Sunday, July 5, 2026 4:20 am

पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह, विदेशों से‌ भी आ रहे भक्त

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों 'हिंदू जोड़ो पदयात्रा' काफी सुर्खियों में है. इस दौरान बागेश्वर धाम आश्रम का दावा है कि यात्रा में शामिल होने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुयायी आ रहे हैं. खास तौर पर विदेश में भी हिंदू धर्म के प्रति जो आस्था बढ़ी है, वह यात्रा में शामिल होने वाले लोगों में साफ देखी जा सकती है. जाहिर है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों को जोड़ने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं. इस यात्रा में बड़ी संख्या में नेता से लेकर अभिनेता शामिल हो रहे हैं. दूसरी तरफ बागेश्वर धाम आश्रम ने एक दावा किया है कि हिंदू जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए विदेश से भी लोग आ रहे हैं. बागेश्वर धाम आश्रम में ऑस्ट्रेलिया से आधा दर्जन से ज्यादा लोगों पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हिंदू सनातन यात्रा में शामिल होने के लिए आ रहे हैं. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में विदेशी अनुयायी है. ऐसे में हिंदू जोड़ो यात्रा का प्रचार विदेश तक भी पहुंच गया है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दिया नया नारा पर्चियों के माध्यम से लोगों की समस्या का हल करने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यात्रा के दौरान रोज नया नारा दे रहे हैं. उन्होंने यात्रा के दौरान नारा देते हुए कहा कि, "मैं हिंदू हूं, मैं हिंदू हूं और मैं हिंदुस्तान हूं." धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हिंदुओं को एक करने के लिए लंबे समय से भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग कर रहे हैं. यात्रा में राजनेता भी शामिल पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के द्वारा छतरपुर से ओरछा तक निकाली जा रही यात्रा में बड़ी संख्या में राजनेता शामिल हो रहे हैं. इस यात्रा में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता भी लगातार यात्रा में शामिल हो रहे हैं. इस वजह से भी ये यात्रा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. recent visitors 54

कैरियर बदलने से पहले सोचें कई बार

किसी भी कैरियर में बहुत आगे बढ़ने के बाद कई युवा साथी कैरियर शिफ्ट करने की इच्छा रखते हैं। वे एक तरह की जिंदगी से कुछ अलग करना चाहते हैं जो उनके दिल को पसंद हो। इस प्रकार के कैरियर शिफ्ट में न केवल जोखिम रहता है बल्कि यह कैरियर का एक ऐसा मोड़ रहता है जहां से आप पर आर्थिक रूप से बहुत बोझ भी रहता है।    ऐसे में अगर आप बदलाव कर रहे हैं तब इन बातों का जरूर ख्याल रखें। ऐसा न हो कि महज बदलाव के लिए आपने कैरियर शिफ्ट कर लिया पर बाद में लगा कि अपने हाथों से पैर पर कुल्हाड़ी मार ली। पैसा सब कुछ नहीं कैरियर में बदलाव करते समय अगर आप यह सोचते हैं कि जो वर्तमान में कार्य कर रहे हैं उसमें पैसा कम है और कैरियर शिफ्ट के बाद ज्यादा पैसा मिल जाएगा तब आप गलत दिशा में सोच रहे हैं। प्रत्येक कैरियर में अलग-अलग तरह की प्रक्रियाएं रहती हैं आगे बढ़ने के लिए। इस कारण पैसे को ही देखकर करियर शिफ्ट न करें। किसी और ने किया इसलिए आप भी करें यह अकसर देखा गया है कि कोई व्यक्ति लगातार पांच-आठ वर्षों तक एक ही कंपनी में कार्य कर रहा है और कंपनी में काम करने वाले उसके एक साथी ने कैरियर शिफ्ट किया क्योंकि उसे मीडिया में काम करने की इच्छा थी। साथी ने कैरियर शिफ्ट किया है इसलिए आप भी करें यह जरूरी नहीं। आप अपनी सहूलियत देखें। अपनी क्षमता को पहचानें कई बार युवा साथी जोश में आकर कैरियर शिफ्ट करने के बारे में विचार करते हैं और उस पर अमल भी कर देते हैं। जब वे दूसरे कैरियर के लिए काम करने जाते हैं तब असहज महसूस करते हैं। यह इस कारण भी होता है क्योंकि आप अपनी क्षमता से परिचित नहीं हैं। कैरियर शिफ्ट करने के पहले इस ओर जरूर ध्यान दें कि क्या वाकई आपमें उतनी क्षमता है। किसी विकल्प का चयन मात्र इसलिए न करें क्योंकि वह आपके लिए अंतिम विकल्प है। यदि आप इस संबंध में किसी उलझन में हैं तो खुद का आंकलन पहले करें। नई डिग्री लें या नहीं युवा साथी पांच वर्ष के कैरियर के बाद अपने पसंद के कैरियर को अपनाने के लिए नई डिग्री लेने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। पर इस बात का ध्यान दें कि आप पांच वर्षों बाद पुनः पढ़ाई करने जा रहे हैं। डिग्री आपको फायदेमंद भी साबित हो सकती है और नुकसान भी हो सकता है क्योंकि आप डिग्री प्राप्त करने के लिए अलग ध्यान लगा रहे हैं और वर्तमान में जो काम कर रहे हैं उस पर आपका ध्यान नहीं होता। ऐसे में आप न इधर के रहते हैं न उधर के। कैरियर में बदलाव संबंधी बड़े फैसले अपने आप न करें। इस संबंध में अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों से बात करें। हो सकता है आपकी इस समस्या में वे आपको बेहतर विकल्प दें।   recent visitors 72

चार आवेदकों को पटवारी के पद पर मिली अनुकम्पा नियुक्तिके भीतर

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशा अनुरूप अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जा रहा है। महासमुंद जिले के भू-अभिलेख शाखा अनुकम्पा नियुक्ति के चारों प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए एक माह के भीतर ही अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश जारी किये गये है। इन आवेदकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संवेदनशील सरकार की सुशासन का ही परिणाम है कि उनके आवेदन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हें अनुकम्पा नियुक्ति मिली है।  लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, और स्थानीय विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने पटवारी के पद पर श्री कौशल कुमार बुड़ेक, श्री राजनारायण झारेय, श्रीमती पूनम नंद, और श्री भूपेन्द्र कुमार सेन को पटवारी पद के लिए नियुक्ति आदेश प्रदान किया। इन आवेदकों को पटवारी प्रशिक्षण शाला जिला रायपुर में आगामी प्रशिक्षण सत्र में पटवारी प्रशिक्षण दिया जायेगा। एक वर्ष का निर्धारित पटवारी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद  आवेदकों द्वारा पटवारी परीक्षा उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर पटवारी पद पर नियुक्ति का आदेश पृथक से जारी किया जाएगा। अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने वाले आवेदक श्री भूपेन्द्र कुमार सेन ने बताया कि उनके पिता स्व. श्री कृष्ण कुमार सेन जनपद पंचायत महासमुंद में विकास विस्तार अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। वर्ष 2022 में उनके अचानक मृत्यु हो जाने के कारण बहन और माता की जिम्मेदारी भी उनके उपर आ गई थी। घर की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी थी। उन्होंने बताया की नए सरकार के गठन के पश्चात प्रक्रिया में तेजी आई और जैसे ही आवेदन भू-अभिलेख शाखा में पहुंचा वैसे ही समय में आवेदन का निराकरण हुआ और हमें पटवारी के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति मिली है। recent visitors 60

शहर में इस साल कड़ाके की ठंड में अलाव नहीं जलाए जाएंगे, आबोहवा रहे स्वच्छ लिया निगम ने फैसला

 भोपाल  शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इस बार शहर में अलाव नहीं जलाए जाएंगे । नगर निगम प्रशासन ने यह निर्णय पहली बार लिया है ताकि वायु प्रदूषण का स्तर कम किया जाए सके। लिहाजा शहर के वह 500 स्थान जहां पर हर साल कड़ाके की ठंड पड़ते ही अलाव जलाए जाते थे, वहां इस बार अलाव नहीं जलाए जाएंगे। नगर निगम की इस पहल से यकीनन वायु प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी, लेकिन अहम बात यह है कि जो लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते थे। वह किस तरह इस कड़ाके की ठंड से अपना अब बचाव करेंगे। लोगों से अपील इसको लेकर भी निगम ने नागरिकों से अपील की है कि बेवजह ठंडे में बाहर नहीं रहें। रैन बसेरों में पर्याप्त कमरे और गर्म रजाई-गद्दे हैं। वह आराम से वहां सोए। अस्पतालों में भर्ती मरीजों के संग सिर्फ एक अटेंडर परिसर में रुके। बाकी के लोग अपने घरों में रहें। प्राइवेट कॉलोनियों में जो लोग अलाव जलाते रहे हैं, वे हीटर का उपयोग करें। ताकि लोग ठंडे से भी बचे रहें और शहर की हवा भी स्वच्छ हो सके। अलाव के लिए नहीं किए आदेश जारी शहर में अलाव जलाने के लिए नगर निगम द्वारा कड़ाके की ठंड पड़ते ही अलाव के लिए लकड़ियां मुहैया करवाने के आदेश जारी किए जाते थे, लेकिन इस बार निगमायुक्त ने ऐसा कोई आदेश नहीं जारी किया। अलाव जलाने के लिए निगम के स्टोर से लकड़ियां मुहैया करवाई जाती थीं। इन लकड़ियों को निगम के वाहनों से सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचाया जाता था। जिसमें डीजल खर्च के अलावा निगम को कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता था, लेकिन इस बार अलाव नहीं जलाए जाएंगे। लिहाजा लाखों रुपये के डीजल खर्च की बचत भी होगी। इसलिए लिया निर्णय शहर की हवा की सेहत को सुधारने के लिए निगम प्रशासन ने यह निर्णय लिया है, क्योंकि तमाम प्रयास के बाद भी शहर में बढ़ता वायु प्रदूषण कम नहीं हो रहा। शुक्रवार को भी शहर का एक्यूआई 300 पार हो गया था। शाम सात बजे पर्यावरण परिसर क्षेत्र में एक्यूआई 305, टीटी नगर में 285 और कलेक्ट्रेट में 236 दर्ज किया गया थे। शहर की हवा में अभी भी पीएम 2.5 धूल कण अधिक मात्रा में है, जो कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को बीमार करने के लिए काफी है। इस हवा में सांस लेना बीमारियों को न्योता देने के बराबर है। सर्दी ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड हालांकि राजधानी में कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू हो चुकी है। भोपाल में सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। नवंबर में सबसे ठंडी शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात रही, जब पारा लुढ़ककर 8.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे एक दिन पहले भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। इससे पता चलता है कि सर्दी लगातार जोर पकड़ रही है। recent visitors 55

कप्तान एलिसा हीली की गैर मौजूदगी में आस्ट्रेलिया की 13 सदस्यीय महिला टीम की कप्तान बनेगी ताहलिया

सिडनी अनुभवी हरफनमौला ताहलिया मैकग्रा को भारत के खिलाफ अगले महीने होने वाली तीन मैचों की वनडे श्रृंखला के लिये नियमित कप्तान एलिसा हीली की गैर मौजूदगी में आस्ट्रेलिया की 13 सदस्यीय महिला टीम का कप्तान बनाया गया। चौतीस वर्ष की एलिसा घुटने की चोट के कारण भारत के खिलाफ पांच दिसंबर से ब्रिसबेन में शुरू हो रही श्रृंखला नहीं खेल सकेंगी। वह महिला बिग बैश लीग के आखिरी चरण में भी नहीं खेल पाई थी। दूसरा वनडे आठ दिसंबर को ब्रिसबेन में और तीसरा 11 दिसंबर को पर्थ में खेला जायेगा। महिला बिग बैश लीग में सिडनी थंडर के लिये खेलने वाली जॉर्जिया वोल को टीम में शामिल किया गया है। आस्ट्रेलियाई टीम में अनुभवी बेथ मूनी, एलिसे पेरी, मेगान शट और अनाबेल सदरलैंड भी है। आस्ट्रेलियाई टीम 19 से 23 दिसंबर तक वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी तीन वनडे खेलेगी। राष्ट्रीय चयनकर्ता शॉन फ्लेगलेर ने कहा, ‘‘एशेज को ध्यान में रखते हुए एलिसा हीली को आराम देने का फैसला किया गया है।ताहिलया मैकग्रा ने विश्व कप के दौरान कठिन हालात में कप्तान के तौर पर प्रभावित किया है। हमने एशेज श्रृंखला और आईसीसी महिला विश्व कप को ध्यान में रखकर अनुभवी टीम चुनी है।’’ टीम : डार्सी ब्राउन, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फोबे लिचफील्ड, ताहलिया मैकग्रा, सोफी मोलिनू, बेथ मूनी, एलिसे पेरी, मेगान शट, अनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहेम (भारत श्रृंखला), एलिसा हीली (न्यूजीलैंड श्रृंखला)।   recent visitors 99

चैंपियंस ट्रॉफ़ी पर चर्चा के लिए आईसीसी ने 26 नवम्बर को अपनी बोर्ड की आपात बैठक बुलाई

दुबई आईसीसी ने 26 नवम्बर को अपनी बोर्ड की आपात बैठक बुलाई है, जिसमें 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी पर चर्चा की जाएगी। ईएसपीएन क्रिकइंफो को यह जानकारी मिली है कि बैठक का एकमात्र एजेंडा यह है कि क्या टूर्नामेंट के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाया जाए, जिसमें पाकिस्तान और किसी अन्य देश में इसे आयोजित किया जाए। टूर्नामेंट की संभावित शुरुआत से 100 दिन से भी कम समय बचा है। मेज़बान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इसे 19 फ़रवरी से 9 मार्च तक आयोजित करने के लिए निर्धारित किया है। हालांकि आईसीसी ने अभी तक शेड्यूल जारी नहीं किया है। लेकिन इस पर अभी इससे भी ज़्यादा बड़ा रोड़ा अटका हुआ है। बीसीसीआई ने आईसीसी को सूचित किया है कि भारतीय सरकार ने रोहित शर्मा की टीम को पाकिस्तान यात्रा करने की अनुमति नहीं दी है। पाकिस्तान को नवंबर 2021 में इस आठ-टीम के वनडे टूर्नामेंट की मेज़बानी के अधिकार दिए गए थे और वह तीन वेन्यूज़ – लाहौर, कराची और रावलपिंडी में पूरे टूर्नामेंट का आयोजन करने के लिए अडिग है। पाकिस्तान में इस सप्ताह मीडिया से बात करते हुए पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने कहा था कि उन्हें चैंपियंस ट्रॉफ़ी पाकिस्तान में आयोजित होने के बारे में “सकारात्मक अपेक्षाएं” हैं। नक़वी पाकिस्तान सरकार के गृह मंत्रालय के प्रमुख भी हैं, उन्होंने कहा कि वह बीसीसीआई से इस गतिरोध को तोड़ने के लिए संवाद करने के लिए तैयार हैं। पीसीबी आईसीसी से इस बात का जवाब पाने का इंतज़ार कर रहा है कि भारत को पाकिस्तान यात्रा करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती।” यह लगातार दूसरा वर्ष है जब पाकिस्तान को भारत की वजह से टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित करने के प्रश्न से जूझना पड़ा है। पिछले वर्ष एशिया कप के लिए भी भारत ने पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था, जिसके चलते टूर्नामेंट को हाइब्रिड मॉडल पर पाकिस्तान और श्रीलंका में आयोजित करना पड़ा था। इसके ठीक बाद पाकिस्तान को वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारत की यात्रा करनी पड़ी थी, पीसीबी ने हाल ही में कहा था कि उसने यह फ़ैसला इसलिए किया था ताकि इसके चलते उसे चैंपियंस ट्रॉफ़ी केवल पाकिस्तान में ही आयोजित किए जाने का ठोस आधार मिलेगा। इसी सप्ताह की शुरुआत में भारत को टी20 ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस लेना पड़ा था क्योंकि भारतीय टीम को सरकार से पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं मिल पाई थी।   recent visitors 60

‘गाजा में मौतों का आंकड़ा 44 हजार के पार’, इस्राइल-हमास जंग पर फलस्तीनी अधिकारी का दावा

 गाजा  गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध में गाजा पट्टी में मरने वालों की संख्या 44,000 से अधिक हो गई है। बता दें कि 13 महीने से ज्यादा वक्त से जारी युद्ध के दौरान मारे गए लोगों में गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय लड़ाकों और नागरिकों के बीच अंतर नहीं करता है, उसक कहना है कि हताहतों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं। एक लाख से ज्यादा लोग घायल- गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय इधर इस्राइली सेना का कहना है कि उसने बिना सबूत दिए 17,000 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से 44,056 लोग मारे गए हैं और 104,268 घायल हुए हैं। हालांकि मंत्रालय का ये भी दावा है कि वास्तविक संख्या अधिक है क्योंकि हजारों शव मलबे के नीचे या ऐसे क्षेत्रों में दबे हुए हैं जहां चिकित्सक और चिकित्सीय सुविधाएं नहीं पहुंच सकती हैं। नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने गुरुवार को इस युद्ध के लिए इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलंट और हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद डेफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. ICC ने इन्हें युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी माना है. कोर्ट ने नेतन्याहू के खिलाफ आरोपों की जांच का भी आदेश दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ICC ने कहा कि नेतन्याहू और इजराइल के रक्षा मंत्री ने जानबूझकर फिलिस्तीनी नागरिकों को मारने के आदेश दिए. साथ ही, गाजा में अंतरराष्ट्रीय मानवीय मदद पहुंचने से रोकने के लिए कदम उठाए, जिससे वहां भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हुई. हमास के हमले से शुरू हुआ युद्ध यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ, जब हमास के आतंकवादियों ने दक्षिणी इजराइल पर हमला किया. इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए और 250 लोगों का अपहरण कर लिया गया. इनमें से करीब 100 लोग अब भी गाजा में बंधक हैं. रिपोर्ट के अनुसार इनमें से एक-तिहाई की मौत हो चुकी है. 7 अक्तूबर 2023 को शुरू हुआ था युद्ध इस्राइल और हमास में युद्ध तब शुरू हुआ जब 7 अक्तूबर, 2023 को हमास के लड़ाकों ने दक्षिणी इस्राइल में धावा बोल दिया, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे, और 250 अन्य का अपहरण कर लिया गया। एक जानकारी के अनुसार, लगभग 100 बंधक अभी भी गाजा के अंदर हैं, जिनमें से कम से कम एक तिहाई के मारे जाने का अनुमान है। बाकी में से ज्यादातर को पिछले साल संघर्ष विराम के दौरान रिहा कर दिया गया था। अचानक गाजा के दौरे पर पहुंचे थे पीएम बेंजामिन नेतन्याहू वहीं इससे दो दिन पहले 19 नवंबर को इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अचानक गाजा के दौरे पर पहुंचे थे। गाजा से एक वीडियो संदेश जारी करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि हमास अब कभी भी गाजा पर फिर से शासन नहीं कर सकेगा। नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइली सशस्त्र बलों ने हमास को पूरी तरह से तबाह कर दिया है, इस दौरान उन्होंने बंधकों को छुड़ाने की बात भी कही। इस वीडियो में नेतन्याहू बैलिस्टिक हेलमेट और युद्ध की वर्दी पहने दिखाई दिए थे।   recent visitors 67