Saturday, July 4, 2026 7:46 am

गरुड़ पुराण के अनुसार जानिए मृत्यु का रहस्य

आपने अपने आस-पास कई ऐसी घटनाएं और विचार रखे, जब मौत के बाद लोग जिंदा हो जाते हैं। फिर से जिंदा हो गए ये लोग दूसरी दुनिया में लगभग समय के बारे में अपने अनुभव रखते हैं। मृत्यु के रहस्य का पता लगाने की कोशिश करें, तो गरुड़ पुराण में मृत्यु के रहस्य के बारे में विस्तार से बताया गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार हर मनुष्य की आयु इस धरती पर निर्धारित की गई है। किसी भी मनुष्य को निश्चित आयु से अधिक या कम समय नहीं मिलता। लेकिन अगर किसी कारण से किसी मनुष्य की आत्मा को इस निश्चित समय से पहले बंद कर दिया जाता है, तो भगवान ने उस मृत मनुष्य की आत्मा को वापस धरती पर भेज दिया है। हाल ही में एक ऐसी ही घटना राजस्थान के झुंझुन जिले से भी सामने आई है, जहां से उठने के दौरान चौथे व्यक्ति ने अपनी चिता पर लिटाने का भुगतान किया था। यह ऐसी पहली घटना नहीं है बल्कि वर्तमान समय में ऐसी कई पौराणिक कथाएं भी प्रचलित हैं जब मृत हो चुके लोग वापस जीवित हो गए हैं। आइए, एक नजर में दिखाई देते हैं मौत के रहस्य। राजस्थान के झुंझुनू जिले में घटी अजीबो-गरीब घटना हाल ही में राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक ऐसी घटना घटी, जिसके बाद एक बार फिर मौत के रहस्य पर चर्चा होने लगी। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में रहने वाले 47 साल के रोहिताश नाम के शख्स की मौत हो गई। रोहिताश नाम की व्यक्तिगत बोली और सुनने में असमर्थ बताया जाता है। वह मां सेवा संस्थान में रहती थी, जहां अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। खराब हालत के कारण रोहिताश को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया लेकिन इलाज के बाद भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और दोपहर 1 बजे के करीब अभियोजकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिता पर लिटे ही उठे मृत व्यक्ति रोहिताश की मौत की पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया और शव को मुर्दाघर भेज दिया गया। लगभग दो घंटे तक रोहिताश का शव मुर्दाघर के डीप फ़्रिज़ में रखा गया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरा और अन्य कानूनी कार्रवाई पूरी की। शाम करीब 4 बजे रोहिताश का शव मानव सेवा संस्थान के लोगों को सौंप दिया गया। संस्थान के लोग एम्बुलेंस से रोहिताश के शव को लेकर झुंझुनूं के पंच देव मंदिर के पास श्मशान घाट स्थित हैं। शाम करीब 5 बजे जब रोहिताश के शव को चिता पर रखा गया तो अचानक शाम को उनकी सांसें चलने लगीं और शरीर में उनकी झलक दिखाई दी। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। इसके बाद रोहिताश को फिर से अस्पताल भेज दिया गया। पहले भी सामने आई थीं ऐसी रहस्यमयी घटनाएं मौत का रहस्य इस जीवन में आज तक कोई समझ नहीं पाया है। इसी कथन पर कुछ ऐसे रहस्यमयी स्वर्गदूत बाहर दुनिया भर में राख रहे हैं, जब मरे हुए लोग जीवित हो गए। सबसे डेट होने की बात ये है कि इनमें से ज्यादातर लोग फिर जिंदा के बाद मरने के बाद के अनुभव भी सिखाते हैं। इन साज़िशों में एक ऐसी दुनिया का ज़िक्र किया गया है, जो इस दुनिया से बिल्कुल अलग है। कई लोग एक रोशनी से भरी जगह की करते हैं, तो कुछ लोग दिव्य लोगों के बारे में बात करते हैं। इस घटना के बारे में आज भी लोगों के बीच मौत का रहस्य बताया गया है। गोस्वामी तुलसीदास के मुख से राम का नाम सुनकर जीवित हो गया था मृत व्यक्ति कई पौराणिक कथाओं में मृत वस्तुएँ पुनः जीवित जीवित समुदायों की कहानियाँ हैं। जैसे, तुलसीदास प्रभु श्रीराम के परम भक्त थे। एक बार तुलसीदास राम नाम जपते हुए मार्ग से निकल रहे थे। उसी मार्ग में एक शव यात्रा निकल रही थी। लोग जैसे ही शव को लेकर तुलसीदास के पास से गुजरे, राम का नाम सुनकर दुखी हो गए, व्यक्ति उठ गया और राम का नाम जपने लगा। यह राम नाम का चमत्कार माना गया है। गरुड़ पुराण में क्या है मृत्यु का रहस्य गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद की दुनिया अर्थात यमलोक के बारे में विस्तार से लिखा गया है। गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा के बारे में बताया गया है। इसके अनुसार इस धरती पर हर मनुष्य की आयु निर्धारित की गई है। मृत्यु के बाद आत्मा अपने शरीर का त्याग करके यमलोक चली जाती है। यमलोक में आत्मा को 24 घंटे के लिए रखा जाता है और वहां आत्मा के दस्तावेजों में कर्मों का लेखा-जोखा दिखाया जाता है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि मृत्यु के कुछ खास दिनों में आत्मा को फिर से उसके शरीर में वापस भेज दिया जाता है। दिया जाता है. कई बार मनुष्य की कुछ काम वस्तुएं वापस रह जाती हैं इसलिए भी उसे पूरा करने के लिए आत्मा उसके शरीर को वापस दे दी जाती है। मृत्युलोक (धरती) और यमलोक में समय अलग-अलग गति से चलता है इसलिए यमलोक के 24 घंटे पृथ्वी के समय से अलग है। recent visitors 112

भस्म आरती के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे

उज्जैन  कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में अगहन कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर भस्म आरती के दौरान एक ऐसे संत बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे, जिन्हें देखकर हर कोई अचंभित रह गया। संत की कद-काठी काफी कम थी, लेकिन इन्होंने अपने मस्तक पर त्रिपुंड और रुद्राक्ष की माला पहन रखी थी। भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार पर पहुंचकर भगवान का पूजन-अर्चन किया और फिर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह भस्म आरती के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। देखने में यह संत एकदम साधारण नजर आ रहे थे, लेकिन उनकी कद-काठी के कारण हर कोई इन्हें देखता रह गया। संत की लंबाई करीब 2 फीट थी, जिन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन किए। संत के साथ कुछ अन्य लोग भी थे जो पूजन-अर्चन के दौरान उनका सहयोग करते नजर आ रहे थे। संत करीब 2 घंटे नंदी हॉल में बैठकर साधना में लीन रहे और बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन किए।   महानिर्वाणी अखाड़े पहुंचे हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद महानिर्वाणी अखाड़े के गादीपति महंत विनीत गिरी महाराज से मिलने अखाड़े पर पहुंचे थे। महंत विनीत गिरी ने उनका स्वागत किया।   recent visitors 106

जबलपुर रेलवे विभाग दिव्यांगों को आनलाइन जारी करेगा रेल यात्रा पास

 जबलपुर जबलपुर रेल मंडल में दिव्यांगों के रियायती रेल यात्रा पास जल्द ही घर में बैठे-बैठे बन जाएंगे। उन्हें रेल यात्रा रेल यात्रा कार्ड प्राप्त करने के लिए पास के प्रमुख रेलवे स्टेशन या मंडल कार्यालय तक आने की आवश्यकता नहीं होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए उनके रेल यात्रा पास बनाने की व्यवस्था को डिजिटल किया जा रहा है। आवेदन से लेकर सत्यापन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। रेल यात्रा पास को वह ऑनलाइन अपलोड भी कर सकेंगे। पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ा रेल उपभोक्ता सेवाओं का विस्तार करते हुए पार्सल काउंटर को भी डिजिटल भुगतान के नए फीचर से जोड़ने की तैयारी की गई है। जहां, पर पेमेंट वालेट से भुगतान के लिए क्यूआर (बार) कोड स्कैनर लगाए जाएंगे। पार्सल बुकिंग के लिए आने वाले लोगों को डिजिटल भुगतान का सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से मिलेगी लिंक     रियायती रेल यात्रा प्रमाण पत्र बनाने के लिए पोर्टल तैयार रहा है।     इस पोर्टल की लिंक आईआरसीटीसी की वेबसाइट में रहेगी।     लिंक पर क्लिक करके दिव्यांगजन आवेदन की प्रक्रिया करेंगे।     आवेदन के साथ पात्रता संबंधी समस्त आवश्यक अभिलेखों देंगे।     दिव्यांगजनों को सेल्फ अटेस्टेड प्रति को अपलोड करना होगा। मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा ऑनलाइन आवेदन पर मंडल कार्यालय सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर रेल पास जारी करेगा, जिसकी प्रति पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। उसे डाउनलोड कर आवेदक रेल यात्रा में उपयोग कर सकेंगे। किराया एवं सीट संबंधी सुविधा का लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। पोर्टल पर नए रेल यात्रा पास के साथ ही कार्ड रिनुअल के लिए भी ऑनलाइन आवेदन होंगे। रेल यात्री में दिव्यांगों को रियायत …     दृष्टिबाधित, मानसिक एवं पूर्ण रुप से दिव्यांग को यात्री किराया में 75 प्रतिशत तक छूट प्राप्त होती है।     यह रियायत अनारक्षित टिकट के साथ ही स्लीपर एवं तृतीय वातानुकूलित श्रेणी के लिए पात्र है।     ट्रेन के प्रथम एवं द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी में यात्रा पर दिव्यांग को 50 प्रतिशत किराया कम लगता है।     शताब्दी जैसी ट्रेनों में वातानुकूलित तृतीय श्रेणी में यात्रा पर किराए में 25 प्रतिशत की छूट मिलती है।     रेल यात्रा के दौरान दिव्यांग यात्री के साथ यात्रा करने वाले अटेंडर को भी रियायत का लाभ मिलता है। हर काउंटर पर होगा स्कैनर पेमेंट का विकल्प जबलपुर मंडल की पार्सल विभाग में क्यूआर कोड आधारित भुगतान व्यवस्था के बाद रेल उपभोक्ता संबंधी समस्त काउंटर पर डिजिटल पेमेंट संभव होगा। रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर अभी रेल टिकट काउंटर में क्यूआर कोड से ऑनलाइन भुगतान की सुविधा है। पार्सल बुकिंग पर आनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप स्टेशन में फूड स्टाल में भी क्यूआर कोड से डिजिटल भुगतान हो रहा है। पार्सल बुकिंग पर अभी नकद के साथ ही ऑनलाइन भुगतान के लिए एटीएम कार्ड स्वैप करने की व्यवस्था है। उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा अब क्यूआर कोड से स्कैन कर भुगतान की सुविधा से उपभोक्ता को मोबाइल एप से सीधे भुगतान की सुविधा मिल जाएगी। अभी जबलपुर जंक्शन, मदनमहल, कटनी, रीवा, सतना, पिपरिया, सागर सहित प्रमुख स्टेशनों पर पार्सल बुकिंग में डिजिटल भुगतान का नया फीचर जोड़ा जा रहा है। recent visitors 66

वनप्लस का नया फ्लिप फोन जल्द होगा लॉन्च: फीचर्स, स्पेसिफिकेशन्स और डिजाइन पर एक नज़र

वनप्लस की तरफ से नए प्रोडक्ट्स मार्केट में लॉन्च की तैयारी जारी है। ये काफी खास होने वाला है क्योंकि अभी तक आपने सुना ही होगा कि दवाइयों और दवाइयों के बाजार में तेजी से उछाल आ रहा है। अब इस मार्केट में वनप्लस अपना नया प्रोडक्ट बेचने की तैयारी कर रही है। वनप्लस वी फ्लिप के नाम से आएगा ये नया प्रोडक्ट। इसमें कई शानदार फीचर्स दिए गए हैं, साथ ही ये काफी खास भी होने वाला है। रिपोर्ट से पता चला है कि ये प्रोडक्ट्स अगले साल अप्रैल से जून के बीच लॉन्च हो सकते हैं। वनप्लस का ये पहला प्राइवेट फोन होने वाला है। वनप्लस के फ्लैगशिप फोन की सीधी टक्कर Samsung Galaxy Z Flip सीरीज से है। प्रीमियम फोन्स के मार्केट में ये काफी अहम रोल प्ले चल रहा है। मोटो रेजर और टेक्नो फ्लिप फोन के बाद ये काफी खास होने वाला है। ओप्पो फाइंड एन5 फ्लिप के बाद वनप्लस के इस प्रोडक्ट पर नजर है। वनप्लस डिज़ाइन के मामले में इसका कोई मुकाबला नहीं है। इसके डिजाइन में काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फोल्डेबल मैगजीन का कोई मुकाबला नहीं- डिजिटल डिजिटल के बीच इसमें काफी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कीमत में भी काफी आकर्षक चीज़ें। इससे पहले वनप्लस की तरफ से मॉड्यूलर फोन लाया गया था, हालांकि इसमें कनेक्टिविटी नहीं मिली थी। अब कंपनी में काफी नए बदलाव हो सकते हैं और नए बदलावों के बाद इसे बिजनेस मार्केट में उतारा जाएगा। ऐसे में ये काफी अच्छा पद प्रमाणित होने वाला है। हालाँकि सैमसंग की तरफ से पहले ही मोबाइल मैकेनिकल मार्केट में कब्ज़ा कर लिया गया है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि ये प्रोडक्ट्स कैसा आने वाला है। क्या हो सकते हैं खास फीचर्स- वनप्लस फ्लिप में 5,700 एमएएच बैटरी मिलने वाली है। साथ ही डिफॉल्ट सपोर्ट भी मिल सकता है। स्लिम डिजाइन, बेहतर कैमरा सिस्टम की वजह से ये काफी अच्छा पद साबित हो सकता है। recent visitors 93

मध्य प्रदेश में बंद हो गई बेस्ट ऑफ़ फाईव योजना

 भोपाल  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने इस साल से दसवीं में बेस्ट ऑफ फाइव योजना को समाप्त कर दिया है। इस कारण स्कूल शिक्षा विभाग को इस बार 10वीं का परिणाम खराब होने का डर भी सता रहा है। हाल ही में अभी नौवीं से 12वीं कक्षा तक की तिमाही परीक्षा का परिणाम जारी किया गया, जिसमें सबसे खराब परिणाम 10वीं का 55 फीसद से कम रहा। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग ने बेहतर रिजल्ट के लिए कवायद शुरू कर दी है। अलग से कक्षाएं लगाने के निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को निर्देश देकर 10वीं व 12वीं कक्षा के कमजोर विद्यार्थियों के लिए अलग से विशेष कक्षाएं लगाने के लिए कहा गया है। इस पर सभी जिले के डीईओ ने प्राचार्यों की समीक्षा बैठक बुलाकर कमजोर बच्चों को चिह्नित करने और रेमेडियल क्लास लगाने के निर्देश दिए हैं। पिछले साल 60 प्रतिशत रहा था 10वीं का रिजल्ट इसमें पिछले दो-तीन वर्षों में मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिका से तैयारी कराई जा रही है। बता दें कि 10वीं में बेस्ट ऑफ फाइव योजना के बावजूद 2022 में 59.54 प्रतिशत, 2023 में 63.29 प्रतिशत और 2024 में 58.1 प्रतिशत परिणाम रहा था। इस योजना के लागू होने के बाद भी पिछले साल 10वीं का परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा था। छमाही परीक्षा तक पूरा करना है 60 प्रतिशत पाठ्यक्रम बैठक में निर्देशित किया गया है कि छमाही परीक्षा नौ दिसंबर से शुरू होगी, तब तक 60 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा करना होगा। इसके बाद परीक्षा के बाद भी कक्षाएं लगाई जाएंगी। यह निर्देश भी दिए गए हैं कि विद्यार्थियों को छमाही परीक्षा की कापी भी दिखाई जाएं, ताकि उन्हें पता चल सके कि उन्होंने कहां गलती की हैं। प्री-बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत पाठ्यक्रम को पूरा किया जाए। रेमेडियल कक्षाएं लगाएंगे प्राचार्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि 10वीं व 12वीं में पाठ्यक्रम को पूरा करवाने के लिए रेमेडियल कक्षाओं के साथ ही अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था भी की जाए। जो विद्यार्थी जिस विषय में कमजोर हैं, उनके सेक्शन मिलाकर एक कक्षा लगवाई जाए, ताकि विद्यार्थियों के कमजोर पक्ष को पहचान कर उसे दूर किया जाए। recent visitors 73

अब प्रदेश के कर्मी टैबलेट ई-साक्ष्य अधिनियम के अंतर्गत वीडियो बनाने और संग्रहित रखने में मदद करेंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में अपराधों की विवेचना में लगे लगभग 25 हजार पुलिसकर्मियों के लिए पुलिस मुख्यालय जल्दी टैबलेट उपलब्ध कराएगा। टैबलेट खरीदी के लिए बजट दे दिया गया है। एक जुलाई से नए स्वरूप में तीन कानून प्रभावी होने के साथ ही टैबलेट खरीदने का प्रस्ताव था, लेकिन बजट की कमी के चलते खरीदी नहीं हो पा रही थी। दरअसल, नए कानूनों में 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम' के अंतर्गत ई-साक्ष्य को अनिवार्य किया गया है। इसमें विवेचना अधिकारियों को घटनास्थल से लेकर सभी साक्ष्य की वीडियो रिकॉर्डिंग करनी है। अभी पुलिसकर्मी अपने मोबाइल में रिकार्डिंग कर रहे हैं। अधिकारी बदलते हैं तो वहीं टैबलेट दूसरे को दिया जाएगा टैबलेट पर्याप्त मैमोरी क्षमता वाले खरीदे जाएंगे। बैटरी क्षमता भी अच्छी होगी। टैबलेट में साक्ष्य संग्रहित होने का लाभ यह भी होगा कि विवेचना अधिकारी बदलते हैं तो वही टैबलेट दूसरे को दे दिया जाएगा। अपने पासवर्ड से विवेचना अधिकारी टैबलेट में 'ई-साक्ष्य' में लॉग इन करेंगे। सीसीटीएनएस से जोड़ेंगे इसे इसे सीधा क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) से जोड़ा जाएगा। टैबलेट की वीडियो रिकॉर्डिंग सीसीटीएनएस में पहुंच जाएगी। इसे साक्ष्य के रूप में कोर्ट को भेजा जा सकेगा। अभी सभी विवेचना अधिकारियों का लॉग इन-पासवर्ड नहीं बन पाने और विवेचना अधिकारियों के दक्ष नहीं होने के कारण सभी जिलों में ई-साक्ष्य व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। सभी जिलों में एक-दो महीने में लागू होगा पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जनवरी, 2025 तक सभी विवेचना अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराने का प्रयास है। साथ ही इसे सभी जिलों में एक-दो माह में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। recent visitors 60

शहीद के परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि, CM डॉ मोहन ने सौंपा चेक, जवान की बहादुरी और बलिदान को सराहा

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से आज यहां मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सीआरपीएफ के शहीद जवान स्व. पवन भदौरिया के परिजन ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने जवान शहीद स्व. पवन कुमार भदौरिया के परिजन को एक करोड़ रूपये की सहायता राशि का चेक भेंट किया। राष्ट्रपति द्वारा वीरतापूर्ण कार्य के लिए जवान स्व. भदौरिया को मरणोपरांत शौर्य चक्र प्रदान किया गया है। डॉ यादव ने मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी शहीद स्व. पवन भदौरिया के परिजन को प्रावधान के अनुसार एक करोड़ रुपए की राशि का चेक आज भेंट किया। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी जान की परवाह न करते हुए साहस के साथ नक्सलियों से मुकाबला करते हुए शहादत को प्राप्त स्व. पवन भदौरिया पर प्रदेशवासियों को गर्व है। शहीद परिवार के साथ शासन साथ खड़ा है। राज्य शासन शहीद परिवार की सहायता के लिए सदैव तत्पर है। 2018 में हुई थी शादी बता दें छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले के बॉर्डर इलाके टेकलगुड़ेक में इसी साल 30 जनवरी को सीआरपीएफ कोबरा और DRG की संयुक्त जवानों की टीम पर हुए नक्सली हमले में तीन जवान शहीद हो गए थे. इसमें एमपी के भिंड निवासी पवन कुमार भदौरिया भी शामिल थे. शहीद जवान पवन कुमार अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. पवन कुमार की शादी 2018 में ही हुई थी. दरअसल, टेकलगुड़ेम में पुलिस ने नया कैंप स्थापित किया था. इस कैम्प की सुरक्षा में लगे कोबरा एसटीएफ-डीआरजी के जवान कैंप की स्थापना के बाद जूनागुड़ा-अलीगुड़ा इलाके में गश्त पर निकले हुए थे. इसी बीच घात लगाए नक्सलियों ने टीम पर फायरिंग कर दी. इस दौरान सुरक्षाबलों ने भी नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया. इस दौरान फोर्स को भारी पड़ता देख माओवादी जंगल में भाग गए थे. नक्सली मुठभेड़ में वीरता का परिचय कुपावली निवासी पवन कुमार भदौरिया सीआरपीएफ की 201 कोबरा बटालियन में तैनात थे। नक्सल विरोधी अभियान के तहत 30 जनवरी 2024 को सुकमा के कैंप टेकल गडेम में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अगले दिन इलाज के दौरान शहीद हो गए। शहीद के परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख राशि से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया है। recent visitors 74