Wednesday, July 8, 2026 12:39 pm

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में 2 वर्षों में 75 हजार बेटियों के विवाह के लिये 414 करोड़ रुपये की सहायता दी गयी

भोपाल राज्य शासन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में गत 2 वर्षों में 75 हजार से अधिक बेटियों के विवाह के लिये 414 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गयी। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण डॉ. आर.आर. भोंसले से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में एक विवाह/निकाह के लिये 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 49 हजार रुपये का एकाउंटपेयी चेक वधु (कन्या) के नाम से तथा 6 हजार रुपये आयोजन करने वाले निकाय को दिये जाते है। आयुक्त डॉ. भोंसले ने बताया कि वर्ष 2023-24 में प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में 62 हजार 84 विवाह कराये गये हैं। इसमें 341 करोड़ 46 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गयी। चालू वित्त वर्ष में एक अप्रैल, 2024 से अभी तक 12 हजार 979 कन्याओं के विवाह/निकाह के लिये 73 करोड़ 22 लाख रुपये की सहायता राशि दी गयी है।   recent visitors 52

ग्लोबल स्किल्स पार्क में उद्योग जगत के विशेषज्ञ डॉ. बसु करेंगे छात्रों का मार्गदर्शन

भोपाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (एसएसआर जीएसपी) में 21 नवंबर 2024, गुरुवार को ‘आयशर जीएसपी टॉक्स’ का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष सत्र में वीई कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड (वोल्वो ग्रुप और आयशर मोटर्स का संयुक्त उपक्रम) के प्रमुख मानव संसाधन अधिकारी डॉ. पार्थसारथी बसु मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम ग्लोबल स्किल्स पार्क के मुख्य ऑडिटोरियम में शाम 4:30 बजे होगा। सत्र में छात्रों को मानव संसाधन प्रबंधन और उद्योग जगत की नवीनतम रणनीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जायेगी। इस सत्र में शामिल होने के लिये छात्र-छात्राओं को पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया है, और अधिक जानकारी के लिए 9981919733 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा कार्यक्रम से संबंधित जानकारी www.globalskillSpark.in पर भी उपलब्ध है। ग्लोबल स्किल्स पार्क मध्यप्रदेश में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। इस सत्र के माध्यम से छात्र-छात्राएं उद्योग विशेषज्ञों से जुड़कर अपनी क्षमताओं को नया आयाम दे सकेंगे।   recent visitors 48

जीएम फसल शरीर के लिए हानिकारक, भारतीय किसान संघ ने सरगुजा सांसद को सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर  भारतीय किसान संघ ने जीएम (जेनेटिक माडिफाइड) सरसों को शरीर के लिए हानिकारक बताते हुए इसके फसल उत्पादन पर रोक लगाने की मांग की है। संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशोर सिंह बघेल ने ज्ञापन के माध्यम से बताया किजेनेटिकली माडिफाइड सरसों की गुणवत्ता पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है यहां तक सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने निर्णय में इसके ऊपर संदेह जताया है। देश में जीएम फसल के रूप में बीटी कपास को सन 2002 में किसानों के बीच पिछले दरवाजे से लाया गया। कपास में बैक्टीरिया से दो अलग जीन को डालकर बारी-बारी से अधिक जहरीला कपास बनाया गया और बताया गया था कि कपास में लगने वाली कीट को रोकेगा लेकिन यह झूठा साबित हुआ। वैसे ही कई फसलों में जीव जंतुओं के जीन को डालकर नया जीव तैयारी का खेल चल रहा है। अभी तक यह तय नहीं है कि ऐसी फसलों को फसल कहें या जीव ? खाद्यान फसलों में यदि जीव जंतुओं का जीन डाला जाता है तो उसको शाकाहारी बोलेंगें या मांसाहारी यह भी तय नहीं है। फिर भी बिना किसी चर्चा के, बिना किसी सलाह के, बिना किसी विवज्ञानी परीक्षण-निरीक्षण के बीटी बैगन से लेकर जीएम सरसों तक फसलों को भारत में लाने की कोशिशें हो रही है। उन्होंने बताया कि लगभग 20 वर्षो के अध्ययन के पश्चात् हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए माना कि जीएम पर जितने परिक्षण के प्रमाण हैं वे सभी विदेशों के ही हैं। न्यायालय ने सरकार से चार माह के भीतर जीएम फसलों पर समिति बनाने को कहा है लेकिन अब तक इस मामले में कोई पहल नहीं हुई। हाल ही में कई अनुसंधान केंद्रों के द्वारा इसकी पुष्टि की गई हैं कि जीएम फसल हर प्रकार से भारत की भौगोलिक संरचना, पर्यावरण, जलवायु एवं कृषि संस्कृति के लिए सर्वथा अनुचित और हानिकारक है। अतः इस पर तत्काल प्रभाव से देश में प्रयोग करने से रोक लगाई जाए। इसके लिए किसान संघ के द्वारा राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत सरकार के मंत्री एवं सांसदों को उनके संसदीय क्षेत्रों में ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में सरगुजा सांसद को ज्ञापन सौंप केंद्र सरकार से जीएम बीज के उपयोग पर रोक लगाने पहल करने की मांग की गई है। यदि सरकार ने इस पर समय रहते कोई निर्णय नहीं लिया तो भारतीय किसान संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य किशोर सिंह बघेल सहित दरिमा तहसील अध्यक्ष सोमवार दास, लुंड्रा ब्लाक अध्यक्ष अनिता जायसवाल, अंबिकापुर ब्लाक अध्यक्ष बबलू नामदेव, धीरज शर्मा, बुधराम दास उपस्थित रहे। recent visitors 50

विधानसभा उप निर्वाचन-2024 : 23 नवम्बर को सुबह 8 बजे से आरंभ होगी मतगणना

भोपाल विधानसभा उप निर्वाचन-2024 के अंतर्गत श्योपुर जिले की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र.-02 विजयपुर एवं सीहोर जिले की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्र.-156 की मतगणना शनिवार, 23 नवम्बर को सुबह 8 बजे से आरंभ होगी। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना के सभी इंतजाम किए जा चुके हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी को मतगणना के लिये सभी सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गये हैं। विजयपुर विधानसभा की मतगणना के लिये लगाई जाएंगी 16 टेबल्स विजयपुर विधानसभा की मतगणना शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, श्योपुर में होगी। इस विधानसभा क्षेत्र के 327 मतदान केन्द्रों में मतदाताओं द्वारा ईव्हीएम में डाले गये मतों की गणना के लिए 16 टेबल्स लगाई जाएंगी। मतगणना 21 राउंडस् में सम्पन्न कराई जाएगी। बुधनी विधानसभा की मतगणना के लिये लगाई जाएंगी 14-14 टेबल्स बुधनी विधानसभा क्षेत्र की मतगणना शसकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय सीहोर में होगी। इस विधानसभा क्षेत्र के 363 मतदान केन्द्रों में मतदाताओं द्वारा ईव्हीएम में डाले गये मतों की गणना के लिए 2 कक्षों में 14-14 टेबल्स लगाई जाएंगी। मतगणना 13 राउंडस् में सम्पन्न कराई जाएगी। मतगणना स्थल पर रहेगी त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मतगणना स्थल पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। केवल अधिकृत प्राधिकार पत्र प्राप्त व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति मतगणना सेंटर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। मतगणना कर्मियों का त्रि-स्तरीय रेण्डमाईजेशन होगा। गणना व्यवस्था प्रत्येक मतगणना टेबल पर एक काउंटिंग सुपरवाईजर, एक काउंटिंग असिस्टेंट, एक काउंटिंग स्टॉफ तथा एक माइक्रो ऑर्ब्जवर रहेगा। समुचित संख्या में गणनाकर्मी मतगणना सम्पन्न कराएंगे। मतगणना हॉल के भीतर ये सामग्री ले जा सकेंगे मतगणना हॉल के भीतर पासधारी अभ्यर्थी, निर्वाचन अभिकर्ता, मतगणना अभिकर्ता को कोरा कागज, मतपत्र लेखा प्रारूप 17 सी भाग-1 की प्रति, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रदाय किए गए ईवीएम और वीवीपैट की सूची जो विभिन्न मतदान केन्द्रों में प्रयोग में लाई गई है तथा प्लास्टिक पेन या पेंसिल ले जाने की अनुमति रहेगी। ये सामग्री रहेगी प्रतिबंधित मतगणना हॉल में मोबाइल फोन, आईपैड, लैपटॉप, स्मार्ट वॉच, कैमरा, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बीड़ी, सिगरेट और गुटखा प्रतिबंधित रहेगा। किसी को भी मतगणना हॉल में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगीI केवल आरओ, एआरओ, काउंटिंग सुपरवाइजर जो ईटीपीबीएमएस/इनकोर से जुडे हैं, वे केवल ईटीपीबीएमएस/इनकोर ओपन करने के लिए ओटीपी हेतु मोबाइल ले जा सकेंगे।   recent visitors 61

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने Mpox की दूसरी वैक्सीन को दी मंजूरी

 नईदिल्ली विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने जापानी फार्मा कंपनी केएम बायोलॉजिक्स की एमपॉक्स वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। विश्व  स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी पाने वाली यह दूसरी वैक्सीन है। डब्लूएचओ ने कहा कि उन्होंने इमरजेंसी यूज लिस्टिंग (EUL) के तहत एमपॉक्स की वैक्सीन LC16m8 को मंजूरी दी है। अब इस वैक्सीन को उन जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकेगा, जहां एमपॉक्स का प्रकोप बढ़ेगा। सितंबर में भी एक वैक्सीन को दी थी मंजूरी डब्ल्यूएचओ की ईयूएल एजेंसी ही दुनिया भर के देशों के में वितरण के लिए वैक्सीन को जल्दी से मंजूरी देने और आयात करने का काम करती है। डब्ल्यूएचओ ने सितंबर में भी एमपॉक्स के खिलाफ एक और वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। यह वैक्सीन बवेरियन-नॉर्डिक कंपनी की एमवीए-बीएन थी। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने 14 अगस्त को ही डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में एमपॉक्स के नए क्लेड 1बी स्ट्रेन के मामलों में वृद्धि पर चिंता जाहिर की थी और एमपॉक्स पर नया अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया था।   अफ्रीकी देश कांगो में सबसे ज्यादा एमपॉक्स के मामले मिले एमपॉक्स वायरस का संक्रमण इस साल दुनिया के 80 देशों में रिपोर्ट किया गया है, इनमें से 19 देश अफ्रीका के हैं। हालांकि डीआर कांगो सबसे ज्यादा प्रभावित देश है, जहां इस साल अब तक एमपॉक्स संक्रमण के 39 हजार से ज्यादा संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं और 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। जापान की सरकार ने कांगो को नई स्वीकृत वैक्सीन की 30 लाख डोज दान देने का एलान किया है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि गर्भवती महिलाओं और ज्यादा कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों को नई वैक्सीन नहीं लगाई जानी चाहिए। वैक्सीन से लोगों को बुखार, मांसपेशियों में दर्द और त्वचा में संक्रमण जैसी परेशानी हो सकती है।   एमपॉक्स के लक्षण तेज बुखार सिरदर्द मांसपेशियों में दर्द ठंड लगना और थकान त्वचा पर दाने, जो बाद में घाव का रूप ले सकते हैं। यह बीमारी आमतौर पर 2-4 हफ्तों में ठीक हो जाती है। हालांकि, अगर समय पर इलाज न हो तो यह जानलेवा हो सकती है। वैक्सीन LC16m8: एमपॉक्स से बचाव का उपाय WHO द्वारा अनुमोदित LC16m8 वैक्सीन संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है और महामारी के फैलाव को रोकने में मददगार है। इसे उन लोगों को प्राथमिकता से दिया जाएगा जो वायरस के अधिक संपर्क में हैं, जैसे: 1. स्वास्थ्य कर्मचारी 2. संक्रमित लोगों के करीबी संपर्क 3. प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग एमपॉक्स से बचाव के उपाय WHO ने एमपॉक्स से बचाव के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं: 1. संक्रमित क्षेत्रों और जानवरों से दूर रहें। 2. संक्रमित व्यक्तियों से संपर्क न करें। 3. चोट या घाव को ढककर रखें। 4. स्वास्थ्य कर्मचारी PPE किट का उपयोग करें। 5. व्यक्तिगत स्वच्छता और सतर्कता बनाए रखें। वैश्विक सहयोग और जागरूकता WHO की इस पहल से वैक्सीनेशन अभियान तेज होगा। इसके साथ ही, देशों के बीच सहयोग और जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। यह वैक्सीन उन इलाकों में महामारी के प्रभाव को कम करने में मदद करेगी, जहां संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। इसके नतीजा LC16m8 वैक्सीन को मंजूरी मिलना एमपॉक्स से लड़ाई में एक अहम कदम है। इसके उपयोग से न सिर्फ वायरस का प्रसार रोका जा सकेगा ।बल्कि यह वैश्विक स्वास्थ्य संकट को नियंत्रित करने में भी मदद करेगा। वैक्सीनेशन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा उपाय अपनाकर इस महामारी से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। recent visitors 59

‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में बसंती का किरदार निभाने के लिए करुणा पांडे ने सीखा कानपुरी लहजा

मुंबई, अभिनेत्री करूणा पांडे ने सोनी सब के शो 'पुष्पा इम्पॉसिबल' में बसंती का किरदार निभाने के लिए कानपुरी लहजा सीखा। सोनी सब के शो पुष्पा इम्पॉसिबल ने दर्शकों को पुष्पा की प्रेरक कहानी से आकर्षित किया है, जो एक दृढ़ इच्छाशक्ति वाली महिला है। वह जीवन की चुनौतियों का साहस और आशावाद के साथ सामना करती है। पुष्पा का किरदार निभाने वाली करुणा पांडे ने हाल ही में शो में दोहरी भूमिका निभाई है। इसमें वह पुष्पा और उसकी हमशक्ल बसंती दोनों की भूमिका में हैं। कहानी में एक चौंकाने वाला मोड़ आता है, जिसमें कानपुर में रहने वाली बसंती मुंबई में पुष्पा के परिवार में पहुंच जाती है, जबकि असली पुष्पा खुद को बसंती की जगह कानपुर में पाती है। करुणा पांडे ने बताया कि कैसे उन्होंने बसंती की भूमिका निभाने के लिए कानपुर की बोलने की शैली को अपनाया और कैसे एक कलाकार होना और हर दिन कुछ नया सीखना मजेदार है।करुणा पांडे ने कहा,बसंती की भूमिका निभाने से मेरे जीवन में नई चुनौतियां और अनोखे अनुभव आए हैं। बसंती को भरोसेमंद तरीके से चित्रित करने के लिए मुझे ग्रामीण जीवन की बारीकियों में उतरना पड़ा क्योंकि वह कानपुर के चुन्नीगंज नामक स्थान से आती है। इससे मुझे परफॉर्मेंस को और अधिक यथार्थवादी बनाने में मदद मिली।मैंने कानपुर का लहजा सीखने का काम अपने हाथ में लिया, जो मुझे शुरू में मुश्किल लगा। यह ऐसी चीज नहीं थी जिसकी मुझे आदत थी। प्रोडक्शन टीम ने एक लैंग्वेज इंस्ट्रक्टर मुहैया कराया जो सेट पर मेरे साथ रहता है और जब भी मैं कोई गलती करती हूँ तो मेरा मार्गदर्शन करता है। यह सहयोग अमूल्य रहा है, जिससे मुझे बोली को बेहतर बनाने और बसंती के किरदार में प्रामाणिकता लाने में मदद मिली। सोनी सब का शो पुष्पा इम्पॉसिबल हर सोमवार से शनिवार रात 9.35 प्रसारित होता है। recent visitors 57

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों को किया पुरस्कृत

भोपाल राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में 43वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मंगलवार को "मध्यप्रदेश दिवस" का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेले में विभिन्न विभागों से शामिल स्व-सहायता समूह, उद्यमियों व कलाकारों को पुरस्कृत किया। मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 2 स्व-सहायता समूहों को प्रथम व द्वितीय पुरस्कार मिले। प्रथम स्थान पर धार के मांडव का रेवा स्व-सहायता समूह रहा, जिन्हें बाग प्रिंट के लिए पुरस्कार मिला। वहीं संत रविदास स्व-सहायता समूह उज्जैन को बांस से बनी हुई सामग्री एवं कलात्मक खिलौने गुड़िया के लिए द्वितीय पुरस्कार दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए समूहों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से उनके अनुभव भी सुने। स्व-सहायता समूह की दीदीयों ने डॉ. यादव को समूहों के उत्पाद भी भेंट किए। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सविता ठाकुर, मध्य सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री चेतन कॉश्यप, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी उपस्थित थीं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, आयुक्त भरत यादव व मिशन संचालक एवं अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े ने दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों को इस उपलब्धि पर बधाई भी दी है।   recent visitors 60