर के पुजारी ने तत्काल पाली पुलिस को घटना की जानकारी दी, इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस चोर को पकड़ने के लिए स्निफर डॉग को बुलाया। इस दौरान मंदिर के आसपास सर्चिंग की गई, तब मंदिर के पीछे कुछ दूरी पर खाली दान पेटी मिली। मंदिर से चोरी हुए मुकुट और जेवरात की कीमत करीब 2 लाख रूपये बताई जा रही है। बीते 3 महीने में बढ़ी चोरी की वारदातें गौरतलब है कि पाली क्षेत्र में बीते 3 महीने में छोटी-बड़ी चोरी की घटनाएं हो रही है, पहले तो चोर घरों और दफ्तरों को निशाना बनाते थे। अब चोरों ने मंदिर में भी हाथ साफ करना शुरू कर दिया है। लगातार चोरियों ने आमजन की नींद हराम कर दी है। वहीं पुलिस के हाथ अब तक खाली है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद है। recent visitors 62

निर्विरोध जीत गए 3000 लोग, न्यायालय ने असंतुष्ट उम्मीदवारों को चुनाव याचिका दायर करने की अनुमति दी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने इस तथ्य को ‘बहुत विचित्र’ बताया कि पंजाब में हाल में हुए चुनावों में 13,000 पंचायत पदाधिकारियों में से 3,000 निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। न्यायालय ने असंतुष्ट उम्मीदवारों को चुनाव याचिका दायर करने की अनुमति दे दी। प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने कई उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को खारिज करने और अन्य चुनावी अनियमितता का आरोप लगाने संबंधी याचिका पर पहले नोटिस जारी किए थे। पीठ ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति निर्वाचन आयोग के समक्ष चुनाव याचिका दायर कर सकते हैं और आयोग को छह महीने में उन पर फैसला करना होगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए या फाड़ दिए गए, वे भी अपनी शिकायतें लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय जा सकते हैं। अदालत ने कहा कि उनकी याचिकाओं को सीमा अवधि के उल्लंघन के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाओं को गुण-दोष के आधार पर निपटाया जाना चाहिए। आदेश में कहा गया है, 'हम याचिकाकर्ता को चुनाव याचिका दायर करने की अनुमति देते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग छह महीने में याचिकाओं पर फैसला करेगा, देरी होने पर याचिकाकर्ता उच्च न्यायालय जा सकते हैं।' आदेश में कहा गया है, 'जिन लोगों के नामांकन खारिज कर दिए गए या कागजात फाड़ दिए गए, वे कानून के अनुसार उच्च न्यायालय के समक्ष समीक्षा याचिका दायर कर सकते हैं… यदि उच्च न्यायालय में उनकी याचिका खारिज कर दी जाती है तो याचिकाकर्ताओं को इस अदालत में आने का अधिकार है।' संक्षिप्त सुनवाई के दौरान, जब न्यायालय को बताया गया कि पंचायत के 13,000 से अधिक पदों में से 3,000 पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, तो प्रधान न्यायाधीश ने आश्चर्य व्यक्त किया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, 'यह बहुत अजीब है! मैंने ऐसे आंकड़े कभी नहीं देखे… यह बहुत बड़ी संख्या है।' एक वकील ने दावा किया कि चुनाव के दौरान एक उम्मीदवार का चुनाव चिह्न हटा दिया गया था। शीर्ष अदालत ने इस बात पर भी आश्चर्य व्यक्त किया कि उच्च न्यायालय ने सैकड़ों याचिकाओं को प्रभावित पक्षों का पक्ष उचित तरीके से सुने बिना खारिज कर दिया। पीठ ने 18 अक्टूबर को सुनीता रानी और अन्य द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें 15 अक्टूबर को हुए पंचायत चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। recent visitors 78

हाईकोर्ट ने दिल्ली स्थित हिमाचल भवन को कुर्क करने के आदेश दिए, सुक्खू सरकार को लगा झटका

शिमला हिमाचल की सुक्खू सरकार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने दिल्ली स्थित हिमाचल भवन को कुर्क करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश सेली हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी लिमिटेड द्वारा दायर की गई अनुपालना याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किए गए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि कंपनी को अपनी बकाया राशि वसूलने के लिए हिमाचल भवन को नीलाम करने की अनुमति दी जाए। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अजय मोहन गोयल ने यह आदेश 64 करोड़ रुपये के बकाये को लेकर दिया। दरअसल यह राशि कंपनी को ब्याज सहित राज्य के ऊर्जा विभाग से मिलनी थी, जो अब तक नहीं दी गई है। हाईकोर्ट ने ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश दिया है कि वे यह तथ्यात्मक जांच करें कि किस अधिकारी या अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह राशि अभी तक जमा नहीं की गई। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि दोषी अधिकारियों से इस ब्याज की राशि व्यक्तिगत रूप से वसूलने का आदेश दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की है और अगली सुनवाई के लिए 6 दिसंबर 2024 तारीख तय की है। कोर्ट ने राज्य सरकार को इस बात की भी स्पष्ट जानकारी देने के लिए कहा है कि किस वजह से बकाया राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ है, जबकि इसे कई साल पहले वसूल किया जाना चाहिए था। यह मामला वर्ष 2009 से जुड़ा हुआ है, जब राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने सेली हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी लिमिटेड को लाहौल स्पीति में 320 मेगावाट के बिजली प्रोजेक्ट का आवंटन किया था। इसके तहत कंपनी को बीआरओ द्वारा सड़क निर्माण कार्य उपलब्ध कराया गया था। सरकार ने समझौते के तहत कंपनी को जरूरी मूलभूत सुविधाएं देने का वादा किया था, ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके। हालांकि, बाद में कई विवादों के चलते कंपनी ने 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी, जिसके बाद यह मामला कानूनी दांव-पेचों में उलझ गया था। कंपनी का आरोप है कि सरकार इस परियोजना के लिए मूलभूत सुविधाएं देने में नाकाम रही। राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि अभी उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं पढ़ी है। उन्होंने कहा कि अपफ्रंट प्रीमियम 2006 की ऊर्जा नीति के तहत तय किया जाता है। आर्बिट्रेशन का फैसला चिंताजनक है और सरकार फैसले का अध्ययन करेगी। भाजपा ने सरकार पर साधा निशाना इस बीच, हिमाचल भवन की नीलामी के फरमान ने राज्य की सत्तारूढ़ सुक्खू सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। फिलहाल यह मुद्दा विपक्ष के लिए एक बड़ा राजनीतिक हथियार बनता दिख रहा है। हिमाचल प्रदेश भाजपा ने हाईकोर्ट से फैसला आने के बाद कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा है। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल भवन जो राज्य का गौरव है, वह आज कुर्क किए जाने के कगार पर है। यह प्रदेश के लिए अत्यंत शर्मनाक घटना है। मुख्यमंत्री और उनकी सरकार ने राज्य की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाई है तथा हिमाचल अब नीलामी के दौर में है। वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी प्रदेश सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार पर प्रश्नचिन्ह लगाया है। सरकार अपना पक्ष कोर्ट में नहीं रख पा रही है, इसलिए हिमाचल भवन को अटैच करने के आदेश दिए गए हैं। यह सरकार की विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। recent visitors 76

ये योगासन बनाते हैं टांगों की मसल्सा को मजबूत

उत्कटासन कोर की मांसपेशियों (जांघों और नितंबों) को मजबूत होना बहुत जरूरी है। इसके लिए जरूरी नहीं है कि आप जिम में घंटों पसीना बहाएं। अगर आप अपनी टांगों की मांसपेशियों को मजबूत बनाना चाहते हैं। तो यहां हम आपको 3 ऐसे योगासनों के बारे में बता रहे हैं जो आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। ये योगासन टांगों की मसल्सो को मजबूत बनाने के साथ, हिप, टखनों, पेट की मसल्सह आदि शरीर के कई हिस्सोंक के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती है। उत्कटासन : उत्कटासन कोर की मांसपेशियों (जांघों और नितंबों) को मजबूत बनाने और टोन में मदद करता है। सीधे हाथ जोड़कर (नमस्ते में मुद्रा) खड़े हो जाओ। पैरों के पंजे भूमि पर टिके हुए हों तथा एड़ियों के ऊपर नितम्ब टिकाकर बैठ जाइए। दोनों हाथ घुटनों के ऊपर तथा घुटनों को फैलाकर एड़ियों के समानान्तर स्थिर करें। अपने सिर को हल्का आगे मोड़ें। इस मुद्रा में तब तक रहें जब तक आप सहज हो। आसन से बाहर आने के लिए आराम से सीधा खड़ा हो जाएं। वृक्षासन : वृक्षासन आपके पेट से वसा को दूर करने के लिए सबसे आसान और आदर्श आसनों में से एक है। साथ ही इस आसन से टांगों की वसा कम होती हैं और शरीर का संतुलन बेहतर है। इसे करने के लिए योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और अपने पैर जोड़ लें। अब अपना दायां पैर, अपनी बाईं जांघ पर रखें। आपके दाएं पैर का अंगूठा नीचे जमीन की तरफ हो और बाएं पैर की उंगलियां सामने की तरफ। ध्या न रखें कि आपकी पीछे से गर्दन, रीढ़ की हड्डी की रेखा में सीधी होनी चाहिए। अर्ध चंद्रासन : अर्ध चंद्रासन भी जांघों और नितंबों की चर्बी को कम करने के लिए बहुत अच्छा है। इसके अलावा अतिरिक्त स्ट्रेच से पेट की चर्बी भी कम होकर आपका शरीर मजबूत बनता है। इसे करने के लिए, शुरू करने के साथ ही अपने पैरों को एक साथ करके  खड़े हो जाये। फिर दाएं हाथ को उपर सीधा कान और सिर से सटा हुआ रखते हुए ही कमर से बाईं ओर झुकते जाएं। जहां तक हो सके बाईं ओर झुके फिर इस अर्ध चंद्र की स्थिति में 30-40 सेकंड तक रहें। वापस आने के लिए धीरे-धीरे पुन: सीधे खड़े हो जाएं। इस आसन को 4 से 5 बार करने से लाभ होगा।   recent visitors 54