Saturday, July 4, 2026 5:33 am

संदिग्धावस्था में तालाब में मिला लापता युवक का शव फैली सनसनी

टीकमगढ़  नगर के महेंद्र सागर तालाब में शव मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक यहां अनेक युवक – युवतियों के शव मिलने को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही है। बताया गया है कि आज 21 नवंबर 24 को दो दिन से लापता युवक का शव उतराता हुआ मिलने के बाद से इलाके में सनसनी फैली हुई है। मृतक के परिजनों ने युवक की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। वहीं कोतवाली टीआई पंकज शर्मा ने सूचना पश्चात मर्ग कायम कर विवेचना आरंभ कर दी है। घटना के संबंध में बताया गया है कि टीकमगढ़ शहर के महेंद्र सागर तालाब में गुरुवार दोपहर 23 वर्षाय युवक रिंकू पुत्र कल्लू कुशवाहा का शव मिला। सूचना मिलते ही नगर निरीक्षक पंकज शर्मा एवं कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव निकालने के लिए एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया गया। एसडीआरएफ ने नाव की मदद से तालाब से शव को बाहर निकाला। मृतक की पहचान पुरानी टेहरी निवासी रिंकू कुशवाहा के तौर पर हुई है।   हत्या की जताई आशंका –  घटना के संबंध में मृतक के बड़े भाई गुड्डू कुशवाहा ने बताया कि उसका छोटा भाई रिंकू कुशवाहा बुधवार को सुबह से घर से लापता था। शाम को कोतवाली थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आज गुरुवार पुलिस को महेंद्र सागर तालाब में शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस के साथ रिंकू के परिजन भी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ टीम ने शव तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद परिजनों से उसकी पहचान कराई गई। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। बड़े भाई ने रिंकू की मौत को संदिग्ध बताया है। उन्होंने पुलिस से पुरे मामले की जांच करने की मांग की है। मर्ग कायमी के बाद जाँच जारी  कोतवाली थाना प्रभारी पंकज शर्मा ने बताया कि रिंकू कुशवाहा के परिजनों ने बुधवार शाम उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। आज उसका शव तालाब मे मिला है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। फिलहाल मर्ग कायम कर घटना की जांच शुरू कर दी गई है। पीएम रिपोर्ट के बाद  मौत के कारणों का खुलासा होगा। recent visitors 60

गोंगपा का बड़ा प्रदर्शन,भ्रष्टाचार दूर करने की मांग किसानों, ग्रामीणों ने दिया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने सीएचएमओ कार्यालय का घेराव कर राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. इसमें कई गंभीर मुद्दों पर त्वरित कार्यवाही की मांग की गई है. ज्ञापन में किसानों के धान खरीदी की पूर्व की राशि और क्षमता को बनाए रखने या इसे बढ़ाने की मांग की गई है. साथ ही बारदानों और पल्लेदारी में आने वाली शिकायतों को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर पहले से ही पुख्ता इंतजाम करने को कहा है. भूमाफिया पर कार्रवाई की मांग शहरी क्षेत्रों से लगे ग्रामीण इलाकों में भूमाफिया गरीब लोगों की जमीन हड़पने में लगे हैं. पार्टी ने ऐसे मामलों पर कठोर कार्यवाही करने और गरीबों को न्याय दिलाने की अपील की। राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और लचर कानून व्यवस्था को लेकर भी पार्टी ने प्रशासन पर निशाना साधा. आम जनता को न्याय पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. सिंह ग्राम साल्ही में हुए जानलेवा हमले की जांच अब तक ना होने पर नाराजगी जताई गई और तुरंत कार्रवाई की मांग की गई.ग्राम सभा की अनदेखी पर आपत्ति ग्राम पंचायत साल्ही में बिना ग्राम सभा की अनुमति के 18वीं बटालियन चैनपुर के लिए कृषि भूमि आवंटित करने को नियमों का उल्लंघन बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई. ग्राम पंचायत डंगौरा के आश्रित ग्राम बिछली में सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार पर पक्षपात का आरोप लगाया गया. ज्ञापन में कहा गया कि आधे किसानों की जमीन दबाई जा रही है और बाकी की बचाई जा रही है.इसे तुरंत सुधारे जाने की अपील की गई.इस दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष केवल सिंह मरकाम ने बताया कि हमारी मांगें किसानों, गरीबों और आदिवासियों के हक से जुड़ी हैं. सरकार को इन पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जिले में व्याप्त समस्याओं को लेकर रैली निकाली थी.रैली निकालने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है.जिसमें कई तरह की परेशानियों का उल्लेख हैं.इनकी सारी समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराया जाएगा – यागवेंद्र ,तहसीलदार इसके अलावा भी मनेंद्रगढ़ के एन एच,पर स्थित शराब दुकान को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हटाने गोंडवाना तंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष ने कहा एमसीबी और कोरिया कार्रवाई की मांग की गई है। recent visitors 55

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के निर्माण में हमारे सभी महापुरूषों का अमूल्य योगदान है

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद टॉवर चौक पर भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की नवीन प्रतिमा का अनावरण कर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान सांसद अनिल फिरोजिया, बालयोगी उमेशनाथ महाराज, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि उज्जैन नगरी की कई विशेषताएँ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के निर्माण में हमारे सभी महापुरूषों का अमूल्य योगदान है। बाबा साहेब 20वीं सदी के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने समाज में समता के लिए, सहअस्तित्व के लिए, समान भाव लाने के लिए इस देश के अंदर जो विसंगतियाँ थीं, जो बुराईयाँ थीं, कुरीतियॉ थीं, उनके विरूद्ध आवाज उठाई और संघर्ष किया। भारत की स्वतंत्रता के पूर्व कई सामाजिक कुरितियों को दूर कर नए विचारों को जन्म दिया। समाज के कमजोर वर्ग को बाबा साहेब ने सशक्त किया और सशक्त कर आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया। उन्होंने संविधान का निर्माण कर सबको समानता का अधिकार दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरूषों की प्रतिमाओं के साथ भविष्य में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रतिमाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।  मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से सभी को शुभकामनाएं दीं। महापौर मुकेश टटवाल ने कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि उक्त प्रतिमा का निर्माण 12.50 लाख रूपये की लागत से हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर प्रतिमा की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं एवं प्रतिमा के आसपास के स्थल का सौंदर्यीकरण एवं विद्युत साज सज्जा भी की गई है।   recent visitors 54

जल जीवन मिशन से फूल बाई बैगा हुई लाभान्वित

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले विकासखण्ड मनेंद्रगढ़ के पाराडोल के छोटे से गांव बैगापारा में जल जीवन मिशन ने ग्रामीण जीवन में क्रांतिकारी बदलाव किया है। वर्षों से स्वच्छ पेयजल की कमी से जूझ रहे इस गांव के लोग आज जल जीवन मिशन द्वारा नल-जल कनेक्शन के जरिए स्वच्छ और सुगम पेयजल का लाभ उठा रहे हैं। इस परिवर्तन की धुरी बनी हैं बैगापारा की निवासी फूल बाई बैगा, जिनकी कहानी इस मिशन की सफलता का प्रतीक बन गई है। गांव में वर्षों तक रही पानी की समस्या बैगापारा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय तक स्वच्छ पानी की व्यवस्था न होने के कारण लोग प्राकृतिक जल स्रोतों और छोटे मोटे कुओं पर निर्भर थे। इन स्रोतों की स्वच्छता और उपलब्धता अक्सर अनियमित रहती थी, जिससे जल जनित बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आम थी। महिलाओं और बच्चों को पानी भरने के लिए घंटों लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे उनकी शिक्षा और दैनिक जीवन भी प्रभावित होता था। जल जीवन मिशन का शुभारंभ और बदलाव का सफर 01 अप्रैल 2024 को जल जीवन मिशन के तहत बैगापारा में नल-जल आपूर्ति के प्रयास शुरू किए गए। सरकार ने गांव के हर घर को 100 प्रतिशत एफएचटीसी (फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन) से जोड़ने का लक्ष्य रखा। 18 नवंबर 2024 तक बैगापारा के प्रत्येक घर को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी परिवारों को निजी स्रोतों के जरिए स्वच्छ पानी की नियमित आपूर्ति हो। स्वच्छ पानी ने बदली ग्रामीणों की जिंदगी जल जीवन मिशन के प्रभाव ने बैगापारा के लोगों के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव लाया है। अब ग्रामीणों को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। महिलाओं और बच्चों का समय और श्रम बचत होती है, वे लोग अपना समय अब शिक्षा, खेती और अन्य उत्पादक कार्यों में लगा रहे हैं। स्वच्छ पेयजल ने जल जनित बीमारियों की घटनाओं को काफी हद तक कम कर दिया है। फूलबाई बैगा ने इस योजना का व्यक्तिगत रूप से लाभ उठाया और इसे ग्रामीणों के लिए जीवन बदलने वाला अनुभव बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा यह पहल हमारे जैसे गांवों को आत्मनिर्भर और स्वस्थ बना रही है। अब हमारा जीवन पहले से कहीं ज्यादा सरल और सुरक्षित हो गया है। प्रेरणा का स्रोत बना बैगापारा बैगापारा की सफलता अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई है। जल जीवन मिशन ने साबित किया है कि सही दिशा में किए गए ठोस प्रयासों से ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और स्वस्थ बनाया जा सकता है। यह कहानी केवल सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की नहीं, बल्कि गांववासियों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए एक बड़े कदम की मिसाल है। बैगापारा अब पूरे क्षेत्र में एक मॉडल गांव के रूप में उभर रहा है। recent visitors 109

डॉ. हरिसिंह गौर की 155वीं जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंत्री पटेल हुए शामिल

भोपाल डॉ. हरिसिंह गौर की 155वी. जन्म जयंती पर सागर जिला "गौर उत्सव" मना रहा है। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल गुरुवार को शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यदि आप पीढ़ियों तक अपना यश चाहते हैं तो शिक्षा का मंदिर तैयार करें और इसे एक संकल्प के रूप में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि एक बार किए गए संकल्प में फिर विकल्प का स्थान नहीं रहता। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी संकल्प की ताकत को समझे, विचार के प्रति समर्पण की ताकत को समझे। हम जो संकल्प जीवन में लें उसके प्रति विकल्प कभी स्वीकार न करें। डॉक्टर सर हरि सिंह गौर का जीवन भी की बड़े संकल्पों की प्रतिमूर्ति है। हम सभी को उनके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। डॉ. हरिसिंह गौर जैसे बहुआयामी व्यक्तित्व हमारे जीवन में न केवल प्रेरणा स्रोत के रूप में कार्य करते हैं बल्कि सामाजिक सरोकार और समाज के प्रति अपने दायित्व, अपनी जिम्मेदारी की ओर भी इंगित करते हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि डॉ. गौर साहब अधिवक्ता, लेखक, शिक्षाविद्, समाज सुधारक, दानी और ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जो आगे आने वाली परिस्थितियों को देख सकते थे। आजादी के 75 साल बाद भी हम महसूस कर सकते हैं कि जो पाठ्यक्रम, सुविधाएं सागर केंद्रीय विश्वविद्यालय में है, वह देश के अन्य बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों में भी नहीं, यह हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा प्राप्त होने की बात को याद करते हुए कहा कि शुरुआत में इस बात को समझ नहीं पाए कि केंद्रीय विश्वविद्यालय बन जाने पर डॉ. हरिसिंह गौर की मूल मंशा प्रभावित होगी। डॉ. गौर की मंशा थी कि बुंदेलखंड के गरीब, अनपढ़ व्यक्ति को संसाधन प्राप्त हों। परंतु जब मध्यप्रदेश के सागर में राजकीय विश्वविद्यालय बनाने के फैसले ने डॉ. गौर की मूल भावना को पुनः जीवित कर दिया। रानी अवंती बाई विश्वविद्यालय सागर सहित संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी और डॉ. गौर के सपनों को पूरा करने में सहायक बनेगी। इस दौरान मंत्री पटेल ने अपने गुरु की सीख याद करते हुए कहा कि युग परिवर्तन का अकाट्य सिद्धांत है, मूल सुधार तथा भूल सुधार। जिसे उन्होंने अपने जीवन में अपनाया और कई कठिन परिस्थितियों का आसानी से सामना कर सके। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलगुरू प्रो. नीलिमा गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक, छात्र छात्राएं मौजूद थे।   recent visitors 92

दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ के पहले उज्जैन में बनकर तैयार होगा मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाकाल की निगरानी में होगा अब हर मर्ज का ईलाज दुनियाभर में जाना जायेगा उज्जैन का मेडिसिटी प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर उज्जैन में ही मेडिकल टूरिज्म भी होगा स्थापित मुख्यमंत्री ने उज्जैन में 592.30 करोड़ की मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय का किया भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के उज्जैन को मेडिसिटी एवं चिकित्सा महाविद्यालय की सौगात दी है। इसका गुरूवार को भूमि-पूजन किया गया। सिंहस्थ के पहले यह महत्वाकांक्षी प्राजेक्ट तैयार हो जायेगा। इस नवीन व्यवस्था से महाकाल की निगरानी में अब हर मर्ज का ईलाज होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उज्जैन की मेडिसिटी दुनियाभर में जानी जायेगी। उज्जैन में हाईटेक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मेडिकल डिवाईस पार्क भी विकसित होगा। एक ही परिसर में सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हाईराईज बिल्डिंग बनाई जाएगी तथा एक-एक इंच भूमि का उपयोग किया जायेगा। परिसर में ही चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ आदि के लिए आवासीय व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश गठन के बाद वर्ष 2003-04 तक प्रदेश में कुल 05 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जिनमें 17 सरकारी हैं और 13 निजी क्षेत्र के हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज सहकार के साथ व्यवस्थाएं बनाएंगे। अगले वर्ष 12 मेडिकल कॉलेज और तैयार हो रहे हैं। जिन चिकित्सालयों की क्षमता अधिक है वहां चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था करने की भी योजना है। प्रदेश में पहले चिकित्सा शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य अलग-अलग विभाग होते थे, जिन्हें अब एक कर दिया गया है। सरकार एक-एक पैसे का सदुपयोग कर आम जनता को सुविधाएं दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को उज्जैन में 592.30 करोड़ रूपये लागत से निर्मित होने वाली मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का भूमि-पूजन कर संबोधित कर रहे थे। भूमि-पूजन के दौरान वेदपाठी बाहृणों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेडिसिटी एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिंहस्थ-2028 के पहले प्रारंभ होगा। उज्जैन में प्रायवेट सेक्टर के साथ मिलकर मेडिकल टूरिज्म की स्थापना भी की जाएगी। उज्जैन में प्रदेश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले सभी मरीजों का उपचार किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आयुष्मान भारत निरामय योजना शुरू करने के बाद राज्य सरकार ने भी तीन महीने में ही गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट कर बड़े चिकित्सालयों में उपचार कराने की सुविधा शुरू की है। जिन स्थानों पर एयरपोर्ट या हवाई पट्टी नहीं है वहां हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट कर मरीजों को उपचार की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में 5000 विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जा रही है, जो आने वाले समय में 10 हजार हो जायेगी। साथ ही प्रदेश में आयुर्वेद के 5 मेडिकल कॉलेज शुरू कर रहे हैं। उज्जैन के आयुर्वेदिक धनवंतरी महाविद्यालय को सर्वसुविधायुक्त एम्स की तरह बनाया जायेगा, इसकी प्रक्रिया चल रही है। साथ ही उज्जैन में हौम्योपैथी महाविद्यालय भी शुरू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को रोजगार मूलक पैरामेडिकल एवं नर्सिंग की शिक्षा देने के निर्देश दिये गये हैं, इससे प्रदेश में रोजगार उपलब्ध होगा। विश्वविद्यालय को पैरामेडिकल एवं नर्सिंग परीक्षाएं भी आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में शव वाहन की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सिकल सेल-एनीमिया के उन्मूलन के पर्याप्त इंतजाम किये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन माधव नगर थाने के पास की जमीन पर निर्मित कराने का भी निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम को उप-मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान धनवंतरि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं कन्या-पूजन कर किया। मालवी पगड़ी पहनकर कार्यक्रम में पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जन-समूह का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किये, जिसमें ग्राम पंचायत ब्रजराज खेड़ी के दीपक शर्मा को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि, उज्जैन नगर पालिक निगम की बेबी बाई को आयुष्मान भारत निरामय योजना की 5 लाख रूपये, ग्राम पंचायत गंगेड़ी को पिंक टॉयलेट निर्माण के लिए 4.84 लाख रूपये का चेक प्रदान किया। प्रदेश की पहली मेडिसिटी उज्जैन में निर्मित होने वाली प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ में 592.3 करोड़ रूपये की लागत से बनेगा। इसमें 6 हाईराइज टॉवर होंगे। टीचिंग हॉस्पिटल का भवन 9 मंजिला होगा, जिसमें बेसमेंट भी शामिल है। मेडिकल कॉलेज का भवन 8 मंजिला होगा इसमें भी बेसमेंट बनाया जाएगा। नर्सेस होस्टल, आरडीएच ब्लॉक व यूजी इंटर्न गर्ल्स होस्टल के भवन 14 मंजिला होंगे। वहीं यूजी इंटर्न बॉइस होस्टल का भवन 11 मंजिला होगा। मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय सम्पूर्ण रूप से दक्ष होगा इसमें रिसर्च एंड डवलपमेंट की सभी सुविधाएँ होंगी। इस महाविद्यालय में 550 बेड की क्षमता का अस्पताल होगा तथा इसमें 150 मेडिकल छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जाएगी। महाविद्यालय में 380 क्षमता का नर्सिंग होस्टल, यूजी इन्टर्न गर्ल्स व बोइस होस्टल, सर्विस ब्लॉक, लाईब्रेरी, पार्किंग, जिमनेशियम, फुटओवर ब्रीज की सुविधाओं से सम्पन्न होगा। मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के भवन में उर्जा दक्षता, फायर सेफ्टी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर पॉवर, इलेक्ट्रिसिटी बेकअप, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लाँट आदि आधुनिक तकनीकिओं का उपयोग होगा। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री एवं उज्जैन जिला प्रभारी गौतम टेटवाल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सर्व अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, डॉ. तेज बहादुरसिंह चौहान, जितेन्द्र पंड्या एवं शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, महापौर मुकेश टटवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर अंतरसिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, नगरनिगम सभापति अध्यक्ष श्रीमती कलावती यादव, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल, विवेक जोशी, बहादुरसिंह बोरमुण्डला सहित जन-प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 54

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भोपाल से हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान शुरू करने की तैयारी की, नई उड़ानें दिसंबर से

भोपाल भोपाल का दक्षिण भारत के साथ हवाई कनेक्शन जल्द ही पहले से मजबूत हो जाएगा। एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भोपाल से हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान शुरू करने की तैयारी की है। जल्द ही बुकिंग शुरू हो जाएगी। 15 दिसंबर से नई उड़ाने संभावित हैं। इस रूट पर अभी तक इंडिगो की उड़ानें संचालित हैं। अतिरिक्त उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को कम किराये में सीट मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। प्रतिस्पर्धा का मिलेगा लाभ भोपाल का दक्षिण भारत से हवाई कनेक्शन लंबे समय से है, लेकिन उड़ानों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को लो-फेयर का लाभ नहीं मिल पाता। हैदराबाद उड़ान में स्पाट फेयर 10 से 12 हजार रुपये तक है। बेंगलुरु तक दो उड़ाने होने के बावजूद स्पाट फेयर 10 से 12 हजार एवं अग्रिम बुकिंग किराया छह से आठ हजार रुपये तक है। उड़ानों की संख्या बढ़ने से एयरलाइंस में प्रतिस्पर्धा होगी और यात्रियों को कम किराये का लाभ मिल सकता है। यहां पर यह बता दें कि भोपाल से सबसे अधिक उड़ानें दिल्ली तक हैं। इस रूट पर इंडिगो तीन एवं एयर इंडिया की दो नियमित उड़ानें हैं। एक साप्ताहिक उड़ान है। यही कारण है कि तीन से चार हजार रुपये में सीट मिल जाती है। जल्द शुरू होगी बुकिंग एयर इंडिया एक्सप्रेस ने विंटर सीजन के लिए हैदराबाद एवं बेंगलुरु के अलावा दिल्ली एवं मुंबई के लिए स्लॉट लिया था। कंपनी इसकी शुरुआत हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान के साथ कर रही है। कंपनी ने एयरपोर्ट पर कार्यालय खोलने के लिए अनुमति शुल्क भी जमा कर दिया है। माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक दोनों शहरों की बुकिंग शुरू होगी। कंपनी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को 15 दिसंबर से फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने की जानकारी दी है।   रीवा उड़ान की बुकिंग भी जल्द फ्लायबिग की रीवा उड़ान की बुकिंग भी जल्द शुरू होने की उम्मीद की जा रही है। कंपनी ने पहले 15 नवंबर से बुकिंग शुरू की थी। बाद में बुकिंग रोक दी गई। इंडिगो की प्रस्तावित कोलकाता उड़ान की बुकिंग भी अभी शुरू नहीं हुई है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने स्पेस के लिए शुल्क जमा करा दिया है। शुरुआत हैदराबाद एवं बेंगलुरु उड़ान के साथ होगी। अगले साल दिल्ली एवं मुंबई की उड़ानें भी शुरू हो सकती है।- रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर recent visitors 33