Wednesday, July 8, 2026 12:32 am

तेज रफ्तार स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर पलटी, हादसे में दो लोगों की मौत

भिलाई दुर्ग जिले के भिलाई में रफ्तार का कहर देखने को मिला हैं. जहां सेंट्रल एवेन्यू में शनिवार देर रात सड़क हादसे में कार सवार दो लोगों की मौत हो गई हैं. बताया जा रहा है कि एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर पेड़ को ठोकर मारने के बाद झाड़ियों में पलट गई. इस दौरान कार में चार लोग सवार थें. हादसे में एक युवक और एक युवती की मौत हो गई है. वहीं दो लोग घायल हो गए हैं. जिन्हें इलाज के लिए बीएसपी के सेक्टर 9 अस्पताल भर्ती कराया गया हैं. मामला भट्टी पुलिस थाना क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक, भिलाई के सेंट्रल एवेन्यू के सेक्टर 1 में एसबीआई चौक के सामने कार हादसे का शिकार हो गई. तेज रफ्तार स्विफ्ट कार मुर्गा चौक से सेक्टर 9 की ओर जा रही थी. इस बीच कार अनियंत्रित होकर पेड़ को ठोकर मारने के बाद झाड़ियों में पलट गई. जिसमें ई पॉकेट मरोदा सेक्टर निवासी लुकेंद्र उईके की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं मरोदा सेक्टर निवासी दीपिका कौर ने अस्पताल लेकर जाने के दौरान दम तोड़ दिया. इस दर्दनाक सड़क हादसे में कार सवार दो अन्य लोग घायल हुए हैं। जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. recent visitors 202

एडिलेड के चक्रव्यूह को भेद नहीं पाई टीम इंडिया, ऑस्ट्रेलिया का है यहां पिंक बॉल से एकछत्र राज

एडिलेड पर्थ टेस्ट मैच जीतने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड वाले चक्रव्यूह को तोड़ देगी। हालांकि, ऐसा हो नहीं पाया। पिंक बॉल से इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को अभी तक एक भी टेस्ट मैच में हार नहीं मिली है। लगातार आठवीं जीत पिंक बॉल टेस्ट मैच में एडिलेड के ओवल में ऑस्ट्रेलिया ने हासिल की है। एक से एक बड़ी जीत ऑस्ट्रेलिया की टीम डे-नाइट टेस्ट मैच में यहां हासिल कर चुकी है। भारत को भी 10 विकेट से एक शर्मनाक हार एडिलेड के मैदान पर झेलनी पड़ी और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी मेजबानों ने बराबरी कर ली। ऑस्ट्रेलिया का ट्रैक रिकॉर्ड पिंक बॉल से तो वैसे ही खतरनाक है, अगर बात सिर्फ एडिलेड ओवल की करें तो ये सौ फीसदी है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक खेले 13 पिंक बॉल टेस्ट मैचों में से 12 मैच जीते हैं और एक मैच गंवाया है। वहीं, एडिलेड में पिंक बॉल से ऑस्ट्रेलिया की टीम एक भी मैच नहीं हारी है। ऑस्ट्रेलिया ने यहां 8 में से 8 मैच जीते हैं। इनमें से एक डे-नाइट टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने एक पारी के अंतर से जीता है, जबकि 3 मैच 100 रनों के ज्यादा के अंतर से जीते हैं, जबकि 3 मैच सात विकेट से ज्यादा के अंतर से जीते हैं। एक मैच कम मार्जिन से जीता है। इन आंकड़ों को देखकर कहा जा सकता है कि एडिलेड ओवल में ऑस्ट्रेलिया का पिंक बॉल से एकछत्र राज है। वहीं, टीम इंडिया अब तक चार टेस्ट मैच पिंक बॉल से खेली है, जिनमें से दो ही मुकाबले अपनी सरजमीं पर टीम जीत पाई है। दो मुकाबले भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इसी मैदान पर गंवाए हैं। इस तरह कहा जा सकता है कि पिंक बॉल भारतीय टीम को रास नहीं आ रही। खासकर ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियों में। पिछली बार टीम पिंक बॉल टेस्ट में महज 36 रनों पर ढेर हो गई थी। हालांकि, वह सीरीज भारत ने जीती थी, क्या इस बार भी ऐसा होगा, ये देखने वाली बात होगी। recent visitors 72

चुनाव की तैयारियों को लेकर दिल्ली भाजपा ने पंडित पंत मार्ग स्थित प्रदेश इकाई मुख्यालय में चुनाव कार्यालय खोल दिया

नई दिल्ली दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कमर कस ली है। चुनाव की तैयारियों को लेकर दिल्ली भाजपा ने पंडित पंत मार्ग स्थित प्रदेश इकाई मुख्यालय में चुनाव कार्यालय खोल दिया। इसके अलावा पार्टी ने घोषणापत्र के लिए फीडबैक जुटाने को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जाने वाली वैन के बेड़े को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने अपनी पत्नी, राज्य चुनाव प्रभारी बैजयंत पांडा, चुनाव समन्वय समिति के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मनोज तिवारी, कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज, योगेंद्र चंदोलिया, प्रवीण खंडेलवाल और अन्य के साथ हवन किया। दिल्ली में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। 1993-98 में पुनर्गठित विधानसभा में पांच साल के कार्यकाल के बाद, भाजपा को राजधानी में बहुमत नहीं मिला पाया है। 1998 से 2013 तक कांग्रेस के सामने मुख्य विपक्षी दल होने के बावजूद, वह पिछले एक दशक से आमआदमी पार्टी (आप) के दबदबे को खत्म करने की हरसंभव कोशिश कर रही है। सचदेवा ने कहा कि दिल्ली के लोग परेशान हो चुके हैं और वे गंदे पानी की आपूर्ति, क्षतिग्रस्त सड़कों, महंगी बिजली और प्रदूषण से राहत पाने के लिए आप को सत्ता से हटाना चाहते हैं। सचदेवा ने दावा किया कि 'बड़े-बड़े' वादे करने के बावजूद, आप सभी मोर्चों पर बुरी तरह विफल रही और उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भाजपा सत्ता में वापस आएगी। 14 वैन के बेड़े को लॉन्च करते हुए, पांडा ने फीडबैक अभ्यास को 'अब नहीं सहेंगे, बदल कर रहेंगे' का नारा दिया। पांडा ने कहा कि फीडबैक के आधार पर, भाजपा आगामी 2025 के विधानसभा चुनावों के लिए अपना 'संकल्प पत्र' तैयार करेगी। कमजोर कड़ी को मजबूत करने पर जोर विधानसभा चुनाव में भाजपा अपनी कमजोर कड़ी को मजबूत करने में जुटी है। पार्टी ने इस बार जेजे क्लस्टर को लेकर विशेष अभियान चलाया है। झुग्गियों में बूथवार मैपिंग कर चुनाव की तैयारी की जा रही है। भाजपा इस बार झुग्गियों के 1100 बूथों पर योजना बनाकर काम में जुटी है। recent visitors 99

गुजरात कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ‘शक से परे मामले को साबित नहीं कर सका, पूर्व IPS संजीव भट्ट को मिली बड़ी राहत

पोरबंदर गुजरात की एक अदालत से पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को बड़ी राहत मिली है। पोरबंदर की एक अदालत ने 1997 के हिरासत में यातना देने के मामले में उन्हें बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष 'शक से परे मामले को साबित नहीं कर सका।' एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुकेश पंड्या ने पोरबंदर के तत्कालीन पुलिस सुपरिटेंडेंट (एसपी) भट्ट को उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज मामले में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। आरोपी का कबूलनामा हासिल करने के लिए गंभीर चोट पहुंचाने और अन्य प्रावधानों के तहत पूर्व आईपीएस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। भट्ट को इससे पहले जामनगर में 1990 में हिरासत में हुई मौत के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा पालनपुर में राजस्थान के एक वकील को फंसाने के लिए ड्रग्स रखने के 1996 के मामले में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। वह वर्तमान में राजकोट सेंट्रल जेल में बंद है। वहीं 1997 के मामले में अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष 'शक से परे मामले को साबित नहीं कर सका' कि शिकायतकर्ता को अपराध कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। उसे खतरनाक हथियारों और धमकियों का उपयोग करके उसे स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया गया था। कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा कि आरोपी, जो उस समय अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा एक लोक सेवक था, के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए आवश्यक मंजूरी इस मामले में नहीं ली गई थी। भट्ट और कांस्टेबल वजुभाई चाऊ, जिनके खिलाफ उनकी मृत्यु के बाद मामला समाप्त कर दिया गया था, पर भारतीय दंड संहिता की धारा 330 (स्वीकारोक्ति करवाने के लिए चोट पहुंचाना) और 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना) के तहत आरोप लगाए गए थे। यह आरोप नारन जाधव नामक व्यक्ति ने लगाए थे। उसका कहना था कि आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम, 1987 (टाडा) और शस्त्र अधिनियम के मामले में पुलिस हिरासत में उसे शारीरिक और मानसिक यातना देकर कबूलनामा लिया गया था। 6 जुलाई, 1997 को मजिस्ट्रेट अदालत में जाधव की शिकायत पर अदालत के निर्देश के बाद, 15 अप्रैल, 2013 को पोरबंदर शहर बी-डिवीजन पुलिस स्टेशन में भट्ट और चाऊ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जाधव 1994 के हथियार लैंडिंग मामले के 22 आरोपियों में से एक था। recent visitors 60

‘बटेंगे तो कटेंगे’ पर नाराजगी, जैन धर्मगुरु मुनिश्री सुधाकर बोले- , नारा ऐसा होना चाहिए जो सकारात्मक प्रेरणा दे

कवर्धा ‘बटेंगे तो कटेंगे’ नारे पर जैन धर्मगुरु मुनिश्री सुधाकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह उग्रवाद पैदा करेगा. सांप्रदायिकता की आग लगाने वाला है. नारा ऐसा होना चाहिए जो सकारात्मक प्रेरणा दे. जो जोड़ने का काम करे. जैन धर्मगुरु मुनिश्री सुधाकर ने कहा कि नारा ऐसा होना चाहिए हम जुड़कर रहेंगे, हम जोड़ते रहेंगे, हम साथ रहेंगे. इससे सकारात्मक ऊर्जा पैदा होगी. इसमें सोच अच्छी होगी. इसमें सबसे जुड़कर रहना है. इसमें सबका सम्मान करना है. सबके विकास की चिंता करनी है. संस्कार और संस्कृति पर ध्यान देना है. ऐसे स्लोगन आए जिसको सुनकर सद्भावना आए और प्रसन्नता की संचार हो. आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री सुधाकर एवं सहवर्ती मुनिश्री नरेश कुमार रायपुर में सतुर्मास सम्पन्न करने के बाद पद यात्रा करते हुए जबलपुर की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. इस दौरान कवर्धा में पहुंचने पर जैन समाज के लोगों ने मुनिश्री का स्वागत करते हुए आशीर्वाद लिया. इस दौरान शहर के स्थानक भवन में मुनिश्री सुधाकर ने जैन समाज के सदस्यों को संबोधित करते हुए नमामि, खममि और विक्षामि पर प्रेरणा दी. जैन धर्मगुरु ने बताया कि जैन मुनि पद यात्रा क्यों करते हैं, इसकी वजह भी बताई. बताया जैन धर्म के झंडे में पांच रंग का महत्व जैन धर्मगुरु ने जैन धर्म के झंडे में 5 रंगों का महत्व बताते हुए कहा कि जैन धर्म में नमस्कार महामंत्र है, जो जैन धर्म का मूल महामंत्र है. उस महामंत्र में पांच पद आते हैं, जिसमें अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु – उन पांच रंगों में उन पांच महान आत्माओं का मिश्रण अनुभति छुपी हुई है, और ध्वज किसी भी संस्था के लिए किसी भी संघ के लिए अपने आपमें सिरमौर का कार्य करता है, और ध्वज भी ये प्रेरणा देता है कि हम पांच आत्माओं के गुणों का निरंतर स्मरण करें. recent visitors 49

टोक्यो स्थित घर पर मृत पाई गईं जापानी एक्ट्रेस मिहो नाकायमा

टोक्यो जापानी एक्ट्रेस और सिंगर मिहो नाकायमा अपने टोक्यो स्थित घर पर मृत पाई गईं। वह 54 साल की थीं। नाकायमा को शुक्रवार को एक इवेंट में पहुंचना था और वो वहां नहीं जा पाईं। उसके बाद उन्हें उनके ही घर में बाथटब में मृत पाया गया। उनके किसी परिचित ने इस बारे में आपातकालीन सेवाओं से संपर्क किया और पैरामेडिक्स ने घटनास्थल पर उनकी मृत्यु की पुष्टि की। उनकी मौत के कारणों की अभी जांच चल रही है। नाकायमा को शुक्रवार को ओसाका में एक क्रिसमस पार्टी में परफॉर्म करना था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया। उनकी टीम ने उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर उनके निधन की दुखद खबर की पुष्टि की और अचानक हुए नुकसान पर अपना सदमा और दुख व्यक्त किया। मिहो नाकायमा की बाथटब में मौत इसमें लिखा है, 'हमें उन सभी लोगों को, जिन्होंने हमेशा उनकी देखभाल की है और उन सभी फेंस को, जिन्होंने उनका समर्थन किया है, अचानक यह घोषणा करते हुए बेहद खेद है लेकिन यह घटना इतनी अचानक हुई कि हम भी हैरान और दुखी हैं। फिलहाल मौत के कारण और बाकी चीजों की जांच की जा रही है।' 'लव लेटर' फिल्म से फेमस नाकायमा 1980 और 90 के दशक में बहुत फेमस थीं। हालांकि उन्हें 1995 की फिल्म 'लव लेटर' में उनके काम के लिए जाना जाता है। वह 'टोक्यो वेदर' (1997) जैसी फिल्मों में भी दिखाई दीं। जापान के साकू में जन्मी नाकायमा ने 1985 के नाटक 'मैडो ओसावागासे शिमासु' से एक्टिंग की शुरुआत की, जिसने उन्हें जल्द ही स्टारडम तक पहुंचा दिया। उसी साल उन्होंने अपना पहला गाना 'सी' भी रिलीज किया। नाकायमा ने 'बी-बॉप हाई स्कूल' में काम किया और जापान में अपना एल्बम रिलीज किया। जापान में बेहद फेमस स्टार अपने पूरे करियर के दौरान, नाकायमा जापान के सबसे बड़े स्टार्स में से एक बन गईं, जिन्हें फिल्म, टेलीविजन और संगीत में उनकी उपलब्धियों के लिए पहचाना गया। 'लव लेटर' में उनकी परफॉर्मेंस ने उन्हें ब्लू रिबन अवार्ड्स और होची फिल्म अवार्ड्स दोनों में बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड दिलाया, जबकि फिल्म ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी पुरस्कार जीता। नाकायमा के परिवार में बस उनका बेटा है। recent visitors 127

फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 13 लोगों की सोने की चेन, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी, पुलिस में शिकायत दर्ज

मुंबई महाराष्ट्र में जब नई सरकार का शपथ ग्रहण का कार्यक्रम चल रहा था, तब चोरों ने हाथ साफ करने का मौका नहीं छोड़ा। समारोह के दौरान 13 लोगों की सोने की चेन, नकदी और अन्य कीमती सामान खो गई। लोग शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे। इन घटनाओं में करीब 12.4 लाख का सामान चोरी हुआ है। आपको बता दें कि 7 दिसंबर को आजाद मैदान में यह समारोह आयोजित किया गया था। इसमें देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। इस कार्यक्रम में 50,000 से अधिक लोग शामिल हुए थे। उनमें कई फिल्मी सितारे और बड़े रैंक के अधिकारी भी थे। पुलिस के अनुसार, कई उपस्थित लोग चोरी की शिकायत लेकर थाने पहुंचे। अब तक 13 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। ये चोरी की घटनाएं शपथ ग्रहण समारोह के दौरान के अव्यवस्था और भीड़-भाड़ के कारण हुईं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब और शिकायतें आ रही हैं और मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जा रही है। इस घटनाक्रम में शामिल एक पीड़ित 64 वर्षीय शिवाजी गावली थे, जिन्होंने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ समारोह में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा, "जब मैं गेट नंबर 2 से बाहर निकल रहा था तब जगह बहुत भीड़-भाड़ वाली थी। बाहर आने के बाद मुझे महसूस हुआ कि मेरी 30 ग्राम सोने की चेन गायब है। मैंने काफी खोजबीन की लेकिन बाद में पता चला कि किसी ने चोरी कर ली थी।" इसी तरह के अन्य मामलों में 50 साल के जयदेवी उपाध्याय की 20 ग्राम सोने की चेन चोरी हो गई, संतोष लछके की 17 ग्राम के सोने की चेन चोरी हो गई। इसके अलावा विलास चौहान की 20 ग्राम चेन की चेन और मोहन कामत की 35 ग्राम की चेन चोरी हो गई थी। इसके अलावा नकदी चोरी के मामले भी सामने आए। आनंद कोली की 20,000 और नितिन काले से 57,000 रुपये की चोरी की गई। इस समारोह में बॉलीवुड सितारे शाहरुख खान, सलमान खान, रणबीर कपूर और रणवीर सिंह सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल हुई थीं। हालांकि भीड़-भाड़ के कारण चोरों ने इसका फायदा उठाया और चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि इस तरह की चोरी की घटनाएं सार्वजनिक कार्यक्रमों, संगीत समारोहों, त्योहारों और राजनीतिक रैलियों में आम हो गई हैं। यहां तक कि ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने भी अपनी बैग चोरी होने की शिकायत की है। पुलिस चोरी की घटनाओं के आरोपियों को पकड़ने और चोरी गए सामान को बरामद करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि वे भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में अपने सामान को सुरक्षित रखें और सतर्क रहें। recent visitors 58