मुख्‍यमंत्री ने कहा- कृषकों को विद्युत के लिए आत्‍मनिर्भर बनाने के उद्देश्‍य से सोलर पंप लगाने के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा

भोपाल रीजनल इण्डस्ट्रियल कॉन्क्लेव नर्मदापुरम में मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अगले 5 साल में राज्‍य सरकार का बजट दोगुना करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उद्यमियों को प्रोत्‍साहित करने के साथ-साथ हमारी व्‍यवस्‍थाओं के बलबूते पर आईटी, टूरिज्‍म, खनन, उर्जा सहित सभी सेक्‍टर में गतिविधियों के विस्‍तार की हर संभव कोशिश होगी। कृषकों को विद्युत के लिए आत्‍मनिर्भर बनाने के उद्देश्‍य से सोलर पंप लगाने के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 52 निजी विश्‍वविद्यालय संचालित हैं। इस प्रकार सभी क्षेत्रों को समन्‍वित प्रयास से हमारा लक्ष्य है कि मध्‍यप्रदेश देश का श्रेष्‍ठतम राज्‍य बने और देश-दुनिया से निवेशक तथा उद्योग समूह हमारे प्रदेश में आकर अपनी गतिविधियों को विस्‍तार दे। इससे प्रदेश के विकास को और अधिक गति मिलेगी। विकास के लक्ष्‍य को लेकर चल रहे हैं सीएम ने कहा- यह कॉन्‍क्‍लेव प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए राज्‍य शासन की प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। हम प्रदेश के संतुलित और सामान्‍य विकास के लक्ष्‍य को लेकर चल रहे हैं। इसी उद्देश्य से प्रदेश में संभाग स्तर पर इंडस्‍ट्रीयल कॉन्‍क्‍लेव का क्रम आरंभ किया गया। औद्योगिक विकास के इन क्षेत्रीय समागमों में मुख्‍यमंत्री, मुख्‍य सचिव सहित राज्‍य शासन के प्रमुख अधिकारियों की सहभागिता हमारी प्रतिबद्धता, पार‍दर्शिता और जो कहा उसे तय समय-सीमा में कर दिखाने की भावना का परिचायक है। क्षेत्रीय कॉन्‍क्‍लेव के माध्‍यम से औद्योगिक विकास की प्रक्रिया में प्रदेश के जन-जन को शामिल किया जा रहा है। उद्योग समूह और निवेशक भारत तथा मध्‍यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी होनें के लिए आमंत्रित हैं। कॉन्क्लेव की थीम नए क्षितिज-नई संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव 'नए क्षितिज-नई संभावनाएं' थीम पर आयोजित नर्मदापुरम में 6वें रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्‍क्‍लेव का दीप प्रज्‍ज्वलित कर शुभारंभ किया। प्रदेश की 82 औद्योगिक ईकाइयों का किया गया भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नर्मदापुरम की इंडस्‍ट्रीयल कॉन्‍क्‍लेव में सभी सेक्‍टर मिला कर 31 हजार 800 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई प्रोत्‍साहन योजना के अंतर्गत 1200 से अधिक इकाइयों को प्रोत्‍साहन स्‍वरूप 367 करोड़ रूपए की वित्‍तीय सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्‍थल से प्रदेश की 82 इकाइयों का वर्चुअली भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। कुल 2585 करोड़ रुपए निवेश की इन इकाइयों से लगभग 5800 व्‍याक्तियों को रोजगार प्राप्‍त होगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में 98 इकाइयों को 163 एकड भूमि के लिए आशय पत्र/आवंटन आदेश जारी किये। कुल 911 करोड़ के निवेश से लगने वाली इन इकाइयों से 4 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने आद्योगिक क्षेत्र माना (बुधनी) में अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिती में देश की असीम पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए मध्‍यप्रदेश पर्यटन विभाग और फिक्‍की के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। क्षेत्रीय कॉन्‍क्‍लेव से प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं के जीवन स्‍तर में आएगा बदलाव मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं के जीवन स्‍तर में बदलाव की दिशा में रीजनल इंडस्‍ट्री कॉन्‍क्‍लेव महत्‍वपूर्ण कदम है। आज हुए कॉन्‍क्‍लेव में कई औद्योगिक इकाइयों के भूमि-पूजन और लोकार्पण संपन्‍न हुए।नर्मदापुरम में हुए इस आयोजन से संपूर्ण प्रदेश जुड़ा, एमएसएमई के लिए उद्यमियों के खातों में सहायता राशि जारी की गई, इसी प्रकार उद्योग समूहों को भी प्रोत्‍साहन प्रदान किये गये। यह इस बात का परिचायक है कि राज्‍य सरकार औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्‍साहन देने के लिए कृत-संकल्पित हैं। recent visitors 69

20 साल बाद फिर शुरू हुए खनन पर जताया आक्रोश, राजस्थान-झुंझुनू में गुढ़ा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन

झुंझुनू. जिले के कान्हा पहाड़ में लगभग 20 साल बाद फिर शुरू हुए खनन और ब्लास्टिंग के चलते आक्रोशित लोग ने इसे लेकर पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा के साथ मिलकर बीते कुछ दिनों से धरने पर बैठे थे, जिसके चलते शनिवार को जिला प्रशासन ने खनन और ब्लास्टिंग को एक बार फिर बंद करवा दिया।खनन बंद करने के आदेश की खबरों के बाद कान्हा पड़ाडी के आसपास बसे लोगों में खुशी की लहर है। गौरतलब है कि यहां पिछले दिनों मैसर्स जवान रॉकमूवर्स ने तीन में से एक खनन पट्टे की स्वीकृति ले ली थी। इसके बाद 23 अगस्त से खनन कार्य शुरू कर दिया था, वहीं 25 नवंबर से भारी ब्लास्टिंग की जा रही थी, जिससे लोग परेशान थे। कान्हा पहाड़ पर खनन और ब्लास्टिंग का विरोध करने के लिए पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा और राजस्थान मदरसा बोर्ड के चैयरमेन एमडी चौपदार सहित शहर के अन्य स्थानीय नेताओं ने इसके विरोध में मोर्चा खोल रखा था। पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां खनन कार्य सालों से बंद था। प्रशासन ने पैसों का खेला करके वापस लीज को चालू करवाया है। इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यहां आबादी है, किसी सूरत में यहां खनन नहीं होने देंगे। उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यहां पर किसी भी प्रकार का खनन और ब्लास्टिंग नहीं होने देंगे। गुढ़ा ने प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाया कि पैसों के दम पर गलत रिपोर्ट भेजी गई जिसके आधार परमिशन ली गई, जो बर्दाश्त नहीं होगी और इस परमिशन को रद्द करना होगा। गुढ़ा शहर में आबादी इलाके के पास स्थित कान्हा पहाड़ी में लीजधारक को फिर से खनन-ब्लास्टिंग की अनुमति देने पर गुस्सा थे। धरने में शामिल स्थानीय निवासी खादिम तगाला ने बताया कि प्रशासन ने पहाड़ी के पास बसी आबादी का ध्यान नहीं रखा। हर रोज यहां ब्लास्टिंग होने हो रही है। जब ब्लास्टिंग होती है तो ऐसा लगता है कि शहर में भूकंप के झटके लग रहे हों। वहीं असलम मिर्जा ने आपबीती बताते हुए कहा कि हमारे मकान पहाड़ी से 300 मीटर की दूरी पर हैं। पूरी रात खनन का काम होने से मशीनों की आवाज होती है, जिसके कारण लोगों रात को सोना भी मुश्किल हो गया था। लोगों का कहना है कि ब्लास्टिंग के चलते लगातार उड़ती धूल-मिट्टी से सांस की तकलीफें बढ़ने लगी थीं। बहरहाल प्रशासन ने इस ब्लास्टिंग पर रोक लगा दी है, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। recent visitors 190

चुनावी प्रक्रिया पर शिवराज सिंह ने उठाए सवाल, बोले- चुनावों से देश हो रहा बर्बाद

भोपाल ! केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को विदिशा पहुंचे. जहां उन्होंने विदिशा को कृषि और बागवानी का मॉडल बनाने की बात कही. वहीं देश में बार-बार होने वाले चुनावों को लेकर शिवराज सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश में लगातार चुनाव होने के कारण समय, ऊर्जा और धन की बर्बादी होती है. देश में एक चुनाव खत्म होता है, तो दूसरा शुरू हो जाता है. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री सभी चुनाव प्रचार में व्यस्त हो जाते हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित होता है. शिवराज सिंह ने “एक देश एक चुनाव” अभियान की शुरुआत करते हुए विदिशा की जनता से इस विचार का समर्थन करने की अपील. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके साथ हाथ उठाकर इस अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई. चौहान ने संविधान में संशोधन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि एक बार में चुनाव हो ताकि बाकी समय देश के विकास पर ध्यान दिया जा सके. शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में प्राकृतिक खेती को अपनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, “केमिकल फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड्स के अत्यधिक उपयोग ने जमीन की उपजाऊ क्षमता को खत्म कर दिया है. इससे न केवल इंसान बल्कि पशु-पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं. कई उपयोगी कीट-पतंगे जैसे केंचुए, जो धरती के डॉक्टर कहे जाते थे आज विलुप्त होने की कगार पर हैं.” शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे विदिशा जिले से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राकृतिक खेती नहीं अपनाई गई, तो आने वाली पीढ़ियां धरती पर रहने लायक परिस्थितियां नहीं पाएंगी.” recent visitors 115

दिल्ली में 20 सिटिंग विधायकों के कट सकते हैं टिकट, सत्ता विरोधी लहर से निपटने को केजरीवाल का प्लान

नई दिल्ली दिल्ली में सत्ता विरोधी लहर और लोगों के गुस्से को कम करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) एक तिहाई मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकती है। इनमें वो विधायक भी शामिल हैं जिन्होंने 2015 के विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी। मगर 2025 की चुनावी दौड़ से इन्हें बाहर किया जा सकता है। यह जानकारी पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं ने दी है। 20 विधायकों के कट सकते हैं टिकट पार्टी की चुनावी रणनीति में शामिल नेताओं ने बताया कि 20 से अधिक विधायकों को टिकट न देने का फैसला जमीनी सर्वे और विधायकों के विभिन्न मानदंडों जैसे कि संबंधित क्षेत्रों में किए गए विकास कार्य, लोकप्रियता, पहुंच और सत्ता विरोधी भावना के आधार पर किया गया है। पार्टी ने पिछले महीने जारी उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची से तीन मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया। विधायक से जनता नाराज एक नेता ने कहा, 'सर्वे और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर टिकटों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कई विधायक काफी लोकप्रिय बने हुए हैं, वहीं कई विधायकों के खिलाफ गुस्सा है, लेकिन स्थानीय लोग कह रहे हैं कि वे अरविंद केजरीवाल से संतुष्ट हैं। हमारे अनुमान के मुताबिक, करीब 20 विधायकों को हटाया जा सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।' फरवरी 2020 के विधानसभा चुनावों में आप ने 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में 62 सीटें जबकि आठ सीटों पर भाजपा को विजय मिली थी। आप के चार नेताओं, जिनमें हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले पूर्व परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत शामिल हैं, ने या तो इस्तीफा दे दिया या उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। इससे विधानसभा में पार्टी की ताकत घटकर 58 रह गई। सत्तारूढ़ पार्टी अब चुनावों के लिए कमर कस रही है और इस उम्मीद में है कि वह भ्रष्टाचार के आरोपों से ऊपर उठ जाएगी, जिसके कारण पिछले कुछ सालों में आप में कई बदलाव हुए हैं। एक नेता ने स्वीकार किया कि लोगों में 'काम न करने वाले कई विधायकों' के खिलाफ भी गुस्सा पनप रहा है। recent visitors 65

प्रदेश में इंजीनियरिंग कॉलेजों की 45 फीसदी सीटें खाली, छात्रों को फार्मेसी में दिलचस्पी

भोपाल ! मध्य प्रदेश के तकनीकी कॉलेजों में एडमिशन कराने की तमाम कोशिशों के बाद भी प्रदेश में 45 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली रह गई. इन सीटों को भरने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग ने दो राउंड की काउंसलिंग कराई. इसके बाद भी सीटें नहीं भरी, तो दो बार कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) भी कराई गई. इसके बाद भी 1 लाख 10 लाख सीटों पर स्टूडेंट्स ही नहीं मिले. प्रदेश में कुल 2 लाख 60 हजार सीटों पर काउंसलिंग कराई गई थी. जिसमें से सिर्फ डेढ़ लाख सीटों पर ही एडमिशन हुए हैं. तकनीकी कॉलेजों में एडमिशन के लिए अक्टूबर माह में काउंसलिंग खत्म होने के बाद अब फॉर्मेसी कोर्सेस में एडमिशन के लिए काउंसलिंग खत्म हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए समय सीमा निर्धारित की थी. विभाग ने इसके लिए दो राउंड की काउंसलिंग और दो सीएलसी भी कराई. फार्मेसी कोर्स की 30 हजार सीटों में से 24 हजार सीटों पर एडमिशन हो गए. हालांकि, 6 हजार सीटें खाली रह गई हैं. बीफार्मा कोर्स में सबसे ज्यादा एडमिशन हुए हैं. बीफार्मा की कुल 16340 सीटें थी, जिसमें से 15386 सीटें फुल हो गई. वहीं डी-फार्मा कोर्स की पांच हजार से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं. 8 बी-फार्मा और डी-फार्मा कॉलेजों को एक भी नया स्टूडेंट नहीं मिला. प्रदेश में एडमिशन प्रक्रिया पूरी हो गई है. अब खाली रह गई सीटों पर प्रवेश नहीं हो सकेंगे. उधर बीफार्म कोर्सेस के साथ ही प्रदेश में काउंसलिंग प्रक्रिया खत्म हो गई है. प्रदेश में एमबीए और इंजीनियरिंग कॉलेजों की करीबन 30-30 हजार सीटें खाली रह गईं. प्रदेश में 62 हजार एमबीए सीटों में से 36 हजार 858 पर ही एडमिशन हो सके. वहीं इंजीनियरिंग की 73 हजार 500 सीटों में से 42 हजार 858 सीटों पर एडमिशन हुए हैं. बीफार्मा की 16340 सीटों में से 15386 एडमिशन हुए हैं. एमसीए सीटों पर 6 हजार सीटों में से 3668 सीटें भर पाई. इसी तरह बीई डिप्लोमा की 33 हजार 225 सीटों में से 20 हजार सीटें खाली रह गई. उधर तकनीकी विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर लक्ष्मीनारायण रेड्डी कहते हैं कि हर साल छात्रों का सब्जेक्ट्स को लेकर रूझान बदलता रहता है. कई बार छात्र इंजीनियरिंग की किसी खास ब्रांच में एडमिशन ज्यादा लेते हैं, तो किसी साल सिविल ब्रांच में इस बार फार्मेसी को लेकर छात्रों का रूझान ज्यादा देखने को मिला है. recent visitors 117

सुरक्षा कर्मियों ने युवक को मारा, फिर पेट्रोल डालकर लगाई आग

जबलपुर ! एक दिल दहला देने वाली घटना जबलपुर के ओमती थाना क्षेत्र से सामने आई है. जहां आए दिन शराब पीने बैठे युवक के बीच रोज-रोज की बेइज्जती से परेशान होकर निजी प्रेस बिल्डिंग के अंदर दो सुरक्षा कर्मियों ने 35 वर्षीय युवक की हत्या कर दी और शव को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया. वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने थाने जाकर सरेंडर कर दिया. जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है. यह घटना एक निजी प्रिंटिंग प्रेस की बिल्डिंग में हुई. जो कई सालों से बंद पड़ी थी. बैंक ने इस बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए हेमराज सरिया और ज्ञानी सिंह ठाकुर को तैनात किया था. मृतक विकास पटेल इसी बिल्डिंग के पास पान की दुकान चलाता था. पिछले कुछ महीनों से विकास और दोनों सुरक्षा कर्मी अक्सर साथ में शराब पीते थे. घटना के दिन भी तीनों ने शराब पी. नशे की हालत में किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद हेमराज और ज्ञानी ने विकास पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया. विकास की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद दोनों आरोपियों ने शव को बिल्डिंग के अंदर ले जाकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. आग की लपटें और धुआं उठता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, जबकि पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच शुरू की. शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया है. ओमती थाना टीआई राजपाल बघेल ने बताया कि “दोनों आरोपी बैतूल और डिंडौरी के रहने वाले हैं. हत्या की मुख्य वजह आपसी विवाद है. आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. इसके साथ ही मृतक ओमती थाना जिला बदर यानी कि एनएसए का भी आरोपी था, जो पुलिस थाने जाकर हाजिरी लगाता था. इस बीच, घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी खुद ओमती थाना पहुंचे और सरेंडर कर दिया. प्रारंभिक पूछताछ में हत्या के पीछे आपसी विवाद की वजह सामने आई है. यह जघन्य घटना आपसी विवाद के गंभीर परिणामों को दर्शाती है. पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. recent visitors 132

दिल्ली आप पार्टी में बगावत की आवाज बुलंद, हाथ में इस्तीफा लेकर पूरी टीम ने ही कर दिया ऐलान

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) बड़े बैमाने पर विधायकों के टिकट काटने जा रही है। तिमारपुर से पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक दिलीप पांडेय का भी टिकट कट गया है। दिलीप पांडेय ने भले ही पार्टी में कुछ और काम करने के लिए अपनी सहमति जाहिर की है, लेकिन उनके समर्थक बगावत की आवाज बुलंद करने लगे हैं। तिमारपुर में 'आप' की पूरी विंग ने एक साथ अपने पदों से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। इस्तीफा देते हुए नए संभावित उम्मीदवार के लिए काम नहीं करने की घोषणा की है। एक वीडियो में एक महिला कार्यकर्ता रोती हुई भी दिख रही है। वायरल हुए वीडियो में दिख रहा है कि तीन दर्जन से अधिक लोग एक साथ अपने हाथों में कथित तौर पर इस्तीफा लेकर खड़े हैं और वह पार्टी के फैसले से नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। कार्यकर्ता और पदाधिकारी यह भी कह रहे हैं कि वह अपनी सदस्यता नहीं छोड़ रहे हैं, लेकिन सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। वीडियो में वह कह रहे हैं, 'हम आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता, तिमारपुर विधानसभा, हम सारे लोग अपनी पार्टी की सदस्यता से नहीं, अपने पद से इस्तीफा देते हैं। अभी जिसे पार्टी ने टिकट दिया है, जिसके खिलाफ हम तीन चुनाव लड़ चुके हैं, हम उसे यहां से चुनाव नहीं लड़ा सकते। हम इससे सहमत नहीं। हमारे दिलीप पांडेय जी का टिकट क्यों काटा, इसकी वजह भी बताई जाए। जब तक इसका फैसला नहीं होता, हम में से कोई काम नहीं करेगा।' हालांकि, कार्यकर्ता आम आदमी पार्टी जिंदाबाद के नारे भी लगाते दिख रहे हैं। इस्तीफा देने वाले कई पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया पर इसे शेयर भी किया है और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत अन्य बड़े नेताओं को टैग किया है। सभी ने पहले एक साथ बैठक की और इसमें पार्टी के फैसले पर दुख जाहिर किया। दिलीप पांडेय के कुछ समर्थक पदाधिकारी रोने भी लगे। तिमारपुर से पार्टी को सोशल मीडिया इंचार्ज सुंदर मल्होत्रा ने एक्स पर जो इस्तीफा शेयर किया है उसमें कहा है कि वह ऐसे व्यक्ति के लिए नहीं लड़ सकते हैं तो टिकट खरीदने के लिए कुख्यात है और जिसे तीन बार हराया जा चुका है। शुक्रवार को एक तरफ दिलीप पांडेय ने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी कि वह आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने जा रहे हैं तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी में भाजपा नेता सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू शामिल हुए। तिमारपुर से दो बार विधायक रह चुके बिट्टू के 'आप' में शामिल होने के बाद उन्हें यहां से टिकट मिलना पक्का माना जा रहा है। इसी को देखते हुए 'आप' कार्यकर्ताओं ने विरोध जाहिर किया है। दिलीप पांडेय की ओर से उनके समर्थकों की नाराजगी पर अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा करते हुए दिलीप पांडेय ने लिखा था, 'राजनीति में पहले संगठन निर्माण और फिर चुनाव लड़ने के दायित्व का निर्वहन करने बाद, अब समय है आम आदमी पार्टी में ही रह कर कुछ और करने का. तिमारपुर विधानसभा में चुनाव जो भी लड़े, दिल्ली के मुख्यमंत्री तो अरविंद केजरीवाल जी ही बनेंगे, और हम सभी दिल्ली वाले मिल कर यह सुनिश्चित भी करेंगे। मेरे संबंधों की पूंजी मेरे साथ रहेगी, ऐसा विश्वास है मुझे, आप में से कोई मुझे संपर्क करे, तो इसी विश्वास को और मज़बूत करे, ऐसी कामना है।' recent visitors 65