Friday, July 10, 2026 6:51 am

डेनियल विटोरी बोले- ईशान किशन को खरीदना हमारे लिए बड़ा करार लेकिन नटराजन की भरपाई नहीं को सकती

जेद्दा. सनराइजर्स हैदराबाद के मुख्य कोच डेनियल विटोरी आईपीएल की बड़ी नीलामी के पहले दिन इशान किशन को अपने साथ जोड़कर सबसे ज्यादा उत्साहित थे लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि टी नटराजन का दिल्ली कैपिटल्स के पास जाना उनके लिए नुकसान था। मुंबई इंडियंस के लिए खेलने वाले किशन को रविवार को सनराइजर्स ने 11 करोड़ 25 लाख रुपये में खरीदा। बाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए यह साल उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने घरेलू क्रिकेट खेलने के बोर्ड के आदेश की अवहेलना करने के कारण भारतीय टीम में अपनी जगह के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) का केंद्रीय अनुबंध भी खो दिया। हालांकि उनकी रणजी ट्रॉफी में वापसी हुई है। सनराइजर्स ने नीलामी के पहले दिन तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (10 करोड़ रुपये) और हर्षल पटेल (आठ करोड़ रुपये) सहित आठ खिलाड़ियों को खरीदा। हालांकि वे टी नटराजन को वापस नहीं खरीद पाए और विटोरी ने कहा कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के नुकसान की भरपाई कोई नहीं कर सकता। नीलामी से पहले सनराइजर्स ने कप्तान पैट कमिंस, ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, हेनरिक क्लासेन और नितीश रेड्डी सहित पांच खिलाड़ियों को रिटेन किया था। विटोरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘‘नट्टू (नटराजन) के जाने की भरपाई कोई नहीं कर सकता (मुस्कुराते हुए)। हर टीम इससे गुजरती है, चाहे आप खिलाड़ियों को जल्दी से जल्दी खोजने की कोशिश करें और मौकों पर झपटें या फिर आप आखिरी मौके का इंतजार करें।’’ नटराजन को दिल्ली कैपिटल्स ने 10.75 करोड़ रुपये में खरीदा। विटोरी ने कहा, ‘‘हमने आज मौका मिलने पर उसे अपने पक्ष में करने का फैसला किया और मोहम्मद शमी उनमें से एक थे और फिर हर्षल पटेल, वे दो ऐसे खिलाड़ी थे जिनके बारे में हमने सोचा भी नहीं था कि वे इन कीमतों (कम कीमत) पर बिकेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और फिर इशान किशन हमारे लिए बहुत बड़ी डील थी। हम उसे अपने साथ जोड़ना चाहते थे और हमें लगा कि वह अधिक कीमत पर बिकेगा। इसलिए इन तीन खिलाड़ियों और बाकी खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ने की खुशी है।’’ विटोरी भारत के खिलाफ चल रहे पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के लिए कोचिंग की अपनी जिम्मेदारी से समय निकालकर नीलामी के लिए आए हैं। विटोरी ने कहा कि चुने गए खिलाड़ियों से कप्तान कमिंस सहमत हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व स्पिनर ने कहा, ‘‘हां, हां (कमिंस से सुझाव) मिले थे। आज रात कप्तान दुखी था (पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के पीछे रहने का जिक्र करते हुए), उसके लिए एक कठिन दिन था। मैंने आज (रविवार) सुबह उससे बात की और उसने उन खिलाड़ियों के तर्क को समझा जिन्हें हमने चुना था और फिर उसके पास बाकी टीम को तैयार करने के लिए कुछ विचार थे।’’ recent visitors 57

भारतीय सलामी बल्लेबाज केएल राहुल की वसीम अकरम ने की प्रशंसा

लाहौर. पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने भारतयी बल्लेबाज केएल राहुल की जमकर सराहना की है। अकरम ने कहा कि उन्हें राहुल के स्ट्रेट ड्राइव देखकर सचिन तेंदुलकर की याद आ जाती है। अकरम ने कहा कि कहा, राहुल की बल्लेबाजी के कारण ही भारतीय टीम पहले क्रिकेट टेस्ट में बेहतर हालत में पहुंची है। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय उनके बल्लेबाजोंराहुल और यशस्वी जायसवाल को जाता है। इन दोनो ने ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का प्रभावहीन कर दिया। राहुल के शानदार स्ट्रेट ड्राइव देखकर मुझे सचिन की याद दिला आ गयी। अकरम ने आगे कहा, ऑस्ट्रेलिया में उपमहाद्वीप की टीम का आना और मेजबान टीम पर दबाव बनाना मुझे हमेशा ही अच्छा लगता है1 भारतीय टीम लंबे समय से ऐसा कर रहा है, मुझे पूरी उम्मीद है कि भारतीय टीम यह टेस्ट मैच जीत सकती है।पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत शानदार स्थिति में है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने के मामले में राहुल ने रोहित शर्मा, कपिल देव, गौतम गंभीर, रवि शास्त्री को भी पीछे छोड़ दिया है।   recent visitors 72

महिला को 3 महीने से तेज पेट दर्द से थी पीड़ित, जोधपुर एम्स ने ऑपरेशन कर निकाला टॉवल

जोधपुर  कुचामन के सरकारी अस्पताल में एक युवती के साथ बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। युवती की सिजेरियन डिलीवरी के दौरान डॉक्टर उसके पेट में टॉवल छोड़ दिया, जिसका पता तीन महीने बाद चला। जोधपुर एम्स के डॉक्टरों ने अब ऑपरेशन करके टॉवल निकाला है। बच्चे के जन्म के समय हुई सर्जरी में डाॅक्टरों की इस कारगुजारी के चलते युवती को 3 महीने तक दर्द से जुझना पड़ा। युवती दर्द झेलती रही, 3 महीने बाद पेट में गांठ होना बताया घटना एक जुलाई की है जब कुचामन के राजकीय चिकित्सालय में एक युवती की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद से ही युवती को तेज पेट दर्द हो रहा था। युवतीने कुचामन के सरकारी और निजी अस्पतालों के अलावा मकराना और अजमेर के अस्पतालों में भी इलाज करवाया, लेकिन किसी को भी उसके दर्द का असली कारण समझ नहीं आया। अजमेर में तो डॉक्टरों ने सिटी स्कैन के बाद पेट में गांठ होना बताया था। जोधपुर एम्स में खुलासा, डॉक्टर और पेशेंट दोनों हैरान थक हारकर युवती के परिजन उसे लेकर एम्स जोधपुर पहुँचे। एम्स में डॉक्टरों ने सिटी स्कैन किया तो पता चला कि युवती के पेट में कोई बाहरी चीज है। ऑपरेशन करने पर डॉक्टर भी हैरान रह गए। युवती के पेट में 15 गुणा 10 साइज का एक टॉवल था जो आंतों से चिपक गया था। पेट में टॉवल होने की वजह से उसकी आंतें भी खराब हुईं तीन महीने तक युवती को पता ही नहीं था कि उसके पेट में टॉवल है। इस दौरान उसने कई दर्द निवारक दवाएं खाईं, जिससे उसके शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचा है। युवती के पेट में टॉवल होने की वजह से उसकी आंतें भी खराब हो गई हैं और उसे पाचन क्रिया में भी दिक्कत हो रही है। एम्स के डॉक्टरों ने युवती को अगले तीन-चार महीने तक तरल आहार लेने की सलाह दी है। जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी, युवती पहुंची कोर्ट इस मामले में डीडवाना सीएमएचओ ने जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी गठित की है। लेकिन युवती के परिजन जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने न्याय के लिए राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला के पेट से टॉवल निकाल लिया गया है। उसकी हालत अब स्थिर है। उसे कुछ दिनों तक अस्पताल में ही रखा जाएगा। युवती के पति ने बताया कि 'डिलीवरी के बाद से ही मेरी पत्नी को तेज पेट दर्द हो रहा था। हम कई अस्पतालों में गए लेकिन किसी को भी उसके दर्द का असली कारण समझ नहीं आया। एम्स में पता चला कि उसके पेट में तो टॉवल है। तीन महीने तक मेरी पत्नी ने दर्द सहा। उसे कई तरह की दवाएं खानी पड़ी।' उधर, डीडवाना सीएमएचओ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 83

भारत का संविधान दिवस कल

हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इस लोकतंत्र को कायम रखने का सबसे बड़ा कारण भारत का संविधान है। प्रतिवर्ष हमारे देश में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 26 जनवरी को ही संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है, अगर नहीं? तो यह पेज आपके लिए बेहद उपयोगी है। आप यहां से हमारे संविधान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर सकते हैं और इसके साथ ही आप यहां से भारत के संविधान के मौलिक अधिकारों की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। क्यों मनाया जाता है भारतीय संविधान दिवस जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था और इसके उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। लेकिन हम आपको बता दें कि संविधान के लागू होने से दो महीने पहले 26 नवंबर 1949 को संविधान बनाने वाली सभा ने कई दौर की चर्चाओं और संशोधनों के बाद इस दिन संविधान को स्वीकार किया था। इसी के चलते हर साल 26 जनवरी को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। संविधान दिवस को मनाने का फैसला इसके निर्माता डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए लिया गया था। 2015 से हुई इस दिन को मनाने की शुरुआत पहले संविधान लागू होने के चलते 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में ही मनाया जाता था लेकिन सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को इसे प्रतिवर्ष 26 नवंबर को भी मनाये जाने का फैसला किया। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य देश में लोगों को संविधान संवैधानिक मूल्यों की जानकारी देना है। recent visitors 64

यदि हमारे साधु संत हिंदू राष्ट्र की मांग करते हैं तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए बल्कि हर हिंदू को गर्व होना चाहिए: मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल

छतरपुर मध्य प्रदेश में चल रही बाबा बागेश्वर की हिंदू एकता पदयात्रा जहां हर दिन बड़ा रूप लेती जा रही है, वही अपार जनसमर्थन के बीच अब देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग भी तेज हो गई है. इस यात्रा के मुखिया पंडित धीरेंद्र शास्त्री इस मांग को खुद उठा रहे हैं तो उनकी इस मांग के समर्थन में भी लोग आ रहे हैं. इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में एमपी सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बाबा बागेश्वर की मांग के पक्ष में खड़े हो गए हैं. दमोह पहुंचे मंत्री प्रहलाद पटेल ने उनकी इस यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया है. बाबा बागेश्वर की यात्रा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बड़ी यात्रा करार दिया है. उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री बड़े संत हैं. उनके अनुयायी भी बहुत हैं.  सनातनी होने के नाते वो यात्रा से खुश हैं. हिंदू राष्ट्र की मांग पर पटेल ने साफ कहा कि यदि हमारे साधु संत ऐसी मांग करते हैं तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए बल्कि हर हिंदू को गर्व होना चाहिए. ओरछा तक जाएगी बाबा की यात्रा दरअसल, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पिछले कुछ दिनों से 'हिंदू एकता यात्रा'  पर हैं. मध्य प्रदेश में चल रही इस यात्रा में भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं. यह यात्रा बागेश्वर धाम से ओरछा तक जाएगी. जगह-जगह यात्रा का स्वागत बाबा बागेश्वर की इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है. उनकी हिंदू एकता यात्रा जहां से भी गुजर रही है, वहां घरों के सामने लोग फूलों की वर्षा कर रहे हैं. धीरेंद्र शास्त्री की एक झलक पाने को लोग यात्रा मार्ग पर बेताब दिखाई देते हैं. इस यात्रा में जगह-जगह महिलाएं उनकी आरती कर रही हैं तो यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए खाने पीने की भी व्यवस्था की जा रही है. इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है. recent visitors 52

इटली ने जीता लगातार दूसरा डेविस कप खिताब

मलागा (स्पेन). इटली ने डेविस कप खिताब के लिए लगभग 25 साल इंतजार किया लेकिन यानिक सिनर की मौजूदगी में रविवार को टीम ने इस प्रतिष्ठित टेनिस पुरुष टीम प्रतियोगिता का लगातार दूसरा खिताब जीता। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी सिनर ने टेलोन ग्रीक्सपूअर को 7-6, 6-2 से हराकर इटली को नीदरलैंड पर 2-0 की जीत दिलाई और अपने शानदार सत्र का अंत जीत के साथ किया। सिनर ने कहा, ‘‘गत चैंपियन के रूप में वापस आना और फिर से खिताब जीतना – यह हम सभी के लिए सबसे अच्छे अहसास में से एक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इस ट्रॉफी को उठाकर बहुत खुश हैं।’’ माटियो बेरेटिनी ने इससे पहले बोटिक वेन डि जेंडस्कल्प को 6-4, 6-2 से हराकर इटली को फाइनल में शानदार शुरुआत और 1-0 की बढ़त दिलाई। लगभग 9,200 प्रशंसकों की मौजूदगी में इटली की टीम 2012 और 2013 में चेक गणराज्य के बाद लगातार दो बार डेविस कप जीतने वाली पहली टीम बन गई। इटली की महिला टीम ने भी बुधवार को स्लोवाकिया को हराकर बिली जीन किंग कप जीता था। सिनर ने मलागा में अपने चारों मुकाबले जीते जिसमें क्वार्टर फाइनल में अर्जेन्टीना के खिलाफ बेरेटिनी के साथ मिलकर युगल मुकाबले में मिली जीत भी शामिल है। recent visitors 51

फेसबुक प्रोफाइल से अनचाहे लोगों को कैसे रखें दूर, जानिए

नई दिल्ली क्या आपको पता है कि फेसबुक पर हमारी गतिविधियों के बारे में कोई भी बेहद आसानी से जान सकता है? हमारी निजी जानकारियां इंटरनेट पर जासूसी करने वालों से सुरक्षित नहीं है। खासतौर से फेसबुक पर (थ्ंबमइववा) हम जो जानकारियां सबमिट करते हैं, उन्हें चोरी-छिपे बेहद आसानी से देखा जा सकता है। यदि आपको फेसबुक की कुछ ट्रिक्स मालूम हों, तो आप इस खतरे को टाल भी सकते हैं। फेसबुक प्रोफाइल बनाते वक्त हम सबमिट करते हैं अपनी बहुत-सी जानकारियां आमतौर पर लोग फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल फोटो शेयरिंग, लाइक, कॉमेंट, वीडियो अपलोड करने के लिए करते है। आप अन्य लोगों द्वारा शेयर की गई फोटो, वीडियो पर लाईक या कमेंट भी करते हैं। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को ज्वाइन करने से पहले आप प्रोफाइल बनाते हैं और इस प्रक्रिया के दौरान ही आप अपनी तमाम जानकारियां भी उपलब्ध कराते हैं। हालांकि हमें यह मालूम नहीं होता कि हमारी इन्हीं जानकारियों को कोई अनजान व्यक्ति चुरा भी सकता है। कैसे होती है फेसबुक प्रोफाइल की जासूसी आपकी दी गई जानकारी के मुताबिक कंपनियां आपको ऐड भेजती हैं और अगर आपने मोबाइल नंबर शेयर किया हुआ है तो आपको फोन भी करती हैं। इसी तरह कई कंपनियां आपकी जानकारी हासिल कर आपको अपने प्रोडक्ट के लिए ऐड भेजती है। यदि आप जागरूक हों, तो ऐसी ऐड ट्रैकिंग से बाहर निकलना बेहद आसान है। आगे हम आपको ऐसे 8 स्टेप्स बताएंगे, जिनके जरिए आप अपनी फेसबुक प्रोफाइल की जासूसी करने वाले लोगों और कंपनियों को ब्लॉक कर सकते हैं…. 1. अपने फेसबुक प्रोफाइल पेज के बाईं ओर ऊपर की तरफ डाउन ऐरो पर क्लिक कर सेटिंग्स पर क्लिक करें। 2. सेटिंग्स में दाईं ओर लिस्ट में एडस पर क्लिक करें 3. इसके बाद इसमें देखें कि आप किस-किस के साथ अपनी इंफॉर्मेशन शेयर कर रहें हैं। 4. यहां पर नो वन पर क्लिक करके सेव चेंजेज पर क्लिक कर दें। 5. अब अपने होम पेज पर वापस आएं और दाईं ओर ऊपर की तरफ लाॅक मेनू पर जाएं। 6. यहां पर बाईं ओर एप्स पर क्लिक करें। 7. यहां दिख रहे एप्स आपको फाॅलो कर रहे हैं। 8. एक-एक पर जाकर आप उसे एडिट या डीलीट कर सकते हैं।   recent visitors 54