Friday, July 10, 2026 10:10 pm

दमोह : 50 लाख की ज्वेलरी से भरा सूटकेस चुराकर भागे चोरों की कार का एक्सीडेंट, 1 की मौत 2 को पुलिस ने पकड़ा

दमोह  दमोह जिले में एक शादी समारोह से 50 लाख रुपए के जेवरात चोरी कर भाग रहे चार चोरों में से एक की मौत हो गई। वहीं दो चोरों को पुलिस ने पकड़ लिया है। जबकि एक चोर अभी फरार है। दरअसल, चोरी करके भाग रहे चोरों की कार सड़क हादसे की शिकार हो गई। जिसमें एक चोर की मौत हो गई। वहीं फरार चोर की पुलिस तलाश कर रही है। चोरों की कार के साथ हादसा जानकारी के मुताबिक, दमोह के राधिका पैलेस मैरिज गार्डन से सेठ परिवार की शादी समारोह के संगीत कार्यक्रम के दौरान करीब पचास लाख रुपए के आभूषणों से भरा एक सूटकेस लेकर शातिर चोर फरार हो गए। मैरिज गार्डन से बाहर निकलते हुए उनकी तस्वीर भी सीसीटीवी में कैद हो गई। वहां से भागने के बाद चोरों की कार हादसे की शिकार हो गई। गाड़ी में कुल चार चोर थे। एक्सीडेंट के चलते एक चोर की मौत हो गई। गहनों से भरा सूटकेस बरामद हादसा मैरिज गार्डन से तकरीबन तीस किलोमीटर दूर घाट पिपरिया के पास हुआ। चोर ऑल्टो कार से भाग रहे थे। हादसे के बाद अस्पताल ले जाते समय एक चोर की मौत हुई। एक फरार हो गया जबकि दो अन्य आरोपी को दमोह पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। चोरी हुआ लाल रंग का सूटकेस पुलिस ने बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि चोर राजगढ़ जिले के कड़िया गांव के हैं, जो इसी तरह की चोरियां करने में माहिर हैं। मृतक चोर की पहचान युग सिसोदिया के रूप में हुई है। वहीं देवेंद्र व सोनू नाम के दो चोर पुलिस हिरासत में हैं। उन दोनों से पूछताछ की जा रही है। फरार चोर की पहचान रितिक के रूप में हुई है। उसकी तलाश की जा रही है। शादी समारोह के बीच शातिर चोर कुछ इस तरह लाल सूटकेस ले जाने में सफल हुए कि किसी को भनक तक नही लगी। शिकायत करने पहुंचे पीड़ित पक्ष ने ही सूटकेस का लॉक खोला और सारे जेवरात जस के तस पाए। आभूषणों की कीमत तकरीबन पचास लाख बताई जा रही है। recent visitors 95

कोर्ट में सजा सुनते ही कठघरे में आ गई पेशाब, फिर बहाना बनाकर फरार हो गया नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी

खंडवा  कोर्ट से बाथरूम का बहाना कर फरार हुआ दुष्कर्म का आरोपी 48 घंटे घंटे बाद खुद ही वापस लौट आया। कोतवाली पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कोर्ट से ले जाते समय मीडिया ने पूछा तो दुष्कर्मी ने बताया कि मैं यहां तारीख पर आया था। वकील को एक लाख रुपये भी दिए थे, फिर भी जेल हो गई। मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि 20 साल की सजा होगी। मेरी पत्नी और बच्चे महाराष्ट्र में अकेले थे। मैं उन्हें लेने गया था, लेकर वापस लौट आया। क्या हुआ था दो दिन पहले, खंडवा पुलिस में मच गया था हड़कंप     नाबालिग से दुष्कर्म आरोपी हरिराम निवासी पिपलौद को न्यायालय ने 20 साल की सजा सुनाई, तो वह बाथरूम जाने का बहाना कर पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। मामला बीते शुक्रवार दोपहर को जिला न्यायालय परिसर का था।     आरोपी हरिराम निवासी पिपलौद जमानत पर था। शुक्रवार को मामले में अंतिम सुनवाई थी। फरारी के बाद पुलिस को जानकारी मिली थी कि उसका परिवार महाराष्ट्र में हैं। पुलिस उसे ढूंढने के लिए महाराष्ट्र पहुंची थी।     हालांकि तब तक आरोपी, वहां नहीं पहुंचा था। पुलिस के हाथ खाली थे, लेकिन सोमवार को वह खुद ही वापस आ गया। इसके साथ ही लापरवाही के आरोपी पुलिसकर्मियों ने भी राहत की सांस ली।     आरोपित को कोर्ट लाने ले जाने में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर अब तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जांच जारी है। सजा सुनते ही उड़े होश आरोपी हरिराम को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई। सजा सुनने के बाद उसके होश उड़ गए। उसने बाथरूम जाने का बहाना बनाया। एक पुलिसकर्मी उसे लेकर गया और वापस लाया। इस बीच, उसे भागने का मौका नहीं मिला। इस बीच, एक अन्य मामले के आरोपी ने भी पुलिसकर्मी से कहा कि उसे भी बाथरूम जाना है। पुलिसकर्मी हरिराम को वहीं छोड़ दूसरे आरोपी को बाथरूम ले गया। इस दौरान हरिराम कोर्ट रूम के पास से भाग गया। उसके भागने की जानकारी लगते ही हड़कंप मच गया। पुलिस के वायरलेस सेट और पुलिस अधिकारियों के मोबाइल बज उठे। पिपलौद, कोतवाली, खालवा, पंधाना की पुलिस टीम उसे तलाशने लगी लेकिन वह नहीं मिला नहीं। 48 घंटे बाद अब वह खुद ही वापस लौट आया। अब पुलिस ने आरोपी को कोर्ट के आदेश के मुताबिक जेल भेज दिया है। recent visitors 47

सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा का तीसरे चरण संपन्न, रिजल्ट आने के बाद साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद

इंदौर सहायक प्राध्यापक परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों का साक्षात्कार को लेकर इंतजार खत्म नहीं हो रहा है, क्योंकि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की तरफ से अभी तक तारीख तय नहीं हुई है। इसके पीछे कारण यह है कि सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा का तीसरे चरण हालही में संपन्न हुआ है। इसका रिजल्ट आने के बाद साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। दिसंबर में आयोग लेगा निर्णय दिसंबर में आयोग परीक्षा-साक्षात्कार के संबंध में बैठक करेंगे। इसके चलते जनवरी से पहले साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवारों को नहीं बुलाया जा सकता है। सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों के बरसों से पद रिक्त है। आयोग ने दिसंबर 2022 में भर्ती परीक्षा का विज्ञापन निकाला था। 36 विषयों में 1679 पद पर आवेदन बुलाए हैं। इन्हें तीन चरणों में रखा गया। 9 जून को आठ विषय में 826 और 4 अगस्त को आठ विषय में 744 पद रखे। दोनों चरणों में 55 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। आयोग ने दोनों चरण का परिणाम नवंबर तक निकाल दिया है। यहां तक कि चयनित उम्मीदवारों से साक्षात्कार के लिए भी शैक्षणिक योग्यता, प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज बुलाए है। 5 दिसंबर से आना शुरू होगी शीट आयोग ने तीसरे चरण में 20 विषय के 109 पद 17 नवंबर को परीक्षा हो चुकी है, जिसमें 3100 में से महज 1200 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। 5 दिसंबर से अलग-अलग विषयों की मॉडल आंसर की जारी होना शुरू होगी। उसके पश्चात आयोग रिजल्ट निकाल सकता है। यह प्रक्रिया दिसंबर तक होने की उम्मीद है। उसके तुरंत बाद चयनित उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए आवेदन करना होगा। कुछ सप्ताह में साक्षात्कार की तारीख तय होगी ओएसडी रवींद्र पंचभाई ने कहा कि अगले कुछ सप्ताह में साक्षात्कार को लेकर तारीख तय होगी। इसके बारे में पोर्टल पर अधिसूचना जारी की जाएगी। दो साल में सिर्फ परीक्षा सहायक प्राध्यापक परीक्षा देने वाले उम्मीदवार नाराज है, क्योंकि दो साल में आयोग सिर्फ लिखित परीक्षा करवाया पाया है। इस दौरान परीक्षा को लेकर न्यायालय में भी प्रकरण पहुंचे थे। देरी का एक यह भी कारण बताया है। फिलहाल आयोग से उम्मीदवारों ने साक्षात्कार जल्द करवाने और शासन से नियुक्तियां देने को लेकर गुहार लगाई है। recent visitors 64

14 साल बाद कैंप खुलने से लौटी रौनक, छत्तीसगढ़-कांकेर में नक्सल मुक्ति के चलते वापस लौटे ग्रामीण

कांकेर. जिले के धुर नक्सल प्रभावित माने जाने वाले परतापुर क्षेत्र के महला गांव में फिर से रौनक लौट आई है. कभी यहां नक्सलियों की इतनी दहशत थी कि पूरा गांव खाली हो गया था. ग्रामीण अपना घर, खेत सब कुछ छोड़कर जा चुके थे, वो सिर्फ जीना चाहते थे, लेकिन फिर यहां पुलिस ने कैंप खोला और नक्सलियों को बैकफुट पर धकेल दिया. धीरे-धीरे ग्रामीण अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं. हमारे कांकेर संवाददाता सुशील सलाम ने गांव का जायजा लिया है. बात 2010 की है, जब नक्सलियों ने गांव के सरपंच समेत दो लोगों की हत्या कर दी थी. इसके बाद रातों रात ग्रामीण पलायन कर पखांजूर चले गए थे. पूरा गांव वीरान हो चुका था. बाद में पुलिस ने यहां 2018 में बीएसएफ कैम्प खोला, जिसके बाद कई दफा नक्सलियों ने जवानों को नुकसान भी पहुंचाया. 6 जवानों की शहादत भी हुई, लेकिन जवानों ने इलाके से नक्सलियों को खदेड़ कर ही दम लिया और अब इस गांव में खुशहाली लौट आई है. ग्रामीणों ने बताया – दिन में भी घरों से निकलने से डरते थे ग्रामीण बताते हैं कि 2008 के करीब नक्सलियों की इतनी दहशत थी कि दिन में भी लोग घरों से बाहर निकलने में डरते थे. नक्सली लीडर प्रभाकर, बोपन्ना अपनी टीम के साथ इस इलाके में रहते थे. कभी भी गांव में नक्सली आ धमकते थे. हर घर से एक बच्चे को नक्सल संगठन में देने दबाव बनाया करते थे. नक्सलियों के बढ़ते अत्याचार के कारण ही पूरा गांव खाली हो गया था. फिर 10 साल बाद पुलिस ने बीएसएफ की मदद से महला गांव में कैंप की स्थापना की, जिससे नक्सली बौखला उठे और दो बार कैंप पर हमला बोला, लेकिन जवान उन्हें खदेड़ने में सफल रहे. अप्रैल 2019 में नक्सलियों ने सड़क निर्माण की सुरक्षा में लगे जवानों पर हमला कर दिया, जिसमें 4 जवान शहीद हो गए. इसके बाद भी जवानों ने हौसला नहीं खोया और नक्सलियों को इलाके से खदेड़ कर ही दम लिया. अब इस इलाके में नक्सलियों की बिल्कुल भी उपस्तिथि नहीं है. ग्रामीण खुश है कि अब वो खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं. प्रशासन ने गांव की समस्याएं दूर करने का दिया है आश्वासन शिक्षक संतोष कुमार मार्गेंद्र ने बताया, सन 2022 में पुलिस के सहयोग से शासकीय स्कूल फिर से संचालित हो रहा है. प्राथमिक और माध्यमिक में कुल 34 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. हालांकि गांव में और स्कूल में अभी कुछ समस्या है, जिन्हें दूर करने का आश्वासन प्रशासन ने दिया है. दो बार अलग-अलग कलेक्टर गांव का दौरा कर चुके हैं, लेकिन कमियां दूर नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीण आश्वस्त है कि उनकी मांगे जल्द पूरी कर दी जाएगी और गांव पूरी तरह खुशहाल हो जाएगा. recent visitors 68

वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना का मिला लाभ, राजस्थान-हनुमानगढ़ से विशेष ट्रेन में 780 तीर्थयात्री रामेश्वरम रवाना

हनुमानगढ़. राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना 2024 अंतर्गत विशेष ट्रेन हनुमानगढ़ से रामेश्वरम्-मदुरई वाया सूरतगढ़-बीकानेर 26 नवंबर को सुबह 11.30 बजे हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। इस ट्रेन में हनुमानगढ़, सूरतगढ़ और बीकानेर 780 यात्री रामेश्वरम जाने वाले हैं। यात्रा में सभी यात्रियों की देखरेख के लिए 1 ट्रेन प्रभारी, प्रत्येक कोच में एक डॉक्टर और 2 नर्सिंग अधिकारी भी रहेंगे, जो यात्रा के दौरान यात्रियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे। इस ट्रेन के लिए वर्ष 2024-25 के साथ-साथ वर्ष 2023-24 के उक्त जिलों के अवशेष तीर्थयात्रियों को प्राथमिकता देकर सूचित किया गया है। उक्त ट्रेन में 8 दिन तक यात्रियों के आवास, भोजन आदि की सभी व्यवस्थाएं देवस्थान विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से की जाएंगी। यात्रियों के लिए यह यात्रा पूर्णतः निःशुल्क है। recent visitors 83

खुले में मांस बिक्री और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर फिर से सख्ती, जल्द शुरू होगी कार्रवाई

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल जिला प्रशासन ने खुले में मांस की बिक्री और हाई स्पीड पर लाउड स्पीकर- डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब इस मामले में एक बार फिर कार्रवाई शुरू होने जा रही है। इस बार की कार्रवाई पहले जैसी नहीं, बल्कि बेहद सख्त होने वाली है। बल्कि, अब चालान के बजाए सीधे एफआईआर दर्ज होगी। प्रशासनिक अफसरों के साथ नगर निगम समेत संबंधित विभागों के अफसरों और कर्मचारियों को एक बार फिर से शहर में इनकी मॉनिटरिंग लिए कहा गया।  कलेक्ट्रेट में हुई समय सीमा प्रकरणों की बैठक के दौरान एडीएम सिद्धार्थ जैन ने इसके निर्देश दिए। मांस विक्रय और डीजे को लेकर मौजूदा मोहन सरकार ने अपने कार्यभार ग्रहण के तुरंत बाद ही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शुरू की थी। तब खुले में मांस विक्रय पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई थी। कई धार्मिक स्थलों तक से लाउड स्पीकर उतरवाए गए थे। लेकिन, अब एक बार फिर अब फिर से इसकी जांच व कार्रवाई होगी। ये निर्देश हुए जारी बता दें कि, सभी विभागों को खुले में मांस बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए है। ऐसे में अभियान चलाकर खुले में मांस बेचने वालों, लाउडस्पीकर और डीजे बजाने वालों पर कार्रवाई करने को कहा गया है। प्रदेश की मोहन सरकार ने सबसे पहले फैसला खुले में मांस, लाउडस्पीकर और डीजे को लेकर ही लिया था। कमांडर निर्देश पर अभियान चलाकर करीब 600 लाउडस्पीकर हटाए गए थे। 400 धार्मिक स्थलों से स्पीकर की आवाज कम की गई थी और तय डेसीबल में ही लाऊड स्पीकर बजाने के निर्देश दिए गए हैं। recent visitors 64

सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं ये हेल्दी वाली चीजें, नाश्ते में न करें इनका सेवन

बिजी लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से लोगों खुद पर ध्यान नहीं रख पाते हैं। खुद को हेल्दी रखने के लिए लोग नाश्ते में कुछ चीजों का सेवन तो जरुर करते हैं लेकिन इनके सेवन से नुकसान भी हो सकता है। नाश्ता करने के साथ ही ये भी जरुरी होता है कि आप नाश्ते में खा क्या रहे हैं। इस लेख में हम उन चीजों के बारे बताने जा रहे हैं जो आपको सुबह नाश्ते में नहीं खाना चाहिए। यह चीजें दिखने में आपको काफी हेल्दी दिखती होगी लेकिन सेहत को यह नुकसान पहुंचा सकती है। सीरियल्स का सेवन लोग कहते हैं कि नाश्ते में सीरियल्स को खाना अच्छा होता है। वैसे तो लेबल पर भी हेल्दी लिखे होने का दावा करते हैं। लेकिन इन सीरियल्स में रिफायंड चीनी और कार्बोहाइड्रेट होता है जो इसे अनहेल्दी बना सकता है। योगर्ट अगर आप नाश्ते में दही और योगर्ट प्रोटीन और विटामिन बी12 से भरपूर होते हैं। भूलकर भी नाश्ते में इसके सेवन से बचना चाहिए। क्योंकि आयुर्वेद में सुबह सबसे पहले दही खाने की मनाही होती है। इसके सेवन से शरीर में बलगम पैदा होता है। प्रोटीन बार जब आपके पास समय कम होता है, तो आप प्रोटीन बार खाना पसंद करते होंगे। लेकिन आपको बता दें कि, इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इन प्रोटीन बार में पर्याप्त प्रोटीन नहीं होता और इनमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। फलों का रस फलों का सेवन करना हेल्दी होता है लेकिन सुबह नाश्ते में फलों का रस पीने से शुगर लेवल बढ़ सकता है। क्योंकि इनमें फाइबर नहीं होता है। फलों के रस की जगह नींबू पानी और खीरे रस पी सकते हैं। वफल और पैनकेक सुबह नाश्ते में अगर आप वफल और पैनकेक नाश्ते में खाते हैं स्वाद में तो यह अच्छे लगते हैं। इन्हें आमतौर पर रिफाइंड सफेंद आटे से बनाया जाता है। इसमें चीनी की चाश्नी और मक्खन डाला जाता है, जो हेल्दी नहीं होता है।   recent visitors 60