धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा आज खत्म होगी, ओरछा आखिरी पड़ाव

ओरछा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का आज नौवां और अंतिम दिन है. पदयात्रा आज अपने तय समय से 2 घंटे पहले सुबह करीब 7 बजे हजारों भक्तों के साथ ओरछाधाम की ओर प्रस्थान करेगी. जानकारी के अनुसार, सनातन हिंदू एकता पदयात्रा सुबह करीब साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे के बीच ओरछा पहुंचेगी. यात्रा के ओरछा पहुंचने पर सबसे पहले साधु संत और अन्य अतिथियों के उद्बोधन होंगे. इसके बाद हजारों सनातन भक्त एक साथ सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे. हनुमान चालीसा के पाठ के बाद धीरेंद्र शास्त्री सभी श्रद्धालुओं के साथ भगवान राम के दर्शन करेंगे और इसके बाद बागेश्वर धाम के लिए निकल जाएंगे. जहां एक तरफ धीरेंद्र शास्त्री यात्रा में शामिल होने को लेकर हिंदूओं से अपील कर रहे थे. वहीं, अब आज यात्रा में शामिल ना होने की गुहार लगा रहे हैं. आइए जानते हैं पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अब क्यों रोक रहें हैं? जानिए क्या है पूरा मामला बताते चले कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 21 नवंबर को छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी. इस यात्रा में उन्होंने जात-पात से हटकर सभी हिंदुओं को साथ आने की अपील की थी. इसका असर भी देखने को मिल रहा है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा जिस रास्ते से होकर गुजर रही है, वहां बड़ी संख्या में हिंदू शामिल हो रहे हैं. यही नहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री की इस पदयात्रा बड़े-बड़े नेता-राजनेता भी शामिल होने पहुंच रहे हैं. आज यानी 29 नवंबर को यात्रा का आखिरी दिन है. पदयात्रा का आखिरी दिन होने के चलते भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. रामराजा सरकार की नगरी ओरछा जहां यात्रा का समापन होना है, वहां एक दिन पहले से ही बड़ी संख्या में हिंदू एकत्रित हो गए हैं. भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अब लोगों को इस यात्रा में शामिल ना होने की अपील की है. जानिए क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री  पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि यात्रा में पहले से ही लाखों की संख्या में समर्थक मौजूद हैं, यात्रा में अब और जो लोग यात्रा में आना चाहते है, जो जहां हैं वहीं, रुक जाएं. यात्रा में शामिल ना हों… आप सभी लाइव के माध्यम से इस यात्रा में शामिल हो जाएं. बढ़ते भीड़ को देखते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को आने से रोकने की अपील की है.  'यह हिंदुओं की जागृति का उबाल है' अपनी इस यात्रा का शुरू करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है और इसे रोकने के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत है. ये बजरंगबली के भक्तों की भक्ति का उबाल है, यह हिंदुओं की जागृति का उबाल है. हमें बजरंगबली की कृपा पर भरोसा है. आज हमें हिंदुओं पर भी भरोसा बढ़ रहा है जब एक आवाज में हिंदू एक दिन धर्म विरोधियों के खिलाफ सड़कों पर उतर जाएंगे तो उसी दिन इस देश में हिंदुओं पर होने वाला अत्याचार बंद हो जाएगा. ऐसा है यात्रा का रूट बागेश्वरधाम से शुरू हुई ये यात्रा पहले दिन 15 किलोमीटर का सफर पूरा कर कदारी पहुंची. इसके बाद दूसरे दिन 17 किलोमीटर का सफर पूरा  कर छतरपुर के पेप्टेक टाउन पहुंची थी. तीसरे दिन यात्रा 21 किलोमीटर का सफर पूरा कर नौगांव पहुंची. चौथे दिन यात्रा 22 किलोमीटर की दूरी तय कर देवरी रेस्ट हाउस पहुंची. पांचवें दिन यात्रा 22 किलोमीटर का सफर तय कर मऊरानीपुर पहुंची. यहां से पदयात्रा 17 किलोमीटर का सफर तय कर घुघसी पहुंचेगी. सातवें दिन यात्रा 17 किलोमीटर का सफर पूरा कर निवाड़ी पहुंची थी. यहां से ये यात्रा 15.5 किलोमीटर की दूरी तय कर ओरछा तिगैछा पहुंची. यहां रात में विश्राम करने के बाद पदयात्रा ओरछाधाम पहुंचेगी, जहां सभी श्रद्धालु राजाराम मंदिर में दर्शन करेंगे. जिसके बाद ये पदयात्रा संपन्न होगी. 9 दिन में 160 किसी की यात्रा धीरेंद्र शास्त्री 'हिंदू एकता' के लिए 21 नवंबर से सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुरू की थी जो कि 29 नवंबर यानी शुक्रवार को पूरी होगी. वह 9 दिनों में बागेश्वर धाम से ओरछा तक 160 किमी की दूरी तय करेंगे. इस यात्रा के लिए कुल आठ पड़ाव बनाए गए थे. धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि हिंदुओं को एकजुट करने और सनातन धर्म का प्रचार करने के लिए वो ये पदयात्रा निकाल रहे हैं. इस यात्रा में बाबा बागेश्वर के साथ हजारों भक्त भी चलेंगे. इस दौरान वह रोजाना 20 किमी पैदल चलेंगे. कई हस्तियों ने पदयात्रा में लिया भाग 21 नवंबर से शुरू हुई बाबा की इस यात्रा में अभिनेता संजय दत्त और द ग्रेट खली भी शामिल हो चुके हैं. इसके अलावा कई नेताओं ने भी उनकी इस यात्रा को समर्थन दिया है, जिनमें बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी विधायक राजेश्वर शर्मा और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह भी शामिल हैं. वहीं, यात्रा के दूसरे दिन छतरपुर में धीरेंद्र शास्त्री ने एक सभा को भी संबोधित किया था. जिसमें हैदराबाद की गोशामहल विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक टी राजा ने भी भाग लिया था.   recent visitors 67

विधायक की बेटी से घर में घुसकर मारपीट, सागर में पीड़ित बोलीं-गला दबाया, जान से मारने की धमकी दी

सागर मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक बड़ा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले की देवरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक बृजबिहारी पटेरिया की बेटी के साथ घर में घुसकर मारपीट की गई है। विधायक के भतीजे पर मारपीट का आरोप है। घटना की सूचना मिलने पर विधायक बेटी को साथ लेकर शिकायत दर्ज करवाने एसडीओपी ऑफिस पहुंचे। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। घर में घुसकर मारपीट विधायक की बेटी प्रियंका पटेरिया के साथ गुरुवार को मारपीट की गई। प्रियंका ने बताया कि उनका घर बिजौरा गांव में है। जब सुबह वह अपने घर पर थीं तब उनके चचेरे भाई और जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि विनीत पटेरिया एवं उनके बेटे कुशाल पटेरिया घर में दाखिल हुए। दोनों ने उनपर जान से मारने की नीयत से हमला किया। विधायक की बेटी ने बताया कि आधे घंटे तक उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान वह किसी तरह घर से बाहर निकलीं तो आरोपियों ने उनका गला पकड़ लिया। उन्हें जान से मारने की कोशिश की। उन्हें धमकी दी कि क्षेत्र में घूमना बंद कर दो। अगर अब दिखाई दी तो जान से मार देंगे। परिवार के सदस्यों ने किसी तरह उनकी जान बचाई। लोगों से मिलने पर विपक्षियों के निशाने पर टीवी9 भारतवर्ष की रिपोर्टके अनुसार, विधायक की बेटी प्रियंका ने कहा कि पिता काम के सिलसिले में अक्सर भोपाल आया-जाया करते हैं। जब पिता घर पर नहीं रहते तब वह क्षेत्र के लोगों से मिलती हैं। उनके सुख-दुख में शामिल होती है। क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लेती हैं। यही वजह है कि वह शायद विपक्षियों के निशाने पर आ गई हैं। मामला दर्ज बेटी के साथ मारपीट किए जाने की सूचना मिलने पर विधायक बृजबिहारी पटेरिया घर पहुंचे। इसके बाद बेटी प्रियंका को लेकर सीधे एसडीओपी ऑफिस पहुंचे। जहां बेटी ने चचेरे भाई विनीत और उनके बेटे कुशाल पटेरिया पर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने उनकी मेडिकल जांच कराई। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। recent visitors 98

नाजिया इलाही ने कहा सैकड़ों साल पुराने मंदिर वक्फ बोर्ड कैसे हो गए, विधायक टी राजा भी खंडवा में जमकर गरजे

खंडवा  खंडवा में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील नाजिया इलाही ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिससे मुस्लिम समाज के लोग आगबबूला हैं। उन्होंने वक्फ बोर्ड को लैंड माफिया कह दिया है। साथ ही कह दिया है कि जिन्ना को मानने वाले लोग पाकिस्तान का टिकट कटवा लें। इसी बात को लेकर मुस्लिम समाज में नाराजगी है। यह है मामला दरअसल, एमपी के खंडवा में आतंकवाद के खिलाफ और वीर शहीदों की याद में एक मशाल मार्च निकाला गया था। मशाल मार्च में बड़े-बड़े हिंदू नेताओं को बुलाया गया था। 28 नवंबर को आयोजित हुए इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील नाजिया इलाही और तेलंगाना के विधायक टी. राजा सिंह ने भी शिरकत की। मंदिर इनके अब्बा कैसे हो गए नाजिया इलाही ने कहा कि मुसलमान के मंदिर 1400 साल पुराने हैं। इतने सौ साल पुराने मंदिर इनके अब्बा का कैसे हो गए। इतना ही नहीं नाजिया इलाही ने आगे कहा की वक्फ बोर्ड एक लैंड माफिया है। वक्फ बोर्ड का नाम न ही कुरान में लिखा है और न ही संविधान में वक्फ बोर्ड को पूरी तरह से मिटा देना चाहिए। साथ ही पूरे भारत में जिस हिसाब से थूक जिहाद , लव जिहाद , लैंड जिहाद का जो सारा कार्यक्रम चल रहा है, उससे भी पर्दा उठाना जरूरी है । साथ ही अगर मुसलमान जिन्ना को मानता है तो उनका टिकट भी पाकिस्तान के लिए करना चाहिए। वहीं, दूसरी ओर इस मशाल मार्च में शामिल होने आए टी राजा ने भी हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर बड़ी बात कह दी। टी राजा ने कहा कि बांग्लादेश से हिंदुओं को सीखने की जरूरत है , भारत में भी ऐसे कई राज्य है, जहां हिंदुओं की हालत बांग्लादेश से भी ज्यादा बदतर है । फिलहाल नाजिया इलाही और टी राजा के बयानों ने खंडवा में सुस्त पड़ा सियासी माहौल गर्म कर दिया है । गौरतलब है कि इन नेताओं के बयान से खंडवा के मुस्लिम समाज में आक्रोश है। साथ ही उनका कहना है कि इससे सामाजिक समरसता बिगड़ सकता है। recent visitors 44

पहली बार PM PM के सुरक्षा घेरे में दिखी महिला SPG कमांडर, वायरल हो रही तस्वीर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में कथित तौर पर शामिल एक महिला एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कमांडो की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर ने ऑनलाइन बहस को जन्म दे दिया है। जहां कुछ लोगों ने दावा किया कि यह पहली बार है जब किसी महिला कमांडो को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में देखा गया है। वहीं, अन्य ने बताया कि यह महिला कमांडो पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में भी देखी जा चुकी हैं। तस्वीर शेयर कर रहे भाजपा सांसद कई भाजपा सांसद इस तस्वीर को शेयर कर रहे हैं। मंडी से सांसद कंगना रनौत ने भी इसे अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया है।केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात महिला SPG कमांडो की तस्वीर शेयर करते हुए उनकी बहादुरी और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने लिखा, "भारत की शान, नारी शक्ति की पहचान! SPG में ड्यूटी पर तैनात हमारी साहसी महिला सुरक्षा अधिकारी देश की सेवा और सुरक्षा में नया मानदंड स्थापित कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह नया भारत है, जहां महिलाएं आत्मनिर्भरता और ताकत की मिसाल बन रही हैं।” चिक्काबल्लापुरा से भाजपा के लोकसभा सांसद डॉक्टर के सुधाकर ने भी यही तस्वीर शेयर की है। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री की एसपीजी में महिला कमांडो! अग्निवीर से लेकर लड़ाकू पायलट तक, लड़ाकू पदों से लेकर प्रधानमंत्री की एसपीजी में कमांडो तक, सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही हैं। महिलाओं को और अधिक शक्ति मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद।" पहले भी देखी जा चुकी हैं महिला SPG कमांडो इसके अलावा, कई अन्य लोगों ने भी सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया है कि ऐसा पहली बार है जब पीएम की सुरक्षा में कोई महिला SPG कमांडो तैनात है। ऐसा ही दावा सात साल पहले भी किया गया था जब एक वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में एक महिला कमांडो को देखा गया था। यानी ये साफ है कि महिला SPG कमांडे पहले भी पीएम मोदी के सुरक्षा घेरे में देखी जा चुकी हैं। जानकारी के अनुसार, एसपीजी ने 2013 से महिला कमांडो को अपने दस्ते में शामिल करना शुरू किया था, जिससे महिलाओं को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भागीदारी का अवसर मिला। कथित तौर पर यह तस्वीर संसद की है, जहां महिला एसपीजी कमांडो तैनात हैं। इन कमांडो को आम तौर पर महिला विजिटर्स की तलाशी लेने के लिए गेट पर तैनात किया जाता है और वे परिसर में प्रवेश करने या बाहर निकलने वाले लोगों की निगरानी करने में भी शामिल होती हैं। इसके अलावा, जब कोई महिला अतिथि प्रधानमंत्री से मिलती है, तो महिला एसपीजी अधिकारी ही सुरक्षा जांच, एस्कॉर्टिंग और प्रधानमंत्री तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होती हैं। हालांकि जो तस्वीर वायरल हो रही है उसमें दिख रही महिला अधिकारी PM मोदी की सुरक्षा में नहीं राष्ट्रपति मुर्मू की सुरक्षा में तैनता थीं। बताया जा रहा है कि यह फोटो 26 नवंबर को उस वक्त की है जब राष्ट्रपति मुर्मू संसद को संबोधित करने जा रही थीं। 2015 से, महिलाओं को एसपीजी की क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) में भी शामिल किया गया है। यानी अब पीएम के सबसे करीबी सुरक्षा घेरे में भी महिला कमांडो तैनात होती हैं। प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान, महिला एसपीजी कमांडो सुरक्षा दल का हिस्सा होती हैं। वर्तमान में, एसपीजी में कथित तौर पर करीब 100 महिला कमांडो हैं। पहली बार 2013 में महिला एसपीजी कमांडो को किसी उच्च-स्तरीय हस्ती की सुरक्षा में तैनात किया गया था। उस समय दो महिला कमांडो को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर की सुरक्षा करते देखा गया था। महिला कमांडो की उपस्थिति प्रधानमंत्री की सुरक्षा के प्रति एसपीजी की व्यापक सोच और समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह कदम न केवल महिलाओं को समान अवसर प्रदान करता है, बल्कि सुरक्षा क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता करता है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप क्या है? स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) भारत का एक बेहद खास और एलीट सुरक्षा बल है, जिसे देश के सर्वोच्च नेतृत्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गठित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री, उनके निकट परिजन, और पूर्व प्रधानमंत्रियों को संभावित खतरों से सुरक्षित रखना है। एसपीजी की स्थापना 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद की गई थी। इसे संसद द्वारा 1988 में पारित एसपीजी अधिनियम के तहत कानूनी मान्यता दी गई। इस अधिनियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार को किसी भी आतंकी, विदेशी या अन्य खतरों से अत्यंत सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए। एसपीजी के जवान भारतीय पुलिस सेवा (IPS), सशस्त्र बलों, और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) से चुने जाते हैं। चयनित कर्मियों को कठोर ट्रेनिंग और हाई फिजिकल एवं मानसिक फिटनेस के मानदंडों को पूरा करना होता है। एसपीजी कर्मियों को हथियार संचालन, मार्शल आर्ट्स, भीड़ नियंत्रण, ड्राइविंग, और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। एसपीजी अत्याधुनिक हथियारों और संचार तकनीकों से लैस होता है। इसके अलावा, यह टीम बुलेटप्रूफ गाड़ियां, जैमर, और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करती है। एसपीजी की कार्यप्रणाली अत्यंत गोपनीय होती है। इसके अभियान और रणनीतियां सार्वजनिक नहीं की जातीं। 2019 में, केंद्र सरकार ने एसपीजी अधिनियम में संशोधन किया, जिसके तहत एसपीजी सुरक्षा अब केवल मौजूदा प्रधानमंत्री और उनके परिवार तक सीमित कर दी गई। पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार को यह सुरक्षा केवल पांच साल तक दी जाती है, वह भी विशेष परिस्थितियों में। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं तस्वीर वायरल होने के बाद लोगों ने इसे लेकर अपनी राय व्यक्त की। कुछ ने इसे "नारी शक्ति" का उदाहरण बताया, तो कुछ ने महिलाओं की भागीदारी को देश के सुरक्षा तंत्र की प्रगतिशीलता का प्रतीक कहा। एसपीजी, जो प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, देश के सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा दस्तों में से एक मानी जाती है। महिला कमांडो का इसमें योगदान भारत के सुरक्षा तंत्र में महिलाओं की भूमिका को और सशक्त करता है। recent visitors … Read more

एयरलाइन फ्लाइट को शाम 5:20 बजे दिल्ली से इंदौर लाने और 5:50 बजे बेंगलुरु भेजने की तैयारी

भोपाल इंदौर एयरपोर्ट से बेंगलुरु जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट के समय में बदलाव किया जाएगा। दरअसल, यह फ्लाइट शुरू होने के बाद से लगातार अपने शेड्यूल से देरी से उड़ान भर रही है। फ्लाइट के रोजाना लेट होने से यात्री परेशान हो रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए एयरलाइन ने समय बदलने का निर्णय लिया है। एयरपोर्ट प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार अब इस फ्लाइट का संचालन दोपहर के बजाय शाम को किया जाएगा। ट्रेवल एजेंट्स के मुताबिक, इंदौर से शारजाह के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ान का संचालन करने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 28 अक्टूबर से इंदौर से दो नई घरेलू उड़ानें शुरू की थीं। इनमें से एक, IX2513, दोपहर 3:20 बजे दिल्ली से इंदौर आकर 3:50 बजे बेंगलुरु जाती है। लेकिन यह फ्लाइट शुरुआत से ही 2-3 घंटे की देरी से उड़ान भर रही है। गुरुवार को यह फ्लाइट 6:05 बजे रवाना हुई, जबकि मंगलवार और बुधवार को भी 1 से 1.5 घंटे की देरी हुई। एयरपोर्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एयरलाइन ने इस फ्लाइट को शाम 5:20 बजे दिल्ली से इंदौर लाने और 5:50 बजे बेंगलुरु भेजने की तैयारी की है। हालांकि, यह बदलाव कब से लागू होगा, इसकी अभी जानकारी नहीं है। समर शेड्यूल में बदल पाएगा फ्लाइट का समय एयरपोर्ट अधिकारियों कहना है कि विंटर शेड्यूल में इस फ्लाइट का समय बदलना मुश्किल है। यह बदलाव समर शेड्यूल में ही संभव हो पाएगा। बता दें इस फ्लाइट की देरी से सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हो रही है, जिनकी बेंगलुरु से आगे कनेक्टिंग फ्लाइट्स हैं। गुरुवार को 5 फ्लाइट्स लेट हुईं     गुरुवार को इंदौर एयरपोर्ट से 5 फ्लाइट्स देरी से रवाना हुईं। इनमें खराब मौसम को कारण बताया गया।     एयर इंडिया एक्सप्रेस (IX2511): दिल्ली के लिए 7:50 बजे की फ्लाइट 8:52 पर रवाना हुई।     इंडिगो (6E7154): नाशिक के लिए 1:10 बजे की फ्लाइट 2:04 पर रवाना हुई।     एयर इंडिया एक्सप्रेस (IX2513): बेंगलुरु के लिए 2 घंटे की देरी से रवाना हुई।     इंडिगो (6E7109): जयपुर के लिए 4:10 बजे की फ्लाइट 5:42 पर रवाना हुई।     एयर इंडिया (AI2912): दिल्ली के लिए 8:50 बजे की फ्लाइट 10:00 बजे रवाना हुई।   recent visitors 75

निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारा परिवार हैं, प्रक्रियात्मक कठिनाइयां नहीं आने देंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पुरुषार्थ और परमार्थ का संगम है जर्मनी, इससे जुड़कर उद्योग के नये मार्ग होंगे प्रशस्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध करायेंगे हर सुविधा प्रक्रियात्मक कठिनाइयां नहीं आने देंगे निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारा परिवार हैं मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिये उपलब्ध है स्वर्णिम अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस : 2025 के लिए किया जर्मनी के निवेशकों को आमंत्रित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत और जर्मनी के आपसी संबंध हमेशा से बेहतर रहे हैं। पुरुषार्थ और परमार्थ से परिपूर्ण जर्मनी ने भारत के साथ हमेशा उद्योग मैत्री का रवैया रखा है। उन्होंने जर्मनी के निवेशकों को उन्नत तकनीकी के साथ मध्यप्रदेश में आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए आये निवेशकों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हमनें निवेशकों के हित में जटिलताओं को समाप्त/सरलीकृत कर प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को दूर करने का काम किया है। निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने पर बिजली और पानी की कमी नहीं आने दी जायेगी। निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारे परिवार का एक अंग हैं। हम उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने देंगे। प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिये भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को म्यूनिख (जर्मनी) में अपनी 3 दिवसीय यात्रा के प्रथम दिन इन्टरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में फरवरी माह में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आने के लिए जर्मनी के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और जर्मनी के अतीतकाल से बहुत गहरे संबंध है। विशेष रूप से उद्योग और व्यवसाय जगत में भी हमारे संबंध बहुत मजबूत हैं। हमने इन संबंधों को निभाया भी है। यूरोप के सभी देशों से तुलना की जाए तो जर्मनी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा निवेश करने वाला देश है। मेरी यात्रा इन संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज यहां मैं एक स्पष्ट उद्देश्य से आया हूँ। हम जर्मनी के साथ एक नई तरह की साझेदारी चाहते हैं। साझेदारी केवल व्यापार तक ही सीमित न हो। हम चाहते हैं कि जर्मनी की कम्पनियां अपनी उन्नत तकनीक के साथ मध्यप्रदेश में निवेश करें। मध्यप्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक और मानव संसाधनों के साथ जर्मनी की तकनीक का संगम हो। मध्यप्रदेश एक सम्पूर्ण इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन है। मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए स्वर्णिम अवसर भी उपल्बध हैं। जब मध्यप्रदेश की क्षमताओं की बात की जाती है, तो आंकड़े स्वयं बोलते हैं। मध्यप्रदेश आज भारत की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हमारी अर्थव्यवस्था पिछले एक दशक में तीन गुना बढ़ी है। हमारी विकास दर दोहरे अंक में है। लेकिन यह तो शुरूआत है। हम एक पॉवर सरप्लस स्टेट हैं। सिर्फ यही नहीं, प्रदेश में बिजली देने के लिए वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। ग्रीन एनर्जी की दिशा में मध्यप्रदेश काफी आगे बढ़ा है। इसके साथ ही पर्याप्त जल और भूमि की उपलब्धता भी मध्यप्रदेश की विशेषता है। हमारी यूएसपी है मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि जर्मनी के उद्योगपति जर्मनी ही नहीं, विश्व के कई देशों में ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन विद्वान मैक्स मूलर का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय ग्रंथों और वेदों का जर्मनी सहित अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। वे संस्कृत के भी विद्वान थे। स्वामी विवेकानंद भी उनकी प्रतिभा की प्रशंसा करते थे। जर्मनी ने विश्व युद्ध सहित अनेक कठिनाईयों का सामना किया है। लेकिन जर्मनी के नागरिकों की जीवटता सराहनीय है। उद्योग स्थापना की महत्वपूर्ण स्वीकृतियाँ 30 दिन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापना में आने वाली मुश्किलों को दूर करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार ने विशेष प्रयास किये हैं। मध्यप्रदेश को देश का इकलौता प्रदेश कहा जा सकता है, जहाँ उद्योग संबंधी सभी प्रकार की अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ मात्र 30 दिन में दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विभाग की मॉनीटरिंग उत्साही, जिज्ञासु और कर्मठ अधिकारियों के हाथों में है। इसके अतिरिक्त वे स्वयं निरंतर इस विभाग की मॉनीटरिंग करते हैं। मेहमान नहीं, परिवार बनकर आयें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मनी के निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर मेहमान की बजाये परिवार बनकर आये हैं। सभी को सुखद औद्योगिक माहौल मिलेगा। भारत के भावी आर्थिक लक्ष्यों का भी हृदय प्रदेश है मध्यप्रदेश ‘इन्वेस्ट अपोर्चुनिटीज इन एमपी’ के लिए गुरुवार को जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन को जर्मनी में भारत के कौंसुलेट जनरल शत्रुघन सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का भौगोलिक हृदय प्रदेश तो है ही, साथ ही यह भारत के आर्थिक विकास का भी प्रमुख गंतव्य बन रहा है। सिन्हा ने जर्मनी के निवेशकों से मध्यप्रदेश में निवेश का आव्हान कर उन्हें आश्वस्त करते हुए बताया कि यहां 5 पूर्ण विकसित हवाई अड्डे, 4 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग और विस्तृत रेलवे नेटवर्क है। मध्यप्रदेश के शहरों से देश के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक किसी भी स्थान पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां से देश भर के पोर्ट्रस तक सुगम पहुंच इसे देश की सप्लाई चेन के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र बनाती है। सिन्हा ने मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए मध्यप्रदेश सरकार की इंडस्ट्री फ्रैंडली नीतियों की तारीफ की। उन्होंने जर्मन निवेशकों को बताया कि मध्यप्रदेश में कृषि, नवकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि निवेशकों के लिए भी विकास के नए द्वार खोल सकता है। जर्मन निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश आइडियल डेस्टिनेशन डॉ. टोबियास रोसेन्थाल, चेयरमेन, बेयरलोशर ने कहा कि जर्मन निवेशकों के लिये मध्यप्रदेश आइडियल डेस्टिनेशन है। मध्यप्रदेश में एडिटिव प्लास्टिक उत्पादक कंपनी बेयरलोशर के चेयरमेन डॉ. रोसेन्थाल ने मध्यप्रदेश में उद्यमिता के अपने 25 वर्ष के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में उनका इतना अच्छा अनुभव रहा कि उनकी कंपनी ने दुनिया भर के 15 प्लांट्स में सबसे बड़ा प्लांट मध्यप्रदेश में स्थापित किया। डॉ. रोसेन्थाल ने जर्मन निवेशकों को बताया मध्यप्रदेश निवेश के लिये आइडियल डेस्टिनेशन है, क्योंकि यहाँ अच्छे व कुशल मानव संसाधन, उपयुक्त इन्फ्रॉस्ट्रक्चर असिस्टेंस और प्रदेश सरकार की ओर … Read more

अक्टूबर में हुए एक सर्वे में 103 सीटों को कवर किया गया, उसमें एमवीए केवल 44 सीटों पर आगे चल रही थी

मुंबई महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व द्वारा ईवीएम पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, पार्टी में ही इसको लेकर मतभेद की स्थिति है। महाराष्ट्र की हार इसलिए भी करारी थी क्योंकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस, शरद पवार की एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने शानदार प्रदर्शन किया था। चुनाव से पहले कांग्रेस के द्वारा कराए गए गए आंतरिक सर्वे में ही हार के संकेत मिल गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में हुए एक सर्वे में 103 सीटों को कवर किया गया था। उसमें एमवीए केवल 44 सीटों पर आगे चल रही थी। वहीं, लोकसभा चुनावों में यह आंकड़ा 54 था। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ‘लड़की बहिन योजना’ ने चुनाव परिणामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस के एक आंतरिक सर्वेक्षण के अनुसार, 88% लोगों को इस योजना के बारे में जानकारी थी। 17% ने स्वीकार किया कि इस योजना के कारण उनके मतदान की प्राथमिकता बदल गई। एमवीए की रणनीति में इस योजना का प्रभाव समझने में देरी हुई। कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि एक बैठक में रणनीतिकारों ने एमवीए को महिलाओं को 3000 रुपये की मासिक सहायता देने का सुझाव दिया था। लेकिन महायुति ने पहले ही योजना के तहत 2100 मासिक सहायता की घोषणा कर दी थी, जिससे उन्हें महिलाओं के बीच व्यापक समर्थन मिला। हार के बाद ईवीएम पर सवाल हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का निर्णय लिया। हालांकि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह रणनीति महाराष्ट्र और केंद्रीय नेतृत्व का चेहरा बचाने की एक कोशिश है। आपक बता दे कि कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) शुक्रवार को विधानसभा चुनाव परिणामों की समीक्षा करेगी। संभावना है कि समिति ईवीएम के खिलाफ अभियान तेज करने और मतपत्र (पेपर बैलट) की वापसी की मांग करने का प्रस्ताव पारित कर सकती है। recent visitors 73