Sunday, July 5, 2026 6:41 pm

भगवान श्रीमहाकाल से प्रभावितों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए की कामना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दीं। उन्होंने कहा कि दुनिया की इस भीषण त्रासदी के दिन मैं भोपाल प्रवास पर ही था। इसकी तकलीफ सिर्फ वो ही समझ सकता है, जिसने इसे वास्तविक रूप से भोगा है। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं जाकर गैस प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गैस त्रासदी में प्रभावितों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में अनेक लोग असमय काल के ग्रास में समा गए, जो बचे वो किसी न किसी रूप से एमआईसी गैस के दुष्प्रभावों से कई साल पीड़ित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से दिवंगत एवं पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं एवं सहानुभूति व्यक्त की।   recent visitors 52

संपन्न परिवार भी आते हैं डिलीवरी कराने, छत्तीसगढ़-गरियाबंद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महीने भर में 102 प्रसव

गरियाबंद। नवंबर माह में जिले में सबसे ज्यादा 249 संस्थागत प्रसव मैनपुर ब्लॉक में हुए, जिसमें अकेले उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ने 102 के दिखाया. अस्पताल में काम करने वाले स्टॉफ और डॉक्टरों के व्यवहार से संपन्न परिवार के लोग डिलीवरी के लिए इस स्वास्थ्य केंद्र में आते हैं. नवम्बर माह में मैनपुर ब्लॉक के उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने 102 संस्थागत सामान्य प्रसव करने का रिकॉर्ड बनाया है. पिछले तीन साल से यह संस्था सर्वाधिक प्रसव कराने वाली संस्था के नाम से चिन्हांकित है. पुराने भवन व सीमित संसाधन के बीच अनुभवी स्टाफ व प्रभारी इसकी प्रमुख वजह है. खास बात यह है कि उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन 20 गांव लगभग आते हैं, लेकिन यहां देवभोग ब्लॉक, पड़ोसी राज्य ओडिसा से भी हितग्राही प्रसव कराने पहुंचते हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सक सनत कुंभकार ने बताया कि उरमाल के सरकारी अस्पताल के प्रति ऐसा विश्वास जमा है कि सुरक्षित प्रसव के आस में हितग्राही आते हैं और हम यह कर दिखाते हैं. इसका श्रेय पूरा स्टाफ को जाता है. अनुभवी स्टाफ नर्स तेजस्विनी साहू, भानुमति ध्रुव, एएनएम प्रेम कुमारी दीवान, आया बसंती साहू समेत अन्य सभी स्टाफ का विशेष योगदान रहता है. संस्था प्रभारी ने कहा कि समय समय पर सीएमएचओ व बीएमओ के द्वारा दिए जाने वाले मार्गदर्शन व आवश्यकता की समय पर पूर्ति भी हमारी सफलता में सहायक है. नवम्बर में 100 से ज्यादा कराया प्रसव माह नवंबर की बात करें तो पूरे जिले में मैनपुर ब्लॉक सबसे ज्यादा 249 प्रसव कराने वाली ब्लॉक है. लेकिन कुल 14 संस्थान वाली इस ब्लॉक में अकेले उरमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 102 प्रसव हुआ है. ग्रामीण क्षेत्र में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के किसी भी संस्थान में एक माह में प्रसव कराने का यह सर्वोच्च आंकड़ा है. दूसरी बार भी पहुंचती हैं प्रसूता उरमाल की प्रसूता ललिता देवी, जलेंद्री बाई, गोलमाल की ममता, धौराकोट की अनिता समेत 50 से ज्यादा ऐसी हितग्राही हैं, जो दूसरी बार भी प्रसव कराने पहुंचे. हितग्राहियों ने बताया कि इस संस्था में परम्परागत तरीके से प्रसव के लिए पर्याप्त समय का इंतजार किया जाता है. स्टाफ अनुभवी है, ऐसे में समय पर सटीक जानकारी मिलती है. हितग्राही व परिजन के प्रति अच्छा व्यवहार मिलता है. यही वजह है कि नगर व आसपास के संभ्रांत व सम्पन्न परिवार के लोग भी बड़े निजी अस्पताल की बजाए उरमाल में प्रसव कराना पसंद करते हैं. recent visitors 68

नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं, इस बीच एकनाथ शिंदे की तबियत बिगड़ी, अस्पताल में कराया भर्ती

मुंबई महाराष्ट्र में सियासी गहमागहमी के बीच कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तबियत बिगड़ गई है। खबर है कि उन्हें ठाणे स्थित जुपिटर अस्पताल पहुंचाया गया है। रविवार को ही शिंदे अपने पैतृक गांव से लौटे हैं। खबरें थीं कि वह स्वास्थ्य खराब होने के चलते आराम करने के लिए गांव गए थे। खास बात है कि शिंदे को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी ऐसे समय पर हुई है, जब राज्य में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने जानकारी दी है कि स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होने के बाद शिंदे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर ने उनकी पूरी जांच की सलाह दी है। कहा जा रहा है कि उन्हें जांच के लिए कुछ समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ सकता है। खबरें थीं कि शिंदे शुक्रवार को भी तेज बुखार के बाद सतारा चले गए थे। उन्होंने लौटने पर बताया था कि वह अब ठीक हैं और आराम के लिए गांव गए थे। महाराष्ट्र में शपथ ग्रहण समारोह संभावनाएं जताई जा रही हैं कि महाराष्ट्र में गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि उस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम शपथ ले सकते हैं। शिंदे के भी शपथ लेने के आसार जताए जा रहे हैं। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता का ऐलान कर सकती है। श्रीकांत शिंदे डिप्टी सीएम की रेस से बाहर शिंदे के बेटे एवं शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में आयी उन खबरों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा है कि वह राज्य में उपमुख्यमंत्री या कोई अन्य मंत्री पद की दौड़ में हैं। एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, 'चुनाव परिणामों के बाद सरकार के गठन में थोड़ी देरी हुई है और इसीलिए बहुत सारी अफवाहें उड़ रही हैं और उनमें से एक यह है कि मैं नयी सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने जा रहा हूं। मैं सभी को बताना चाहता हूं कि यह पूरी तरह से निराधार और झूठ है, इसमें कोई तथ्य नहीं है। मुझे पहले ही लोकसभा चुनाव के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री बनने का मौका मिला था, लेकिन मैंने अपनी पार्टी के संगठन के लिए काम करना चुना और यह अभी भी वैसा ही है। मुझे सत्ता के पद की कोई इच्छा नहीं है।' recent visitors 38

हत्या-लूट-डकैती-फायरिंग में तीन साल से फरार, राजस्थान-करौली में इनामी बदमाश गिरफ्तार

करौली. जिला स्पेशल पुलिस टीम (डीएसटी) ने पिछले तीन साल से हत्या, लूट, डकैती, फायरिंग जैसे मामलों में फरार चल रहे 35 हजार रुपये के इनामी बदमाश तिमनसिंह को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने उसे मुखबिर की सूचना पर आरेनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। करौली एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि जिला पुलिस अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत डीएसटी टीम ने तिमन सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भरतपुर जिले में पांच मामले दर्ज हैं और उस पर करौली एसपी द्वारा 25 हजार रुपये तथा भरतपुर एसपी द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित है। 3 दिन पूर्वी ही आरोपी के एक साथी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस तिमन सिंह से पूछताछ कर रही है, ताकि उसके अन्य आपराधिक मामलों और गैंग के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। recent visitors 111

रूसी एक्ट्रेस आराम से बैठकर योग कर रही थी और वो पानी में बह गई

 थाईलैंड रूसी एक्ट्रेस का एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद किसी का भी दिल दहल जाएगा। रूसी एक्ट्रेस आराम से बैठकर योग कर रही थी और वो पानी में बह गई। ये वीडियो सामने आते ही पूरी दुनिया में वायरल हो चुका है। कामिला बेल्यात्सकाया नाम की एक्ट्रेस थाईलैंड ट्रिप के दौरान कोह समुई की चट्टानों पर योग करते समय एक लहर की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। वह 24 साल की थीं। एक्ट्रेस के एक वीडियो में उन्हें गिरकर फिसलते हुए दिखाया गया है। उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर जगह की खूबसूरती को दिखाते हुए पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, 'मुझे सामुई बहुत पसंद है। लेकिन यह जगह, यह चट्टानी समुद्र तट सबसे अच्छी चीज है जो मैंने अपने जीवन में देखी है।' रूसी एक्ट्रेस की पानी में बहकर मौत रिपोर्ट्स के अनुसार, रूसी एक्ट्रेस कामिला बेल्यात्स्काया की 24 साल की उम्र में दुखद मौत हो गई जब वह थाईलैंड के कोह समुई में योग कर रही थीं। एक वीडियो में उस पल को कैद किया गया जब वह चट्टानी सतह की लहर की चपेट में आकर समंदर में जा गिरीं। घटना से पहले, कामिला ने इस जगह को लुभावनी बताते हुए सोशल मीडिया पर ढेर सारी तारीफ की थी। कौन हैं कामिला बेल्यात्स्काया? कामिला बेल्यात्सकाया नोवोसिबिर्स्क, रूस की 24 वर्षीय एक्ट्रेस थीं। वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ थाईलैंड घूमने गई थीं। यह दुखद दुर्घटना तब घटी जब वह एक चट्टान पर मैट डालकर योग कर रही थीं। भयावह घटना कब-कैसे हुई? यह घटना शुक्रवार दोपहर को सामने आई जब कामिला ध्यान लगा रही थीं। दुर्घटना को देख रहे एक दर्शक ने उन्हें बचाने के लिए पानी में छलांग लगाई लेकिन असफल रहा। बचा नहीं पाई सुरक्षा टीम आपातकालीन टीमें तुरंत घटना स्थल पर पहुंचीं लेकिन उन्हें बचाने में असमर्थ रहीं। बाद में उनका शव उस स्थान से लगभग दो-तिहाई मील दूर पाया गया जहां घटना घटी थी। स्थानीय अधिकारियों ने इस बारे में उनके बॉयफ्रेंड और दोस्तों से बात की। recent visitors 61

मुख्यमंत्री साय ने फिर जताया जनता का आभार, छत्तीसगढ़-भाजपा को जनादेश मिले एक साल पूरा

रायपुर। भाजपा को चुनाव में जनादेश मिले एक साल पूरा हो गया है. पिछले साल 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव की काउंटिंग हुई थी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज के दिन को जनादेश दिवस बताते हुए एक बार फिर छत्तीसगढ़ की जनता का आभार जताया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में लिखा है कि आज ही के दिन पिछले वर्ष 3 दिसम्बर का वह स्वर्णिम दिन था, जब आपने छत्तीसगढ़ के विकास, सुशासन और समृद्धि के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेकर भारतीय जनता पार्टी को आपने प्रचंड जनादेश दिया था. वह जीत वास्तव में आपके विश्वास की ही थी, सपनों और उम्मीदों की थी. उस प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद के लिए हम आप सभी के आभारी हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने एक वर्ष में सरकार के किए काम का हवाला देते हुए कहा कि आपके विश्वास पर खरा उतरते हुए प्रदेश में प्रगति के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं. हमने ‘मोदी की गारंटी’ के सभी प्रमुख वादे प्राथमिकता से पूरे किये हैं. इससे हर वर्ग का विकास हुआ है, प्रदेश में खुशहाली आई है. हमारी सरकार इसी निरंतरता को बनाए रखते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर है. इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर प्रदेश की जनता को भरोसा दिलाया कि हमारी सुशासन की सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करेगी और प्रगति के सर्वोच्च प्रतिमान स्थापित करेगी. आभार छत्तीसगढ़… एक साल साथ का, भरोसे का, विश्वास का मैं आप सभी को पूर्ण विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सुशासन की सरकार "विकसित छत्तीसगढ़" के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करेगी और प्रगति के सर्वोच्च प्रतिमान स्थापित करेगी। जय छत्तीसगढ़ महतारी!#जनादेश_दिवस     — Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) recent visitors 38

आठ महीनों से एडहॉक के जिम्मे कामकाज: चांदना, राजस्थान-जयपुर में कौन करवाएगा आईपीएल मैच?

जयपुर. राजस्थान में इस बार होने वाले आईपीएल मैचों का आयोजन क्रिकेट संघ करवाएगा या सरकार? यह एक बड़ा सवाल है, जिसका फिलहाल कोई जवाब नहीं मिल रहा है। इसकी वजह यह है कि क्रिकेट एसोसिएशन में होने वाले चुनाव को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीते 8 महीनों से राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का संचालन सरकार की बनाई गई एडहॉक कमेटी ही कर रही है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद से वैभव गहलोत को हटाने के बाद एसोसिएशन में नागौर जिला क्रिकेट संघ से ताल्लुक रखने वाले और प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पुत्र धनंजय सिंह खींवसर को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन कुछ समय बाद ही सरकार ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन पर एडहॉक कमेटी बना दी, जो फिलहाल राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को संचालित कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि एक बार फिर राजस्थान में आयोजित होने वाले आईपीएल के मुकाबले सरकार की ओर से ही आयोजित किए जाएंगे, मामले को लेकर पूर्व खेलमंत्री अशोक चांदना का कहना है कि भाजपा सरकार चुनाव में विश्वास नहीं रखती, उन्होंने कहा कि जब वैभव गहलोत राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुने हुए अध्यक्ष थे तो उन्हें बिना चुनाव करवाए क्यों हटाया गया? यदि सरकार को राजस्थान के क्रिकेट चलानी थी तो चुनाव करवाने चाहिए थे। चांदना ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में राजस्थान में खेलों के हालात कुछ अच्छे नहीं हैं, राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में कार्यकारिणी नहीं बनने से खिलाड़ियों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सिर्फ 3 महीने के लिए बनाई थी एडहॉक सरकार ने 28 मार्च 2024 में राजस्थान क्रिकेट संघ की कार्यकारिणी को भंग करके एडहॉक कमेटी का गठन कर दिया था, उस समय यह कमेटी सिर्फ 3 महीने के लिए बनाई गई थी और इसका काम राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव करवाना था लेकिन सरकार ने इस कमेटी को दो बार एक्सटेंशन दे दिया यानी बीते 8 महीने से राजस्थान में क्रिकेट का संचालन एडहॉक कमेटी द्वारा किया जा रहा है। राजस्थान के क्रिकेट इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब एडहॉक कमेटी ने इतने लंबे समय तक राजस्थान के क्रिकेट को चलाया है। मौजूदा कमेटी का कार्यकाल 28 दिसंबर को खत्म होगा लेकिन माना जा रहा है कि सरकार एक बार फिर कमेटी को एक्सटेंशन देने की तैयारी कर रही है, फिलहाल बीजेपी से विधायक जयदीप बिहानी को कमेटी का संयोजक बनाया गया है। फंड की कमी से जूझ रहे हैं एडहॉक कमेटी के गठन के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के वित्तीय हालत लगातार बिगड़ने लगे हैं। फंड की उपलब्धता नहीं होने के कारण राज्य स्तरीय टूर्नामेंट समय पर आयोजित नहीं हो पाए, ऐसे में कमेटी के सदस्य जब बीसीसीआई के पदाधिकारी से मिले तब कुछ फंड उपलब्ध करवाया गया। इतना ही नहीं दिवाली के मौके पर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के कर्मचारियों को 4 महीने बाद तनख्वाह दी गई। मौजूदा समय में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के हालात जयपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की तरह हो गए हैं क्योंकि जयपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन में भी पिछले 3 सालों से एडहॉक कमेटी काम कर रही है और अभी तक इसके चुनाव नहीं हो पाए हैं। सदस्यों पर सवाल उठे इस दौरान एडहॉक कमेटी पर कई तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। गंगानगर जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारी ने कमेटी के कुछ सदस्यों पर आरोप लगाए थे और कहा था कि खिलाड़ियों के सिलेक्शन में भेदभाव किया जा रहा है। सिर्फ उन्हीं खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो कमेटी के सदस्य हैं। साथ ही कोच के सिलेक्शन के समय भी कमेटी पर कई तरह के सवाल उठाए गए थे। recent visitors 66