Saturday, July 4, 2026 4:13 am

इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन के लिए रेल मंत्रालय ने 77 गांवों की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए गजट नोटिफकेशन दिया

इंदौर बहुप्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना में अब जमीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है। इस परियोजना में मप्र के तीन जिलों के 77 गांवों से होकर रेल लाइन गुजरेगी। हाल ही में रेल मंत्रालय ने इन गांवों की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए गजट नोटिफकेशन भी कर दिया है। अब जिले के राजस्व अफसर जमीन का आकलन करने में जुट गए हैं ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी हो और रेल लाइन बिछाने का काम शुरू हो सके। बता दें कि इस नई रेल लाइन के शुरू हो जाने से धार, खरगोन और बड़वानी जिले के आदिवासी अंचलों से पहली बार रेल गुजरेगी। परियोजना से लगभग एक हजार गांव और 30 लाख आबादी का रेल सेवाओं से सीधा संपर्क जुड़ेगा। 16 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन चलेंगी प्रोजेक्ट पूरा होने पर 16 जोड़ी पैसेंजर ट्रेन का संचालन होगा, जिसमें 50 लाख यात्री शुरुआती वर्षों में सफर करेंगे। हर साल इस प्रोजेक्ट से रेलवे को 900 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलेगा। इंदौर से मुंबई की दूरी भी 830 किमी से घटकर 568 किमी रह जाएगी। नई रेल लाइन खरगोन, धार और बड़वानी जिले से होकर गुजरेगी। बड़वानी जिले के 39, धार जिले के 28 और खरगोन जिले के 10 गांवों में रेल लाइन बिछाई जाएगी। अब जिला स्तर पर राजस्व विभाग इन गांव की जमीन का आकलन करेगा। इसके बाद पश्चिम रेलवे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगा। इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन संघर्ष समिति के मनोज मराठे ने बताया इस प्रोजेक्ट के लिए पिछले कई वर्षों से संघर्ष किया जा रहा है। आगामी पांच वर्ष में यह प्रोजेक्ट तैयार होने का लक्ष्य रखा गया है। इन गांवों की जमीनों का होगा उपयोग धार जिला : राती तलाई, सेवरी माल, सराय तालाब, आंवलिया, चुंडीपुरा बीके, बियाघाटी, आंवलीपुरा, जामदा, झाड़ीबड़ोदा, जलवाय, नागझीरी, लुन्हेराखुर्द, सुंद्रेल, पटलावद, भीखरोन, पंधानिया, ग्यासपुर खेड़ी, एकलारा खुर्द, एकलारा, दुधी, भोंदल, चिकटयावड़, सिरसोदिया, दुंगी, कोठिदा, चौकी, भारूडपुरा बीके और भारूड़पुरा। बड़वानी जिला : सोलवान, मालवान, मालवान बीके, भामन्या, बावदड़, अजनगांव, अजनगांव बीके, नवलपुरा, बनिहार, गोई, कलालदा, जामली, सालीकलां, नांदेड़, मातमुर, बालसमुद, ओजर, सांगवी नीम, देवला, जुलवानिया रोड, निहाली, छोटी खरगोन, वासवी, कुसमारी, मुंडला, रेलवा बुजुर्ग, बंजारी, खजूरी, बघाड़ी, घाटी, अजंदी, हसनखेड़ी, सिकंदर खेड़ी, सेगवाल, उमरदा, शेरपुरा, जरवाह और जरवाह बीके। खरगोन जिला : जारोली, औरंगपुरा, नागंवा, कोठड़ा, ज्ञानपुरा, मोहिदा, मक्सी, भेडल्याबाड़ा, नीमगढ़ और कुसुम्भ्या। यहां से गुजरेगी रेल लाइन नई रेल लाइन महू से धार होते हुए धरमपुरी, ठीकरी, राजपुर, सेंधवा, सिरपुर, शिखंडी, धुले, मालेगांव होकर मनमाड़ पहुंचेगी। पूरी परियोजना में 30 नए रेलवे स्टेशन भी बनाए जाएंगे। recent visitors 117

विंडोज 10 में बिल्ट-ईन ऐप्स को ऐसे कर सकते है अनइंस्टॉल

विंडोज 10 में बहुत सारे पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप जैसे एक्सबॉक्स, ग्रूव म्यूजिक, पीपल, मैप्स आदि होते हैं, जो सिर्फ जगह घेरते हैं लेकिन अगर आप उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो उन्हें अनइंस्टॉल करने के सरल तरीके हैं। इन बिल्ट-ईन ऐप्स को कंट्रोल पैनल से अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता, लेकिन आप निश्चित रूप से इन्हें अन्य तरीकों से अनइंस्टॉल कर सकते हैं। इन यूनिवर्सल ऐप्स को कुछ सरल तरीकों से अनइंस्टॉल किया जा सकता है। पहला तरीका : ड्रॉपडाउन मेन्यू, विंडोज़ 10 में बिल्ट-ईन ऐप्स को अनइंस्टॉल करने का सबसे सरल तरीका है। सबसे पहले स्टार्ट मेनू में जाएं, वहाँ आपको ऐप का नाम टाइप करना होगा। उस पर राइट क्लिक करें और फिर अनइंस्टॉल का चयन करें। दूसरी विधि : विंडोज 10 से इन ऐप्स को निकालने के लिए पॉवरशैल का उपयोग किया जा सकता है। ऑपरेटिंग सिस्टम के कई उपयोग हैं और इन ऐप्स को अनइंस्टॉल करना इस तरह से सरल है। पॉवरशैल वास्तव में बिल्ट-ईनऐप्स को अनइंस्टॉल करने का सबसे लोकप्रिय तरीका है। इसे करने का तरीका नीचे दिया गया हैं- स्टेप 1: विंडोज 10 सर्च बार में पॉवरशैल टाइप करें। पॉवरशैल पर राइट-क्लिक करें। इसके बाद रन एज एडमिनिस्ट्रेटर को चुनें। स्टेप 2: निम्न कमांड टाइप करें : गेट-एपएक्सपैकेज । एफटी नाम, पैकेजफुलनाम- ऑटोसाइज़  जिसके बाद आपको इंस्टॉल ऐप्स की एक सूची दिखेगी। स्टेप 3: यदि आप किसी भी ऐप को हटाना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित कमांड टाइप करनी होगी: गेट-एपएक्सपैकेज -एक्सबॉक्सएप।आपको ऐप का नाम बदलना होगा और फिर वाइल्डकार्ड्सका उपयोग करना होगा। Powershell में ऐप के नाम से पहले और बाद में आपको इसका इस्तेमाल करना हैं। स्टेप 4: आपको थोड़ी देर इंतजार करना होगा ताकि विंडोज ब्लोटवेयर को हटा सके। ये विभिन्न तरीके हैं जिनकी मदद से ईन-बिल्ट एप्स को विंडोज 10 से हटाया या अनइंस्टॉल किया जा सकता है। कुछ ईन-बिल्ट ऐप्स को छोड़कर आप इस तरीके से लगभग सभी ऐप्स को अनइंस्टाल कर सकते हैं।   recent visitors 116

प्रदेश में हवाओं संग कुछ नमी आने के कारण कोहरा और धुंध भी छा रही, सर्द हवाओं ने बढ़ाई सिहरन, पचमढ़ी सबसे ठंडा

भोपाल उत्तर की ओर से आ रही सर्द हवाओं के असर से प्रदेश में सिहरन बढ़ गई है। इस वजह से लगभग सभी शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट हो रही है। इसके साथ-साथ हवाओं संग कुछ नमी आने के कारण कोहरा और धुंध भी छा रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम का ऐसा मिजाज अगले दो दिन तक बना रह सकता है। लगातार लुढ़क रहा पारा मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रदेशभर में ठंडा रहा, जहां गुरुवार को लगातार दूसरे दिन न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम 9.1 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में रिकॉर्ड किया गया और उमरिया में 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। नौगांव और राजगढ़ में पारा लुढ़ककर 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसी तरह राजधानी भोपाल में रात का तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा। प्रदेश के सभी शहरों में रात का पारा 15 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार सुबह प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, खजुराहो और नौगांव में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल में सुबह 1 से 2 किलोमीटर तक दृश्यता रही। दो दिन बाद छा सकते हैं बादल मौसम विज्ञानियों के अनुसार फिलहाल देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर भी एक चक्रवात सक्रिय है। प्रदेश में फिलहाल दो दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु के तट के पास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बनने जा रहा है। आगे बढ़कर यह कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो सकता है। इस मौसम प्रणाली के असर से हवाओं का रुख बदल सकता है। इसके चलते दो दिन बाद प्रदेश में कहीं-कहीं बादल भी छा सकते हैं। सुबह छा रही धुंध मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि राजस्थान पर बने प्रति-चक्रवात के असर से लगातार सर्द हवाएं मध्य प्रदेश की तरफ आ रही हैं। इस वजह से रात का पारा लगातार लुढ़क रहा है। हवाओं के साथ कुछ नमी भी आने से ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में कोहरा बना हुआ है। शेष भागों में सुबह के समय धुंध छाई रहती है। recent visitors 128

इंटरनेट मीडिया तक बच्चों की पहुंच रोकने वाला बिल संसद में पेश, अब बच्चों ने किया इस्तेमाल तो लगेगा जुर्माना

मेलबर्न इंटरनेट मीडिया के गलत प्रभाव से बच्चों को बचाने के लिए गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई संसद में एक बिल पेश किया गया। दुनिया में अपने तरह का पहला यह बिल 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इंटरनेट मीडिया से प्रतिबंधित कर देगा। बच्चों के अकाउंट बनाने पर लगेगा जुर्माना ऑस्ट्रेलिया की संचार मंत्री मिशेल रोलैंड ने कहा कि अगर इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म टिकटाक, फेसबुक, स्नैपचैट, रेडिट, एक्स और इंस्टाग्राम छोटे बच्चों को अकाउंट बनाने से रोकने में विफल होंगे, तो उनपर 33 मिलियन डालर (2,787,498,714 रुपये) तक का जुर्माना लगेगा। बिल को व्यापक राजनीतिक समर्थन प्राप्त है। इसके कानून बनने के बाद आयु प्रतिबंध को लागू करने के लिए प्लेटफार्मों को एक वर्ष का समय मिलेगा। हिंसक सामग्री देख खुद को हानि पहुंचा रहे बच्चे संचार मंत्री ने कहा कि 14 से 17 वर्ष के लगभग दो-तिहाई किशोरों ने हिंसक सामग्री सहित खुद को हानि पहुंचाने वाले कंटेंट देखे हैं। सरकार की ओर से कराए गए शोध में 95 प्रतिशत अभिभावक आनलाइन सुरक्षा को सबसे कठिन चुनौतियों में से एक मानते हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया की एक सामाजिक जिम्मेदारी है और वह अपने प्लेटफार्म पर होने वाले नुकसान को दूर करने में बेहतर काम कर सकता है। recent visitors 84

इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल-एस्टेट में करियर

समय के साथ तरक्की के नए रास्ते खुलते जा रहे हैं और इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट का बहुत बड़ा योगदान है। हर तरह की उन्नति को हम इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट से जोड़ सकते हैं।    देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। हमारे चारों ओर सीमेंट-क्रांकीट के जंगल खड़े हो रहे हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट के बढ़ने से इसमें युवाओं के लिए करियर की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। यह क्षेत्र चुनौतियों के साथ-साथ भरपूर आर्थिक संभावनाओं वाला क्षेत्र भी है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए उन सभी गुणों और कौशल की आवश्यकता होती है जो की एक बिजनेस स्थापित करने के लिए ज़रूरी होते हैं। इस क्षेत्र को बिजनेस के रूप में अपनाने वाले युवा 12वीं पास करने के‍ बाद युवा दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से इसका कोर्स कर सकते हैं। इंजीनियरिंग कॉलेजों से सिविल अथवा कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर इस क्षेत्र में जॉ‍ब किया जा सकता है। सेल्स एवं मार्केटिंग क्षेत्र में करियर के लिए एमबीए किया जा सकता है। रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़ी कंपनियों में कार्य के आधार पर आप सेल्स मैनेजर, सेल्स एक्जीक्यूटिव, कंस्ट्रक्शन एक्जीक्यूटिव जैसे पदों पर कार्य कर सकते हैं। चरणबद्ध प्रक्रिया साधारणतः छात्र 12वीं के उपरान्त दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से इस क्षेत्र में कोर्स करते हैं यदि उन्हें अपना रियल-एस्टेट बिजनेस चलाना हो. परन्तु तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर इस क्षेत्र में जॉब करने के लिए आपको देश भर में फैले इंजीनिअरिंग कॉलेजों से सिविल अथवा कंस्ट्रक्शन इंजीनिअरिंग में डिग्री लेनी होगी. तकनीक से जुड़ी नौकरियों के अलावा इस क्षेत्र में आप सेल्स और मार्केटिंग अथवाइंटरनेश्नल रिलेशंस में एमबीए करके या बिजनेस कम्युनिकेशंस में डिग्री प्राप्त कर किसी कंस्ट्रक्शन कम्पनी के साथ अपने करियर की शुरूआत कर सकते हैं. विभिन्न कंपनियों के कार्य के आधार पर आप सेल्स मैनेजर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, कंस्ट्रक्शन एग्जीक्यूटिव जैसे पदों से शुरूआत कर सकते हैं. यहाँ आपको निम्न क्षेत्रों का ज्ञान होना भी ज़रूरी है: -बिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन से जुड़े तकनीकी पहलू -विभिन्न क्षेत्रों में घर/प्लॉट/ज़मीनों के बाज़ार भाव व इनसे जुड़ी ख़बरों पर नज़र रखना -विभिन्न कम्पनियों के स्टॉक और शेयर पर नज़र रखना -ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मार्केटिंग, सेलिंग व प्राइसिंग रणनीतियों का ज्ञान -शेयर होल्डर्स और खरीददारों का बड़ा नेटवर्क यदि आप इन विषयों में अपनी तैयारी पक्की रखते हैं तो आप अपने लिए इस क्षेत्र में एक विशेष जगह बना सकते हैं. पदार्पण यदि आप खुद का रियल-एस्टेट बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो अपने रिस्क पर अपने बनाए गए कोंटेक्ट्स के ज़रिये आप बाज़ार से कच्चा माल व मजदूर प्राप्त कर सकते हैं. आपके व्यापार के आकार के आधार पर बैंक भी आपको लोन दे सकता है. अन्यथा आप सिविल इंजीनिअरिंग में डिग्री लेकर नौकरी भी कर सकते हैं. क्या यह मेरे लिए सही करियर है? यदि आपमें ज्यादा पैसा कमाने की इच्छा और लगन है और यदि आप 24 घंटे सातों दिन कठिन परिश्रम करते हुए बिल्डर्स, कंसल्टेंट्स, मजदूर एवं साईट मैनेजर की टीम को मार्गदर्शन दे सकते हैं तो इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल-एस्टेट का क्षेत्र आपके लिए है. एक बिल्डर के तौर पर आपको सीमेंट, चूना मसाला, ईंट एवं अन्य कच्चा सामान खरीदकर मजदूरों और आर्कीटेक्ट को तय करना होता है. बिल्डर का कार्य पुरानी, गिरवी रखी हुई तथा वाद-विवाद वाली ज़मीन, प्लॉट अथवा घर को कानूनी तौर पर सही बनाकर उसे बेचने योग्य बनाना भी होता है. अब अगला कदम आता है प्रोपर्टी को बेचना जिसके लिए आपको एक अच्छा समन्वयक होना ज़रूरी है. हालांकि आपको शुरूआत में यह एक कठिन कार्य लगेगा परन्तु दीर्घकालीन दृष्टि से देखने पर यह आपके लिए किसी भी और प्रोफेशन से ज्यादा पैसे कमाने वाला प्रोफेशन साबित होगा. विशेषकर भारत में जहां इण्डिया प्रोपर्टी डोट कॉम, 99 एकड़ डोट कॉम और इण्डिया हाउसिंग डोट कॉम जैसी वेबसाईट सारे देश में प्रोपर्टी खरीदने और बेचने की सुविधा प्रदान कर रही हैं. ये वेबसाइट्स खरीदने वाले और बेचने वाले के बीच माध्यम बनकर प्रक्रिया को सरल बना देती हैं. बिजनेस को बढ़ाने का एक और माध्यम है- समाचार-पत्रों में विज्ञापन देना. खर्चा कितना होगा? अपने राज्य के किसी प्राइवेट संस्थान से सिविल इंजीनिअरिंग डिग्री करने पर 60,000 से लेकर 1 लाख रूपये तक वार्षिक खर्चा होगा. परन्तु यदि आप राष्ट्रीय स्तर की किसी प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण कर आईआईटी या दिल्ली कॉलेज ऑफ़ इंजीनिअरिंग जैसे किसी संस्थान में दाखिला लेते हैं तो फीस अलग होगी. आपके पास सेल्स एंड मार्केटिंग में एमबीए कर रियल-एस्टेट एजेंसी में नौकरी करने का विकल्प भी है. छात्रवृत्ति यदि आप बैंक से लोन लेने के इच्छुक हैं तो स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया से बेहतर विकल्प कोई नहीं है जोकि आपको 7.5 लाख तक का लोन देता है. चूंकि यह एक राष्ट्रीयकृत बैंक है इसलिए क़र्ज़ चुकाने के तरीके भी सुरक्षित हैं. रोज़गार के अवसर इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल-एस्टेट क्षेत्र में सेल्स एग्जीक्यूटिव, प्रोपर्टी मैनेजर, एस्टेट मैनेजर, आईटी मैनेजर- रियल एस्टेट और प्रोफ़ेसर जैसे पद आपको प्राप्त हो सकते हैं. ये वेबसाइट्स तकनीकी क्षेत्र में कई अवसर उपलब्ध कराती हैं. यदि आप सिविल इंजीनियर या एक आर्कीटेक्ट हैं तो भी आप कंस्ट्रक्शन टीम का भाग बन सकते हैं. अन्य फील्ड सेल्स की नौकरियों की तुलना में निर्माण क्षेत्र की जॉब ज्यादा थकाऊ होती है. दूसरी ओर, इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में आते हैं– सिविल इंजीनियर, इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजर, स्टोर या वेयरहाउस मैनेजर तथा इन्वेंटरी एग्जीक्यूटिव्स. वेतनमान बिजनेस लाने की मात्रा के आधार पर  एक रियल-एस्टेट सेल्स एग्जीक्युटिव का शुरूआती मासिक वेतन 15000 से 50000 तक जा सकता है. यदि आप किसी बैंक अथवा प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के रिअल्टी या मोर्टगेज डिपार्टमेंट में कमीशन बेस पर काम करते हैं तो व्यापारिक संबंध बनाने के अनुपात में आप असीमित आय प्राप्त कर सकते हैं. सिविल इंजीनियर के तौर पर आप अग्रणी कंपनियों में 20 से 25 हज़ार मासिक वेतन के साथ स्ट्रक्चर मैनेजर के पद से शुरूआत कर सकते हैं. मांग एवं आपूर्ति आईटी, इलेक्ट्रोनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर की तुलना में सिविल इंजीनियर की मांग हालांकि कम है परन्तु एक बार इन कंपनियों में लग जाने पर आप बहुत अच्छा सेलेरी पैकेज प्राप्त कर सकते हैं तथा आपको जापान जैसे देशों की यात्रा करने का मौका भी मिल सकता है. इन्फ्रास्ट्रक्चर मार्केटिंग और … Read more

प्रधानमंत्री मोदी को दो राष्ट्रों से मिले सर्वोच्च सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बारबाडोस और डोमिनिका के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को बारबाडोस के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान "ऑनररी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस" से सम्मानित किए जाने पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व गगन में जय-जय भारत का नारा गूंज रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर निरंतर नए आयामों को छू रहा है। यह बदलते और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डोमिनिका के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान "डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर" से सम्मानित होने पर कहा कि प्रत्येक भारतीय के लिए यह गर्व करने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम के ध्येय मंत्र पर अग्रसर नया भारत आज विश्व के लिए प्रेरणापुंज की तरह है।   recent visitors 58

आज मुख्यमंत्री डॉ.यादव करेंगे वर्चुअल चर्चा

आज मुख्यमंत्री डॉ.यादव करेंगे वर्चुअल चर्चा शुक्रवार को होगी कलेक्टर – कमिश्नर कॉन्फ्रेंस भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज कलेक्टर-कमिश्नर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार शाम 5:00 बजे मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से सभी संभागों के कमिश्नर , पुलिस महानिरीक्षक , पुलिस आयुक्त , सभी जिलों के कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। recent visitors 63