Sunday, July 5, 2026 11:19 am

चौकी पुलिस देरी द्वारा एक वर्ष से गुम महिला को खोज कर परिवार से मिलाया

टीकमगढ़  पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम, एसडीओपी टीकमगढ़ / जतारा के मार्गदर्शन में महिला सुरक्षा हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहे हैं। इसी क्रम में महिला सम्मान, सुरक्षा एवं स्वतंत्रता हेतु जारी, हम होंगे कामयाब अभियान` अंतर्गत जिले के समस्त थाना/ चौकी द्वारा गुम बालक/बालिकाओं, महिलाओं की दस्तयाबी की प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिसमें टीकमगढ़ पुलिस द्वारा गुम बालिकाओं / महिलाओ का साइबर सेल एवं मुखबिर की सुचना से पता कर राज्य से एवं राज्य के बाहर से विभिन्न शहरों से दस्तयाब कर परिवार के सुपुर्द किया गया है। इसी क्रम मे देरी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक चंदन शाक्य की पुलिस टीम ने  चौकी क्षेत्र की 01 साल से गुमशुदा महिला ललिता पत्नी राजेश राय उम्र 24 साल निवासी पचेर को दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया। खोज कर परिवार के सुपुर्द किया गया है।उक्त कार्रवाई में पुलिस देरी चौकी प्रभारी चन्दन शाक्य, आर.398 रामकेश पटेल, आर. 138 ललित कुशवाहा, आर.779 धर्मेंद्र साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। recent visitors 74

डेलावेयर की एक अदालत ने एक बार फिर टेस्ला के सीईओ के 101.4 अरब डॉलर के सैलरी पैकेज को किया खारिज

नई दिल्ली दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क इन दिनों अपनी सैलरी पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। डेलावेयर की एक अदालत ने एक बार फिर टेस्ला के सीईओ के 101.4 अरब डॉलर के सैलरी पैकेज को खारिज कर दिया है। आपको बता दें कि यह पैकेज 2018 में तय हुआ था। टेस्ला के स्टॉक की जबरदस्त बढ़त के चलते इसकी वैल्यू कई गुना बढ़ गई। कोर्ट के फैसले के बाद एलन मस्क को इस पे पैकेज तक पहुंचने से रोक दिया गया है। चांसलर कैथलीन एसजे मैककॉर्मिक ने अपने 103 पन्नों के निर्णय में कहा कि टेस्ला के बोर्ड ने 2018 में यह पैकेज एलन मस्क के प्रभाव में आकर मंजूर किया गया था। उन्होंने टेस्ला की कानूनी टीम के तर्कों को खारिज करते हुए उन्हें त्रुटिपूर्ण और कानून गलत बताया। उन्होंने कहा, “बोर्ड के पास एलन मस्क को उचित वेतन देने के कई विकल्प थे, लेकिन उन्होंने मस्क की शर्तों के आगे झुकने का फैसला किया।” अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि शेयरधारकों के वोट के जरिए किसी न्यायिक निर्णय को पलटा नहीं जा सकता है।अदालत ने शेयरधारक रिचर्ड टॉरनेटा के वकीलों को 345 मिलियन डॉलर का मुआवजा दिया। उन्होंने एलन मस्क के पे पैकेज को चुनौती दी थी। हालांकि उनके वकीलों ने 10 अरब डॉलर की मांग की थी। कोर्ट के फैसले पर क्या बोले एलन मस्क? एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए इस फैसले को पूरी तरह भ्रष्टाचार से लिप्त कहा। उन्होंने दोहराया कि कंपनी के फैसलों पर जजों के बजाय शेयरधारकों का नियंत्रण होना चाहिए। एलन मस्क पहले भी यह दलील दे चुके हैं कि टेस्ला में उनकी बड़ी हिस्सेदारी कंपनी की दिशा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में इसके विस्तार के लिए जरूरी है। टेस्ला की अपील टेस्ला के बोर्ड ने इस फैसले को डेलावेयर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है। अपील की प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं, जिससे अंतिम नतीजे में देर हो सकती है। एलन मस्क की कितनी है सैलरी? 2018 का पे पैकेज मस्क टेस्ला के स्टॉक की कीमत से जुड़ा था। एलन मस्क को 12 हिस्सों में स्टॉक विकल्प मिल सकते थे, जिनमें से हर एक कंपनी के 1% स्टॉक के बराबर था। टेस्ला के मार्केट कैप में 50 अरब डॉलर की वृद्धि, राजस्व में तेजी और EBITDA ग्रोथ के कारण से उनकी सैलरी बढ़ाई गई थी। recent visitors 74

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र मोहासा- बाबई जिला नर्मदापुरम के क्षेत्रफल विस्तार करने की स्वीकृति दी गयी। निर्णय अनुसार विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण क्षेत्र के लिए आरक्षित 441.96 एकड़ क्षेत्रफल में औद्योगिक क्षेत्र मोहासा बाबई की 442.04 एकड़ भूमि को शामिल किया गया है। अब औद्योगिक पार्क का क्षेत्रफल कुल 884 एकड़ हो गया है। इसी प्रकार औद्योगिक पार्क के लिए स्वीकृत सुविधाएं एवं आवंटन प्रक्रिया को संशोधित क्षेत्रांतर्गत स्थापित होने वाली इकाइयों को भी उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इंदौर-उज्जैन में 2312 करोड़ रूपये से अधिक राशि के सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गयी। इसमे उज्जैन सिंहस्थ बायपास लंबाई 19.815 कि.मी., 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर उन्नयन एवं निर्माण कार्य लागत राशि 701 करोड़ 86 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर लंबाई 48.05 कि.मी. एवं लागत राशि 1370 करोड़ 85 लाख रूपये और उज्जैन जिला अंतर्गत इंगोरिया-देपालपुर 2-लेन मय पेव्हड शोल्डर सड़क लंबाई 32.60 कि.मी. लागत राशि 239 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। ये सभी सड़कें म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से विकसित की जायेगी। आबकारी नीति के निर्धारण के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति के निर्धारण, समय-समय पर आनुषांगिक निर्णय लेने और राजस्व हित मे आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के लिए मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया। मंत्रि-परिषद् समिति मे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत और सुनिर्मला भूरिया शामिल है।   recent visitors 55

रियलमी जल्द ही Realme 14 Pro सीरीज के स्मार्टफोन करेगी लॉन्च

नई दिल्ली रियलमी अपनी लेटेस्ट नंबर सीरीज Realme 14 के प्रो लाइनअप स्मार्टफोन को जल्द लॉन्च करेगा। Realme 14 Pro series को लेकर बताया जा रहा है कि कंपनी इन्हें जनवरी महीने में लॉन्च करेगी। रिपोर्ट्स की माने तो रियलमी इस सीरीज के तीन स्मार्टफोन – Realme 14 Pro, Realme 14 Pro Plus और Realme 14 Pro Lite लॉन्च करेगी। कुछ दिनों पहले ही अपकमिंग Realme 14 Pro स्मार्टफोन के रैम, स्टोरेज और कलर ऑप्शन को लेकर जानकारी सामने आ चुकी हैं। रियलमी का यह अपकमिंग स्मार्टफोन अब 3C सर्टिफिकेशन साइट और Camera FV 5 डेटाबेस में लिस्ट किया गया है। इससे यह बात को पक्की हो गई है कि कंपनी जल्द ही इसे लॉन्च कर सकते है। यहां हम आपको रियलमी के इन स्मार्टफोन को लेकर सामने आई नई डिटेल्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं। Realme 14 Pro में क्या होगा खास Realme 14 Pro स्मार्टफोन को 3C सर्टिफिकेशन साइट में मॉडल नंबर RMX5055 के साथ स्पॉट किया गया है। MySmartPrice के मुताबिक यह इस स्मार्टफोन का चाइना वेरिएंट है। अगर इंडियन वेरिएंट की बात करें तो इसका मॉडल नंबर RMX5056 होगा। इस लिस्टिंग से फोन की स्पेसिफिकेशन्स को लेकर कुछ भी जानकारी नहीं मिलती है। हालांकि, यह साफ हो गया कि कंपनी जल्द ही Realme 14 Pro स्मार्टफोन को जल्द लॉन्च कर सकते है। Camera FV 5 डेटाबेस की लिस्टिंग से पता चलता है कि रियलमी के इस स्मार्टफोन के प्राइमरी कैमरे का अपर्चर f/1.8 है, जो इलेक्ट्रॉनिक इमेज स्टेबलाइजेशन (EIS) सपोर्ट करेगा। इस कैमरा सेंसर की फोकल लेंथ 26.6mm और रेजोल्यूशन 12.6MP है। इन डिटेल्स से पता चलता है कि Realme 14 Pro स्मार्टफोन का प्राइमरी कैमरा 50MP का है। सेल्फी कैमरा की बात करें तो इसका अपर्चर f/2.4 है, जो EIS सपोर्ट करता है। इसका फोकल लंथ 27.2mm और रेजोल्यूशन 4MP है। यानी फोन में कंपनी 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा ऑफर करेगी। Realme 14 Pro की संभावित खूबियां Realme 14 Pro स्मार्टफोन को तीन वेरिएंट: 8GB + 128GB, 8GB + 256GB, और 12GB + 512GB के साथ पेश किया जाएगा। यह स्मार्टफोन पर्ल व्हाइट और श्यूड ग्रे कलर ऑप्शन में रिलीज किया जाएगा। Realme 14 Pro के साथ-साथ कंपनी Realme 14 Pro+ और Realme 14 Pro Lite को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। recent visitors 60

डिफेंस शेयरों ने भरी उड़ान, ₹21772 करोड़ के अधिग्रहण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) ने 21,772 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। मंजूर की गई धनराशि से आधुनिक वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट व हेलीकॉप्टर समेत सशस्त्र बलों के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके साथ ही टी-72 और टी-90 टैंकों, बीएमपी और सुखोई लड़ाकू विमानों के इंजनों के ओवरहाल के लिए भी मंजूरी दी गई है। इससे इनकी सेवा अवधि में वृद्धि होगी। राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मीटिंग मंगलवार को दी गई इस स्वीकृति के अंतर्गत कुल पांच रक्षा सौदों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल नेवी के लिए 31 नई वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट की खरीद को मंजूरी मिली है। 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफआईसी-1) की खरीद के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन प्रस्तावों की मंजूरी से डिफेंस कंपनियों के ऑर्डर बुक को मजबूती मिलने की संभावना है। इस वजह से इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का जोर देखा गया। DAC ने जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी है, उनमें वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट्स (WJFACs), इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट्स, रडार वॉर्निंग सिस्टम्स और एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर्स जैसे इक्विपमेंट्स शामिल हैं। इसमें भारतीय नौसेना के लिए 31 नए WJFACs का अधिग्रहण किया जाएगा, जो कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों, गश्त, निगरानी और खोज एवं बचाव (SAR) मिशनों के लिए उपयोगी होंगे। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स ने पहले भी WJFACs की सप्लाई नौसेना को की थी, जिससे कंपनी को एक बार फिर ऑर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इसके अलावा, 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (FIC-1) के अधिग्रहण के लिए मंजूरी भी दी गई है। इन FIC को एयरक्राफ्ट कैरियर्स, डेस्ट्रॉयर्स और सबमरीन जैसे हाई-वैल्यू यूनिट्स की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। DAC ने T-72 और T-90 टैंकों औरसुखोई लड़ाकू विमानों के इंजनों के ओवरहॉल को भी मंजूरी दी है। यह ओवरहॉलिंग उनकी सर्विस लाइफ और कारोबारी क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। SU-30 MKI लड़ाकू विमानों की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (EWS) का अधिग्रहण भी शुरू किया जाएगा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारतीय वायुसेना के लिए पहले भी EWS विकसित किया है, जिससे इस कंपनी को भी लाभ होने की संभावना है। एक्सपर्ट्स की राय ICICI सिक्योरिटीज के अमित दीक्षित का कहना है कि यह मंजूरी घरेलू ऑर्डरिंग में आई सुस्ती के बाद एक पॉजिटिव बदलाव का संकेत है। उनके अनुसार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को इन प्रस्तावों से सबसे अधिक लाभ होगा, खासतौर पर SU-30 MKI के लिए EWS से। इसके अलावा, एस्ट्रा माइक्रोवेव को भी इस कदम से लाभ होने की संभावना है। शिपबिल्डिंग से जुड़े प्रस्ताव छोटे जहाजों के लिए हैं, जिन पर प्राइवेट कंपनियों और डिफेंस पीएसयू (DPSUs) की ओर से बोली लगाई जाएगी। ICICI सिक्योरिटीज ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एस्ट्रा माइक्रोवेव दोनों पर ‘खरीदारी’ की सलाह दी है और इनके लिए क्रमश: 350 रुपये और 935 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। 31 नए वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (ईडब्ल्यूएस) की खरीद के लिए एओएन प्रदान की गई है। 6 उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एम (एमआर) की खरीद के लिए भी मंजूरी प्रदान की गई है। डीएसी ने भारतीय नौसेना के लिए 31 नए वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट (एनडब्ल्यूजेएफएसी) की खरीद की आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) प्रदान की है। इन वॉटर जेट फास्ट अटैक क्राफ्ट को तट के करीब कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन, निगरानी, गश्ती और खोज व बचाव (एसएआर) कार्यों करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इसके अलावा ये जहाज विशेष रूप से हमारे द्वीप क्षेत्रों में और उसके आसपास समुद्री डकैती रोधी अभियानों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। डीएसी ने जिन 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफआईसी-1) की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया वे जहाज तटीय रक्षा के लिए विमान वाहक, विध्वंसक और फ्रिगेट्स युद्धपोतों व पनडुब्बियों को एस्कॉर्ट करेंगे। इसके साथ ही ये कई अन्य भूमिकाएं निभाने में सक्षम हैं। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (ईडब्ल्यूएस) में बाहरी एयरबोर्न सेल्फ प्रोटेक्शन जैमर पॉड्स, अगली पीढ़ी के रडार चेतावनी रिसीवर और सुखोई -30 एमकेआई विमान के लिए संबंधित उपकरण शामिल हैं। यह प्रणाली सुखोई एसयू-30 एमकेआई की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगी। 6 एडवांस हल्के हेलीकॉप्टर वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा संरक्षित, दुश्मन के लक्ष्यों के खिलाफ एक मिशन को अंजाम देते समय यह विमान को दुश्मन के रडार और संबंधित हथियार प्रणाली से बचाएगी। डीएसी ने तटीय क्षेत्रों में तटीय सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए भारतीय तटरक्षक के लिए 6 उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एम (एमआर) की खरीद के लिए एओएन प्रदान किया है। recent visitors 70

ट्रेनी IFS अधिकारियों को मिली पोस्टिंग, बनाए गए उप-वनमण्डलाधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने 2022 बैच के ट्रेनी भारतीय वन सेवा अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए विभिन्न वनमण्डलों में उप-वनमण्डलाधिकारी के पद पर नियुक्त किया है. इनमें दुगली वन परिक्षेत्र के दिपेश कपिल, माकड़ी वन परिक्षेत्र के नवीन कुमार, माचकोट वन परिक्षेत्र के वेंकटेशा एम.जी. और रेंगाखार वन परिक्षेत्र के अभिषेक शामिल हैं. वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के द्वारा जारी आदेश के मुताबिक प्रशिक्षु IFS दिपेश कपिल को अंबिकापुर उप वन मंडलाधिकारी बनाया गया है. एस नवीन कुमार को रायगढ़ उप वनमंडाधिकारी बनाया गया है. वेंकटेश एम जी को महासमुंद उप वनमंडलाधिकारी बनाया गया है. अभिषेक अग्रवाल को राजनांदगांव उप वनमंडलाधिकारी बनाया गया है. recent visitors 70

बुंदेलखंड में अफसरों का बड़ा कमाल, टेबल पर बना दिए हजारों पीएम आवास, सीएम ने की जांच शुरू

भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार एक से एक बड़े घोटाले निकलकर सामने आ रहे हैं। इन घोटालों का दाग लगने के कारण सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे हैं। प्रदेश के कई अलग-अलग जिलों में करोड़ों रुपए के घोटाले अभी तक उजागर हो चुके हैं। सागर संभाग में अभी तक का सबसे बड़ा घोटाला छतरपुर और टीकमगढ़ में हुआ है। छतरपुर जिले की नगर पालिका परिषद छतरपुर, नगर पंचायत नगर परिषद बक्सवाहा, नगर परिषद बारीगढ़ साथ ही टीकमगढ़ जिले की नगर पालिका परिषद टीकमगढ़, नगर परिषद पलेरा, लिधौराखास व बड़ागांव धसान में निकलकर सामने आया है। कई उच्च स्तरीय जांचों में पाया गया है कि नगर पालिका परिषद टीकमगढ़, नगर परिषद पलेरा, लिधौराखास व बड़ागांव धसान में कई सैकड़ा आवास के नाम पर करोड़ों रुपए का फर्जी भुगतान किया गया है। छतरपुर जिले की नगर पालिका परिषद छतरपुर, नगर पंचायत नगर परिषद बक्सवाहा, नगर परिषद बारीगढ़ साथ ही नगर पालिका परिषद टीकमगढ़, नगर परिषद पलेरा, लिधौराखास व बड़ागांव धसान में आवास घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बेहद नाराज हैं, उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के नाम पर अधिकारियों ने राशि निकाल ली, जब इसकी जांच हुई तो अधिकारियों को मौके पर ना तो कोई भवन बना मिला और ना ही किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य मिल रहा है। आखिर इतनी बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास कहां चोरी हो गए। करोड़ों रुपए के फर्जी भुगतान की शिकायत की गई थी। मध्य प्रदेश शासन ने शिकायतों पर संज्ञान लेकर उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की और जांच कमेटी ने पाया कि छतरपुर जिले की नगर पालिका परिषद छतरपुर, नगर पंचायत नगर परिषद बक्सवाहा, नगर परिषद बारीगढ़ साथ ही नगर पालिका परिषद टीकमगढ़, नगर परिषद पलेरा, लिधौराखास व बड़ागांव धसान के अंतर्गत कई सैकड़ा प्रधानमंत्री आवास बनाए गए। यह ना तो जमीन पर मिल रहे हैं व उनके नाम पर भुगतान कर लिया गया। कई पीएम आवासों का भुगतान अधिकारियों के द्वारा निकाल लिया गया, जिस कारण सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट नगरीय प्रशासन व विकास विभाग मध्य प्रदेश शासन भोपाल को भेजी प्रमुख सचिव व आयुक्त के द्वारा आदेश जारी किए गए कि सीएमओ और संबंधित उपयंत्री जिन्होंने डीपीआर तैयार की, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करें एवं उनसे शासन की राशि की वसूली की जाएगी। recent visitors 148