‘बिग बॉस 18’ में टाइम गॉड टास्क के लिए दिग्विजय और रजत के बीच हाथापाई

मुंबई 'बिग बॉस 18' का आगामी एपिसोड हाई-ऑक्टेन ड्रामा से भरा रहने वाला है क्योंकि टाइम गॉड टास्क के दौरान दिग्विजय राठी और रजत दलाल के बीच लड़ाई हो जाती है। हाल ही में जारी प्रोमो में उनके बीच के टकराव को दिखाया गया है, जिससे दर्शकों के बीच प्रत्याशा बढ़ गई है। इस टास्क में कंटेस्टेंट्स को टाइम गॉड चुनते देखा गया और टास्क में वे काफी अक्रामक हो गए। टास्क के दौरान, रजत गलती से दिग्विजय के डोमिनोज सेटअप को बिगाड़ देते हैं, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ जाता है। निराश होकर, दिग्विजय ने रजत से कहा, 'तुम मुझे क्यों मार रहे हो? पागल हो गया है क्या?' मामला तब और बढ़ गया जब दिग्विजय ने रजत को उन्हें धक्का नहीं देने के लिए कहा। चेतावनी के बावजूद रजत ने दिग्विजय को धक्का दे दिया, जिससे तीखी नोकझोंक हुई। यह झगड़ा घर के भीतर बढ़ते तनाव और तगड़े कॉम्पटिशन को दिखा रहा है। रजत और दिग्विजय की लड़ाई इस लड़ाई के अलावा एपिसोड में नॉमिनेशन से जुड़ा टास्क भी आया। शिल्पा शिरोडकर को झटका तब लगा जब ईशा सिंह ने उन्हें नॉमिनेट होने से बचाने से इनकार कर दिया। इस फैसले से कई लोगों को झटका लगा, खासकर तब जब शिल्पा ने पहले ईशा को टाइम गॉड बनने में मदद की थी। करणवीर ने शिल्पा को दी सलाह शिल्पा के करीबी करणवीर मेहरा ने उनसे बात भी की। वह उन्हें सोच-समझकर कुछ भी करने की सलाह देते हैं और कहते हैं, 'आप बेटी-बेटी बोलके सर खाएंगे। तुम्हें क्या लग रहा है यहां गधे आए हुए हैं सब? जागो! कब जागोगे भाई? वो लोग किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं अपने दोस्त को बचाने के लिए। तुम्हें फेयर होना है एक सेकेंड के लिए।' घर में बढ़ रहा तनाव जैसे-जैसे घर में तनाव बढ़ रहा है, हर किसी के असली चेहरे सामने आ रहे हैं। दिग्विजय और रजत के बीच झड़प और घर में नॉमिनेशन के साथ, बिग बॉस 18 एक और मजेदार एपिसोड देने के लिए तैयार है, जो फैंस को उनकी सीटों से जोड़े रखेगा। recent visitors 72

मध्य प्रदेश में आज से धान खरीदी शुरू, किसानों को मिलेगा उपज का इतना दाम

भोपाल मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के लिए धान की खरीदी 2 दिसंबर से शुरू हो जाएगी. धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 और धान ग्रेड-ए का 2320 रुपये प्रति क्विंटल है. किसानों की एफएक्यू गुणवत्ता की उपज इन्हीं दरों पर खरीदी की जाएगी. धान की खरीदी 3  दिसंबर से 20 जनवरी 2025 तक किया जाएगा. उपार्जन सोमवार से शुक्रवार तक होगा. 45 लाख मीट्रिक टन होगी धान की खरीदी केन्द्र सरकार की ओर से निर्धारित मात्रा के अनुसार, समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 45 लाख मीट्रिक टन की जाएगी. गोदाम स्तर पर खाद्यान्न की गुणवत्ता का परीक्षण उपार्जन एजेंसी के गुणवत्ता सर्वेयर द्वारा स्टेक लगाने के पहले किया जाएगा. वहीं परिवहनकर्ता की ओर से उपार्जित खाद्यान्न का परिवहन समय-सीमा में नहीं करने पर पेनाल्टी की व्यवस्था साप्ताहिक रूप से की जाएगी. कब तक होगी धान की खरीदी मध्य प्रदेश सरकार धान की खरीदी 2 दिसंबर से 20 जनवरी 2025 तक करेगी. वहीं किसान सोमवार से शुक्रवार तक केंद्र में धान बेच सकते हैं. अवैध बिक्री रोकने के लिए कलेक्टर को दिए गए निर्देश समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के बाद भुगतान कृषक पंजीयन के दौरान आधार नम्बर से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा. धान उपार्जन अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों से उपार्जन केन्द्र पर लायी जाने वाली उपज की अवैध बिक्री को रोकने के लिए सभी जिले के कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं. ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था बनाई गई खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सामान्य किस्म की धान 2,300 और ग्रेड ए धान का समर्थन मूल्य 2,320 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी जाएगी। गुणवत्तायुक्त उपज का ही उपार्जन हो, इसके लिए ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है। उपज में कचरा मिला तो उसे लौटा देंगे राज्य और जिला स्तर पर उपार्जन पोर्टल पर दर्ज होने वाली उपज संबंधी जानकारी के आधार पर आकलन किया जाएगा। यदि उपज में कचरा, टूटन या नमी अधिक होती है तो उसे लौटा दिया जाएगा। जब किसान उपज ठीक कराकर निर्धारित मापदंड के अनुसार लाएगा, तब ही उसे स्वीकार किया जाएगा। दरअसल, धान किसान से लेने के बाद उसे चावल बनाने के लिए मिलर्स को दी जाती है। उस समय कई बार नमी, कचरा और टूटन अधिक होने की शिकायत सामने आती है। ऐसी उपज मिलर्स नहीं लेते हैं क्योंकि प्रति क्विंटल धान से 67 किलोग्राम चावल लिया जाता है। जब यह मात्रा नहीं मिलती है तो मिलर्स को नुकसान होता है। यही कारण है कि इस बार गुणवत्तायुक्त उपज की खरीदी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी उपार्जन केंद्रों पर नमी की जांच करने के लिए नमी मापक यंत्र (मायश्चर मीटर) रखे जाएंगे। मिलिंग भी समय पर होगी नमी जांचने के बाद धान लेकर सीधे उपार्जन केंद्र से ही मिलिंग के लिए मिर्लस को दी जाएगी। इससे परिवहन और भंडारण व्यय में कमी आने के साथ मिलिंग भी समय पर होगी। भारतीय खाद्य निगम ने मिलिंग के लिए अंतिम सीमा जून रखी है। मंत्री, प्रमुख सचिव और आयुक्त करेंगे औचक निरीक्षण उपार्जन के दौरन या उसके बाद होने उपार्जन में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी और आयुक्त सिबि चक्रवर्ती औचक निरीक्षण करेंगे। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उड़नदस्ते भी जिला स्तर पर गठित होंगे, जो उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। किसानों को समाधान के लिए किए गए ये व्यवस्था पंजीयन और उपार्जन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए जिले में और राज्य स्तर पर भी तकनीकी सेल का गठन किया गया है. जिला स्तरीय समिति उपार्जन संबंधी सभी विवादों का अंतिम निराकरण और उपार्जित खाद्यान्न की गुणवत्ता की निगरानी करेगी. इसके अलावा राज्य स्तर पर एक कंट्रोल-रूम भी स्थापित किया गया है. अगर आप किसी भी जानकारी के लिए कंट्रोल रूम में संपर्क करना चाहते हैं इस नंबर 0755-2551471 पर कॉल कर हैं. ये उपार्जन अवधि में सुबह 9 से रात 7 बजे तक संचालित रहेगा. recent visitors 57

सीएम का पहला संकल्प है सोलर एनर्जी, राजस्थान-जयपुर समिट में रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस

जयपुर. राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट में राजस्थान सरकार का सबसे ज्यादा फोकस रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को लेकर है। अब तक ऊर्जा सेक्टर की 30 कंपनियों के साथ 6.57 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के एमओयू साइन किए हैं। इनमें सौर, पवन, हरित हाइड्रोजन, हाइब्रिड, पंप भंडारण, बैटरी भंडारण और हरित अमोनिया परियोजनाएं शामिल हैं। ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट की तैयारियों में जुटे मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा है कि वे समिट शुरू होने तक 10 बड़े संकल्प लेंगे। उनका पहला संकल्प सौर ऊर्जा से जुड़ा है। भजनलाल ऐलान कर चुके हैं कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट सौर ऊर्जा से चलेगी। सौर ऊर्जा पर फोकस इसलिए इसी साल गुजरात के गांधीनगर में आयोजित हुई चौथी ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इंवेस्टर्स मीट एंड एक्सपो में राजस्थान को सौर ऊर्जा क्षमता में देश पहला स्थान मिला। इसके साथ ही राजस्थान को ओवर ऑल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में देश में दूसरा स्थान मिला है। राज्य में 28 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं से लगभग 470 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादित हो रही है और 32 गीगावाट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क हमारे यहां राजस्थान 22860.73 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ सौर ऊर्जा में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश कुसुम योजना में पहले पायदान पर है, यहां इस योजना में 121 मेगावाट क्षमता के 92 संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। जोधपुर के भड़ला में दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क है। इसकी कुल स्थापित क्षमता 2245 मेगावाट है। इनके अलावा फलौदी-पोकरण सोलर पार्क-750 मेगावाट, फतेहगढ़ फेज-1 बी : 1500 मेगावाट, नोखा सोलर पार्क(जैसलमेर)- 925 मेगावाट व  पूगल सोलर पार्क (बीकानेर) -2450 मेगावाट जैसी बड़ी परियोजनाएं भी यहां चल रही हैं। 2027 तक ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य सीएम भजनलाल ने अपने पहले संकल्प पर कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट का उद्घाटन दिवस पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होगा। उन्होंने कहा कि यह समिट सूरज की ताकत से प्रदेश के विकास में नया सवेरा लाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश में निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाए। राज्य सरकार की अनुकूल निवेश नीतियों से राजस्थान अक्षय ऊर्जा में निवेशकों की पसंद बना हुआ है तथा आज राजस्थान भारत में अक्षय ऊर्जा उत्पादन में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को 2027 तक ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। रिन्यूएबल एनर्जी की नई नीति होगी लॉन्च ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट में राजस्थान सरकार अक्षय ऊर्जा क्षमता को 125 गीगावाट तक बढ़ाने के लिए राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 भी जारी करेगी। कैबिनेट की बैठक में इसके मसौदे को मंजूरी मिल चुकी है। नई नीति में 2030 तक अक्षय ऊर्जा क्षमता को 125 गीगावाट तक बढ़ाने, फ्लोटिंग, रिजर्वायर टॉप और कैनाल टॉप सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने, पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट सहित बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं और 8 मार्च 2019 के बाद शुरू हुई छोटी जल विद्युत परियोजनाओं को शामिल करने और नेट मीटरिंग व्यवस्था में 80 प्रतिशत ट्रांसफार्मर क्षमता तक सोलर रूफटॉप लगाने की अनुमति दी गई है। सभी अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं और पार्कों को राजकीय भूमि आवंटन, वर्चुअल पीपीए आधारित सौर ऊर्जा परियोजनाओं, कार्बन ट्रेडिंग, ऊर्जा दक्षता तथा नेट जीरो बिल्डिंग को बढ़ावा देने के प्रावधान भी नई नीति में हैं। राजस्थान एक नजर में – 1:  राज्य की कुल स्थापित विद्युत क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान लगभग 20.3% है, तथा शेष 78.79% पारंपरिक स्रोतों से प्राप्त होता है। 2:  राजस्थान 22860.73 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ सौर ऊर्जा में प्रथम स्थान पर है, तथा यहां वर्ष में 325 से अधिक दिन साफ धूप वाले होते हैं। 3:  5195.82 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ राजस्थान पवन ऊर्जा में तीसरे स्थान पर है। सभी प्रमुख राज्यों में राजस्थान ने नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता में सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि (18.63%) दर्ज की है। 4: 2023 में ग्रिड से जुड़ी अक्षय ऊर्जा की सबसे अधिक स्थापित क्षमता राजस्थान (22,398 मेगावाट) में थी, जिसके बाद गुजरात (19,436 मेगावाट) का स्थान था, जो मुख्य रूप से पवन और सौर ऊर्जा के कारण था। 5:  साल  2024 की शुरुआत तक राज्य ने 18 गीगावाट की स्थापित सौर क्षमता को पार कर लिया, जिससे यह सौर ऊर्जा उत्पादन के मामले में भारत में अग्रणी राज्य बन गया। recent visitors 73

विपणन संघ में प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया संविधान दिवस

Constitution Day celebrated as Inspiration Day in Marketing Association भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित भोपाल में संविधान दिवस को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन अजाक्स विपणन संघ के प्रान्तीय विभागीय अध्यक्ष सत्य विजय चन्दन के अनुरोध पर शाम 5.30 बजे किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबा साहब डाॅक्टर भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर बुद्ध वन्दना के साथ हुआ। संविधान की उद्देशिका का वाचन विपणन संघ के मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) राजेश कुमार बाजपेयी के साथ उपस्थित समस्त वरिष्ठ अधिकारीगण तथा कर्मचारियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने डॉ अम्बेडकर के जीवन संघर्षों पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के समापन पर में सत्य विजय चंदन ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेश कुमार बाजपेयी, रोहित कुमार जैन, योगेश जोशी, भगवान सिंह खेड़ेकर, रोमेन तिर्की, श्रीमति मोना द्विवेदी, राकेश हेडाऊ, कमलेश ढोके, शैलेन्द्र कोचक, कमलेश चौधरी, राजेश बाथम, नितिन मिश्रा, शिशिर जैन, विनोद उपाध्याय, श्रीमति भावना सेयके, अर्जुन सिंह ठाकुर, मनोज डण्डेरवार, मिथलेश सोनकर, आनन्द विडवैकर, सुरेश पटेल, श्रीमति शर्मिला साहू, निखिल सक्सैना, रिषी राठौर, श्रीमति अल्पना गुप्ता, योगेन्द्र राजपूत, मोहम्मद फईम खांन, श्रीमति नेहा लाल, श्रीमति वृन्दा गुप्ता, ओमप्रकाश बाघेला, श्रीमति कविता वर्मा, सोहन सिंह उईके, ललित कुमार फलसौदिया, मनोज कुमार अग्निहोत्री, श्रीमती शीला चौधरी, श्रीमति प्रतिभा निमौरे, श्रीमति हर्षा आसेरी, श्रीमति सुहानी प्रधान, श्रीमती मीनाक्षी जोशी, नितिन गौर, समीउल्लाह खान, श्रीमति रजनी नेवरेती, श्रीमति रोशनी व्यास, नन्द किशोर तेलंग, वरूण चौबे, पवन विश्वकर्मा, सिमरनजीत सिंह, श्रीमति नन्दिनी बौद्ध, मोहम्मद मसूद खान, अवध बिहारी शर्मा, रमाकान्त तिवारी, श्रीमति आशा सोनी, संजय कौशल, ओपी पाण्डे, सतीश नागर, श्रीमति नेहा चौहान, श्रीमति पूर्णिमा घोष, श्रीमति सपना राय, श्रीमति अपर्णा जैन, राजीव पटेल, विवेक श्रीवास्तव, तीरथ सिंह रावत, श्रीमति कमला बाई, श्रीमति बतुल बाई, मिस्टर सिंह, श्रीमति फ्लोरैन्श मसीह, श्रीमति बाॅबी बाथम, श्रीमति शीतल बाथम, श्रीनिवास सोनी, महेश घुमाने, मुकेश कुमार धौलपुरे, होल्कर यादव, कमल किशोर झारिया, पदम बहादुर, प्रीतम नागर, श्रीमति कमलेश देश, धर्म सिंह नेपाली, देवेश शुक्ला, नन्हे सिंह, मोहम्मद समी हुसैन, अक्षय जैन, राजा मैना, लालजी पाण्डे, राजकुमार उपाध्याय, अजय कुमार श्रीवास्तव, भरत साहूश्री प्रकाश सिंह, प्रशांत उदय, श्रीमति माया अहिरवार, मोहन, महेश जाटव, पलक, विशाल डहेरिया, सौरभ गुप्ता के अलावा डाटा एन्ट्री आपरेटर और सुरक्षा प्रहरी के सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 88

चेहरे से दाग-धब्बे और पिंपल्स गायब करेगी ये रेमेडी

हर लड़की चाहती है कि उसके चेहरे से दाग-धब्बे और पिंपल्स गायब हो जाएं और त्वचा बहुत ही साफ और खूबसूरत हो जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है, बल्कि आप अपने घर पर ही मौजूद कुछ चीजों से हर तरह की स्किन प्रॉब्लम को दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन दोनों घरेलु नुस्खों को बनाने का तरीका कई उपायों को आजमाने के बाद इन दो आसान और नेचुरल DIY मास्क ने मेरी स्किन के लिए बेहतरीन काम किया है। दोनों ही उन सामग्रियों से बने हैं जो आप अपनी रसोई में मिल सकते हैं और मुंहासों को शांत करने, लालिमा को कम करने और निशानों को कम करने के लिए बिल्कुल सही हैं। एलोवेरा को चम्मच से घिसकर बनाया फेस मास्क पहली रेमेडी एलोवेरा की है जिसे बनाना तो आसान है ही साथ ही इस्तेमाल करना भी आसान है। वहीं अगर हम फायदों की बात करें तो ये आपके चेहरे से दाग-धब्बों और एक्ने की समस्या को कम करने में मदद करेगी। इस नुस्खे को बनाने के लिए आपको इन चीजों की जरूरत है-     एलोवेरा जेल- 2 चम्मच     चावल का आटा- 1 चम्मच ऐसे तैयार करें फेस पैक     सबसे पहले सिमोन ने एलोवेरा का एक पत्ता लिया है और उसे चम्मच की मदद से घिस कर जेल निकाला है।     आप भी इसी तरह फ्रेश एलोवेरा जेल बना लें। अगर आपके घर में एलोवेरा का पौधा नहीं है तो मार्केट से एलोवेरा जेल खरीद लें।     इसके बाद 2 चम्मच एलोवेरा में 1 चम्मच चावल का आटा डालकर अच्छे से फेंट लें और फिर चेहरे पर लगा लें।     फेस मास्क को 10-15 मिनट तक चेहरे पर सूखने के लिए छोड़ दें और जब समय पूरा हो जाए तो नॉर्मल पानी से फेस वॉश कर लें।     ये नुस्खा आपके चेहरे से एक्ने को दूर करने का काम करेगा और स्किन को क्लीयर बनाएगा।​ पीसी हुए असली से बनाएं फेस मास्क वैसे तो अलसी के बीजों का इस्तेमाल खाने के लिए किया जाता है, लेकिन हाल ही में इसे चेहरे पर लगाने का ट्रेंड बढ़ा है और तरह-तरह के फेस पैक और मास्क की रेमेडी पॉपुलर हुई हैं। सिमोन कथुरिया ने भी फ्लैक्स सीड्स से फेस पैक बनाने का तरीका बताया है, जिसके लिए इन चीजों की जरूरत है-     पानी- 1 गिलास     अलसी के बीज- 2-3 चम्मच     चावल का आटा- 2 चम्मच     दही- 1 चम्मच ऐसे तैयार करें अलसी फेस पैक     सबसे पहले आप एक पैन लें और उसमें पानी डालकर हल्की आंच में उबाल लें।     अब अलसी के बीज को मिक्सी में पीसकर पाउडर तैयार कर लें और फिर इसे पानी में डाल दें।     इसे अच्छे से पकाने के बाद पैन में चावल का आटा मिक्स कर लें और इसे तब तक पकाए जब तक की गायब हो जाए।     जब पेस्ट गाढ़ा हो जाए तो इसे एक कटोरी में डाल दें और ठंडा होने के लिए रख दें।     पेस्ट में एक चम्मच दही डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। लीजिए तैयार है आपके चेहरे से एक्ने दूर भगाने वाला फेस मास्क।     अब आप इसे अपने चेहरे पर 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद नॉर्मल पानी से फेस वॉश कर लें।​ recent visitors 69

पन्ना में 4 दिसंबर से शुरू होगा हीरों का मेला, नीलामी में करीब 4.17 करोड़ मूल्य के127 Diamond

पन्ना  हीरा नगर पन्ना में एक बार फिर हीरों का बाजार सजने जा रहा है। इस साल भी, हर वर्ष की तरह, पन्ना के कलेक्ट्रेट भवन में 4 दिसंबर से 3 दिन तक हीरों की नीलामी का आयोजन किया जाएगा। इस नीलामी में देशभर से हीरा व्यापारी भाग लेंगे, जहां विभिन्न आकारों और प्रकारों के 127 हीरे बिक्री के लिए रखे जाएंगे। इन हीरों की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 17 लाख 49 हजार 726 रुपए बताई गई है। पांच प्रमुख हीरों पर सबकी रहेगी नजर नीलामी में पांच प्रमुख हीरे आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें सबसे बड़ा हीरा 32.80 कैरेट का है, जबकि अन्य बड़े हीरे क्रमशः 19.22 कैरेट, 16.10 कैरेट, 6.97 कैरेट और 6.65 कैरेट के हैं। इन हीरों पर व्यापारियों की नजरें रहेंगी। इस बार नीलामी में कुल 313 कैरेट के हीरे रखे जाएंगे। सुरक्षा का विशेष ध्यान हीरा निरीक्षक नूतन जैन ने जानकारी दी कि नीलामी में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। नीलामी प्रक्रिया के दौरान व्यापारियों के लिए विशेष लेंस की व्यवस्था की गई है ताकि वे आसानी से हीरों का परीक्षण कर सकें। नीलामी की प्रक्रिया सुबह 9:00 बजे से 2:00 बजे तक होगी, जिसके बाद आधे घंटे के भोजन के बाद बोली प्रक्रिया शुरू होगी। शासन के राजस्व में जमा होगी 11% राशि नीलामी के अंत में जो भी व्यापारी सफल बोली लगाकर हीरे खरीदेंगे, उन्हें कुल राशि का 11% शासन के राजस्व में जमा करना होगा, जबकि बाकी राशि सीधे हीरे के मालिक के खाते में जाएगी। पन्ना में यह हीरा मेला हर वर्ष विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहां की उथली खदानों से प्राप्त हीरे देशभर में प्रसिद्ध हैं। पन्ना जिले की इस नीलामी में व्यापारियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। यह गांव के गरीब लोगों को लखपति बनने का बड़ा अवसर देता है। खनिज एवं हीरा निरीक्षक नूतन जैन ने बताया कि व्यापारियों के लिए सर्वसुविधायुक्त नीलामी हॉल तैयार किया गया है. इसमें एलईडी लाइट्स, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं. नीलामी में भाग लेने के लिए व्यापारियों को मात्र 5,000 रुपये की अमानत राशि जमा करनी होगी. बता दें नीलामी में 4 करोड़ 17 लाख 49 हजार 726 रूपये अनुमानित कीमत के कुल 127 नग छोटे-बड़े हीरे रखे जाएंगे. इसके साथ ही कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित नीलामी में अन्य छोटे-बड़े हीरे भी नीलाम किए जाएंगे. खनिज अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि ऐसे व्यापारी जो बोली लगाकर रॉयल्टी जमा नहीं करते, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा. इससे न केवल हीरा मालिक बल्कि सरकार को भी नुकसान होता है. नीलामी से पहले व्यापारियों को हीरों का निरीक्षण करने का मौका दिया जाएगा. पिछले अनुभवों को देखते हुए इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए अतिरिक्त उपाय किए गए हैं. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए यह नीलामी तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें लगभग 127 हीरे रखे जाएंगे. इनका कुल वजन 300.13 कैरेट बताया जा रहा है. जिसकी कीमत 4 करोड़ 11 लाख रुपये बताई जा रही है. इसमें दूर-दूर से ई-पेपर के माध्यम से पोर्टल के माध्यम से व्यापारियों को सूचित कर दिया गया है. साथ ही, सूरत मुंबई और दिल्ली से व्यापारी इसमें शामिल होने के लिए आने वाले हैं. recent visitors 155

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा गौशालाओं को प्रति मवेशी दी जाने वाली अनुदान की राशि 25 रुपए से बढ़ा कर 35 रुपए करने की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गौशालाओं को प्रति मवेशी दी जाने वाली अनुदान की राशि 25 रुपए से बढ़ा कर 35 रुपए करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ में जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री विशेषर सिंह पटेल के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने नई जिम्मेदारी मिलने पर छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल को बधाई और शुभकामनाएं दीं और उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने  इस अवसर पर लगाए गए गौ-उत्पादों के स्टालों का अवलोकन भी किया।समारोह में उपमुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ माता हमारी समृद्धि का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि गौ माता में 33 कोटि देवी देवताओं का वास होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ अभ्यारण्य को गौ-धाम कहना उचित होगा। राज्य सरकार द्वारा जगह जगह गौ -धाम बनाने का निर्णय किया गया है। बेमेतरा जिले के झालम में 50 एकड़ में गौ-धाम बनकर तैयार है, जल्द ही इसका उदघाटन किया जाएगा। इसी तरह कवर्धा जिले में 120 एकड़ में गौ-धाम बनाने का काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ के देवभोग ब्रांड को मजबूत बनाने का काम किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास होगा कि गौ माता सुरक्षित रहें। गौ तस्करी और गौ हत्या पर पाबंदी लगाने के लिए सख्ती से कदम उठाए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि गौ -माता हमारी कृषि अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए आवश्यक है कि हम गौ -माता के लिए अपने घर में जगह बनाएं, गौ – पालन करें। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में विष्णु का सुशासन है। पीएससी घोटाले और भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त करवाई की जा रही है। राज्य सरकार गुजरात के अमूल की तर्ज पर पशुपालन को समाज और परिवार की आर्थिक तरक्की का जरिया बनाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल ने आयोग के कार्यों और भावी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर, संतराम बालक दास, संत राजीव लोचन जी महाराज, आचार्य राकेश, दीदी प्रज्ञा भारती, साध्वी गिरिजेश नंदिनी, पवन साय, रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, राज्य गौ सेवा आयोग के रजिस्ट्रार डॉ समीर शर्मा भी उपस्थित थे। recent visitors 51