Tuesday, July 7, 2026 7:47 pm

दो बूंद हर बार, पोलियों पर जीत बरकरार, मुख्यमंत्री ने बच्चों को दवा पिलाकर शुरू किया अभियान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पल्स पोलियो के प्रति जागरूकता ही बचाव का पहला कदम है। भारत पोलियो मुक्त देशों में से एक है परन्तु पोलियो मुक्त बने रहने के लिए पोलियो की दो बूंद का उपयोग अवश्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में पल्स पोलियो के राज्य स्तरीय अभियान का शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चें जुड़वा बहनें अर्निका और अनाया राय, कनिष्का, नियति, अर्थ और समर्थ को दवा पिलाई। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य श्री संदीप यादव, डब्ल्यू.एच.ओ. के प्रतिनिधि सहित गणमान्य उपस्थित थे। 38 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 3 दिवसीय पल्स पोलियो अभियान 8 दिसम्बर से 10 दिसम्बर तक आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में 38 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान की सार्थकता तभी है जब कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रह जाए। उच्चतम रिहायशी इलाकों से ईंट भट्टे, क्रेशर, निर्माण स्थल, घुमक्कड़ आबादी और झुग्गी बस्तियों में भी पोलियो की दवा पिलाने के लिए मोबाइल टीमें घर-घर, गली-गली जाकर अपने लक्ष्य को पूरा करेंगी। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि सजग माता-पिता होने का परिचय दें और अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क पल्स पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार की भावना से प्रदेश के 16 जिलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर विश्व स्तरीय विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा के प्रति प्रदेश की जनता की ओर से आभार व्यक्त करता हूँ। पोलियो लाइलाज, बचाव जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोलियो लाइलाज बीमारी है, जो बच्चों में दिव्यांगता का प्रमुख कारण है। बच्चों को "डबल सुरक्षा" सुनिश्चित करने के लिए दो बूंद जिन्दगी की खुराक हर बार पिलाई जाना जरुरी है। पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत वर्ष 1995 से हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत को सतत पोलियो मुक्त बनाए रखना है। परन्तु कुछ सीमावर्ती देशों में पोलियो के पॉजिटिव प्रकऱण सामने आए है। इन्हें देखते हुए हमें पोलियो के विरुद्ध गंभीरता से लड़ना होगा। हमने अधिक संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर, योजनाबद्ध रूप से पल्स पोलियो अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि भिंड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, ग्वालियर, इन्दौर, कटनी, खरगौन, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, निवाड़ी, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़ और विदिशा में अभियान का अतिरिक्त चरण आयोजित किया गया हैं।   recent visitors 56

महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा कल, राहुल नार्वेकर ने भरा नामांकन

मुंबई भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले की मौजूदगी में विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव 9 दिसंबर (सोमवार) को होगा। वहीं, नामांकन की प्रक्रिया 8 दिसंबर (रविवार) से शुरू हो चुकी है। हालांकि, विधानसभा में महायुति के संख्या बल को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुनाव होगा। राहुल नार्वेकर ने कहा कि मुझे पार्टी की तरफ से जो जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मैं आश्वस्त करता हूं कि उसका निष्ठापूर्वक निर्वहन करूंगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष के पद को लेकर जो भी फैसले लिए जाएंगे, वो मुझे सहर्ष स्वीकार होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मुझ पर भरोसा जताते हुए कई मौके दिए और इस बार भी मुझे जो मौका दिया जाएगा, मैं विश्वास दिलाता हूं कि मैं उसी के मुताबिक काम करूंगा। बता दें कि राहुल नार्वेकर महाराष्ट्र की कोलाबा सीट से विधायक निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने शनिवार को विधानसभा में पद की शपथ ली। महायुति की ढाई साल की सरकार में भी वह विधानसभा स्पीकर चुने गए थे। राहुल नार्वेकर कोलाबा में बड़े मार्जिन से जीते हैं। उन्हें कांग्रेस के हीरा नावजी देवासी के 32,504 वोटों की तुलना में 81,085 वोट मिले, जबकि 2019 में उन्होंने कांग्रेस के बड़े नेता भाई जगताप को हराया था। नार्वेकर को 57,420 और भाई जगताप को 41,225 वोट मिले थे। राहुल नार्वेकर ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत शिवसेना से की थी। इसके बाद वह 2014 में शिवसेना छोड़कर एनसीपी में शामिल हो गए थे। जून 2016 में वह विधानसभा पार्षद निर्वाचित हुए थे। उन्हें गवर्नर ने मनोनीत किया था। इसके बाद 2019 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। वहीं, 2022 में महायुति की सरकार आने के बाद भाजपा ने उन्हें विधानसभा का अध्यक्ष भी बनाया था। recent visitors 61

महाराष्ट्र विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के 105 विधायकों ने शपथ ली, कल किया था इंकार

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत कल हुई। आज सत्र के दूसरे दिन विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सदस्यों ने विधायक के रूप में शपथ ली। सत्र के पहले दिन (शनिवार) राज्य के सीएम देंवेद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने विधायक पद की शपथ ली थी। महाराष्ट्र विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन रविवार को विपक्ष के 105 विधायकों ने शपथ ली। इन सभी ने EVM के मुद्दे पर 7 दिसंबर को शपथ लेने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया था। कांग्रेस के नाना पटोले, विजय वडेट्टीवार और अमित देशमुख, NCP-SP नेता जितेंद्र अव्हाड, शिवसेना UBT के आदित्य ठाकरे ने सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही शपथ ली। शनिवार को 173 विधायकों ने शपथ ली थी। इनमें समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी और रईस शेख भी शामिल रहे। अब बाकी बचे 9 विधायक सोमवार को शपथ लेंगे। इधर, राहुल नार्वेकर ने आज स्पीकर पद के लिए नामांकन भर दिया है। कोलाबा सीट से विधायक नार्वेकर का निर्विरोध चुना जाना तय है क्योंकि किसी और उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। शपथ ग्रहण से पहले विपक्ष के नेताओं ने CM फडणवीस से मुलाकात की। ये सभी विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के पद की मांग को लेकर पहुंचे थे। जानिए मारकडवाडी विवाद, जिसकी वजह से EVM पर विपक्ष सवाल उठा रहा मारकरवाडी के लोगों ने 3 दिसंबर को बैलेट पेपर से मॉक पोलिंग रखी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे रोक दिया था। मारकरवाडी के लोगों ने 3 दिसंबर को बैलेट पेपर से मॉक पोलिंग रखी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे रोक दिया था। 23 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आया था। सोलापुर जिले की मालसिरस विधानसभा सीट से NCP (शरद) उम्मीदवार उत्तमराव जानकर ने जीत हासिल की थी। उन्होंने बीजेपी के राम सातपुते को हराया था। रिजल्ट के बाद मालसिरस विधानसभा के मारकडवाडी गांव के लोगों ने दावा किया था कि गांव के ज्यादातर लोगों ने NCP प्रत्याशी को वोट दिए थे, लेकिन EVM के आंकड़े के मुताबिक बीजेपी प्रत्याशी को 1003 वोट मिले हैं और NCP प्रत्याशी को 843 वोट। ये गलत है। गांववालों का दावा है कि बीजेपी प्रत्याशी को 100-150 वोट से ज्यादा नहीं मिल सकते हैं। गांववालों ने खुद के खर्चे पर स्थानीय प्रशासन से बैलट पेपर पर दोबारा मतदान कराने की अपील की थी, लेकन प्रशासन से इसे खारिज कर दिया था। इसी के बाद EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए आज गांववालों ने खुद बैलट पेपर पर मतदान का कार्यक्रम आयोजित किया। 3 दिसंबर को सारी तैयारी की गई थी। पोलिंग बूथ तक बनाया गया था, लेकिन प्रशासन ने बैलेट पेपर से ग्रामीणों की तरफ से वोटिंग को रोक दिया था। 17 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। विपक्ष के किसी भी दल के पास 10% सीटें नहीं, नेता विपक्ष पर संशय महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग हुई थी। 23 नवंबर को रिजल्ट आया। महायुति को 230 सीटें मिलीं। इसमें भाजपा को 132, शिवसेना को 57 और NCP के 41 विधायक जीते। वहीं महाविकास अघाड़ी (MVA) को 46 और अन्य को 12 सीटें मिलीं। MVA में शिवसेना (UBT) 20, कांग्रेस 16 और शरद पवार की NCP को 10 सीटों पर जीत मिली। बहुमत का आंकड़ा 145 है। नेता विपक्ष पर दावा करने के लिए पार्टी के पास 10% सीटों का होना जरूरी है। 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में इस पद पर दावा करने के लिए 29 सीटों की जरूरत है, जो किसी भी विपक्षी पार्टी के पास नहीं हैं। ऐसे में विधानसभा में कोई भी मुख्य विपक्षी दल और उसका नेता नहीं होगा। recent visitors 63

रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के नवीन भवन का मुख्यमंत्री साय किया लोकार्पण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के नवीन भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक इंद्र कुमार साहू, रविशंकर जी महाराज और मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. कुंदन ई. गेडाम मौजूद रहे।           मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों और अत्याधुनिक क्लासरूम का अवलोकन किया और यहां मौजूद सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने एनाटॉमी म्यूजियम, डिसेक्शन हॉल, लैब, कम्युनिटी मेडिसीन डिपार्टमेंट सहित कई अन्य विभागों में अध्ययन-अध्यापन का कामकाज देखा। मेडिकल कॉलेज के भ्रमण के दौरान उन्हें जानकारी दी गई कि यहाँ अत्याधुनिक तकनीक और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे ।             उल्लेखनीय है कि श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च में मेडिकल की पढ़ाई के लिए 150 सीट उपलब्ध है। इस वर्ष से ही मेडिकल कॉलेज का प्रथम सत्र प्रारंभ हुआ है। श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस हॉस्पिटल में विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस हॉस्पिटल में विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने 650 बिस्तरीय अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हॉस्पिटल में नवीन सीटी स्कैन, एमआरआई यूनिट, डायलीसिस यूनिट और आपातकालीन चिकित्सा यूनिट का शुभारंभ किया।          उन्होंने इस अवसर पर कहा कि नई सुविधाओं के द्वारा मरीजों को सटीक और त्वरित उपचार मिल सकेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हॉस्पिटल के कर्मचारियों और डॉक्टरों से बातचीत की और उनकी कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल न केवल क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि आसपास के मरीजों को भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से जटिल बीमारियों का पता लगाने और इलाज करने में सहूलियत होगी। इमरजेंसी यूनिट का शुभारंभ आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को तेज और प्रभावी बनाएगा।उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर अवसर प्रदान करेगा और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। recent visitors 57

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं जांच, राजस्थान-बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फिर मिला पाकिस्तानी गुब्बारा

बीकानेर. बीकानेर के खाजूवाला क्षेत्र के 26BD खेत में शनिवार को संदिग्ध हरे और सफेद रंग का गुब्बारा मिला, जिस पर पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस लिखा हुआ था। यह गुब्बारा भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास एक खेत में मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है। ग्रामीणों ने यह संदिग्ध गुब्बारा देखकर तुरंत खाजूवाला पुलिस और सीमा सुरक्षा बल को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और BSF की टीम मौके पर पहुंची और गुब्बारे की जांच शुरू की। सुरक्षा एजेंसियां इसे किसी साजिश या संदेश का हिस्सा मानकर जांच कर रही हैं। गौरतलब है कि हाल ही में इसी क्षेत्र में हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की गई थी। उस घटना में पुलिस और BSF ने सतर्कता दिखाते हुए तस्करों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संदिग्ध गुब्बारे की जांच के लिए BSF और जी ब्रांच की टीमें सक्रिय हो गई हैं। पुलिस इसे सीमा पार से किसी संभावित साजिश के तहत भेजा गया संदेश मानकर विभिन्न कोणों से इसकी जांच कर रही है। साथ ही सुरक्षा एजेंसियां इस बात का पता लगाने की भी कोशिश कर रही हैं कि गुब्बारा सीमा पार से आया है या इसे किसी अन्य उद्देश्य से यहां छोड़ा गया। इस घटना ने सुरक्षा बलों को अलर्ट पर ला दिया है और क्षेत्र में निगरानी और कड़ी कर दी गई है। खाजूवाला पुलिस और BSF अधिकारियों ने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है, और सुरक्षा की दृष्टि से हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। recent visitors 102

चिकित्सा क्षेत्र युवाओं के लिए एक अच्छा कैरियर होने के साथ-साथ लोगों की सेवा करने का सुअवसर भी करता है प्रदान : मुख्यमंत्री साय

एमबीबीएस के नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं ने ली चिकित्सा आचार संहिता की शपथ मुख्यमंत्री साय व्हाइट कोट सेरेमनी में हुए शामिल रायपुर   सांसद रहने के दौरान दिल्ली का नॉर्थ एवेन्यू स्थित मेरा आवास छत्तीसगढ़ और क्षेत्र के मरीजों व परिजनों के लिए दूसरा घर था। उपचार के लिए दिल्ली जाने वाले मरीज वहीं रहकर अपना इलाज करवाते थे। लोग मुझसे कहते थे कि आपका घर मिनी एम्स है। मरीजों की सेवा मेरे लिए सबसे ज्यादा रुचि का कार्य था और यह  कार्य मुझे सबसे अधिक संतुष्टि प्रदान करती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित व्हाइट कोट सेरेमनी को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे सभी छात्रों को मरीजों की सेवा के इस कार्य से जुड़ने के लिए अपनी शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू और श्री रविशंकर जी महाराज सहित मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, डॉक्टर और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कॉलेज के डीन डॉ. कुंदन ई. गेडाम ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश कर रहे छात्र-छात्राओं को चिकित्सा आचार संहिता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल साइंस युवाओं के लिए एक अच्छा कैरियर होने  के साथ-साथ लोगों की सेवा करने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जीवन सबसे  अमूल्य निधि है और आप लोग अच्छे इलाज से लोगों को संजीवनी प्रदान करते हैं, इसलिए लोग डॉक्टर को भगवान की तरह मानते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पूरे सेवाभाव के साथ अपना कार्य करें, इससे जो दुआएं मिलेंगी, उससे आपके जीवन में और भी सुख-समृद्धि आयेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान अंबेडकर अस्पताल के विस्तार और 700 बेड अस्पताल के निर्माण के लिए 231 करोड़ रुपए जारी किए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन के तैयार हो जाने के बाद अंबेडकर अस्पताल की क्षमता 2 हजार मरीजों की हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस के साथ ही पीजी की सीट भी बढ़ाने के लिए कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में प्रसूति एवं स्त्रीरोग तथा चर्मरोग की पीजी सीट आरंभ करने के निर्णय की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे 10 शासकीय मेडिकल कॉलेज के साथ ही यहां निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज भी प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन को मजबूत करने और होनहार डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार करने में मजबूत भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ में मेडिकल एजुकेशन का जितना विस्तार हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ था, इसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में दिखने लगा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ को एम्स की सौगात दी, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के इलाकों के मरीजों के लिए भी चिकित्सा सुविधा का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे सांसद रहने के दौरान दिल्ली स्थित मेरा आवास जैसे मरीजों और उनके परिजनों के लिए हमेशा खुला रहता था, वैसे ही आज प्रदेश के मुखिया होने के नाते कुनकुरी सदन के माध्यम से सेवा का यह कार्य आज भी लगातार जारी है।      स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मेडिकल के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी अच्छे डॉक्टर बनेंगे। इस व्यवसाय में सेवा प्राथमिक है, रोजगार का स्थान बाद में आता है। आप सभी सेवा मानकर इस व्यवसाय से जुड़ेंगे तो प्रदेश को सदैव इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी संस्थानों की स्थापना से सरकार के उद्देश्यों की पूर्ति में भी बड़ा सहयोग मिलेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आधोसंरचनाओं और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार के प्रयासों की भी जानकारी साझा की।      वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि आज चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश कर रहे आप सभी छात्र-छात्राएं अपने माता-पिता के साथ प्रदेश का भी नाम रोशन करेंगे। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में आपका योगदान होगा।  हमारे युवाओं का डंका राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर बज रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि हम नवा रायपुर को सर्विस सेक्टर के ग्रोथ हब के रूप में स्थापित करेंगे। हमारी सरकार हेल्थ केयर डेस्टिनेशन के रूप में रायपुर को स्थापित करने का प्रयास कर रही है, जिससे प्रदेश के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।    मुख्यमंत्री ने बालक-बालिका छात्रावास भवन का किया वर्चुअल लोकार्पण     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च के वाइट कोर्ट सेरेमनी के दौरान मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए नवनिर्मित छात्रावास भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने छात्रावास भवन के लिए मेडिकल के सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी।        गौरतलब है कि श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस के छात्र- छात्राओं के लिए नवीन छात्रावास भवन का निर्माण कराया गया है,  जिसमें 120 सीट बालिकाओं तथा 100 सीट बालकों के लिए बनाया गया है। recent visitors 63

बदायूं में मां ही अपनी बच्ची की कातिल बनी, बच्ची का शव मिलने के बाद महिला के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज

बदायूं   उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ही अपनी बच्ची की कातिल बन गई। बच्ची का शव मिलने के बाद महिला के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अब कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी महिला को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। फरवरी महीने का है पूरा मामला दरअसल, यह मामला इस साल के फरवरी महीने का है। प्रियंका नामक एक महिला ने अपनी 15 दिन की नवजात बेटी को मायके जाकर तालाब में फेंक दिया था। जिसके चलते उसकी मौत हो गई थी। बच्ची का शव बाद में तालाब से बरामद किया गया था। शनिवार को इस मामले में अदालत ने आरोपी महिला को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। महिला के पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ केस सूत्रों के मुताबिक बच्ची का शव बरामद होने के बाद पुलिस ने महिला के पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश रिंकू जिंदल ने प्रियंका को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। केस के सरकारी वकील ऐश्वर्या कुमार ने बताया कि अदालत ने दोषी महिला को कड़ी सजा दी है, जो अब परिवार के लिए एक चेतावनी बन गई है। recent visitors 86