Sunday, July 5, 2026 2:08 pm

अमेरिका में भारतीय मूल की तुलसी उड़ा रहीं पाकिस्तान की नींद, टीम ट्रंप से परेशान पाकिस्तान

वॉशिंगटन अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप अपनी नई टीम चुन रहे हैं। बतौर अमेरिकी राष्ट्रपति यह उनका दूसरा टर्म होगा। ट्रंप अपनी नई कैबिनेट के कई सारे सदस्यों को चुन चुके हैं। ट्रंप कैबिनेट में जिन चेहरों को चुना गया है, उसने पाकिस्तान की रातों की नींद उड़ा दी है। इन चेहरों में भारतीय मूल की तुलसी गोबार्ड भी हैं, जो पहले भी पाकिस्तान को निशाने पर लेती रही हैं। इसको लेकर पाकिस्तान के पॉलिसी मेकर्स, थिंक टैंक्स और पाकिस्तानी सेना के तमाम अधिकारियों में भी काफी बेचैनी है। असल में ट्रंप की टीम के नए सदस्यों, जिनमें सेक्रेट्री ऑफ स्टेट, रक्षा सचिव, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और जासूसी एजेंसी सीआईए चीफ, सभी पाकिस्तान के मुखर आलोचक रहे हैं। अमेरिकी विदेश नीति से खुद को खारिज होता देख पाकिस्तान नए सिरे से रणनीति बनाने में जुट गया है। एक नजर ट्रंप सरकार के उन चेहरों पर, जिसने पाकिस्तान को परेशान कर दिया है। मार्को रुबियो, सेक्रेट्री ऑफ स्टेटसीनेटर मार्को रुबियो को ट्रंप सरकार में सेक्रेट्री ऑफ स्टेट बनाया गया है। मार्को रुबियो अमेरिका में भारत समर्थित बिल पेश कर चुके हैं। इसमें पाकिस्तान को लेकर चिंता भी जताई जा चुकी है। ऐसे में मार्को को लेकर पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय में घंटियां बजने लगी हैं। रुबियो के प्रस्तावित बिल में भारत के खिलाफ आतंकवाद प्रायोजित करने में पाकिस्तान का हाथ बताया गया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान सरकार समर्थित प्रॉक्सी ग्रुप्स के जरिए भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। ऐसे में उसे अमेरिका से किसी तरह की मदद नहीं मिलनी चाहिए। ‘यूएस-इंडिया डिफेंस को-ऑपरेशन एक्ट’ नाम के इस बिल में रुबियो ने सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि चीन पर भी निशाना साधा था। उन्होंने क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल की काट के तौर पर भारत से रक्षा सहयोग बढ़ाने की बात कही थी। बिल के मुताबिक अमेरिका को सलाह दी गई थी कि वह टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मामले में भारत के साथ-साथ जापान, इजरायल, दक्षिण कोरिया और नाटो को शीर्ष सहयोगी समझे। साथ ही भारत को रक्षा, तकनीक, रक्षा निवेश और सिविल स्पेस में सहयोग के जरिए पूरा सुरक्षा सहयोग देने की बात भी कही गई है। माइकल वॉल्ट्ज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ट्रंप प्रशासन के एक अन्य अहम नाम, माइकल वॉल्ट्स भी पाकिस्तान के धुर आलोचक रहे हैं। उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने से भी पाकिस्तान की भौहें तनी हुई हैं। वॉल्ट्ज पूर्व में पाकिस्तान को आतंकवाद को लेकर कड़ी नसीहत दे चुके हैं। उन्होंने कहा था आतंकवाद विदेश नीति का टूल नहीं हो सकता। चाहे लश्कर-ए-तैयबा हो या कोई अन्य आतंकी संगठन, स्वीकार नहीं होगा। पाकिस्तान सरकार, सेना और आईएसआई को इनसे बाहर निकलना होगा। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का दोषी बताया था। साथ ही सीमा पार आतंकवाद पर लगाम लगाने की भी सलाह दी थी। तुलसी गाबार्ड, नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर कुछ ऐसा ही रवैया तुलसी गाबार्ड भी रहा है। ट्रंप प्रशासन में राष्ट्रीय खुफिया निदेशक की अहम पोस्ट हासिल करने वाली तुलसी पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत के साथ रही हैं। 2019 में पुलवामा हमले के बाद उन्होंने खुलकर भारत का साथ दिया था। इसके अलावा वह पाकिस्तान को अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को शरण देने के लिए लताड़ लगा चुकी हैं। ओसामा साल 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी नैवी सील के ऑपरेशन में मार गिराया गया था। जॉन रैटक्लिफ, सीआईए चीफ सीआईए के अगले प्रमुख जॉन रैटक्लिफ को चीन और ईरान के प्रति उनके तीखे नजरिए के लिए जाना जाता है। वह इस्लामाबाद की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखेंगे। ऐसे में विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इस्लामाबाद के लिए अमेरिका के साथ संबंध निभाने में मुश्किल आएगी। अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को आतंकवाद और आतंकियों पर कार्रवाई के लिए दबाव बढ़ना भी तय है। साथ ही यह भी समझ में आ रहा है कि डोनाल्ड ट्रम्प के मंत्रिमंडल के चयन पाकिस्तान के लिए एक संदेश है कि इस्लामाबाद उनकी प्राथमिकता सूची में नहीं है। recent visitors 109

यूजर्स एक्स प्लेटफॉर्म से जैक डॉर्सी के ब्लूस्काई ऐप पर शिफ्ट

नई दिल्ली सोशल मीडिया यूजर एलन मस्क के एक्स प्लेटफॉर्म से दूरी बना रहे हैं। यूजर्स एक्स प्लेटफॉर्म से जैक डॉर्सी के ब्लूस्काई ऐप पर शिफ्ट हो रहे हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया यूजर एलन मस्क को अमेरिकी चुनाव प्रचार के बाद से संदेह की नजर से देख रहे हैं। बता दें कि एलन मस्क ने अमेरिकी चुनाव में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था। साथ ही ऐसे आरोप लगे हैं कि एलन मस्क ने हेट स्पीच की वजह से बैन एक्स अकाउंट को अनब्लॉक कर दिया था। ऐसे में काफी संख्या में यूजर ब्लस्काई ऐप की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। क्या है ब्लूस्काई ऐप यह एक डिसेंट्रलाइज्ड माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है। ब्लूस्काई ऐप की स्थापना साल 2019 में जैक डॉर्सी ने की थी। यह प्लेटफॉर्म साल 2024 की शुरुआत तक इनवाइट ओनली बेस्ड था, जिससे डेवलपर्स नए फीचर्स की जांच कर सकें। ब्लूस्की के सीईओ जे ग्रेबर अब प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं, जो एक पब्लिक बेनिफिट कॉर्पोरेशन को ऑपरेट करता है। ब्लूस्काई में क्या है अलग? Bluesky यूजर्स को शार्ट मैसेज पोस्ट करने की इजाजत देता है। साथ ही फोटो और वीडियो पोस्ट करने की सुविधा देता है। इसके अलावा यूजर्स डायरेक्ट मैसेज भेज सकते हैं। इसका सबसे अहम फीचर डिसेंट्रलाइजेशन फ्रेमवर्क है, जो डेटा स्टोरेज को स्वतंत्र बनाता है। सोशल मीडिया एक्स से अलग ब्लूस्काई एल्गोरिथम फीड का उपयोग करता है। ब्लूस्काई विजिबल कंटेट को यूजर्स के फॉलो किए गए अकाउंट से पोस्ट तक सीमित करता है। क्यों यूजर्स एक्स से बना रहे दूरी ब्लूस्काई की ग्रोथ पॉलिटिकल और कल्चरल शिफ्ट के प्रेरित है। 2024 के अमेरिकी चुनाव में ट्रंप के पब्लिक मंच पर एलन मस्क की मौजूदगी से खेल बदल गया है। ऐसे में ट्रंप के विरोध में यूजर्स एक्स से दूरी बना रहे हैं। गायक लिज़ो और अभिनेता बेन स्टिलर और जेमी ली कर्टिस समेत तमाम हस्तियां ब्लूस्काई ऐप पर शिफ्ट हो गई हैं। मॉनिटाइजेशन और चुनौतियां ब्लूस्काई के यूजर्स बढ़ रहे हैं, लेकिन उसके वित्तीय मॉडल पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि ट्विटर के वक्त भी रेवेन्यू ग्रोथ एक बड़ा मुद्दा था। जैक डॉर्सी का कहना है कि ब्लूस्काई को विज्ञापन से बचाना है। अगर बात ट्विटर की करें, तो आठ साल में ट्विटर केवल दो बार फायदे में रहा है। इसके बाद साल 2022 में एलन मस्क ने 44 बिलियन डॉलर में ट्विटर को खरीदा गया था। recent visitors 65

रोजगार के लिए शासकीय भर्ती के साथ ही निजी क्षेत्र में भी अवसर होंगे उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रोजगार के लिए शासकीय भर्ती के साथ ही निजी क्षेत्र में भी अवसर होंगे उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक लाख शासकीय पदों के लिये भर्ती प्रक्रिया जारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में एक लाख से अधिक शासकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही थी। इस क्रम में भर्ती प्रक्रिया के विज्ञापन जारी कर लोक सेवा आयोग तथा कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से खाली पदों को भरने की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। निवेशकों से आए प्रस्तावों के अनुरूप निजी क्षेत्र में लगभग ढाई लाख से अधिक पदों पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इस उद्देश्य से आई.टी. सेक्टर के साथ ही तकनीकी रूप से दक्षता वाले पाठ्यक्रम भी राज्य सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।   recent visitors 62

मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत सीआरपीएफ के बस्तरिया बटालियन परिसर में लगाया नीम का पौधा

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन 241 वाहिनी के परिसर में नीम का पौधा रोपा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का अनूठा प्रयास है, जिसमें सभी लोग स्वस्फूर्त अपनी भागीदारी दे रहे हैं। श्री साय ने सभी से एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण से हम न केवल पर्यावरण को सुरक्षित करते हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण का उपहार देते हैं।     उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक के बाद अचानक सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन के कैंप पहुंचे थे। वृक्षारोपण के दौरान सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन के सुरक्षा बल के जवान उपस्थित थे। recent visitors 32

विधायक चंद्राकर ने राजधानी में डबल मर्डर को बताया गंभीर

रायपुर राजधानी रायपुर में सामने आई डबल मर्डर की घटना को भाजपा के वरिष्ठ नेता व विधायक अजय चंद्राकर ने गंभीर बताते हुए कहा कि गृह मंत्री से निवेदन है कि तत्काल कार्रवाई हो. वहीं मृतक के पिता की बातों को अन्यथा नहीं लेने की बात कही. भाजपा नेता अजय चंद्राकर ने सीजी पीएससी गड़बड़ी पर तत्कालीन चेयरमैन टामन सोनवानी की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि मामला न्यायालय में है, इसलिए मुझे ज्यादा नहीं बोलना चाहिए. कुछ लोगों की ज्वाइनिंग पर रोक है. अब सीबीआई की एंट्री हो चुकी है, कोई भी कथन किसी के भविष्य को प्रभावित कर सकता है. वहीं रबी फसल पर धनेंद्र साहू के तुगलकी फरमान वाले बयान पर चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है कि मौखिक निर्देश दिए जा रहे हैं. खुद उनका का बयान मौखिक है. मैं उस जगह से आता हूं, जहां सबसे ज्यादा सिंचाई से खेती होती है. कहीं पर भी ऐसा फरमान जारी नहीं किया गया है. कांग्रेसी कहीं से भी बयान खोज के लाकर थोप देते है. recent visitors 59

युवक-माता-पिता और दोस्त पर मामला दर्ज, छत्तीसगढ़-बालोद में बंधक बनाकर युवती से सामूहिक दुष्कर्म

बालोद। जिले में बंधक बनाकर युवती से सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला आया है, जिसमें पीड़िता की शिकायत पर दूसरे धर्म वाले कथित पति के साथ उसके माता-पिता और दोस्त के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. विश्व हिन्दू परिषद ने पुलिस पर छह घंटे थाना में बैठने के बाद पुलिस पर मामला दर्ज करने का आरोप लगाया है. पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, अर्जुन्दा थाना क्षेत्र के एक गांव की लड़की ने बताया कि जिशान खान नाम के युवक ने फोन कर परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए जबरदस्ती दुर्ग ले जाकर दुर्गा मंदिर में पहले शादी की. उसके बाद युवक लड़की को ढाबा ले गया, जहां उसके दोस्त ने उससे छेड़छाड़ की, जिसका विरोध करते हुए लड़की ने दोस्त की चप्पल से पिटाई की. इसके बाद जिशान खान उसे अपने घर ले गया, जहाँ अंधेरे कमरे में रखकर युवक और उसके पिता ने लगातार दुष्कर्म किया. तीन दिनों के दौरान लड़की को खाना तक नहीं दिया गया, यहां तक की बीएमओ के तौर पर पदस्थ युवक की मां ने उसके साथ मार-पीट की. इस बीच घर में किसी के भी मौजूद नहीं रहने पर काम वाली बाई के फोन के जरिए अपने पिता को बंधक बनाए जाने की सूचना दी. युवती की जानकारी मिलने पर उसके परिजनों और विश्व हिन्दू परिषद के लोगों ने उसे छुड़ाया. युवती की खराब हालत को देखते हुए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामले में अर्जुन्दा पुलिस ने आरोपी युवक, उसके माता-पिता और दोस्त के खिलाफ धारा 127(3), 115(2), 62, 64, 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच में लिया है. विहिप ने की कड़ी सजा की मांग मामले में विश्व हिन्दू परिषद जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता ने बताया कि समाज के लोगों के साथ 6 घण्टे थाने में बैठने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. इसके साथ ही लड़कियों से ऐसे किसी बहकावे में न आने के साथ ऐसा कृत्य करने वालों की सूचना परिजनों को देने की बात कही है, जिससे दोबारा घटना न हो. recent visitors 45

ट्रेविस हेड ने निजी कारणों के चलते रोहित शर्मा का पर्थ टेस्ट से बाहर रहने के फैसले का समर्थन किया

पर्थ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को लेकर टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीखी नोक झोंक से परे ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने निजी कारणों के चलते रोहित शर्मा का पर्थ टेस्ट से बाहर रहने के फैसले का समर्थन किया है। रोहित के उपलब्ध न होने की वजह से तेज गेंदबाज और उपकप्तान जसप्रीत बुमराह टीम की कप्तानी करेंगे। हेड ने रोहित की प्राथमिकताओं का समर्थन करते हुए कहा कि अगर वह उसी स्थिति में होते तो वह भी यही करते। उन्होंने कहा, “मैं सौ फीसदी रोहित के फैसले का समर्थन करता हूं, क्योंकि अगर मैं उनकी जगह होता तो यही फैसला लेता।” रोहित शर्मा अपने दूसरे बच्चे के जन्म की वजह से टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए रवाना नहीं हुए थे, लेकिन 15 नवंबर को जब उनके बेटे ने जन्म लिया तो ऐसी उम्मीद लगाई जाने लगी थी कि रोहित पर्थ में होने वाले पहले टेस्ट मैच से टीम इंडिया की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं लेकिन बाद में जानकारी आई कि रोहित ने फिलहाल, अपने परिवार और पत्नी के साथ कुछ समय बिताने का फैसला किया। हेड ने सोमवार को पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में प्रशिक्षण सत्र के बाद कहा, “क्रिकेटर के तौर पर हम कई चीजों का त्याग करते हैं। हम एक विशेषाधिकार प्राप्त जीवन जीते हैं, लेकिन हम अपने निजी जीवन में कई खास पल खो देते हैं। आपको वह समय वापस नहीं मिलता। उम्मीद है कि वह अपने खास लम्हों का लुत्फ उठाकर इस श्रृंखला में जल्द वापसी करेंगे।” रोहित की अनुपस्थिति में भारत को सीरीज के पहले मैच के लिए अपने नियमित कप्तान के बिना मैदान पर उतरना होगा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, रोहित या तो पहले टेस्ट के बीच में या एडिलेड में खेले जाने वाले दूसरे मैच से पहले टीम के साथ जुड़ेंगे। सीरीज की शुरुआत में रोहित की कमी के बावजूद, हेड ने भारतीय टीम को कम आंकने के खिलाफ सबको चेतावनी दी। हेड ने 2018-19 और 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया में भारत की शानदार सीरीज जीत का जिक्र करते हुए कहा, “अगर आप पिछले रिकार्ड्स को देखें, तो आप किसी भी भारतीय टीम को नकार नहीं सकते। पिछले दो दौरों में भी वह कई परेशानियों से जूझ रहे थे और लोगों ने उन पर सवाल उठाए लेकिन उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।”   recent visitors 77