Sunday, July 5, 2026 6:43 am

साउथेम्प्टन से ड्रॉ खेलकर प्रीमियर लीग में दूसरे स्थान पर पहुंचा ब्राइटन

ब्राइटन (इंग्लैंड) वीडियो समीक्षा प्रणाली (वीएआर) के विवादास्पद निर्णय के कारण साउथेम्प्टन को जीत से वंचित कर दिया गया और आखिर में उसे इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) फुटबॉल प्रतियोगिता में मेजबान ब्राइटन के साथ मैच 1-1 से ड्रॉ खेलना पड़ा। काओरू मितोमा ने ब्राइटन को पहले हाफ में बढ़त दिलाई और फ्लिन डाउन्स ने दूसरे हाफ में बराबरी का गोल दागा। इसके कुछ मिनट बाद साउथेम्पटन के कैमरून आर्चर ने स्थानापन्न रयान फ्रेजर के क्रॉस को गोल में बदल दिया। वीएआर में चार मिनट से अधिक की जांच के बाद फैसला किया गया कि आर्चर ऑनसाइड थे, लेकिन फिर गोलकीपर बार्ट वेरब्रुगेन के साथ बहस करने के कारण एडम आर्मस्ट्रांग को दंडित किया गया, जो ऑफसाइड थे लेकिन उन्होंने गेंद को स्पर्श नहीं किया था। इस मैच में एक अंक हासिल करने से ब्राइटन के मैनचेस्टर सिटी के समान 23 अंक हो गए हैं, लेकिन बेहतर गोल अंतर के कारण वह दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। लिवरपूल 31 अंक लेकर शीर्ष पर काबिज है।   recent visitors 51

आज इंदौर पहुंचेंगे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे बाबा बागेश्वर, कलेक्ट्रेट से महूनाका नो व्हीकल जोन

इंदौर इंदौर में आज संघ की एक बड़ी बैठक संघ कार्यालय सुदर्शन पर चल रही है। बैठक में सभी आनुषंगिक संगठनों के साथ ही व्यापारी संगठन भी शामिल हुए हैं। बैठक में बीजेपी विधायकों के साथ पदाधिकारी भी मौजूद हैं। यह बैठक कब तक चलेगी, इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है की संघ दिसंबर में एक बड़े आयोजन करने की तैयारी में हैं। बीजेपी इंदौर महानगर अध्यक्ष गौरव रणदीवे ने बैठक को लेकर बताया कि सर्व हिंदू समाज द्वारा यह बैठक आयोजित की गई थी। बांग्लादेश में जिस तरह से हिंदुओं पर अत्याचार और वीभत्स घटनाएं हो रही हैं, उसको लेकर देश में आक्रोश है। 4 दिसंबर को 4 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतर कर आक्रोश प्रकट करेंगे। 4 दिसंबर को लालबाग से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालकर ज्ञापन दिया जाएगा। व्यापारी संगठनों ने बांग्लादेश की घटनाओं को लेकर जिस प्रकार का आक्रोश दिखाया है, उससे 4 दिसंबर को आधे दिन व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे जाने की भी उम्मीद है। बैठक में शामिल इंदौर बीजेपी जिलाध्यक्ष चिंटू वर्मा ने बताया कि सर्व हिंदू समाज और संघ परिवार के जितने वैचारिक संगठन हैं, वह इस बैठक में शामिल हुए थे। इंदौर में हिंदू समाज 4 तारिख को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ विशाल प्रदर्शन करने जा रहा है। जिसमें हम भी सहभागिता दे रहे हैं।   देश में तीन दिन तक संघ करेगा प्रदर्शन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक संघ पूरे देश में तीन दिन तक अलग-अलग संगठन के माध्यम से प्रदर्शन करेगा, जो 2, 3 और 4 दिसंबर को होगा। उनका कहना है की यह प्रदर्शन बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं के समर्थन में किया जाएगा। बताया कि, बंद के दौरान सभी संगठनों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी इंदौर के लालबाग में एकत्रित होंगे और उसके बाद कलेक्ट्रेट जाकर ज्ञापन सौंपेंगे। इसके पहले कल भी संघ के मालवा प्रांत की एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें इंदौर बीजेपी के संगठन प्रभारी राघवेंद्र गौतम और बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती शामिल हुए थे। बता दें जिला स्तर पर शुक्रवार से ही बैठकें शुरू हो गई हैं,आज भी सभी जिलों में उसी क्रम में बैठकें हो रही हैं। recent visitors 59

वन स्टेट-वन इलेक्शन पर कोर्ट जाएगी कांग्रेस, राजस्थान-निकाय चुनावों पर सरकार चुप

जयपुर. राजस्थान में भाजपा वन स्टेट, वन इलेक्शन के फार्मूले पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। प्रदेश में 59 निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। यहां चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किए गए हैं बल्कि सरकार ने प्रशासक लगा दिए हैं। सरकार ने पिछले साल संकेत दिए थे कि वे पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ करवाना चाहते हैं लेकिन कानून में कोई संशोधन नहीं हुआ। ऐसे में कांग्रेस अब इस मामले को कोर्ट से निपटाने पर भी विचार कर रही है। शहरी विकास एवं आवास (यूडीएच) मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने दो महीने पहले संकेत दिया था कि शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 2025 में एक साथ कराए जाएंगे। प्रदेश की भाजपा सरकार ने पिछले बजट में घोषणा की थी कि राज्य भर में स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। हालांकि राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है न ही आयोग को इस बारे में कोई चिट्ठी लिखी गई है। ऐसे में अब कांग्रेस इस मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था में जो कानून है, उसमें पंचायत और निकाय चुनाव 6 महीने से ज्यादा टाले नहीं जा सकते। सूचियां तैयार करने में जुटा राज्य निर्वाचन आयोग हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक वार्ड के लिए आवश्यक समझे जाने वाले मतदान केंद्रों का चयन करें और आगामी नगर निकायों के चुनावों के लिए मतदान केंद्रों की सूची प्रकाशित करें लेकिन कांग्रेस का कहना है कि चुनाव करवाने हैं तो अब तक मतदाता सूची प्रकाशित हो जानी चाहिए थी। अभी तक वोट लिस्ट ही नहीं बनी- डोटासरा इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा का कहना है कि मौजूदा लोकसभा में केंद्र सरकार कानून में बदलाव करती है तो अलग बात है नहीं तो हम चुनाव करवाने के लिए जनता के बीच भी जाएंगे, हाईकोर्ट भी जाएंगे और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। डोटासरा ने कहा- बीजेपी इस मामले में पूरी तरह से फेल है। प्रदेश में 59 नगर परिषदों के चुनाव हो जाने चाहिए थे लेकिन अभी तक वोट लिस्ट ही नहीं बनी, आरक्षण की कोई बात भी नहीं हुई। वन स्टेट, वन इलेक्शन की मुंह जुबानी बातें हो रही हैं, कानून में कोई संशोधन नहीं हुआ। ये दिल्ली की पर्ची की तरफ देख रहे हैं, दिल्ली की पर्ची अभी आई नहीं। डोटासरा ने कहा कि जब तक दिल्ली की पर्ची नहीं आएगी तब तक ये प्रशासक लगाकर बैठे रहेंगे। जनवरी में ग्राम पंचायतों के जो चुनाव होने हैं, उसमें भी ये प्रशासक लगा देंगे। आज की तारीख में सरकार का सबसे बड़ा फेल्योर है तो वह यह कि सरकार में ब्यूरोक्रेसी हावी है और जनता की बात कोई नहीं सुन रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 महीने से राजस्थान में जो अनिर्णय की स्थिति है, वह जनता के लिए घातक है। कानून में संशोधन किया नहीं, निर्वाचन आयोग पंगू बना बैठा है। अब तक सरकार को कह देना चाहिए था कि वोटर लिस्ट तैयार कर ली है, हम चुनाव करवाएंगे। उन्होंने कहा कि जो मौजूदा लोकसभा का सत्र है, इसमें कोई कानून में बदलाव करते हैं तो अलग बात है, नहीं तो हम चुनाव करवाने के लिए हाईकोर्ट भी जाएंगे और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। recent visitors 96

हरियाणा बोर्ड परीक्षा की तारीखों का ऐलान, इन टिप्स संग करें जमकर तैयारी

चण्डीगढ़ हरियाणा। हरियाणा बोर्ड की तरफ से परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। मैट्रिक और इंटमीडिएट परीक्षाओं 2025 की तारीख से जुड़ा एक आधिकारिक नोटिस वेबसाइट पर जारी किया गया है। साथ ही ये कहा गया है कि सेकेंडरी कक्षा की परीक्षा का आयोजन 27 फरवरी 2025 से शुरू होने वाला है। ऐसे में आपको परीक्षा के लिए खुद को कैसे तैयार करना है ताकि आप बेहतर मार्क्स पा सकें तो आइए जानते हैं उसके बारे में यहां। सेकेंडरी वार्षिक परीक्षा 2025 का आयोजन 27 फरवरी से लेकर 15 मार्च 2025 तक किया गया है। वहीं, सीनियर सेकेंडरी परीक्षाओं का आयोजन 26 फरवरी से 28 मार्च तक है। इन परीक्षार्थी से जुड़े नोटिस को आप आधिकारिक वेबसाइट https://bseh.org.in/home पर जाकर आराम से देख सकते हैं। ऐसे में अब परीक्षा में ज्यादा वक्त नहीं रहा है तो उससे पहले आपको कई जरूरी चीजों का ध्यान रखना होगा, ताकि आपके एग्जाम अच्छे से जा सकें। परीक्षा देने से पहले जरूरी बातें – परीक्षा से पहले आप लिखने की प्रैक्टिस करेंगे तो ये आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। इसके जरिए आप तय वक्त में परीक्षा पूरी कर पाएंगे और आपको कई भी प्रश्न नहीं छूट पाएगा। – इसके अलावा आपको अपना टाइम टेबल भी सेट करना होगा। ताकि सभी सब्जेक्ट को आप अच्छे से कवर कर पाएं। ताकि कमजोर सबजेक्ट को कवर करने का टाइम मिल सकें। – परीक्षा के लिए आपको रोजना पढ़ाई करनी होगी। साथ ही रिवीजन करें ताकि अच्छे से हर सबजेक्ट आपके माइंड में क्लियर हो जाए। – सिलेब्स का अच्छे से विश्लेषण करें ले। इससे आपको ये समझ में आ जाएगा कि कौन विषय ज्यादा मार्क्स का आने वाला है और कौन सा कम। – सही से पढ़ाई करने के लिए आपको अच्छा टाइम टेबल बनाना होगा। दिन के हिसाब से आपको किसी एक सबजेक्ट पर पढ़ाई करने होगी ताकि आपका सिलेब्स अच्छे से कवर हो सकें। recent visitors 111

कोलकाता के अस्पताल ने हिंदू के अत्याचार और तिंरगे के अपमान के बाद बांग्लादेशी मरीजों का इलाज न करने की बात कही

 कोलकाता कोलकाता के उत्तरी हिस्से माणिकतला स्थित जेएन रे अस्पताल ने एक फैसला लेते हुए बांग्लादेशी मरीजों को इलाज देने से इंकार कर दिया है. यह कदम बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ विरोध जताने के लिए उठाया गया है. शुक्रवार को अस्पताल के अधिकारी, सुभ्रांशु भक्त ने बताया कि यह निर्णय तब लिया गया जब भारतीय ध्वज का बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा अपमान किया गया. अस्पताल ने अपनी अधिसूचना में कहा कि “आज से अगले आदेश तक हम किसी भी बांग्लादेशी मरीज को इलाज के लिए स्वीकार नहीं करेंगे. यह खास तौर पर उनके द्वारा भारत के प्रति दिखाए गए अपमान के कारण है.” सुभ्रांशु भक्त ने इस व्यवस्थापन का पालन करने के लिए शहर के अन्य अस्पतालों से भी उनका समर्थन करने का आग्रह किया. अन्य अस्पतालों से भी की अपील भक्त का कहना है, "हम तिरंगे के अपमान को देखते हुए बांग्लादेशियों का इलाज रोकने का निर्णय लिया है. भारत ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन इसके बावजूद आज हम भारत-विरोधी भावनाओं को देख रहे हैं. हम आशा करते हैं कि अन्य अस्पताल भी हमारा समर्थन करेंगे और इसी प्रकार के कदम उठाएंगे." यह निर्णय एक गंभीर मुद्दे को प्रदर्शित करता है, जहां अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं को राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ जोड़ रहा है. इससे दोनों देशों के बीच की जटिलताएं और बढ़ सकती हैं. यह देखना दिलचस्प होगा कि अन्य अस्पताल इस फैसले का अनुसरण करते हैं या नहीं और भविष्य में इसका क्या प्रभाव पड़ता है. बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार मसलन, बांग्लादेश में नई अंतरिम सरकार आने के बाद से हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं. इस दौरान मंदिरों में तोड़फोड़ किया गया है और समुदाय के कई लोग मारे भी गए हैं. इस बीच हिंसा लगातार जारी है और भारत ने इसका कड़ा विरोध किया है.   recent visitors 89

ऑस्ट्रेलिया को एडिलेड टेस्ट से पहले लगा बड़ा झटका, टीम का सबसे अहम गेंदबाज दूसरे टेस्ट से बाहर

एडिलेड भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 6 दिसंबर से पिंक बॉल टेस्ट खेला जाना है. पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का यह दूसरा मैच होगा. इस टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम को बड़ा झटका लगा है. ऑस्ट्रेलिया का सबसे अहम गेंदबाज चोटिल होने की वजह से दूसरे टेस्ट से बाहर हो गया है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने एक बयान जारी कर बताया कि तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड चोटिल होने की वजह से एडिलेड में खेला जाने वाला डे-नाइट टेस्ट नहीं खेलेंगे. ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड को लेफ्ट पैर में चोटल लगी है, जिस वजह से वह 6 दिसंबर से एडिलेड में भारत के खिलाफ पिंक बॉल टेस्ट से बाहर हो गए हैं. अपने डेब्यू के बाद से ऐसा पहली बार होगा, जब हेजलवुड घर पर भारत के खिलाफ कोई टेस्ट मैच मिस करेंगे. इसमें कोई संदेह नहीं है कि हेजलवुड के चोटिल होने से ऑस्ट्रेलिया का तेज गेंदबाजी अटैक कमजोर हुआ है. जोश हेजलवुड की जगह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने दो नए तेज गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल किया है. दो अनकैप्ड गेंदबाज सीन एबॉट और ब्रैंडन डोगेट भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए कंगारू टीम में शामिल किए गए हैं. इन दोनों ने अब तक टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू नहीं किया है. हालांकि, एबॉट कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं, वह ऑस्ट्रेलिया के लिए 26 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं. खैर, बता दें कि हेजलवुड की जगह इन दोनों ही गेंदबाजों को मौका मिलने की उम्मीद नहीं है. एडिलेड में अब हेजलवुड की जगह स्कॉट बोलैंड को मौका मिलने की संभवाना है. बोलैंड जुलाई, 2023 में आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट मैच खेले थे.   भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है. इस सीरीज का पहला मुकाबला पर्थ में खेला गया था, जिसमें टीम इंडिया ने 295 रनों से जीत दर्ज की थी. दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्र्लियाई टीम में सिर्फ एक बदलाव ही माना जा रहा है. पहले खबर थी कि मिचेल मार्श भी दूसरा टेस्ट मिस कर सकते हैं. हालांकि, अब बताया जा रहा है कि वह एडिलेड टेस्ट खेलेंगे. recent visitors 71

एक्टर चंकी पांडे ने बताया करियर के बुरे दौर के बारे में

मुंबई एक्टर चंकी पांडे ने हाल ही एक इंटरव्यू में अपने करियर के उस बुरे दौर के बारे में बात की, जब उनके पास काम नहीं था। फिल्मों के ऑफर खत्म हो चुके थे। तब मजबूरी में उन्हें बांग्लादेश का रुख करना पड़ा ताकि घर-परिवार का गुजारा कर सकें। चंकी पांडे ने यह भी बताया कि चूंकि वह बुरी तरह टूट चुके थे और काम नहीं था, इसलिए वह बेटी अनन्या या पत्नी भावना को सेट पर भी नहीं बुलाते थे। चंकी पांडे और अनन्या ने यूट्यूब चैनल पर दिए इंटरव्यू में इस बारे में बात की। चंकी ने बताया कि कैसे बांग्लादेश जाकर उन्होंने 4-5 साल तक वहीं काम किया और उसे अपना दूसरा घर बना लिया। चंकी पांडे ने बताया सेट पर अनन्या को क्यों नहीं बुलाते थे चंकी पांडे ने बेटी अनन्या से बात करते हुए कहा, 'तुम कभी सेट पर क्यों नहीं आईं क्योंकि जब तुम्हारी मां और मेरी शादी हुई, मैं वक्त में था। मैं तभी बांग्लादेश से लौटा था और अपने लिए काम तलाश रहा था। मैं कभी तुम्हें या तुम्हारी मां को सेट पर बुलाने की बात में नहीं पड़ा, और तब से यह ऐसे ही चलता आया।' बांग्लादेश चले गए, फिल्में कीं और हिट हो गए मालूम हो कि 90 के दशक में चंकी पांडे को लीड हीरो के रोल मिलने बंद हो गए थे, और सिर्फ सपोर्टिंग किरदार ही ऑफर हो रहे थे। कोई काम नहीं मिल रहा था। चंकी पांडे का करियर एकदम गर्त में चला गया। इसलिए वह बांग्लादेश चले गए और वहां की फिल्मों में काम करने लगे। खुशकिस्मती से चंकी पांडे की बांग्लादेशी फिल्में चल गईं और एक्टर को 'बांग्लादेश का शाहरुख खान' भी कहा जाने लगा। प्रॉपर्टी डीलर बने और इवेंट्स कंपनी भी खोली चंकी पांडे ने उस दौर को अपने करियर का सबसे डरावना वक्त बताया। वह बोले, 'मैंने काम करना बंद नहीं किया। बल्कि वहां एक इवेंट्स कंपनी खोल ली और इवेंट्स करने लगा। मैं प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने लगा और जमीन खरीदने-बेचने लगा। सोचो मैंने घर-घर जाकर काम किया। मैंने अपना ईगो अपने अंदर रखा और सोचा कि मुझे सर्वाइव करना है।' मां-बाप को कुछ नहीं बताया, बोले- पत्नी को भी नहीं पता कि कितना है कितना नहीं चंकी पांडे ने फिर कहा, 'मैं आर्थिक तौर पर बुरी तरह टूट गया था। काम नहीं था, पर मैं माता-पिता से पैसे नहीं लेना चाहता था। अगर आप एक लड़के हो और अपना करियर शुरू कर चुके हो, तो आप वापस जाकर मां-बाप से पैसे नहीं मांग सकते। मैंने उन्हें कभी पता चलने ही नहीं दिया कि क्या हो रहा था। ना ही पत्नी को पता चलने दिया कि मेरे पास कितना है और कितना नहीं है।' recent visitors 139