Friday, July 10, 2026 1:05 am

प्रियंका गांधी ने शपथ ली: राहुल की तरह हाथ में संविधान की कॉपी पकड़ी

Priyanka Gandhi took oath: held a copy of the Constitution in her hand like Rahul. नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र का गुरुवार को तीसरा दिन है। प्रियंका गांधी पहली बार संसद पहुंचीं। उन्होंने लोकसभा में सांसद पद की शपथ ली। इस दौरान हाथ में संविधान की कॉपी ली। प्रियंका के साथ उनकी मां सोनिया और राहुल गांधी भी संसद पहुंचे। प्रियंका वायनाड सीट से उपचुनाव जीती हैं। प्रियंका के साथ नांदेड़ से उपचुनाव जीतने वाले रविंद्र चव्हाण ने भी शपथ ली। recent visitors 281

इंजीनियरिंग की ग्लोबल बेस्ट प्रेक्टिसेस का प्रदेश में होगा क्रियान्वयन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रसन्नता है कि 60 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये: मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंजीनियरिंग की ग्लोबल बेस्ट प्रेक्टिसेस का प्रदेश में होगा क्रियान्वयन लंदन के वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप का लिया जाएगा सहयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वार्विक विश्वविद्यालय पहुंचने पर हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री ने डबल्यूएमपी ग्रुप के विषय-विशेषज्ञों से किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके दौरे के समापन पर कहा है कि इंग्लैंड का दौरा हमारे लिए कई अर्थों में बहुत महत्वपूर्ण रहा है। सभी प्रकार के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आए। आज बदलते दौर में मध्यप्रदेश में जो संभावनाएं हैं, उनको देखते हुये बड़े पैमाने पर नए निवेशकों ने रुचि दिखाई है, मुझे इस बात का संतोष है कि हमें 60 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुये हैं। इसमें सभी प्रकार के सेक्टर जैसे चिकित्सा, उद्योग, माइनिंग और सर्विस सेक्टर शामिल है। एग्रीकल्चर में भी लोगों ने रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वार्विक मैन्युफेक्चरिंग ग्रुप के भ्रमण में कहा कि विश्वविद्यालयों और अकादमिक संस्थानों द्वारा किए जाने वाले शोध और अध्ययन की सार्थकता तभी है, जब वे समाज हित में हों। विश्व के कई देशों में शिक्षा के क्षेत्र में इस दिशा में पहल हो रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी नई शिक्षा नीति के माध्यम से इस ओर कदम बढ़ाए हैं। आने वाली चुनौतियों का सामना करने में विद्यार्थियों को सक्षम और समर्थ बनाना वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की प्राथमिक आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को लंदन की वार्विक यूनिवर्सिटी पहुंचे और विशेष-विशेषज्ञों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह भट्टाचार्य जी के द्वारा स्थापित किया हुआ कैम्पस है, इसमें 30 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहाँ रिसर्च की मूल कल्पना है कि रिसर्च के साथ में इनोवशन भी करें, जिसका लाभ उद्योगों के साथ समाज को भी मिले। इससे हम बदलते दौर में स्वयं के विकास के साथ मानवता की सेवा भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऑटोमोटिव क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्य जारी है, अभी भी अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। उन्होंने कहा कि संभावनाएँ तलाशी जायेंगी कि मध्यप्रदेश के युवा यूके के वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप में आकर दक्षता अर्जित करें और ग्रुप के विशेषज्ञ भी मध्यप्रदेश आकर प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं। साथ ही विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से डबल्यूएमपी ग्रुप को संबद्ध करने की दिशा में भी पहल होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूके में वे अपने देश के अन्य प्रदेश के साथ मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों से भी मिले। उनसे आत्मीय संवाद हुआ। इस कैम्पस में पूरी दुनिया से विद्यार्थी पढ़ने के लिये आ रहे हैं। इस मॉडल को हम मध्यप्रदेश में भी लागू कर सकते हैं। इसके लिये यहाँ के विश्वविद्यालयों का मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू करायें। हम प्रयास करेंगे कि हमारे इंडस्ट्री के कैम्पस में भी ऐसे रिसर्च सेन्टर बने, जिनका लाभ सभी को मिले। विश्वविद्यालय और औद्योगिक समूह समन्वित रूप से करें शोध को प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई औद्योगिक समूह शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। विश्वविद्यालय को आत्म-निर्भर बनाने की दिशा में कार्य करते हुए उपयुक्त समूहों से समन्वय कर अपने परिसरों में शोध केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी पहल करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में जारी बेस्ट प्रैक्टिसेज का मध्यप्रदेश में क्रियान्वयन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएमजी और मध्यप्रदेश का परस्पर संपर्क और विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों का आवागमन बना रहेगा। दुनिया में अच्छाइयों को बांटते रहने से ही सबका होगा भला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं यहां सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक के रूप में आया हूं। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय सरस्वती देवी के समान हैं। इनका लाभ समूची मानवता को मिलना चाहिए। वर्तमान यांत्रिक युग में यंत्र का अपना महत्व है, परंतु यंत्र के पीछे तंत्र और तंत्र के पीछे मंत्र है। मन की सात्विकता यंत्रों को नियंत्रित करती है। मानव मात्र के कल्याण का संस्कार ही हमारा मूल भाव होना चाहिए। वैश्विक रूप से हम बहुत छोटी दुनिया में जी रहे हैं, ऐसे में यदि सभी देश अपनी अच्छाइयों को बांटते रहेंगे तो सबका भला होगा। वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप, इंजीनियरिग में नवाचारों को प्रोत्साहित करने का श्रेष्ठ वैश्विक मॉडल वार्विक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप, पब्लिक- प्राइवेट सेक्टर के मध्य परस्पर सहयोग से विज्ञान – इंजीनियरिंग में नवाचार को प्रोत्साहित करने और अकादमिक गतिविधियों को विस्तार देने का श्रेष्ठ वैश्विक मॉडल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा भविष्य के युवा नेतृत्व को सशक्त करने और नवाचार एवं शिक्षा के क्षेत्र को विस्तार देने के राज्य सरकार के दृष्टिकोण को व्यावहारिक रूप से क्रियान्वित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का डबल्यूएमपी पहुंचने पर डीन द्वारा पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्रुप की ओर से स्मृति-चिन्ह भी भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रुप के प्रो. रॉबिन क्लार्क को चंदेरी का अंगवस्त्रम भेंट कर उनका अभिवादन किया। स्वामी नारायण संप्रदाय और इस्कॉन करेंगे प्रदेश में नये केंद्र निर्मित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लंदन यात्रा के दौरान भगवान स्वामी नारायण मंदिर जाने और स्वामी नारायण सम्प्रदाय तथा इस्कॉन के सदस्यों से भेंट का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश में दो प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं, साथ ही प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विभिन्न लोकों का निर्माण हो रहा है। स्वामी नारायण संप्रदाय और इस्कॉन भी मध्यप्रदेश में अपने नये केंद्र निर्मित करेंगे। उनकी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर देव स्थानों की स्थापना से मंदिर संस्कृति और आध्यात्मिक संस्कारों का विस्तार होगा और प्रदेशवासियों को इन सम्प्रदायों से जुड़कर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।   recent visitors 65

नवागढ़ में 19 से 21 दिसंबर तक होगी भव्य पंथी नृत्य प्रतियोगिता, देश के विभिन्न राज्यों के नर्तक दल लेंगे हिस्सा

रायपुर राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों के पंथी नर्तक दल हिस्सा लेंगे। यह प्रतियोगिता बेमेतरा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय नवागढ़ में 19 से 21 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के नेतृत्व में सतनामी समाज प्रमुखों के दल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में भेंट कर उन्हें प्रतियोगिता में शामिल होने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने साय ने निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए जयंती कार्यक्रम में शिरकत करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री साय को प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि परम पूज्य गुरूघासी दास बाबा जी के 268 वीं जयंती के उपलक्ष्य में आगामी माह दिसंबर मेें जयंती मनाने राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। सभी समाज के लोगों से आपसी प्रेम और सौहाद्रपूर्ण वातावरण में इस आयोजन को सफल बनाने का अनुरोध किया गया है। देश के विभिन्न राज्यों के पंथी नर्तक दलों को प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा रहा है। आयोजन में सहयोग देने वाले सभी समाज के लोगों को सम्मानित करने की भी योजना है। इस मौके पर प्रतियोगिता का स्वरूप, एवं आयोजन समिति, सुरक्षा समिति सहित अन्य व्यवस्था की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर गुरु अगमदास तेलासिपुरी धाम, पूर्व विधायक रामजी भारती, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, पद्मश्रीमती उषा बारले सहित समाज के अन्य प्रतिनिधि शामिल थे। देश-विदेश मेें मशहूर हैं पंथी नृत्य देश-विदेश में मशहूर है छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य। यह छत्तीसगढ़ के सतनामी समुदाय का पारंपरिक नृत्य है। इस नृत्य में बाबा गुरूघासीदास जी के संदेशों को गीतों और नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। यह वस्तुतः एक धार्मिक और आध्यात्मिक नृत्य है। यह नृत्य सामूहिक अराधना की तरह है। इस नृत्य की विशेषता मांदर की थाप और मंजीरे की झांझ में तेज गति से नर्तक नृत्य प्रस्तुत करते है। तेज गति से र्प्रस्तुत किए जाने वाले इस नृत्य से दर्शक रोमांचित हो उठते हैं। पंथी नृत्य में कई वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल होता है, जैसे मांदर, झांझ, झुमका, मंजीरे, चिकारा, हारमोनियम, और बेन्जो आदि शामिल होता है। recent visitors 177

मादा चीता निर्वा स्वस्थ है

भोपाल संचालक सिंह परियोजना शिवपुरी ने बताया कि कूनो अभयारण्य में मादा चीता निर्वा की रेडिओ टेलेमेट्री जानकारी के आधार पर निर्वा के डेन साइट से दूर होने पर वन्य-प्राणी चिकित्सकों के नेतृत्व में मॉनीटरिंग दल द्वारा डेन साइट का निरीक्षण किया गया। डेन साइट पर 2 नवजात चीता शावकों के शरीर क्षत-विक्षत रूप में मिले। संचालक सिंह परियोजना ने बताया कि बोमा के अंदर सभी संभावित स्थलों का निरीक्षण करने पर किसी भी अन्य चीता शावक के प्रमाण नहीं मिले। उन्होंने बताया कि मादा चीता निर्वा स्वस्थ है। चीता शावकों के शरीर से सैम्पल लेकर अग्रिम परीक्षण के लिये भेजा गया है। मृत्यु का कारण शव परीक्षण के उपरांत ज्ञात हो सकेगा। उन्होंने बताया कि कूनो में शेष सभी वयस्क चीता एवं 12 शावक स्वस्थ हैं।   recent visitors 31

पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान में, “देश का प्रकृति परीक्षण अभियान” का संवेदीकरण कार्यक्रम संपन्न

प्रकृति परीक्षण अभियान से, आयुर्वेद के प्रति आएगी जन जागृति- आयुष मंत्री परमार आयुर्वेद से होगी "निरोगी काया एवं स्वस्थ जीवन शैली" की संकल्पना साकार – आयुष मंत्री परमार पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान में, "देश का प्रकृति परीक्षण अभियान" का संवेदीकरण कार्यक्रम संपन्न भोपाल आयुर्वेद से "निरोगी काया एवं स्वस्थ जीवन शैली" की संकल्पना साकार होगी। आयुर्वेद को विश्वमंच पर सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी बनाने के लिए संकल्प के साथ, परिश्रम की आवश्यकता है। इसके लिए समाज में भारतीय विधा आयुर्वेद के प्रति विश्वास का भाव जागृत करना होगा। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान में, "देश का प्रकृति परीक्षण अभियान" के प्रदेश में संवेदीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ कर कही। आयुष मंत्री परमार ने कहा कि समाज में विश्वास का भाव जागृत करने का माध्यम यह प्रकृति परीक्षण बनेगा। आयुर्वेद, हमारी जीवन पद्धति और श्रेष्ठ पैथी है, इसे विश्वमंच पर पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है। कोविड के संकटकाल में, हम सभी ने आयुर्वेद के महत्व को अनुभव किया है। आयुर्वेद ऐसी पैथी है, जो रोग होने से बचाव और निदान दोनों के लिए कारगर है। परमार ने बताया कि प्रत्येक मनुष्य की एक विशिष्ट प्रकृति होती है, जो गर्भाधान से मृत्यु पर्यंत नियत रहती है। यह आयुर्वेद का मौलिक सिद्धांत है और प्रकृति का ज्ञान व्यक्ति के स्वास्थ्य रक्षण एवं चिकित्सा के लिए महत्वपूर्ण एवं अत्यावश्यक होता है। प्रकृति के ज्ञान के आधार पर दिनचर्या को आयुर्वेदिक परामर्श के साथ समाहित कर, स्वस्थ जीवन शैली निर्धारित की जा सकती है। परमार ने कहा कि प्रकृति परीक्षण के इस अभियान को संकल्प के साथ तीव्र गति से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आयुर्वेद चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों के परिश्रम एवं जनसामान्य की सहभागिता से यह अभियान प्रदेश में समग्र, सर्वस्पर्शी एवं सर्वव्यापी होगा और हमारा प्रदेश इस अभियान में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी होगा। मंत्री परमार ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान के अन्तर्गत स्वयं का प्रकृति परीक्षण करवाकर "संकल्प स्वास्थ्य का, आधार आयुर्वेद का" स्लोगन का वाचन कर आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य का संकल्प लिया। केंद्रीय आयुष मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य अशोक वार्ष्णेय ने देश का प्रकृति परीक्षण अभियान द्वारा आयुर्वेद को जन-जन तक स्थापित करने के लिए तथा आयुर्वेद की स्वीकारोक्ति को बढ़ावा देने के उददेश्य को स्पष्ट किया। साथ ही नेशनल सेम्पल सर्वे आर्गेनाइजेशन (NSSO) के आंकड़ों के माध्यम से भारत में आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास तथा स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद के बढ़ते योगदान को प्रकाशित किया। मध्यप्रदेश सहित सम्पूर्ण देश भर में यह अभियान अगले एक माह दिसम्बर तक निरंतर चलेगा। कार्यक्रम में प्रकृति परीक्षण अभियान के महत्व को प्रकाशित कर इसके विधि-विधान, इसमें भागीदारी को स्पष्ट कर बताया गया कि इस अभियान के द्वारा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के माध्यम से कुछ विश्व कीर्तिमान स्थापित करने का भी संकल्प लिया गया है, जिससे विश्व में भी आयुर्वेद के प्रति जनजागृति बढेगी। अभियान के राज्य समन्वयक एवं संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. उमेश शुक्ला एवं सह-समन्वयक डॉ. एस.एन. पांडे सहित विविध आयुर्वेदाचार्य, आयुष चिकित्सक, विभागीय अधिकारीगण, संस्थान के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शुचि दुबे ने इस अभियान के संबंध में संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की और कार्यक्रम का संचालन डॉ. अलीशा प्रकाश ने किया। ज्ञातव्य है कि नवम् राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य पर, भारतीय विधा आयुर्वेद को सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी बनाने के लिए, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में "देश का प्रकृति परीक्षण अभियान" का सृजन हुआ। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ 26 नवम्बर को संविधान दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमति द्रौपदी मुर्मु के प्रकृति परीक्षण के साथ हुआ। यह अभियान 26 नवम्बर 2024 संविधान दिवस से 25 दिसम्बर 2024 सुशासन दिवस तक चलेगा।   recent visitors 57

म प्र पावर जनरेटिंग कम्पनी में संविधान दिवस मनाया गया

संविधान का हर पन्ना, है शांति का संदेश, लोकतंत्र की शक्ति से, बना ये अपना देश। जन-जन की आवाज़ है, ये भारत की आशा, संविधान में बसी है, हर नागरिक की भाषा। आओ मिलकर कसम लें, करें इसका सम्मान, संविधान के आदर्शों से, चमके भारत महान। इन्ही भावनाओं के साथ म प्र पावर जनरेटिंग कम्पनी के मानव संसाधन एवं प्रशासन कार्यालय में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया गया । इस अवसर पर सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त वरिष्ठ विधि अधिकारी श्री विजेंद्र कुमार उपाध्याय ने संविधान की मूल भावना तथा उसके प्रावधानों को विस्तार से समझाया । एडवोकेट निधि पांडे ने संविधान में वर्णित नागरिको के कर्तव्यों पर प्रकाश डाला और बताया कि 26 नवंबर की तिथि क्यो महत्वपूर्ण है क्योकि इसी दिन 1930 में महात्मा गांधी द्वारा लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी । इस अवसर पर उपमहाप्रबंधक लोकेश उपाध्याय व मोहसिन खान ने भारतीय संविधान पर अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में संविधान पर क्विज का आयोजन किया गया एवं सही उत्तर देने वाले कर्मचारियों को पुरुस्कार दिया गया। मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवम प्रशासन दीपक कुमार कश्यप ने उपस्थित अतिथियों को धन्यवाद दिया एवं क्विज में सही उत्तर देने वाले कर्मचारियों की सराहना की । कार्यक्रम का संचालन अमर कुशवाहा कार्मिक अधिकारी ने किया । इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अमन लुम्बा संयुक्त सचिव ने कार्यक्रम के अंत मे सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को संविधान का पालन करने व प्रस्तावना की शपथ ग्रहण करवाई। recent visitors 21

ऊर्जा मंत्री ने विद्युत उपभोक्ताओं से किया सोलर पैनल लगवाने का आव्हान

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ग्वालियर में विद्युत वितरण व्यवस्था तथा वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए 132/33 केव्ही के नवीन विद्युत वितरण केन्द्र की मंजूरी का ऐलान किया। उन्होंने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं से पीएम सूर्य घर योजना का लाभ उठाने की अपील की है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि  3 किलोवाट के सोलर पैनल से हम सालाना 2500 से 3000 रुपए  की बचत कर सकते हैं। उन्होंने गुजरात दौरे के अनुभव साझा किया। तोमर ने कहा गुजरात के लोगों में बिजली के सदुपयोग और समय पर बिजली के बिलों को जमा करने की आदत है। ऐसी ही आदत हम मध्यप्रदेश में भी विकसित करें, ताकि बिजली कंपनियों की योजनाओं का लाभ ले सकें। समय पर बिजली बिल जमा करने से बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ हर परिवार तक पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि गुजरात की विद्युत वितरण कम्पनी ने 1200 करोड रुपए की छूट का लाभ समय पर बिजली खरीदी का बिल अदा कर हासिल किया। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना में सोलर पैनल लगवाने पर 3 किलोवाट तक के लिए डेढ़ लाख तक का खर्च आता है। इस पर 70 हजार रुपए शासन सब्सिडी देता है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता  ढाई साल की अवधि में ही इस पर खर्च होने वाली धनराशि की भरपाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक बचत करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी आपकी भागीदारी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने दोहराया कि आपका सुरक्षित भविष्य, हमारी प्राथमिकता है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा ग्वालियर शहर में वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए 132/33 केव्ही विद्युत वितरण उप-केन्द्र बनाया जाएगा, जिसके लिए भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि  बिलौआ में विद्युत वितरण उप-केन्द्र के लिए टेंडर मांगे गए हैं। सिकंदर कम्पू में 132/33 केव्ही विद्युत वितरण उप-केन्द्र को मंजूरी दे दी गई है। इसी तरह आने वाले दिनों में शताब्दीपुरम में 132/33 केव्ही का विद्युत वितरण उप-केन्द्र भी बनाया जाएगा। जिसमें 15 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइन और फीडर वे का निर्माण भी शामिल है। यह कदम क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाते हुए, निर्बाध और विश्वसनीय ऊर्जा सेवाएं सुनिश्चित करेगा।   recent visitors 35