Wednesday, July 8, 2026 7:27 am

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ जल्द ही सक्रिय होगा, पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी हो सकती है

नई दिल्ली देश में मौसम का रुख तेजी से बदल रहा है। दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में ठंडी हवाओं ने सुबह की ठिठुरन में इजाफा किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ जल्द ही सक्रिय होगा, जिससे हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी हो सकती है। साथ ही उत्तर भारत में घने कोहरे और बारिश के कारण गलन बढ़ने की संभावना है। वहीं, दक्षिण भारत पर चक्रवात ‘फेंगल’ का प्रभाव अभी भी बना हुआ है, जिससे कई राज्यों में बारिश हो रही है। दिल्ली-NCR: ठंड और साफ मौसम का असर दिल्ली में मौसम साफ और ठंडा है। ठंडी हवाओं के साथ ठिठुरन का अहसास हो रहा है। आज अधिकतम तापमान 25.05°C और न्यूनतम 11.05°C रहने की संभावना है। हालांकि कोहरा नहीं छाया है, लेकिन अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट और घने कोहरे का पूर्वानुमान है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता (AQI) में भी सुधार हुआ है। उत्तर भारत: बर्फबारी और बारिश की संभावना 8 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की उम्मीद है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो सकती है। मैदानी इलाकों में बारिश के साथ ठंड में इजाफा होगा। पंजाब और हरियाणा में बारिश और घने कोहरे का असर देखा जा सकता है। कश्मीर घाटी में पहले से ही तापमान माइनस में पहुंच चुका है। श्रीनगर में तापमान -2°C, पहलगाम में -4.8°C और गुलमर्ग में -3.5°C रिकॉर्ड किया गया है। दक्षिण और मध्य भारत: चक्रवात ‘फेंगल’ का प्रभाव बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘फेंगल’ का असर दक्षिण और मध्य भारत पर बना हुआ है। पिछले 4-5 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अगले 2-3 दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान 8-9 दिसंबर: पश्चिमी हिमालय में बर्फबारी और उत्तर पश्चिम भारत में बारिश। तटीय क्षेत्र: तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और लक्षद्वीप में हल्की बारिश। उत्तर भारत: पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ठंडी हवाओं और कोहरे का असर बढ़ेगा। IMD का संदेश देशभर में मौसम के बदलते रुख को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ठंड और कोहरे के कारण यातायात पर असर पड़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के दौरान सुरक्षित यात्रा के निर्देश दिए गए हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में ठंड बढ़ रही है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण मौसम में और बदलाव आने की संभावना है। recent visitors 56

ट्रूडो ने संसद में भारत के खिलाफ वोला, भारत ने कनाडा की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के चुनाव में हस्तक्षेप किया था

कनाडा कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पिछले साल संसद में खड़े होकर खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत के खिलाफ जहर उगला था। तब से भारत और कनाडा के रिश्तों में तल्खी बढ़ती ही जा रही है। अब एक बार फिर उन्होंने संसद में खड़े होकर भारत के खिलाफ टिप्पणी की है। ट्रूडो ने एक कनाडाई आउटलेट में छपी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारत ने 2022 में कनाडा की विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के चुनाव में हस्तक्षेप किया था। ट्रूडो ने इसे चिंताजनक कहा है। ट्रूडो ने बुधवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, "कंजरवेटिव लीडर की रेस में भारतीय हस्तक्षेप के आरोप चिंताजनक हैं लेकिन ये नए नहीं हैं।" सोमवार को सरकारी फंडिंग से चलने वाली आउटलेट CBC न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में भारत पर ये आरोप लगाए हैं। इसमें अज्ञात स्रोतों का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि भारतीय एजेंटों ने पैट्रिक ब्राउन को उम्मीदवारों की रेस से हटाने की कोशिश की। फिलहाल पैट्रिक ब्रैम्पटन के ग्रेटर टोरंटो एरिया टाउनशिप के मेयर हैं। सरकार समर्थक आउटलेट ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भारतीय वाणिज्य दूतावास के प्रतिनिधियों ने ब्राउन के अभियान की सह-अध्यक्ष मिशेल रेम्पेल गार्नर पर पद छोड़ने का दबाव बनाया। उन्होंने उस साल जून में संन्यास ले लिया था। कंजर्वेटिव पार्टी के चुनाव की बाते करे तो उस चुनाव में मौजूदा कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलीवरे ने आसानी से जीत हासिल की थी और उन्हें लगभग 70 प्रतिशत वोट मिले थे। पोलीवरे इस पद के लिए हमेशा से एक मजबूत दावेदार रहे थे और ब्राउन को कभी भी इस पद के लिए टक्कर में नहीं देखा जा रहा था। इस बीच इन आरोपों से जुड़े व्यक्तियों ने इन आरोपों का खंडन किया है। गार्नर ने सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट को लेकर कहा, "मैंने अपनी इच्छा से पूरी तरह से ब्राउन के अभियान से खुद को अलग किया था। किसी भी मामले में मुझे किसी भी तरह से, किसी भी समय, किसी के द्वारा भी मजबूर नहीं किया गया। यह कहना कि मैं किसी के बहकावे में आया यह हास्यास्पद है।"। वहीं सोमवार को एक बयान में ब्राउन ने कहा, "मेरे पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि इस तरह के हस्तक्षेप के जरिए 2022 के कंजर्वेटिव पार्टी ऑफ कनाडा के चुनाव के अंतिम परिणाम बदल गए।" recent visitors 59

अब ट्रंप ने बड़ा फैसला लेते हुए टेक अरबपति जेरेड इसाकमैन को NASA चीफ नियुक्त किया, सब हुए हैरान

वाशिंगटन अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल़्ड ट्रंप लगातार अपने फैसलों से सभी को हैरान कर रहे हैं। ट्रंप ने अपनी कैबिनेट में भी कई ऐसे लोगों को शामिल किया, जिनके नाम सुनकर सब चौंक गए। अब ट्रंप ने ऐसा ही एक बड़ा फैसला लेते हुए टेक अरबपति जेरेड इसाकमैन को नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) चीफ नियुक्त किया है। मस्क से है खास नाता इसाकमैन का दिग्गज कारोबारी और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क से भी खास नाता है। दरअसल, इसाकमैन स्पेसएक्स के सहयोग से ही अंतरिक्ष में स्पेसवॉक करने वाले पहले निजी अंतरिक्षयात्री बने थे। ट्रंप ने किया पोस्ट ट्रंप ने एक्स पर कहा, "मैं एक कुशल बिजनेस लीडर, परोपकारी, पायलट और अंतरिक्ष यात्री जेरेड इसाकमैन को नासा चीफ के रूप में नामित करते हुए प्रसन्न हूं। जेरेड नासा के खोज और प्रेरणा के मिशन को आगे बढ़ाएंगे, जिससे अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अन्वेषण में अभूतपूर्व उपलब्धियां मिलेंगी।" इसाकमैन की खूब तारीफ की ट्रंप ने कहा कि इसाकमैन ने एक दशक से अधिक समय तक रक्षा एयरोस्पेस कंपनी ड्रेकन इंटरनेशनल के सह-संस्थापक और सीईओ के रूप में काम किया, जिससे अमेरिकी रक्षा विभाग और हमारे सहयोगियों को सहायता मिली। मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूंः इसाकमैन नासा चीफ के लिए नामित होने के बाद इसाकमैन का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि वो इस जिम्मेदारी से सम्मानित महसूस कर रहे हैं। recent visitors 55

संभल और बांग्‍लादेश की घटना एक जैसी है, दोनों घटनाओं में शाम‍िल लोगों का डीएनए एक है: सीएम योगी

अयोध्या अयोध्‍या धाम में '43वें रामायण मेला' के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने संभल ह‍िंसा पर बड़ा बयान द‍िया है। योगी ने कहा, संभल और बांग्‍लादेश की घटना एक जैसी है। दोनों घटनाओं में शाम‍िल लोगों का डीएनए एक है। मुख्‍यमंत्री योगी ने कहा, "याद करो 500 साल पहले बाबर के आदमी ने अयोध्या कुंभ में क्या किया था। संभल में भी यही हुआ था और बांग्लादेश में भी वही हो रहा है। तीनों की प्रकृति और उनका डीएनए एक ही है। अगर कोई इस पर विश्वास करता है बांग्लादेश में हो रहा है, तो वही तत्व यहां भी आपको सौंपने के इंतजार में हैं। उन्होंने सामाजिक एकता को तोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। इस बारे में बात करने वाले कुछ लोग ऐसे हैं जिनके पास विदेश में संपत्ति है। अगर यहां कोई संकट आएगा तो वे भाग जाएंगे और दूसरों को यहां मरने के लिए छोड़ देंगे।" परिवारवादी हो गए हैं आज के समाजवादी – योगी सरयू तट स्थित राम कथा पार्क में चार दिवसीय रामायण मेला का उद्घाटन करने के बाद अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में रामायण मेला के संकल्पना करने वाले महान समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया को याद किया। उन्होंने कहा कि यद्यपि लोहिया मंदिर नहीं जाते थे, किंतु श्री राम, कृष्ण और शिव की सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्ता समझते- स्वीकार करते थे। डॉ. लोहिया की इस भावना के विपरीत आज के समाजवादी परिवारवादी हो गए हैं। उन्हें यदि अपराधियों का संरक्षण न मिले, तो वह बिन पानी के मछली की तरह तड़पते हैं, लोहिया के नाम पर राजनीति करने वाले लोगबात तो लोहिया की करते हैं, लेकिन लोहिया के एक भी आदर्श को अंगीकार नहीं करते।   मुख्यमंत्री ने लगे हाथ स्वयं की आस्था का भी इजहार किया। साथ ही कहा कि हमने प्रभु राम को आदर्श माना है और उनके आदर्श से कुछ भी ले सके, तो जीवन धन्य हो जाएगा। आज जब लोग छोटे-छोटे स्वार्थ के लिए मारने-मरने पर उतारू रहते हैं, तो श्री राम का आदर्श हमारा मार्गदर्शन करता है, पिता की आज्ञा मानकर उन्होंने क्षण भर की भी देरी किए बिना अयोध्या के राज्य का परित्याग कर दिया और स्वयं वन को चले गए। इससे पूर्व जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेश आचार्य ने अपेक्षा जताई कि दीपावली को वैश्विक महापर्व के रूप में स्थापित किया, ठीक उसी तरह सीता राम विवाह उत्सव के अवसर पर होने वाले रामायण मेला को भी वैश्विक स्तर का बनाएं। मुख्यमंत्री ने इस अपेक्षा पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। recent visitors 65

मुख्यमंत्री नई दिल्ली में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ सम्बन्धी त्रिपक्षीय बैठक में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्षा जल को संग्रहित कर भूगर्भ में जल भंडारण क्षमता के विकास के लिए चलाई जा रही ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ योजना एक अभिनव पहल है। इस योजना में गुजरात में रहकर व्यापार करने वाले अन्य प्रदेशों के व्यापारियों द्वारा स्वयं के संसाधनों से अपने राज्यों में बोर लगवाने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के सतना जिले में इस योजनान्तर्गत कार्य आरम्भ हो गया है। प्रसन्नता की बात है कि योजना में पूरे प्रदेश में 15 हजार बोर लगाने का लक्ष्य है। शासकीय संसाधनों के बिना गुजरात व्यापार करने वाले व्यापारियों की भागीदारी से चल रहा बूंद-बूंद जल बचाने का यह अभियान प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर त्रिपक्षीय बैठक की। योजना के क्रियान्वयन के लिये बैठक में जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से योजना को पूरा करने और इसके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जलसंचय संकल्प को जन-आंदोलन बनाने के क्रम में ‘कर्मभूमि से जन्मभूमि’ कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसमें गुजरात में रह रहे मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार के व्यवसायी अपनी जन्म भूमि में जल संचय के उद्देश्य से बोर की व्यवस्था कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसमें राजस्थान में एक लाख 60 हजार और मध्यप्रदेश में 15 हजार बोर बनवाए जाने है। बिहार राज्य के 10 जिलों में प्रत्येक गांव में 4 बोर बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने राज्यों के सहयोग से इस योजना के सफल क्रियान्वयन की आशा व्यक्त की। राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सूरत के व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह योजना राजस्थान के सिरोही और जोधपुर जिलों में प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राजस्थान राज्य में वाटर रिचार्ज में सहयोग के लिए यह योजना वरदान साबित होगी।   recent visitors 136

आमजन की सुविधा के लिए DGP मकवाना ने दिया आदेश, अब अब पुलिस थानों पर होगी जनसुनवाई

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब पुलिस थानों पर ही लोगों की जनसुनवाई हो जाएगी. उन्हें पुलिस अधीक्षक के दफ्तर तक नहीं जाना पड़ेगा. प्रदेश के नए डीजीपी कैलाश मकवाना ने यह निर्देश दिया है. उनका मानना है कि इससे लोगों को काफी सुविधा मिलेगी. इसके अलावा छोटी-छोटी शिकायतों का निराकरण पुलिस थाने पर ही हो जाएगा. मध्य प्रदेश के नए पुलिस मुखिया कैलाश मकवाना ने लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा, अब लोगों को जन सुनवाई के लिए पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि पुलिस थाने में ही हर मंगलवार जनसुनवाई हो जाएगी. पुलिस अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निराकरण किया जाएगा, यदि पुलिस थानों पर शिकायत का निराकरण नहीं होता तो फिर पीड़ित आगे शिकायत कर सकता है. अभी तक यहा होती थी जनसुनवाई अभी तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जन सुनवाई का सिलसिला मंगलवार को चलता था. इसके अलावा डीआईजी और आईजी स्तर के अधिकारी भी जनसुनवाई करते थे. नए आदेश से काफी बदलाव आने की संभावना है. जनसुनवाई के नए आदेश के बाद अब पुलिस थानों पर अधिकारियों द्वारा शिकायतों का निराकरण करने की जिम्मेदारी रहेगी. इसके अलावा शिकायतकर्ता को न्याय मिलने में होने वाली देरी भी कम होगी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शिकायतों का पुलिस थाने पर जल्द ही निराकरण करने पर कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा. नई व्यवस्था को लेकर फिलहाल तारीख नहीं सामने आई है, लेकिन यह कहा जा रहा है कि अगले मंगलवार से ही नई व्यवस्था लागू हो सकती है. recent visitors 52

प्रदेश के 23 जिलों में जारी है 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

टी.बी. लाइलाज बीमारी नहीं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोई भी प्रभावित व्यक्ति, जांच और इलाज से वंचित न रहे – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 23 जिलों में जारी है 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी का देश को टी.बी. मुक्त करने का संकल्प सबकी सहभागिता से ही होगा साकार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2018 में देश को टी.बी. (क्षय रोग) से मुक्त कराने का संकल्प लिया था। लोगों की जिंदगी बचाने के प्रधानमंत्री मोदी के इस अभियान में सहभागिता कर हम सब उनके साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं। देश को टी.बी. मुक्त करने के लिए, देश के 347 जिलों में 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान चलाया जा रहा है। इनमें मध्यप्रदेश के 23 जिले अलीराजपुर, अनूपपुर, बैतूल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, खंडवा, मंडला, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, रतलाम, सीहोर, सिवनी, श्योपुर, सीधी, सिंगरौली, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। टी.बी. से मुक्ति के अभियान में प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति एक कार्यकर्ता है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि सभी की सक्रिय सहभागिता से कोई भी प्रभावित व्यक्ति टी.बी. की जांच और इलाज से वंचित नहीं रहेगा। टी.बी लाइलाज बीमारी नहीं है, टी.बी. का इलाज होता है, टी.बी. से डरने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब सक्रियता के साथ इस अभियान में भागीदारी करें। हमारे आसपास कोई भी टी.बी. की बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति हो तो उसे इस अभियान का हिस्सा अवश्य बनाएं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोगों का जीवन बचाने के लिए आरंभ, इस अभियान में प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति एक कार्यकर्ता है। हम सब मिलकर टी.बी. से प्रभावित व्यक्तियों को इस रोग से मुक्त कराने का प्रयास करें। सबके प्रयासों से देश को टी.बी. मुक्त कर, प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को साकार करने में निश्चित ही सफलता मिलेगी।   recent visitors 73