Saturday, July 4, 2026 9:00 am

सीतापुर में हल्दी के दिन दूल्हा-दुल्हन ने की आत्महत्या, 3 साल से था अफेयर

सीतापुर  सीतापुर में शादी के दो दिन पहले एक कपल की लाश कमरे में टंगी हुई मिली. शादी के लिए हल्दी के कार्यक्रम वाले दिन दोनों के शव कमरे के अंदर साड़ी के फंदे से लटकते हुए मिलने से हड़कंप मच गया . परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का फॉरेंसिक टीम के साथ सबूत इकट्ठे कर शवों को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है. मालूम हो कि दोनों ने सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया था लेकिन शादी के तारीख रद्द होने के चलते मंदिर में शादी करने का फैसला लिया था. हालांकि लड़के के परिजनों ने घटना में हत्या का आरोप लगाया है. मामला महमूदाबाद कोतवाली इलाके के ग्राम मिठौरा का है. जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के निवासी युवक गुड्डू पुत्र रामविलास निवासी बरगदिया उम्र 25 वर्ष और युवती रुचि पुत्री भगवती प्रसाद निवासी बिठौरा के बीच 3 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था. परिजनों ने बताया कि दोनों की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 25 नवंबर को शादी होनी थी. किसी कारणवश शादी की डेट कैंसिल होने के चलते परिजनों ने शादी को मंदिर में करने का निर्णय लिया था. परिजनों ने बताया कि आज घर के अंदर हल्दी का कार्यक्रम था. इसी दौरान घर का दरवाजा जब खोला गया तो युवती के घर ही कमरे में प्रेमी और प्रेमिका साड़ी के फंदे से लटकते हुए मिले. वारदात के बाद लड़के के परिवार वालों ने लड़की के जीजा पर हत्या का शक जताते हुए पुलिस को बयान दिया है. परिवार वालों का कहना है की लड़की के जीजा से युवक का 2 से 3 दिन पहले विवाद हुआ था. इसके बाद आज दोनों के शव मिलने के बाद हत्या की आशंका है. अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी क्योंकि प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है.   recent visitors 111

दिल्ली प्रदूषण से बचाव के लिए 5 हेल्दी फूड्स: फेफड़ों को साफ और मजबूत बनाने में मददगार

दिल्ली में प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनी हुई है। हवा में मौजूद प्रदूषक कण फेफड़े और इम्यून सिस्टम पर प्रभाव डाला जा सकता है। इस मौसम में स्वस्थ बने रहने के लिए जरूरी है कि हमें पोषक तत्वों से भरपूर पदार्थ मिलाना जरूरी है। परमाणु-संश्लेषण से प्राकृतिक गैस के कणों से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। ला पोलो द्वारा कॉटेज कैफे में प्रशांति मनीषा कश्यप आपको बता रहे हैं कि इन दिनों आपके शरीर में मौजूद किन-किन फर्नीचरों को शामिल करना चाहिए। मिक्स्ड बेरी बाउल: पूर्ण बहुमत बेरी दिखने में भले ही छोटे हों, लेकिन प्रदूषण के खिलाफ ये बेहद खतरनाक हथियार हैं। बेरी में स्क्रैप्स होते हैं, जो प्रदूषण से लड़ने में मदद करते हैं। इनमें विटामिन सी और ई होते हैं, जो शरीर को प्रदूषण के कारण होने वाली सूजन से बचाते हैं। मिक्स्ड बेरी बाउल में ग्रीक योगार्ट, ग्लूकोस और बीज से ओमेगा-3 बैक्टीरिया एसिड होता है, जो सूजन को कम करता है। शहद से स्वाद बढ़ता है और इम्युनिटी भी मजबूत होती है। ग्रेनोला और योगर्ट बाउल: ऊर्जा और पेट के लिए अद्भुत ग्रेनोला बाउल एक पोषक और स्वादिष्ट विकल्प है। इसमें ग्रीक योगर्ट, ड्रूजी डॉल्क्स, बेरी और हिमालयन शहद मिलाए जाते हैं। इनमें विटामिन सी और पोटेशियम होते हैं, जो दिल की सेहत और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। हिमालयन शहद में एंटी-असामान्य गुण होते हैं, जो कि मौसम में श्वसन संक्रमण से बचाते हैं। क्विनोआ कीक: प्रोटीन से परिपूर्णता क्विनोआ में प्लास्टिक से मिलने वाला प्रोटीन, रेस्टॉरेंट और स्टॉक होते हैं। यह किक्स क्विनोआ, गोट थिंग्स, खेडा, लेट्स, मिक्स सीड्स और बाल्समिक क्लासिक्स से तैयार किया जाता है। इसमें मैग्नीशियम की प्रचुर मात्रा होती है, जो श्वसन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और वायुमार्ग की संरचना को आराम देने में मदद करता है। यह किट डिटॉक्स उपकरण मदद करता है और फेफड़ों की सेहत बनाए रखता है। मेडिटेरेनियन वेजिटेबल कीक्स: इमिटीटी बूस्टर मेडिटेरेनियन कीक्स में खेड़ा, कुकुरी पीट, सुमैक और अनार के मेलेसेस मिलते हैं। यह विटामिन ए और सी प्रचुर मात्रा में होता है, जो त्वचा और फेफड़ों की सेहत को बनाए रखता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-साइंटिएंट गुण श्वसन संक्रमण से बचाते हैं, जो कि मौसम में आम होते हैं। क्लासिक सीज़र कीज़: पोषक तत्वों से भरपूर संयंत्र सीज़र कीज़ में हरी पत्तेदार सब्जी, विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन होते हैं, जो प्रदूषण से होने वाली सूजन को कम करते हैं। इसमें जैतून का तेल और लहसुन डाला जाता है, जो दिल की सेहत के लिए चमत्कारी होता है और इम्युनिटी को बढ़ाता है। यह केश प्लांट से लेकर में सहायक है। पर्यावरण में पोषक तत्वों से भरपूर सामग्री क्यों आवश्यक है दिल्ली में नारियल का प्रदूषण स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है, लेकिन बेरी, योगर्ट, क्विनोआ, हरी पत्तेदार सब्जियां और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ जैसे आहार प्रदूषण से बचाव में मदद करते हैं। इसके अलावा, वॉटर प्लांट, प्लांट चाय, पत्तेदार ग्रीन फार्म और वॉटर प्लांट का उपयोग श्वसन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। फार्मास्युटिकल में ध्यान निरपेक्षता से प्रदूषण से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। recent visitors 115

पं. प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान दो दिनों के में 200 चोरी घटनाओं को अंजाम दिया

वाराणसी.  मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा इन दिनों वाराणसी के डोमरी में कथा कर रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी कथा में जुट रही भीड़ का चोरों ने जमकर फायदा उठाया है. यहां चोरों ने दो दिनों के अंदर 200 घटनाओं को अंजाम दिया है. इन चोरों ने खासकर महिलाओं के गहनों और मंगलसूत्र को निशाना बनाया है. चोरियों के मामले में पुलिस ने 15 शातिर महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है. दूसरी ओर, इन चोरियों ने कथा के आयोजकों की नींद उड़ा दी. आयोजकों ने इन चोरियों को लेकर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है. गौरतलब है कि, आयोजकों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर खुद भी मौके पर पहुंचे. इसके बाद पुलिस की टीम ने पूरे पंडाल में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला. इनमें कुछ महिलाएं कथा के बीच में बार-बार जगह बदलती दिखाई दीं. पुलिस ने जब उनकी तहकीकात की तो पता चला कि ये महिलाएं चोरी की घटना को अंजाम दे रही हैं. इस दौरान पुलिस उस वक्त चौंक गई जब पूरी की पूरी महिला चोर गैंग पंडाल में वारदात करती मिली. ये महिला चोर इतनी शातिर हैं कि इन पर शक करना मुश्किल है. ये महिलाएं पलक झपकते ही गहने और रुपये गायब कर देती हैं. बेहद शातिर हैं महिलाएं बताया जाता है कि, पकड़ी गई महिलाओं को पुलिस का जरा भी खौफ नहीं है. भास्कर डॉट कॉम के मुताबिक, पुलिस ने जब महिलाओं से पूछताछ करनी शुरू की तो महिलाओं ने जांच टीम को गुमराह किया. इन महिलाओं ने नाम से लेकर मोबाइल नंबर तक गलत बताया. जब पुलिस ने इनकी जानकारी को प्रमाणित करने की कोशिश की तो सब कुछ गलत निकला. पुलिस अब और गहराई से इन महिलाओं की पड़ताल कर रही है. पुलिस का कहना है कि ये महिलाओं दूसरे जिले की हैं. उनके आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है. recent visitors 115

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं: सीएम मोहन यादव

उज्जैन अमेरिका में गौतम अदाणी पर रिश्वत के आरोप लगने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है. जिसपर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश के लोग मजाक में लेते हैं. उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता है. इसके अलावा उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर भी तीखा हमला बोला है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  उज्जैन में मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ 550 बेड के अस्पताल का भूमि पूजन करने के लिए पहुंचे थे. उन्होंने भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद  खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लोग गंभीरता से नहीं लेते. उन्होंने राहुल गांधी की ओर से अदाणी की गिरफ्तारी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया है. हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं- मोहन यादव वहीं फिल्म द साबरमती रिपोर्ट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेताओं की ओर से दिए गए बयान पर पलटवार किया है. दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि मध्य प्रदेश में किसान त्रस्त है और सरकार फिल्म देखने में मस्त है. इसपर उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हमेशा हिंदुओं को लज्जित करने का काम करते हैं. ‘स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में महत्वपूर्ण कदम’ मोहन यादव ने कहा की जनसंघ के जमाने से उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की मांग उठ रही थी जो अब जाकर पूरी हुई है. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज उज्जैन के स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि मेरा जन्म भी जब नहीं हुआ था, तब भी लोग मेडिकल कॉलेज की मांग उठा रहे थे, लेकिन कांग्रेस की सरकार की वजह से इतने लंबे अंतराल तक मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में मेडिकल कॉलेज की नींव नहीं रखी जा सकी. recent visitors 72

महिला कांस्टेबल ने 9 महीने में खोज निकाले 104 लापता बच्चे, परिवार वाले भी दे रहे दुआ

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की दो महिला हेड कांस्टेबल ने कुछ ऐसा कर दिया, जिसके बाद उनकी चहुंओर वाहवाही हो रही है। दोनों महिला कांस्टेबल सीमा देवी और सुमन हुड्डा ने पिछले नौ महीनों में 104 गुमशुदा बच्चों को ढूंढ निकालने का सराहनीय काम किया है। मार्च से नवंबर के बीच 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत उन्होंने हरियाणा,बिहार और यूपी के दूर-दराज के इलाकों का दौरा किया और बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा,जिनमें बच्चों की नई तस्वीरें न होना, भाषा की बाधा,अनजान जगहों पर जाना और स्थानीय लोगों से मदद न मिलना शामिल था। इन मुश्किलों के बावजूद,दोनों ने बच्चों को ढूंढ निकाला और उन्हें उनके परिवारों से मिला दिया। कई मुश्किलें भी आईं दिल्ली पुलिस की बाहरी उत्तरी जिला की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) में तैनात, सीमा और सुमन ने बताया कि 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत मार्च से नवंबर के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दूर-दराज के इलाकों में उन्हें कई बार नई जगहों और वहां के लोगों से अनजान होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में उन्हें स्थानीय पुलिस की मदद लेनी पड़ी। सीमा देवी ने बताया कि कई बार ऐसा भी हुआ कि जिन नंबरों से बच्चे बात करते थे,वे बंद हो जाते थे। ऐसे में हमने साइबर टीम की मदद से फोन की आखिरी लोकेशन का पता लगाया। एक मामले को याद करते हुए सीमा ने बताया कि बवाना से एक 13 साल की बच्ची लापता हो गई थी। उसके सबसे छोटे भाई ने हमें बताया कि उसने अलग-अलग नंबरों से फोन करके बताया था कि वह ठीक है। हालांकि,अलग-अलग नंबरों से फोन आने के कारण उसे कुछ गड़बड़ होने का शक था। हमने मामले की जांच की और बच्ची को नोएडा के जारचा इलाके में पाया। वह वहां घर का काम कर रही थी। हमने उसे तुरंत वहां से छुड़ाया। फोटो से पहचानने में होती थी समस्या नए इलाकों में,सीमा और सुमन को स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने में समय लगता था,जिसके बाद ही वे घर-घर जाकर तलाशी ले पाती थीं। सीमा ने बताया कि पुरानी तस्वीरें होने के कारण कई मौकों पर बच्चों की पहचान करना मुश्किल हो जाता था। जब परिवारों के पास अपने बच्चों की नई तस्वीरें नहीं होती थीं,तो 4 से 17 साल के इन बच्चों की पहचान उनके माता-पिता को खुद आकर करनी पड़ती थी। मार्च में AHTU में शामिल हुईं सुमन हुड्डा ने कहा कि बच्चों को उनके परिवारों से मिलाकर उन्हें बहुत गर्व और सुकून मिलता है। उन्होंने बताया कि हमारी कोई निश्चित ड्यूटी नहीं होती। जब भी हमें गुमशुदा बच्चों की जानकारी मिलती है,हम तुरंत घर से निकल पड़ते हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि मैं अपने बच्चों को कई दिनों तक नहीं देख पाती। कई लोग मदद करने से भी कतराते थे सुमन ने बताया कि उन गांवों में गुमशुदा बच्चों का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है,जहां जाने के लिए कोई रास्ता ही न हो। उन्होंने बताया कि कई बार तो हमें परिवहन के साधनों के अभाव में कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बहुत से लोग हमारी मदद के लिए तैयार रहते हैं,लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें लगता है कि पुलिस की मदद करने से वे कानूनी पचड़े में पड़ सकते हैं। सुमन ने बताया कि कैसे उन्हें अक्सर रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगने वालों और फेरी वालों से महत्वपूर्ण सुराग मिलते थे। गुमशुदा बच्चों की तस्वीरें दिखाने पर अक्सर उन्हें देखे जाने की जानकारी मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि 13 से 17 साल के बच्चे खास तौर पर सोशल मीडिया पर मिले अजनबियों के बहकावे में आ जाते हैं।पुलिस के मुताबिक,बच्चों के लापता होने की वजहों में प्रेम प्रसंग,नशा,माता-पिता की उचित देखभाल न मिलना और शिक्षा की कमी शामिल हैं। डीसीपी ने कहा- हमें गर्व है सीमा के खुद के दो बच्चे हैं,जिनकी उम्र 16 और 10 साल है। उन्होंने बताया कि जब मैं कुछ दिनों के लिए घर से बाहर होती हूं,तो मेरा छोटा बेटा मुझे बहुत याद करता है। एक मां होने के नाते,उनका मानना है कि माता-पिता को अपने बच्चों से बात करनी चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे क्या कर रहे हैं। DCP (बाहरी उत्तरी) निधिन वलसन ने कहा कि हमें 'ऑपरेशन मिलाप' में सीमा और सुमन की ओर से किए गए असाधारण कार्य पर बहुत गर्व है। उनकी यह उपलब्धि बच्चों की तस्करी से निपटने और अपने समुदाय की रक्षा के लिए हमारे संकल्प को और मजबूत करती है।   recent visitors 81

सुकमा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में10 नक्सली को किया ढेर, मुख्यमंत्री ने की सराहना

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई की है। कोन्टा थाना क्षेत्र के भेज्जी इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ। साथ ही, कई हथियार भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल, सुरक्षाबल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षाबलों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नक्सलवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम बस्तर क्षेत्र में विकास, शांति और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।” खबरों के अनुसार, मुठभेड़ में 10नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस दौरान सुरक्षाबलों ने तीन ऑटोमैटिक राइफल्स समेत कई अन्य हथियार बरामद किए। मुठभेड़ सुबह के समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल ने नक्सलियों की घेराबंदी की। दोनों ओर से सैकड़ों राउंड गोलीबारी की गई। नक्सलियों के पास से अत्याधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। डीआरजी की टीम के साथ मुठभेड़ खबर के मुताबिक डीआरजी की टीम नक्सलियों की घेराबंदी के लिए निकली थी। सूचना मिली थी कि ओडिशा के रास्ते नक्सली छत्तीसगढ़ के जंगल में प्रवेश किए हैं। इसके बाद ही टीम घेराबंदी के लिए गई थी। डीआरजी जवानों के साथ सीआरपीएफ के जवान भी मुठभेड़ में शामिल। वहीं, बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने की मुठभेड़ की पुष्टि की है। मारे गए नक्सलियों की संख्या और हथियारों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों ओर से गोलीबारी हो रही है। सुकमा एसपी ने नक्सलियों के शव मिलने की पुष्टि कर दी है। कोराजुगुड़ा, दंतेसपुरम, नागाराम, भंडारपदर के जंगल-पहाड़ी में यह मुठभेड़ हुई है। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब जवान इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से काफी देर तक गोलीबारी हुई। DRGऔर CRPFकी टीम की संयुक्त कार्रवाई DRG(डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और CRPF(केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की टीम ने नक्सलियों की घेराबंदी के लिए संयुक्त कार्रवाई की। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि ओडिशा से नक्सली छत्तीसगढ़ के जंगलों में घुस आए हैं। इसके बाद, सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी की योजना बनाई थी। IGऔर SPने मुठभेड़ की पुष्टि की बस्तर के IGपी सुंदरराज ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। उन्होंने यह भी बताया कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बरामद हथियारों की आधिकारिक जानकारी जल्द जारी की जाएगी। सुकमा के SPने भी नक्सलियों के शव मिलने की पुष्टि की है। मुठभेड़ कोराजुगुड़ा, दंतेसपुरम, नागाराम और भंडारपदर के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई। सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने किया हमला यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षाबल इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया, जिससे दोनों ओर से लंबी गोलीबारी हुई। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। सुकमा के SP किरण चव्हाण ने कहा है कि यह बड़ी सफलता है. जवान मौके पर ही हैं. लौटेंगे तो ज्यादा जानकारी मिलेगी. सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि भेज्जी के जंगल में नक्सलियों का जमावड़ा है. जवानों ने इस इलाके को घेर लिया और ऑपरेशन चलाया. सुरक्षाबलों को जानकारी मिली थी कि बड़ी संख्या में नक्सली ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ में घुसे हैं.   पांच दिन पहले छत्तीसगढ़ के कांकेर में जवानों और नक्सलियों के बीच रविवार को मुठभेड़ हुई थी. इस दौरान पुलिस ने पांच नक्सलियों को ढेर कर दिया था. इनमें 2 महिलाएं शामिल थीं. इस साल 1 जनवरी से 22 नवंबर तक 207 नक्सली मारे गए हैं. इससे पूर्व 16 नवंबर को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में पांच नक्सलियों को मार गिराया था. recent visitors 98

प्रदेश में अगले 24 घंटे में और बढ़ेगी ठंड, छा सकते है बादल, आज भोपाल में शीतलहर की संभावना, पढ़े मौसम विभाग का नया अपडेट

भोपाल पहाड़ों पर बर्फबारी और उत्तरी हवाओं के चलते मध्यप्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है,गुरुवार को राज्यभर में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली। आने वाले दिनों में रात के समय में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।आज राजधानी भोपाल में शीतलहर चल सकती है, वही न्यूनतम तापमान नवंबर अंत तक 14 डिग्री तक पहुंचने के आसार है। शुक्रवार और शनिवार को दिन रात के तापमान में और तेजी से गिरावट आने का अनुमान है। आने वाले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होगी।इधर, लगातार पड़ रही ठंड के चलते भोपाल के कई निजी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जल्द ही अन्य सरकारी स्कूलों के समय में भी बदलाव देखने मिल सकता है। कई शहरों में दस डिग्री से कम है तापमान   पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि अन्य शहरों जैसे शाजापुर, शहडोल, और मंडला में पारा 9 डिग्री के करीब रहा। बड़े शहरों में भोपाल और ग्वालियर में तापमान क्रमशः 10.2 डिग्री और 11.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि इंदौर और उज्जैन में यह 13.9 डिग्री और 11.5 डिग्री तक पहुंचा। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम-उत्तर भारत में चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश में सर्द हवाओं का असर बढ़ गया है। 2 दिन बाद Madhya Pradesh में छा सकते है बादल गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु के तट के पास हवा के ऊपरी भाग में बने एक चक्रवात के आगे बढ़कर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इससे हवाओं का रुख बदल सकता है और दो दिन बाद प्रदेश में कहीं-कहीं बादल भी छा सकते हैं।इधर, राजस्थान पर बने प्रति-चक्रवात के असर से लगातार सर्द हवाएं मध्य प्रदेश की तरफ आ रही हैं, ऐसे में रात के तापमान में गिरावट नजर आ रही है। हवाओं के साथ कुछ नमी आने से ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में कोहरा बना हुआ है, शेष भागों में सुबह के समय धुंध छाई हुई है। एक सप्ताह में गिरा तापमान   पिछले एक सप्ताह से रात के साथ दिन के तापमान में भी 2-3 डिग्री की गिरावट देखी गई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा ही मौसम अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा, जिसके बाद दिसंबर में ठंड और तेज हो जाएगी। इस प्रकार, मध्यप्रदेश में सर्दी ने नवंबर के महीने को कड़ाके की ठंड के साथ यादगार बना दिया है। जानिए MP के 5 बड़े शहरों का एक्यूआई लेवल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश की राजधानी भोपाल की हवा सबसे खराब रही है। यहां एक्यूआई लेवल 253 दर्ज हुआ। जबलपुर में 243, उज्जैन में 233, ग्वालियर में 218 और इंदौर (विजय नगर इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स में )में 52 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ।आज शुक्रवार सुबह की बात करें तो भोपाल का एक्यूआई लेवल 258,जबलपुर में 161, उज्जैन में 243, ग्वालियर में 166 और इंदौर में 241 एक्यूआई लेवल दर्ज हुआ। इन इलाकों में दर्ज हुआ अधिकतम तापमान मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खंडवा में दर्ज हुआ। यहां का तापमान पचमढ़ी से चार गुना ज्यादा है। यहां 30.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। इसके अलावा सबसे ज्यादा तापमान रिकॉर्ड करने वाले चार अन्य इलाके भी हैं, जहां 29 डिग्री के आस-पास तापमान दर्ज किया गया है। इन इलाकों के नाम हैं; खरगौन में 30 , तालुन में 29.2, नमर्दापुरम में 29.1 और रतलाम में 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए हैं। राजधानी भोपाल के मौस का पूर्वानुमान राजधानी भोपाल में कल आकाश के साफ रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही मौसम के संभावित पूर्वानुमान की बात करें तो सुबह के समय धुंध के छाए रहने का अनुमान है। यहां का तापमान अधिकतम 26 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री तक जाने की संभावना है। बाकी रात में पारा गिरने से लोगों में ठंड का एहसास होने लगा है। हालांकि दिन में मौसम में गर्माहट देखने को मिल रही है।  पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।     राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह तापमान सामान्य से 4.2 डिग्री कम है।     भोपाल में न्यूनतम 10.2 अधिकतम 26.6, ग्वालियर में न्यूनतम 11.1 अधिकतम 26.9 और इंदौर में न्यूनतम 13. अधिकतम 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     उज्जैन में न्यूनतम 11.5 अधिकतम 27.5, जबलपुर में न्यूनतम 11 अधिकतम 26.3 ,बालाघाट में न्यूनतम 10.8 अधिकतम 23.6 और मंडला में न्यूनतम 9.1 अधिकतम 27.02 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।     भोपाल सहित सीहोर, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में घना कोहरा छाया रहा, विजिबिलिटी भी कम रही। recent visitors 69