Sunday, July 5, 2026 10:59 am

महाराष्ट्र में मतदान कल, चाचा के सामने भतीजा, दांव पर सीएम की प्रतिष्ठा, विधानसभा के टॉप-5 मुकाबले

मुंबई महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। 288 सीटों वाले इस प्रदेश में महायुति और महाविकास अघाड़ी गठबंधन आमने-सामने हैं। इसमें कई हाई-प्रोफाइल मुकाबले भी हैं। चुनाव प्रचार के लिए महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई बड़े नाम नजर आ चुके हैं। बता दें कि महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 29 एससी, 25 एसटी के लिए रिजर्व हैं। इन 288 सीटों पर कुल 4,140 उम्मीदवार मैदान में हैं।  वर्ली: मिलिंद देवड़ा बनाम आदित्य ठाकरे बनाम संदीप देशपांडे इन हाई प्रोफाइल सीटो में से मुंबई की वर्ली सिटी एक है। यहां पर शिंदे सेना के मिलिंद देवड़ा, शिवसेना-यूबीटी के आदित्य ठाकरे और मनसे नेता संदीप देशपांडे के बीच मुकाबला है। मिलिंद देवड़ा दक्षिणी मुंबई से पूर्व सांसद हैं। वह यहां पर शहरी मध्य वर्ग के वोटर पर पूरी तरह से निर्भर हैं। बता दें कि यूपीए-2 सरकार के दौरान वह केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे ने 2019 में पहली बार चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने 89,248 वोटों से बड़ी जीत हासिल की थी। तब उन्होंने एनसीपी के सुरेश माने को हराया था। माने को तब मात्र 21,821 वोट ही मिले थे। इस सीट पर तीसरा नाम संदीप देशपांडे का है। संदीप ने अपनी पहचान स्थानीय मुद्दों पर काम करके बनाई है। खासतौर पर वर्ली में मराठी भाषी लोगों में उनकी काफी पकड़ है। बारामती: पवार वर्सेस पवार बारामती वह सीट है, जहां मुकाबला पवार बनाम पवार है। इस बार आमने-सामने हैं डिप्टी सीएम अजित पवार और उनके भतीजे युगेंद्र पवार। पिछली बार अजित पवार की पत्नी और सुप्रिया सुले के बीच मुकाबला था। इसमें अजित पवार गुट को हार का मुंह देखना पड़ा था। इस बार अजित पवार खुद मैदान में हैं। वहीं, युगेंद्र के सिर पर शरद पवार का हाथ है। अजित पवार सात बार से यहां से विधायक हैं। साल 2019 में उन्होंने बारामती में करीब 1.95 लाख वोट हासिल किए थे। वांद्रे पूर्व: जीशान सिद्दिकी बनाम वरुण सरदेसाई वांद्रे पूर्व सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प है। यहां पर जीशान सिद्दिकी और वरुण सरदेसाई आमने-सामने हैं। जीशान सिद्दिकी के पास युवाओं और मुस्लिमों का समर्थन है। जीशान स्थानीय मुद्दों के लिए हमेशा सक्रिय रहते हैं। वहीं, पिता बाबा सिद्दिकी की हत्या से उपजी सहानुभूति भी उनके पक्ष में काम करेगी। उनके मुकाबले में उद्धव ठाकरे के भतीजे वरुण सरदेसाई हैं। वह साल 2022 में शिवसेना में हुए बंटवारे के बाद से ही उद्धव ठाकरे सेना के साथ बने हुए हैं। वांद्रे ईस्ट में शिवसेना के परंपरागत वोटों में उनकी खासी पहुंच है। नागपुर दक्षिण पश्चिम: देवेंद्र फडणवीस बनाम प्रफुल्ल गुदाढे़ इस सीट पर प्रदेश सरकार में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। वह 2009 के बाद से नागपुर दक्षिण-पश्चिम सीट पर लगातार तीन बार से जीत रहे हैं। अगर फडणवीस इस साल भी जीतते हैं तो यह उनकी चौथी जीत होगी। साल 2019 के चुनाव में उन्होंने 49 हजार सीटों से जीत हासिल की थी। उनके सामने कांग्रेस के प्रफुल्ल गुडाढ़े हैं, जिनकी स्थानीय पकड़ काफी बेहतर है। कोपरी-पचपखड़ी: एकनाथ शिंदे बनाम केदार दिघे ठाणे के इस विधानसभा सीट पर भी मुकाबला काफी हाई-फाई है। यहां पर सीएम एकनाथ शिंदे की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। शिंदे के सामने उनके गुरु आनंद दिघे के भतीजे केदार दिघे हैं। शिंदे अक्सर आनंद दिघे को अपना राजनैतिक गुरु बताते हैं। उन्होंने दिघे के जीवन पर बनी फिल्म को भी फाइनेंस किया था। recent visitors 69

रणवीर ने निकुंज बियानी के साथ मिलकर प्रोटीन फूड और सप्लीमेंट ब्रांड ‘सुपरयू’ की शुरुआत की

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह ने निकुंज बियानी के साथ मिलकर अपने प्रोटीन फूड और सप्लीमेंट ब्रांड ‘सुपरयू’ की शुरुआत की है। हाल ही में, एनर्जी पावरहाउस रणवीर सिंह ने निकुंज बियानी के साथ मिलकर अपने प्रोटीन फूड और सप्लीमेंट ब्रांड ‘सुपरयू’ की शुरुआत की है।रणवीर सिंह ने लॉन्च प्रमोशन के लिए एक कैंपेन की शुरुआत की है। इस कैंपेन में उनकी एनर्जी झलकती है और यह सभी उम्र के लिए हेल्दी प्रोटीन ऑप्शन्स की अहमियत पर जोर देता नजर आ रहा है। रणवीर सिंह ने एक अनोखे वीडियो में अपनी एनर्जी के राज से पर्दा उठाया है, जिसमें वह अपनी जबरदस्त एनर्जी और सिग्नेचर चार्म को पेश करते दिखाई दे रहे है। यहअनोखा वीडियो वायरल हो गया है, और दीपिका ने इसपर सबसे पहले कॉमेंट करते हुए लिखा है, ‘ब्रिलियंट’ रणवीर सिंह को सिंघम अगेन में सिम्बा की भूमिका के लिए खूब तारीफ मिल रही है और उनके पास कुछ रोमांचक प्रोजेक्ट भी हैं। वह जल्द ही डॉन 3 में आइकॉनिक किरदार निभाते नजर आने वाले हैं। इसके अलावा उन्होंने निर्देशक आदित्य धर के साथ एक एक्शन से भरपूर फिल्म के लिए भी हाथ मिलाया है।   recent visitors 116

बढ़ते पलूशन को लेकर CJI ने न्यायाधीशों से कहा, जहां तक संभव हो वर्चुअल सुनवाई करें

नई दिल्ली मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने मंगलवार को दिल्ली में बढ़ते पलूशन को लेकर सभी न्यायाधीशों से कहा कि जहां तक संभव हो वर्चुअल सुनवाई करें। जैसे ही मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश संजय कुमार की पीठ बैठी, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल सिब्बल सहित अन्य वकीलों ने दिल्ली और एनसीआर में पलूशन की बदतर होती स्थिति का जिक्र किया। सभी वकीलों ने इससे निपटने के लिए तत्काल उपाय करने की मांग की। हाईब्रिड मोड में काम करेंगी अदालतें मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने कुछ वरिष्ठ वकीलों के अनुरोध को अस्वीकर दिया है। इन वकीलों की तरफ से अदालतों के कामकाज को पूरी तरह से वर्चुअल करने की मांग की गई थी। सीजेआई ने वकीलों से कहा कि अदालतें हाइब्रिड मोड में काम करती रहेंगीं। वकील सुनवाई के लिए वचुर्अल माध्यम चुन सकते हैं। कपिल सिब्बल को मिला वकीलों का समर्थन सीजेआई ने कहा कि हमने सभी जजों से कहा है कि जहां तक संभव हो वर्चुअल सुनवाई करें। सिब्बल ने कहा कि पलूशन नियंत्रण से बाहर हो गया है। कपिल सिब्बल को कई वकीलों का समर्थन मिला हुआ था। इसमें सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और गोपाल शंकरनारायणन भी शामिल थे। कपिल सिब्बल ने कहा कि इसे कम करने की जरूरत है। साथ ही यह मेसेज अन्य अदालतों तक जाना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि शीर्ष अदालत को सिद्धांत रूप से वर्चुअल होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को खुद लिया संज्ञान सोमवार को सर्वोच्च अदालत ने इस बात पर संज्ञान लिया कि एक्यूआई गंभीर प्लस श्रेणी में पहुंच गया है और सभी दिल्ली-एनसीआर राज्यों को पलूशन विरोधी ग्रैप- 4 प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने के लिए तुरंत टीमें गठित करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक ग्रैप-4 से जुड़े प्रतिबंध जारी रहेंगे। बिना अनुमती ग्रैप-4 के प्रतिबंध नहीं हटेंगे सोमवार को सुबह 8 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 484 दर्ज किया गया, जो इस मौसम का सबसे खराब स्तर है। कुछ इलाकों में AQI 500 के पार भी पहुंच गया। इस कारण लगातार प्रतिबंध को लागू करने से जुड़ी खबरें आती रहीं। इनमें स्कूलों से जुड़े प्रतिबंध सबसे ज्यादा सामने आए। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी, ऑफलाइन क्लासों के बंद करने जैसे तमाम प्रयास सामने आए। recent visitors 60

पीएससी घोटाला: परीक्षा में धांधली कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नहीं बख्शे जाएंगे : मंत्री चौधरी

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी की गिरफ्तारी के बाद भाजपा को कांग्रेस पर हमला करना का मौका मिल गया है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पीएससी घोटाले को लेकर कहा कि यह पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शीर्ष नेताओं की शह के बिना संभव नहीं था. परीक्षा में धांधली कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले डबल इंजन सरकार में बख्शे नहीं जाएंगे. बता दें कि पीएससी गड़बड़ी की जांच हाथ में लिए जाने के पांच महीने बाद सीबीआई ने सोमवार को पीएससी के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के साथ बजरंग पावर एण्ड इस्पात लिमिटेंड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था. आज दोनों को अदालत में पेश कर सीबीआई ने 14 दिन की रिमांड मांगी है. सीबीआई की बड़ी कार्रवाई के बाद भाजपा के तमाम नेता कांग्रेस पर हमला करना शुरू कर दिया है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपरोक्ष तौर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर किए में अपने पोस्ट में लिखा है कि यह घोटाला कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की शह के बिना संभव नहीं था. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार में दोषी बख्शे नहीं जाएंगे. recent visitors 57

भोपाल का न्यू हकीम होटल: किचन में बहते सीवेज के पास बन रहा खाना

Bhopal’s New Hakeem Hotel: Food being cooked near flowing sewage in the kitchen भोपाल। बोर्ड ऑफिस चैराहा स्थित न्यू हकीम होटल में अगर आप नाॅनवेज खाना खाने जाते हैं, तो सावधान हो जाइऐ। यहां नाॅनवेज खाना खुले में बह रहे सीवेज के पास तैयार हो रहा है। वहीं किचन के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। होटल के पीछे बनी किचन की जांच पडताल की गई तो खुले में सीवेज बहता मिला। वहीं होटल संचालक बेफिक्र है, क्योंकि इसके संचालक भोपाल जिला भाजपा कार्यकारिणी में बडे पद पर है। सूत्रों के अनुसार संचालक भाजपा जिला उपाध्यक्ष है, ऐसी होटल संचालक बताता है और कहता है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। इसलिए प्रषासन भी दबाववष कार्यवाही करने की बजाय वह धीरे से अपनी जेब गरम करने में भलाई समझते हैं। इसके पहले भी इस होटल के साफ-सफाई और स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी के गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। यहां खाना गंदगी के बीच तैयार किया जा रहा है जो ग्राहकों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। नाॅनवेज किसका है यह नहीं बताया जाता होटल में जो मांस या मछली लोगों को परोसी जाती है, वह कितने दिन की रखी है। साथ ही लोगों को खिलाये जाने वाले मांस या मछली की क्या क्वालिटी है? इस मांस या मछली की क्वालिटी को किस डाॅक्टर ने खाने योग्य अपनी सहमति दी, यह किसी को नहीं बताया जाता है? कुछ लोगों ने बताया कि नानवेज की क्वालिटी बेकार है। किचन में स्वच्छता का अभाव होटल में देखा गया कि किचन में न तो सफाई की कोई व्यवस्था है और न ही स्वास्थ्य सुरक्षा के बुनियादी नियमों का पालन किया जा रहा है। खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों और सामग्री की हालत खराब है। ऐसे अस्वच्छ वातावरण में तैयार खाना लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।संचालकों की लापरवाहीहोटल संचालकों द्वारा ग्राहकों की सेहत को नजरअंदाज किया जा रहा है। गंदगी के बीच भोजन तैयार करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि यह स्वास्थ्य विभाग के नियमों का भी सीधा उल्लंघन है। स्थानीय प्रशासन की भूमिका इस मामले ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ऐसे होटलों पर नियमित जांच और कार्रवाई की जा रही है? यदि नहीं, तो यह प्रशासन की बड़ी लापरवाही मानी जाएगी। इस मुद्दे पर लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।स्वास्थ्य सुरक्षा की अनदेखी बर्दाश्त नहींखाने-पीने की जगहों पर स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। गंदगी में तैयार खाना सिर्फ होटल आने वाले ग्राहकों को ही नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर समाज के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।इस तरह की घटनाएं न केवल होटल संचालकों की लापरवाही को उजागर करती हैं बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी कई सवाल खडे करती है? समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इसके परिणाम समाज के स्वास्थ्य पर दूरगामी असर डाल सकते हैं। क्या होना चाहिए अगला कदम? recent visitors 624

ई-मंडी प्लेटफार्म से डिजिटल होंगी कृषि उपज मंडियां, राजस्थान-केकड़ी में शुरू होगी ‘खेत से खरीद’ योजना

केकड़ी. राजस्थान सरकार की वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा के अनुरूप 'खेत से खरीद' ई-मंडी प्लेटफार्म योजना के माध्यम से सीधे किसानों के खेत से फसल खरीदने की सुविधा शीघ्र ही शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके तहत फसल की नीलामी व भुगतान सहित माल की आवक से लेकर जावक तक के मंडी समिति के सभी कार्य ऑनलाइन किए जाएंगे। भारत में किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अक्सर ही बाजार की कठिन प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है। मंडियों में किसानों के उत्पाद की गुणवत्ता, मात्रा और कीमत का निर्णय आढ़तियों द्वारा किया जाता है, जिससे किसानों को उचित दाम नहीं मिलने की शिकायत बनी रहती है। किसानों की इस समस्या को देखते हुए सरकार द्वारा किसानों के हित में कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें से एक इलेक्ट्रॉनिक कृषि पोर्टल यानि ई-मंडी प्लेटफार्म को शुरू करना सबसे महत्वपूर्ण है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के शासन सचिव राजन विशाल ने बताया कि प्रदेश की कृषि उपज मंडियों को ई-मंडी प्लेटफार्म के माध्यम से डिजिटल किया जा रहा है, जिसमें ई-ऑक्शन के माध्यम से व्यापारियों को किसी भी स्थान पर भौतिक रूप से उपस्थित हुए बिना ही भाव लगाने का अवसर प्राप्त हो सकेगा। बजट घोषणा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश में संचालित ई-मंडी प्लेटफार्म का अध्ययन करने हेतु राजस्थान राज्य कृषि विपणन विभाग के पांच अधिकारियों का दल उज्जैन एवं देवास मंडी के भ्रमण हेतु भेजा गया। अध्ययन दल ने गतिविधियों को समझने एवं देखने के पश्चात् मध्यप्रदेश की मंडियों में संचालित ई-मंडी प्लेटफार्म, ई-अनुज्ञा, ई-मंडी फार्मगेट को प्रदेश में लागू करने की दिशा में कई व्यवहारिक और तकनीक से संबंधित सुझाव पेश किए गए हैं। कृषि विपणन निदेशक राजेश चौहान ने बताया कि बजट घोषणा के क्रियान्वयन हेतु खेत से खरीद की परिकल्पना को पूर्ण करने एवं नियमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ई-मंडी प्लेटफार्म विकसित किया जाना प्रस्तावित हैं, जिससे प्रदेश के किसानों एवं व्यापारियों को बेहतर विपणन सुविधाऐं प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने बताया कि ई-मंडी प्लेटफार्म के विकसित होने से किसान को सीधे अपने खेत से राज्य की किसी भी मंडी में कृषि जिन्स बेचने का विकल्प और सुविधा प्राप्त हो सकेगी। यानी कि यह सुविधा शुरू होने के बाद वह कहीं से भी कभी भी, कहीं भी ई-मंडी प्लेटफार्म के माध्यम से अपनी फसल विक्रय कर सकेगा। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा, साथ ही मंडी समिति को भी सभी प्रकार की सूचनाएं पंजीकृत व्यापार, मंडी में आने वाले किसान, मंडी शुल्क, उपज के भाव और आवक-जावक का रिकॉर्ड एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगा। इसके अंतर्गत ई-भुगतान की सरल प्रक्रिया से किसानों एवं व्यापारियों को सुगमता होगी। मंडी रिकॉर्ड एवं नियमन की दृष्टि से अनियमितता भी कम होगी। किसान खेत से अपनी उपज की पूर्ति तथा व्यापारी की मांग के आधार पर निर्णय ले सकेंगे। ई-मंडी प्लेटफार्म क्या है? ई-मंडी प्लेटफार्म एक ऑनलाइन कृषि व्यापार मंच है, जहां किसान अपने कृषि उत्पादों को सीधे खरीदारों को बेच सकते हैं। हालांकि यह मंडी पारंपरिक मंडियों की तरह ही है, लेकिन यहां सारा व्यापार ऑनलाइन होता है। यह मंच किसानों और खरीदारों को एक जगह लाने का काम करता है तथा किसानों को प्रतिस्पर्धी दरों पर अपनी फसल बेचने की सुविधा देने के साथ-साथ लाइसेंसधारी व्यापारियों को भी गुणवत्तापूर्ण फसल खरीदने की सुविधा देता है। किसान, बिना मंडी के फेरे लगाएं, घर बैठे अधिकतम खरीदारों से जुड़कर फसल का उचित मूल्य पर प्राप्त कर सकता है। ई-मंडी व्यापार की संचालन प्रक्रिया पंजीकरणः ई-मंडी में खरीद-बिक्री व्यापार का संचालन बहुत ही सरल और पारदर्शी है। किसान और खरीदार दोनों को सबसे पहले ई-मंडी प्लेटफार्म पर पंजीकरण करना होता है और फिर वे लॉगिन कर सकते हैं। फसल जानकारीः किसान अपने उत्पादों की जानकारी, जैसे कि प्रकार, मात्रा, गुणवत्ता आदि इस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करते हैं। इससे खरीदारों को उत्पाद की पूरी जानकारी मिलती है। बोली प्रक्रियाः खरीदार उत्पादों पर बोली लगाते हैं। किसान विभिन्न बोलियों का मूल्यांकन करते हैं और सबसे उपयुक्त बोली का चयन करते हैं। मूल्य निर्धारणः एक बार बोली स्वीकृत हो जाने पर, कीमत तय हो जाती है और दोनों पक्षों के बीच सौदा पक्का होता है। भुगतान और वितरणः सौदा पक्का होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू होती है। ई-मंडी प्लेटफार्म इस बात का ध्यान रखता है कि भुगतान सुरक्षित और समय पर हों। इसके बाद उत्पाद की डिलीवरी की जाती है। recent visitors 169

सिर्फ बालकनी से नहीं,दिल्ली का प्रदूषण अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है, चौंका देंगी तस्वीरें

नई दिल्ली उत्तर भारत में इन दिनों प्रदूषण का कहर जारी है। खराब आबोहवा के बीच लोगों का सांस लेना भी दूभर हो रहा है। दिल्ली के कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद खराब रही जहां कोहरे और धुंध की वजह से स्थिति असामान्य बनी हुई है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर गंभीर श्रेणी तक पहुंच गया है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के बताए गए सुरक्षित सीमा से कहीं ज्यादा है। इस बीच अब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि दिल्ली का प्रदूषण अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है। रेडिट पर शेयर किए गए एक तस्वीर में भारत के नक्शा दिखाई दे रहा है। इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा है, “उत्तर भारत में प्रदूषण अंतरिक्ष से साफ दिखाई दे रहा है। सिर्फ एक महीने पहले ऐसा नहीं था।” नक्शे में देखा जा सकता है कि एक महीने पहले जहां स्थिति सामान्य थी, वहां अब सफेद चादर की परत दिखाई दे रही है। इस पोस्ट पर लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "यह सच में पागलपन है।" वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, "यह इतना भयानक है कि मेरा एयर प्यूरीफायर बिना रुके चल रहा है लेकिन यह अभी भी लाल बत्ती दिखाता है। मैंने दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी हैं लेकिन यह ठीक नहीं हो रहा।" कुछ लोग इस पर मजेदार कमेंट भी करते दिखे। एक यूजर ने कहा, "अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमें भारत में ज्यादा जनसंख्या के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि औसत जीवन आयु दर 1900 की स्थिति में पहुंच जाएगी।" गौरतलब है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली के कई इलाकों में AQI 500 के आंकड़े को भी पार कर चुका है। इस स्केल पर 0 से 50 के बीच AQI को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब', 401 से 450 को 'गंभीर' और 450 से ऊपर को 'गंभीर से अधिक' माना जाता है। recent visitors 68