Sunday, July 5, 2026 3:16 am

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी जारी, कल होगा शपथ ग्रहण

मुंबई महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के नाम पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। महायुति के प्रचंड बहुमत हासिल करने बाद भी सीएम के नाम को लेकर बीते कई दिनों से मंथन जारी है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी पर जारी है। समारोह 5 दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में होगा। मुंबई के आजाद मैदान में मंच बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुंबई में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन (बीएमसी) की ओर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इस समारोह को भव्य बनाने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। यह कार्यक्रम इतना भव्य होगा कि इसमें 40 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने आशंका है। साथ ही भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के भी कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। महायुति के घटक दलों के नेता तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को आजाद मैदान जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में अगले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस होंगे। हालांकि, अभी यह पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है। औपचारिक घोषणा बुधवार को विधायक दल की बैठक के बाद होगी। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 132 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। महायुति की बात करें तो भाजपा ने 132, शिवसेना ने 57, एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं महाविकास अघाड़ी में शिवसेना (यूबीटी) ने 20, कांग्रेस ने 16, एनसीपी (शरद पवार) ने 10 सीट पर जीत दर्ज की थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय रुपाणी मंगलवार को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पहुंच जाएंगे। वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को मुंबई पहुंचेगी। बुधवार को ही कि विधानसभा की विधि मंडल में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें भाजपा विधायक दल का नेता चुना जाएगा। विधायक दल का नेता चुनने के बाद महायुति के नेता राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।   recent visitors 60

राहुल को संभल आने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग: डीएम ने कहा- सीमा में घुसने से रोकें

Barricading to stop Rahul from coming to Sambhal: DM said- stop him from entering the border दिल्ली/संभल । बुलंदशहर के कांग्रेस कार्यकर्ता गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच गए हैं। वे राहुल–प्रियंका के समर्थन में नारे लगा रहे हैं। यूपी के संभल में हुई हिंसा का आज 11वां दिन है। बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी-प्रियंका का संभल दौरा प्रस्तावित है। कमिश्नर आंजनेय सिंह ने राहुल को संभल आने से मना किया है। उन्होंने कहा है कि जिले में अभी तनाव है। संभल डीएम राजेंद्र पैंसिया ने दिल्ली से सटे यूपी के 4 जिलों- गाजियाबाद, नोएडा, अमरोहा, बुलंदशहर की पुलिस को लेटर लिखा है। कहा है कि राहुल के मूवमेंट पर नजर रखी जाए। उन्हें अपने जिले की सीमा में रोकने की व्यवस्था की जाए। इधर, मंगलवार रात से पुलिस एक्टिव हो गई। हापुड़ में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के घर फोर्स लगा दी गई। आसपास के जिलों में कई कांग्रेसी नेताओं के घर पुलिस पहुंच गई है। संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हिंसा भड़की थी। पुलिस ने हिंसा में 4 युवकों के मारे जाने की पुष्टि की। डीएम ने 10 दिसंबर तक धारा-163 लागू कर रखी है। इसके तहत, 5 से ज्यादा लोग एक जगह इकट्‌ठा नहीं हो सकते हैं। शनिवार को सपा और रविवार को कांग्रेस के डेलिगेशन ने भी संभल जाने का ऐलान किया था। हालांकि, पुलिस ने जगह-जगह घेराबंदी करके किसी को संभल नहीं जाने दिया। recent visitors 105

हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी एक महत्वपूर्ण पर्व, भगवान कार्तिकेय की होती है पूजा

हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी पर्व के मौके पर भगवान शिव और देवी पार्वती के बड़े पुत्र कार्तिकेय की पूजा की जाती है. यह पर्व मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को हरसाल बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. भगवान कार्तिकेय को युद्ध का देवता माना जाता है. इस दिन उनकी पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. कार्तिकेय बुद्धि के देवता भी हैं. इसलिए इस दिन छात्र और विद्वान उनकी पूजा करते हैं. नि:संतान दंपत्ति की संतान प्राप्ति के लिए यह पूजा लाभकारी मानी जाती है. माना जाता है कि इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य मिलता है. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास की स्कंद षष्ठी की तिथि 06 दिसंबर दिन शुक्रवार को दोपहर 12 बजकर 07 मिनट पर शुरू होगी और 07 दिसंबर, दिन शनिवार को सुबह 11 बजकर 05 मिनट पर समाप्त होगी.     ब्रह्म मुहूर्त – 04 बजकर 43 मिनट से 05 बजकर 37 मिनट     प्रातः सन्ध्या – 05 बजकर 10 मिनट से 06 बजकर 30 मिनट     अभिजित मुहूर्त – 11 बजकर 28 मिनट से 12 बजकर 10 मिनट     विजय मुहूर्त – 01 बजकर 35 मिनट से 02 बजकर 18 मिनट     गोधूलि मुहूर्त – 05 बजकर 05 मिनट से 05 बजकर 32 मिनट     सायाह्न सन्ध्या – 05 बजकर 08 मिनट से 06 बजकर 28 मिनट     अमृत काल – 06 बजकर 58 मिनट से 08 बजकर 33 मिनट     निशिता मुहूर्त – 11 बजकर 23 मिनट से अगले दिन 12 बजकर 16 मिनट शुभ योग योग     सर्वार्थ सिद्धि योग – 06 बजकर 30 मिनट से 05 बजकर 18 मिनट     रवि योग – 05 बजकर 18 मिनट से अगली सुबह 06 बजकर 31 मिनट ऐसे करें भगवान कार्तिकेय की पूजा     स्कंद षष्ठी के दिन पूजा करने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें.     पूजा के लिए एक साफ और शांत स्थान का चुनाव करें.     भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या चित्र को एक साफ आसन पर स्थापित करें.     पूजा के लिए रोली, चंदन, फूल (विशेषकर कमल का फूल), फल, मिठाई, धूप, दीपक, नैवेद्य, जल, अक्षत, माला, गंगाजल आदि अर्पित करें.     पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं और धूप जलाएं.     भगवान को भोग लगाएं और आरती करके पूजा संपन्न करें. इन मंत्रों का करें जाप     ॐ स्कंदाय नमः     ॐ षडाननाय नमः     ॐ शरवणभवाय नमः     ॐ कुमाराय नमः स्कंद षष्ठी क्यों मनाते हैं? पौराणिक कथा के अनुसार, राक्षस तारकासुर ने देवताओं को बहुत सताया था. देवताओं ने भगवान शिव और पार्वती से प्रार्थना की. उनकी प्रार्थना के अनुसार कार्तिकेय का जन्म हुआ और उन्होंने तारकासुर का वध करके देवताओं को मुक्त कराया था. कहानी यह है कि देवताओं ने इस जीत की खुशी में स्कंद षष्ठी का उत्सव मनाया था. तभी से स्कंद षष्ठी पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है. स्कंद षष्ठी पूजा का महत्व स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान कार्तिकेय सभी संकटों से लोगों की रक्षा करते हैं. वे सभी प्रकार के विघ्नों को भी दूर करते हैं. भगवान कार्तिकेय बुद्धि के देवता भी माने जाते हैं. उनकी पूजा करने से बुद्धि का विकास होता है और उनकी कृपा से हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है. कई लोग स्कंद षष्ठी के दिन व्रत रखते हैं. व्रत रखने से मन को शांत किया जा सकता है और भगवान के प्रति भक्ति बढ़ती है.   recent visitors 73

अपनी समुद्री ताकत को बढ़ाने भारतीय नौसेना दो महीने में फ्रांस से 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील फाइनल कर देगा

नई दिल्ली अपनी समुद्री ताकत को बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना दो महीने के अंदर फ्रांस के साथ 26 राफेल-एम फाइटर जेट की डील फाइनल कर देगा. इसकी पुष्टि नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने खुद की है. 60 हजार करोड़ रुपए की इस डील से पूरे इंडो-पैसिफिक रीजन में शांति बहाल होगी. नेवी की ताकत बढ़ेगी. राफेल मरीन फाइटर जेट (Rafale Marine Fighter Jet/ Rafale M) को भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर INS Vikrant और INS Vikramaditya पर तैनात किया जाएगा. ये जेट्स शॉर्ट टेकऑफ करने में सक्षम हैं. लेकिन लैंडिंग के लिए अरेस्टेड रिकवरी स्टोबार तकनीक का इस्तेमाल करेंगे. भारत इस डील में फ्रांस से 22 सिंगल सीटर फाइटर जेट और चार डबल सीटर फाइटर जेट खरीदेगा. डबल सीटर फाइटर जेट ट्रेनिंग के लिए काम आएंगे. Rafale-M एक मल्टीरोल फाइटर जेट है. दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. स्पीड 2205 km/hr, रेंज 3700 किलोमीटर राफेल-एम 50.1 फीट लंबा है. इसे 1 या 2 पायलट उड़ाते हैं. राफेल का वजन सिर्फ 15 हजार kg है. यानी हल्का है. राफेल-एम की फ्यूल कैपेसिटी करीब 11,202 kg है. यानी ज्यादा देर तक फ्लाई कर सकता है. गति 2205 km/hrहै. राफेल-एम की रेंज 3700 km है. 52 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है.   14 हार्डप्वाइंट्स, हथियारों का जखीरा लग जाए राफेल-एम में 30 mm की ऑटोकैनन गन लगी है. इसके अलावा 14 हार्डप्वाइंट्स हैं. इसमें तीन तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, हवा से सतह पर मार करने वाली सात तरह की मिसाइलें, एक परमाणु मिसाइल या फिर इनका मिश्रण लगा सकते हैं. यह फाइटर जेट एंटी-शिप वॉरफेयर के लिए बेस्ट है. इसमें प्रेसिशन गाइडेड बम और मिसाइलें लगा सकते हैं. जैसे- मेटियोर, स्कैल्प, या एक्सोसैट. इस फाइटर जेट के आने से हवा, पानी और जमीन तीनों जगहों से सुरक्षा मिलेगी. नौसेना एक देश के चारों तरफ अदृश्य कवच बना सकेगी. राडार ऐसा कि दुश्मन बच न पाए, खुद रहे सुरक्षित इसका AESA राडार टारगेट डिटेक्शन और ट्रैकिंग के लिए बेहतरीन है. इसमें स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम है जो इसे स्टेल्थ बनाता है. इसमें बीच हवा में ही रीफ्यूलिंग हो सकती है. यानी इसकी रेंज बढ़ जाएगी. राफेल-एम फाइटर आने से भारतीय समुद्री क्षेत्र में निगरानी, जासूसी, अटैक जैसे कई मिशन किए जा सकेंगे. डील में मेंटेनेंस, ट्रेनिंग और कई चीजें शामिल इसके आने से चीन और पाकिस्तान समेत इंडो-पैसिफिक में जो स्थितियां हैं, उनसे निपटना आसान हो जाएगा. साथ ही इस डील में ऑफसेट प्रोविजन है. इससे भारत के मेक इन इंडिया मुहिम को भी बढ़ावा मिलेगा. ये डील 60 हजार करोड़ रुपए की है. लेकिन इसमें सिर्फ खरीद की कीमत नहीं है. डील में पैकेज है. इसमें मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है. नौसैनिकों की ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ट्रेनिंग भी शामिल है. यह डील पूरी होते ही भारतीय नौसेना के पास एयरक्राफ्ट कैरियर पर नए और आधुनिक फाइटर जेट्स हो जाएंगे.   recent visitors 69

हाईकोर्ट ने ओंकारेश्वर बांध के डूब प्रभावित किसानों के बालिग बेटों को मुआवजा देने के मामले में सरकार को निर्देशित किया

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ओंकारेश्वर बांध के डूब प्रभावित किसानों के बालिग बेटों को मुआवजा देने के मामले में सरकार को निर्देशित किया है। जस्टिस विशाल मिश्रा और जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने इस पर विचार करने के लिए सरकार को दो माह का समय दिया है। नर्मदा बचाओ आंदोलन की ओर से दायर याचिका पर 7 जून 2013 को हाईकोर्ट ने सरकार को डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज प्रदान करने का आदेश दिया था। हालांकि, याचिकाकर्ताओं ने आवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार ने विस्थापितों को पैकेज पर 15% का लाभ तो दिया, लेकिन इसे सभी पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंचाया गया। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि प्रभावित किसानों के बालिग बेटों को विशेष पैकेज का लाभ नहीं दिया गया, जबकि वे इसके पात्र थे। यह कार्रवाई न केवल अवैधानिक है, बल्कि न्यायालय के आदेश का उल्लंघन भी है। न्यायालय का आदेश युगलपीठ ने सुनवाई के बाद पाया कि प्रभावित किसानों के बालिग बेटों को मुआवजा देने में सरकार ने लापरवाही बरती है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह इन बालिग बेटों को भी विशेष पैकेज का लाभ प्रदान करने पर विचार करे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मनोज शर्मा ने पैरवी की। कोर्ट ने इस मामले में न्यायालयीन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए सरकार को दो माह की मोहलत दी है। recent visitors 60

पीवी सिंधु के हाथों में लगेगी मेहँदी, जानें कौन होगा उनका हमसफर, डेट और वेन्यू

मुंबई दो बार की ओलंपिक पदक विजेता शटलर पीवी सिंधु नई पारी शुरू करने को तैयार हैं। वह हैदराबाद स्थित सिडेक्स टेक्नोलॉजीज में कार्यरत लड़के से शादी के लिए तैयार हैं। सिंधु इसी महीने शादी करने वाली हैं। उनके पिता पीवी रमना ने शादी की तारीख, वेन्यू और रिसेप्शन समेत अन्य जानकारी दी है। 22 दिसंबर को उदयपुर में शादी के बंधन में बंधेंगी। शादी से संबंधित कार्यक्रम 20 दिसंबर से शुरू होंगे। पूर्व विश्व चैंपियन ने रविवार (1 दिसंबर) को लखनऊ में सैयद मोदी इंटरनेशनल में जीत के साथ लंबे समय तक खिताब का सूखा खत्म किया। वह हैदराबाद के रहने वाले वेंकट दत्ता साई से शादी करेंगी, जो पॉसिडेक्स टेक्नोलॉजीज में कार्यकारी निदेशक हैं। रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में सिंधु के पिता पीवी रमना ने  बताया, ” दोनों परिवार एक दूसरे को पहले जानते हैं, लेकिन एक महीने पहले ही सब कुछ तय हुआ था। यह एकमात्र संभावित समय था क्योंकि जनवरी से उनका शेड्यूल बहुत व्यस्त हो जाएगा। इसलिए दोनों परिवारों ने 22 दिसंबर को शादी समारोह आयोजित करने का फैसला किया है। रिसेप्शन 24 दिसंबर को हैदराबाद में होगा। वह इसके तुरंत बाद अपनी ट्रेनिंग शुरू कर देंगी, क्योंकि अगला सत्र महत्वपूर्ण होने वाला है।” भारत की सबसे महान एथलीटों में से एक पीवी सिंधु को भारत की सबसे महान एथलीटों में से एक माना जाता है, उन्होंने 2019 में स्वर्ण सहित पांच विश्व चैंपियनशिप पदक जीते हैं। इसके अलावा उन्होंने ओलंपिक खेलों में रजत और कांस्य पदक भी जीता है। चैंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी ने रियो 2016 और टोक्यो 2020 में लगातार ओलंपिक पदक जीते और 2017 में करियर की सर्वश्रेष्ठ विश्व रैंकिंग नंबर 2 हासिल की। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर है वेंकट दत्ता साईं उनके मंगेतर वेंकट दत्ता साईं ने फाउंडेशन ऑफ लिबरल एंड मैनेजमेंट एजुकेशन से लिबरल आर्ट्स एंड साइंसेज/लिबरल स्टडीज में डिप्लोमा किया है. इसके साथ ही उन्होंने 2018 में फ्लेम यूनिवर्सिटी बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से बीबीए अकाउंटिंग एंड फाइनेंस पूरा किया और उसके बाद इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, बेंगलुरु से डेटा साइंस एंड मशीन लर्निंग में मास्टर डिग्री हासिल की. ​​और अब वे हैदराबाद (Hyderabad) की  कंपनी पॉसाइडेक्स टेक्नोलॉजीज में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. यह कंपनी भारत में कस्‍टमर मास्टर डेटा मैनेजमेंट सॉल्‍यूशन मुहैया कराती है. पहले से जानते थे एक-दूसरे को   मिली जानकारी के अनुसार दोनों परिवार एक दूसरे को पहले से जानते थे, लेकिन इस शादी का फैसला एक महीने पहले ही लिया गया है. जिसके बाद  तारीख 22 दिसंबर तय की गई है. क्योंकि जनवरी में पीवी सिंधु का शेड्यूल काफी व्यस्त रहेगा. शादी समारोह उदयपुर में एक भव्य स्थल पर आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं. जिसकी तैयारियां 20 दिसंबर से शुरू हो जाएंगी. 24 दिसंबर को हैदराबाद में होगा रिसेप्शन 22 दिसंबर को उदयपुर में शादी के बाद 24 दिसंबर को हैदराबाद में रिसेप्शन होगा. उदयपुर अपनी विरासत, शाही संस्कृति, झीलों और अरावली की पहाड़ियों और खूबसूरती के लिए जाना जाता है. कहा जा रहा है कि इस डेस्टिनेशन वेडिंग में बैडमिंटन और दूसरे खेल जगत की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है. recent visitors 174

भोपाल मंडल वातानुकूलित ट्रेनों में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे

भोपाल भारतीय रेलवे (Indian Railways) अपने यात्रियों को स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता के बेडरोल (Railway Bedroll) देने के मामले में इन दिनों चर्चा में है. वहीं भोपाल रेल मंडल (Bhopal Railway Division) की ओर से बताया गया है कि पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में संचालित होने वाली सभी वातानुकूलित ट्रेनों (AC Train) में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे हैं. सभी चादरों और पिलो कवर को प्रत्येक उपयोग के बाद मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में धुलाई और इस्त्री (प्रेस) की जाती है ताकि यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल देकर उनकी आरामदायक, हाइजीनिक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके. अधिकारियों का क्या कहना है? भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) देवाशीष त्रिपाठी ने कहा, "हम अपने यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं. स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले लिनन की आपूर्ति हमारी प्राथमिकताओं में से एक है." भोपाल मंडल पर्यावरण के प्रति जागरूक है. जल संरक्षण के लिए आधुनिक वॉटर रीसाइकलिंग सिस्टम (ETP) का उपयोग किया जाता है और बायोडिग्रेडेबल डिटर्जेंट्स का प्रयोग किया जाता है जो पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं हैं. लिनन धुलाई की प्रक्रिया ऐसी है :     छंटाई और निरीक्षण: उपयोग किए गए लिनन को लॉन्ड्री में पहुंचने पर छांटा जाता है और किसी भी क्षतिग्रस्त या फटे हुए लिनन को अलग किया जाता है.     प्री-ट्रीटमेंट: दाग-धब्बों को हटाने के लिए लिनन पर प्री-ट्रीटमेंट किया जाता है. यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि धुलाई के बाद लिनन पूरी तरह से साफ हो.     स्वचालित धुलाई: लिनन को बड़े औद्योगिक वॉशिंग मशीनों में डाला जाता है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले डिटर्जेंट और सैनेटाइज़र का उपयोग किया जाता है. पानी के तापमान और धुलाई के समय का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि बैक्टीरिया और विषाणुओं का नाश हो सके.     सुखाने की प्रक्रिया: धुले हुए लिनन को टंबल ड्रायर में सुखाया जाता है, जिससे अतिरिक्त सैनेटाइजेशन होता है.     प्रेसिंग और फोल्डिंग: सुखाने के बाद, लिनन को प्रेस किया जाता है और सही तरीके से पैकेजिंग साइज के अनुसार मोड़ा एवं पैक किया जाता है.     गुणवत्ता नियंत्रण: हर लिनन की स्वच्छता, सफेदी की जांच की जाती है एवं व्हाइट नेस मीटर द्वारा धुले हुए लिनेन की गुणवत्ता को जांच जाता ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके. स्वच्छ और पैक किए गए लिनेन को फिर से ट्रेनों में भेजा जाता है. यहां इन्हें यात्रियों के उपयोग के लिए सेट किया जाता है, जिससे उन्हें स्वच्छ और आरामदायक अनुभव मिलता है. इन ट्रेनों में की जाती है भोपाल मंडल से आपूर्ति वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि वर्तमान में भोपाल मंडल में यात्रियों को लगभग 20 ट्रेनों में लिनन की आपूर्ति की जाती है. इन ट्रेनों में प्रमुख रूप से शान ए भोपाल एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, रीवांचल एक्सप्रेस, उर्जाधानी एक्सप्रेस, भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस, रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस, सहरसा एक्सप्रेस, भोपाल-रीवा एक्सप्रेस आदि शामिल हैं. वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर आर पी खरे ने बताया, "हम स्वच्छता और हाइजीन पर विशेष ध्यान देते हैं और यात्रियों की संतुष्टि के लिए हर संभव कदम उठाते हैं." यात्री लिनन से संबंधित किसी भी शिकायत या सुझाव के लिए रेल मदद पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं. इन शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाता है. इन सभी प्रयासों के माध्यम से भारतीय रेल यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रियों को यात्रा के दौरान साफ, स्वच्छ और आरामदायक लिनन मिले, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव और भी सुखद हो सके. recent visitors 68